मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली और बस यात्रा देने की बजट में घोषणा

जम्मू जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में शून्य घाटे वाला बजट पेश किया, जिसमें 2025-2026 के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये के खर्च की घोषणा की गई। केंद्र शासित प्रदेश के बहु-क्षेत्रीय कल्याण और विकास पर जोर दिया गया गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त विभाग भी संभाल रहे अब्दुल्ला ने विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। जम्मू-कश्मीर की सभी महिलाओं को एक अप्रैल से ई-बसों सहित सभी सरकारी परिवहन में मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान की जाएगी। विधानसभा में बजट पेश करने के दौरान अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए प्रशंसा की। जम्मू-कश्मीर का साल 2018 के बाद से यह पहला वार्षिक बजट है। 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच, अब्दुल्ला ने एक फारसी दोहे के साथ अपना भाषण शुरू किया और कहा, "मैं आज वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट पेश करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं, जो सात वर्षों में सामूहिक सरकार का पहला बजट है। हालांकि यह एक सम्मान की बात है, लेकिन मैं इस महत्वपूर्ण मोड़ पर जम्मू-कश्मीर के वित्त का संरक्षक होने के साथ आने वाली जिम्मेदारी के भार से अच्छी तरह वाकिफ हूं।" 1,12,310 करोड़ रुपये का शुद्ध बजट उन्होंने कहा कि यह एक नए और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के लिए एक रोड मैप है, जो हमारे लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और सतत विकास के लिए एक मजबूत नींव रखता है। अब्दुल्ला ने कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल शुद्ध बजट अनुमान 1,12,310 करोड़ रुपये है, जिसमें वेज एंड मीन्स एडवांस और ओवरड्राफ्ट के प्रावधान शामिल नहीं हैं।" शून्य घाटे वाले बजट पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा, “अपेक्षित राजस्व प्राप्तियां 97,982 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्तियां 14,328 करोड़ रुपये हैं। इसी तरह, राजस्व व्यय 79,703 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 32,607 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में शून्य घाटे वाला बजट पेश किया, जिसमें 2025-2026 के लिए 1.12 लाख करोड़ रुपये के खर्च की घोषणा की गई। केंद्र शासित प्रदेश के बहु-क्षेत्रीय कल्याण और विकास पर जोर दिया गया गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त विभाग भी संभाल रहे अब्दुल्ला ने विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने अंत्योदय अन्न योजना परिवारों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। जम्मू-कश्मीर की सभी महिलाओं को एक अप्रैल से ई-बसों सहित सभी सरकारी परिवहन में मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान की जाएगी। विधानसभा में बजट पेश करने के दौरान अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए प्रशंसा की। जम्मू-कश्मीर का साल 2018 के बाद से यह पहला वार्षिक बजट है। 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया था। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच, अब्दुल्ला ने एक फारसी दोहे के साथ अपना भाषण शुरू किया और कहा, "मैं आज वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट पेश करने के लिए आपके सामने खड़ा हूं, जो सात वर्षों में सामूहिक सरकार का पहला बजट है। हालांकि यह एक सम्मान की बात है, लेकिन मैं इस महत्वपूर्ण मोड़ पर जम्मू-कश्मीर के वित्त का संरक्षक होने के साथ आने वाली जिम्मेदारी के भार से अच्छी तरह वाकिफ हूं।" 1,12,310 करोड़ रुपये का शुद्ध बजट उन्होंने कहा कि यह एक नए और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के लिए एक रोड मैप है, जो हमारे लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और सतत विकास के लिए एक मजबूत नींव रखता है। अब्दुल्ला ने कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल शुद्ध बजट अनुमान 1,12,310 करोड़ रुपये है, जिसमें वेज एंड मीन्स एडवांस और ओवरड्राफ्ट के प्रावधान शामिल नहीं हैं।" शून्य घाटे वाले बजट पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा, "अपेक्षित राजस्व प्राप्तियां 97,982 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्तियां 14,328 करोड़ रुपये हैं। इसी तरह, राजस्व व्यय 79,703 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 32,607 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।" 'समावेशी विकास को प्राथमिकता' अनुमानों के बारे में बातते हुए उन्होंने कहा कि सकल प्राप्तियां 1,40,309.99 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसमें 28,000 करोड़ रुपये के ओवरड्राफ्ट के प्रावधान शामिल हैं। अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि बजट में समावेशी विकास, राजकोषीय विवेक और बुनियादी ढांचे, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और डिजिटल शासन में रणनीतिक निवेश को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य क्षेत्रीय असमानताओं को पाटना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना और निवेश और नवाचार को आकर्षित करने के लिए व्यवसाय के अनुकूल माहौल को बढ़ावा देना है।" recent visitors 57

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की पत्नी प्रतिभा ने सिंघार के खिलाफ कोर्ट में लगाए आरोप, महिला मित्र से जुड़ा मामला

भोपाल  विपक्ष के नेता उमंग सिंघार पर उनकी पत्नी प्रतिभा मुदगल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतिभा ने सुप्रीम कोर्ट में 142 पन्नों की याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने सिंघार पर अपनी कथित महिला मित्र सोनिया भारद्वाज की जान लेने का आरोप लगाया है। प्रतिभा का दावा है कि एक आईपीएस अधिकारी की मदद से सिंघार ने इस घटना दूसरा रूप दे दिया। यह मामला 2021 का है, जब सोनिया का शरीर सिंघार के बेडरूम में मिला था। पुलिस जांच पर भी प्रतिभा ने सवाल उठाए हैं। प्रतिभा मुदगल ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हैं। याचिका में बताया गया है कि सोनिया के बेटे आर्यन ने 18 मई 2021 को डीजीपी को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में आर्यन ने साफ तौर पर लिखा था कि उनकी मम्मी की जान ली गई है। लेकिन सिंघार ने अपने रिश्तेदार और पुलिस अधिकारियों की मदद से मामले को दूसरा रूप दे दिया। सिंघार पर वकील के गंभीर आरोप प्रतिभा के वकील वीवी गौतम ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार और उनके कुछ साथी नेताओं का एक गिरोह है। यह गिरोह हाई-प्रोफाइल महिलाओं को फंसाकर उनका शोषण करता है। वकील के मुताबिक सोनिया भी इसी गिरोह का शिकार हुईं। 2021 में गई सोनिया भारद्वाज की जान सोनिया भारद्वाज की मौत 2021 में हुई थी। उनका शव उमंग सिंघार के बेडरूम में मिला था। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे अपनी जान लेना बताया, लेकिन सोनिया के बेटे आर्यन द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र में मामला कुछ और निकला। 142 पेज की याचिका में प्रतिमा ने 2022 में जबलपुर हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत उमंग सिंघार को क्लीन चिट दी गई थी। इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सिंघार की पत्नी प्रतिमा मुद्गल और उनके वकील वकुल गौतम से बात की। प्रतिमा ने कहा- मुझे भी मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया था। यहां तक कि जान से मारने की कोशिश की गई थी। मैं सुप्रीम कोर्ट के सामने सारे सबूत रखूंगी। अब जानिए, सिंघार की पत्नी ने क्या कहा… मुझे भी जान से मारने की कोशिश की भास्कर ने जब सिंघार की पत्नी प्रतिमा मुद्गल से बात की तो उन्होंने बताया- सिंघार ने मुझसे 16 अप्रैल 2022 को भोपाल में शादी की थी। शादी के बाद सिंघार का बर्ताव बदल गया। वे मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। मुझे धक्का देते थे और कई बार जान से मारने की धमकी भी देते थे। 26 अक्टूबर 2022 को मेरे पति ने शराब पीकर मुझे कई बार बोला कि जमीन में जो कट्टा गढ़ा है, उसे लेकर आओ। आज तुम्हारा काम खत्म कर देते हैं। उसके बाद मेरा हाथ पकड़ा और मुझे जबरदस्ती बालकनी से लटका दिया था। मैंने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई थी। इस पूरे मामले की शिकायत मैंने धार थाने में की थी। सोनिया केस में निष्पक्ष जांच हो इस सवाल का जवाब देते हुए प्रतिमा के वकील वकुल गौतम ने तर्क दिया- प्रतिमा मुद्गल को फरवरी के दूसरे हफ्ते में पता लगा कि सोनिया भारद्वाज के मामले में दर्ज एफआईआर रद्द हो गई है। प्रतिमा चाहती हैं कि सोनिया केस में निष्पक्ष जांच हो। जांच भी सीबीआई या दूसरी ऐसी एजेंसी करें, जिसमें सरकार का दखल न हो। सभी तथ्य सामने आना चाहिए। जिससे पता लगे कि ये हत्या है या आत्महत्या। सभी सबूतों का अच्छे से इन्वेस्टिगेशन हो। क्यों लग रहा है कि सोनिया ने खुदकुशी नहीं की, ये हत्या है प्रतिमा के वकील वकुल गौतम का कहना है कि उमंग सिंघार के घर पर लिव-इन-पार्टनर सोनिया भारद्वाज का शव मिला था। परिस्थितिजन्य सबूत इस तरफ इशारा कर रहे थे कि ये एक मर्डर था। मगर, पुलिस ने आईपीसी की धारा 306 में मामला दर्ज किया था, जो सुसाइड की धारा थी। अब आईपीसी की जगह बीएनएस लागू हो गया है। उस समय उमंग सिंघार के रिश्तेदार एमपी पुलिस में बड़े ओहदे पर तैनात थे। ऐसा लगता है कि उनकी मदद से हत्या के केस को आत्महत्या में कन्वर्ट कर दिया गया। वकुल गौतम ने आरोप लगाया- सिंघार का अतीत ये है कि सिंघार और उनके करीबी नेताओं का एक संगठित गिरोह है, जो हाई प्रोफाइल महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण करता है। उसके बाद या तो शादी करते हैं या लिव-इन-रिलेशन में रखते हैं। इसके बाद उस महिला को टॉर्चर किया जाता है। इसी क्रम में सोनिया भारद्वाज की हत्या की गई है।   सोनिया ने पहले पति को छोड़ा, दूसरी शादी भी नहीं चली सोनिया की जिंदगी की कहानी में ऊंचे ख्वाब और निजी जिंदगी की परेशानियां शामिल थीं। वह एक ऐसी महिला थी, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहती थी लेकिन उसकी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए। सोनिया ने अपने पहले पति संजीव को छोड़कर दूसरी शादी एक बंगाली शख्स से की थी, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा दिन तक नहीं चला। वह अपने बेटे आर्यन से बहुत प्यार करती थी और उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। आर्यन तब शिमला में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। बेटे की पढ़ाई का पूरा जिम्मा सोनिया ने अकेले ही उठाया था। सोनिया और उमंग सिंघार की पहचान एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। एक दिन मार्केटिंग कंपनी के काम के सिलसिले में सोनिया भोपाल आई थी। यहां वह कांग्रेस नेता उमंग सिंघार से मिली। इसके बाद दोनों दो साल तक एक दूसरे के संपर्क में रहे। साल 2020 में उमंग सिंघार और सोनिया भारद्वाज की सगाई हुई थी। क्या है मामला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के घर के बेडरूम में एक महिला का शव मिला। 16 मई 2021 को मिले इस शव की पहचान सोनिया भारद्वाज के रूप में की गई। वे उमंग सिंघार की लिव इन पार्टनर Umang Singhar live in partner थीं। पुलिस ने तब आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या का केस दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि तब उमंग सिंघार के एक ​​परिचित अधिकारी ने हत्या को सुसाइड का केस बनाने में सहायता की थी। पुलिस में मामला दर्ज होने … Read more

कार्तिकेय-अमानत की शादी, बारात में खूब नाचे शिव-साधना, सिंधिया थिरके

भोपाल /जोधपुर  केंद्रीय मंत्री और मप्र के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय और अनुपम बंसल की बेटी अमानत शादी के बंधन में बंध गए। राजस्थान के जोधपुर जिले के शाही उम्मेद भवन पैलेस में गुरुवार रात को दोनों ने सात फेरे लेकर एक दूसरे को सात वचन दिए और जिंदगी भर साथ निभाने का वादा किया। इस शाही समारोह में देश प्रदेश के कई बड़े नेता, उद्योगपति और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इससे पहले कार्तिकेय रथ पर सवार होकर अमानत को लेने के लिए बारात के साथ निकले। बारात में शिवराज सिंह समेत पूरा चौहान परिवार और तमाम बड़े नेता झूमते नजर आए। शाही अंदाज से उम्मेद भवन पैलेस से घोड़ों, ऊंट और लवाजमे के साथ की बारात धूमधाम के साथ निकाली गई। वरमाला के बाद हुई फेरों की रस्म जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम को कार्तिकेय की बारात उम्मेद भवन पैलेस के लांसर लॉन से रवाना हुई। दूल्हे कार्तिकेय के लिए दो घोड़े की बग्गी सजाई गई थी। साथ ही बारात के शाही लवाजमे में एक दर्जन से अधिक घोड़े, ऊंट और पालकियां भी थीं। बारात में शिवराज सिंह जमकर थिरके। उन्होंने अपने छोटे बेटे कुणाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ खूब डांस किया। कुछ देर बाद लांसर लॉन से रवाना कार्तिकेय की बारात बद्री लान पहुंची, जहां वरमाला की रस्म हुई। इसके बाद फेरों की रस्म की गई। एक दूसरे का हाथ थामकर कार्तिकेय और अमानत ने सात फेरे लिए। दोनों की शादी की रस्में मप्र से जोधपुर पहुंचे पंडितों ने कराईं। इस शादी शादी के लिए उम्मेद भवन पैलेस को खास तौर से सजाया गया था। दिग्गजों की शिरकत शादी में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज शामिल हुए. वहीं,  राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा समेत मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहे. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई मंत्रियों ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया. गुरुवार सुबह से मेहमानों का आगमन शुरू हुआ, जिसमें 12 चार्टर विमान जोधपुर एयरपोर्ट पर उतरे. भव्य आयोजन और रंगारंग माहौल बता दें कि शिवराज मंगलवार को पत्नी साधना, बेटे कार्तिकेय और 35 परिजनों के साथ जोधपुर पहुंचे. बंसल परिवार ने उनका पारंपरिक स्वागत किया. मंगलवार से रस्में शुरू हुईं, बुधवार को संगीत की रंगारंग शाम हुई और 6 मार्च को सात फेरे संपन्न हुए. बारात में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्नी ने मारवाड़ी धुनों पर ठुमके लगाए, जिसे देख मेहमानों ने तालियां बजाईं. जोधपुर की मिठाइयां, केर-सांगरी और बाजरे का सोगरा मेहमानों को परोसा गया. सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस हाई-प्रोफाइल शादी के लिए सुरक्षा चाक-चौबंद रही. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गजेंद्र सिंह शेखावत ने व्यवस्थाओं पर नज़र रखी. उम्मेद भवन, जो प्रियंका चोपड़ा-निक जोनस और नीता अंबानी के आयोजनों का गवाह रह चुका है, फिर से शाही ठाठ का प्रतीक बना. इस अवसर पर शिवराज ने कहा, "आज का दिन मेरे और धर्मपत्नी साधना के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली और हर्षोल्लास से भरा है. मेरे हृदय में गर्व और आत्मीयता के भाव उमड़ रहे हैं, मेरे बेटे कार्तिकेय आज गृहस्थ जीवन के पवित्र बंधन में बंध गए हैं और अमानत बेटी बनकर हमारे घर आ रही है." आगे के आयोजन शादी के बाद 12 मार्च को भोपाल के जंबूरी मैदान और 18 मार्च को दिल्ली के एयरफोर्स ग्राउंड में रिसेप्शन होगा. यह आयोजन दो परिवारों के मिलन के साथ-साथ राजनीति और उद्योग जगत के संगम का प्रतीक बन गया. सिंधिया का डांस इस समारोह की खास झलक रहा. बारात में जमकर किया गया डांस कार्तिकेय की बारात में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को शिवराज सिंह चौहान ने गले लगाया। साथ ही शिवराज सिंह ने उनके साथ डांस भी किया। इस दौरान बैंड की स्वर लहरियों और ढोल नगाड़ों की थाप के बीच शिवराज की पत्नी साधना सिंह और सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे भी थिरकी नजर आईं। बेटे की शादी में शिवराज सिंह जोधपुरी सूट में सज-धज कर तैयार हुए। वहीं, बारातियों के लिए विशेष तौर से जोधपुरी साफा का इंतजाम किया गया था। इस विवाह समारोह में जोधपुर के पूर्व नरेश गज सिंह भी शामिल हुए, उन्होंने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। विवाह समारोह में पहुंचे महमानों के रुकने का इंतजाम उम्मेद भवन पैलेस, होटल आईटीसी वेलकम, होटल रेडिसन और अजीत भवन में किया गया था।    रामचरित मानस की भेंट इससे पहले गुरुवार को संगीत और मेहंदी सेरेमनी हुई। जिसमें कार्तिकेय और अमानत ने पिता शिवराज सिंह को रामचरित मानस भेंट की। इस गिफ्ट को देखकर शिवराज भावुक हो गए। उन्होंने बेटे और बहू को नया जीवन शुरू करने से पहले सीख देते हुए कहा कि आप अर्थपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण जीवन जिएं। जीना उसका जीना है, जो औरों के लिए जिएं। बता दें कि इससे एक दिन पहले बुधवार को शिवराज सिंह चौहान का जन्मदिन भी था। कई वीआईपी मेहमान विवाह समारोह में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय और शूज कंपनी लिबर्टी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुपम बंसल की बेटी अमानत के विवाह समारोह में कई हस्तियां शामिल हुईं। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी, उप मुख्यमंत्री डॉ . प्रेमचंद बैरवा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर, भाजपा नेता राजेंद्र सिंह राठौड़, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, खेल मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल सांसद आलोक शर्मा समेत कई अन्य नेता और मंत्री शादी समारोह में शामिल हुए।   recent visitors 20

सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में पिछले 3 तीन से लगी आग ने लिया विकराल रूप, खाली कराए गए मकान

उदयपुर उदयपुर में सज्जनगढ़ की पहाड़ियों में तीन दिनों से लगी आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन दावानल थमने का नाम नहीं ले रहा। गर्मी की शुरुआत के साथ ही पहाड़ियां सुलगने लगी हैं। मंगलवार को सज्जनगढ़ के गोरेल्ला चौकी क्षेत्र की पहाड़ियों में आग लग गई थी, जो कुछ ही देर में आसपास फैल गई। आग बुझाने के लिए मंगलवार शाम से ऑपरेशन जारी है, लेकिन बढ़ती लपटों को देखते हुए आसपास के सभी मकानों को खाली करा लिया गया है। गुरुवार दोपहर उदयपुर जिला कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। उदयपुर के सभी फायर स्टेशनों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग बुझाने में जुटी हुई हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण असल पॉइंट तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। हवा के रुख के साथ आग तेजी से फैल रही है। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे आग इतनी भड़क गई कि लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। प्रशासन को लोगों को घर खाली कराने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई लोग मवेशियों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। आग के विकराल रूप के कारण पूरा इलाका धुएं से ढका हुआ है और लोगों ने दो दिनों से आसमान साफ नहीं देखा। प्रशासन ने इलाके में एहतियातन बिजली कनेक्शन भी काट दिए हैं। उदयपुर जिला प्रशासन लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है और राहत कार्य जारी है।   recent visitors 45

गुनहगार तहव्वुर राणा की अर्जी फिर खारिज,अमेरिकी कोर्ट में प्रत्यर्पण रोकने की मांग की थी, कहा- पाकिस्तानी मुस्लिम हूं, भारत गया तो मारा जाऊंगा

वाशिंगटन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से 2008 मुंबई हमलों के दोषी तहव्वुर राणा को बड़ा झटका लगा है. भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई है. जज एलेना कगान ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका खारिज की. 26/11 मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण किए जाने से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनके प्रत्यर्पण पर इमरजेंसी स्टे लगाया जाए. याचिका में तहव्वुर राणा ने कहा था कि अगर मुझे भारत प्रत्यर्पित किया गया तो मुझे प्रताड़ित किया जाएगा. मैं भारत में ज्यादा सर्वाइव नहीं कर पाऊंगा. तहव्वुर राणा ने याचिका में क्या कहा था? राणा ने अमेरिकी कोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में कहा था कि पाकिस्तान मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में बहुत अधिक प्रताड़ित किया जाएगा. ह्यूमन राइट्स वॉच 2023 की वर्ल्ड रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की बीजेपी सरकार धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेष रूप से मुस्लिमों के साथ भेदभाव करती है. याचिका में कहा गया था कि भारत की सरकार लगातार तानाशाही होती जा रही है और इसके पर्याप्त कारण हैं कि भारत सरकार को सौंपे जाने पर उसे प्रताड़ित किया जाएगा. तहव्वुर राणा ने कहा था कि वह कई तरह की बीमारियों से जूझ रहा है. वह पार्किंसंस की समस्या से भी जूझ रहा है. ऐसी जगह नहीं भेजा जाए, जहां राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा. कौन है तहव्वुर राणा? तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. उसने आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की और पाकिस्तान आर्मी में 10 साल तक बतौर डॉक्टर काम काम किया. लेकिन तहव्वुर राणा को अपना काम पसंद नहीं आया और उसने ये नौकरी छोड़ दी. भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने वाला तहव्वुर राणा अभी कनाड़ा का नागरिक है. लेकिन हाल में वह शिकागो का निवासी था, जहां उसका बिजनेस है. अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, उसने कनाड़ा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की यात्राएं की है और वहां रहा है, वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकता है. अदालत के दस्तावेज बताते हैं कि 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में डेविड हेडली और दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची. इस दौरान तहव्वुर राणा ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हरकत उल जिहाद ए इस्लामी की मदद की और मुंबई आतंकी हमले की प्लानिंग की और इसे अमली जामा पहनाने में मदद की. आतंकी हेडली इस मामले में सरकारी गवाह बन गया है. 26 नवंबर 2008 को क्या हुआ था? 26 नवंबर 2008 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों के इस हमले को नाकाम करने के लिए 200 एनएसजी कमांडो और सेना के पचास कमांडो को मुंबई भेजा गया था. इसके अलावा सेना की पांच टुकड़ियों को भी वहां तैनात किया गया था. हमले के दौरान नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया था. मुंबई के आतंकी हमले को नाकाम करने के अभियान में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी के 11 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इनमें एटीएस के प्रमुख हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे, एसीपी सदानंद दाते, एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एसआई विजय सालस्कर, इंसपेक्टर सुशांत शिंदे, एसआई प्रकाश मोरे, एसआई दुदगुड़े, एएसआई नानासाहब भोंसले, एएसआई तुकाराम ओंबले, कांस्टेबल विजय खांडेकर, जयवंत पाटिल, योगेश पाटिल, अंबादोस पवार और एम.सी. चौधरी शामिल थे.   recent visitors 51

अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना

केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी :मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना नदियों को जोड़कर विकास के लिए कर रहे पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय अगले तीन साल में हम 30 लाख किसानों को देंगे सोलर पम्प राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर की चर्चा, मेमोरेंडम भी सौंपा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक सोलहवें वित्त आयोग ने … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का किया जाएगा खात्मा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश सक्रिय भूमिका निभाएगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए उच्च स्तरीय बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश के लिए भी जिला स्तर और पुलिस मुख्यालय से लेकर राज्य शासन के स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक लेकर नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश इस दिशा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, दूरसंचार साधनों के विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सल तत्वों पर नियंत्रण में सफलता मिल रही है। विकास कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयास तेज किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में नक्सलवाद के उन्मूलन का अभियान चल रहा है। प्रदेश में नक्सलवाद के किसी भी कीमत पर पैर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ही केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ बैठक आयोजित कर गंभीर विचार-विमर्श किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प के अनुपालन में मध्यप्रदेश को पूरी तरह से नक्सल मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को प्रति पखवाड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए।  चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में हुई कार्रवाई की प्रशंसा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में हाल ही में चार नक्सलियों को मार गिराए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। मारे गए नक्सलियों से तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जप्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट वन क्षेत्र में पुलिस की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और स्थानीय पुलिस बल द्वारा यह साहसिक कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत वर्ष प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य निर्देश          नक्सल प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। समन्वित प्रयासों को बढ़ाया जाए।          संचार सुगमता के लिए मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें।          नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के लिए हॉक फोर्स बल में वृद्धि की स्वीकृति की कार्यवाही करें।          प्रदेश से माओवादी समस्या का उन्मूलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके दृष्टिगत समवेत प्रयास किए जाएं।          नक्सल प्रभावित जिलों में सुदूरवर्ती दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल, मध्यप्रदेश परिमंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 51