मध्यप्रदेश की तीन होनहार लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखेंगी

इंदौर मध्यप्रदेश की तीन मेधावी लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देने का अवसर प्राप्त करेंगी। इनका चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में हुआ है, जिसे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता 'विकसित भारत' थीम पर आधारित थी, जिसमें प्रदेशभर के युवा शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी का चयन हुआ है, जिनको संसद में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।   इंदौर, भिण्ड और सतना की होनहार बेटिया इंदौर की सजल जैन, भिण्ड की यति सिंह सिसोदिया और सतना की राशि त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश विधान सभा में जीत का परचम लहराया है। अब ये तीनों दिल्ली स्थित संसद भवन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सजल जैन ने अपने भाषण में कही ये बात बता दें कि इंदौर की सजल जैन ने राष्ट्रीय स्त्तर पर प्रथम स्थान किया है। सजल जैन ने अपने भाषण में अधिकार और कर्तव्य के संतुलन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अधिकारों को दौड़ में हम आगे निकल गए है लेकिन कर्तव्य कही पिछे छूट गए है।’ बेटी ने बढ़ाया मान एकेएस यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविका राशि त्रिपाठी का चयन राष्ट्र स्तरीय ’विकसित भारत युवा संसद’ दिल्ली के लिए हुआ है। वहां वह विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। दिल्ली युवा संसद में स्वयंसेविका के चयन पर जिला संगठक अधिकारी डॉ. क्रांति मिश्रा, अनंत कुमार सोनी, डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, महेंद्र तिवारी ने शुभकामनाएं दी हैं। फर्स्ट आई सजल जैन बोलीं  हजारों किलोमीटर तीर्थ करते हैं 500 मीटर वोट डालने नहीं जाते सजल जैन ने कहा- मैंने जो बात अलग कही थी वे दो बातें थीं। पहली- संशोधन की थी। 75 सालों में संविधान वो संविधान नहीं रहा जो उस समय गढ़ा गया था। वर्तमान का संविधान उस समय से बहुत अलग है। लेकिन, जो हमारी भावनाएं, इच्छाएं हैं। जो हमें आवश्यकताएं हैं उसके अनुरुप उस संविधान में संशोधन होते गए। और आज संविधान हमारे अनुकूल है। मैंने दूसरी बात रखी थी वो मुख्यत: कर्तव्य की थी। कि हम हजारों किलोमीटर पैदल चलकर तीर्थ यात्रा तो कर लेते हैं। लेकिन, वर्तमान में 500 मीटर की दूसरी तय करके मतदान केन्द्र जाकर मतदान नहीं करते तब हमारे अधिकार तो आगे बढ़ जाते हैं लेकिन, हमारे कर्तव्य पीछे रह जाते हैं। यति सिसोदिया बोलीं जिस भिंड की पहचान डाकुओं से थी वो प्रोग्रेस कर रहा सेकेंड रैंक पर सिलेक्ट हुई यति सिंह सिसोदिया पुरस्कार लेकर सभागार से दौड़कर बाहर आईं और मां को फोन किया। यति की आंखों से आंसुओं की धारा बह रही थी। भरे हुए गले से मां को बताया – मैं सेकेंड आई हूं। अब मैं जाऊंगी दिल्ली और वहां कॉम्पटीशन में भाग लूंगी। मोदी जी के सामने जाऊंगी मुझे यकीन नहीं हो रहा। ठीक है बाय। यति सिंह सिसोदिया ने बताया- मैं मप्र के चंबल क्षेत्र हूं, जो बहुत ज्यादा ही फेमस है अपने डाकुओं के लिए। आज मैं पूरे देश को ये संदेश देना चाहती हूं कि वो क्षेत्र जो कभी डकैती के लिए जाना जाता था। आज प्रगति के लिए जाना जा रहा है। इतने छोटे से भिंड शहर से मप्र की विधानसभा में दूसरा स्थान पाकर भिंड शहर की छोटी सी लड़की यहां खड़ी है। राशि बोलीं- पहली बार इतने बडे़ मंच पर बोली, भरोसा नहीं हो रहा तीसरे नंबर पर सिलेक्ट हुई सतना की राशि त्रिपाठी ने बताया- मैं बहुत खुश हूं कि मेरी थर्ड रैंक लग गई। मैंने संविधान की 75 साल की यात्रा के बारे में बताया था। हम किस तरह प्रोग्रेस कर पा रहे हैं जब से हमारा संविधान लागू हुआ तो हम और हमारा देश किस तरह तरक्की कर रहा है। मुझे अभी भरोसा नहीं हो रहा है कि मेरी पोजिशन लग गई है। ये मेरा पहला स्टेट चैंपियनशिप था। इतने बडे़ मंच पर इससे पहले कभी नहीं बोला। मैं दिल्ली के लिए सिलेक्ट हो गई मेरे लिए इससे बड़ी खुशी कोई और नहीं हो सकती। मेरे सिलेक्शन के बाद मुझे ये महसूस हुआ कि मैं बहुत आगे जा सकती हूं। recent visitors 39

मार्च खत्म होने से पहले ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया,खजुराहो सबसे गर्म

भोपाल/ खजुराहो मध्य प्रदेश में मार्च महीने में ही गर्मी के तेवर देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश का तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। छतरपुर के खजुराहो में सीजन में पहली बार गुरुवार को पारा 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, ग्वालियर और जबलपुर में 40 डिग्री के आसपास रहा। दमोह, गुना, शिवपुरी, सतना और सागर ऐसे शहर रहे, जहां 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के आखिरी और अप्रैल में लूं चलने के आसार हैं। 3 दिन में तेजी से बढ़ा प्रदेश का तापमान मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं की वजह से पिछले 3 दिन से तापमान में खासी बढ़ोतरी हुई है। निवाड़ी का पृथ्वीपुर और छतरपुर का खजुराहो सबसे गर्म है। शुक्रवार से कुछ शहरों में पारे में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है, पर अप्रैल की शुरुआत में लू चल सकती है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गर्म हवा चलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। ग्वालियर, उज्जैन और भोपाल संभाग में दिन का तापमान बढ़ा रहा। अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। हालांकि, यह प्रदेश से दूर है, लेकिन इससे हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट रहेगी। इसलिए तेज गर्मी से थोड़ी राहत सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गर्म हवा चलने की वजह से गर्मी का असर बढ़ा है। ग्वालियर, उज्जैन और भोपाल संभाग में दिन का तापमान बढ़ा रहा। अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। हालांकि, यह प्रदेश से दूर है, लेकिन इससे हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और आने वाले दिनों में तापमान में मामूली गिरावट रहेगी। प्रदेश में खजुराहो रहा सबसे ज्यादा गर्म मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखा गया। खजुराहो (छतरपुर) में 41.4 डिग्री, दमोह में 40.5 डिग्री, गुना, सतना-शिवपुरी में 40.2 डिग्री और सागर में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह मंडला-टीकमगढ़ में 39.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.6 डिग्री, रीवा में 39.4 डिग्री, शाजापुर में 39.3 डिग्री, सिवनी में 38.8 डिग्री, उमरिया में 38.7 डिग्री, मलाजखंड में 38.5 डिग्री, सीधी, धार-खरगोन में 38.4 डिग्री, बैतूल-रतलाम में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, नरसिंहपुर-नौगांव में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.7 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में हीट वेव की चेतावनी जारी भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर में तापमान 38 डिग्री के आसपास रह सकता है जबकि मालवा इंदौर उज्जैन संभाग के जिले में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। जिसके साथ इसे सामान्य से चार डिग्री अधिक रिकार्ड किया गया है ।मौसम विभाग द्वारा इस साल 2025 में अतिरिक्त भीषण गर्मी पड़ने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम प्रणाली की बात करें तो वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभअफगानिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात निर्मित हुआ है। शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ जाने और चक्रवात के समाप्त होने के साथ ही तापमान में कमी दर्ज की गई है। जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि उमस रहने से लोग परेशान रहेंगे। अप्रैल में एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी होगी और गर्मी का असर देखने को मिलेगा। सोमवार देर रात से आसमान में घिरेंगे बादल कमजोर मौसम प्रणाली के कारण सोमवार देर रात से आसमान में बादल घिरेंगे। मंगलवार को कुछ इलाकों में हल्के से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में गरज चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा भी चलेगी। तापमान 35 डिग्री से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकते हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर के खजुराहो में तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि दमोह गुना शिवपुरी सतना और सागर में तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया हैं। शिवपुरी में हीट वेव का प्रभाव देखने को मिल रहा है। भोपाल में 38.7 डिग्री, इंदौर में 37.5 डिग्री और ग्वालियर में 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। पचमढ़ी में रात का तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। प्रदेश में सामान्य से ज्यादा पारा पिछले 3 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। दिन में तीखी धूप खिल रही है। इस कारण लोग बचने के तरीके ढूंढते हैं। दूसरी ओर, कई शहरों में पारा सामान्य से 1 डिग्री से 4.5 डिग्री तक अधिक है। पहले मार्च के आखिरी में प्रदेश में लू का असर रहने की संभावना थी, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने से अब अप्रैल में ही लू का असर रह सकता है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रहने की संभावना ज्यादा है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 28 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। 29 मार्च: इस दिन भी पारे में गिरावट रहेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में पारा recent visitors 46

‘अमेरिका हमें तोड़ना चाहता हैं, लेकिन ये कभी नहीं होगा!’ – ऑटो टैरिफ पर कनाडा का पलटवार

ओटावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति से कनाडा में हलचल मच गई है. ट्रंप ने ऑटो आयात पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसे व्हाइट हाउस घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के तौर पर देख रहा है. लेकिन कनाडा को यह फैसला नागवार गुजरा है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसे 'प्रत्यक्ष हमला' बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ कनाडा बल्कि खुद अमेरिका को भी नुकसान होगा. कार्नी का कड़ा रुख: 'हम अपने देश की रक्षा करेंगे' कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रंप के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए साफ कहा, "हम अपने कर्मचारियों, कंपनियों और देश की रक्षा करेंगे." उन्होंने आगे कहा कि वे ट्रंप के कार्यकारी आदेश का पूरा विवरण देखने के बाद जवाबी कार्रवाई करने पर विचार करेंगे. कनाडाई ऑटो सेक्टर पर खतरा कार्नी ने ट्रंप के फैसले से प्रभावित होने वाले कनाडाई ऑटो सेक्टर को बचाने के लिए 2 बिलियन कनाडाई डॉलर (1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का 'रणनीतिक प्रतिक्रिया कोष' बनाने की घोषणा की है. यह फंड उन कनाडाई ऑटो कर्मचारियों की मदद करेगा, जिनकी नौकरियों पर इस टैरिफ का असर पड़ सकता है. गौरतलब है कि ऑटोमोबाइल कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक सेक्टर है. यहां 1.25 लाख से ज्यादा लोग इस क्षेत्र में सीधे काम करते हैं, जबकि 5 लाख लोग इससे जुड़े अन्य उद्योगों में कार्यरत हैं. कार्नी ने साफ कहा, 'हम अपने ऑटो कर्मचारियों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे.' ट्रंप का दावा – 'इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा होगा' ट्रंप ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह टैरिफ अमेरिका के ऑटोमोटिव सेक्टर को मजबूत करेगा और घरेलू उत्पादन बढ़ाएगा. उन्होंने कहा, 'हम प्रभावी रूप से 25% टैरिफ लगाएंगे, यह स्थायी रहेगा.' हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होगी और वाहन निर्माताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा. अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों को होगा बड़ा नुकसान कार्नी ने ट्रंप के इस फैसले को सिर्फ कनाडा के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिकी उपभोक्ताओं और कंपनियों के लिए भी नुकसानदायक बताया. उन्होंने कहा, "उनका व्यापार युद्ध अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचा रहा है और इससे और भी नुकसान होगा." इस बात की पुष्टि एक रिपोर्ट से भी होती है, जिसमें बताया गया है कि मार्च में अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक 7.2 अंक गिरकर 92.9 पर पहुंच गया है, जो जनवरी 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है. पहले भी टैरिफ लगा चुके हैं ट्रंप यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगाया है. इससे पहले भी उन्होंने कनाडा के स्टील और एल्युमीनियम पर 25% टैरिफ लगाया था. अब 2 अप्रैल से कनाडा सहित सभी व्यापारिक साझेदारों पर भी टैरिफ लगाने की धमकी दी है. कनाडा का करारा जवाब – 'हम झुकेंगे नहीं!' कार्नी ने ट्रंप की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, 'वह हमें कमजोर करना चाहते हैं ताकि अमेरिका हम पर हावी हो सके. लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा, क्योंकि हम सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचते, हम एक-दूसरे के बारे में सोचते हैं.' अब देखना यह होगा कि क्या कनाडा इस फैसले के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई करता है या बातचीत से हल निकालने की कोशिश करता है. लेकिन एक बात तय है – ट्रंप के इस फैसले से दुनियाभर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री प्रभावित होगी. किस देश पर कितना पड़ेगा असर? कनाडा और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे पर काफी हद तक निर्भर रही हैं. दोनों देश उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते यानी नाफ्टा के तहत व्यापार करते हैं. 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा एक तरह से अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है. अमेरिका, कनाडा से लगभग 421 अरब डॉलर का सामान आयात करता है, जिसमें कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और ऑटोमोबाइल पार्ट्स शामिल हैं. कनाडा एक तरह से अमेरिका को 60 फीसदी से अधिक कच्चा तेल और 85 फीसदी से अधिक प्राकृतिक गैस की सप्लाई करता है. इसके बंद होने से अमेरिका में ऊर्जा की कीमतें आसमान छू सकती हैं. वहीं, कनाडा की अर्थव्यवस्था भी अमेरिका पर बहुत अधिक निर्भर है. कनाडा अपने कुल निर्यात का लगभग 75 फीसदी अमेरिका को भेजता है. अगर यह बाजार बंद हो जाए, तो कनाडा की जीडीपी में भारी गिरावट आ सकती . कनाडा के लिए नए व्यापारिक साझेदार ढूंढना आसान नहीं होगा. यूरोप और एशिया के साथ दूरी और लागत के कारण तत्काल विकल्प सीमित हैं. इससे बेरोजगारी और आर्थिक संकट बढ़ सकता है. बता दें कि कनाडा और अमेरिका न सिर्फ पड़ोसी हैं, बल्कि नाटो और NORAD (North American Aerospace Defense Command) जैसे सैन्य गठबंधनों से भी जुड़े हुए हैं. ट्रंप के किस फैसले पर भड़का कनाडा? ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली कारों पर 25 फीसदी का टैरिफ लगा दिया है. ट्रंप का यह नया टैरिफ दो अप्रैल से लागू होने जा रहा है. माना जा रहा है कि इस टैरिफ से अमेरिका को तकरीबन 100 अरब डॉलर का फायदा होगा. ट्रंप का यह 25 फीसदी टैरिफ इम्पोर्टेड कार और ऑटो पार्ट्स पर लगेगा. ट्रंप को उम्मीद है कि इससे अमेरिकी ऑटो कंपनियों का रेवेन्यू बढ़ेगा लेकिन दूसरी तरफ इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी है क्योंकि टैरिफ का बोझ आखिर में ग्राहकों पर पड़ सकता है. इसके अलावा ट्रंप ने 2 अप्रैल से भारत और कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान भी किया है. ट्रंप ने इसी महीने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत जैसे कई देश बहुत ज्यादा टैरिफ लेते हैं, अब अमेरिका भी ऐसा ही करेगा. माना जा रहा है कि 2 अप्रैल से एक नया ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है. recent visitors 29

DA Hike पर आज आया बड़ा फैसला, खत्म हुआ केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स का इंतजार, कितनी बढ़ेगी सैलरी?

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सरकार की ओर से यह बड़ा फैसला लिया गया है. इस बढ़ोतरी के साथ ही अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स का महंगाई राहत (DR) 53 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी हो जाएगा. आखिरी बार बढ़ोतरी जुलाई 2024 में हुई थी, जब महंगाई भत्ता 50 फीसदी से बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया गया था. अब 2 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 2 फीसदी का और महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा. यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी मानी जाएगी. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा. कितनी बढ़ जाएगी सैलरी     अगर किसी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है तो 53% डीए के हिसाब से उसे ₹26,500 का महंगाई भत्ता मिलता होगा, लेकिन 55 फीसदी के डीए के हिसाब से उसे ₹27,500 का डीए मिलेगा. यानी कर्मचारियों की सैलरी में 1 हजार रुपये का इजाफा होगा.     वहीं 70 हजार रुपये की बेस‍िक सैलरी पर अभी महंगाई भत्ता ₹37,100 मिलता होगा, लेकिन 55 फीसदी डीए के हिसाब से ₹38,500 महंगाई भत्ता मिलेगा. यानी ऐसे कर्मचारियों की सैलरी में ₹1,400 की बढ़ोतरी होगी.     इसी तरह, ₹1,00,000 बेसिक सैलरी वालों को 53 प्रतिशत डीए के हिसाब से ₹53,000    महंगाई भत्ता मिलता होगा, लेकिन अब 55 फीसदी के हिसाब से 55 हजार रुपये का डीए मिलेगा. यानी कर्मचारियों की सैलरी में 2 हजार रुपये मंथली की बढ़ोतरी होगी. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर असर कर्मचारियों के लिए यह Dearness Allowance (DA) कहलाता है, जबकि पेंशनर्स के लिए इसे Dearness Relief (DR) कहा जाता है। इस बढ़ोतरी का फायदा सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर असर कर्मचारियों के लिए यह Dearness Allowance (DA) कहलाता है, जबकि पेंशनर्स के लिए इसे Dearness Relief (DR) कहा जाता है। इस बढ़ोतरी का फायदा सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा। सैलरी पर असर एक एंट्री-लेवल कर्मचारी (Multi Tasking Staff – MTS) जिसकी मूल वेतन ₹18,000 है, उसे इस 2% DA बढ़ोतरी से सीधे फायदा होगा। वर्तमान में 53% DA के तहत इस कर्मचारी को ₹9,540 मिल रहा है। 2% बढ़ोतरी के बाद DA बढ़कर ₹9,900 हो जाएगा, जिससे ₹360 की बढ़ोतरी होगी। अगर DA 3% बढ़ता, तो यह ₹10,080 तक पहुंच जाता और ₹540 की वृद्धि होती। जनवरी 2025 से लागू होगी बढ़ोतरी, एरियर मिलेगा सरकार द्वारा जो भी DA बढ़ोतरी की जाएगी, वह 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को जनवरी 2025 से मिलने वाले अतिरिक्त पैसे का एरियर भी दिया जाएगा। सरकार ने पिछली बार जुलाई 2024 में 3% महंगाई भत्ते में वृद्धि की थी, जिससे DA 50% से बढ़कर 53% हुआ था। अब एक और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।       recent visitors 47

रायपुर नगर निगम का 1529 करोड़ का बजट, महापौर मीनल चौबे निखारेगी रायपुर

रायपुर ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे, रायपुर को स्वर्ग सा निखारेंगे, हर गली हर मोड़ चमकायेंगे, नव निर्माण की लौ जलायेंगे’ की शायरी के साथ महापौर मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम के लिए अपना पहला बजट पेश किया. कुल 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपए के बजट में 1528 करोड़ 73 लाख 83 हजार रुपए का व्यय तो 79 लाख 45 हजार रुपए मुनाफे का अनुमान जताया गया है. महापौर मीनल चौबे ने बजट में रायपुर नगर निगम के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल अनुमानित आय 1,462 करोड़ 41 लाख 87 हजार रुपए बताया है, जिसमें पूंजीगत आय 856 करोड़ 58 लाख 42 हजार रुपए और डिपॉजिट वर्क आय 46 करोड़ 17 लाख 25 हजार रुपए है. महापौर ने बताया कि लोक कर्म विभाग से संबंधित कार्यों के लिए कुल 97 करोड़ 03 लाख 56 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अंतर्गत मुख्य रूप से बड़े नालों के निर्माण के लिए 05 करोड़, सीमेंट मार्ग निर्माण के लिए 01 करोड़, मार्ग का डामरीकरण के लिए 05 लाख, जोन कार्यालय एवं प्रत्येक वार्ड में कार्यालय भवन के लिए 02 करोड़, फुटपाथ एवं पेवर निर्माण के लिए 50 लाख, चौराहों का पुनर्विकास के लिए 10 करोड़, नाली निर्माण के लिए 05 करोड़, डब्लूबीएम मार्ग के लिए 01 करोड़, महापौर निधि के लिए 02 करोड़ 25 लाख, अध्यक्ष निधि के लिए 01 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है. वहीं जल कार्य विभाग से संबंधित कुल व्यय का 68 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपए का अनुमान जताया गया है. इसके पेयजल परिवहन कार्य के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए, पावर पंप क्रय/स्थापना कार्य के लिए 30 लाख रुपए, जल व्यवस्था के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. राजस्व विभाग के लिए 14 करोड़ 52 लाख 63 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव किया गया है. इसमें अलावा खाद्य, लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए 77 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए का प्रावधान रखा गया है. इसमें मच्छर उन्मूलन, आवारा कुत्तों के बधियाकरण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मशीन क्रय, सफाई मित्र योजना, चिकित्सालयों के लिए दवाइयों एवं उपकरणों की खरीद शामिल है. विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 73 करोड़ 99 लाख 29 हजार रुपए के व्यय का अनुमान जताया गया है. इसके अंतर्गत मार्ग विद्युतीकरण के लिए 01 करोड़ रुपए, सौर ऊर्जा से संबंधित कार्यों के लिए 50 लाख रुपए, विद्युत सामग्री क्रय के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक कल्याण विभाग के लिए 88 लाख 60 हजार रुपए का व्यय प्रावधानित किया गया है. वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल 42 लाख 56 हजार रुपए का प्रस्ताव किया गया है. इसके अंतर्गत निगम क्षेत्र की निर्धन महिलाओं को कुटीर उद्योगों के माध्यम से स्व-रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. बजट में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के लिए 07 करोड़ 89 लाख 57 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वार्डों के विकास कार्यों के लिए 06 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान है. इसके साथ इस वर्ग के युवाओं एवं महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का विशेष प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसमें खिलाड़ियों के लिए खेल शिविर, खेल प्रशिक्षण एवं वार्षिक समारोह का खर्च शामिल है. पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग के लिए 27 करोड़ 10 लाख 90 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें नवीन उद्यानों की स्थापना के लिए 08 करोड़ 80 लाख रुपए, उद्यानों का संधारण के लिए 03 करोड़ 85 लाख रुपए, खेलकूद सामग्री के लिए 02 करोड़ 20 लाख रुपए, वृक्षारोपण के लिए 02 करोड़ 75 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. संस्कृति, पर्यटन, मनोरंजन एवं विरासत संरक्षण विभाग के लिए 03 करोड़ 42 लाख 55 हजार रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है. इसमें छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु संगोष्ठियों का आयोजन एवं प्रोत्साहन, निगम कर्मचारियों एवं जनता के लिए संगीत एवं सांस्कृतिक क्लबों की स्थापना के लिए व्यय शामिल है. इसके साथ जोन व्यय के लिए जोन कार्यालयों के माध्यम से 189 करोड़ 93 लाख 69 हजार रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है. इसमें सफाई ठेका के लिए 58 करोड़ 01 लाख 25 हजार रुपए, गालियों का कांक्रीटीकरण – 17 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए, मार्ग संधारण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 54 हजार रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 07 करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपए, समस्त भवनों का वार्षिक संधारण के लिए 03 करोड़ 37 लाख 71 हजार रुपए, नालियों का वार्षिक संधारण के लिए 06 करोड़ 95 लाख 38 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा पार्षद निधि के लिए 05 करोड़ 25 लाख 29 हजार रुपए, सार्वजनिक कुओं और तालाबों की सफाई के लिए 02 करोड़ 28 लाख 35 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही पूंजीगत व्यय में कुल 789 करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपए के व्यय का अनुमानित प्रस्ताव किया गया है. इसमें सबके लिए आवास योजना के लिए 45 करोड़ रुपए, अमृत मिशन योजना के लिए 05 करोड़ रुपए, खारून नदी में मिलने से पहले नालियों के पानी के शुद्धिकरण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 01 करोड़ रुपए, अधोसंरचना मद के लिए 94 करोड़ 70 लाख रुपए, नगर विकास योजना/मार्ग चौड़ीकरण के लिए 120 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. बजट में बीएसयूपी योजना के लिए 01 करोड़ रुपए, आश्रय शुल्क के लिए 50 लाख रुपए, वार्षिक संधारण के लिए 15 करोड़ रुपए, पुष्पवाटिका योजना के लिए 80 लाख रुपए, गोकुल नगर विकास कार्य – 80 लाख रुपए, जिमखाना/व्यायामशाला के लिए 02 करोड़ रुपए, सरोवर धरोहर योजना के लिए 01 करोड़ 50 लाख रुपए, राजीव आवास योजना के लिए 20 लाख रुपए, उन्मुक्त खेल मैदान योजना (पंडरी स्थित प्रगति मैदान सहित) के लिए 80 लाख रुपए, पार्षदों की अनुशंसा पर किए जाने वाले कार्यों के लिए 04 करोड़ 78 लाख रुपए, मुक्तिधाम योजना के लिए 80 लाख रुपए, सार्वजनिक प्रसाधन योजना के लिए 80 लाख रुपए, चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग के लिए 01 … Read more

म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, 7.7 रही तीव्रता, फ्लाईओवर ढहा, 43 लोग लापता

बैंकॉक  म्यांमार और थाईलैंड में आए खतरनाक भूकंप से भारी तबाही मचने की आशंका है। थाईलैंड से खतरनाक तस्वीरें सामने आ रहे हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को धड़ाम से जमीन पर गिरते हुए देखा गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया है कि शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का खतरनाक भूकंप आया है। भूकंप पूरे देश में झटके महसूस किए गए। दिल्ली एनसीआर तक भूकंप के झटके महूसक किए गये हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि भूकंप का केन्द्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर अंदर था, जिससे भारी तबाही की आशंका है। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही, कई इमारतें जमींदोज, इमरजेंसी घोषित .म्यांमार-थाईलैंड भूकंप: भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार- पीएम मोदी. कोलकाता, इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। यूएसजीएस ने एक बयान में कहा कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:50 बजे के आसपास म्यांमार के सागाइंग शहर के उत्तर-पश्चिम में 16 किलोमीटर की दूरी पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। बैंकॉक में भी भूकंप से तबाही की आशंका है। लोग अपने घरों से बाहर भागते हुए देखे गए हैं और कुछ वीडियो में खाना खाते समय लोगों को हिलते हुए दिखाया गया। सबसे खतरनाक वीडियो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को ताश के पत्तों की तरह धड़ाम से गिरते हुए देखा गया है। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? एक मिनट तक हिलती रही धरती सोशल मीडिया वेबसाइट X पर बैंकॉक में आए भूकंप से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि भूकंप के दौरान जमीन करीब एक मिनट तक हिलती रही, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया पुल म्यांमार में एतिहासिक शाही महल मांडले पैलेस के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सागाइंग क्षेत्र के सागाइंग टाउनशिप में एक पुल भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता के अलावा क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन शहरों की आबादी 50 हजार से ज्यादा है। भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में तबाही म्यांमार से भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक तीन मंजिला मकान को धाराशाई देखा जा रहा है। लोगों को भूकंप के बाद अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा जा रहा है। बैंकॉक में ऊंची इमारत ढहने पर धूल के बादल से भागते लोग दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा म्यांमार की सीमा से लगे युन्नान और गुआंग्शी प्रांतों में चीनी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा है कि उन्होंने भूकंप को तीव्रता से महसूस किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक म्यांमार के अवा और सागाइंग क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक पुल शुक्रवार को देश के मध्य भाग में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ढह गया है। फुटेज में देश के उत्तर से दक्षिण तक बहने वाली इरावदी नदी में गिरने के बाद पुराने सागाइंग पुल के कुछ हिस्से दिखाई दे रहे हैं। पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया 12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए। बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे? भूकंप से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें:- – थाईलैंड और म्यांमार के कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं. – बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं. – USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है. – मेघालय के गारो हिल्स में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया. – सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गगनचुंबी इमारतों को भूकंप के झटकों की वजह से हिलते देखा जा सकता है. कई इमारतें झुक गई हैं. धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड … Read more

MP Board 5th, 8th Result : एमपी बोर्ड 5वीं 8वीं रिजल्ट rskmp.in पर जारी, 5वीं में 92.70%, 8वीं में 90.02% छात्र हुए पास,यहां देखें लिंक

भोपाल  मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार दोपहर 1 बजे घोषित कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल पर रिजल्ट बटन दबाकर परिणामों की घोषणा की। इस साल कक्षा 5वीं और 8वीं दोनों ही कक्षाओं के परिणामों में सुधार देखा गया, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहे। कक्षा 5वीं का परीक्षा परिणाम 92.70% रहा, जो पिछले साल के 90.97% से अधिक है। वहीं, कक्षा 8वीं का परिणाम 90.02% रहा, जो पिछले साल के 87.71% से बेहतर है। इन परिणामों में खास बात यह है कि बालिकाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर कक्षा 5वीं में बालिकाओं का पास होने का प्रतिशत 94.12% रहा, जबकि बालकों का 91.38% रहा। इसी तरह, कक्षा 8वीं में बालिकाओं का पास होने का प्रतिशत 91.72% था, जबकि बालकों का 88.41% रहा। यह दिखाता है कि बालिकाओं ने इस बार अधिक संख्या में सफलता प्राप्त की है। रिजल्ट के हिसाब से टॉप 10 जिले कक्षा 5वीं के परिणामों में शीर्ष 10 जिले:     शहडोल     चंबल     नर्मदापुरम     इंदौर     जबलपुर     उज्जैन     ग्वालियर     रीवा     सागर     भोपाल कक्षा 8वीं के परिणामों में शीर्ष 10 जिले:     नरसिंहपुर     अलीराजपुर     रीवा     झाबुआ     बालाघाट     अनूपपुर     सीहोर     डिंडोरी     बड़वानी     मंदला यहां देखें ऑनलाइन परिणाम राज्य शिक्षा केंद्र ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन परिणाम देखने की सुविधा प्रदान की है। छात्र अपने परीक्षा परिणाम को राज्य शिक्षा केंद्र की वेबसाइट https://www.rskmp.in/result.aspx पर अपने रोल नंबर/समग्र आईडी के माध्यम से देख सकते हैं। इसके अलावा, शाला-स्तरीय परिणाम भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध होंगे, जिन्हें शिक्षक और संस्था प्रमुख देख सकते हैं। इतने विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं 24 फरवरी से 5 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं। इस बार 22 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने इन परीक्षाओं में भाग लिया। इनमें सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ पंजीकृत मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल थे। विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 322 केंद्रों का निर्माण किया गया था। इस मूल्यांकन प्रक्रिया में 1 लाख 19 हजार से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं ने अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की है। MP Board 5th 8th Result 2025 : कैसे चेक कर सकेंगे एमपी बोर्ड 5वीं और 8वीं रिजल्ट MP Board 5th 8th Result 2025 : सबसे पहले rskmp.in पर जाएं। होमपेज पर जाकर Result वाले लिंक पर क्लिक करें। यहां अपना रोल नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें। रिजल्ट आपके स्क्रीन पर दिखने लगेगा। स्कोर कार्ड डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। पिछले साल जहां सरकारी स्कूलों में एमपी बोर्ड 5वीं कक्षा में 91.53 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं, वहीं पाइवेट में 90.18 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं। वहीं एमपी बोर्ड 8वीं कक्षा की बात करें तो प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट सरकारी से बेहतर रहा है। प्राइवेट स्कूलों में 90.60 प्रतिशत बच्चे पास हुए जबकि सरकारी में 82.22 प्रतिशत बच्चे पास हुए। recent visitors 41