मध्य प्रदेश के 2047 तक 2.11 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा

भोपाल  प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2027 तक भारत को विकसित बनाने का है। उन्होंने 2047 तक का समय इसलिए चुना है, क्योंकि तब तक आजादी को 100 साल पूरे हो जाएंगे। विकसित भारत बनाने में मध्यप्रदेश भी अपनी अहम भूमिका अदा करेगा। हाल ही में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) ने मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार कर दिया है। हमारा मानना है कि 2047 तक ये 2.11 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनेगा।  2011-12 में देश की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 फीसदी था, जो 2023-24 में 4.6 फीसदी हो चुका है। यदि मध्यप्रदेश की किसी देश की अर्थव्यवस्था से तुलना की जाए तो हम केन्या, मोरक्को या ओमान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले बन चुके हैं। 2030-31 तक मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था 31 लाख करोड़ हो जाएगी। 2047-48 तक ये 2.11 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने की पूरी संभावना है। ऐसे में 8.3 से 8.6 फीसदी की विकास दर से बढऩे पर राज्य विकसित बन जाएगा। आने वाले समय में एग्रो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल एंड अपेरल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक एंड वेयर हाउसिंग, डिफेंस और एयरोस्पेस, रिन्यूएबल एनर्जी मध्यप्रदेश में खासे मजबूत सेक्टर हैं। इन सभी सेक्टरों में रोजगार का भी भरपूर निर्माण होगा। यहां की विकास दर को बढ़ाने इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, एमएसएमई को बढ़ावा देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्किल डेवलपमेंट वर्क फोर्स को अपग्रेड करना होगा। इसके साथ ही यहां एक्सपोर्ट और ग्रीन स्टेट बनाने पर भी विशेष ध्यान देना होगा। पहले कभी क्षेत्रवार प्रगति पर ध्यान नहीं दिया गया। इस बार खुद सीएम डॉ.मोहन यादव ने संभागों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कीं। देश के प्रमुख उद्यमियों को वहां ले जाकर विशेषताएं बताईं। यही वजह है कि इस बार जो निवेश आ रहा है, वो भी प्रदेश में हर क्षेत्र में आ रहा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के 2025 संस्करण का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर किया। अपने उदघाटन संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति, मजबूत बुनियादी ढांचा और अनुकूल नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने निवेशकों से मध्य प्रदेश सरकार की निवेश नीतियों का गहराई से अध्ययन कर सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का पूरी तरह से लाभ उठाने की अपील भी की। टेक्सटाइल,पर्यटन और प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के फलस्वरुप ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 78000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए तो वहीं पर्यटन क्षेत्र में 65000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। जबकि टेक्सटाइल में मध्य प्रदेश को केंद्र से धार में एक टेक्सटाइल की परियोजना मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार के काम की तारीफ करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। पहले इस क्षेत्र में काम करने के लिए 30 अनुमतियां आवश्यक थीं, अब इन्हें घटाकर 10 कर दिया गया है। इन सभी नीतियों को सार्वजनिक सेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित किया जायेगा। पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में प्राप्त निवेश प्रस्तावों में मुख्य तौर पर क्रूज पर्यटन, फिल्म निर्माण, होटल-रिसॉर्ट निर्माण, जल पार्क, गोल्फ कोर्स, अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं और राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार जैसे परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित किया गया है। भारतीय होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में होटल स्थापित करने के लिए 1960 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। अयोध्या क्रूज लाइन्स द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज पर्यटन परियोजना, नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड (KMEW) द्वारा 70 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज पर्यटन परियोजना, ट्रेजर ग्रुप इंदौर द्वारा 600 करोड़ रुपये के अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं में निवेश, और फिल्म क्षेत्र में अमेज़न प्राइम, ज़ी5 आदि द्वारा 300 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। राज्य में पर्यटन के विकास को नए आयाम देने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने विभिन्न संस्थाओं के साथ 6 एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन एमओयू पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्य पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। समिट के समापन सत्र को संबोधित करते हुये केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ मध्य प्रदेश की नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि है। राज्य में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदम भारत के विकास को भी तेज कर रहे हैं। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'धरोहर और विकास' के नारे को पूरा कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित बनाने का संकल्प लिया है। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। मध्य प्रदेश इस दिशा में महत्वपूर्ण सहायक राज्य साबित होगा, उन्होने कहा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 को बहुत सफल बताते हुये केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम समिट की इस सफलता के लिए बधाई और सम्मान के पात्र हैं। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश में किए गए समझौता ज्ञापनों (MoUs) का जल्द ही ठोस रूप दिया जाएगा और राज्य के विकास को तेज किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस समिट को "राज्य की प्रगति का स्वर्णिम अध्याय" बताते हुए वर्ष 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाये जाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और ईज ऑफ डुइंग बिजनस को और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 की सफलता से उत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे बताया कि इस समिट में 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 100 से अधिक विशेषज्ञ और उद्योगपति शामिल थे। 60 से अधिक देशों से निवेशक प्रतिनिधि भोपाल आए थे। समिट में लगभग 5000 व्यवसाय से व्यवसाय और 600 व्यवसाय से सरकार तक बैठकें आयोजित की गईं। प्राप्त निवेश प्रस्तावों के बारे में जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। … Read more

हर्षा रिछारिया भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच पहुंचीं, 55 फेक आईडीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई

भोपाल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हालही में संपन्न हुए महाकुंभ से साध्वी के तौर पर चर्चा में आईं मध्य प्रदेश में रहने वाली हर्षा रिछारिया इन दिनों अपने AI जनरेटेड अश्लील वीडियोज से परेशान हैं। हालही में वो इन एआई जनरेटेड फेक वीडियोज को लेकर आत्महत्या करने की धमकी दे चुकी हैं, इसके बाद भी जब ये मामले नहीं थमें तो वो सोमवार को भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच पहुंचीं और सोशल मीडिया की 55 फेक आईडीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। हर्षा रिछारिया ने सोशल मीडिया की 55 फेक आईडी के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद कहा, ‘महाकुंभ से लेकर अब तक मेरे कई एआई जनरेटेड अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मेरे नाम से कई सारे फ्रॉड हो रहे हैं। कई विज्ञापन लिए जा रहे हैं, उन सभी 55 फेक आईडी के खिलाफ आज शिकायत दर्ज कराई है। मुझे उम्मीद है कि इन सभी को दंड मिलेगा, हर-हर महादेव… जय श्री राम।’ हालही में दे चुकी हैं आत्महत्या की धमकी आपको बता दें कि, सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ही अश्लील कंटेंटों को लेकर हर्षा रिछारिया हालही में आत्महत्या करने तक की धमकी दे चुकी हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा था- ‘मेरे पहचान के लोगों ने मेरे पुराने वीडियो शेयर किए। अब इस हद तक गिर गए कि AI से मेरे फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किए जा रहे हैं। मेरी बदनामी की जा रही है। जो लोग फर्जी वीडियो बना रहे हैं, उनके नाम मेरे पास आ चुके हैं। जिस दिन भी टूट गई, सुसाइड नोट में लिखकर जाऊंगी कि किसने मेरे साथ क्या किया।’ recent visitors 32

CG बजट में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पेट्रोल सस्ता, DA में इजाफा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले किए हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने थोक में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है। वहीं, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की गई है, जो मार्च से लागू होगी। छत्तीसगढ़ का बजट (Chhattisgarh Budget 2025) सोमवार को पेश किया गया और सरकार ने इस में कई बड़े ऐलान किए हैं. विष्णुदेव साय की सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस दौरान राज्य में पेट्रोल के दाम कम (Petrol Price Cut) किए जाने का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 1 रुपये की कटौती की गई है पेट्रोल और डीजल सस्ता होने से ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि यंत्रों की लागत घटेगी, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। इसके अलावा, चावल मिल, गन्ना फैक्ट्री और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए परिवहन और उत्पादन खर्च कम होगा, जिससे आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों की आय बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति और बाजार में मांग बढ़ेगी। सरकार का यह फैसला आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।  छत्तीसगढ़ बजट की बड़ी बातें     सरकारी कर्मचारियों के लिए नया पेंशन फंड पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार ने “पेंशन फंड” बनाया है, ताकि सभी सरकारी कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षित रहे। साथ ही, देश में पहली बार “छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड” बनाया जा रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब हर गांव में मोबाइल टॉवर और पब्लिक बसें गांवों में रहने वाले कई लोगों को फोन नेटवर्क नहीं मिलता। सरकार अब “मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना” लेकर आई है, जिससे जंगलों और पहाड़ों में बसे गांवों में भी मोबाइल का नेटवर्क मिलेगा। इससे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और लोग अपने रिश्तेदारों से आसानी से बात कर सकेंगे। इसके अलावा, कुछ गांवों में पब्लिक बसें नहीं चलतीं, क्योंकि वहाँ रहने वाले लोग कम होते हैं। अब सरकार “मुख्यमंत्री परिवहन योजना” के तहत ऐसी जगहों पर भी बसें चलाने जा रही है, ताकि गांव से ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक लोग आसानी से आ-जा सकें। शहरों का मेकओवरः नए अस्पताल, कॉलेज और मेट्रो छत्तीसगढ़ के शहरों को और सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट्स ला रही है:     -नवा रायपुर में “मेडिसिटी” एक ऐसा शहर जहाँ सबसे अच्छे अस्पताल होंगे।     -“एजुकेशन सिटी” यहाँ हर तरह की पढ़ाई के लिए बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी।     -राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान (NIFT) जो बच्चे फैशन डिजाइनिंग सीखना चाहते हैं, उनके लिए एक खास कॉलेज खुलेगा।     -रायपुर-दुर्ग मेट्रो- अब बड़े शहरों में मेट्रो ट्रेन का सर्वे किया जाएगा, ताकि भविष्य में मेट्रो सेवा शुरू हो सके। सुरक्षा और पर्यटनः नई योजनाएं     -NSG की तर्ज पर “स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप” (SOG) यह एक खास पुलिस टीम होगी, जो खतरनाक अपराधियों से निपटेगी।     -अब राज्य में “राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF)” का गठन होगा, जो CISF की तर्ज पर काम करेगा। इससे राज्य में उद्योगों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा मजबूत होगी।     -छत्तीसगढ़ का पहला “आइकॉनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन” रही है, जहाँ जंगल, पानी और वाइल्डलाइफ का मज़ा मिलेगा! सरकार 200 करोड़ रुपये खर्च करके नया पर्यटन स्थल बनाने जा रही है। पत्रकारों के लिए सरकार ने किया बड़ा फैसला -पत्रकारों की एक्सपोजर विजिट के लिए बजट     -पत्रकार संघ के दफ्तरों के नवीनीकरण के लिए पैसे     -पत्रकार सम्मान निधि दोगुनी कर दी गई है! गाँव-गाँव तक चमकेंगी पक्की सड़कें अब गांवों की सड़कें और मजबूत और बेहतर होंगी। इसके लिए –     -प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए ₹845 करोड़     -जनजातीय क्षेत्रों की सड़कें ₹500 करोड़     -मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना – ₹119 करोड़     -मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना शुरू की जाएगी, इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान     -नई सड़कों के निर्माण के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान। शहर और गाँव दोनों होंगे स्मार्ट     -नगर पालिकाओं का विकास ₹750 करोड़ (हर शहर को और सुंदर बनाया जाएगा)     -नगर निगमों में सुनियोजित विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जाएगी, 500 करोड़ का प्रावधान     -नई फायर स्टेशन्स के लिए ₹44 करोड़ (सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत)     -मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान बस्तर-सरगुजा में पर्यटन और एडवेंचर की दुनिया अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं या घर से दूर प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं, तो सरकार ने आपके लिए बस्तर और सरगुजा में होमस्टे पॉलिसी लागू की है। अब यहां आने वाले पर्यटक गांवों में रहकर स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले सकेंगे। इसके अलावा, जशपुर में एडवेंचर टूरिज्म और टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे वहां आने वाले लोगों को और भी मजा आएगा। नालंदा लाइब्रेरी और विज्ञान पार्कः छात्रों के लिए नया तोहफा छात्रों की पढ़ाई को और रोचक बनाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु अनुकूल माहौल देने के लिए 17 और “नालंदा लाइब्रेरी” खोली जाएंगी। यही नहीं, विज्ञान में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए बस्तर और सरगुजा में मोबाइल साइंस लैब शुरू की जाएगी और साइंस पार्क की स्थापना सरगुजा, बस्तर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़ में होगी। अब बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा। कृषि और डिजिटल तकनीक का संगम अब किसानों को भी डिजिटल सुविधा मिलेगी! भूमि अभिलेखों (Land Records) के डिजिटलीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए विशेष फंड दिया गया है। इससे किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी तुरंत मोबाइल या कंप्यूटर पर मिल सकेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार राज्य के गरीब और निःसंतान दंपतियों के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ART सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनों के लिए भी बजट रखा गया है, ताकि मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके। सभी ब्लॉकों में सिकल सेल … Read more

भोपाल के बड़े तालाब पर आज से 7 मार्च तक होगी 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के बड़े तालाब स्थित मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब पर आज से 7 मार्च तक आयोजित होगी। मंत्री श्री सारंग ने 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को शाम 4 बजे पांच दिवसीय 42वीं नेशनल सीनियर रोइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण है जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा और युवा वर्ग को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि वॉटर स्पोर्ट्स में भागीदारी के लिए मध्यप्रदेश देश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो इस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का होगा आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 14 इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा जिसमे 2 इवेंट्स पैरा सिंगल स्कल महिला एवं पुरुष वर्ग भी शामिल है। 14 इवेंट्स के सभी फाइनल्स 7 मार्च 2025 को संपन्न होंगे जिसमे 7 इवेंट्स सुबह एवं 7 की शाम होंगें। सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएँगी। भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतर वॉटर बॉडी में से एक मंत्री श्री सारंग ने बताया कि भोपाल का बड़ा तालाब देश की सबसे बेहतरीन वॉटर बॉडी में से एक है, और यहाँ पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव की बात है। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर की कुल 27 टीमों में से 23 राज्यों की एवं इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफ़ोर्स, और सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की टीमों के 500 प्रतिभागी शामिल होंगे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे। मध्यप्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता महत्वपूर्ण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यह प्रतियोगिता वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा देने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक बेहतर मंच प्रदान करेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान देशभर के रोइंग खिलाड़ी अपनी सर्वोत्तम तकनीक और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिससे प्रदेश में वॉटर स्पोर्टस खेल के प्रति जागरूकता और उत्साह में वृद्धि होगी। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्टस को बढ़ावा और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण बनेगा आकर्षण का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, जिससे खेल प्रेमियों को एक शानदार जल क्रीड़ा का अद्भुत अनुभव मिलेगा। आगे उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के लाइव प्रसारण से खेल के प्रति युवाओं में नई प्रेरणा मिलेगी और वे वॉटर स्पोर्ट्स की तरफ आकर्षित भी होंगे। recent visitors 49

कुबेरेश्वरधाम में रुद्राक्ष महोत्सव का छठवा दिन, शिवमहापुराण कथा में उमड़ा भक्तों का सैलाब

सीहोर सीहोर जिले में रुद्राक्ष महोत्सव में कथा के छठवें दिन पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण धाम पूरी तरह तरह से भर गया। रविवार बीकेंड और प्रयासराज में कुंभ स्नान खत्म होने के कारण श्रद्धालुओं का जनसैलाब पूरी तरह से कुबेरेश्वर धाम पर पहुंच गया। हालत ये थे कि रविवार को रेलवे स्टेशन पर आने वाली सभी गाड़ियां सीहोर स्टेशन पर खाली हो रही थी। इसके चलते सुबह से ही हाइवे पर हुजूम के रूप में श्रद्धालु नजर आ रहे थे। एक साथ लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कई बार जाम के हालत भी बने। समिति ने रविवार को आठ से दस लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया गया है। जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद, उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर जारी सात दिवसीय भव्य रुद्राक्ष महोत्सव में कथा का श्रवण करने आए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को संबोधित करते अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद, उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार, जिसका नेटवर्क भगवान शिव से रहता है, उसके नेटवर्क सबसे टूट जाते हैं। यहां पर कंकर-कंकर में शंकर है और शिव से संबंध बनाने के लिए पूरी आस्था के साथ शिव पर भरोसा करों। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी और मनुष्य की प्रवृत्ति एक जैसी होती है। जैसे मधुमक्खी पुष्पों से रस लाकर छत्तें में जमा करती है और वैसे ही मनुष्य जोड़ने की प्रक्रिया में उम्र भर लगा रहता है, लेकिन एक दिन सब कुछ हाथ से निकल जाता है। बागेश्वर धाम की तरह कुबेरेश्वर धाम पर भी गरीब कन्याओं के विवाह पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव के रूप में साल में एक बार भव्य आयोजन किया जाता है। अब कुबेरेश्वर धाम पर भी गरीब कन्याओं के नि:शुल्क विवाह कराए जाएंगे। यहां पर सामूहिक रूप से विवाह सम्मेलन करने में परेशानी आएगी, लेकिन विठलेश सेवा समिति के द्वारा धाम पर प्रतिदिन एक कन्या के विवाह के हिसाब से कम से कम 365 से अधिक कन्याओं का निशुल्क विवाह साल भर के दौरान कराया जाएगा और कन्यादान भी किया जाएगा। बूढ़े लडख़ड़ाते कदम भी खुशी-खुशी तय कर रहे हैं एक किलोमीटर का सफर पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा है। श्रद्धालुओं का जुनून इस कदर है कि बूढ़े लडख़ड़ाते कदम भी एक किलोमीटर का सफर खुशी-खुशी तय कर रहे हैं। कथा खत्म होने के बाद लाखों श्रद्धालु अपने घर तक पहुंचने के लिए तमाम कष्ट सहन कर रहे हैं। हजारों श्रद्धालु ऐसे हैं जो महाराष्ट्र, छत्तीसगड़, बिहार, उत्तर प्रदेश ही नहीं हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश से कथा सुनने आ रहे हैं। वे रात को पंडाल में ही रात गुजार रहे हैं। रात को पंडाल में एक अद्भुत दुनिया नजर आ रही है। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवार के लोग और बुजुर्ग भगवान शंकर की भक्ति में झूम रहे हैं। वे बस यही कह रहे हैं… जिस पर भोले बाबा का हो आशीर्वाद…उसका क्या दुनिया के कष्टों से सरोकार। हर-हर महादेव। महादेव आपको कभी डूबने नहीं देगा शंकर भगवान का चरित्र विश्वास का चरित्र है, जिस दिन अगर शिवजी के प्रति भाव अथवा भरोसा जागृत ना हो सके तो आप शिव महापुराण में जाना, उसके बाद अगर विश्वास और भरोसा जागृत होगा, तारेगा भी महादेव और मारेगा भी महादेव तो आपका कल्याण हो जाएगा। महादेव आपको कभी डूबने नहीं देगा, उस पर सच्चा विश्वास होगा तो वह हाथ पकड़ कर खींच कर बाहर कर देगा। शिव महापुराण की कथा कहती है शिव जी को आपसे न बेल पत्र चाहिए न चावल का दाना चाहिए। शंकर भगवान को आपसे कुछ भी नहीं चाहिए, शिवजी तो कहते हैं मैं भी भगवान के नाम में डूबा रहता हूं। तुम भी परमात्मा के नाम में डूबे रहो मैं तुम्हारा सब कार्य करके चले जाऊंगा। तुम आश्रित हो जाओ और भगवान के भरोसे जीना प्रारंभ कर दो। हम दुनिया के भरोसे पर जीते हैं। पर परमात्मा के भरोसे नहीं जी पाते, हम उसके आश्रित नहीं हो पाते, कभी ऐसा भी होता है कि हमारा पुण्य भी पाप में बदल जाता है। पत्रों का उल्लेख किया, श्रद्धालुओं की पूरी हो रही मुराद कथा के बीच में कथा वाचक प्रदीप मिश्रा ने कुछ पत्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि कुछ माताओं ने उन्हें पत्र भेजा है। उनमें से कुछ पत्रों को मिश्रा ने भक्तों को पढक़र सुनाया। उन्होंने बताया कि कथा का श्रवण करने आई सोनभद्र से पुष्पा जायसवाल का पत्र है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनके पति और दोनों बेटे कुछ नहीं करते थे, कथा से प्रेरित होकर उन्होंने भगवान शिव की भक्ति की और आज उनके पास जमीन, मकान, दुकान और फैक्ट्री है, पति समेत दोनों बेटे आज धंधे में व्यस्त है। इसी प्रकार रायसेन की किरण ने बताया कि उनके पुत्र को चार साल से नौकरी की तलाश थी, जब मैंने उसे पड़ाई के साथ शिव की भक्ति करने का उपाय बताया तो वह आज पुलिस विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में कुबेरेश्वर धाम पर उसकी ड्यूटी लगी हुई है। प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने विदेशों से पहुंचे अनेक श्रद्धालु कथा सुनने अनेक विदेशी श्रद्धालु भी कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। अमेरिका से आए परिवार ने बताया- वह प्रदीप मिश्रा जी की कथा सुनने के लिए तमाम जगहों पर जाते हैं। उनकी कथा सुनकर एक अलग ही प्रकार की अनुभूति होती है। मन शांत हो जाता है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह कथा समाप्त होने तक धाम के पास में ही होटल लेकर रह रहे हैं। प्रशासन ने किया इंतजाम, व्यवस्था बनाने पुलिस को करनी पड़ रही मशक्कत भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कारण इंतजाम किए हुए हैं। एक दर्जन से जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा दो हजार से ज्यादा संख्या में पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन कथा के आरंभ और अंत में वाहनों के अलावा श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ आता है। कुबेरेश्वर धाम में चक्कर खाकर … Read more

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, 'सिंगल विंडो 2.0' प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे। recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद

कटनी सहित प्रदेश के 10 अलग- अलग स्थानों में होगी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कटनी के औद्योगिक विकास पर किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर और अनुकूल वातावरण है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधन और संभावनाओं को देखते हुए कटनी सहित 10 अलग-अलग जिलों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। कटनी जिला औद्योगिक निवेश की दृष्टि से संभावनाओं वाला जिला है। कटनी में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे। ऐसे में कटनी में शीध्र ही मिनरल एंड माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग संबंधी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह बात रविवार को कटनी जिले में औद्योगिक विकास के संबंध में उद्योगपतियों से संवाद में कही। सांसद शहडोल श्रीमती हिमाद्री सिंह, विधायक मुड़वारा संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल, विधायक बहोरीबंद प्रणय प्रभात पाण्डे, विधायक बड़वारा धीरेन्द्र बहादुर सिंह, महापौर श्रीमती प्रीति सूरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा और दीपक टंडन मंचासीन रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष-2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। पूरे वर्ष प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर एक मिशन के तौर पर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत माइनिंग मिनरल, फूड प्रोसेसिंग जैसी जिस प्रकार की, जिस स्थान पर संभावनाएं उपलब्ध होंगी, प्रदेश की उन 10 अलग-अलग जगहों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि इसकी शुरूआत सबसे पहले इंदौर से आईटी, सेमीकंडक्टर व आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग पर केन्द्रित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर उज्जैन में पर्यटन (विशेषकर धार्मिक पर्यटन) और फूड प्रोसेसिंग के मद्देनजर इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों में भी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में माइनिंग एवं मिनरल्स, फूड प्रोसेसिंग, चूना उद्योग, मार्बल उद्योग के नजरिये से औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कदम से कदम मिलाकर चल रही है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के नजरिए से अनुकूलता है। राज्य में अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियों के साथ संभावनाएँ भी है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से जनसंवाद के दौरान ही संभागायुक्त जबलपुर अभय वर्मा एवं कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव से कहा कि वे उद्योगपतियों के हित व औद्योगिक विकास के नजरिए से शासन की सभी 18 प्रकार की नीतियों और उद्योग की स्थापना में मिलने वाले लाभों की जानकारी उद्योगपतियों को उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से संवाद कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप-प्रज्जवलन से की। इसके बाद उद्योगपतियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। जिला प्रशासन नें मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित कटनी सैंड स्टोन से निर्मित अशोक स्तंभ की प्रतिकृति भेंट की। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान पिंड गणेश की प्रतिमा भेंट की। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, सहित उद्योगपति पवन मित्तल, अरविंद गुगालिया, लघु उद्योग भारती के महामंत्री अरूण कुमार सोनी के अलावा माइनिंग एंड मिनरल्स, हेल्थ, एजुकेशन, दाल एवं राईस मिल, होटल व्यवसाय से संबंधित उद्योगपतियों की मौजूदगी रहीं।   recent visitors 40