राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया

सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर लिखा गया एक और नया अध्याय : राज्यपाल पटेल सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज करेगा इतिहास जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज का हुआ लोकार्पण उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर एक और नया अध्याय लिखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंदीय विधि और न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को उज्जैन में विक्रमादित्य द हैरिटेज का लोकार्पण किया। राज्यपाल पटेल ने सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज के शुभारंभ एवं विक्रम संवत 2080 की शुरूआत पर शुभकामना देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की पुण्य-भूमि पर नया अध्याय लिखा गया है। जहां महाकाल स्वयं विराजते है, जहां कालिदास की अमर रचना जन्मी है और जहां विक्रमादित्य ने न्याय की सम्पूर्ण आधार-शिला रखी है। इस पुण्य-भूमि पर ‘सम्राट विक्रमादित्य द हैरिटेज’ का शुभारंभ कर आज एक और इतिहास रचा गया है। उन्होंने कहा कि महाराजवाड़ा के इस प्राचीन भवन को केवल पुनजीवित करना एवं निर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक विरासत को संवारने का संकल्प है। यह हेरिटेज आधुनिकता और परंपरा का अद्वितीय संगम है। यहां पर्यटकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं मिलेगी। एक–एक कक्ष को आकर्षकनाम भी दिया गया है। उज्जैन का यह हैरिटेज पर्यटन के साथ भगवान महाकाल के भक्तों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्यटकों के लिए यहां आयुर्वेदिक पंचकर्म जैसी अनेक सुविधाओं की भी व्यवस्थाए की गई है। उन्होनें हैरिटेज के निर्माण पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विरासत से विकास की ओर अगसर है। आज से नये युग का प्रादुर्भाव हो रहा है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य का काल रामराज्य की तरह रहा है। उन्होनें कहा कि सनातन संस्कृति से श्रेष्ठ परमंपराओं को पुन: जीवित किया जाना चाहिए। आज उज्जैन का गौरव दिवस है, हमें अतीत से वर्तमान तक व्यवस्थाओं पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1235 में इलतुत्मिश ने उज्जैन नगर सहित उत्तर भारत के राज्यों को भी तहस-नहस किया था। उज्जैन में शिवाजी महाराज एवं महाराज सिंधिया के काल में अनेक इमारतों का निर्माण हुआ है। उज्जैन में प्राचीन गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाई देती है। ऐतिहासिक इमारतें, जिनका पहले शासकीय कार्यालयों के तौर पर उपयोग होता रहा, उन्हें विरासत के रूप मे संजोने का काम किया जा रहा है। आज ‘सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल’ का निर्माण महाराजवाड़ा के पुराने भवन का जीर्णोद्धार कर किया गया है। यहां पूर्व में विद्यालय संचालित होता था। इसके निर्माण से इतिहास जीवंत हो रहा है, यहां आने वाले पर्यटकों को आनंद महसूस होगा। पर्यटकों के लिए हैरिटेज होटल में एआई का इस्तेमाल कर अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। महाकाल प्रांगण में बने इस हैरिटेज होटल से श्रद्धालुओं को सुविधा जनक तरीके से महाकाल के दर्शन भी होंगे। केन्द्रीय राज्यमंत्री मेघवाल ने कहा कि राजस्थान के बीकानेर जिले के भीकमपुर में भी एक बड़ा महल है। यह भी विक्रमादित्य कालीन प्रतीत होता है, यह शोध का विषय है। उन्होंने कहा कि वे न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की नगरी में सीखने के लिए आए हैं। विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय राज्य मंत्री मेघवाल ने सम्राट विक्रमादित्य हैरिटेज होटल का लोकार्पण, परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ फीता खोल कर किया। सभी अतिथियों ने हेरिटेज के विभिन्न कक्षों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, शिवप्रकाश, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ल सहित गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।   recent visitors 28

मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विक्रमोत्सव-2025 विक्रमोत्सव का आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को करता है स्थापित: राज्यपाल पटेल उज्जैन में विक्रमादित्य के नाम से स्थापित हो न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश-राजस्थान में टूरिस्ट सर्किट बनाने की आवश्यकता : केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. मेघवाल राज्यपाल पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल ने विक्रमोत्सव में प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया मध्यप्रदेश में पहली बार 1000 ड्रोन के माध्यम से आकर्षक ड्रोन-शो की प्रस्तुति दी गई प्रसिद्ध गायिका सुश्रेया घोषाल ने दी में मनमोहक प्रस्तुति सिंहस्थ-गान हुआ लांच उज्जैन राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् 2082 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के प्रसंग में आयोजित कार्यक्रमों में प्रदेशवासियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार ज्ञापित करता हूँ। जिन्होंने दुनिया की पहली वैदिक घड़ी और भगवान महाकाल के अद्भुत महालोक की सौगतों से महाराजा विक्रमादित्य की उज्जयिनी के गौरव और वैभव की पुनर्स्थापना की है। विक्रमोत्सव का आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण के लिए हमारी गौरवशाली विरासत और वर्तमान के विकास का उत्सव है। यह दिन हमारे लिए एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों के योगदान को याद करने का अवसर है। राज्यपाल पटेल रविवार को उज्जैन में विक्रमोत्सव अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री डॉ. अर्जुनराम मेघवाल भी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि नववर्ष का यह पर्व विविध स्वरूपों में मनाया जाने वाला 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को स्थापित करता है। इसे कहीं 'गुड़ी पड़वा' तो कहीं 'चैती चांद', कहीं 'युगादि' तो कहीं 'उगादि' और कहीं 'नवरोज अगदु' के अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। इसी के साथ नौ दिन आरोग्य, साधना और कायाकल्प के नवरात्र का भी आरंभ होता है। राज्यपाल ने कहा कि विक्रम सम्वत् वर्ष का प्रवर्तन भारतीय सम्राट विक्रमादित्य के द्वारा विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर, उनके राज्यभिषेक के दिन से होता है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि नव सम्वत्सर की तिथि सृष्टि निर्माण की तिथि है, जिसका निर्धारण संपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ हुआ है। वास्तव मे भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन ऋतु परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को सक्षम बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि भारतीय नववर्ष प्रकृति के संरक्षण, संवर्धन और निर्माण की प्रेरणा देता है, जिसमें सृष्टि, संस्कृति और समाज का संगम है। ऋतुकाल संधि के इन दिनों में नवचेतना, नवजागृति का संदेश है। इसे मनाने की परंपरा व्यक्ति, परिवार और समाज, तीनों के स्वस्थ जीवन और समृद्धि को ध्यान में रखकर शुरू की गई। यह हम सब प्रदेशवासियों के लिये गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय नववर्ष विक्रम सम्वत् उज्जयिनी से शुरू हुआ है। सम्राट विक्रमादित्य का सारी दुनिया में न्यायप्रियता, ज्ञानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरुषार्थ, और वीरता जैसी विशेषताओं के लिए स्मरण किया जाता है।  राज्यपाल ने उत्सव में विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों के साथ सम्राट विक्रमादित्य के समूचे व्यक्तित्व, कृतित्व और विशेषताओं को परिचित कराने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई और मंगलकामनाएं दी। उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन नगरी सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की नगरी है। उज्जयिनी वह नगरी है जिसमें योगीराज श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की तो अनेक राजा महाराजाओं ने अपने न्याय प्रिय शासन से दुनिया को न्याय की ओर मोड़ा। आज का दृश्य देख कर लग रहा है मानो आज सम्राट विक्रमादित्य स्वयं इस नगरी में पधारे हैं। हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में श्रीमहाकाल महालोक का निर्माण हुआ और भगवान महाकालेश्वर की नगरी का वैभव और बड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका शासन काल रामराज्य की याद दिलाता है। हमारी सरकार भी निरंतर जनता की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। विक्रमादित्य ने अपने पुरुषार्थ से अपनी प्रजा का ध्यान रखा और सदैव प्रजा की रक्षा की। उन्होंने जनता का कर्ज माफ किया। उन्होंने विक्रम संवत का प्रवर्तन करते हुए सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना की। सम्राट विक्रमादित्य की न्याय परंपरा का लोहा आज भी माना जाता है। उनकी न्याय प्रियता हजारों साल से जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मेघवाल से अनुरोध किया कि भविष्य में उज्जैन में  न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था सम्राट विक्रमादित्य के नाम से प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव संवत्सर पर सभी लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की और सभी को अपनी ओर से नव संवत्सर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी निरंतर विकास के कार्य सरकार द्वारा किए जाएंगे और इस प्रकार के आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए जाएंगे। उज्जैन में राजा महाराजा काल के जैसी होटल 'सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज' होटल का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की उपस्थिति में विक्रमोत्सव के कार्यक्रम से प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों  में प्रभारी मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिधियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय कार्यक्रम से जल गंगा संवर्धन अभियान आज से शुरू हो गया है। उज्जैन में 100 से अधिक कुआं, बावड़ी, तालाबों और अन्य जल स्त्रोतों में स्वच्छता, जीर्णोद्धार और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज हम सब क्षिप्रा नदी के पावन तट पर विक्रमोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से सबका अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन का प्रभाव अफगानिस्तान तक था। वे राजस्थान के बीकानेर से आते हैं। उन्होंने राज्यपाल पटेल के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और एमपी के द्वारा भविष्य में टूरिस्ट सर्किट बनाए जाने के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। इस टूरिस्ट सर्किट से राजा भर्तहरि और सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल से … Read more

RR vs CSK के बीच मुकाबला आखिरी ओवर तक चला, राजस्थान ने चखा जीत का स्वाद

गुवाहाटी लगातार दो हार के बाद आखिरकार राजस्थान रॉयल्स ने जीत का स्वाद चख ही लिया. चेन्नई सुपरकिंग्स को रविवार रात गुवाहाटी में हराते हुए रियान पराग की टीम ने टूर्नामेंट में अपना खाता खोला. चेन्नई को आखिरी ओवर में जीत के लिए 20 रन चाहिए थे. स्ट्राइक पर एमएस धोनी तो गेंद संदीप शर्मा के हाथ में थी. जोफ्रा आर्चर का एक ओवर बचा था, लेकिन कार्यवाहक कप्तान रियान पराग ने 20वां ओवर संदीप शर्मा से फेंकवाया, जो उनका ट्रंप कार्ड भी साबित हुआ. संदीप ने एक धीमी बाउंसर को धोनी के सिर के ऊपर से वाइड के लिए भेजकर खराब शुरुआत जरूर की थी, लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने वापसी कर ली. संदीप शर्मा ने आखिरी ओवर में किया कमाल मैच के आखिरी ओवर में चेन्नई सुपर किंग्स को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. संदीप शर्मा के उस ओवर की पहली ही गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी आउट हो गए, जिसने टीम की उम्मीदें तोड़ दीं. धोनी का कैच शिमरॉन हेटमायर ने लिया. फिर ओवर की दूसरी बॉल पर जेमी ओवर्टन ने और तीसरी बॉल पर रवींद्र जडेजा ने सिंगल लिया. यानी अब तीन गेंदों पर 18 रन बनाने थे. चौथी बॉल पर ओवर्टन ने छक्का लगाकर रोमांच पैदा किया. लेकिन अगली दो गेंद पर 2-2 रन ही बना, जिसने मैच को राजस्थान के कब्जे में कर दिया. बता दें कि राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में शुरुआती दो मैच गंवाए थे. पहले राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के हाथों 44 रनों से शिकस्त मिली. फिर उसे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने 8 विकेट से पराजित किया. दूसरी तरफ सीएसके ने मुंबई इंडियंस (MI) को 4 विकेट से हराकर सीजन का शानदार आगाज किया. हालांकि उसे दूसरे मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ 50 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. टारगेट का पीछा करने उतरी चेन्नई की टीम की शुरुआत खराब रही और उसने 0 के स्कोर पर रचिन रवींद्र का विकेट गंवा दिया. रचिन को जोफ्रा आर्चर ने विकेट के पीछे कैच आउट कराया. इसके बाद राहुल त्रिपाठी और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप की. राहुल त्रिपाठी टच में दिख रहे थे, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने विकेट गंवा दिया. राहुल (23) को श्रीलंकाई स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने चलता किया. हसारंगा ने इसके बाद 'इम्पैक्ट सब' शिवम दुबे (18) और विजय शंकर (9) को भी अपनी फिरकी में फंसाया. हसारंगा ने झटके चार विकेट विजय शंकर के आउट होने के कुछ देर बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. हालांकि ऋतुराज अहम मौके पर आउट हुए. ऋतुराज को वानिंदु हसारंगा ने यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच आउट कराया. ऋतुराज ने 7 चौके और एक छक्के की मदद से 44 गेंदों पर 63 रन बनाए. यहां से महेंद्र सिंह धोनी और रवींद्र जडेजा पर बड़ी जिम्मेदारी थी, लेकिन दोनों मैच फिनिश नहीं कर पाए. जडेजा 22 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें दो चौके और एक सिक्स शामिल रहा. वहीं धोनी ने 1 चौके और एक सिक्स की मदद से 11 बॉल पर 16 रन बनाए. राजस्थान की ओर से वानिंदु हसारंगा ने सबसे ज्यादा चार विकेट लिए.   recent visitors 50

केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद AFSPA को छह महीने के लिए बढ़ाया

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने मौजूदा हालातों को देखते हुए पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (AFSPA) को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है.गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद, सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (1958 का 28) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 5 जिलों के निम्नलिखित 13 (तेरह) पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को छोड़कर, संपूर्ण मणिपुर राज्य को दिनांक 01.04.2025 से छः माह तक, यदि इस घोषणा को इससे पहले वापस न लिया जाए तो इलाके को 'अशांत क्षेत्र' के रूप में घोषित किया जाता है. अधिसूचना के मुताबिक, नागालैंड राज्य में कानून-व्यवस्था की आगे और समीक्षा की गई है और AFSPA को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. नगालैंड के जिन जिलों में AFSPA को फिर से लागू किया गया है, वे दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक और पेरेन हैं. कोहिमा जिले के खुजामा, कोहिमा उत्तर, कोहिमा दक्षिण, जुबजा और केजोचा पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नागालैंड के क्षेत्र. वहीं, मोकोकचुंग जिले के मंगकोलेम्बा, मोकोकचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगचेम और अनाकी 'सी' पुलिस स्टेशन को भी अशांत घोषित किया गया है.   इन क्षेत्रों में भी बढ़ा AFSPA साथ ही लोंगलेंग जिले में यांगलोक पुलिस थाना क्षेत्र, और वोखा जिले में भंडारी, चांमपांग और रालान पुलिस थाने क्षेत्र. जुनहेबोटो जिले में घटासी, पुघोबोटो, सताखा, सुरूहुतो, जुनहेबोटो और अघुनाटो पुलिस थाने, के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की धारा 3 के अंतर्गत दिनांक 01.04.2025 से छः माह तक के लिए बढ़ा दिया गया है. क्या होता है AFSPA दरअसल, किसी अशांत क्षेत्र में सशस्त्र बलों की गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए AFSPA के तहत अधिसूचित किया जाता है. AFSPA अशांत क्षेत्रों में काम करने वाले सशस्त्र बलों को तलाशी लेने, गिरफ्तार करने और जरूरत पड़ने पर फायरिंग करने के अधिकार देता है.   recent visitors 35

गर्मी में इंदौर के चिड़ियाघर का देखे हाल, शेर-चीतों के लिए स्विमिंग पूल, भालू के लिए कूलर, हाथी के लिए कीचड़ स्नान

इंदौर शहर में बढ़ते तापमान को देखते हुए इंदौर प्राणी संग्रहालय में जानवरों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जू प्रबंधन ने गर्मी से बचाव के लिए शेर के बाड़े में स्विमिंग पूल बनाया है, जबकि भालू के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, अन्य प्राणियों को भी गर्मी से राहत देने के लिए कई उपाय अपनाए जा रहे हैं।   हरी नेट लगाकर धूप से बच रहे चिड़ियाघर प्रबंधन ने जानवरों के बाड़ों के बाहर हरी नेट लगाई है, जिससे उन्हें सीधी धूप से बचाया जा सके। साथ ही, बाड़ों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि वातावरण ठंडा बना रहे। हाथियों के लिए कीचड़ स्नान की व्यवस्था की गई है, जिससे वे शरीर का तापमान नियंत्रित रख सकें। इसके अलावा, पक्षियों और अन्य छोटे जीवों के लिए भी पानी के फव्वारे और छांव की विशेष व्यवस्था की गई है। जानवरों के खान-पान में भी बदलाव जानवरों के खानपान में भी बदलाव किया गया है। उनके भोजन में अधिक पानी वाली चीजें शामिल की गई हैं, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। खरगोश, हिरण और अन्य शाकाहारी जानवरों के आहार में खीरा, तरबूज, ककड़ी और अन्य जलयुक्त फल-सब्जियां शामिल की गई हैं। वहीं, मांसाहारी जानवरों के आहार में भी ऐसे खाद्य पदार्थ जो पाचन में हल्के हों और शरीर को ठंडक प्रदान करें, उन्हें जोड़ा गया है। इसके अलावा, पीने के पानी में इलेक्ट्रोल की मात्रा भी बढ़ाई गई है, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। गर्मी से राहत देने के लिए किए गए प्रबंध जू प्रभारी उत्तम यादव के अनुसार गर्मी बढ़ने के साथ ही जानवरों की देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। गर्मी के कारण जानवरों पर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। recent visitors 30

भोपाल सेंट्रल जेल में कैदियों की ईद पर नहीं होगी परिजनों से खुली मुलाकात, जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला दिया

भोपाल मध्य प्रदेश के भोपाल सेंट्रल जेल के एक आर्डर पर बवाल खड़ा हो गया है. जेल के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है जिसके मुताबिक ईद पर हर साल होने वाली खुली मुलाकात अब नहीं हो सकेगी. जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला दिया है, जिसपर सियासी हलचल मच गई है. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने चिट्ठी लिखकर फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि रक्षाबंधन, होली और ईद जैसे त्योहारों पर हर साल सेंट्रल जेल में खुली मुलाकात होती है जिसमें कैदी अपने परिजनों साथ समय बिता सकते हैं. उनके साथ खाना पीना खा सकते हैं और त्योहार मना सकते हैं. फैसले के पीछे क्या है कारण जेल प्रशासन के इ‌स फैसले पर भोपाल सेंट्रल जेल के SP राकेश कुमार भांगरे ने कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल में बड़े स्तर पर तीन जगह पर निर्माण कार्य चल रहा है. पहला जहां सिमी के आतंकी के फरार होने की पूर्व में घटना हुई थी, वहां अंडा सेल के सामने 150 मीटर की दीवार का निर्माण कार्य चल रहा है. दूसरा हमने HUT, PFI और ISI बंदी रखे सामने वाली बैरिक में निर्माण कार्य चल रहा है. तीसरा जहां सिमी संगठन के लोगों और गंभीर आरोपी रखे हुए हैं वहां पर नए सेल का निर्माण हो रहा है. भोपाल सेंट्रल जेल में सिमी समेत अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लोग हैं. जेल में करीब 3400 कैदी हैं, जिनको जेल के मुख्य लाल गेट के पास लाकर मुलाकात कराना सुरक्षा की दृष्टि से संभव नहीं है. फैसले को लेकर बीजेपी कांग्रेस आमने-सामने इस पर कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज जेल डीजी से मुलाकात करने पहुंचे, हफीज़ का कहना है कि अगर रक्षाबंधन पर खुली मुलाकात होती है, तो ईद पर क्या समस्या है. ईद पर मुलाकात बंद करना संविधान के खिलाफ है. कांग्रेस नेता ने जेल डीजी को ज्ञापन सौंपते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है. वही इस फैसले पर कांग्रेस की आपत्ति को लेकर भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का कहना है कि क्या कांग्रेस जेल की सुरक्षा से समझौता करना चाहती है, भोपाल में पहले भी जेल ब्रेक जैसी घटना हो चुकी है और यहां कई खूंखार आतंकी बंद है जिसको देखते हुए यह फैसला लिया गया है, लेकिन कांग्रेस इस पूरे मामले में राजनीति कर रही है, जबकि मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. बता दें कि भोपाल सेंट्रल जेल में 800 से अधिक मुस्लिम कैदी हैं, जो इस साल जेल में चल रही निर्माण कार्य की वजह से अपने परिजनों से ईद में खुली मुलाकात नहीं कर सकेंगे.  recent visitors 29

पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से मौसम बदल सकता है, बारिश के साथ गिरेंगे ओले

भोपाल मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से मौसम बदल सकता है। भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन में दिन का पारा 35-36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। रात में भी पारा कम ही रहेगा। 31 मार्च सोमवार को दिन में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। दिन में धूप तो खिलेगी लेकिन तेज गर्मी रहने के आसार नहीं हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश का अलर्ट है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, बड़वानी, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, खरगोन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना हैं। खंडवा, बुरहानपुर और हरदा में ओले गिर सकते हैं। 2 अप्रैल बुधवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, मंडला, हरदा, सिवनी में कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। भोपाल, इंदौर, सिंगरौली, सीधी, सतना, सीहोर, रीवा, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, बैतूल, राजगढ़, शाजापुर, देवास, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम में गरज-चमक आंधी की स्थिति रह सकती है। recent visitors 27