रांग साइड से आ रहे टैंकर ने दो वाहनों को मारी टक्कर, हादसा इतना जोरदार था की कार चकनाचूर हो गई, 7 लोगों की मौत

धार, बदनावर निर्माणाधीन उज्जैन-बड़नगर फोरलेन पर ग्राम बामनसुता के पास एलपीजी टैंकर ने कार और पिकअप वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, तथा तीन लोग गंभीर घायल हो गए। हादसे में वाहनों से घायलों और मृतकों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद कार चकनाचूर हो गई तथा 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक घायल ने रतलाम ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।   घायलों को रतलाम रेफर किया गया दुर्घटना के शिकार हुए लोग मंदसौर और रतलाम जिले के बताए जा रहे हैं। तीन गंभीर घायलों को रतलाम रेफर किया गया। इसमें एक की रास्ते में मौत हो गई, जिसे वापस यहां सिविल हॉस्पिटल लाया गया। मृतकों की शुरुआत में शिनाख्त नहीं हो पाई थी, इसलिए उनके फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। रांग साइड से जा रहा था टैंकर सूचना मिलने पर एसडीएम दीपक चौहान, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सोमानी, नप अध्यक्ष प्रतिनिधि शेखर यादव समेत बड़ी संख्या लोग पहुंच गए थे। जानकारी के मुताबिक एलपीजी टैंकर (जीजे 12 एवाय 8769) रांग साइड से जा रहा था, जिससे एक पिकअप और कार (एमपी 14 सीडी 2552 ) की भिंडत हो गई। आज शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इनकी चली गई जान कार में बैठे गिरधारी माखीजा निवासी मंदसौर, अनिल व्यास निवासी रतलाम, विरभ धनगर निवासी सीमामऊ मंदसौर, चेतन बाघरवाल निवासी मंदसौर की मौत हो गई। वहीं पिकअप वाहन में सवार बना उर्फ लालसिंह, अनूप पूनिया निवासी जोधपुर राजस्थान, जितेंद्र बडलिया निवासी जोधपुर की मौत हो गई। ये हो गए घायल जगदीश बैरागी निवासी जोधपुर लिखमाराम निवासी जोधपुर दीपक दुर्गाराम निवासी पुनिया जाट, जोधपुर   recent visitors 28

राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट

मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करना हमारा मुख्य लक्ष्य राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट वर्ष 2003-04 की तुलना में 21 गुना बड़ा है वर्ष 2025-26 का बजट बजट में कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही की गई है कोई कटौती वर्ष-2029 तक बजट के आकार एवं प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने का है लक्ष्य जेण्डर बजट, बाल बजट और कृषि संबंद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में हुई दोगुना से अधिक की वृद्धि सिंहस्थ-2028 के लिए 2 हजार 5 करोड़, गीता भवन और वृंदावन ग्राम योजना के लिये 100-100 करोड़ रूपये और श्रीकृष्ण पाथेय के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रदेश में बेहतर आवागमन के लिए मजरा-टोला सड़क योजना के अंतर्गत 100 करोड़ और सुगम परिवहन सेवा के लिए 80 करोड़ रुपए का प्रावधान मुख्यमंत्री ने सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट के लिए वित्त एवं उप मुख्य मंत्री देवड़ा का किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गांव, गरीब सहित सभी वर्गों के लिए व्यवस्थित योजना से मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। राज्य का बजट 2025-26 इसी संकल्प की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। बुधवार (12 मार्च) को राज्य सरकार ने पहली बार 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट प्रावधान विगत वर्ष 2024-25 की अपेक्षाकृत 15 प्रतिशत अधिक है। इतने बड़े बजट के बाद भी कोई टैक्स नहीं लगाया गया है और न ही कोई कटौती की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभा में प्रस्तुत प्रदेश के वर्ष 2025-26 के बजट के संबंध में विधान सभा परिसर में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई सरकार बनते ही अगले 5 साल में बजट को दोगुना करने का लक्ष्य तय कर लिया गया था। वर्ष 2025-26 का बजट इसी दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। इस बजट में राज्य के गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी (ज्ञान) सहित सभी वर्गों की बेहतरी के संकल्प को पूरा किया गया है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष- 1956 में मध्यप्रदेश का गठन हुआ, लेकिन वर्ष 2003-04 तक मात्र 20 हजार करोड़ रूपये का बजट था, अब हम इसे 21 गुना बढ़ाते हुए 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपए तक पहुंचे हैं। यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश, भारत के सभी राज्यों में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का सर्व-व्यापक, सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी बजट प्रस्तुत कने के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि वर्ष 2025 का यह बजट मध्यप्रदेश की आशाओं, आकांक्षाओं का बजट है। राज्य सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करने की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष@2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 250 लाख करोड़) बनाना है। यह केवल संख्यात्मक दस्तावेज नहीं, अपितु प्रदेश की जनता की जिंदगी बदलने वाला बजट है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों के आधार पर राज्य सरकार का यह दूरदर्शी बजट सशक्त-समृद्ध-शक्तिशाली और खुशहाल मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट जनकल्याण और सुशासन के साथ प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेगा। गरीबों को सशक्त बनाएगा और प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का सृजन करेगा। बजट में महिलाओं, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोककल्याणकारी बजट के लिए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बजट में प्रमुख बिंदुओं के संबंध में जानकारी दी:-     यह बजट अनुमानित राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4 प्रतिशत अनुमानित रखते हुए वर्ष 2029-30 तक बजट के आकार एव प्रदेश की जीएसडीपी को दो गुना करने के लक्ष्य पर केन्द्रित है।     कुल विनियोग की राशि 4,21,032 करोड़ रुपए है, जो विगत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।     अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 2,90,879 करोड़ रुपए है, जिसमें राज्य के स्वयं के कर की राशि 1,09,157 करोड़ रुपए, केन्द्रीय करों में प्रदेश का हिस्सा 1,11,662 करोड़ , करेत्तर राजस्व 21,399 करोड़ रुपए और केन्द्र से प्राप्त सहायता अनुदान 48,661 करोड़ रुपए शामिल हैं ।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में राज्य के कर राजस्व में 7 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।     वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान की तुलना में पूंजीगत परिव्यय में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की उपलब्धियां     नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक प्रतिवेदन में राज्य को व्यय की गुणवत्ता में प्रथम स्थान दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी रिपोर्ट में राज्य की इस उपलब्धि का उल्लेख किया है।     वर्ष 2025-26 के बजट में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले व्यय के प्रतिशत में सर्वाधिक 17 प्रतिशत अधोसंरचना क्षेत्र के लिए प्रावधान है। अधोसंरचना क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में विगत वर्ष 2024-25 की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है। राज्य की क्षेत्रवार उपलब्धियां     राज्य शासन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रतिबद्ध है, 6 वर्षों में जेण्डर बजट का आकार दोगुना हुआ है।     कृषि और संबद्ध क्षेत्र में, विगत 6 वर्षों में दोगुना से अधिक की वृद्धि हुई है।     विगत 6 वर्षों में बाल-बजट का प्रावधान दोगुना से अधिक हुआ। नारी सशक्तिकरण     मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 18,669 करोड़ रुपए का प्रावधान है ।     लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 1,183 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता के अंतर्गत 720 करोड़ रुपए का प्रावधान है।     जल जीवन मिशन नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर मिशन में 17,136 करोड़ रुपए का प्रावधान है। अन्नदाता (किसान) के लिए … Read more

ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व, कल भस्मारती में हर्बल गुलाल से खेलेंगे होली

उज्जैन भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद प्रदोषकाल में होलिका का पूजन उपरांत दहन किया जाएगा। 14 मार्च को धुलेंडी पर तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से होली खेलेंगे। उत्सव को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा में होली उत्सव का विशेष महत्व है। देशभर से सैकड़ों भक्त राजा की रंगरंगीली होली देखने मंदिर पहुंचते हैं। इस बार यह उत्सव 13 मार्च को पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज मंदिर परिसर में श्री ओंकरेश्वर मंदिर के सामने पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा होलिका का निर्माण किया जाएगा। शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका का पूजन करेंगे। पश्चात होलिका का दहन होगा। मंदिर समिति उपलब्ध कराएगी हर्बल गुलाल परंपरा अनुसार 14 मार्च को होली उत्सव मनाया जाएगा। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। मंदिर समिति पुजारियों को प्राकृतिक उत्पादों से तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराएगी। बताया जाता है, मंदिर समिति होली उत्सव के लिए एक थाल भरकर गुलाल उपलब्ध कराती है। वैसे भी ज्योतिर्लिंग क्षरण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने भगवान को समिति मात्रा में पूजन सामग्री अर्पित करने का सुझाव दिया है। ज्योतिष का मत : 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत ज्योतिष व धर्मशास्त्र के जानकार 13 मार्च को होली मनाना शास्त्र सम्मत बता रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र व सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में पूर्णिमा तिथि लगेगी, जो प्रदोष काल में पूर्ण रूप से विद्यमान रहेगी। धर्मशास्त्र में होलिका का पूजन प्रदोषकाल में बताया गया है। इसलिए शुभयोग व नक्षत्र में 13 मार्च को प्रदोषकाल में होलिका का पूजन करना श्रेष्ठ है। इस दिन पाताल वासनी भद्रा भी रहेगी, इसलिए होलिका का दहन अवश्य रात 11.30 बजे के बाद करना चाहिए। सामान्यत: होलिका का दहन अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में किया जाता है। ऐसे में 13 व 14 मार्च की तारीख होली तथा धुलेंडी मनाने के लिए शास्त्र सम्मत है। सिंहपुरी में पांच हजार कंडों से बनेगी हर्बल होली पुराने शहर सिंहपुरी में गाय के गोबर से बनाए गए पांच हजार कंडों से होली बनाई जाएगी। आयोजन समिति का दावा है कि यह विश्व की सबसे बड़ी हर्बल होली है। इसमें सिर्फ गाय के गोबर से बने कंडों का उपयोग होता है। लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है। होली के मध्य में डांडा के रूप में ध्वज लगाया जाता है। इस बार यह आयोजन 13 मार्च को होगा। शाम को प्रदोष काल में चार वेद के ब्राह्मण चतुर्वेद पारायण से होलिका का पूजन करेंगे। रात्रि जागरण के उपरांत अगले दिन सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होलिका का दहन किया जाएगा। recent visitors 36

राफेल और साब ग्रिपेन भी भारत को फाइटर जेट बेचने की रेस में, भारत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रहा

वॉशिंगटन अमेरिका लगातार प्रेशर बना रहा है कि भारत उसके F-21 या F-15EX में से किसी ने किसी फाइटर जेट को जरूर खरीदे। भारतीय वायुसेना मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन अमेरिका की तरफ से ये प्रेशर उस वक्त बनाया गया है, जब दोनों देशों के बीच कारोबार को लेकर कुछ विवाद शुरू हो गये हैं। अमेरिका लगातार भारतीय सामानों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप पहले ही एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान का ऑफर भारत को दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर भारत, अमेरिकी फाइटर जेट खरीदने का फैसला करता है तो उसे व्यापार लाभ मिल सकता है। लेकिन भारतीय वायुसेना के मन में इन दोनों फाइटर जेट को लेकर चिंताएं हैं। क्षेत्रीय खतरों से निपटने में ये फाइटर जेट कितने सक्षम हो पाएंगे, भारतीय वायुसेना के मन में गहरा शक है। लिहाजा वायुसेना कोई भी फैसला लेने से पहले उनकी तकनीकी क्षमताओं को गहराई से जानने की कोशिश कर रही है। F-15EX लड़ाकू विमान पर पर शक क्यों है? इसमें कोई शक नहीं है कि अमेरिकी F-21 और F-15EX बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं। लेकिन भारतीय हालात में उनके ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल हैं। F-21 और F-15EX, अमेरिक के पुराने लड़ाकू विमानों के एडवांस वैरिएंट हैं। लेकिन इन दोनों फाइटर जेट्स में चीन के J-20 और J-35A जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इन दोनों में ऐसे फीचर्स नहीं हैं कि ये चीनी लड़ाकू विमानों का मुकाबला कर सके। भारत के लिए परेशानी की बात इसलिए भी है क्योंकि पाकिस्तान पहले ही चीन से J-35 खरीदने की घोषणा कर चुका है। लिहाजा भारत ऐसे फाइटर जेट्स में भला निवेश क्यों करना चाहेगा, जो उसकी जरूरतों से मेल ही नहीं खाता हो। हालांकि अमेरिका भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ऑफर कर चुका है, लेकिन अमेरिकी विमान कई शर्तों के साथ आते हैं। अमेरिका भारत में एफ-35 बनाने के लिए हरगिज तैयार नहीं है। जबकि भारत हर हाल में देश में उत्पादन चाहता है। भारत का MRFA टेंडर मीडियम वजन वाले लड़ाकू विमानों के खरीदने को लेकर है, लेकिन F-15EX एक भारी भरकम लड़ाकू विमान है। लिहाजा इंडियन एयरफोर्स के लिए इस पैमाने पर भी ये फिट नहीं बैठता है। हालांकि एफ-21 की तुलना में फिर भी ये एक बेहतर विकल्प है, लेकिन भारत पहले से ही रूसी Su-30MKI लड़ाकू विमान ऑपरेट कर रहा है, जो F-15EX जितना ही भारी है। ऐसे में F-15EX भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों से मेल नहीं करता है। भारत मीडियम रेंज वजन वाला लड़ाकू विमान इसलिए चाहता है कि भारतीय वायुसेना अपने बेड़े में प्रदर्शन, क्षमता और रखरखाव को बैलेंस कर सके। लेकिन भारतीय वायुसेना किसी राजनीतिक दवाब में नहीं आना चाह रही है। भारतीय वायुसेना रक्षा खरीद में रणनीतित स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। लिहाजा अमेरिकी दबाव के बावजूद, भारत MRFA टेंडर को लेकर अपनी जरूरतों पर अडिग है। फाइटर जेट खरीदने का फैसला भारत की लंबे समय की जरूरतों और ऑपरेशनल आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। F-15EX की क्षमता क्या है? आपको बता दें कि F-15EX, F-15 एडवांस्ड ईगल सीरीज लड़ाकू विमानों का नेक्स्ट वैरिएंट है। इसे F-15E स्ट्राइक ईगल का एडवांस वैरिएंट माना जाता है। अमेरिकी वायुसेना ने इसे असाधारण प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया है। F-15EX एडवांस्ड मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) सिस्टम से लैस है। ये एक साथ 22 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। यह पिछले F-15 मॉडल की तुलना में काफी घातक है। इसके अलावा इसकी एक प्रमुख ताकत AMBER मिसाइल रैक सिस्टम के जरिए एक साथ कई ठिकानों पर हमला करने में मदद करता है। इसके अलावा इसे किसी टारगेट पर सटीक हमला करने के लिए छोटे आकार के बमों को भी अपने अंदर रखने की क्षमता देता है। आपको बता दें कि एडवांस मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) एक हाई कैपिसिटी वाली मिसाइल रैक है, जिसे लड़ाकू जेट की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। हर एक AMBER रैक में चार मिसाइलें रखी जा सकती हैं, जिससे F-15EX कई हथियारों को लेकर एक साथ उड़ान भर सकता है और फायर कर सकता है। इस जेट में प्रत्येक पंख के नीचे चार AMBER रैक और धड़ के नीचे एक रैक होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस फाइटर जेट में एक साथ 20 लंबी दूरी की AIM-120D मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी है। वहीं विंगटिप्स पर लगी दो छोटी दूरी की AIM-9X मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी इसमें है। लिहाजा कुल मिसाइलों की संख्या 22 हो जाती है। यानि फाइटर जेट काफी ताकतवर है, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन भारत की जरूरतों के मुताबिक ये फिट बैठ पाएगा या नहीं, फिलहाल इसका आकलन किया जा रहा है। recent visitors 59

चैंपियंस ट्रॉफी में बिना एक भी मैच जीते पाकिस्तान को ICC से मिल गए इतने करोड़ रुपए

नई दिल्ली  मेजबान कोई भी बड़ा इवेंट करने के बाद खर्च और कमाई यानी आय और व्यय का लेखा-जोखा यानी हिसाब-किताब जरूर करता है। रिव्यू करता है कि कितना खर्च हुआ और कितनी कमाई हुई। पाकिस्तान के साथ भी कुछ ऐसा ही होगा। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भारत जीत चुका है और अब समय है हिसाब-किताब का। सही आंकड़ा तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ही बता पाएगा, लेकिन बाहर से जो भी चीजें दिखाई दे रही हैं वह ज्यादा बेहतर नहीं हैं। कुछ चीजों का बैकअप प्लान नहीं होने से पाकिस्तान को इतना बड़ा नुकसान हुआ कि उसका अंदाजा उसने सपने में भी नहीं लगाया रहा होगा। जी हां, उसने तीन स्टेडियम को खेलने लायक बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए। एक-एक स्टेडियम पर एक-एक हजार करोड़ से अधिक पैसे खर्च हुए, लेकिन क्या उसने इसकी भरपाई की? शायद नहीं। पाकिस्तान में 3 वेन्यू पर कुल 10 मैच हुए, जिसमें से 2 मैच बारिश की वजह से रद्द हो गए। ये दो मैच दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के घर यानी रावलपिंडी स्टेडियम के थे, 3 मैच खेले जाने थे। रावलपिंडी स्टेडियम में पहला मैच 24 फरवरी को बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। इस मैच में न्यूजीलैंड ने 5 विकेट से जीत दर्ज की। पिंडी में अगला मैच 25 फरवरी को शेड्यूल था। ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच यह मुकाबला बारिश की वजह से रद्द रहा। स्टेडियम में पानी सुखाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम बेहद घटिया था। सुपर सॉपर की जगह बाथरूम में इस्तेमाल होने वाले वाइपर और स्पंज से पानी सुखाते देखा गया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली और 27 फरवरी को पाकिस्तान और बांग्लादेश का मैच भी इसी तरह से रद्द हो गया। इस तरह दोनों टीमों को बिना कोई मैच जीते टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। अब आते हैं खास मुद्दे पर। दरअसल, रिपोर्ट्स की मानें तो रावलपिंडी स्टेडियम को बनाने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 1500 करोड़ रुपये एलॉट किए थे। इसमें फ्लड लाइट्स की जगह 350 एलईडी लाइट्स लगाने के लिए 393 मिलियन रुपए और मुख्य भवन, हॉस्पिटैलिटी बॉक्स और टॉयलेट के लिए 400 मिलियन रुपए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो एलईडी डिजिटल स्क्रीन को बदलने के लिए 330 मिलियन रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि नई सीटिंग इंस्टॉलेशन पर 272 मिलियन रुपए खर्च किए जाने थे। मान लिया जाए कि अलॉट किए गए रुपये ही खर्च किए गए तो भी एक स्टेडियम में सिर्फ एक मैच का कुल खर्च 1500 करोड़ रुपये से अधिक रहा। यही नहीं, पाकिस्तान ने हर स्टेडियम की ओपनिंग सेरिमनी के लिए ब्लॉकबस्टर शो किए थे और दुनिया को दिखाने के लिए सिंगर से लेकर डांसर तक पर मोटी रकम खर्च की थी। हालांकि, इन पैसों के बारे में कहीं भी जानकारी नहीं दी गई। एक ओर उसकी आर्थिक स्थिति कंगालों वाली है तो दूसरी ओर इस तरह से पैसे बहाना समझ से परे है। स्टेडियम किसी भी मैच के लिए भरे नहीं थे तो कम से कम पब्लिक से मिलने वाला पैसा उसके खर्च को कतई पूरा नहीं कर सकता है। हां, ब्रॉडकास्टर्स से जरूर उसे फायदा मिला होगा, लेकिन क्या उसे इतने पैसे मिले होंगे कि इतने बड़े खर्च की भरपाई की जा सकती है। बात यहीं खत्म नहीं होती। आने वाले समय में इस स्टेडियम पर पाकिस्तान सुपर लीग के मैच तो शेड्यूल हैं, लेकिन इंटरनेशनल टीमों का दौरा होगा या नहीं इसका पता नहीं। इस बीच बलूच लिबरेशन आर्मी का जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करना उसकी पहले से गिरी हुई साख और भी रसातल में ले जाने का काम किया है। बलूच विद्रोही संगठन का दावा है कि उसने 30 पाकिस्तानी जवानों को मार गिराया है। इंटरनेशनल लेवल पर इस खबर के आने के बाद कोई भी टीम शायद ही पाकिस्तान का दौरा करने के लिए राजी होगी। संभव है कि पीएसएल में भी विदेशी खिलाड़ी खेलने से कतराएं।  चैंपियंस ट्रॉफी में बिना एक भी मैच जीते पाकिस्तान को  ICC से मिल गए इतने करोड़ रुपए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास थी, लेकिन BCCI ने भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया था। इसके बाद इस अहम टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर खेला गया। जहां टीम इंडिया के सभी मैच दुबई में हुए थे। अब भारतीय टीम ने बिना एक भी मैच हारे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीत लिया। इनाम के तौर पर भारतीय टीम को लगभग 20 करोड़ रुपए मिले। दूसरी तरफ पाकिस्तानी टीम के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 किसी बुरे सपने से कम नहीं रही और पाकिस्तान एक भी मैच में जीत दर्ज नहीं कर पाया। पाकिस्तान ने किया खराब प्रदर्शन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तानी टीम को अपने पहले मैच में 60 रनों से हार मिली थी। इसके बाद भारतीय टीम ने उसे 6 विकेट से धूल चटाई। जबकि बांग्लादेश के खिलाफ उसका मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। इसी वजह से पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई। इससे उसकी हर जगह किरकिरी हुई। पाकिस्तानी टीम चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में ओवर ऑल 7वें नंबर पर रही थी। पाकिस्तान को मिले इतने रुपए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 7वें या 8वें नंबर पर रहने वाली टीमों को $140k मिले, जो भारतीय रुपए में लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपए होते हैं। वहीं चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तानी टीम को $125K मिले, जो भारतीय रुपए में लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपए होते हैं। इस तरह से पाकिस्तान को मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में बिना मैच जीते ही लगभग 2 करोड़ 31 लाख रुपए मिले। सरफराज अहमद की कप्तानी में जीता था खिताब चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में पाकिस्तानी टीम ने जगह बनाई थी और तब सरफराज अहमद की कप्तानी में भारतीय टीम को 180 रनों से शिकस्त दी थी। लेकिन चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान का प्रदर्शन बिल्कुल ही उम्मीदों के उलट रहा। टीम के गेंदबाज और बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। पाकिस्तान के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में एक भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था। recent visitors 53

सौ से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता, सेटेलाइट मैप से चिह्नांकन के बाद मैदानी स्तर पर होगा भौतिक सत्यापन

भोपाल  प्रदेश की सौ से अधिक जनसंख्या वाली ग्रामीण बसाहटों को राज्य सरकार शहरी सड़कों से जोड़ेगी। इसके लिए केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं जैसे पीएम ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन योजना, सीएम ग्राम सड़क योजना, सुदूर ग्राम सड़क संपर्क योजना आदि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पात्रतानुसार 500, 250 एवं 100 से अधिक जनसंख्या की बसाहटों में सड़क संपर्कता प्रदान की जा रही है। ऐसी ग्रामों की बसाहटें जो बारहमासी सड़कों से कनेक्टेड नहीं हैं, उनका चिह्नांकन का कार्य एमपी इलेक्ट्रानिक विकास निगम ने सेटेलाइट मैप से किया है और अब इनका भौतिक सत्यापन मैदानी स्तर पर किया जाना है। पंचायत स्तर पर सत्यापन के बाद जिला स्तर पर होगा मंजूर     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी कर कहा है कि वे संपर्कता सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से ऐसी ग्रामीण बसाहटों का भौतिक सत्यापन कराएं।     जिसमें पंचायत स्तर पर ग्राम रोजगार सहायक, सचिव को लगाया जाए जो संपर्कता सर्वे मोबाइल एप पर भौतिक सत्यापन रजिस्टर करें।     जिला स्तर पर मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक एप में रजिस्टर भौतिक सत्यापन को एप्रूव(मंजूर) करेंगे एवं दैनिक प्रगति से जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराएंगे। किया जा रहा सर्वे का काम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सीहोर जिले में 500 से अधिक आबादी की संपर्क विहीन बसाहटों को बारहमासी सड़कों से संपर्कता प्रदान की जाएगी। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के परियोजना क्रियान्वयन महाप्रबंधक यशवंत सिन्हा ने बताया कि सीहोर जिले के तहत चयनित 550 संपर्क विहीन बसाहटों के सर्वे का कार्य ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा ‘ग्राम संपर्कता एप’ के माध्यम से किया जा रहा है। सेटेलाइट सर्वे भी जारी सर्वे के बाद पात्र बसाहटों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बारहमासी सड़कों से जोड़ने की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही शासन द्वारा प्रदेश की संपर्क विहीन बसाहटों के सेटेलाइट सर्वे भी कराया जा रहा है, इनका भौतिक सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। सर्वे के बाद संपर्क विहीन बसाहटों का चयन किया जाएगा। इसमें उन बसाहटों को लिया गया है, जिनकी वर्तमान में जनसंख्या 100 से अधिक है। चयन एवं सर्वे के लिए डामरीकृत अथवा सीसी सडक़ से संपर्क विहीन बसाहट की दूरी 50 मीटर से अधिक होना चाहिए।   recent visitors 46

इंदौर से रायपुर और जबलपुर के लिए नई फ्लाइट 30 मार्च से, विशाखापट्‌टनम की कनेक्टिंग फ्लाइट भी

इंदौर समर शेड्यूल लागू होने के पहले एयरलाइंस कंपनियां नई फ्लाइट का शेड्यूल जारी कर रही हैं। इंदौर के लिए तीन रूटों की नई फ्लाइट मिली हैं। ट्रेवल्स एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपीसीजी के सचिव अमित नवलानी में बताया, रायपुर के लिए सुबह की फ्लाइट की जरूरत थी जो मिल चुकी है। इसी के साथ विशाखापट्टनम भी जुड़ गया है। इसी तरह जबलपुर के लिए भी एक और फ्लाइट मिली है। नवलानी ने बताया, विशाखापत्तनम, रायपुर के लिए 31 मार्च और जबलपुर के 30 मार्च से फ्लाइट का संचालन होगा। बुकिंग शुरू हो चुकी हैं। यहां देखें शेड्यूल     विशाखापट्टनम से इंदौर: 6ई-7296 सुबह 11 बजे विशाखपट्टनम से रवाना होगी और रायपुर होते हुए दोपहर 2.45 पर इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर से विशाखापट्टनम(indore to visakhapatnam flight) : 6ई-7295 सुबह 6.35 से इंदौर से रवाना होगी और रायपुर होते हुए सुबह 10.20 पर विशाखापट्टनम पहुंचेगी।     इंदौर से जबलपुर(indore to jabalpur flight) : 6ई-7328 दोपहर 1.55 बजे इंदौर से रवाना होकर 3.20 जबलपुर पहुंचेगी।     जबलपुर से इंदौर : 6ई-7327 दोपहर 12.10 बजे जबलपुर से उड़कर दोपहर 1.30 इंदौर पहुंचेगी। भोपाल से जबलपुर और इंदौर से पुणे जाना होगा आसान, शुरू हुई नई फ्लाइट्स भोपाल से जबलपुर के लिए शनिवार से सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है। पहले दिन भोपाल पहुंचे यात्रियों का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। रन-वे पर विमान के पहुंचते ही वाटर सैल्यूट के साथ इसका स्वागत किया गया। इस रूट पर इंडिगो एयरलाइंस 78 सीटों वाले एटीआर विमान का संचालन कर रही है। पहले दिन 31 यात्री जबलपुर के लिए रवाना हुए, जबकि जबलपुर से 65 यात्री भोपाल पहुंचे। यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) संचालित होगी। जबलपुर रूट पर दो साल पहले एलाइंस एयर ने उड़ान शुरू की थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया। कंपनी ने अपना बेस स्टेशन भी बंद कर दिया था। इंडिगो की इस उड़ान को अच्छे रिस्पांस की उम्मीद है, क्योंकि यह सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी। भोपाल-दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ान जल्द शुरू होगी भोपाल से दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ान भी जल्द शुरू होने की संभावना है। इंडिगो ने इसके लिए स्लॉट ले लिया है। फिलहाल भोपाल से दिल्ली के लिए पांच उड़ानें संचालित हो रही हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, समर शेड्यूल में कुछ नए शहरों को भी जोड़ा जा सकता है। जबलपुर उड़ान का शेड्यूल     भोपाल प्रस्थान: शाम 5:50 बजे     जबलपुर आगमन: शाम 6:55 बजे     जबलपुर प्रस्थान: शाम 7:15 बजे     भोपाल आगमन: रात 8:15 बजे भोपाल-हैदराबाद के लिए तीसरी फ्लाइट भोपाल से हैदराबाद के लिए अब तीन फ्लाइटें उपलब्ध हो गई हैं। इंडिगो ने अपनी तीसरी हैदराबाद फ्लाइट के लिए 30 मार्च से बुकिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा, दोपहर के समय चलने वाली दिल्ली फ्लाइट की बुकिंग भी जल्द शुरू होने वाली है। नंबर      कहां से कहां      प्रस्थान-आगमन 7457     भोपाल-हैदराबाद     सुबह 8.30-सुबह 10.40 7458     हैदराबाद-भोपाल     सुबह 11.55-दोपहर 2.00 इंदौर-पुणे के लिए नई फ्लाइट 30 मार्च से एयर इंडिया एक्सप्रेस इंदौर से पुणे के लिए नई फ्लाइट शुरू करेगी। यह फ्लाइट नई दिल्ली से दोपहर 1:30 बजे रवाना होगी और 3:20 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर से यह शाम 6 बजे पुणे के लिए रवाना होगी और शाम 5:25 बजे पुणे पहुंचेगी। यह इंदौर से पुणे के लिए दूसरी फ्लाइट होगी। भोपाल से हवाई यात्रियों की संख्या में वृद्धि भोपाल से हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन औसतन पांच हजार से अधिक यात्री देश के विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भर रहे हैं। जनवरी की तुलना में फरवरी में मासिक यात्री संख्या में थोड़ी कमी आई है, क्योंकि फरवरी में 28 दिन थे। हालांकि, दैनिक यात्री संख्या अभी भी पांच हजार से अधिक है। जनवरी में एक लाख 51 हजार 139 यात्रियों ने भोपाल से हवाई यात्रा की, जबकि फरवरी में यह संख्या एक लाख 46 हजार 763 रही। इस दौरान 1,042 बार विमानों ने भोपाल एयरपोर्ट पर फेरे लिए। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि जल्द ही यात्री संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है। recent visitors 49