सलकनपुर में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो

 बुधनी  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रसिद्ध मां विजयासन देवी मंदिर (Famous Mother Vijayasan Devi) सलकनपुर (Salkanpur) में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो (video of ignorance) सामने आया है। जो सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो (Viral Video) में रोपवे ट्राली के ऊपर दो लोग बैठे हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग रोपवे के ऊपर बैठे नजर आ रहे हैं। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पुलिस ने मामले में पूछताछ की तो रोपवे संचालक ने बताया कि रोपवे पर बैठे उनके ही कर्मचारी हैं। जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। लेकिन सवाल तो ये हैं कि यह मेंटेनेंस कर्मचारी है तो जीवन रक्षक उपकरण क्यों नहीं पहने गए। बुधनी के एसडीओपी रवि शर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है। रोपवे संचालक ने पुलिस को बताया कि ये उनके कर्मचारी थे, जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण और हेलमेट के रोपवे पर बैठे थे। पुलिस ने रोपवे संचालक को दी चेतावनी नवरात्रि के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन मार्ग हैं – सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे। पुलिस ने रोपवे संचालक को कड़ी चेतावनी दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के रोपवे पर न बैठे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे ये तीन मार्ग के माध्यम से भक्त मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे अब ये वीडियो सामने आया है। जिसने भक्तों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 24

अमित शाह उज्जैन में करेंगे विक्रमादित्य वैदिक ऐप लॉन्च वैदिक घड़ी के बाद अब इसकी की बारी

उज्जैन उज्जैन में पिछले साल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लॉन्च के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक ऐप भी लॉन्च होने जा रहा है। यह ऐप न केवल समय देखने के लिए, बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, पंचांग की दूसरी बारीकियों जैसे मांगलिक मुहूर्त, काल गणना, और अन्य धार्मिक व ज्योतिषीय जानकारी देने का भी काम करेगा। इस ऐप का उद्घाटन भारत के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। विक्रमादित्य वैदिक ऐप के प्रमुख फीचर्स     पंचांग की जानकारी     इस ऐप में आपको हर दिन का पंचांग मिलेगा, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, चंद्रमा की स्थिति, और अन्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारियाँ शामिल होंगी।     मांगलिक कार्य और काल गणना     ऐप में आप मांगलिक कार्य और काल की गणना भी देख सकेंगे, जिससे आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।     ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी     ऐप में आने वाले समय में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। इससे लोग अपनी दैनिक गतिविधियों और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे।     सभी प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध     यह ऐप भारत और दुनिया के करीब 189 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसे हर वर्ग के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। गुजरात और यूपी की टीमों ने किया विकसित यह ऐप गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। इसे एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह से मुफ्त होगा। फिलहाल, ऐप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है, और इसे जल्द ही नए अपडेट के साथ अप्रैल में लॉन्च कर दिया जाएगा। पंचांगों में मतभेद क्यों होते हैं? विक्रमादित्य वैदिक ऐप के निदेशक श्रीराम तिवारी के अनुसार, भारतीय पंचांगों में मतभेद का मुख्य कारण अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों द्वारा अपनी-अपनी कालगणना की प्रणालियां विकसित करना है। कुछ शास्त्रों के अनुसार, समय और तिथियों की गणना का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह मतभेद केवल भौगोलिक कारणों से हुआ है, ना कि भारतीय कालगणना की परंपरा में कोई अंतर होने के कारण। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की सफलता विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। यह घड़ी दुनिया की पहली घड़ी है, जो भारतीय कालगणना के सभी घटकों को शामिल करती है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी करीब एक साल पहले 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है, जिसे वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को मिलाकर बनाया गया है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रह, नक्षत्र की गणना शामिल है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मापन डोंगला स्थित वेधशाला को आधार बनाकर किया गया है। recent visitors 50

राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास प्रयासों के बारे में बताया

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आयुर्वेद में सिकल सेल उपचार अनुसंधान प्रयासों में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट से सहयोग की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल द्वारा पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव आचार्य बालकृष्ण से महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के दीक्षांत समारोह में चर्चा के दौरान इस विषय पर विचार विमर्श किया गया। राज्यपाल पटेल ने आचार्य बालकृष्ण को राष्ट्रीय  सिकल सेल मिशन के तहत किए जा रहे उपचार और पुनर्वास  प्रयासों के बारे में भी बताया। उल्लेखनीय है कि पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक सचिव बालकृष्ण को महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। recent visitors 33

वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ :मंत्री सारंग

भोपाल वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी। इसको लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान में आतंकवादी हमले करता हैं, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार होता है और मुंबई में आतंकवादी हमले होते हैं, तब किसी ने काली पट्टी नहीं बांधी। कश्मीर में पंडितों पर हुए अत्याचार के समय भी पट्टी नहीं बांधी गई। सारंग ने कहा कि बिना वक्फ बोर्ड बिल को पढ़े इसका विरोध करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ से किसी गरीब मुसलमान को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि यह केवल बेजा कब्जा करने वाले अमीर मुस्लिम नेताओं का फायदा हुआ है। इसके अलावा, भोपाल में ईदगाह के बाहर फलस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर पहुंचने पर मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त विचारधारा को उन्माद फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रियंका गांधी द्वारा संसद में फिलीस्तीन के बैग को लेकर दिए गए बयान पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता तुष्टिकरण की राजनीति के लिए गिरने की हद तक जा रहे हैं। सारंग ने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं, लेकिन प्रियंका गांधी को उन हिंदुओं के समर्थन में कोई पहल करने का समय नहीं मिलता। उन्होंने चेतावनी दी कि ईद के मौके पर इस तरह के बैनर लगाकर अराजकता फैलाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सारंग ने देशवासियों से कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में रहते हुए फिरकापरस्ती की मानसिकता रखते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि अगर वे हिंदुस्तान की धरती पर हैं, तो उन्हें हिंदुस्तान की सोच को समझना होगा।   recent visitors 49

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 19 अप्रैल को होगा, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, घाटी के लिए स्पेशल डिजाइन की गई है ट्रेन

श्रीनगर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी जम्मू रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है। इसलिए वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत कटरा से होगी। यह व्यवस्था कुछ समय के लिए ही है। 23 जनवरी को भारतीय रेलवे ने ट्रायल वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल किया था। यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) रेलवे स्टेशन से श्रीनगर रेलवे स्टेशन तक चलाई गई थी। यह भारत के पहले केबल पुल अंजी खाद ब्रिज से होकर गुजरेगी। साथ ही यह चेनाब ब्रिज से भी गुजरेगी जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। यह ट्रेन कश्मीर घाटी की ठंडी जलवायु को ध्यान में रखकर बनाई गई है। देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू की गई थी। अभी देश में 50 से अधिक वंदे भारत चल रही हैं। जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत से 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो जाएगी। इस ट्रेन से जम्मू और श्रीनगर के बीच का सफर आसान हो जाएगा और लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इस ट्रेन सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट 1997 में शुरू हुआ था और पिछले महीने ही पूरा हुआ है। इसे पूरा करने में कई मुश्किलें आईं। इसमें भूगर्भीय और भौगोलिक दिक्कतें भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इस वजह से ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। कटरा- श्रीनगर पर ट्रेन का ट्रायल 25 जनवरी को किया गया था, जो सफल रहा था। ट्रेन सुबह 8 बजे कटरा से रवाना हुई और 11 बजे कश्मीर के अंतिम स्टेशन श्रीनगर पहुंची। यानी 160 किलोमीटर का सफर 3 घंटे में पूरा किया। जम्मू-कश्मीर में चलने वाली यह ट्रेन खास तौर पर कश्मीर के मौसम के हिसाब से डिजाइन की गई है। बर्फबारी में भी यह आसानी से चलेगी। ट्रेन में लगा हीटिंग सिस्टम पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट को जमने से रोकेगा। ड्राइवर का विंडशील्ड और एयर ब्रेक माइनस टेंपरेचर में भी काम करेगा। 11 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक प्रोजेक्ट सपना सच होने जैसा है। वंदे भारत एक्सप्रेस को कश्मीर के मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस ट्रेन में एंटी-फ्रीजिंग फीचर हैं। मतलब यह ट्रेन -20°C तक के तापमान में भी चल सकती है। इससे यह ट्रेन पूरे साल बिना किसी परेशानी के हर मौसम में चलेगी। यह ट्रेन भूकंप को मापने वाले यंत्रों से भी लैस है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील है। ये यंत्र हिमालय के इलाके में होने वाले झटकों को कम करते हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा. इसके अलावा ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है। इससे विंडशील्ड पर कोहरा या बर्फ नहीं जमेगी। ट्रेन के पाइप और बायो-टॉयलेट में हीटिंग एलिमेंट लगे हैं। इससे वे ठंड में भी ठीक से काम करेंगे। इस प्रोजेक्ट में 38 सुरंगें हैं। इनमें 12.75 किलोमीटर लंबी सुरंग T-49 भी शामिल है जो भारत की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल है। इस रूट पर 927 पुल भी हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर है। इनमें चिनाब ब्रिज सबसे खास है। यह पुल नदी के तल से 359 मीटर ऊपर है और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च रेलवे पुल है। यह एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से चलेगी और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचेगी. अधिकारियों के अनुसार, रेल लिंक परियोजना पिछले महीने पूरी हो गई थी. कटरा-बारामुल्ला मार्ग पर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जनवरी में कटरा और कश्मीर के बीच ट्रेन सेवा को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र के लिए एक आधुनिक और कुशल रेल सेवा उपलब्ध होगी.  इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। है। जम्मू से नहीं, कटरा से क्यों शुरू होगी सेवा? जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। PM मोदी का कार्यक्रम प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को सबसे पहले उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। recent visitors 36

दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर एनकाउंटर, एक महिला नक्सली को सुरक्षाबलों ने मार गिराया

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर जवानों -नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस एनकाउंटर में एक महिला नक्सली की मारे जाने की खबर सामने आई है। इसके साथ ही जवानों ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किया है। महिला नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों की टीम निकली थी। करीब 9 बजे जवानों का सामना नक्सलियों से हो गया। दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने नक्सलियों से इंसास राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामान बरामद किया है। फिलहाल, क्षेत्र में मुठभेड़ और सर्चिंग जारी है। दो दिन पहले सुकमा में 17 मारे सुकमा और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF के 500-600 जवानों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें 11 महिला नक्सली हैं। मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के उपमपल्ली में हुई थी। घटना स्थल पर सर्चिंग जारी मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। इससे पहले एक अन्य घटना में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल इलाके में शनिवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी मुठभेड़ में 18 नक्सलियों को मार गिराया था। मिली जानकारी के मुताबिक,  जिला दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरहदी क्षेत्रान्तर्गत माओवादी विरोधी अभियान पर सुरक्षा बल की टीम निकली थी। अभियान के दौरान आज सुबह नौ बजे से माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच लगातार फायरिंग जारी है। मुठभेड़ स्थल से अब तक एक इंसास राइफल हथियार सहित एक महिला नक्सली का शव, गोला बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं। फिलहाल, घटना स्थल पर सर्चिंग जारी है। छत्तीसगढ़ में 50 नक्सलियों का आत्मसमर्पण बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। जिनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम था। एक अधिकारी ने बताया था कि उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाले। कुल 68 लाख रुपये का इनाम उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 लोगों में से छह पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था, जिनमें से तीन पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पीएम मोदी के दौरे के कुछ घंटे पहले आत्मसमर्पण एसपी ने जानकारी देते हुए कहा था कि आंदोलन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ। वह 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखन वाले हैं। संयोग से सुरक्षा बलों ने बीते शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया था, जो 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। 2024 में 792 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सलियों को मार गिराया गया है। उनमें से 118 बस्तर संभाग में समाप्त हुए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। नक्सलियों की मौजूदगी की विशेष जानकारी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी के बारे में विशेष खुफिया सूचना मिली थी। जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र के गोगुंडा की पहाड़ी पर नक्सली कमांडर जगदीश के होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद डीआरजी और सीआरपीएफ के जवान रवाना हुए। नक्सलियों को दी जाएगी सहायता राशि वहीं अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने माओवादियों की खोखली और अमानवीय विचारधारा से निराश होकर तथा राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।   recent visitors 41

नवरात्रि पर MP सरकार ने लिया फैसला, मैहर, भोपाल और इंदौर में भी नहीं बिकेगा मांस

भोपाल नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश के मैहर में मांसाहार खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैहर में शक्तिपीठ मां शारदा का मंदिर है। ‘मां शारदे चैत्र नवरात्रि मेले’ के दौरान मैहर में हजारों भक्त आते हैं। अधिकारियों की मानें तो इसके अलावा सूबे के भोपाल और इंदौर शहर में मीट की दुकानें चैती चांद (30 मार्च), राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल) और बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) के मौकों पर बंद रहेंगी। नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दुकानों ने प्रशासन के आदेश का उल्लंघन किया तो उनके लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने दी चेतावनी दोनों शहरों में प्रतिबंध को लागू करने के लिए, नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर वे आदेशों का उल्लंघन करते हैं तो दुकानों का लाइसेंस रद भी किया जा सकता है। इससे पहले, लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह सहित कई भाजपा सांसदों ने मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान सूबे में मीट की दुकाने बंद रखने का आदेश जारी किया जाए। वहीं राज्य सरकार ने घोषणा की है कि एक अप्रैल से मैहर समेत राज्य के 17 शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी। वहीं एमपी के सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को यहां ‘वीर भारत संग्रहालय’ की नींव रखी। यह संग्रहालय 2028 तक विरासत इमारत कोठी महल में 20 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि संग्रहालय भारत की महान विभूतियों की वीरता और प्रतिभा को प्रदर्शित करेगा और देश की परंपराओं, दर्शन और मूल्यों को दिखाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य संग्रहालय को राष्ट्र के सभी सकारात्मक पहलुओं का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाना है। भोपाल और इंदौर में भी नहीं बिकेगा मांस राजधानी भोपाल और इंदौर में मांस की दुकानों को चैती चांद (30 मार्च), राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल) और बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) के त्योहारों पर बंद रहने का आदेश दिया गया है. दोनों शहरों में प्रतिबंध को लागू करने के लिए, नगर निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर वे आदेशों का उल्लंघन करते हैं तो दुकानों का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा. लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह समेत कई बीजेपी विधायकों ने मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान राज्य में मांस की दुकानें बंद रखने का आदेश दिया जाए. सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 1 अप्रैल से मैहर समेत राज्य भर के 17 पवित्र शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी. लोकसभा में पार्टी के पूर्व सचेतक और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह सहित कई भाजपा विधायकों ने मांग की थी कि राज्य में मीट की दुकानों को नवरात्रि के दौरान बंद रखने का आदेश दिया जाए। सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि 1 अप्रैल से मैहर समेत राज्य के 17 पवित्र शहरों में शराब की दुकानें हमेशा के लिए बंद कर दी जाएंगी भोपाल में हर रोज 80 टन मांस की बिक्री होती है उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रतिदिन 80 टन मांस की बिक्री होती है। इसमें 40 टन मटन, 20 टन भैंस का मांस और 20 टन चिकन शामिल होता है। भोपाल शहर में करीब 500 दुकानों पर मांस की बिक्री की जाती है। इनमें 70 से अधिक दुकानें ऐसी हैं जिनके पास कोई लाइसेंस नहीं है। किसी प्रकार का कोई रजिस्ट्रेशन अथवा गुमास्ता भी नहीं है। नगर निगम के स्थानीय अधिकारियों के संरक्षण में इन दुकानों पर मांस का अवैध कारोबार किया जाता है।  recent visitors 33