एनसीएल ने सिंगरौली का कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया, 20000 से अधिक घरों की 2032 तक है शिफ्टिंग की तैयारी

सिंगरौली  मध्य प्रदेश का एक शहर इतिहास बन जाएगा। हरसूद की तरह अब सिंगरौली जिले के मोरवा में सबसे बड़ा विस्थापन होगा। करीब 20000 से अधिक मकान शहर में तोड़े जाएंगे क्योंकि यहां कोल का अकूत भंडार मिला है। इसे लेकर NCL (नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड) ने एक मास्टर प्लान बनाया है। इस प्लान के तहत, कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए मोरवा को हटाया जाएगा। एमपी का होगा सबसे बड़ा विस्थापन यह विस्थापन 2032 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसमें NCL का मुख्यालय और आवासीय कॉलोनी भी शामिल है। कंपनी अगले दस सालों में यहां से कोयला उत्पादन शुरू करना चाहती है। इस प्लान को कोल इंडिया के बोर्ड से भी मंजूरी मिल गई है। इसलिए, मोरवा को अब कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बड़ा झटका होगा यह NCL का मास्टर प्लान सिंगरौली के लिए एक बड़ा झटका है। इससे लगभग एक लाख लोग विस्थापित होंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, मोरवा में लगभग 20 हजार मकान हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा नगरीय विस्थापन माना जा रहा है। यह विस्थापन कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। NCL मुहेर सब बेसिन को सिंगरौली मेन बेसिन में मिलाकर तेजी से कोयला खनन करना चाहता है। 2202 वर्ग किमी में फैला है कोल फील्ड्स सिंगरौली कोल फील्ड्स 2202 वर्ग किमी में फैला है। मुहेर सब बेसिन 312 वर्ग किमी में है, जबकि सिंगरौली मेन बेसिन 1890 वर्ग किमी में फैला है। अभी तक कोयला खनन सिर्फ मुहेर सब बेसिन में ही हो रहा है। लेकिन मास्टर प्लान में पूरे कोल फील्ड्स में खनन की तैयारी है। इसके लिए वार्ड क्रमांक 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 और 10 की कुल 1485 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके चलते 20 हजार मकान टूटेंगे। मुआवजा मिलेगा वहीं, मोरवा के विस्थापितों को मुआवजा दिया जाएगा। यह 35000 करोड़ रुपए तक हो सकता है। अब देखना होगा कि यह बसे परिवारों को कहां बसाया जाएगा। विस्थापित होने वाले लोगों के साथ कोल इंडिया बात कर, उसकी प्लानिंग कर रही है। recent visitors 40

मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए निवेश की बढ़ी संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यह प्रदेश उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के व्यापार मार्गों को सुविधाजनक रूप से जोड़ते हुए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में की जा रही रणनीतिक पहलों से मध्यप्रदेश अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूरे भारत की आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के हब के रूप में उभर रहा है। अपनी भौगोलिक स्थिति, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण यह प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। बेहतर सड़कों और कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का तेज़ी से विस्तार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण फ्रेट कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। इंदौर और भोपाल में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) व्यापार को आसान और लागत प्रभावी बना रहे हैं। हवाई मार्ग से निर्यात और उद्योग को नई गति प्रदेश के छह प्रमुख हवाई अड्डों पर एयर कार्गो सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी ताकत मिल रही है। रीवा हवाई अड्डे के चालू होने से व्यापार और औद्योगिक परिवहन को नई रफ्तार मिली है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और खाद्य प्र-संस्करण जैसे उद्योगों को अब कम समय में बेहतर लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। डिजिटल तकनीक से लॉजिस्टिक्स और बिजनेस में आई ट्रांसपेरेंसी प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रणाली व्यापारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से पारदर्शी और कुशल लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब में स्मार्ट वेयरहाउसिंग, ऑटोमैटेड ट्रैकिंग और डिजिटल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का गहरा तालमेल देखने को मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी आईआईटीवीयूएल जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 औद्योगिक गलियारे और 20 स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत नीति और प्रोत्साहन मध्यप्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। निश्चित पूंजी निवेश पर 30% तक की वित्तीय सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए अनुदान जैसी योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आईजीबीसी प्रमाणन प्राप्त इकाइयों को अतिरिक्त रियायतें दे रही है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसरों का केंद्र प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, उन्नत तकनीक और उद्योग अनुकूल नीति इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल कर रही है। सरकार के स्पष्ट विजन और विकास रणनीति के चलते यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।   recent visitors 43

पुरुषों के मुकाबले महिलाएं तेज़ी से हो रही हैं मोटापे का शिकार,हरियाणा में 21% महिलाओं में ये समस्या

नई दिल्ली भारत के दक्षिणी राज्यों की महिलाओं में मोटापा (ओबेसिटी) तेजी से बढ़ रहा है। इसके लिए हैदराबाद की काउंसिल ऑफ सोशल डेवलपमेंट ने एक स्टडी भी की है। रिसर्चर्स का कहना है कि तमिलनाडु में सबसे ज्यादा महिलाएं मोटापे की शिकार हैं। वहीं, तेलंगाना में सबसे कम औरतें मोटापे के दायरे में आती हैं। 120 जिलों की महिलाओं पर स्टडी इस शोध के लिए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) 4 और 5 के डेटा की तुलना की गई। यह आंकड़े 2019 से 2021 तक के थे। स्टडी में 15 से 49 साल की महिलाओं की जानकारी का आकलन किया गया। इसके लिए तेलंगाना के 31 जिले, कर्नाटक के 30, आंध्र प्रदेश के 13, केरल के 14 और तमिलनाडु के 32 जिले शामिल किए गए।  चंडीगढ़ की महिलाएं उत्तर भारत में सबसे ज्यादा मोटापे की शिकार हैं। खराब लाइफस्टाइल के कारण चंडीगढ़ में 41%, पंजाब में 31 व हरियाणा में 21% महिलाओं में मोटापे की समस्या है। इन आंकड़ों को पंजाब यूनिवर्सिटी के डॉ. एसएसबी यूआईसीईटी ऑडिटोरियम में नीति आयोग के सदस्य व मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर विनोद पाल ने शेयर किया। वे पीयू में क्लोकियम सीरीज के तहत पंहुचे थे। 60% फीमेल व 30% मेल में हीमोग्लोबिन की कमी : डॉ. पॉल ने कहा कि चीन की औसत उम्र 37 व जापान की 48 है। भारत की औसत आयु 29 साल है और लगभग आधों की उम्र 25 से नीचे है। देश के निर्माण करने वाली इस आबादी की सेहत चिंता का विषय है। 60% फीमेल और 30% मेल में हीमोग्लोबिन की कमी है। जिससे दौरे पड़ना, डिप्रेशन, टांगों में दर्द, जल्दी ठंड लगना, बालों का गिरना व नाखूनों का टूटना आदि समस्याएं होती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए रेगुलर टेस्ट व मेडिकेशन जरूरी है। 18 से 30 की उम्र के 9 प्रतिशत युवा टेंशन के शिकार : चंडीगढ़ में हुए सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि  करीब 45 फीसदी किशोरों में साइकोलॉजिकल समस्याएं पाई गई हैं। लगभग ढाई हजार स्टूडेंट्स पर किए गए सर्वे का नतीजा बताता है कि छह फीसदी स्टूडेंट्स को आत्महत्या के ख्याल आते हैं और 0.39 यानी आठ स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की कोशिश भी की। इस टेंशन का बड़ा कारण रहा क्लास और पढ़ाई का बर्डन, मां का कामकाजी होना, पढ़ाई, पीयर प्रेशर, भविष्य और पेरेंट्स के साथ रिश्ता। यूजीसी की रिपोर्ट कहती है कि 18 से 30 की उम्र में 9 परसेंट युवा टेंशन के शिकार हैं। उन्होंने इसके लिए परिवार को ऐसी समस्याओं से बचाने के कुछ साइन भी बताए। चंडीगढ़ की 41.4 फीसदी महिलाएं मोटापे की शिकार हैं, एक-तिहाई पुरुष मोटापे के शिकार हैं, 10 फीसदी महिलाएं और 13 फीसदी पुरुष हाइपरटेंशन के शिकार हैं। रिसर्चर्स ने पाया कि तमिलनाडु की महिलाओं में मोटापा 9.5% बढ़ा है। साथ ही कर्नाटक और केरल में यह आंकड़ा 6.9% और 5.7% है। तेलंगाना में मोटापे से जूझ रही महिलाओं में इजाफा सबसे कम 2% पर है। पुरुषों से ज्यादा मोटी हैं महिलाएं स्टडी में यह भी पाया गया कि राष्ट्रीय स्तर पर लगभग एक चौथाई महिलाएं (24%) मोटापे का शिकार हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा थोड़ा कम (22.9%) है। शोध ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में रह रही औरतों की भी तुलना की। नतीजे कहते हैं कि शहरों में रह रही महिलाएं ज्यादा मोटी हैं। मुस्लिम महिलाओं में मोटापा ज्यादा स्टडी के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा 31.2% क्रिश्चियन महिलाएं मोटापे से ग्रस्त हैं। हालांकि, दक्षिणी राज्यों की बात करें तो यहां मुस्लिम महिलाओं में मोटापा ज्यादा है। रिसर्चर्स के अनुसार यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि राष्ट्रीय औसत के मुकाबले दक्षिणी राज्यों में मोटापा कहीं ज्यादा है। शोध में जाति के आधार पर भी महिलाओं में मोटापे को एनालाइज किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर मोटापा अदर्स में 29.6%, अदर बैकवर्ड क्लास में 24.6%, शिड्यूल्ड कास्ट में 21.6% और शिड्यूल्ड ट्राइब में 12.6% है। नेशनल लेवल पर महिलाओं में मोटापा 3.3% बढ़ गया है। WHO के अनुसार मोटापा क्या है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मोटापा ऐसी कंडीशन होती है, जिसमें हमारे शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। इससे कई गंभीर बीमारियां, जैसे हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज, होने का रिस्क बढ़ता है। जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 से ज्यादा होता है, उन्हें ओवरवेट कहा जाता है और जिनका BMI 30 से ज्यादा होता है, उन्हें ओबीस (मोटा) कहा जाता है। BMI एक मेट्रिक सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल इंसान के ज्यादा और कम वजन को मापने के लिए किया जाता है। recent visitors 38

मुंबई इंडियंस को आगामी सीजन में बड़ा झटका लग सकता है, जसप्रीत बुमराह शुरुआती मैचों से हो सकते हैं बाहर

मुंबई मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से कुछ दिनों से क्रिकेट के मैदान से बाहर हैं। बुमराह कमर की चोट के कारण चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे। मुंबई इंडियंस को आगामी सीजन में बड़ा झटका लग सकता है। टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह कमर की चोट के कारण शुरुआती कुछ मैचों से बाहर हो सकते हैं। बुमराह को ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पांचवें मैच में चोट लगी थी। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक जसप्रीत बुमराह के आईपीएल 2025 से पहले फिट होने पर संशय है और वह टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों से बाहर हो सकते हैं। बुमराह करीब दो सप्ताह तक आईपीएल से दूर रह सकते हैं। एक बीसीसीआई ने सूत्र ने कहा, ''बुमराह की मेडिकल रिपोर्ट ठीक है। उन्होंने एनसीए में गेंदबाजी फिर से शुरू कर दी है। हालांकि इसकी संभावना कम है कि वह अगले दो सप्ताह में आईपीएल की शुरुआत में गेंदबाजी कर पाएंगे।'' सूत्र ने कहा, ''शमी और बुमराह आईपीएल में कैसे खेलते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा। शमी लगातार निगरानी में हैं। अगर चयनकर्ता दोनों को दो या तीन टेस्ट के लिए साथ ले आएं तो ये आदर्श स्थिति होगी। हालांकि टीम मैनेजमेंट इन गेंदबाजों को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं कर रहा।'' पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए हैं। उनके स्थान पर चयन समिति ने हर्षित राणा को नामित किया है। उल्लेखनीय है कि बुमराह को 18 जनवरी को घोषित चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए भारत की 15 सदस्यीय प्रारंभिक टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल सके। बुमराह ने आखिरी मैच जनवरी की शुरुआत में सिडनी टेस्ट के दौरान खेला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में वह गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। उन्हें पीठ में जकड़न की शिकायत थी। जिसके बाद उन्हें पांच हफ्ते का आराम दिया गया था। recent visitors 47

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का होगा आरंभ, आठ दिन का रहेगा पर्वकाल

भोपाल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। तिथि मतांतर से इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। खास बात यह है कि महापर्व के दौरान चार दिन रवियोग तथा तीन दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग रहेगा। साधना, आराधना की दृष्टि से यह योग बेहद महत्वपूर्ण है। इन योगों में की गई साधना साधक, आराधक को शुभ व मनोवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को रविवार के दिन वासंती नवरात्र का आरंभ होगा।   सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और बढ़ी इस दिन रेवती नक्षत्र, बव करण तथा मनी राशि उपरांत मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के इन पांच अंगों की मौजूदगी में घट स्थापना का अनुक्रम रहेगा। रेवती पंचक का नक्षत्र है, ऐसे में नवरात्र में की गई देवी की साधना, आराधना पांच गुना शुभफल प्रदान करेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला मना गया है। रेवती नक्षत्र से आरंभ साधना 5 गुना शुभ फल प्रदान करेगी इस बार नवरात्र का आरंभ और रेवती नक्षत्र में होने से यह विशेष फल प्रदान करेगी क्योंकि रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र माना जाता है। पांचवां नक्षत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है, तो विशेष कल्याणकारी माना गया है। अलग-अलग प्रकार के धर्म ग्रंथो में विशेष कर मुहूर्त चिंतामणि में इसका उल्लेख दिया गया है। इस दृष्टि से भी नवरात्र के दौरान की गई साधना विशेष फल प्रदान करेगी। तिथि का क्षय होने से 8 दिन की नवरात्रि इस बार नवरात्र आठ दिनों के रहेंगे। अलग-अलग पंचांगों में तिथि को लेकर के अलग-अलग प्रकार की गणना में बताया गया है। कुछ पंचांगों में तृतीया, कुछ पंचांग में द्वितीया तथा कुछ पंचांग में तृतीया व चतुर्थी संयुक्त दी गई है। इस दृष्टि से गणना का अलग-अलग प्रभाव दिया गया है। वर्षभर में चार नवरात्र विशेष पं.डब्बावाला ने बताया देवी की साधना, आराधना के लिए वर्षभर में चार नवरात्र विशेष माने गए हैं। इनमें दो प्राकट्य व दो गुप्त नवरात्र बताए हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। वहीं माद्य व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहे गए हैं। लोकमान्यता में चैत्र नवरात्र बड़ी नवरात्र है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ का दिन है। उज्जैन के लिए यह नवरात्र विशेष है, क्योंकि इसी दिन नगर दिवस भी मनाया जाता है। हरसिद्धि में प्रज्वलित होगी दीपमालिका देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्र में देवी का नित नया श्रृंगार होगा। शाम को गोधूलि वेला में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त माता गढ़कालिका की कुमकुम पूजा करेंगे। शहर के अन्य देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा। recent visitors 45

1 अप्रैल से तीर्थनगरी ऋषिकेश में खोले गए शराब के डिपार्टमेंटल स्टोर बंद करने की CM पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणा

 ऋषिकेश उत्तराखंड सरकार ने धार्मिक स्थलों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए तीर्थनगरी ऋषिकेश और हरिद्वार में सरकार द्वारा आवंटित किए गए शराब बिक्री के डिपार्टमेंटल स्टोर (ग्रोसरी) आगामी 1 अप्रैल के बाद बंद किए जाने का निर्णय लिया है। इसके चलते अब तीर्थनगरी क्षेत्र में खुली शराब की ग्रोसरी (डिपार्टमेंटल स्टोर) कल्चर समाप्त हो जाएगा। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डा० प्रेमचंद अग्रवाल ने धार्मिक स्थलों की अस्मिता को बचाए रखने के लिये मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी के समक्ष अपने मन की बात रखी थी। जिसका संज्ञान लेते हुए कैबिनेट में 31 मार्च 2025 के बाद ऋषिकेश और हरिद्वार के डिपोर्टमेंटल स्टोर्स (ग्रोसरी) को बंद करने का निर्णय लिया गया है। वहीं कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी को बंद कराने के लिए पुलिस के आलाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल इसे रोकने के लिए निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने ऋषिकेश स्थित कैंप कार्यालय में पुलिस और आबकारी के अधिकारियों को बुलाकर क्षेत्र में हो रही अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री पर नाराजगी जाहिर करते हुए शराब बिकने वाले जगहों की लिस्ट दिखाते हुए पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने नियमित रूप से अवैध शराब और नशा बिक्री पर कार्रवाई की बात कही। इस पर मंत्री डॉक्टर अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि सोशल मीडिया में आए दिन अवैध रूप से शराब और अन्य नशा बिक्री की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में पुलिस की अवैध मादक पदार्थों पर कार्रवाई संदेहास्पद लग रही है। वहीं उन्होंने बताया कि आज नगर क्षेत्र में अवैध शराब की होम डिलीवरी तक हो रही है। युवा का भविष्य चरस, गांजे, अफीम जैसे अन्य मादक पदार्थों की चपेट में आकर खत्म हो रहा है। जिस पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि जिस पुलिस चौकी के कार्यक्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री होगी। संबंधित क्षेत्र के चौकी प्रभारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसपी देहात जया बलूनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी संदीप नेगी, ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह खोलिया, आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट, थाना प्रभारी रायवाला बीएल भारती, थाना प्रभारी रानीपोखरी विकेंद्र कुमार, एसएसआई विनोद कुमार, चौकी प्रभारी नवीन डंगवाल, मनोज रावत, विनय शर्मा, एलआईयू से विपिन गुसाईं आदि उपस्थित रहे। recent visitors 36

26 मार्च को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के लिए साक्षात्कार: 114 आवेदनकर्ताओं ने आवेदन किया प्रस्तुत, 33 लोगों को किया आमंत्रित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 26 मार्च को साक्षात्कार बुलाया गया है. अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 114 आवेदनकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत किया है. सर्च समिति ने आवेदनों की प्रारंभिक स्क्रूटनी के बाद 33 लोगों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया है. उच्चतम न्यायालय द्वारा 7 जनवरी 2025 को जारी निर्देश के अनुसार, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों के संबंध में मापदण्ड तय कर परीक्षण कर अनुशंसा देने के लिए गठित सर्च कमेटी की 5 मार्च को बैठक हुई. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हुई बैठक में निहारिका बारिक, सोनमणि बोरा और अविनाश चम्पावत उपस्थित हुए. बैठक में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 114 आवेदनकर्ताओं से प्राप्त आवेदन की प्रारंभिक स्क्रूटनी की गई. समिति ने आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण विधि विज्ञान और प्रोद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंध, पत्रकारिता, जनसंपर्क या प्रशासन और शासन में 30 वर्ष या उससे अधिक अनुभव वाले 65 वर्ष से कम आयु के आवेदनकर्ताओं को ही 26 मार्च को नवा रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करना का फैसला लिया. साक्षात्कार के लिए जिन्हें आमंत्रित किया आलोक चंद्रवंशी, अमिताभ जैन, अमृत, आनंद ए वर्गिस, अशोक जुनेजा, धनवेन्द्र जयसवाल, दुर्गेश माधव अवस्थी, घनाराम साहू, केदार नाथ शर्मा, ललित कुमार सोनी, मनोज राय, नरेंद्र बंगाले, नरेन्द्र कुमार शुक्ल, प्रदीप शर्मा, प्रह्लाद कुमार निषाद, प्रमोद ब्रह्मभट्ट, राजेंद्र प्रसाद मंडल, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव, रजनीश चंद्राकर, रूद्र अवस्थी, संदीप कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार पांडे, संजय कुमार अलंग, संजय पिल्ले, संतोष कुमार शर्मा, सरनजीत कौर, सुरेंद्र कुमार पांडे, सुरेंद्र कुमार, त्रिलोक चंद महावर, उमेश कुमार अग्रवाल, विवेक लांडे, विवेक वार्ष्णेय recent visitors 37