पर्यटन क्षेत्र महिलाओं के लिए बना रोजगार का मुख्य साधन, महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा

शिवपुरी शिवपुरी जिले में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की परियोजनाएं महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल कर रही हैं। महिलाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बन रहा है। विभिन्न स्तरों पर महिलाओं को नए काम देकर पर्यटन रोजगार से जोड़ा जा रहा है। जिले में सुरक्षित पर्यटन स्थल के अंतर्गत सहयोगी संस्था रागनी फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड माधव राष्ट्रीय उद्यान में गाइड के रूप कार्य कर रही हैं, जो महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र में रोजगार का मुख्य साधन बनी हैं। शिवपुरी में सुरक्षित पर्यटन परियोजना को बढ़ावा देने की पहल के पीछे मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां पर आएं। इसी क्रम में प्रशिक्षित महिला टूरिस्ट गाइड को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को पर्यटन प्रबंधन और देखभाल प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नियोक्ता को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्यप्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही हैं एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं। ग्रामीण फार्मस्टे, होमस्टे से भी मिला रोजगार मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में मप्र पर्यटन बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे योजना से ग्रामीणों महिलाओ को जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा फार्म स्टे के माध्यम से देसी-विदेशी पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की पहल की गई है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयासरत है। सशक्त ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग मध्य प्रदेश पर्यटन को भारतीय पर्यटन में एक नया मानक स्थापित कर रही हैं। इनवेस्टर्स समिट में आए मेहमानों को दी गई महिलाओं की बनाई जैकेट बीते दिनों भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित दो दिवसीय इनवेस्टर्स समिट में भी शिवपुरी की बदरवास क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई जाने वाले मोदी जैकेट भी यहां पर आए मेहमानों को दी गईं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट आधारित सत्र में भोपाल में एमएसएमई की तरफ से मेहमानों को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर बदरवास जैकेट दी गई। यह मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास में महिलाओ द्वारा बनाई गई थी। बदरवास की इन महिलाओं को आज जैकेट निर्माण से अच्छा खासा रोजगार मिल रहा है।   recent visitors 45

भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है

सी.एम. ब्लॉग अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष भोपाल "नारी अस्य समाजस्य कुशलवास्तुकारा अस्ति" “नारी समाज की आदर्श शिल्पकार है”, भारतीय दर्शन का यह उल्लेख नारी शक्ति और निर्माण का आह्वान है। भारत में नारी सदैव अग्रणी रही है, प्रथमा रही है। मातृशक्ति को आदि शक्ति माना जाता है। हमारी परंपरा, संस्कृति और चिंतन में नारी का सम्मान रहा है। यह हमारे लिये गौरव की बात है कि पूरे संसार ने महिला सशक्तिकरण को स्वीकार किया और 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन करता हूँ। विश्व पटल पर यह दिन चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन देश में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई नवाचार हुए और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा गया। इन योजनाओं का अनुकरण अन्य प्रांतों ने भी किया। इस तरह मध्यप्रदेश, देश में महिला सशक्तिकरण के लिए अग्रणी प्रांत बन गया। प्रधानमंत्री जी ने हमें विकास के साथ विरासत का सूत्र दिया है। भारत की वैचारिक विरासत नारी सम्मान की रही है।यदि सामाजिक वातावरण में मर्यादा होगी, नारी सम्मान होगा तो अपराध अपने-आप कम हो जायेंगे और नारी स्वयमेव सुरक्षित हो जाएगी। इसीलिए भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हमने प्रदेश में आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता और नारी सम्मान के लिये 19 स्थानों को नशामुक्त करने का निर्णय लिया है। इससे हमारे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहेगी, नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी, घरेलू हिंसा में नियंत्रण के साथ महिलाओं के सामाजिक तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। मुझे उम्मीद है कि शराबबंदी से आध्यात्मिक स्थलों की पवित्रता के साथ महिलाओं के सम्मान को लेकर सकारात्मक बदलाव आयेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत विकास की नई करवट ले रहा है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ज्ञान (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। इसके अंतर्गत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। विकास के आधार स्तम्भ में से एक, महिलाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास और विमेन लीड डेवलपमेंट के प्रयास को समन्वित रूप से लागू करने के लिए प्रदेश में पहली बार देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन शुरू किया गया है। मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास, सुरक्षा, विभिन्न शासकीय सेवाओं की पहुँच में सुनिश्चितता, महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन और समाज में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास शामिल हैं। नारी शक्ति मिशन के तहत बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी। महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है। मोदी जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया जिससे महिलाओं की भूमिका न केवल परिवार और समाज के विकास में अग्रणी रहे, अपितु विकसित भारत अभियान में भी उनकी सहभागिता हो। प्रधानमंत्री जी ने आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान, मातृ वंदना, महिला स्व-रोज़गार, सुकन्या समृद्धि आदि योजनाओं की श्रृंखला से महिलाओं के समग्र विकास को सुनिश्चित किया है। मेरा मानना है कि नारी का गौरव राष्ट्र के सपने पूरे करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनप्रतिनिधित्व में एक-तिहाई महिलाओं को शामिल किया है। मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है जिसमें शासकीय सेवाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। प्रदेश में लाडो अभियान, शौर्या दल, मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। बहनों के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिये लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को और सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना से प्रदेश की 19 लाख बालिकाओं को आर्थिक संबल दिया है। मध्यप्रदेश में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की यूनिसेफ ने सराहना की है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें महिलाओं को बड़ी संख्या में रोज़गार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। हम हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नीतियाँ लेकर आये हैं। इनमें एमएसएमई विकास नीति में महिला उद्यमी इकाई को विशेष लाभ का प्रावधान है। ड्रोन संवर्धन नीति में हमारी ड्रोन दीदी योजना अधिक विस्तारित होगी। हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें माननीय प्रधानमंत्री जी के लोकल से ग्लोबल के लक्ष्य को धरातल पर उतार रही हैं। प्रदेश में लगभग पाँच लाख से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्वावलंबन का जनांदोलन खड़ा कर दिया है। प्रदेश की बीपीएल श्रेणी की 4 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन गई हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं के लिए किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के नये आयाम विकसित हुए हैं। वे सशक्त, समृद्ध और स्वावलंबी होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण के लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं, मुझे पूरी उम्मीद है कि इससे बेटा-बेटी, महिला-पुरुष के बीच का भेदभाव समाप्त होगा। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से सहयोग आवश्यक है तभी हम बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। मैं प्रदेश की सभी बहनों को यह विश्वास दिलाता हूँ कि मध्यप्रदेश सरकार और उनका भाई उनके साथ है। व्यक्ति, परिवार और समाज निर्माण के केन्द्र में नारी है। इसीलिए प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत निर्माण के लिए महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात कही है। उन्होंने विश्व में भारत को सर्वश्रेष्ठ स्थान पर … Read more

आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों तथा ग्रामीणजनों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो। साथ ही सरकारी संपत्ति को किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों, उपकरणों एवं खंभो से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जरा सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसी लाईनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि ऑंधी तूफान या अन्य कारणों से अकस्मात टूट जाएं तो उनके समीप जाकर, उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। लाईन टूटने की सूचना निकटस्थ कंपनी अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को शीघ्र दें, संभव हो तो किसी व्यक्ति को उस जगह, अन्य राहगीरों को चेतावनी देने के लिए रखें अथवा 1912 पर संपर्क कर सूचना जरूर देवें। नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाईन से समूचित दूरी रखें, यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कर्मचारी की सलाह लें। खेतों खलिहानों में ऊँची – ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी मकान तंबू आदि विद्युत लाईनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाईनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंचाई तक भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। गॉव और शहरों में होली का उत्‍सव मनाने के दौरान बहुत सी लकड़ियों को इकट्ठा कर चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है। यदि विद्युत लाईनें ऊपर से जा रही हों तो तारों के नीचे होली नहीं जलानी चाहिए। क्‍योंकि आग की लपटों से एल्यूमिनियम के तारों के गलने और टूटने की संभावना होती है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलने के दौरान तरह-तरह के धागे, डोर विद्युत की लाईनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाईनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढने ना दें। विद्युत लाईन पर तार या झाडियॉ न फेंके एवं लाईनों के नीचे ऊंचे तथा फलदार वृक्ष ना लगायें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाईनों के पास लगे वृक्ष या उसकी शाखा न काटें यदि कटी डाल लाईन पर गिरती है तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने खेत, खलिहान, घर या संपत्ति की सुरक्षा के लिये अवरोधक तारों (फेंसिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इस तरह से विद्युत सुरक्षा को लेकर आप भी सचेत रहें, और दूसरों को भी सचेत करें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित न हों। आवश्यक जानकारी के लिये कंपनी के टोल फ्री नं.1912 पर कॉल लगाएं या फिर वितरण केन्द्र से संपर्क स्थापित करें।   recent visitors 36

अमेरिका के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव, इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'टैरिफ प्रेम' से दुनियाभर में भारी तनाव है. दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के ट्रंप के बयान ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी की कदमताल ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प होगा. चीन ने कहा कि एक दूसरे के राह में रोड़े अटकाने के बजाए हमें एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करना चाहिए. एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा. ऐसा करके ही दोनों देशों और उनके लोगों के हितों को साधा जा सकता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि जब चीन और भारत हाथ मिलाते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक खुलापन आता है और ग्लोबल साउथ के और मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता और बिना सहयोग के किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. दोनों देश मिलकर दुनिया को और बेहतर कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोल्ड फैसलों के बीच दुनियाभर में ट्रेड वॉर का आगाज हो गया है. ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया है. हालांकि, मेक्सिको को इससे कुछ समय के लिए राहत दी गई है. कनाडा को भी कुछ आंशिक राहत दी गई है. लेकिन ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बयान के बाद दुनियाभर में सुगबुगाहट है. इसके बाद अमेरिका में चीन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा था कि अगर अमेरिका युद्ध ही चाहता है, तो युद्ध सही. फिर चाहे वह ट्रेड वॉर हो या किसी दूसरी तरह का युद्ध. हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि हम पर जो भी देश जितना भी टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे. अन्य देश हम पर दशकों से बेइंतहा टैरिफ लगा रहे हैं. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अन्य देश हम पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए रहे हैं, जो गलत है. भारत हम पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ट्रंप ने कहा कि आगामी 2 अप्रैल से जो भी देश अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाएगा उस पर हम भी उतना ही टैरिफ लगाएंगे. दूसरे देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है. लेकिन अब हमारी बारी है कि हम इसी टैरिफ का उन देशों के खिलाफ इस्तेमाल करे.   recent visitors 87

अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस पर ग्रामीण आजीविका मिशन में कई नवाचारों एवं अभियानों का होगा शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्‍व-सहायता समूहों को बैंक ऋण राशि वितरण, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्‍त बेटियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करेंगे। कार्यक्रम में भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार के तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही मिशन के अन्‍य कार्यों का शुभारंभ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उनके उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्‍य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगीं। म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन के डिजीटल ई-न्‍यूज लैटर ‘’आजीविका अनुभूति’’ का विमोचन किया जायेगा। सीहोर जिले के समूह सदस्‍यों को आवागमन हेतु 200 ई-सायकिल का वितरण, प्रदेश के छह प्रमुख शहरों भोपाल, इन्‍दौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, उज्‍जैन एवं धार में जैविका हाट बाजारों का शुभारंभ, वित्‍तीय साक्षरता अभियान का शुभारंभ, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाय) अंतर्गत विशेष रूप से युवितयों के लिये 05 प्रशिक्षण बैच, आरसेटी के माध्‍यम से बालाघाट, डिण्‍डोरी एवं अलीराजपुर जिलों में पारंपरिक कला एवं शिल्‍प के प्रोत्‍साहन हेतु कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ, डीडीयूजीकेवाय अंतर्गत 1000 युवतियों को नियुक्ति पत्र प्रदाय किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘’पढेंगे हम–बढेंगे हम’’ साक्षरता अभियान का शुभारंभ और भोपाल शहर में चलित जैविक हाट बाजार हेतु तीन वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया जायेगा। इस अवसर भोपाल जिले के 02 स्‍व-सहायता समूहों को 10-10 लाख रूपये का बैंक ऋण राशि भी प्रतीक स्‍वरूप दी जायेगी।   recent visitors 43

जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह अवसर है उन उपलब्धियों को सराहने का, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल हुई हैं। साथ ही, यह दिन हमें यह सोचने का अवसर भी प्रदान करता है कि आगे का रास्ता क्या होना चाहिए। भारत जैसे देश में, जहाँ नारी को शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक माना जाता है, वहाँ जनजातीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। जनजातीय महिलाएँ अपनी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान की प्रतीक रही हैं। सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण जनजातीय वर्ग की महिलायें लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इस दूरी को समाप्त कर रही है। उद्देश्य यह नहीं कि वे केवल लाभार्थी बनें, बल्कि वे समाज की निर्णायक शक्ति बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करें। सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम सरकार की सोच यह नहीं कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ मिले, बल्कि वे अपने निर्णय स्वयं ले सकें, अपने व्यवसाय और कार्यक्षेत्र में मजबूती से खड़ी हो सकें। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत जनजातीय महिलाओं को उनके द्वारा संग्रहीत वन उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए सशक्त तंत्र विकसित किया गया है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि वे अब स्वयं का व्यवसाय भी कर रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना ने बालिका शिक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की सुरक्षा कर रही है। स्टैंड-अप इंडिया योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को स्व-रोजगार हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे खुद के व्यवसाय की स्थापना कर सकें। मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में भी आगे बढ़कर कार्य कर रही है। पीछे नहीं है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में राज्य सरकार महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री आदिवासी महिला उद्यमिता योजना ने जनजातीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर घर जल योजना ने जल संकट से जूझ रही ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए राहत प्रदान की है, जिससे उनका दैनिक जीवन सरल हुआ है। पेसा अधिनियम ने ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती प्रदान की है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग और जागरूक हो रही हैं। अब वे अपनी ग्राम सभाओं में न केवल सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, बल्कि अपने समुदाय की नीतियाँ तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। संघर्ष से सशक्त नेतृत्व तक का सफर मैं स्वयं एक जनजातीय महिला हूँ। जीवन में संघर्ष मेरे लिए नया नहीं है। बचपन में परिवार की मदद के लिए ईंट-भट्टों पर मजदूरी से लेकर सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और अब मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर आसान नहीं था। लेकिन मेरी पार्टी का संगठनात्मक सशक्तिकरण और मजबूत नेतृत्व ही है, जिसने मुझे और हमारे समाज की लाखों महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए। मेरी पार्टी ने सदैव जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी है। जब देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मिलीं, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे जनजातीय समाज की उपलब्धि थी। यह इस बात का प्रमाण है कि अगर महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलें, तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है, यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की उन्नति का आधार है। महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय लेने में भागीदार बनाना ही सही मायनों में सशक्तिकरण है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज में उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज, जब दुनिया नारी शक्ति का सम्मान कर रही है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समाज के सबसे वंचित वर्ग- जनजातीय और अनुसूचित जाति की महिलाएँ-विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मेरा सभी माताओं, बहनों और बेटियों से आग्रह है कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएँ, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो समाज और देश भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।   recent visitors 53

मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की अनुकूल नीतियां, विकसित अधोसंरचना और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी सुविधाएं राज्य को दवा कंपनियों और चिकित्सा उपकरण निर्माताओं के लिए फेवरेट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बना रही हैं। जीआईएस-भोपाल में हेल्थकेयर, फार्मा और मेडिटेक क्षेत्र की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्यप्रदेश चिकित्सा उपकरण निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उज्जैन में विकसित हो रहे 75 एकड़ के मेडिकल एवं फार्मास्यूटिकल पार्क को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों के लिए ‘बेस्ट डेस्टिनेशन’ करार दिया। 'मॉलिक्यूल टू मशीन' अवधारणा से आगे बढ़ता मध्यप्रदेश जीआईएस-भोपाल में आयोजित ‘मॉलिक्यूल्स-टू-मशीन (हेल्थकेयर, फार्मा, मेडिटेक)’ सत्र के दौरान, विशेषज्ञों ने इस अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश दवा निर्माण से लेकर चिकित्सा उपकरण उत्पादन तक पूरे हेल्थकेयर इको सिस्टम को मजबूत कर रहा है। राज्य में फार्मास्युटिकल कंपनियों, एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण इकाइयों और मेडिकल डिवाइस विनिर्माण में तेजी से वृद्धि हो रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क में बढ़ता निवेश एसोसिएशन ऑफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के समन्वयक श्री राजीव छिब्बर ने बताया कि उज्जैन स्थित विक्रम उद्योग नगरी में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में 23 विनिर्माताओं ने निवेश करने की पुष्टि की है। सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत दी जा रही रियायतों और सुविधाओं के कारण निवेशकों की इकाइयां स्थापित करने की लागत काफी कम हो रही है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिल रहा है। मेडिकल टेक्सटाइल में अपार संभावनाएं जीआईएस-भोपाल के शुभारंभ संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को ‘मेडिकल टेक्सटाइल्स’ का प्रमुख केंद्र बताया। सर्जिकल गाउन, मास्क, पीपीई किट, सैनिटरी नैपकिन और अन्य उत्पादों के निर्माण में राज्य की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। कोविड महामारी में भारत ने मास्क और पीपीई किट के उत्पादन में वैश्विक पहचान बनाई थी, जिसे मध्यप्रदेश आगे बढ़ा रहा है। ध्यप्रदेश, प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में शामिल मध्यप्रदेश देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों में से एक है। वर्तमान में प्रदेश में 270 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें से 80 से अधिक पीथमपुर में स्थित हैं। राज्य में निर्मित दवाइयां 160 से अधिक देशों में निर्यात की जा रही हैं। प्रमुख निवेशकों में सनफार्मा, सिप्ला, लुपिन, एल्मेंबिक, टॉरेंट फार्मा और एल्केमिस्ट जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। हरसंभव सहायता और तय समय में मंजूरियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार फार्मा और मेडिकल उपकरण कंपनियों को निवेश के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। सरकार की ओर से लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में सुनिश्चित की जा रही हैं। 17 हजार करोड़ का निवेश और 49 हजार रोजगार सृजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण इस जीआईएस-भोपाल में निवेशकों ने इस सेक्टर में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इससे लगभग 49 हजार नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। प्रदेश के फार्मा उद्योग को मिली ग्लोबल पहचान जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश के फार्मा, हेल्थकेयर और चिकित्सा शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की क्षमताओं का परिचय देश-विदेश के निवेशकों को मिला है। इससे यहाँ निवेश संभावनाओं को ग्लोबल पहुंच मिली है। भविष्य में प्रदेश को भारत में ही नहीं विदेश में भी इस सेक्टर में आदर्श निवेश स्थल की पहचान मिलेगी। मध्यप्रदेश के फार्मास्युटिकल सेक्टर में एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, 270 से अधिक दवा निर्माता कंपनियां और 250 से अधिक फार्मेसी संस्थान सक्रिय हैं, 160 से अधिक देशों में दवाइयों का निर्यात किया जाता है, 39 एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स (एपीआई) निर्माण की इकाइयां स्थापित हैं, राज्य के कुल निर्यात में 25% फार्मा उद्योग की हिस्सेदारी है और 5 वाणिज्यिक हवाई अड्डे और 6 अन्तर्देशीय कंटेनर डिपो उद्योग समूहों की सुविधा के लिये उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ग्लोबल-इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी जीआईएस-भोपाल में 300 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक मंच पर आए, जहां भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में नवाचार और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर फार्मा और मेडिकल डिवाइस निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।   recent visitors 47