मध्य प्रदेश में पुलिस पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश, मऊगंज की घटना पर सीएम सख्त

मऊगंज मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शनिवार को दो गुटों में हो रहे विवाद को रोकने पहुंची पुलिस पर हमला हो गया था। इसमें एक एएसआई की मौत हो गई। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया और हमलावरों पर सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर डीजीपी कैलाश मकवाना आज घटना स्थल पर पहुंचेंगे, इनके साथ एडीजी इंटेलिजेंस भी रहेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा- मऊगंज जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में दो गुटों के आपसी विवाद की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित पुलिस की टीम पर हुए दुर्भाग्यपूर्ण हमले में हमारी पुलिस के एक एएसआई रामचरण गौतम की जवाबी कार्रवाई में दुःखद मृत्यु हुई है। मेरी गहरी शोक संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है। घटना में अन्य घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए रीवा चिकित्सालय भेजा गया है।   डीजी पुलिस को पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में धारा 163 लागू कर डीआईजी रीवा, एसपी मऊगंज सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। एडीजी रीवा जोन मौके पर पहुंच रहे हैं, साथ ही मैंने डीजी पुलिस को मौके पर पहुंचकर पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया है। इस तरह की अमानवीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना के सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। recent visitors 23

भोपाल से लाए गए 337 टन कचरे में से तीस टन कचरे का हुआ निपटान

इंदौर भोपाल से लाए गए 337 टन कचरे में से तीस टन कचरे का निपटान हो चुका है। इस दौरान हानिकारक गैसें ज्यादा नहीं निकली, लेकिन अभी कचरे की राख को लैंडफील नहीं किया गया है। उसे रामकी संयंत्र में ही सुरक्षित रखा गया है। तीनों ट्रायल रन की रिपोर्ट अब 27 मार्च को होने वाली जबलपुर हाईकोर्ट की सुनवाई में प्रस्तुत की जाएगी। तीन टन कचरे के बाद फिलहाल भस्मक बंद है। कोर्ट के निर्देशों के बाद फिर बचे कचरे के निष्पादन की कार्ययोजना तैयार होगी। उधर कचरा जलाने का विरोध कर रही पीथमपुर बचाअेां समिति का कहना है कि कचरा का क्लिनिकल ट्रायल होना चाहिए। कचरे को जलाने के बाद बची राख और निपटान के बाद भस्मक से डिस्चार्ज किए गए पानी की भी जांच के बारे में प्रदूषण नियंत्रण मंडल कुछ नहीं कह रहा। राख का निपटान कैसे होगा इस बारे में भी नहीं बताया जा रहा है। समिति के हेंमत कुमार हिरोले ने कहा कि समिति भी अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल से लाए गए कचरे में मर्करी भी है, जो घातक न्यूरोटाॅक्सिन है, लेकिन रिपोर्ट में उसकी मात्रा का जिक्र नहीं है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल का कहना है कि तीनों ट्रायल रन के दौरान निकली गैसों पर निगरानी रखी गई है। गैसों का उत्सर्जन तय मापदंडों के अनुरुप पाया गया है। कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जो निर्देश मिलेंगे। उसके आधार पर आगे कचरे का निपटान होगा। फिलहाल भस्मक में कचरा नहीं जलाया जा रहा है। recent visitors 27

मऊगंज जिले में युवक को पिटाई से बचाने गई पुलिस टीम पर लोगों ने किया हमला, ASI की हत्या, तहसीलदार सहित कई पुलिसवाले घायल

रीवा मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में एक युवक को पिटाई से बचाने गई पुलिस टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। लोगों की पिटाई से जहां युवक की मौत हो गई वहीं, लोगों के हमले में एक एएसआई की भी जान चली गई। लोगों के हमले में तहसीलदार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गड़रा गांव में आदिवासी परिवार ने एक युवक को बंधक बनाकर पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पाते ही उसे बचाने पहुंचे थाना इंचार्ज समेत पुलिस की टीम पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। लोगों के हमले में एक एएसआई की मौत हो गई है, जबकि तहसीलदार सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामला दो महीने पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है। हादसे में अशोक कुमार आदिवासी की मौत हो गई थी। आदिवासी परिवार ने इसे हादसा न मानते हुए सनी द्विवेदी नाम के युवक पर हत्या का आरोप लगाया था। आदिवासी परिवार ने सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर मार डाला। युवक की पिटाई की सूचना पर जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो लोगों ने पुलिसवालों पर हमला बोल दिया। कई पुलिसकर्मियों को भी आरोपियों ने बंधक बना लिया। घटना के बाद इस कदर बवाल मच गया कि मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रमनगरी के गड़रा गाव में 2 महीना पहले अशोक कुमार आदिवासी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आदिवासी परिवार के लोगों ने इसे हत्या बताते हुए सनी द्विवेदी पर हत्या का आरोप लगाया था। यह हादसा उस वक्त हुआ था जब तेज रफ्तार बाइक दो महीने पहले बने पुल से टकरा गई थी। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त वहां पर कोई मौजूद नहीं था। घटना के बाद से इस मामले में काफी गहमा गहमी चल रही थी। इसी बीच होली के त्योहार का फायदा उठाते हुए आदिवासी परिवार के लोगों ने सनी द्विवेदी को बंधक बना लिया। उसके बाद उसे कमरे के अंदर बंद करके जमकर पीटा गया। मामले की जानकारी लगने के बाद मौके पर शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय अपनी पुलिस टीम के साथ पहुंचे। स्थिति को बेकाबू देखकर थाना प्रभारी संदीप भारतीय ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इस घटना के बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पुलिस फोर्स के साथ कमरे को खुलवाया गया तो देखा कि युवक सनी द्विवेदी की मौत हो चुकी थी। इस पूरे मामले पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद एक बार फिर से बवाल मच गया। इस बवाल की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। जैसे ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कमरे के अंदर पहुंचे वैसे ही उन पर हमला कर दिया गया। आरोपियों ने डंडे और पत्थर बरसाए। इसमें एएसआई रामचरण गौतम की मौत हो गई, जबकि शाहपुर थाना प्रभारी संदीप भारतीय, तहसीलदार कुंवारे लाल पनिका, मऊगंज थाने में पदस्थ एएसआई बृहस्पति पटेल, एसडीओपी रीडर अंकित शुक्ला, जवाहर सिंह यादव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज लाया गया है। वहीं तहसीलदार को रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। recent visitors 28

फ्रांस की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी के अमेरिका के दरवाजे पर पहुंचने से हड़कंप मचा

ओटावा  फ्रांस की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी के अमेरिका के दरवाजे पर पहुंचने से हड़कंप मच गया है। फ्रांसीसी परमाणु पनडुब्बी को अमेरिका की सीमा से महज 480 किलोमीटर की दूरी पर देखा गया। फ्रांसीसी नौसेना की सफ्रेन श्रेणी की पनडुब्बी FS टूरविले इस सप्ताह की शुरुआत में कनाडा के हैलिफैक्स, नोवा स्कोटिया पहुंची। ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के विलय की धमकी दी थी। ऐसे में फ्रांसीसी पनडुब्बी के पहुंचने को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई। फ्रांस के प्रमुख अखबार ले पेरिसियन के अनुसार, एफएस टूरविले ने अटलांटिक पार का अपना दौरा रॉयल कैनेडियन नेवी के अपने पुराने पनडुब्बी बेड़े को नवीनीकृत करने की 60 अरब डॉलर की निवेश करने घोषणा के बाद किया है। नोवा स्कोटिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर माइक सैवेज के कार्यालय ने लिखा, 'फ्रांसीसी पनडुब्बी टूरविले का स्वागत करते हुए हमें खुशी हो रही है। सहयोगी और मित्र मिलकर काम कर रहे हैं। अपने प्रवास का आनंद लें।' ट्रंप की धमकियों का जवाब? ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दावों में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के जवाब के रूप में देखा गया। हालांकि, इन अफवाहों को खारिज कर दिया गया। फ्रांस और कनाडा ने सितम्बर में एक संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय तक ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान में ही थे। कनाडाई न्यूज चैनल ने सीटीवी के अनुसार, पनडुब्बी के 21 मार्च तक बंदरगाह में रहने की उम्मीद है। टूरविले की खासियत एफएस टूरविले 99 मीटर लंबी पनडुब्बी है, जो पानी में डूबने पर 5200 टन का विस्थापन करती है। यह 350 मीटर से अधिक गहराई तक गोता लगा सकती है। फ्रांसीसी पनडुब्बी एक परमाणु रिएक्टर से संचालित है और यह 25 समुद्री मील से अधिक की गति तक पहुंच सकती है। यह पनडुब्बी नेवी क्रूज मिसाइलों, F21 भारी वायर-गाइडेड टॉरपीडो और आधुनिक एक्सोसेट SM39 एंटी-शिप मिसाइलों से लैस है। फ्रांसीसी पनडुब्बी के बारे में कहा जाता है कि यह सभी महासागरों में काम करने के लिए उपयुक्त है और यह साल में 270 से ज्यादा दिन तक समुद्र में रह सकती है, जिससे इसका उपयोग खुफिया मिशनों के लिए किया जा सकता है। recent visitors 35

अभिनेत्री रन्या राव ने एक बार फिर DRI अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए

बेंगलुरु सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव (Ranya Rao) ने एक बार फिर डीआरआई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रन्या ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) अफसरों पर आरोप लगाया है कि उसे पूछताछ के दौरान कई बार थप्पड़ मारे गए, खाना नहीं दिया गया और DRI के अधिकारियों ने उसे खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया.रन्या राव की नई जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई. डीआरआई के अतिरिक्त महानिदेशक को लिखे पत्र में रन्या ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की बेटी कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 4 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. वह दुबई से 14.8 किलोग्राम सोना तस्करी कर लाने की कोशिश कर रही थीं. इस सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है. मुख्य जेल अधीक्षक के माध्यम से भेजा पत्र परप्पना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक के माध्यम से भेजे गए अपने पत्र में रन्या ने दावा किया कि उन्हें विमान के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया और डीआरआई ने उन्हें स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना हिरासत में ले लिया. रन्या ने कहा, "जब से मुझे हिरासत में लिया गया, तब से लेकर अदालत में पेश किए जाने तक, मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिन अधिकारियों को मैं पहचान सकती हूं, उन्होंने मुझे 1015 बार थप्पड़ मारे. बार-बार मारपीट के बावजूद, मैंने उनके द्वारा तैयार किए गए बयानों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया." पहले भी लगाए थे ये आरोप  इससे पहले जब रन्या को आर्थिक अपराध की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था तो अदालत ने रन्या से कई सवाल पूछे. अदालत ने एक्ट्रेस से पूछा कि क्या आपको किसी परेशानी का सामना करना पड़ा? तो एक्ट्रेस कोर्ट में ही रो पड़ीं और उन्होंने डीआरआई  अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया. इसके बाद कोर्ट ने रन्या से पूछा कि क्या आपको मेडिकल उपचार मिला है? इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेत्री ने कांपती आवाज़ में दावा किया कि उसे मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है. जज ने आगे सवाल किया कि बस इस सवाल का जवाब दें- क्या उन्होंने आपको चिकित्सा उपचार दिया या थर्ड-डिग्री पूछताछ की?. रान्या ने जवाब दिया, 'उन्होंने मुझे मारा नहीं, लेकिन उन्होंने मुझे बुरी तरह से गाली दी. इससे मुझे बहुत मानसिक परेशानी हुई है.' DRI ने आरोपों को किया खारिज वहीं, अदालत में एक्ट्रेस की पेशी के दौरान डीआरआई के छह से ज्यादा अधिकारी मौजूद थे. उन्होंने रन्या के दावे को खारिज करते हुए रन्या पर सवालों के जवाब ना देना और जांच में सहयोग ना करने का आरोप लगाया है. अदालती कार्यवाही के दौरान, जांच अधिकारी (आईओ) ने न्यायाधीश को सूचित किया कि रन्या को डीआरआई अधिकारियों द्वारा किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं किया गया है.   recent visitors 54

इंदौर में बढ़ेंगे प्रॉपर्टी के भाव, इन स्थानों पर दोगुना हो जाएंगे जमीनों के दाम

 इंदौर अगर आप भी इंदौर (Indore City) में प्रॉपर्टी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए हैं, 1 अप्रैल को शहरभर की कई लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की कीमतें सिर चढ़कर बोलेंगी। दरअसल यहां एक अप्रैल से कलेक्टर की नई गाइडलाइन जारी होगी। कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन की समिति की बैठक में बढ़ी हुई प्रॉपर्टी रेट का निर्धारण कर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी। जो एक अप्रैल से लागू होगी। सबसे महंगा हो सकता है इंदौर पिछले साल नवंबर में प्रस्तावित गाइडलाइन (Collector New Guideline) संशोधन नहीं हो सका था। ऐसे में इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रॉपर्टी के दामों में यह पिछले 4-5 वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि वाली गाइडलाइन होगी। सूत्रों के मुताबिक, आवासीय प्लॉटों की दरों में औसतन 30% तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। खेती की जमीनों की गाइडलाइन में 40% तक वृद्धि की संभावना है। 3100 लोकेशंस पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 500 नई कॉलोनियां जुड़ेंगी, पिछले साल तक जिले में 5000 से अधिक लोकेशंस/कॉलोनियां थीं, लेकिन डबल एंट्री और दो नाम वाली लोकेशनों को हटाकर संख्या 4650 कर दी गई। इनमें से 3100 लोकेशंस पर कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही, इस बार 500 नई कॉलोनियां पहली बार गाइडलाइन में जोड़ी जाएंगी। ये वे कॉलोनियां हैं, जो पिछले एक वर्ष में विकसित हुई हैं या अब तक गाइडलाइन सूची में शामिल नहीं की गई थीं। कई इलाकों में 100% तक वृद्धि संभव जानकारी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में 100 फीसदी तक गाइडलाइन वृद्धि प्रस्तावित है। इसमें आईटी पार्क चौराहा रिंग रोड से तेजाजी नगर बायपास, उमरियाखेड़ी (खंडवा रोड); सोनवाय (नए राष्ट्रीय राजमार्ग और बायपास के कारण); बिचौली हप्सी (एनएचएआई द्वारा नया बायपास घोषित होने के कारण)। इन गांवों में खेती की जमीनों की सरकारी दरें भी महंगी हो जाएंगी -ग्राम सोनगीर, हिंगोनिया खुर्द, नरलाय, टिगरिया बादशाह -कलारिया-धार रोड, भैंसलाय, बिसनावदा, कुमावत मोहल्ला-हातोद, पांडा-राऊ, लिंबोदागारी -कलारिया, गुर्दाखेड़ी, बांक, सिंदोड़ा, एयरपोर्ट रोड से सटे इलाके recent visitors 40

इंदौर का एमवाय अस्पताल में निम्न दरों पर आईवीएफ उपचार उपलब्ध कराने वाला मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनेगा

इंदौर उन्नत चिकित्सा उपचारों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाई अस्पताल) मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) सुविधा शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग की पृष्ठभूमि के लोगों को लाभ पहुंचाना है, जो निजी अस्पतालों में महंगे उपचार का खर्च नहीं उठा सकते। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा, "हमने प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे रोगियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आईवीएफ और अन्य संबंधित उपचारों के लिए एक समर्पित ओपीडी स्थापित करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि यह सुविधा डेढ़ महीने में आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी।" इस तरह की पहल की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. घनघोरिया ने कहा, "बहुत से लोग आईवीएफ के उच्च खर्च को वहन नहीं कर सकते और अपने बच्चे के जन्म की खुशी से वंचित रह जाते हैं। सरकारी अस्पताल में इस सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य उन्हें एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।" वर्तमान में, निजी अस्पतालों में आईवीएफ उपचार की लागत 2.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच है, जो कई लोगों की पहुंच से बाहर है। हालांकि, एमवाय अस्पताल द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से उपचार की लागत काफी कम हो जाएगी, जिससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होगी। सेंटर कॉलेज के अंतर्गत आने वाले एमटीएच अस्पताल में शुरू किया जाएगा। भोपाल से अनुमति मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला शासकीय अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा मिलेगी। संभागभर के निःसंतान दंपतियों को मिलेगा लाभ एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में संभागभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस सेंटर के खुलने से इंदौर के साथ ही संभाग के अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार आदि जिलों के मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। यह होता है आईवीएफ विशेषज्ञों के मुताबिक आईवीएफ में पुरुष और महिला दोनों की जांच के बाद प्रक्रिया शुरू होती है। पुरुष के सक्रिय शुक्राणु अलग किए जाते हैं, जबकि महिला के अंडे इंजेक्शन से निकालकर लैब में फ्रीज किए जाते हैं। अंडों पर सक्रिय शुक्राणु रखकर प्राकृतिक रूप से फर्टिलाइजेशन किया जाता है। तीसरे दिन भ्रूण तैयार होने पर उसे महिला के गर्भाशय में कैथिटर के जरिये स्थानांतरित किया जाता है। आईवीएफ गर्भधारण की एक कृत्रिम प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से पैदा हुए बच्चे को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। अभी बिना इलाज के लौट जाते हैं मरीज इंदौर शहर में अभी निजी क्षेत्र में करीब 30 आईवीएफ सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग पहुंचते हैं। यह प्रक्रिया महंगी होने के कारण कई लोगों को निराश लौटना पड़ता है। सरकारी स्तर पर सेंटर के खुलने पर गरीब और जरूरतमंद नि:संतान दंपती को सीधा फायदा होगा। तीन से चार महीने में शुरू हो जाएगा     हमने मेडिकल कॉलेज के एमटीएच अस्पताल में आईवीएफ सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे जो मरीज निजी क्षेत्र में महंगा इलाज नहीं ले पाते हैं, उन्हें सुविधा मिलेगी। उम्मीद है कि तीन से चार माह में यह शुरू हो जाएगा। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज   आयुष्मान कार्ड धारकों को भविष्य में मिलेगा लाभ एक बार जब आईवीएफ उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आ जाएगा, तो लाभार्थी योजना की सीमा के भीतर लागत पर एमवाय अस्पताल में उपचार प्राप्त कर सकेंगे। डॉ. घनघोरिया ने कहा कि इससे पात्र परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा। आईवीएफ क्या है? इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, जिसे IVF भी कहा जाता है, प्रक्रियाओं की एक जटिल श्रृंखला है जो गर्भधारण का कारण बन सकती है। यह बांझपन का इलाज है, जो कि अधिकांश जोड़ों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें वे कम से कम एक साल तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। IVF का उपयोग बच्चे को आनुवंशिक समस्याओं के संक्रमण को रोकने के लिए भी किया जा सकता है। IVF के दौरान, परिपक्व अंडों को अंडाशय से एकत्र किया जाता है और प्रयोगशाला में शुक्राणु द्वारा निषेचित किया जाता है। फिर एक प्रक्रिया में निषेचित अंडों में से एक या अधिक को, जिन्हें भ्रूण कहा जाता है, गर्भाशय में रखा जाता है, जहाँ बच्चे विकसित होते हैं। IVF के एक पूरे चक्र में लगभग 2-3 सप्ताह लगते हैं। कभी-कभी, इन चरणों को आगे विभाजित किया जाता है और प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।   recent visitors 38