नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, 5 किलोग्राम से अधिक वजन का प्रेशर कुकर आईईडी बरामद

नारायणपुर जिले के अमदई खदान (निको कंपनी) के डंप एरिया में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. जवानों ने यहां से 5 किलोग्राम से अधिक वजन का प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. यह मामला छोटेडोंगर थाना क्षेत्र का है. नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए यह आईईडी प्लांट किया था. इससे पहले भी इसी क्षेत्र में आईईडी विस्फोट की घटना हो चुकी है, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी और कुछ अन्य घायल हुए थे. इस घटना के बाद एसपी ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं आईईडी या संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. सूचना देने वालों को इनाम दिया जाएगा. recent visitors 28

उज्जैन में होगा गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ, मप्र में 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण किया जाएगा

भोपाल जल की बूंद-बूंद बचाएं, जल से ही हमारा कल सुरक्षित होगा। 90 दिवसीय प्रदेशव्यापी गंगा जल संवर्धन अभियान की शुरुआत 30 मार्च को उज्जैन में शिप्रा तट से होगी। 30 मार्च से 30 जून तक अभियान चलेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘जल गंगा जल संवर्धन अभियान’ की बैठक ये निर्देश दिए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभाग इसमें सहभागिता करेंगे। अभियान में 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण होगा। अभियान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल भंडारण के लिए सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जलस्रोतों का रखरखाव अब पंचायतें एवं स्थानीय जन करेंगे। अभियान में प्रदेशभर में एक लाख जलदूत तैयार किए जाएं। अभियान में होंगी ये गतिविधियां प्रदेश की सभी नहरों को राजस्व विभाग की सहायता से विलेज-मैप पर मार्क कर शासकीय नहर के रूप में अंकित किया जाएगा। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।नहर के अंतिम छोर पर जहां नहर समाप्त होकर किसी नाले मे मिलती है, उस स्थान पर किलोमीटर स्टोन लगाया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली में मनरेगा की सहायता से सफाई कार्य किए जाएंगे। जलाशयों में रिसाव रोकने के उपाय भी किए जाएंगे। तालाब के पाल (बंड) की मिट्टी के कटाव अथवा क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें पुनः निर्मित किया जाएगा। तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो तथा घाट आदि की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्टापडैम, बैराज, वियर में गेट लगाना तथा मेन वाल, साइड वाल, की वाल, एप्रान इत्यादि में मरम्मत/अतिरिक्त निर्माण कार्य किए जाएंगे। जल संरचनाओं के किनारों पर यथासंभव बफर जोन तैयार कर जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकने के लिए फेंसिंग के रूप में अधिकाधिक पौधारोपण किया जाएगा।   recent visitors 20

प्रदेश में धर्म परिवर्तन के लिए 1 लाख का लालच…पुलिस ने पातालकोट एक्सप्रेस से 18 यात्रियों को पकड़ा, धर्मांतरण के लिए जा रहे थे जालंधर

ग्वालियर  ग्वालियर में देर रात पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में पुलिस ने 18 यात्रियों को पकड़ा है। ये सभी लोग गरीब मजदूर वर्ग के हैं। इन्हें कुछ लोगों ने लालच दिया था कि यदि वे ईसाई धर्म अपना लेंगे, तो उन्हें एक-एक लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही, उनके बच्चों को क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ाया जाएगा और उन्हें विदेश में नौकरी करने का मौका मिलेगा। इसी लालच में छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में लोग इस गिरोह के साथ पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन से पंजाब की ओर रवाना हुए थे। हालांकि, पुलिस को सूचना मिलते ही घेराबंदी कर दी गई। सबसे पहले विदिशा के गंजबासौदा में ट्रेन को रोककर 11 यात्रियों को उतार लिया गया। इसके बाद बीना स्टेशन पर 4 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। यहां यह पता चला कि कोच एस-1 में तीन यात्री और हैं। इसके बाद, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पातालकोट एक्सप्रेस को 30 मिनट तक रोककर सघन जांच की गई, जिसके बाद तीन यात्रियों को पकड़ा गया। ग्वालियर जीआरपी ने इन तीनों को गंजबासौदा पुलिस के हवाले कर दिया। ग्वालियर जीआरपी पुलिस के मुताबिक बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हैं। पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे।यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है। इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।. बजरंग दल ने दी थी जानकारी ग्वालियर जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को भोपाल पुलिस को बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा। सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन के एस-1, एस-2, एस-3, एस-4, एस-5 कोच में सवार हैं। इस पर भोपाल पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन स्टेशन पहुंचने तक ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसके बाद आगे विदिशा के गंजबासौदा में पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई। गंजबासौदा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर पुलिस ने 11 यात्रियों को पहचान कर हिरासत में लिया, जिनमें सेजनाथ और विजय भी शामिल थे। जब ट्रेन यहां से निकली तो पता चला कि कुछ और लोग अभी भी ट्रेन में सवार हैं। इसके बाद बीना स्टेशन पर पुलिस ने एस-4 कोच से चार और यात्रियों को पकड़ा। बीना स्टेशन पर भी पकड़े गए यात्री बीना में पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ के बाद पता चला कि ट्रेन में उनके तीन और साथी मौजूद हैं, जो एस-1 और एस-2 कोच में बैठे हैं। इसके बाद ग्वालियर पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई। रात 11:30 बजे जब पातालकोट एक्सप्रेस ग्वालियर पहुंची तो पुलिस ने घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर धर्मांतरण के लिए जा रहे यात्री अन्य कोचों में छिपने की कोशिश करने लगे। करीब 30 मिनट तक पुलिस और जीआरपी ने ट्रेन की तलाशी ली और आखिरकार एस-5 कोच से तीन यात्रियों को पकड़ लिया। इनमें शामिल हैं,     रितेश प्रकाश (37 वर्ष) – पिता का नाम जान प्रकाश, निवासी मिशन चर्च कंपाउंड     मना विश्वकर्मा (45 वर्ष) – पिता का नाम फगनलाल, निवासी नोनिया करवल परतला     राकेश (41 वर्ष) – पिता का नाम विजय नागवंशी, निवासी छिंदवाड़ा लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे। यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है। इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। recent visitors 22

MP में सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहन, ऐसे वाहनों के स्क्रैप होने से पर्यावरण का संरक्षण हो सकेगा

भोपाल बजट में 15 वर्ष आयु पूरी कर चुके सभी तरह के वाहनों को स्क्रैप कराना अनिवार्य किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फेसिलिटी(आरवीएसएफ)के तहत वाहनों का स्क्रैप कराया जा सकता है। यदि कोई शासकीय व निजी वाहन स्क्रैप कराता है तो उसे नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट दी जाएगी। परिवहन विशेषज्ञ श्यामसुंदर शर्मा का कहना है कि इससे भोपाल सहित प्रदेश भर में बढ़ रहे वहनों की संख्या कमी आएगी। ट्रैफिक व्यवस्था ठीक होगी। साथ ही पेट्रोल, डीजल के ऐसे वाहन जिनकी उम्र 15 वर्ष हो चुकी है, वो स्क्रैप होने से पर्यावरण का संरक्षण हो सकेगा। कई ऐसे वाहन हैं, जो धुंआ छोड़कर वायु प्रदूषण फैलाते हैं। इससे आसपास का वातावरण अशुद्ध होता है, लेकिन इसमें वाहनों की स्थिति भी देखी जानी चाहिए। यदि वाहन टीक है तो उसे स्कैप के दायरे से बाहर किया जाए। कई ऐसे लोग होते हैं, जो आत्मीय रूप से वाहनों से जुड़ जाते हैं और उनके वाहनों की पीयूसी व फिटनेस ठीक रहती है। बजट में सबसे अच्छी बात यह है पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर नया वाहन खरीदने पर मोटरयान कर यानि टैक्स में छूट मिलेगी। परिवहन वाहनों में 15 प्रतिशत और गैर परिवहन वाहनों में 25 प्रतिशत तक की टैक्स में छूट देने का प्रविधान किया गया है।   recent visitors 21

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

सिंहस्थ – 2028 के लिए अभी से करें माइक्रो प्लानिंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 तक करें पूर्ण क्राउड मैनेजमेंट पर दें विशेष ध्यान महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के हिसाब से करें सिंहस्थ की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ – 2028 के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ – 2028 मध्यप्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आएंगे। किसी भी श्रद्धालु को स्नान व देव दर्शन में कोई कठिनाई हो, इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। पुराने सिंहस्थ आयोजन से सीख लें और आगामी सिंहस्थ के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए अभी से माइक्रो प्लानिंग कर व्यवस्थाओं को अंजाम देना प्रारंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूर्व में सम्पन्न हुए सिंहस्थ में प्राप्त अनुभवों को केन्द्र में रखते हुए सिंहस्थ – 2028 के योजनाबद्ध आयोजन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबसे बेहतर यह होगा कि सिंहस्थ की व्यवस्थाओं और प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य जून 2027 के पहले ही पूरे कर लिए जाएं। इससे रह गई कमोबेशी को दुरुस्त करने या व्यवस्थाओं को और भी अधिक बेहतर करने का समय भी मिल सकेगा। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव नगरीय‍विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ – 2028 की व्यवस्थाओं एवं प्रबंधन के लिए मंजूर किए गए सभी कार्य जून 2027 तक पूरे कर लिए जाएं। चल रहे कार्यों की मासिक प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा की जाए। प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। मंजूर किए गए सभी काम प्रारंभ हो जाएं और तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल लोक बनने के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की दिनों-दिन बढ़ती संख्या के हिसाब से ही सिंहस्थ की तैयारी की जाए, क्योंकि जो श्रद्धालु सिंहस्थ में आएंगे, वे बाबा महाकाल सहित अन्य देव स्थलों पर भी अवश्य ही जाएंगे। भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रयास यह हो कि श्रद्धालुओं को ई-बस या ई-ऑटो से महाकाल मंदिर के नजदीक ही छोड़ा जाए, ताकि उन्हें महाकाल दर्शन के लिए अधिक पैदल न चलना पड़े और प्रबन्धन में भी आसानी हो। सिंहस्थ से पहले अंदरूनी गलियों का भी चौड़ीकरण करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन शहर में आएंगे। बड़े मार्गों के अलावा उज्जैन शहर की अंदरूनी गलियों व रास्तों का भी और अधिक चौड़ीकरण करें ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन का वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध रहे और वे आसानी से आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी व शहर के अंदर सिंहस्थ के लिए जितने भी सेतु निर्माण कार्य जरूरी हैं, वे अभी से प्रारंभ कर लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के देवदर्शन के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाए। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो रूद्र सागर में भी घाट बनाने पर विचार कर प्रारंभिक सर्वे भी कर लें। आपदा/अग्नि प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटी-छोटी व्यवस्थागत कमियों की वजह से आयोजन के दौरान ही प्राकृतिक आपदा व अग्नि दुर्घटना से अप्रिय स्थिति निर्मित न हों। सिंहस्थ वर्ष 2028 में है, इसलिए किसी भी प्रकार की आपदा और अग्नि दुर्घटना प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये वॉलिंटियर्स को प्रापर ट्रेनिंग भी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए बेहतर से बेहतर प्लानिंग अमल में लाई जाए। विशेष ध्यान रहे कि कार्यों में विलंब न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन शहर पहुंचने वाले 7 प्रमुख मार्गों को फोरलेन और एक प्रमुख मार्ग सिक्स लेन रोड के रूप में मंजूरी दे दी गई है। इस पर तेजी से काम प्रारंभ किया जाए, ताकि समय रहते सभी मार्ग तैयार हो जाएं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी वर्ष 2016 के सिंहस्थ के व्यक्तिगत अनुभवों पर सिंहस्थ-2028 के लिए और अधिक बेहतर और व्यापक इंतजाम की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी काम अभी से प्रारंभ कर दिए जाएं, क्योंकि शाही स्नान के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं की एक ही वक्त में एक साथ एक ही स्थान पर मौजूदगी बनी रहने की संभावना रहती है। इसीलिये भीड़ प्रबंधन के‍लिए अत्याधुनिक प्रबंधन किए जाएं। अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास शुक्ल ने बताया कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा सिंहस्थ – 2028 के लिए 7 प्रमुख विभागों द्वारा 7379.75 करोड़ रूपए की लागत से किए जाने वाले कुल 74 अधोसंरचना विकास कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 54 विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, 15 निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया में है और 5 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। सिंहस्थ – 2028 के पड़ाव क्षेत्र का टाउन प्लानिंग स्कीम (टी.पी.एस.) के माध्यम से विकास किया जाएगा। सिंहस्थ मेला क्षेत्र नगर विकास योजना 8,9,10,11 टी.पी.एस. (सम्मिलित रकबा 2378 हेक्टेयर) को राज्य शासन द्वारा 7 मार्च 2025 को मंजूरी दे दी गई है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। बैठक में सिंहस्थ – 2028 के दौरान यातायात प्रबंधन, पार्किंग व सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन एवं प्रशिक्षण, आवास, विद्युत, जल प्रदाय एवं सीवरेज, स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई व्यवस्था, उपचार, स्नान, प्रचार-प्रसार, देव दर्शन की व्यवस्था, खाद्य आपूर्ति व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, आई.टी. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, सी.एस.आर. सेल, टूरिज्म सर्किट के निर्माण आदि विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए प्रयागराज महाकुंभ के फील्ड विजिट … Read more

CM यादव ने राज्य नीति आयोग के विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में राज्य नीति आयोग द्वारा बनाए जा रहे विकसित मध्यप्रदेश विज़न डॉक्यूमेंट के लिए नागरिक सर्वे का शुभारंभ किया। विकसित मध्यप्रदेश@ 2047 के निर्माण में आम जन की भागीदारी और उनका अभिमत जानने के उद्देश्य से नागरिक सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस सर्वे के लिए वेबसाइट के साथ ही एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध करवाया गया है, जहां आमव्यक्ति भी नागरिक सर्वेक्षण में हिस्सा लेकर विभिन्न सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण में प्रदेश के सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। हमारा यह प्रयास है कि यह विज़न डॉक्यूमेंट केवल सरकार का दस्तावेज न होकर जनता का दस्तावेज बने। इसी उद्देश्य से इसके निर्माण की प्रक्रिया में विषय-विशेषज्ञों, हितधारकों और विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ व्यापक रूप से प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और सुझावों को सम्मिलित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य हमारे बच्चे हैं और उनकी आकांक्षाओं को इस विज़न में स्थान देने के लिए प्रदेश के विद्यालयों में विकसित मध्यप्रदेश @2047 विषय पर निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इसके साथ ही जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों से राय मांगी गई। इस प्रक्रिया में 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। इसी कड़ी में आज नागरिक सर्वेक्षण का शुभारंभ किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक नागरिकों का अभिमत प्राप्त किया जा सके। यह सर्वेक्षण हमें बताएगा कि मध्यप्रदेश की जनता 2047 का मध्यप्रदेश कैसा देखना चाहती है और किन महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सर्वेक्षण में भी प्रदेश के नागरिक उत्साह से भाग लेंगे। नागरिकों की भागीदारी से एक समावेशी, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा। नीति आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका विकसित मध्यप्रदेश @2047 विज़न डॉक्यूमेंट को तैयार करने में मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सर्वे में आयोग की वेबसाइट https://mprna.mp.gov.in/vision के माध्यम से भाग लिया जा सकता है। इसके लिए एक क्यूआर कोड भी उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर वर्ष@2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और एक लोकतांत्रिक वैश्विक महाशक्ति बनने की परिकल्पना की गई है। अपने समृद्ध इतिहास, विविध संस्कृतियों, विशाल प्राकृतिक संसाधनों और केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के साथ मध्यप्रदेश भारत के भविष्य को आकार देने और@2047 में विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह ज़रूरी है कि मध्यप्रदेश के नागरिक, सामूहिक रूप से एक विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए एक विज़न को आकार दें- एक बड़ी और विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था विकसित हो जो सभी निवासियों को उच्चतम गुणवत्ता वाला जीवन प्रदान करे। इस सर्वे के जरिए नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 के लिए विज़न को आकार देने के लिए अपनी राय और विचारों को व्यक्त करें। इस विज़न के लिए नागरिकों के योगदान से मध्यप्रदेश में आने वाली पीढ़ियां लाभान्वित होंगी। नागरिक सर्वेक्षण के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (वित्त एवं वाणिज्यिक कर), मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास और योजना आर्थिक सांख्यिकी संजय शुक्ला एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 26

उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  जल की बूंद-बूंद बचायें, जल से ही सुरक्षित होगा हमारा कल: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च को गुड़ी पड़वा से होगा 90 दिवसीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ उज्जैन में क्षिप्रा तट से होगी प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च से 30 जून तक चलेगा अभियान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभाग करेंगे सहभागिता अभियान में होगा 50 हजार नए खेत-तालाबों का निर्माण वर्षा जल भंडारण के लिए सभी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर दें विशेष ध्यान जल स्त्रोतों का रख-रखाव अब पंचायतें एवं स्थानीय जन करेंगे अभियान में प्रदेशभर में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत अभियान के क्रियान्वयन संबंधी बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण में तेजी लाने के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी से ही जिंदगानी है। हम सभी को जल की बूंद-बूंद बचाने की जरूरत है। जल से ही हम सबका आने वाला कल सुरक्षित है। जल गंगा जल संवर्धन अभियान में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक गतिविधियां चलाई जाएं। जन सामान्य में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की भागीदारी से जल संरक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी। अभियान में वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई 'जल गंगा जल संवर्धन अभियान' की बैठक ये निर्देश दिए। जल गंगा संवर्धन अभियान गुड़ी पड़वा 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून 2025 तक तीन माह लगातार चलेगा। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अभियान से जुड़े अन्य विभागों के प्रमुख सचिव सहित सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान से प्रदेश में जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जल संरक्षण के लिए उठाए जाएं ठोस कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय की विभिन्न गतिविधियां चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण एवं जल स्रोतों का पुनर्जीवन, गांव-गांव में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यों के अलावा सामुदायिक सहभागिता के जरिए जल संरक्षण के प्रयास किए जाएं। अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए सकारात्मक अभियान की शुरुआत की जाए। ग्रीष्मकाल में शासकीय स्कूलों में जल संरक्षण की गतिविधियां आयोजित की जाएं। बच्चों के लिए पीने के पानी की टंकी की साफ-सफाई कराई जाए, जिससे विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है। राज्य स्तरीय जल गंगा जल संवर्धन अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन से उज्जैन की क्षिप्रा नदी के तट से किया जाएगा। लगभग 90 दिन चलने वाले 'जल गंगा जल संवर्धन अभियान' का समापन 30 जून 2025 को होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेश व्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। अभियान की थीम 'जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण' रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब बना जन आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण आबादी को पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में लोगों को पेयजल एवं किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। साथ ही गर्मी के मौसम में वन्य जीवों को भी कोई परेशानी न हो और उन्हें पानी मिले, इसके लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं को पुनर्विकसित किया जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। मध्यप्रदेश सरकार भी 'खेत का पानी खेत में – गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश की ऐसी सभी नदियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए, जहां जल धाराओं में मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुआ समेत अन्य जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि नर्मदा में डॉल्फिन मछली को छोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। इन सभी प्रयासों से नदियों और जलीय जीवों दोनों का संरक्षण होगा। 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा जल संवर्धन अभियान में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे। मंदिरों के निकट जल स्त्रोतों की सफाई में संतों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय एवं प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। विक्रम संवत् के पहले दिन वरुण पूजन और जलाभिषेक के साथ अभियान की विधिवत शुरुआत की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अमृत सरोवर … Read more