देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के लिए आज से 8 मार्च तक अभ्यास वर्ग होगा आयोजित

भोपाल राजधानी भोपाल में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग आज से आयोजित होने जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी शामिल होंगे. बता दें कि कार्यकर्ता अभ्यास प्रशिक्षण वर्ग 3 मार्च से 8 मार्च तक चलेगा. जिसमें देशभर के 700 से अधिक पूर्णकालिक कार्यकर्ता शामिल होंगे. प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन, नेतृत्व और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को राष्ट्र निर्माण, संगठनात्मक कौशल, अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम को दो श्रेणियों, छह समूहों और 11 कार्य क्षेत्रों में बांटा गया है. हर समूह की जिम्मेदारी तय की जाएगी और इन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन देंगे. recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलार रोड क्षेत्र में किया इस्कॉन के श्री श्री राधा गोविंद मंदिर का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति से प्रेम और ग्राम संस्कृति को सम्मान देने की शिक्षा दी है। राज दरबार में सोने-चांदी और मोती माणिक्य के बीच मोर पंख को अपने शीश पर धारण कर सम्मान प्रदान करना प्रकृति से प्रेम का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण का यह भाव बताता है कि मनुष्य मात्र से प्रेम ही प्रभु प्राप्ति का सच्चा मार्ग है। भगवान श्रीकृष्ण का सुदामा को सम्मान देना, जीवन में मित्रता के महत्व और मित्र के सम्मान के लिए प्रतिबद्धता को प्रतिपादित करता है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों से हमें कई व्यावहारिक शिक्षाएं प्राप्त होती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोलार रोड क्षेत्र में मानसरोवर डेंटल कॉलेज के पास इस्कॉन द्वारा बनाए जा रहे श्री श्री राधा गोविंद मंदिर के भूमि पूजन के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, इस्कॉन के मध्यप्रदेश प्रमुख गुरु प्रसाद स्वामी महाराज तथा सचिव महामन प्रभु उपस्थित थे।कार्यक्रम में बताया गया कि यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर स्थापना की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण, लोगों पर सुख-आनंद, वैभव और उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलार रोड से इस्कॉन मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग का नाम प्रभुपाद मार्ग रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत की सभी दिशाओं में प्रभु श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण की उपस्थिति की सहज ही अनुभूति होती है। विश्व में भी वर्षों से भारत, भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण की धरती के रूप में जाना जाता है, मंदिर निर्माण भगवद्भाव के साकार रूप लेने का माध्यम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ऐसी कामना है कि भूमि-पूजन के बाद मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के प्रकटीकरण और मंदिर के लोकार्पण का अवसर शीघ्र ही आएगा, । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सात्विक जीवन प्रणाली के प्रसार में प्रभु पाद के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन विचारों के अनुरूप ही राज्य सरकार, मद्यनिषेध की दिशा में कार्य कर रही है, इसीलिए प्रदेश के 17 स्थानों में शराबबंदी की व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ सहयोग से दुग्ध उत्पादन 9% से 20% तक ले जाने की कार्य योजना का क्रियान्वयन जारी है। यह प्रयास हमारी मूल संस्कृति की ओर लौटने के लिए किया जा रहा है। इससे खेती और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और दूध की पौष्टिकता से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने में सहयोग मिलेगा।   recent visitors 73

पेंच जिला सिवनी में आयोजित हुई राज्य निर्वाचन आयुक्तों की नेशनल कॉन्फ्रेंस

भोपाल पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में ईव्हीएम के बाद अब पेपरलेस बूथ की कल्पना को मूर्त दिया जा रहा है। पंचायत उप निर्वाचन में चुनाव पेपरलेस बूथ के माध्यम से सफलतापूर्वक कराये जा चुके हैं। मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने यह बात राज्य निर्वाचन आयोग की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस में कही। कॉन्फ्रेंस पेंच जिला सिवनी में आयोजित की गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराये जाने वाले पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की प्रयोगशाला और परीक्षण स्थली हैं। पूरी दुनिया के साथ भारत का यह अनुभव है कि जब भी निर्वाचन संबंधी कोई महत्वपूर्ण प्रयोग होते हैं, तो सबसे पहले स्थानीय निर्वाचनों में होते हैं। जब महिलाओं को प्रतिनिधि संस्थाओं में आरक्षण का विचार आया, तो सबसे पहले पंचायतों और स्थानीय निकायों में इसे लागू किया गया। मध्यप्रदेश में तो निकायों में पहले 33 प्रतिशत और बाद में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया गया है। इसकी जितनी स्वीकार्यता पिछडे़ कहे जाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, उतनी वरिष्ठ स्तरों पर अभी भी नही हो पाई। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन लोकतंत्र की नींव हैं। यह चुनाव पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस चुनाव के माध्यम से नागरिक सीधे शासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनते हैं। उन्होंने ऑनलाइन वोटिंग पर चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रयोग पहली बार एस्टोनिया में किया जा चुका है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के मद्देनजर यह जरूरी है कि हम चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रक्रिया में बदलाव करते रहें। ईव्हीएम शेयरिंग राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने कहा कि चुनावी खर्च कम करने के उद्देश्य से राज्यों के बीच ईव्हीएम शेयरिंग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांफ्रेंस में राज्य निर्वाचन आयुक्त उनके राज्य में किए गए नवाचारों को साझा करेंगे। इससे अन्य राज्यों में भी उसे लागू किया जा सकेगा। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता असम के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आलोक कुमार ने की। इस दौरान विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचारों को समाहित कर लिखी गई पुस्तक एक्स-चेंज@एक्स-पीरियंस इनीशिएटिव-2025 का विमोचन किया गया। इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव श्री अभिषेक सिंह ने स्थानीय निकायों की निर्वाचन प्रक्रिया में पेपरलेस बूथ प्रणाली तथा इंटरग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम को अपनाने की कार्ययोजना पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पेपरलेस बूथ प्रणाली में डिजिटल टूल्स अपनाने से स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया सरल होगी। सभी डॉक्यूमेंटेशन डिजिटल होंगे तथा मानवीय भूल की संभावना भी कम होगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स का उपयोग होने से चुनाव में लगने वाले अमले की संख्या में कमी आएगी तथा चुनाव खर्च भी कम होंगे। आन्ध्रप्रदेश निर्वाचन आयोग की आयुक्त श्रीमती नीलम साहनी द्वारा स्वचलित लोकल बॉडी इलेक्शन प्रक्रिया पर प्रेजेंटेशन दिया गया। उन्होंने इलेक्ट्रोरल रोल मैनेजमेंट, पोल मैनेजमेंट के ऑटोमेशन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए अन्य आयुक्तों के साथ समस्या एवं सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्तों ने निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लखनादौन एसडीएम श्री रवि सिहाग तथा सहायक कलेक्टर श्री पंकज वर्मा द्वारा "ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेस" और सुविधाजनक निर्वाचन प्रक्रिया के लिए नवीन तकनीकों को अपनाने के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग त्रिपुरा द्वारा राज्य में स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर सिवनी सुश्री संस्कृति जैन ने प्रथम सत्र के समापन पर आभार व्यक्त किया। कॉन्फ्रेंस में तीन और चार मार्च को भी विभिन्न विषयों पर विषय-विशेषज्ञ प्रेजेंटेशन देंगे।   recent visitors 46

यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले, की जाएगी गौशालाओं की मदद: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने मंत्रिमंडल के साथ रविवार को बवाना स्थित गोपाल गोसदन हरेवली गौशाला का दौरा किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा गौशालाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नगर निगम को उसका उचित हिस्सा मिले। उन्होंने पिछली सरकारों की गलतियों से बचने की शपथ ली। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "हम पिछली सरकारों के तरीके का पालन नहीं करेंगे, जिन्होंने नगर निगम को पैसे का उचित हिस्सा नहीं दिया। मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि नगर निगम को उसका हिस्सा मिले और गौशालाओं का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।" उन्होंने राष्ट्र की प्रगति और परंपराओं के संरक्षण के महत्व पर भी विचार व्यक्त किए। धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण को दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा, "आजादी के 70 साल बाद भी हमारा देश बर्बादी की स्थिति में था। हमारे सनातन धर्म में जो पूजनीय था, उसे भी नजरअंदाज किया गया। सभी तीर्थ स्थल, सभी गौशालाएं और हमारे भगवान के प्रति हमारी भक्ति, को किसी न किसी तरह नजरअंदाज क‍िया गया। 2014 के बाद एक नई सुबह आई, जिसने सनातन में आस्था रखने वालों के दिलों में उम्मीद जगाई।" वहीं भाजपा सांसद योगेंद्र चांदोलिया ने भी कार्यक्रम में बोलते हुए गौशालाओं के प्रति पूर्ववर्ती सरकार के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि किस तरह दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम ने अतीत में गौशालाओं के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से गौशालाओं के लिए आवंटित धनराश‍ि को जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि दिल्ली सरकार की ओर से गौशालाओं को सशक्‍त बनाया जाएगा। recent visitors 53

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लंबे समय से फिल्म निर्माताओं के लिए कल्पनालोक बना रहा है। राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति-2025 ने यहां शूटिंग को व्यापारिक दृष्टिकोण से भी आकर्षक बना दिया है। उन्होंने कहा कि इस नीति से प्रदेश की छवि बड़े पर्दे पर और भी प्रभावशाली बनकर वैश्विक पटल पर उभरेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी नई ऊंचाइंया मिलेंगीं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि जीआईएस भोपाल से फिल्म निर्माण एवं पर्यटन उद्योग के गोल्डन ग्लोबल गेट की ओपनिंग हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए हमें बताया कि भारत के विकास में टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत से अधिक होगा। जीआईएस-भोपाल में नई नीति बनी करोड़ों के निवेश का आधार जीआईएस-भोपाल में पर्यटन विभाग ने राज्य सरकार की नई फिल्म एवं पर्यटन नीति पर प्रेजेंटेशन से फिल्म निर्माता और पर्यटन उद्योग के पुरोधा अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने माना कि इससे प्रदेश में और अधिक अनुकूल वातावरण बनेगा, साथ ही इस क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश होंगे। जीआईएस-भोपाल से पर्यटन, फिल्म-पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 68,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, इससे पर्यटन क्षेत्र में 1.2 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। नई नीति में फिल्म निर्माताओं को वित्तीय प्रोत्साहन नई फिल्म-पर्यटन नीति में फिल्मों और वेब-सीरीज के निर्माण के लिए अनुदान राशि बढ़ाई गई है। नई नीति में फीचर फिल्म निर्माण के लिये 5 करोड़ रुपये, वेब सीरीज निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये, टीवी सीरियल निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपये, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के निर्माण पर, 12 करोड़ रुपये और शॉर्ट फिल्म निर्माण पर 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना में लाभ प्राप्ति के लिये फिल्म निर्माण की 75 प्रतिशत शूटिंग मध्यप्रदेश में करना होगा। नई नीति में प्रदेश में सिनेमाघरों के नवीनीकरण के लिए निवेश जुटाने पर भी ध्यान दिया गया है। फिल्म शूटिंग संबंधी अनुमतियों के लिए एकल मंजूरी की व्यवस्था की गई है। इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है।  स्थानीय भाषाओं और विषयों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन राज्य सरकार ने स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय भाषाओं-बोलियों में फिल्म बनाने पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देने का नई नीति में प्रावधान किया है। इसमें मालवी, बुंदेली, निमाड़ी, बघेली और भीली भाषाओं की फिल्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, महिला और बच्चों पर केंद्रित फिल्मों के निर्माण पर भी 15 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। मध्यप्रदेश में फिल्म-शूटिंग बढ़ता क्रेज वर्तमान में मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माता आगे आ रहे हैं। मध्यप्रदेश को वर्ष-2022 में ‘द मोस्ट फिल्म-फ्रैंडली’ राज्य का पुरस्कार मिल चुका है। अब तक 15 हिंदी फिल्मों, 2 तेलुगु फिल्मों और 6 वेब सीरीज को 30 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय अनुदान दिया जा चुका है। प्रमुख फिल्म और वेब सीरीज परियोजनाओं में स्त्री-1 एवं स्त्री-2, भूल-भुलैया-3, सुई-धागा, लापता लेडीज, द रेलवे मैन, पैडमैन, धड़क-2, स्त्री, पंचायत, कोटा फैक्ट्री, गुल्लक और सिटाडेल आदि शामिल हैं। प्रदेश में मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य संसाधनों से फिल्म-शूटिंग का क्रेज बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में पर्यटन है ग्लोबल-अट्रेक्शन मध्यप्रदेश में वन्य जीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सह अस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्य जीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आस-पास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं। प्रदेश में डायवर्सिफाइड टूरिज्म रिसोर्सेज के कारण मध्यप्रदेश को देश के साथ ही विश्व की टॉप टूरिज्म डेस्टिनेशन माना जा रहा है। नई नीति से पर्यटक स्थलों में होंगे विश्वस्तरीय अधोसंरचनात्मक विकास मध्यप्रदेश में खजुराहो, कान्हा, सांची, ओरछा, ग्वालियर, बांधवगढ़, पंचमढ़ी, अमरकंटक, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन नीति-2025 में विश्वस्तरीय अधोसंरचना के विकास की योजना बनाई है, जिसमें गोल्फ कोर्स, क्रूज टूरिज्म, वेलनेस रिसॉर्ट, रोपवे, म्यूजियम और लाइट एंड साउंड शो शामिल हैं। पर्यटन में निवेश के मिले आकर्षक प्रस्ताव राज्य सरकार को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अमेज़न प्राइम, जी-5, आईएचएसओएल, ट्रेजर ग्रुप, आईटीसी होटल्स, हिल्टन समूह आदि के 300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। आकर्षक निवेश से निसंदेह मध्यप्रदेश में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इमेजिका वर्ल्ड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने इंदौर में वॉटर पार्क के लिए 200 क़रोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नीमराना समूह ने चंदेरी के राजा-रानी महल को विकसित करने के लिए 20 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इवॉल्व बैक रिसॉर्ट्स ने पन्ना टाइगर नेशनल पार्क के पास नए वेलनेस रिसोर्ट के लिए 150 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है।  recent visitors 32

30 साल बाद नक्सलियों की राजधानी पामेड़ में शुरू हुई बस सेवा

जगदलपुर दक्षिण बस्तर का नाम सुनते ही लोगों के मन में गोलियों की तड़तड़ाहट के साथ ही निर्दोष ग्रामीणों की हत्या से लेकर अन्य कई तस्वीरे सामने आ जाती हैं। जिसके कारण आमजनों के अंदर ख़ौफ़ देखने को मिलता है, वही दक्षिण बस्तर के अंतिम छोर में पुलिस के द्वारा चलाये गए अभियान के चलते अब वहां खून खराबा नही बल्कि यात्री बसों के हॉर्न सुनाई दे रहे हैं। कल तक जो इलाका नक्सलियों के कब्जे में था , अब उस इलाके में पुलिस ने अपनी पैठ जमाते हुए कैम्प के साथ ही वहां के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रहे है, जिसका सबसे सुखद परिणाम यह आ रहा है कि अब बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अंतिम गाँव में बसे पामेड़ में अब बसों का आवाजाही शुरू हो गया है। बता दें कि बीजापुर जिले का एक ऐसा गाँव पामेड़ जो कभी नक्सलियों की राजधानी के रूप में जाना जाता था, सरकार व जवानों की कड़ी मेहनत के चलते अब वहां विकास तेजी से बढ़ रहा है, पामेड़ इलाके की बात करे तो कभी वहां पर दुपहिया वाहन भी देखने को लोग तरस जाते थे, अब उसी पामेड़ में 30 वर्षो के बाद यात्री बस की सेवा शुरू हो गई है। बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसा यह पामेड़ गाँव, उस  इलाके के 7 पंचायतों को भी जोड़ता है, सरकार के साथ ही पुलिस जवानों के अथक प्रयास से बीते 4 माह के अंदर इस गाँव मे विकास की बड़ी गाथा लिखी गई है, इस इलाके में सड़क और कैंप के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत इस इलाके के ग्रामीणों के लिए शुरू हुई यात्री बस की सेवा है, बस सेवा के चलते अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को पहले तेलंगाना से होते हुए अपने गृहगांव तक जाना पड़ता था, लेकिन अब वे बीजापुर से सीधे पामेड़ अपने घर पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो आजादी के बाद से  पामेड़ इलाके तक सड़क थी, 50 साल पहले भी सड़क हुआ करती थी, लेकिन उस मार्ग में वाहनों का आवाजाही कम होता था, जिसके चलते धीरे-धीरे इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी पैठ बनाई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया, नक्सलियों के दबाव और होने वाले वारदातों को देखने के बाद इसे कुछ ही समय में इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी कहा जाने लगा,  अब नक्सलियों को खदेड़ने के लिए सरकार ने यहां विकास की गाथा लिखने की शुरुआत की, जिसके चलते सबसे पहले इस क्षेत्र में कैंप स्थापित किए गए फिर सड़कों का जाल बिछाने का काम शुरू किया गया, बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा,तररेम,चिन्नागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं, इन इलाकों में विकास के साथ ही सुविधाओं के साथ ही नक्सलियों को खदेड़ने में सबसे बड़ा श्रेय जवानों को जाता है जो दिन-रात नक्सली इलाके में डटकर लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में लगे हैं। जिन इलाकों में कभी दुपहिया वाहन तक सही रूप से नहीं चलाते थे अब उन इलाकों में चार पहिया वाहनों के साथ यात्री बसें दौड़ने लगी है, 50 वर्षो तक जिन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे थे वह सारी सुविधा पामेड़ इलाके के ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से बढ़ रही है, इस इलाके में आधार कार्ड, राशन कार्ड के अलावा राशन दुकान भी गांव में संचालित की जा रही है, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के ख़ौफ़ के चलते पामेड़ में काम करने वाले जवानों के लिए वेतन से लेकर अखबार तक हेलीकॉप्टर से मदद से भेजा जाता था, लेकिन अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से जवानों का यह कठिन सफर खत्म हो चुका है, जवानों और ग्रामीणों के लिए इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विस्तार भी हो चुका है जिससे वह अपने परिवार वालों से बात कर सकते है। recent visitors 48

अब 5 रुपए में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन, तीन साल में किसानों को देंगे 30 लाख सोलर पंप: CM डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के किसानों के हक में लिए गए फैसलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया गया। आज दोपहर को सीएम हाउस में किसान आभार सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचें किसानों ने सरकार की विभिन्न किसान हितैषी नीतियों, निर्णयों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं सीएम डॉ मोहन ने कार्यक्रम बड़ी घोषणा की। अब 5 रुपए में किसानों को बिजली का स्थाई कनेक्शन मिलेगा, तीन साल में 30 लाख सोलर पंप किसानों को देंगे और किसानों से सरकार बिजली खरीदेगी। किसानों के समृद्धि होने से भारत विकसित बनेगा सीएम डॉ मोहन यादव बोले- किसान अन्नदाता- जीवनदाता हैं। किसान का हल, हर समस्या का हल। पूरा विश्व श्रद्धा से पीएम की तरफ देख रहा है। मनमोहन सिंह की सरकार में बेशर्मी से कहते थे गांव में सड़क की क्या जरूरत है। इन्होंने गांव नहीं देखा, भारत को देखने समझने के लिए गांव देखना जरूरी है। किसानों के सुखी समृद्धि होने से भारत विकसित बनेगा। किसान, गरीब, युवा, महिला 4 जातियों की बात पीएम मोदी करते हैं। किसानों को जो आजादी के समय मिल जाना चाहिए था उसमें 55 साल लगे। भाजपा सरकार में गांव का विकास हुआ मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार आयी तब गांव का विकास हुआ। सड़क, बिजली, पानी नहीं था कांग्रेस के समय। दिग्विजय सिंह ने विधानसभा में कहा था शिप्रा में नर्मदा का जल आ ही नहीं सकता। कांग्रेस के लोगों ने कहा नदी से नदी जोड़ो असंभव- प्रकृति बिगड़ जाएगी, हमने जब कोशिश की तो अड़ंगे लगाएंगे लेकिन हमने किया। कोर्ट में केस भी जीते, केन बेतवा लिंक से तस्वीर बदल रही है। चंबल में बंदूक उठा लेते थे, दिक्कत आती थी। प्रदेश का कोई खेत खाली नहीं रहेगा, हर जगह पानी पहुंचाया जाएगा। एक और नदी जोड़ो अभियान हम जल्द करेंगे। दूध खरीदने पर सरकार अलग से बोनस देगी 5 रुपये में बिजली का स्थायी कनेक्शन देने की घोषणा सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने की। बिजली के लिए अभी साल के 7500 देते हैं। इस बजट में कोशिश करेंगे कि सोलर पंप के माध्यम से परेशानी खत्म कर दें। अगर खेत में सोलार से बिजली उत्पादन होगा तो आपसे बिजली खरीदेंगे। सोलार पम्प के माध्यम से स्थायी कनेक्शन देंगे। सरकार दूध खरीदने पर अलग से बोनस देगी। अभी दूध का 9 प्रतिशत उत्पादन है उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाएगा। कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना, खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मौजूद रहे। recent visitors 53