मप्र विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा बिजली की दर में 3.46 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी को दी मंजूरी

जबलपुर मध्य प्रदेश में बिजली की नई दर तय हो गई है। मप्र विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा बिजली की दर में 3.46 प्रतिशत की औसत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह दर अप्रैल 2025 से लागू होगी। आयोग ने नई दर को लागू करने का आदेश जारी किया है। बिजली कंपनी ने अपनी याचिका में औसत 7.52 प्रतिशत बिजली की दर बढ़ाने की मांग की थी। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता को छूट आयोग ने निम्न दाब उपभोक्ताओं व मौसमी उच्च दाब उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम प्रभार खत्म कर दिया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं को मीटरिंग प्रभार भी नहीं देना होगा। जिन उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगवाया है, उन्हें सोलर अवधि के दौरान ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 10 किलोवाट से अधिक भार वाले निम्न श्रेणी के घरेलू व सामान्य जल प्रदाय व सड़क बस्ती व एचवी-6 श्रेणी के उपभोक्ता को टाइम ऑफ डे टैरिफ में लाया गया है। प्रीपेड उपभोक्ता की छूट को आयोग ने बरकरार रखा हुआ है। बिजली कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 58,744 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसके विरुद्ध आयोग ने 57,732.6 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 100 रुपये पर 24 रुपये बढ़ेंगे दाम घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक के बिल पर 24 रुपये तक बढ़ाये गये हैं, परंतु इन उपभोक्ताओं को अटल ग्रह ज्योति योजना के तहत पहले की तरह मात्र 100 रुपये का ही भुगतान करना है। बढ़ी हुई राशि राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में भुगतान की जाएगी। गैरघरेलू उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य सभी निम्न-दाब उपभोक्ता श्रेणी की न्यूनतम दर बिलिंग (टैरिफ मिनिमम बिलिंग) पहले ही समाप्त की जा चुकी है। recent visitors 30

120वीं कड़ी की ‘मन की बात’ सुनी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालिकाओं के साथ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 120वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री श्री साय ने चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं के साथ आत्मीय संवाद किया और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम आज देश की जनता को जागरूक बनाने का सशक्त मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से छात्रों और युवाओं को कड़ी मेहनत, नवाचार और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देते हैं। यदि हम सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें, तो समाज और जीवन में बड़ा परिवर्तन संभव है। भारतीय संस्कृति, नवाचार और सामाजिक समरसता का संवाहक मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला मंच है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसमें देश के नवाचार, जन भागीदारी, प्रेरक कहानियाँ, जल संरक्षण, योग, आयुर्वेद और वीर सैनिकों सहित खिलाड़ियों और वैज्ञानिकों के योगदान को उजागर किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चियों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर अपने सपनों को आकार देने के लिए संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ें। नवगुरुकुल और नेतृत्व साधना केंद्र की बालिकाओं से आत्मीय भेंट मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालिकाओं से संवाद करते हुए उनके मेहनत और संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि आप सभी तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी बेटियाँ जीवन में अवश्य सफल होंगी। आप सबकी उपलब्धियों में सहभागी बनना मेरे लिए गर्व का विषय है। बालिकाओं ने भी मुख्यमंत्री श्री साय से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और मुख्यमंत्री निवास में बिताए गए इन खास पलों को यादगार बताया। तकनीकी प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारी की नई उड़ान नवगुरुकुल संस्था की छात्रावास अधीक्षिका सुश्री रेणुका चंदन ने जानकारी दी कि नवगुरुकुल से निकले कई छात्र-छात्राएं आज बैंगलोर और हैदराबाद की प्रमुख आईटी कंपनियों में कार्यरत हैं। इसी तरह नेतृत्व साधना केंद्र में सीजीपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है। यहाँ रहने वाले बच्चों को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा दी गई है। इस वर्ष केंद्र के 11 बच्चों ने पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है और वे अब मुख्य परीक्षा में भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि रायपुर जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित नवगुरुकुल संस्थान में बच्चों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कोडिंग एवं डिकोडिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। recent visitors 23

बीजापुर में 50 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 14 पर था 68 लाख का इनाम

बीजापुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ दौरे से महज कुछ घंटे पहले बीजापुर में 50 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इनमें से 14 नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम घोषित था। नक्सलियों ने कहा कि वे खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों के कारण सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 14 पर कुल 68 लाख रुपए का इनाम था। नक्सलियों ने राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाल दिए। नक्सलियों ने कहा कि वे खोखली और अमानवीय माओवादी विचारधारा, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासियों के शोषण और आंदोलन के भीतर पनप रहे मतभेदों के कारण आत्मसमर्पण कर रहे हैं। बीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि नक्सली सुरक्षा बलों द्वारा शिविर लगाने और 'निया नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं। 'निया नेल्लनार' योजना के तहत सुरक्षा बल और प्रशासन दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। यादव ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 50 नक्सलियों में से छह पर 8-8 लाख रुपए और तीन पर 5-5 लाख रुपए का इनाम है। इसके अलावा पांच नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम है। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), सीआरपीएफ और कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसपी ने कहा कि आंदोलन छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। यह आत्मसमर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के दौरे से कुछ घंटे पहले हुआ है। वह 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इससे पहले सुरक्षा बलों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के सुकमा और बीजापुर जिलों में दोहरे मुठभेड़ों में 11 महिलाओं सहित 18 नक्सलियों को मार गिराया। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के मिशन में एक बड़ी सफलता है। इन ताजा सफलताओं के साथ इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 134 नक्सली मारे गए हैं। इनमें से 118 बस्तर संभाग में मारे गए। पुलिस के अनुसार, 2024 में सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। recent visitors 23

मध्य प्रदेश के एक अप्रैल से 55 जिलों में 60,000 स्थानों पर महंगी होगी संपत्ति, अब जमीन खरीदना होगा महंगा

भोपाल मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं। वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी। निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है। recent visitors 22

पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा संघ-भाजपा के बीच नहीं है कोई मतभेद, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार रविवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हेडक्वार्टर पहुंचे। किसी भी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ कोई मतभेद नहीं है। पीएम मोदी के इस दौरे को बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए आरएसएस के शेषाद्रि चारी ने कहा, "लोग हमेशा आरएसएस और बीजेपी के संबंधों के बारे में बात करते हैं। पहले भी बात करते रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस के बीच कोई मतभेद नहीं है।" आरएसएस नेता ने कहा, "जो लोग संघ और बीजेपी के बारे में कुछ नहीं जानते वही लोग कहते हैं कि बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेद हैं। जो लोग इन झूठी बातों को फैलाते हैं वे अपनी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं।" आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत नागपुर स्थित स्मृति मंदिर में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। आरएसएस नेता ने कहा, "यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी पीएम बनने के बाद यहां आ रहे हैं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौरा है। यह आरएसएस के 100 वर्षों का उत्सव है। इसके लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "संघ के पास देश के मुद्दों पर बहुत सारी राय है। इन मुद्दों को पीएम मोदी आगे बढ़ाएंगे। वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। सरकार का काम भारत को एक मजबूत देश बनाना है। एक विकसित भारत बनाना है।" प्रधानमंत्री मोदी के नागपुर दौरे के दौरान स्मृति मंदिर (आरएसएस), दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय और सोलर इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स का दौरा करने के अलावा वे माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में लॉइटरिंग म्युनिशन टेस्टिंग रेंज और UAV रनवे का उद्घाटन भी करेंगे। recent visitors 34

खत्म हुआ 20 साल का इंतजार, US की कंपनी भारत में ही बनाएगी परमाणु रिएक्टर, चीन के खिलाफ एक और चाल

नई दिल्ली करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के तहत भारत में परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और डिजाइन के लिए अमेरिकी कंपनी को एक ऐतिहासिक मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DoE) से 26 मार्च को मिली मंजूरी के बाद होल्टेक इंटरनेशनल को हरी झंडी मिल गई है। अब अमेरिकी कंपनी को भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने और डिजाइन करने की अनुमति मिल सकती है। होल्टेक को भारत की तीन कंपनियों (होल्टेक एशिया, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड) को अप्रशिक्षित छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति दी गई है। होल्टेक इंटरनेशनल भारतीय-अमेरिकी उद्योगपति क्रिस पी सिंह द्वारा प्रमोट की गई कंपनी है। इसने 2010 से पुणे में एक इंजीनियरिंग यूनिट और गुजरात में एक निर्माण यूनिट स्थापित की है। इस मंजूरी के बाद होल्टेक के लिए यह भी संभव है कि वह बाद में इसमें संशोधन की मांग कर सके और अन्य सरकारी संस्थाओं जैसे कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), NTPC और एटॉमिक एनर्जी रिव्यू बोर्ड (AERB) को भी इस सूची में जोड़ सके। हालांकि, इसके लिए भारत सरकार से जरूरी गैर-प्रसार (Non-Proliferation) आश्वासन की आवश्यकता होगी, जो कि इन सरकारी संस्थाओं से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। होल्टेक को भारतीय कंपनियों को केवल शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए यह तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों या किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। इस समझौते के बाद, भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल सकती है। इससे देश को नई, सुरक्षित और प्रभावी परमाणु रिएक्टर तकनीकों का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में भारत का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारी पानी रिएक्टरों (PHWRs) पर आधारित है, जो अब विश्व में अधिकांश परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में उपयोग होने वाली प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWRs) तकनीक से मेल नहीं खाता। होल्टेक का SMR-300 डिजाइन अमेरिका के ऊर्जा विभाग के एडवांस्ड रिएक्टर डेमॉन्स्ट्रेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित है। यह छोटे रिएक्टरों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके अतिरिक्त होल्टेक के पास गुजरात में एक गैर-परमाणु निर्माण यूनिट है। अगर प्रस्तावित निर्माण योजनाएं मंजूर होती हैं तो कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना बना सकती है। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई दिशा दिखा सकता है। भारत और अमेरिका मिलकर चीन को प्रतिस्पर्धा देने की स्थिति में आ सकते हैं। चीन भी छोटे रिएक्टरों के क्षेत्र में अग्रसर है और इसे वैश्विक दक्षिण में अपनी कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखता है। recent visitors 35

छत्तीसगढ़ को 33,700 करोड़ रुपये की सौगातें देने आज आएंगे PM मोदी

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। इस यात्रा के दौरान वे, प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनका यह कार्यक्रम बिलासपुर जिले के मोहभट्टा गांव में आयोजित होगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री का शेड्यूल – 2:30 बजे: वायुसेना के विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। – 2:35 बजे: हेलिकॉप्टर से बिलासपुर के मोहभट्टा के लिए रवाना। – 3:30 – 4:30 बजे: विभिन्न परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण। – 4:45 बजे: रायपुर के लिए प्रस्थान। – 5:30 बजे: दिल्ली के लिए रवाना। बिजली परियोजनाओं की आधारशिला – एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (800MW) – 9,790 करोड़ रुपये की लागत से। – सीएसपीजीसीएल सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) – 15,800 करोड़ रुपये की लागत से। – पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) – 560 करोड़ रुपये की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं का उद्घाटन। तेल और गैस क्षेत्र में बड़े कदम – सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना – 1,285 करोड़ रुपये की लागत से 200 किमी हाई-प्रेशर पाइपलाइन और 800 किमी एमडीपीई पाइपलाइन। – विशाखापट्टनम-रायपुर पाइप लाइन (VRPL) परियोजना – 2,210 करोड़ रुपये की लागत से 540 किमी लंबी पाइपलाइन। रेलवे क्षेत्र में नई सौगातें – 108 किमी लंबी सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला। – 2,690 करोड़ रुपये की लागत से 111 किमी लंबी तीन रेलवे परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पण। – अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत। – छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण का उद्घाटन। सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार – एनएच-930 (37 किमी) झलमला-शेरपार खंड का उन्नयन। – एनएच-43 (75 किमी) अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड का 2-लेन में उन्नयन। – एनएच-130डी (47.5 किमी) कोंडागांव-नारायणपुर खंड का उन्नयन। शिक्षा और आवास क्षेत्र में सुधार – राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूलों का उद्घाटन। – रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की स्थापना। – प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश। छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा छत्तीसगढ़ के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देगा। 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली, रेल, सड़क, गैस और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे राज्य की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। recent visitors 66