चेन्नई को मिला 197 रनों का टारगेट, आरसीबी के कप्तान ने जड़ा अर्धशतक

नई दिल्ली. आईपीएल-2025 के छठवें मैच में आज आरसीबी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 197 रनों का टारगेट दिया है। चेन्नई को इस मैच को जीतने के 197 रनों की आवश्यकता है। आरसीबी की तरफ से सबसे ज्यादा रन कप्तान रजत पाटीदार ने बनाए उन्होंने 51 रन की धमाकेदार पारी खेली हालांकि उन्हें कई जीवनदान मिले। उनके अलावा विराट ने 31, साल्ट ने 32, टिम डेविड ने 22 और देवदत्त ने 27 रनों की पारी खेली। चेन्नई की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज नूर अहमद रहे जिन्होंने 3 विकेट झटके उनके अलावा पथिराना ने 2 और अश्विन और खलील को 1-1 विकेट मिला। पथिराना की लाजवब गेंदबाजी 19वें ओवर में बेबी मलिंगा ने मात्र एक रन खर्च कर दो विकेट निकाले, इस ओवर से आरसीबी की 200 रन तक पहुंचने की उम्मीदें लगभग-लगभग खत्म हो गई है। पाटीदार की कप्तानी अर्धशतक रजत पाटीदार ने टीम की कमान संभाली और 30 गेंदों पर शानदार अर्धशतक जड़ा। कप्तान की नजरें अब टीम को 200 पार ले जाने पर होगी। इस बीच जितेश शर्मा के रूप में टीम को पांचवा झटका 172 के स्कोर पर लगा। नूर ने उखाड़ा लिविंगस्टोन का डंडा 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का खाने के बाद नूर अहमद ने अगली गेंद पर लिविंगस्टोन का डंडा उखाड़ा। आरसीबी को 145 के स्कोर पर चौथा झटका लगा है। टीम की नजरें 200 के स्कोर को छूने पर होगी। recent visitors 50

रक्षा क्षेत्र में भारत हो रहा मजबूत, केंद्र सरकार ने दी सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी, मिलेंगे 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली रक्षा के क्षेत्र में भारत लगातार मजबूत हो रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक और सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। दरअसल, भारत ने 156 मेड इन इंडिया एलसीएच प्रचंड हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए अब तक के सबसे बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दे दी है। रक्षा अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की आज हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। रक्षा मंत्रालय ने इस वित्त वर्ष में 2.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। HAL को सबसे बड़ा ऑर्डर यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि इस रक्षा मंजूरी की स्वीकृति के बाद यह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लिए अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर होगा और हेलीकॉप्टरों का निर्माण कर्नाटक के बेंगलुरु और तुमकुर स्थित उनके संयंत्रों में किया जाएगा। जानिए प्रचंड हेलिकॉप्टर की खासियत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित एलसीएच 'प्रचंड' विभिन्न हथियार प्रणालियों से लैस है। यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन को नष्ट करने में सक्षम है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक विशेषताएं, मजबूत कवच सुरक्षा और रात्रि में भी हमले की क्षमता है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में भी काम करने में पूरी तरह सक्षम है। प्रचंड हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को दागने में भी सक्षम है और दुश्मन के हवाई रक्षा अभियानों को नष्ट कर सकता है। सरकार आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत मेक इन इंडिया के माध्यम से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के इरादे पर जोर दे रही है। पिछले साल हुआ था सेना में शामिल इसका उपयोग धीमी गति से चलने वाले विमानों और दूर से संचालित विमानों (आरपीए) के खिलाफ भी किया जा सकता है। एलसीएच 'प्रचंड' को पिछले साल थलसेना और वायुसेना में शामिल किया गया था। recent visitors 42

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, परिषद और पंचायतों के हितग्राहियों को वर्चुअली किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के अलावा भी ऐसी जरूरतें होती हैं, जिनके लिए धनराशि जरूरी होती है। प्रसूति, बीमारी, दिव्यांगता और किसी अपने को खो देने जैसे मुश्किल समय में कई बार हम स्वयं को असहाय महसूस करते हैं। संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप अंत्योदय के कल्याण के संकल्प को प्रदेश में क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करने के बाद परिवारों को मंत्रालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएं प्रकट की। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल वर्चुअली शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों, नगर निगमों, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के हितग्राही और जनप्रतिनिधि भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के श्रमिक परिवारों का अभिवादन करते हुए कहा कि परिश्रम से अपने और अपने परिवार का जीवन चलाने वाले श्रमिक ही प्रदेश के विकास की नींव हैं। परिश्रम से ही प्रतिभा निखरती है और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य का मार्ग भी बनता है। राज्य सरकार ने जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है। पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी प्रदेशवासियों का जीवन बेहतर हो। हर परिवार आनंद और वैभव के साथ सभी जीवन व्यतीत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शुचिता- पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है। संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ रूपए से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में श्रीमती अंजली रैकवार के पति के निधन पर 4 लाख रूपए तथा शेष चार हितग्राहियों को 2-2 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअली संवाद में मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें पर्याप्त सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का कार्य सीख रही हैं। शहडोल की श्रीमती मन्नू ढीमर ने बताया कि वे छोटी किराना दुकान संचालित कर रही हैं। दतिया की श्रीमती कल्लन वाल्मीक, सीहोर की श्रीमती शिव कुमारी और खरगोन की श्रीमती प्रेमलता कर्मा ने बताया कि संबल योजना में मिली सहायता से परिवार के लालन-पालन और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में जुड़े सभी हितग्राहियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्जवला योजना जैसी सभी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का आहवान किया। जरूरत के समय मदद करती है संबल योजना : मंत्री श्री पटेल श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। सरकार की यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है। आज के कार्यक्रम में कई जिले ऐसे हैं जहां हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि औसतन प्रति माह 3.5 हजार प्रकरणों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।   recent visitors 47

म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया, भारी तबाही, बैंकॉक और मांडले में आपातकाल

म्यांमार म्यामांर में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप की तीव्रता 7.7 थी। भूकंप के झटकों से सैकड़ों मील दूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक निर्माणाधीन मकान गिर गया. इसमें अभी भी 43 मजदूर फंसे हुए हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक़ म्यांमार में भूकंप के पहले झटके के 12 मिनट के बाद ही दूसरा झटका आया. दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.4 थी. इस भूकंप का केंद्र सागाइंग से 18 किलोमीटर दक्षिण में था। म्यांमार के दूसरे बड़े शहर मांडले में बचाव दल के एक कर्मचारी ने बीबीसी को बताया कि भूकंप से भारी तबाही हुई है और सैकड़ों लोगों के मरने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत भूकंप के झटकों से भरभराकर ढह गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत धूल के गुबार के बीच ढहती नजर आ रही है और वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। इमारत के मलबे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वे बैंकॉक के ‘चटुचक मार्केट’ के पास स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं शुरुआती खबरों के अनुसार, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर को यह भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया, जिसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था। म्यांमार में भूकंप के प्रभाव की तत्काल कोई खबर नहीं है। ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र की आबादी 1.70 करोड़ से अधिक है जिनमें से कई लोग ऊंची इमारतों वाले अपार्टमेंट में रहते हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक की ऊंची इमारतों एवं होटल से लोगों को बाहर निकाला गया। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि कुछ ऊंची इमारतों के अंदरूनी हिस्सों में ‘स्वीमिंग पूल’ में पानी में लहरें उठती दिखीं।    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. मिश्रा ने शुक्रवार को म्यांमार में आए छह भूकंपों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये भूकंप सबसे लंबी फॉल्ट लाइन, सागांग फॉल्ट पर आए थे। सागांग फॉल्ट लगभग 1200 किलोमीटर तक फैली हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि रिक्टर स्केल पर 7 से ऊपर की तीव्रता का यह पहला भूकंप नहीं था। मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने कहा, "यह म्यांमार के सबसे लंबे फॉल्ट, सागांग फॉल्ट में हुआ। इसकी लंबाई 1200 किलोमीटर है। इस फॉल्ट ने अतीत में 7 से अधिक तीव्रता के कई भूकंप उत्पन्न किए हैं। यह 7 तीव्रता का पहला भूकंप नहीं है।" उन्होंने आगे बताया कि भूकंप की गहराई 20 से 30 किलोमीटर के बीच थी, जो कि उथली श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि भूकंप जमीन के ज्यादा नीचे नहीं था। इससे सतह पर ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है। भूकंप का केंद्र जमीन के जितना करीब होता है, नुकसान उतना ही ज्यादा होता है। इसलिए, इस भूकंप से भी नुकसान हो सकता है। म्यांमार के नायपीडॉ शहर में शुक्रवार को एक शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के कारण शहर में तबाही मची हुई थी। नायपीडॉ के सबसे बड़े अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के बाहर घायलों की पंक्तियाँ लगी हुई थीं। कई पीड़ित दर्द से कराह रहे थे, तो कुछ धूल और खून से लथपथ सदमे में बैठे थे। सड़कों के टूटने और तारकोल के उखड़ने के बाद लगातार घायल आ रहे थे। कुछ लोग कारों और पिकअप ट्रकों में आ रहे थे, तो कुछ को स्ट्रेचर पर लाया जा रहा था। अस्पताल के एक अधिकारी ने पत्रकारों को इलाज क्षेत्र से चले जाने के लिए कहते हुए कहा, "यह एक मास कैजुअल्टी एरिया है।" अस्पताल के अधिकारी ने यह बात इसलिए कही क्योंकि वहाँ बहुत सारे घायल लोग थे। 1,000-बेड वाले अस्पताल को भी काफी नुकसान हुआ था। हिंसक झटकों से इमरजेंसी विभाग के कुछ हिस्से ढह गए। प्रवेश द्वार पर गिरी कंक्रीट के नीचे एक कार दब गई। recent visitors 31

एक अप्रैल से छत्तीसगढ़ में नई दरों से बिकेगी शराब

रायपुर  छत्तीसगढ़ में शराब की नई दरों की घोषणा की गई है. बीते साल की तुलना में शराब की नई दरों में 10 से 20 फीसदी तक की कटौती की गई है. सस्ते और महंगे रेंज की शराब करीब 10 फीसदी तक और प्रीमियम रेंज की शराब में करीब 20 फीसदी तक गिरावट आई है. राज्य सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सेस और अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती की वजह से शराब की दरों में भारी कमी देखी जा रही है. राज्य सरकार को इससे करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान संभावित है, लेकिन नई आबकारी नीति में सरकार ने 67 नई शराब दुकान खोले जाने की मंजूरी दी है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई इससे हो जाए. शराब की नई दरें एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी. राज्य में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जिन, वाइन, स्काॅच और प्रीमियम बीयर के नए ब्रांड शराब प्रेमियों को पीने के लिए मिलेंगे. आबकारी विभाग के मुताबिक वैश्विक ब्रांडों में से परनोड रिकार्ड के 23, यूनाइटेड स्पिरिट के 29, बीम ग्लोबल के 12 और बकार्डी के 8 ब्रांडों की बिक्री को अनुमति दी गई है. इसके साथ ही अनुमोदित किए गए शराब के अन्य ब्रांड में इम्पीरियल ब्लू, मैकडाॅवेल नंबर वन, रायल चैलेंज, रायल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड, एंटीक्विटी से लेकर 100 पाइपर्स, बैलेंटाइंस, टीचर्स, ब्लैक लेबल, ब्लू लेबल, चिवास रिगल शामिल हैं. भारतीय प्रीमियम उत्पाद जैसे इंद्रि, रामपुर, पाॅल जाॅन और जैसलमेल को भी मंजूरी दी गई है. आबकारी विभाग ने Six Field Wheat Beer और Hoegaargen Wit Beer जैसी बियर की नई ब्रांड को राज्य में बिक्री के लिए मंजूरी देने के साथ-साथ प्रीमियर रेंज की Budweiser, Corona, Bira Boom, KF Ultra Max, Heiniken जैसी बियर की बिक्री को मंजूरी दी है. साथ ही इनके दाम में कमी की है. नई दरों में अंतर लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर इम्पीरियल ब्लू 180 एमएल 200 220 रायल चैलेंज 180 एमएल 200 260 रायल स्टैग 180 एमएल 210 250 सिग्नेचर प्रीमियम 750 एमएल 1200 1360 मैजिक मूवमेंट 180 एमएल 220 230 ब्लैंडर्स प्राइड रिजर्व 750 एमएल 1360 1480 एंटीक्विटी 750 एमएल 1280 1440 स्मर्न आरेंज 750 एमएल 1120 1320 वैट 69 750 एमएल 1680 2000 रिम बीम 750 एमएल 1900 2280 टीचर्स हाईलैंड स्कॉच 750 एमएल 1880 2120 बैलेंटाइंस फाइनेस्ट 750 एमएल 2200 2360 100 पाइपर्स 750 एमएल 2000 2160 ब्लैक एंड व्हाइट 750 एमएल 1920 2080 बाम्बे सफायह जिन 750 एमएल 2450 2620 ग्रे गूज वोदका 750 एमएल 3550 3810 पाॅल जान निर्वाना 750 एमएल 2380 2750 अब्स्ल्यूट वोदका 750 एमएल 2270 2430 देवार्स 12 ईयर 750 एमएल 3530 3800 सुनोट्री टोकी व्हिस्की 750 एमएल 4800 6230 चिवास रिगल 12 ईयर 750 एमएल 3910 4200 चिवास रिगल 15 ईयर 750 एमएल 7250 7830 जेमसन 750 एमएल 2610 2800 इंद्रि सिंगल माल्ट 750 एमएल 4240 5530 जाॅनी वाकर ब्लैक लेवल 750 एमएल 4080 5530 जाॅनी वाकर ब्लू लेवल 750 एमएल 21480 24550 जैसलमेर क्राफ्ट इंडियन 750 एमएल 3200 4020 बियर की नई दरें लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर बडवाइजर मैग्नम 650 एमएल 230 250 बडवाइजर प्रीमियम 650 एमएल 220 250 कोरोना 330 एमएल 170 200 बीरा बूम 650 एमएल 200 220 केएफ अल्ट्रा मैक्स 650 एमएल 210 240 हेनिकन 650 एमएल 230 250 केएफ अल्ट्रा लार्जर 650 एमएल 200 260 सिक्स फील्ड वीट बियर 330 एमएल 160 – Hoegaarden Wit Beer 500 एमएल 250 – सस्ते रेंज की शराब लेबल का नाम 2025-2026 की नई दर 2024-2025 की पूर्व की दर गोवा स्पेशल 180 एमएल 120 130 गोल्डन गोवा 180 एमएल 120 130 जम्मू स्पेशल 180 एमएल 120 130 शराब से कमाई का लक्ष्य बीते साल राज्य सरकार ने शराब से होने वाली कमाई का लक्ष्य करीब 11 हजार करोड़ रुपए रखा था, लेकिन सरकार की कमाई करीब नौ हजार करोड़ रुपए हुई. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने करीब 15000 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है. शराब की दरों में कमी की वजह से सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान संभावित हैं. सरकार 67 नई शराब दुकान खोल रही है. नई दुकान खुलने और शराब की दरों में होने वाली कमी से अनुमान लगाया जा रहा है कि शराब की बिक्री में इजाफा होगा और सरकार कमाई के अपने लक्ष्य को पूरा कर लेगी. recent visitors 36

राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में "कर्मयोगी बने" कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

एमपी हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी की मां को मन सह-आरोपी, जाने काया कहा

भोपाल भोपाल रेप के एक मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने इस फैसले में उकसावे की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही कोई महिला रेप की आरोपी नहीं हो सकती लेकिन वह रेप के लिए उकसाने की आरोपी हो सकती है। ऐसे में रेप के लिए उकसाने वाली महिला को आईपीसी की धारा 109 के तहत बलात्कार के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह पूरा मामला भोपाल के छोला मंदिर इलाके का है। इसमें रेप की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी के साथ उकसाने के मामले में उसकी मां और भाई के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2022 में दर्ज करवाया रेप का मामला पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 में भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसके पड़ोसी ने उसके परिवार में शादी का प्रस्ताव रखा था। उसी पर सहमति देने के लिए वह उनके घर गई थी। युवक की मां और उसके भाई ने उसे जबरन आरोपी के कमरे में भेज दिया, जहां उसने पीड़िता के साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि सगाई के बाद कई बार आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और उसके बाद शादी करने से इनकार कर दिया। आरोपी की मां पर रेप के लिए उकसाने का आरोप पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी की मां ने कहा था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है। पीड़िता के अनुसार, पहली बार आरोपी ने 8 जुलाई 2021 को अपने घर पर पीड़िता का रेप किया था। रेप के लिए उकसावे को बताया अपराध मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रेप मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल और जस्टिस प्रशांत गुप्ता ने अपने निर्णय में कहा है कि भले ही कोई महिला रेप नहीं कर सकती लेकिन आईपीसी धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने का अपराध कर सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी धारा 376 एक पुरुष से शुरू होती है। लेकिन अपराध केवल एक पुरुष द्वारा नहीं किया जा सकता। इसलिए आईपीसी की धारा 109 के तहत रेप के लिए उकसाने के लिए महिला को दोषी ठहराया गया है। इसके साथ ही जानबूझकर अपराध में सहायता करने को आईपीसी धारा 107 के तहत परिभाषित करते हुए महिला और पुरुष दोनों रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया। पीड़िता का आरोप पीड़िता ने 21 अगस्त 2022 को भोपाल के छोला मंदिर थाने में रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी. उसने आरोप लगाया था कि आरोपी अभिषेक गुप्ता ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया. इतना ही नहीं, आरोपी की मां और भाई भी इस घटना में शामिल थे. पीड़िता के अनुसार, 8 जुलाई 2021 को पहली बार उसे आरोपी के घर बुलाया गया, जहां उसके साथ रेप किया गया. सगाई के बाद भी आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए और फिर शादी से मुकर गया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी की मां ने उसे समझाया था कि शादी से पहले संबंध बनाना आम बात है. MP हाईकोर्ट का रुख हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रेप के लिए उकसाने वाले भी उतने ही दोषी हैं, जितना कि मुख्य आरोपी. इस आधार पर आरोपी की मां और भाई पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया और साफ किया कि रेप के मामलों में उकसाने वालों के खिलाफ भी कठोर दंड दिया जाएगा. हाईकोर्ट में आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती बता दें कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (एन), 190, 506 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। निचली अदालत ने आरोपी को दोषी पाया था। सरकारी वकील सीएम तिवारी ने बताया की आरोपी ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जिसमें आरोपी के साथ कोर्ट ने परिवार के लोगों भी रेप के लिए उकसाने का दोषी ठहराया है औरयाचिका खारिज कर दी। recent visitors 41