महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी के निर्माणाधीन बाड़ों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं जिससे वहाँ विभिन्न प्रजातियों के जीवों को रखा जा सके। उन्होंने सरीसृप प्रजाति के लिए बनाए जा रहे रेप्टाइल हाउस के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर का भ्रमण कर ग्वालियर से लाए गए व्हाइट टाइगर शावक को उत्साहपूर्वक देखा। उप मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड एवियरी बाड़े का भ्रमण कर रंग-बिरंगे परिंदों को भी देखा। इस अवसर पर वन मण्डलाधिकारी सतना ने व्हाइट टाइगर सफारी में निर्माणाधीन कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यों के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को अवगत कराया। भ्रमण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा श्रीमती नीता कोल, नगर पालिक निगम रीवा के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, सीसीएफ राजेश राय, डीएफओ सतना मयंक चांदीवाल, विवेक दुबे, राजेश पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 27

चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला, क्या ऑस्ट्रेलिया से भी ले पाएगी वर्ल्ड कप का बदला ?

दुबई रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम इस समय ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में धमाल कर रही है. टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं गंवाया है. टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी तीन मैच जीतकर सेमीफाइनल में शान से एंट्री की है. अब भारतीय टीम को अपना सेमीफाइनल 4 मार्च को दुबई में ही खेलना है. यह मुकाबला ग्रुप-बी में दूसरे नंबर पर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ होगा. भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में अपना आखिरी मुकाबला रविवार (2 मार्च) को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला. जिसमें टीम इंडिया ने 44 रनों से जीत दर्ज की. गंभीर का मास्टर स्ट्रोक रहे वरुण चक्रवर्ती इस मैच में भारतीय कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित ने एक 'मास्टर स्ट्रोक' चला. यह प्लेइंग-11 में राइट हैंड लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की एंट्री कराना था. इसके लिए उन्हें तेज गेंदबाज हर्षित राणा को बाहर बैठाना पड़ा. यह बड़ा जोखिम भरा 'मास्टर स्ट्रोक' रहा, क्योंकि यह टीम पर उलटा भी पड़ सकता था. वरुण के अलावा प्लेइंग-11 में 3 स्पिनर और भी थे. यह रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल रहे. मगर गंभीर का यह 'मास्टर स्ट्रोक' सही साबित हुआ. वरुण चक्रवर्ती ने लेग स्पिन का ऐसा चक्रव्यूह बनाया कि पूरी न्यूजीलैंड टीम इसमें फंसकर ढेर हो गई. अब सेमीफाइनल से पहले टेंशन में कंगारु टीम वरुण चक्रवर्ती ने इस मुकाबले में 10 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 42 रन देकर 5 विकेट झटके. उन्होंने इस दौरान ओपनर विल यंग, ग्लेन फिलिप्स, माइकल ब्रेसवेल, कप्तान मिचेल सेंटनर और मैट हेनरी को शिकार बनाया. इस तरह वरुण ने ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर से लेकर निचेल क्रम तक को ढहाने का काम किया. वरुण के इस प्रदर्शन को देखकर ऑस्ट्रेलियाई टीम की टेंशन बढ़ गई होगी, क्योंकि सेमीफाइनल में उसी को भारतीय टीम का सामना करना है. इस प्रदर्शन से यह तो तय है कि सेमीफाइनल में वरुण का खेलना पक्का है. यदि गेंदबाजी में कोई बदलाव होता है तो कुलदीप यादव को आराम दिया जा सकता है, मगर वरुण की जगह पक्की मान सकते हैं. चैम्पियंस ट्रॉफी के डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/52 जोश हेजलवुड Vs न्यूजीलैंड, एजबेस्टन 2017 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 भारत ने न्यूजीलैंड से 25 साल बाद लिया बदला भारत आखिरी बार 25 साल पहले चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. ये मैच केन्या के नैरोबी में खेला गया था, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन बनाए थे. उस मैच में कप्तान सौरव गांगुली ने शानदार 117 रनों की पारा खेली थी, लेकिन न्यूजीलैंड ने क्रिस क्रेन्स की नाबाद 102 रनों की पारी के बदौलत भारत के 264 रनों के लक्ष्य को 49.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया, और भारत खिताब जीतने से चूक गया. वरुण ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने वरुण चक्रवर्ती डेब्यू के बाद सबसे तेजी से यानी सबसे कम वनडे मैचों में 2 बार 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं. इससे पहले स्टुअर्ट बिन्नी ने यह उपलब्धि हासिल की थी, जिन्होंने 3 वनडे में मैचों में ही 2 बार 5 विकेट ले लिए थे. जबकि वरुण का यह दूसरा ही वनडे मैच था. चैम्पियंस ट्रॉफी के इतिहास में भी ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही मैच में दो गेंदबाजों ने 5-5 विकेट झटके हों. इस मुकाबले में पहले न्यूजीलैंड टीम के तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने 5 विकेट लिए थे. इसके बाद वरुण ने 5 विकेट अपने नाम कर लिए. चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारत की न्यूजीलैंड पर पहली जीत 1998 से शुरू हुई चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक 8 सीजन हो चुके हैं, पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाला मौजूदा टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी का 9 सीजन है. इतने साल गुजर जाने के बाद भी भारत और न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो बार आमने सामने हुए हैं. पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल मैच में, जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा था, और दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप मैच में, जहां न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा. चैम्पियंस ट्रॉफी में बेस्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय गेंदबाज 5/36 रवींद्र जडेजा Vs वेस्टइंडीज, द ओवल 2013 5/42 वरुण चक्रवर्ती Vs न्यूजीलैंड, दुबई 2025 5/53 मोहम्मद शमी Vs बांग्लादेश, दुबई 2025 4/38 सचिन तेंदुलकर Vs ऑस्ट्रेलिया, ढाका 1998 4/45 जहीर खान Vs जिम्बाब्वे, कोलंबो 2002 चैम्पियंस ट्रॉफी के बाकी बचे मुकाबले: 4 मार्च- सेमीफाइनल-1, भारत Vs ऑस्ट्रेलिया, दुबई 5 मार्च- सेमीफाइनल-2, न्यूजीलैंड Vs साउथ अफ्रीका, लाहौर 9 मार्च- फाइनल, लाहौर (भारत के फाइनल में पहुंचने पर दुबई में खेला जाएगा) 10 मार्च- रिजर्व डे भारत का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मुकाबला इस जीत का मतलब है कि भारत ग्रुप ए में शीर्ष पर रहा और अब उसका सामना मंगलवार (4 मार्च) को दुबई में पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगा, जो 2023 वनडे विश्व कप फाइनल का रीमैच है. इस वर्ल्ड कप एक भी मैच न हारने वाली भारतीय टीम फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारकर खिताब गंवां दी थी, लेकिन भारत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर हिसाब बराबर करना चाहेगी. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार (5 मार्च) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच 2015 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच का रीमैच होगा, जिस मैच में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था. recent visitors 62

पीपीपी मॉडल के तहत एमपी के सरकारी अस्पतालों में कार्डियक कैथ लैब स्थापित करने की योजना

भोपाल हृदय रोगियों के उपचार के लिए प्रदेश में बड़ी सुविधा प्रारंभ करने की तैयारी है। सभी जिला अस्पतालों में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से कार्डियक कैथ लैब की स्थापना का प्रस्ताव है। कैथ लैब स्थापित होने के बाद एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (हृदय की धमनियों का ब्लाकेज हटाना), हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट और पेसमेकर लगाने जैसे काम हो सकेंगे। अभी बड़े सरकारी मेडिकल कालेजों से संबद्ध अस्पतालों में ही कैथ लैब स्थापित हैं। भोपाल के जेपी अस्पताल में है स्थापित जिला अस्पतालों में केवल भोपाल के जेपी अस्पताल में सरकार अपने स्तर पर कैथ लैब स्थापित कर रही है। बाकी जगह पीपीपी से स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस कारण जिला अस्पताल के स्तर तक एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने की तैयारी है। दो करोड़ में एक कैथ लैब एक जगह कैथ लैब स्थापित करने में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च आता है। सभी जिला अस्पतालों को मिलाकर सौ करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसके बाद कार्डियोलाजिस्ट व अन्य मानव संसाधन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी मॉडल पर सरकारी व्यवस्था में कार्डियोलाजिस्ट छोटे जिलों के लिए मिलना मुश्किल है। इस कारण सरकार खुद की जगह पीपीपी से कैथ लैब स्थापित करने की कोशिश कर रही है। बता दें, इसके पहली सीटी स्कैन की सुविधा पीपीपी से जिला अस्पतालों में चल रही है। सात बड़े जिला अस्पतालों में एमआरआइ भी पीपीपी से होने लगी है। यह दोनों प्रयोग सफल होने के बाद पीपीपी से कैथ लैब लगाने की योजना है। इस संबंध शीघ्र ही सरकार के स्तर पर निर्णय होने की संभावना है। मार्केट रेट से 40 फीसदी कम शुल्क में मिलेगी सुविधा कैथ लैब स्थापित होने से बाजार दर से लगभग 40 प्रतिशत शुल्क में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी व अन्य उपचार की सुविधा मिलने की आशा है। निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी में 15 हजार और एंजियोप्लास्टी के लिए डेढ़ लाख से दो लाख रुपये लगते हैं। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना के रोगियों का निश्शुल्क उपचार हो सकेगा। अभी इनमें अधिकतर रोगी उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं। उनका भुगतान आयुष्मान के अंतर्गत सरकार को करना होता है। recent visitors 54

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।   राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया। recent visitors 29

मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह रोइंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता महत्वपूर्ण- मंत्री सारंग

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब पर आज से 7 मार्च तक आयोजित होगी। मंत्री श्री सारंग ने 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को शाम 4 बजे पांच दिवसीय 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और युवा वर्ग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स में भागीदारी के लिए मध्यप्रदेश देश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का होगा आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा जिसमे 2 इवेंट्स पैरा सिंगल स्कल महिला एवं पुरुष वर्ग भी शामिल है। 14 इवेंट्स के सभी फाइनल्स 7 मार्च 2025 को संपन्न होंगे जिसमे 7 इवेंट्स सुबह एवं 7 की शाम होंगें। सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएँगी। भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतर वॉटर बॉडी में से एक मंत्री श्री सारंग ने बताया कि भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतरीन वॉटर बॉडी में से एक है, और यहाँ पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर की कुल 27 टीमों में से 23 राज्यों की एवं इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफ़ोर्स, और सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की टीमों के 500 प्रतिभागी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे। मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह प्रतियोगिता वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा देने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक बेहतर मंच प्रदान करेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान देशभर के रोइंग खिलाड़ी अपनी सर्वोत्तम तकनीक और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेल के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण बनेगा आकर्षण का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, जिससे खेल प्रेमियों को एक शानदार जल क्रीड़ा का अद्भुत अनुभव मिलेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लाइव प्रसारण से खेल के प्रति युवाओं में नई प्रेरणा मिलेगी और वे वॉटर स्पोर्ट्स की तरफ आकर्षित भी होंगे।   recent visitors 61

चुनाव आयोग ने कहा- कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, मतलब फर्जी मतदाता नहीं है

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने ऐसी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है, जिसमें दो अलग-अलग राज्यों के वोटरों के समान मतदाता पहचान पत्र संख्या (ईपीआईसी) नंबर होने का मुद्दा उठाया गया है। आयोग का कहना है कि ईपीआईसी नंबर चाहे जो भी हो, कोई भी मतदाता अपने राज्य के अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होता है, न कि कहीं और। चुनाव आयोग ने एक नई पहल करते हुए मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया है। आयोग का कहना है कि कुछ मतदाताओं के ईपीआईसी नंबर समान हो सकते हैं, लेकिन समान ईपीआईसी नंबर वाले मतदाताओं के लिए जनसांख्यिकीय विवरण, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र सहित अन्य विवरण अलग-अलग हैं। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेराफेरी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि डुप्लिकेट मतदाता पहचान पत्र नंबर होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता फर्जी है। आयोग का यह स्पष्टीकरण विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में रविवार को सामने आया है। गौरतलब है कि कई विपक्षी दलों ने भी मतदाताओं को जारी किए गए एक समान ईपीआईसी नंबर को लेकर चिंता जाहिर की है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी आशंका को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। आशंका दूर करने के लिए पंजीकृत मतदाताओं को यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करने का निर्णय भी लिया गया है। डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर के किसी भी मामले को एक यूनीक ईपीआईसी नंबर आवंटित करके ठीक किया जाएगा। इस प्रक्रिया की सहायता के लिए ईआरओएनईटी 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा। विभिन्न राज्यों के कुछ मतदाताओं को जारी किए गए समान ईपीआईसी संख्या का कारण भी आयोग ने बताया है। आयोग के मुताबिक, यह पहले अपनाई गई विकेंद्रीकृत और मैन्युअल प्रणाली के कारण हुआ। इसके परिणामस्वरूप कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालयों ने एक ही ईपीआईसी अल्फान्यूमेरिक श्रृंखला का उपयोग किया। इसके कारण विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर आवंटित किए जाने की संभावना बनी रही। recent visitors 63

रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव

अयोध्या अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हाल ही में कमी आई है। पहले जब राम मंदिर के निर्माण के बाद लाखों भक्त अयोध्या पहुंचते थे, तब हर दिन 3 से 4 लाख श्रद्धालु मंदिर के दर्शन के लिए आते थे। लेकिन पिछले 1-2 महीनों में यह संख्या घटकर 2 से ढाई लाख के आसपास पहुंच गई है। श्रद्धालुओं के लिए एंट्री-एग्जिट मार्ग में बड़ा बदलाव मिली जानकारी के मुताबिक, इस कमी को देखते हुए अब अयोध्या में दर्शन के लिए जाने और बाहर निकलने के मार्गों में बदलाव किए जा रहे हैं। पहले श्रद्धालु गेट नंबर 3 से मंदिर में प्रवेश करते थे और इसी गेट से बाहर निकलते थे। अब, नया फैसला लिया गया है कि श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि पथ से मंदिर में भेजा जाएगा, और बाहर निकलने के लिए अंगद टीले के पास बने नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही गेट नंबर 3 को बंद कर दिया जाएगा। राम मंदिर में भक्तों की संख्या कम बताया जा रहा है कि पहले, जब भक्तों की संख्या ज्यादा थी, तब गेट नंबर 3 से प्रवेश और निकासी का रास्ता रखा गया था। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होती थी। लेकिन अब जब भक्तों की संख्या में कमी आई है, तो पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश करेंगे और दर्शन करने के बाद अंगद टीले से बाहर निकलेंगे। एंट्री-एग्जिट के पुराने नियम होंगे लागू बता दें कि शनिवार को राम मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों की संख्या 2 लाख से ज्यादा रही थी। यदि रविवार को भी यही संख्या रही तो सोमवार से नए निकासी मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाएगा। पहले भक्तों की बड़ी संख्या के कारण प्रवेश और निकासी में दूरी बनाए रखी जाती थी, जिससे पथ पर दबाव कम रहता था और श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पाते थे। अब, महाकुंभ समाप्त हो जाने के बाद भक्तों की संख्या घट गई है, इसलिए नया निकासी मार्ग तैयार किया गया है। recent visitors 45