थ्रीइएमइ सेंटर में एक मेजर से निवेश के नाम पर 14.40 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई

बैरागढ़  बैरागढ़ स्थित थ्रीइएमइ सेंटर में एक मेजर से निवेश के नाम पर 14.40 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। मेजर को इंग्लैंड के एक नंबर से वाट्सएप ग्रुप पर जुड़ने के लिए लिंक आया था। वे ग्रुप में जुड़े तो उन्हें भारी मुनाफे का लोभ दिया गया, जिसमें फंसकर उन्होंने एक फर्जी एप डाउनलोड कर लिया और 24 लाख रुपये निवेश कर दिए। ठगों ने भरोसा जीतने के लिए पहले उनके 10 लाख रुपये तो बैंक खाते में लौटा दिए, लेकिन बाकि की राशि निकालने का प्रयास किया तो उन्हें आइपीओ आवंटन के जाल में फंसा दिया। मेजर की शिकायत पर भोपाल साइबर सेल ने प्रकरण दर्ज किया है। आईपीओ के जरिए 60 लाख रुपये और ऐंठने की फिराक में थे ठग     पुलिस के अनुसार मूलत: पंजाब के पठानकोट के रहने वाले 35 वर्षीय आशीष चौधरी पिता कुलदीप राज थ्रीइएमइ सेन्टर बैरागढ में मेजर के रूप में पदस्थ हैं।     पिछले वर्ष अप्रैल में उन्होंने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज की थी। जिसमें बताया गया कि उन्हें इंग्लैंड के एक नंबर से उनके वाट्सएप पर निवेश के एक ग्रुप से जुड़ने का लिंक आया था।     मेजर ने बताया कि उस ग्रुप में पहले से कई सदस्य जुड़े थे। ग्रुप में बताया गया कि हमारे एप के जरिए निवेश करें, हम आपको बताएंगे किन शेयरों में निवेश करना है।     इससे आपको भारी मुनाफा होगा और उसमें से 30 प्रतिशत का हिस्सा देना होगा।     उन्होंने पहले 16 लाख रुपये डाले। कुछ समय बात मेजर ने उसमें से 10 लाख रुपये बैंक में ट्रांसफर कर लिए। इससे उन्हें एप पर भरोसा हो गया।     मेजर ने एक बार फिर एप में 15 लाख रुपये डालने की कोशिश की, लेकिन बैंक लिमिट होने के कारण उसमें 10 लाख रुपये ही डाल सके।     बाद में उनके स्वजनों ने फ्राॅड एप की जानकारी दी तो मेजर ने रुपये निकाले, लेकिन 1.60 लाख रुपये ही निकाल सके।     उन्होंने एप के संचालकों से संपर्क किया तो बताया गया कि आपके नंगर पर 60 लाख रुपये के आइपीओ शेयर आवंटित किए गए हैं, जिसके बाद मेजर ने एप डिलीट किया और पुलिस को शिकायत की।     निवेश के नाम पर यदि कोई मोटे मुनाफे का लालच देता है तो उस पर विश्वास न करें। पहले कंपनी और एप के बारे में पुख्ता जानकारी लें। साइबर सेल लगातार एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक कर रही है। जो भी ठगी के मामले आ रहे हैं, पुलिस उनमें प्रकरण दर्ज कर आरोपितों को पकड़ रही है। सुजीत तिवारी, एसीपी साइबर क्राइम   recent visitors 32

मध्य प्रदेश में शुरू हुए गर्मी के तीखे तेवर, कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का असर, दिन का तापमान 40 डिग्री पहुंचने की संभावना

भोपाल हवाओं का रुख लगातार उत्तरी बना रहने से प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेश में दिन का सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। रात का सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 12.3 डिग्री सेल्सियस पर रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, धूप के तेवर और तीखे होने की संभावना है। गुरुवार को दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी अफगानिस्तान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि हवाओं का रुख पश्चिमी एवं उत्तर-पश्चिमी बना हुआ है। मध्य प्रदेश के आसपास के राज्यों में तपिश लगातार बढ़ रही है। वहां से लगातार आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को भी गर्मी के तेवर कुछ और तीखे हो सकते हैं। होली के बाद हर दिन तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। दिन में बेचैन कर रही गर्मी, रात का पारा भी बढ़ा ग्वालियर से खबर है कि गर्मी ने दिनभर लोगों को बेचैन किया। बिना पंखा चलाए बैठने में गर्माहट महसूस हुई, इसके अलावा अब ठंडे पानी से ही प्यास बुझ पा रही है। वहीं रात के तापमान में भी उछाल का सिलसिला जारी है। पारा 17 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। जम्मू-कश्मीर में लगातार पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े से ही उत्तरी हवाओं के आने का सिलसिला थमा हुआ है। गत नौ मार्च को सक्रिय हुए विक्षोभ के कारण हवाओं का रुख पश्चिमी हो गया है और राजस्थान की ओर से गर्म हवाएं आ रही हैं। ये क्रम बुधवार को भी जारी रहा। सुबह साढ़े 11 बजे ही पारा 33.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। recent visitors 24

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नियमित जाँच और अंगदान को बढ़ावा देने का किया आह्वान

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी रोगों से बचा जा सकता है। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से किडनी रोगों के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के प्रमुख कारण हैं। इसके नियंत्रण के लिए समय पर जांच और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीने से बचें। अपने आहार में किडनी के लिए अनुकूल फल और सब्जियाँ शामिल करें और भोजन में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और मसालों का प्रयोग करें। नियमित रूप से व्यायाम करें और धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें। साथ ही, चीनी और नमक के अधिक सेवन से परहेज करें ताकि किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित न हो। वर्तमान वर्ष में अब तक 1 लाख 76 हज़ार से अधिक डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सभी नागरिकों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार किडनी रोगियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और डायलिसिस सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 67 डायलिसिस इकाइयाँ कार्यरत हैं। इनमें 325 डायलिसिस मशीनों से मरीजों को राहत प्रदान की जा रही है। अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक 5058 मरीजों ने इन सेवाओं का लाभ लिया, और इस अवधि में 1,76,975 डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। सभी शासकीय चिकित्सालयों में गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन वीडियो मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे राज्य स्तर से सभी डायलिसिस इकाइयों पर निगरानी रखी जा रही है। रोकथाम और प्रारंभिक पहचान पर जोर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त सभी मरीजों की नियमित सीकेडी जांच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इस बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में पहचाना और नियंत्रित किया जा सके। सभी चिकित्सकों को भी इस विषय में जागरूक किया जा रहा है कि वे उच्च जोखिम वाले मरीजों की समय पर पहचान कर उचित मार्गदर्शन दें।उन्होंने नागरिकों से अंगदान को अपनाने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार अंग प्रत्यारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं पर कार्य कर रही है, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को नया जीवन मिल सके। किडनी विकारों के कारण और बचाव दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन: दर्द कम करने वाली एनएसएआईडी और एनाल्जेसिक दवाएं अत्यधिक उपयोग से किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बिना चिकित्सक की सलाह के इनका लंबे समय तक सेवन न करें। अधिक नमक का सेवन: ज्यादा नमक या सोडियम युक्त आहार से रक्तचाप बढ़ता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक की जगह जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग करें। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ: अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड में सोडियम, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा अधिक होती है। इससे किडनी रोग का खतरा 24% तक बढ़ सकता है। इनकी जगह ताजा और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ अपनाएं। कम पानी पीना: शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न होने से किडनी विषाक्त पदार्थों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे क्षति का खतरा बढ़ जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, खासकर गर्म मौसम में या अधिक शारीरिक गतिविधि करने पर। नींद की कमी: अच्छी नींद संपूर्ण स्वास्थ्य और किडनी के सुचारू कार्य के लिए आवश्यक है। नींद-जागने का चक्र किडनी के कार्य भार को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर में संतुलन बना रहता है। अत्यधिक मांस का सेवन: प्रोटीन जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में मांस खाने से किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। संतुलित आहार का पालन करें और अपनी प्रोटीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखें। अत्यधिक चीनी खाना: अधिक चीनी मोटापे को बढ़ाती है, जिससे उच्च रक्तचाप और मधुमेह का खतरा बढ़ता है। ये दोनों किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं। धूम्रपान: धूम्रपान न केवल हृदय और फेफड़ों के लिए बल्कि किडनी के लिए भी हानिकारक है। धूम्रपान करने वालों में मूत्र में प्रोटीन बढ़ने की संभावना अधिक होती है, जो किडनी खराबी का संकेत हो सकता है। अत्यधिक शराब सेवन: ज्यादा शराब पीने से किडनी के कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है और रक्तचाप बढ़ सकता है, जो किडनी रोग का प्रमुख कारण है। निष्क्रिय जीवनशैली: नियमित व्यायाम से वजन, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखा जा सकता है, जिससे किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें और शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।   recent visitors 35

पाक सेना ने ट्रेन हाईजैक के सभी बंधक छुड़ाए, 24 घंटे चला ऑपरेशन

कराची पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बुधवार रात 9:30 बजे ट्रेन हाईजैक खत्म होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराया है।उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में कुछ बंधक भी मारे गए हैं। बाकी सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने कई विद्रोहियों को नरक भेज दिया है। न्यूज एजेंसी AFP ने पाकिस्तान आर्मी के हवाले से बताया है कि ट्रेन में यात्रा कर रहे 27 ऑफ ड्यूटी पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि 1 सैनिक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मारा गया। जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा है कि उसने दो दिन में 100 पाकिस्तानी सैनिक मार गिराए हैं। ट्रेन हाईजैक ऑपरेशन लगभग 36 घंटे चला। इसमें 450 लोगों को बंधक बनाया गया था। पाकिस्तानी आर्मी अफसर ने बताया कि 346 बंधकों को छुड़ा लिया गया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि हमने महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ा लिया है. 212 यात्रियों को बीएलए के चंगुल से छुड़ाया है. विद्रोहियों इस ऑपरेशन में 21 बंधकों की मौत हुई है और सभी 33 विद्रोहियों को मार गिराया है. इससे पहले बीएलए ने 150 से ज्यादा बंधकों को रिहा कर दिया था. 10 पाइंट्स में समझिए अब तक क्या क्या हुआ…     बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कल दोपहर 1 बजे बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला कर 450 यात्रियों को बंधक बनाया।     BLA ने जेल में बंद बलूच कार्यकर्ताओं, राजनैतिक कैदियों, गायब लोगों, लड़ाकों और अलगाववादियों की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।     हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पैसेंजर्स की रिहाई के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लड़ाकों पर ड्रोन और हेलिकॉप्टर से हमला किया।     पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि हम ऐसे जानवरों से कोई समझौता नहीं करेंगे, जिन्होंने बेकसूर यात्रियों पर गोलीबारी की।     पाकिस्तानी सेना ने सुबह 150 बंधकों को छुड़ाने की बात कही, शाम होते तक 190 बंधकों को रिहा करने की बात कही।     सेना के अफसर ने बताया विद्रोही विस्फोटक से लदे आत्मघाती जैकेट पहने हुए हैं, इससे बाकी बंधकों को रिहा कराने में मुश्किल हो रही है।     पाक सरकार की तरफ से 200 ताबूत क्वेटा भेजे गए। बताया गया कि ये ताबूत प्रोटोकॉल के तहत भेजे गए हैं।     BLA ने दावा किया कि हमले में 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। हालांकि सेना ने अब तक इतनी मौतों की पुष्टि नहीं की।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मारे गए लोगों के लिए संवेदना जाहिर की। बताया कि इस ऑपरेशन में दौरान दर्जनों आतंकवादी मारे गये हैं।     पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि 33 बलूच लड़ाके मारे गए हैं और सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। BLA ने कैसे दिया हमले को अंजाम? पाकिस्तान के क्वेटा से जाफर एक्सप्रेस मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी. इस ट्रेन को दोपहर 1.30 बजे सिब्बी पहुंचना था. लेकिन बोलान के माशफाक टनल में हमला हुआ. ट्रेन जहां से गुजर रही थी, वह पहाड़ी इलाका है. यहां 17 सुरंगें हैं, जिस कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी करना पड़ी, जिसका फायदा उठाकर बीएलए ने माशफाक में टनल नंबर-8 को उड़ा दिया. इससे ट्रेन बेपटरी हो गई और ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था. इस हमले को BLA ने पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था. BLA के लड़ाके पहले से ही घात लगाकर बैठे थे. हमले के लिए BLA ने अपने सबसे घातक लड़ाके मजीद ब्रिगेड और फतेह को तैयार किया था. पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए थे. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया था. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. हाईजैक हुई ट्रेन बोलन दर्रे में खड़ी हुई थी. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. recent visitors 39

तमिलनाडु सरकार ने बजट 2025 से आधिकारिक रुपया प्रतीक ‘₹’ हटाया

चेन्नई भाषा को लेकर तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच जारी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने राज्य के बजट से आधिकारिक रुपये (₹) का सिंबल बदलकर तमिल भाषा में कर दिया है। स्टालिन सरकार ने तमिलनाडु के बजट से '₹' का सिंबल हटाकर उसे 'ரூ' सिंबल से रिप्लेस कर दिया है। वह सिंबल तमिल लिपि का अक्षर 'रु' है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने नेशनल करेंसी सिंबल को अस्वीकार कर दिया है। पूरे देश में रुपये को सिंबल ₹ को आधिकारिक तौर पर अपनाया जाता है। लेकिन तमिलनाडु सरकार अलग सिंबल लेकर आ गई है।  DMK नेता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, "हमने रुपये के लिए तमिल शब्द रखा है। यह कोई टकराव नहीं है। इसमें कुछ भी अवैध नहीं है। हम तमिल को प्राथमिकता देंगे, इसीलिए सरकार ने यह कदम उठाया।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने उनसे सिर्फ़ तमिल को उचित रूप से बढ़ावा देने के लिए कहा है। तमिलनाडु शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लोग यहां से उत्तर भारत की ओर नहीं जा रहे हैं। वे अमेरिका और ब्रिटेन जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इसे पचा नहीं पा रही है।" सिंबल बदलने पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तमिलनाडु सरकार पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने गुरुवार को कहा, "उदय कुमार धर्मलिंगम एक भारतीय शिक्षाविद और डिजाइनर हैं, जो डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं, जिन्होंने भारतीय रुपये (₹) का चिह्न डिजाइन किया था, जिसे भारत ने स्वीकार किया था। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन तमिलनाडु बजट 2025-26 दस्तावेज से ₹ ​​चिह्न हटाकर तमिलों का अपमान कर रहे हैं। कोई कितना हास्यास्पद हो सकता है?" आपको जानकारी के लिए बता दें कि रुपये (₹) के सिंबल का डिजाइन उदय कुमार धर्मलिंगम ने बनाया था। वह पेशे से एक शिक्षाविद और डिजाइनर हैं। उनका डिजाइन पांच शॉर्ट लिस्टेड सिंबल में से चुना गया था। भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को इस सिंबल को आधिकारिक तौर पर अपनाया था।   DMK नेता के बेटे ने ही गढ़ा था रुपये का सिंबल '₹' हालांकि भाषा की राजनीति करते हुए '₹' को बजट से हटाने वाली तमिलनाडु सरकार ने ये ध्यान देना जरूरी नहीं समझा कि रुपये के इस सिंबल को एक तमिल ने ही डिजाइन किया था. खास बात यह है कि इस सिंबल को डिजाइन करने वाले उदय कुमार धर्मलिंगम के पिता भी DMK के नेता थे. उदयकुमार धर्मलिंगम (Udayakumar Dharmalingam) एक भारतीय शिक्षाविद् और डिज़ाइनर हैं, जिन्होंने भारतीय रुपये के प्रतीक चिह्न (₹) को डिज़ाइन किया था. उनका जन्म 10 अक्टूबर 1978 को तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में हुआ था वे चेन्नई, तमिलनाडु के निवासी हैं और आईआईटी गुवाहाटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं. DMK सरकार ने बदला रुपये का सिंबल. उदयकुमार धर्मलिंगम के पिता एन धर्मलिंगम डीएमके के विधायक रह चुके हैं. उदयकुमार धर्मलिंगम देश के नामी डिजाइनर हैं. जब उदय ने ये प्रतियोगिता जीती थी तो एन धर्मलिंगम ने कहा था कि ये उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है. मेरे बेटे ने तमिलनाडु के लिए गौरव लाया है. उदयकुमार धर्मलिंगम ने रुपये के प्रतीक ₹ का डिजाइन देवनागरी के 'र' और रोमन अक्षर 'R' को मिलाकर बनाया, जो भारतीय तिरंगे से प्रेरित है और इसे अन्य मुद्राओं से अलग दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया था. इस डिजाइन को 15 जुलाई 2010 को भारत सरकार द्वारा जनता के सामने प्रस्तुत किया गया. यह प्रतीक एक खुली प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया था, इसके लिए वित्त मंत्रालय ने प्रतियोगिता आयोजित की थी. इसके लिए 3,331 आवेदन आए थे.जिसमें उदयकुमार का डिज़ाइन पांच फाइनलिस्ट डिज़ाइनों में से विजेता रहा. उन्होंने बताया था कि यह डिज़ाइन भारतीय तिरंगे से प्रेरित है और इसमें देवनागरी लिपि के 'र' और रोमन लिपि के 'R' को मिलाकर बनाया गया है, साथ ही एक क्षैतिज रेखा भी शामिल है जो समानता और राष्ट्रध्वज को दर्शाती है. उदयकुमार का यह योगदान भारतीय मुद्रा को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण रहा. तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष अन्नामलाई ने कहा कि 2025-26 के लिए डीएमके सरकार के बजट में रुपये के चिह्न बदल दिया गया है. इस डिजाइन को एक तमिल ने डिजाइन किया गया था.जिसे पूरे भारत ने अपनाया और हमारी मुद्रा में शामिल किया. इस प्रतीक को डिजाइन करने वाले थिरु उदयकुमार, डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं. आप कितने मूर्ख हो सकते हैं, थिरु स्टालिन." बीजेपी नेता तमिलिसाई ने कहा कि रुपये का चिह्न बदलने वाले स्टालिन साहब को सबसे पहले अपना नाम बदलकर स्टालिन में करना चाहिए.   recent visitors 57

मोहन यादव ने कहा- सभी वर्गों के विकास पर ध्यान, गारमेंट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं को 5 हजार रुपये इंसेंटिव

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने गारमेंट सेक्टर की महिलाओं को 5 हजार रुपये इंसेंटिव देने की बात कही है। राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रस्तुत कृतज्ञता प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास पर ध्यान दे रही है। कांग्रेस की सरकार में जो कभी नहीं हुआ वह सब हमारे भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। निवेश के जो प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं हुए अर्थव्यवस्था को नई दिशा और गति देंगे। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार सही दिशा में काम कर रही है। केन बेतवा सिंचाई परियोजना को 20 वर्ष तक लटका कर रखा गया। इससे बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जाएगी रोजगार के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। सीएम ने कहा- 61000 लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आगामी 5 वर्ष में ढाई लाख पदों पर भर्ती होगी निजी क्षेत्र में भी 21 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पदोन्नति का रास्ता निकालने की दिशा में लगे हैं ओबीसी आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा कि हमने न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है। अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग और गरीबों के हित में सरकार काम कर रही है पदोन्नति का रास्ता निकालने की दिशा में भी हम लगे हैं। महिला बजट में लाड़ली बहनों को 18,669 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट में लाड़ली बहना योजना को सर्वाधिक राशि इस योजना को देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। इस विभाग के 26,797 करोड़ रुपये के बजट में से अकेले इस योजना पर 18,669 करोड़ रुपये व्यय होंगे। प्रदेश में 1.27 करोड़ लाड़ली बहनें हैं, जिन्हें सरकार प्रति माह 1,250 रुपये देती है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1,183 करोड़ रुपये रखे गए हैं। अभी तक प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना में 12,932 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। कौशल विकास का प्रशिक्षण भी मिलेगा सरकार की प्राथमिकता में नारी कल्याण हमेशा से रहा है। नारी सशक्तीकरण मिशन लागू किया गया है, जिसमें महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर है। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए जहां आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा तो कौशल विकास का प्रशिक्षण भी मिलेगा। आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए 3,729 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। प्रदेश में 12,670 मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी में परिवर्तित किया गया है। 24,662 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उन्नत किया जा रहा है। recent visitors 53

सीएम डॉ. मोहन यादव ने होलिका दहन के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी

भोपाल आज होलिका दहन है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पर्व पर हम सभी नकारात्मकता को तजकर शुभता का वरदान मांगें। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है जो हमें सिखाता है कि सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने वालों की विजय होती है और अधर्म अहंकार का नाश निश्चित है। होलिका दहन न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। यह त्योहार आत्मशुद्धि, बुरी आदतों को त्यागने और भक्ति की शक्ति को स्थापित करता है। होलिका दहन की परंपरा भक्त प्रह्लाद की कहानी से जुड़ी है जिससे ये संदेश मिलता है कि अधर्म और अहंकार का अंत निश्चित है, जबकि धर्म और भक्ति की सदा विजय होती है। होलिका दहन का अर्थ सिर्फ बाहरी रूप से आग जलाना नहीं है, बल्कि यह हमारे भीतर की नकारात्मकता, अहंकार, द्वेष, लालच और ईर्ष्या को जलाने का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री ने दी होलिका दहन की शुभकामनाएं होलिका दहन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामाएं देते हुए एक्स पर लिखा है कि ‘असत्य, अधर्म एवं अत्याचार पर भक्ति की जीत के प्रतीक पर्व होलिका दहन की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। आइए, इस पवित्र अग्नि में सभी नकारात्मतक तत्वों को समर्पित कर जीवन में मंगल और शुभता का वरदान मांगें। देश और समाज के प्रति अपने अमूल्य योगदान की सिद्धि का संकल्प लें।’ भक्त प्रह्लाद और होलिका दहन की कथा होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद, उनके पिता हिरण्यकश्यप और उनकी बुआ होलिका से जुड़ी है। धार्मिक मान्यतानुसार, हिरण्यकश्यप एक अहंकारी असुर राजा था, जिसने स्वयं को भगवान मान लिया था और चाहता था कि सभी उसकी पूजा करें। लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था और अपने पिता की इच्छाओं के विपरीत, श्री विष्णु की भक्ति में लीन रहता था। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति से विमुख करने के अनेक प्रयास किए, लेकिन सभी असफल रहे। अंततः, हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से सहायता मांगी जिसे वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती। होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने का निर्णय लिया, ताकि प्रह्लाद भस्म हो जाए। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका स्वयं जलकर भस्म हो गई। यह घटना बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक बनी और तभी से होलिका दहन की परंपरा आरंभ हुई।     असत्य, अधर्म एवं अत्याचार पर भक्ति की जीत के प्रतीक पर्व होलिका दहन की आप सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।     आइए, इस पवित्र अग्नि में सभी नकारात्मतक तत्वों को समर्पित कर जीवन में मंगल और शुभता का वरदान मांगें। देश और समाज के प्रति अपने अमूल्य योगदान की सिद्धि का संकल्प लें।… pic.twitter.com/p6yunr6iRC     — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 13, 2025 recent visitors 45