3 लाख से कम होगी आय , तो दिल्ली की महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, आज से रजिस्ट्रेशन शुरू

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च यानीआज  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता महिला समृद्धि योजना का शुभारंभ करने वाली हैं। सीएम के ऐलान के बाद इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा और वैरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के खाते में 2500 रुपये आना शुरू हो जाएंगे। बीजेपी शासित दिल्ली की नई सरकार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, महिला दिवस पर सरकार गरीब महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्कीम लॉन्च करके इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इसके पहले कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस योजना को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी। । विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र का यह सबसे प्रमुख वादा था, जिसमें बीजेपी ने दिल्ली में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। महिला दिवस पर बड़े आयोजन की तैयारी सूत्रों से यह भी पता चला है कि दिल्ली बीजेपी ने आज 8 मार्च को दोपहर 12 बजे जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया है, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी शामिल होंगे। पार्टी के महिला मोर्चे के बैनर तले आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में दिल्ली के अलग-अलग कोनों से महिलाओं को भी बुलाया जाएगा और नड्डा व सीएम के हाथों महिला समृद्धि योजना के तहत कुछ महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। आज  होगा ऐलान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज  8 मार्च को International Women's Day के मौके पर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम से इस योजना को लॉन्च करने वाली हैं। उनके साथ बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी होंगे। जानकारी के मुताबिक ऐलान होने के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी मिलेगी और इसी के साथ ही योजना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कैसे होगा..ऑनलाइन या ऑफलाइन? महिला समृद्धि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने होंगे या फिर घर बैठे ही आवेदन हो जाएगा? अगर आपके मन में भी यह सवाल है तो बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। माना जा रहा है कि महिला समृद्धि योजना के लिए एक अलग वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च किया जा सकता है। महिला समृद्धि योजना के लिए पात्रता क्या होगी?     इस योजना में आवेदन के लिए पहली शर्त तो यह होगी कि आवेदक महिला दिल्ली की नागरिक हो     वह किसी भी तरह की सरकारी नौकरी या रिटायर्ड कर्मचारी न हो     बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि महिला समृद्धि योजना गरीब महिलाओं के लिए है     महिला गरीबी रेखा से नीचे (BPL) या EWS कैटेगरी में आती हो     माना जा रहा है कि परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से 3 लाख होनी चाहिए     महिला की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए     महिला पहले से किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रही हो महिला सम्मान योजना के लिए होगा इनकम क्राइटेरिया इस योजना को लागू करने के लिए सरकार कुछ इनकम क्राइटेरिया भी निर्धारित करेगी और इस क्राइटेरिया में फिट बैठने वाली महिलाओं को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार, 18 से 60 साल की महिलाएं ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। लाभार्थियों का वेरिफिकेशन वोटर कार्ड, बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड और इनकम सर्टिफिकेट के आधार पर किया जाएगा। जिन महिलाओं की सालाना घरेलू इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है, वही इस योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी। अनुमान है कि दिल्ली में ऐसी महिलाओं की संख्या दिल्ली में करीब 15 लाख हो सकती है। दिल्ली में महिलाएं 2500 रुपये मिलने से पहले उठा सकती हैं इन योजनाओं का लाभ सरकारी जॉब करने वाली, खुद का इनकम टैक्स भरने वाली, आर्थिक सहायता से जुड़ी दिल्ली सरकार की किसी भी अन्य योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं इस योजना के तहत लाभ नहीं ले सकेंगी। योजना का लाभ देने के लिए एक वेब-पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए खुद से आवेदन कर सकती हैं। एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। आवेदन करने वाली सभी महिलाओं के दस्तावेज गोपनीय रखे जाएंगे। वेरिफिकेशन के बाद पात्र महिलाओं के आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में हर महीने 2500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। recent visitors 62

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज, आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कभी भी हो सकता है. ऐसे में हर किसी की नजर नए अध्यक्ष पर है क्योंकि चर्चाओं में एक नहीं, कई नाम हैं. राज्य में बीजेपी के संगठन पर्व के तहत बूथ समिति, मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. वहीं अब संभावना जताई जा रही थी कि जनवरी या फरवरी में प्रदेश अध्यक्ष का भी निर्वाचन हो जाएगा. हालांकि, दिल्ली के विधानसभा चुनाव के चलते निर्वाचन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और निर्वाचन अधिकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का दौरा तय नहीं हो पाया. राज्य में बीते एक पखवाड़े से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की सरगर्मी तेज है और संभावना इस बात की जताई जा रही है कि आगामी दिनों में निर्वाचन अधिकारी धर्मेंद्र प्रधान का भोपाल दौरा हो सकता है. इस प्रवास के दौरान ही निर्वाचन प्रक्रिया भी पूरी कराई जा सकती है. राज्य के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को अध्यक्ष पद पर रहते हुए पांच साल से ज्यादा का समय हो गया है. शर्मा के नेतृत्व में विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े गए जिनमें बीजेपी को बड़ी सफलताएं मिलीं. इन नामों की चर्चा वहीं बूथ विस्तारक अभियान सहित कई अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए नजीर बने हैं. राज्य की बीजेपी इकाई का नया अध्यक्ष कौन होगा? इसके लिए कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसलिए संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पार्टी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है. राज्य में सामान्य वर्ग से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और विधायक हेमंत खंडेलवाल के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. क्या कहते हैं जानकार? वहीं पार्टी का जोर अनुसूचित जनजाति वर्ग के वोट बैंक पर भी है और इसके लिए प्रमुख तौर पर सांसद सुमेर सिंह सोलंकी, फग्गन सिंह कुलस्ते और गजेंद्र पटेल के नाम चर्चा में हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग से लाल सिंह आर्य का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वर्तमान में सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल चल रहा है. आगामी चार साल तक कोई चुनाव नहीं है, लिहाजा पार्टी की कोशिश सत्ता और संगठन में समन्वय रहे, यह प्रयास किए जा रहे हैं. इसलिए ऐसे नाम पर मुहर लगने की ज्यादा संभावना है जो संगठन को बेहतर तरीके से चला सके, सभी में समन्वय रखे और उसका सत्ता से भी टकराव न हो. recent visitors 81

सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विधायक सबनानी ने जन औषधि केंद्रों के माध्यम से मिल रहे फायदों के बारे में की चर्चा

भोपाल प्रधानमंत्री जन औषधि दिवस के उपलक्ष्य में आज भोपाल के शिवाजी नगर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा और विधायक श्री भगवान दास सबनानी शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद श्री शर्मा और विधायक श्री सबनानी ने जन औषधि केंद्रों के माध्यम से मिल रहे फायदों के बारे में चर्चा की। उन्होंने आम जन से भारतीय जन औषधि केन्द्र से मिलने वाली दवाइयों से होने वाले लाभ की भी जानकारी ली। इस दौरान  भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी राज्य कार्यालय में चिकित्सालय के पदाधिकारियों से विभिन्न विषयों पर बातचीत की। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश रेडक्रॉस राज्य शाखा के चेयरमैन डॉ. गगन कोल्हे एवं जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना मध्य प्रदेश के सहायक प्रबंधक अनुज तिवारी, मेडिकल संचालक श्रीमती अनिला गुप्ता भोपाल उपस्थित रहे ।  उल्लेखनीय है कि हर साल 7 मार्च को 'जन औषधि दिवस' मनाया जाता है ताकि इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल को समर्थन देने के लिए 1 से 7 मार्च तक पूरे देश में सप्ताह भर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अभी तक देश में 15 हजार से अधिक जनऔषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। जन औषधि केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती दवाएं मिलती हैं। recent visitors 71

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत 1158 वर-वधु परिणय सूत्र में बंधे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना विकासखंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह में परिणय सूत्र में बंधे 1158 वर-वधु को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। विवाह के इस सामूहिक आयोजन से अपव्यय पर रोक लगती है और सामाजिक एकता का संदेश भी जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली शामिल हुए। पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी पंधाना में हुए कार्यक्रम में 1158 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। उन्होंने कहा कि परिवार में आ रही वधू का बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले की विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुर्वेदी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और खंडवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।   recent visitors 52

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पर्यावरण विभाग की समीक्षा, औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाले डिस्चार्ज का प्लांट में ही हो ट्रीटमेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल का बड़ा तालाब हमारी समृद्ध धरोहर का हिस्सा है, सर्वे कराकर इसके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। बड़े तालाब के आस-पास हो रहे अवैध निर्माण और सीहोर से बड़े तालाब में आने वाले जल को अवरूद्ध करने वाली संरचनाओं के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। सभी जिम्मेदार अधिकारी भोपाल ताल के आस-पास हो रही निर्माण गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और उनके विरूद्ध तत्काल कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास में हुई पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, सचिव पर्यावरण श्री नवनीत मोहन कोठारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की नदियों तथा अन्य जल संरचनाओं को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए इनके आस-पास की औद्योगिक इकाईयों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित हो कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा उनके यहां से निकलने वाले डिस्चार्ज का प्लांट में ही ट्रीटमेंट किया जाए, बड़े होटलों पर भी यह व्यवस्था लागू हो। बैठक में सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत क्षिप्रा तथा कान्ह नदी के जल की गुणवत्ता की निरंतर मॉनिटरिंग तथा इस संबंध में जनजागृति के लिए विशेष गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संरचनाओं में जल जीवों, जल वनस्पतियों की स्थिति और जल की गुणवत्ता के अध्ययन के लिए विश्वविद्यालयों को भी साथ जोड़ा जाए। नदियों के आस-पास हो रही खनन गतिविधियों को नियंत्रित करना आवश्यक है। इसके साथ ही खनन के बाद छोड़े दिए गए गड्ढों को भरने के लिए नगरीय निकाय और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का दायित्व निर्धारित किया जाए। खनन के बाद छूटे स्थानों को तालाब के रूप में विकसित किया जा सकता है, इससे आस-पास के क्षेत्र के जल स्तर में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, देवास और सागर के साथ-साथ सिंगरौली और मंडीदीप की वायु गुणवत्ता सुधार के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किसानों को नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पर्यावरण विभाग, कृषि विभाग के साथ अभियान चलाए। नगरीय क्षेत्र में धूल व प्रदूषण को कम करने के लिए निर्माण गतिविधियों में विशेष सावधानी बरती जाए तथा रेडीमिक्स कांक्रीट के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने पुराने वाहनों से हो रहे प्रदूषण की ओर भी सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 10 तालाबों क्रमश: भोज वेटलैण्ड भोपाल, इंदौर के सिरपुर वेटलैण्ड तथा यशवंत सागर, शिवपुरी के साख्य सागर, जाधव सागर और माधव सागर, दतिया के सीता सागर, अशोकनगर के सिंध सागर, रतलाम के अमृत सागर और सागर के सागर तालाब को वेटलैण्ड नियमों के प्रावधान अनुसार अधिसूचित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रामसर साइट की संख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश के पहले पांच राज्यों में है। वेटलैण्ड एटलस-2021 के अनुसार प्रदेश में 13 हजार 565 वेटलैण्ड्स के भौतिक सत्यापन और सीमांकन का कार्य प्रगति पर है।   recent visitors 37

अडानी के खिलाफ UAE की कंपनी को झटका- धारावी परियोजना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

मुंबई सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अडानी ग्रुप के पक्ष में निर्णय दिया। यूएई स्थित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है और कुछ रेलवे क्वॉर्टर्स का ध्वस्तीकरण भी किया जा चुका है। अपनी याचिका में सेकलिंक ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी पहले की बोली रद्द कर दी गई थी और परियोजना अडानी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को सौंप दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि परियोजना से संबंधित सभी भुगतान सिंगल एस्क्रो खाते से किए जाएं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला उचित था, क्योंकि रेलवे लाइन का भी विकास कर परियोजना में शामिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडानी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने दावा किया था कि उसने 2019 में धारावी पुनर्विकास के लिए 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने रद्द कर दिया और 2022 में नई निविदा जारी की, जो अडानी समूह को दी गई। सेक्लिंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अपनी बोली को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए तैयार है। कोर्ट ने सेक्लिंक को अपनी संशोधित बोली का विवरण एक हलफनामे में जमा करने का निर्देश दिया। यह परियोजना मुंबई के धारावी क्षेत्र, जो एशिया का सबसे बड़ा स्लम माना जाता है, को आधुनिक शहरी केंद्र में बदलने की योजना है। अडानी समूह की रियल एस्टेट कंपनी, अडानी प्रॉपर्टीज, ने नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाकर इस परियोजना में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी, जबकि महाराष्ट्र सरकार के पास शेष 20 प्रतिशत हिस्सा है। recent visitors 38

चैम्प‍ियंस ट्रॉफी फाइनल मुकाबले से पहले सुनील गावस्कर ने रोहित ब्रिगेड को सलाह दी है और कुछ कम‍ियों को सुधारने की बात कही

दुबई भारत-न्यूजीलैंड के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 9 मार्च को चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का फाइनल होना है. लेकिन इस मुकाबले से पहले भारत के द‍िग्गज ओपनर रहे सुनील गावस्कर ने रोहित ब्रिगेड को सलाह दी है और कुछ कम‍ियों को सुधारने की बात कही है. गावस्कर ने कहा- भारत ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं चारों मैच आसानी से जीते भी हैं. लेकिन रोहित शर्मा का फॉर्म थोड़ा गड़बड़ है. रोहित ने चैम्प‍ियंस ट्रॉफी के 4 मुकाबलों में 26 के औसत से 104 रन बनाए हैं. जहां उनका हाइएस्ट स्कोर 41 रहा है. गावस्कर ने कहा- जब आप सलामी बल्लेबाजों को देखते हैं, तो पाते हैं कि उन्होंने भारतीय टीम को उस तरह की शुरुआत नहीं दी जिसकी उन्हें उम्मीद थी. ऐसा नहीं हुआ है, मुझे लगता है कि वहां कुछ कमी है. गावस्कर ने इसके साथ ही दूसरी कमी भी बताई. उन्होंने कहा- नई गेंद के साथ पहले 10 ओवरों में विकेट लेना चाह रहे हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं हो रहा है. वहीं गावस्कर ने यह भी कहा- बीच के ओवरों में हमें विकेट नहीं मिले, हालांकि रन नहीं बन रहे थे, इसलिए ये ऐसे एर‍िया हैं जिनमें आप बेहतर प्रदर्शन करेंगे, इससे फाइनल जीतने की संभावना उतनी ही बेहतर होगी. वहीं गावस्कर ने इस दौरान टीम में 4 स्प‍िनर्स को ख‍िलाने की वकालत की. गावस्कर ने कहा- मुझे लगता है कि इसमें 4 स्पिनर होंगे. ऐसा होना ही चाहिए, अब बदलाव क्यों होगा? चक्रवर्ती के शामिल होने से पता चलता है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं, इसल‍िए अब टीम में क्यों बदलाव होना चाह‍िए. "कई एरियों में सुधार की दरकार" एक चैनल से बातचीत में सनी बोले, "टीम इंडिया का प्रदर्शन त्रुटिहीन नहीं रहा है.जब आप ओपनरों को देखते हैं, तो उन्होंने टीम को वैसी शुरुआत नहीं दी है, जिसकी उनसे उम्मीद थी. ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ है. इसी तरह मेरा साफ तौर पर मानना है कि नई गेंद के साथ भी खामी है. शुरुआती दस ओवरों में आप नई गेंद के साथ दो-तीन विकेट लेना चाहते हो, लेकिन यह नहीं हो रहा है", उन्होंने कहा, "मिड्ल ओवरों  में हमने विकेट नहीं चटकाए हैं. हालांकि, रनों के बहाव पर अंकुश लगाया है, लेकिन विकेट भी आना जरूरी है. इसलिए यहां कई एरिया हैं, जिनमें आप सुधार कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो भारत के खिताब जीतने के आसार बेहतर होंगे." "टीम में किसी बदलाव की जरूरतन नहीं" गावस्कर ने यह भी कहा कि प्रबंधन को फाइनल में इलेवन में ज्यादा बदलाव न करते हुए पिछले दो मैचों की तरह चार स्पिनरों के साथ ही मैदान पर उतरना चाहिए. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि वह चार स्पिनरों के साथ खलेने जा रहे हैं और ऐसा होना ही चाहिए. बदलाव की जरूरत ही क्यों है?", सनी बोले, "वरुण और कुलदीप को खिलाने ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं. साथ ही, वनडे या किसी भी फॉरमेट में में विकेट टेकिंग गेंद डॉट बॉल (खाली गेंद) होती हैं. ऐसे में किसी बदलाव की जरूरत नहीं हैं."  'प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए' गावस्कर का यह भी मानना है कि भारत को फाइनल में अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए और चार स्पिनरों को खिलाने के फॉर्मूले पर टिके रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव दोनों के शामिल होने से भारत के आक्रमण को मजबूती मिली है और उन्हें विजयी संयोजन के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि चार स्पिनर होंगे। कुलदीप के समावेश ने दिखाया है कि वे कितने प्रभावी हो सकते हैं।' 'रोहित लंबे समय तक बल्लेबाजी करें' गावस्कर ने रोहित को सलाह दी कि वे टीम को तेज शुरुआत प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लंबे समय तक बल्लेबाजी करें। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रोहित के दृष्टिकोण का बचाव किया और कहा कि स्टार बल्लेबाज को उनके इम्पैक्ट पर आंका जाता है, न कि उनके नंबरों पर। गावस्कर हालांकि इस टिप्पणी से प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने कहा कि अगर रोहित जैसा बल्लेबाज 25-30 ओवर तक क्रीज पर टिकता है तो वह खेल को विरोधियों से दूर ले जाएगा और इसे भी अपने गेमप्ले में शामिल किया जाना चाहिए। 'रोहित को उतनी सफलता नहीं मिली' उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जिसका वह पिछले दो साल से पालन कर रहे हैं। इसकी शुरुआत भारत में विश्व कप से हुई और वह इस फॉर्मूले पर कायम हैं। उन्हें कुछ सफलता मिली है, हालांकि शायद उतनी नहीं जितनी उम्मीद थी। वह अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जिनके पास कई तरह के शॉट हैं जो खेल में कई अन्य लोगों के पास नहीं है।' गावस्कर ने कहा, 'रोहित 25 ओवर भी बल्लेबाजी करते हैं तो भारत 180-200 के आसपास होगा। कल्पना कीजिए कि अगर उन्होंने तब तक केवल कुछ विकेट गंवाए हों। जरा सोचिए कि वे क्या कर सकते हैं! वह भारत के स्कोर को 350 या उसके पार पहुंचा सकते हैं।' गावस्कर ने कहा कि रोहित को 25-30 रन बनाकर खुश नहीं होना चाहिए और उनकी टीम के लिए उनका प्रभाव कहीं अधिक होना चाहिए। 'रोहित 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी करें' उन्होंने कहा, 'उन्हें इस पर भी विचार करने की जरूरत है। मैदान पर उतरकर आक्रामक खेलना एक बात है, लेकिन खुद को 25-30 ओवर तक बल्लेबाजी का मौका देने के लिए कहीं न कहीं विवेक होना चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं तो वह खेल को विपक्षी टीम से दूर ले जाएंगे। इस तरह का प्रभाव मैच जिताने वाला होता है। मैं जानना चाहता हूं कि एक बल्लेबाज के रूप में, क्या आप 25-30 रन बनाकर खुश हैं? आपको नहीं होना चाहिए! इसलिए मैं उनसे यही कहूंगा, टीम पर आपका प्रभाव और भी अधिक होगा यदि आप सिर्फ सात, आठ या नौ ओवर के बजाय 25 ओवर तक बल्लेबाजी करें तो।'   चैम्प‍ियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत की संभाव‍ित प्लेइंग 11: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती                                  अब तक … Read more