राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई, वर-वधु को दी बधाई

छतरपुर खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र भेंट किया।बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। 251 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया… मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव छतरपुर में सामूहिक विवाह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 215 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया आपने… मुख्यमंत्री ने कहा कि बागेश्वर धाम अलग तरह का कीर्तिमान बना रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को प्रणाम किया। सीएम ने कहा कि आज का आनंद अद्भुत है। पिछले साल भी मैं यहां आया था, बीते वर्ष 151 और इस साल 251, जो आंकड़ा देखा 669 बेटियों का विवाह अभी तक आपने किया है, कई तरह के संदेश इस विवाह समारोह से दिया गया। यह जोड़े मां पार्वती और शंकर के रूप में दिखाई दे रहे है। वहीं सीएम डॉ यादव ने कहा कि ये 251 घोड़े कहां कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया, लेकिन आपने ने जातिगत भावनाओं को कुचला और सामाजिक समरता का उदारहण दिया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आज आपने अश्वमेघ के घोड़े के समान दिग्विजय घोड़े के समान ये घोड़े लाए हैं, जिन्होंने समाज की असमानता को तोड़ दिया। शासन, सत्ता और संत की त्रिवेणी की मौजूदगी में ये विवाह का काम किया। जातियों की दीवारें टूटें और सद्भावना बने ये काम किया है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 51 हजार रुपए देने की भावना है, इसलिए सरकार की योजना का लाभ यहां आए जोड़ों को मिलेगा। धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां गर्व से ससुराल में रहेंगी  बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र और बालाजी की फोटो भेंट किया। वहीं महामहिम ने दूल्हों और दुल्हनों के लिए सूट और साड़ियां लेकर आई हैं। उन्होंने सभी को भेंट दी। छतरपुर के खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंच गई हैं। वे एयरफोर्स के विमान से खजुराहो एयरपोर्ट पर आईं। जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति वहां से हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचीं। जहां उन्होंने बालाजी मंदिर के दर्शन किए। दर्शन पूजन के बाद वे सामूहिक विवाह के लिए बने पंडाल के मंच पर पहुंचीं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति को बालाजी की फोटो भेंट की है। वहीं प्रेसिडेंट ने विवाह कर रहे जोड़ों को सूट और साड़ियां भेंट की है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव भी मौजूद हैं। बेटियों को बोझ मत समझो धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि जिस दिन हमने अपनी बहन का विवाह जैसे-तैसे लोगों से उधार लेकर किया उसी दिन ठान लिया था कि आज हमें बहन के विवाह में इतना निराश होना पड़ रहा है, भगवान ने हमें सामर्थ्यवान बनाया तो भारत में बेटियों के विवाह के लिए किसी को निराश नहीं होना पड़ेगा। बेटियों को बोझ मत मानो, बेटियां, बेटों से कम है क्या ? बेटियों कम होती तो हमारी बेटियां बड़े-बड़े शिखर पर नहीं पहुंचतीं। बेटियों के विवाह की खुशियां फैली चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों अपने कर्म और वाणी से जन मानस को राह दिखाई है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। अंधविश्वास के बारे में लोगों को जागरूक किया है। चाहे गुरुनानक हों, रविदास हों या संत कबीर दास हों, मीराबाई हों या संत तुकाराम, सभी ने समाज को सही राह दिखाई है। राष्ट्रपति ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सभी जोड़ों को बधाई देती हूं। सभी को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं। आपको विवाह सूत्र में बांधने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं। विवाहित जोड़ों को गृहस्थी के सामान के साथ-साथ जीवनयापन के लिए आटा चक्की और सिलाई मशीन भी दी जा रही है। राज्यपाल ने वर-वधु को दी बधाई राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, सभी वर-वधु को बधाई। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने गरीब और वंचित बेटियों के विवाह का समारोह किया ये अनुकरणीय है। सामूहिक विवाह समारोहों से भावी पीढ़ियों को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है। सीएम बोले- 251 घोड़े कहां से लाए, गजब कर दिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, आज बागेश्वर धाम नया कीर्तिमान बना रहा है। आपने जातिगत संघर्ष को तोड़ने का काम किया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 251 घोड़े कहां-कहां से लाए महाराज गजब कर दिया आपने। आज आपने … Read more

सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर, 4 लोगों की मौत, 7 लोग गंभीर रूप से घायल

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगी दी। बोलेरो सवार महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नेशनल हाईवे-43 पर मंगरी और बालमपुर के बीच बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे हुआ है। हादसे के बाद बोलेरो पलट गई। जिससे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मरने वालों में एक महिला, एक बच्चा और दो पुरुष शामिल हैं। गुस्साए भीड़ ने ट्रक में लगाई आग हादसे के बाद लोग बोलेरो के अंदर ही फंस गए। जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतापुर सीएचसी अस्पताल भेजा गया है। जहां इलाज चल रहा है। हादसे में ट्रक ड्राइवर भी घायल हुआ है। घटना के बाद गुस्साए भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी। जिसे पुलिस कर्मियों ने बुझा लिया है। किलकिला शिव मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे बताया जा रहा है कि, बोलेरो क्रमांक CG 15 ED 7078 में सवार होकर 11 लोग महाशिवरात्रि पर किलकिला शिव मंदिर गए थे। सुबह दर्शन कर अपने घर रेवापुर-सखौली लौट रहे थे। इसी दौरान ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।   recent visitors 52

निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता:केंद्रीय मंत्री शेखावत निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री लोधी अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा, एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत : अभिनेता पंकज त्रिपाठी पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जीआईएस में टूरिज्म समिट में निवेशकों और उद्योगपतियों ने जाने निवेश के अवसर और संभावनाएं भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पर्यटन में निवेश के अनंत अवसर और असंख्य संभावनाएं मौजूद है। पर्यटकों में निवेशकों के लिए सभी सुविधाएं और हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास अगर किसी प्रदेश में है तो वह मध्यप्रदेश है। प्रदेश में पर्यटन के बढ़ते हुए अवसरों और निवेश को देखते हुए मुझे विश्वास है कि आगामी समय में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ पर्यटन पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस के दौरान टूरिज्म समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास, कनेक्टिविटी बढ़ाने और पर्यटकों को अविस्मरणीय पर्यटन अनुभव प्रदान करने के सतत प्रयास किए जा रहे है।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव  ने कहा कि पर्यटकों में विश्वास बढ़ाने के लिए नियमित वायु सेवा का संचालन शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। सामान्य यात्रियों के लिए उचित दरों पर हवाई सेवा के अलावा आयुषमान कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क और एम्बुलेंस की सुविधा प्रदेश में उपलब्ध है। वन्यजीव पर्यटन का अनुभव कराने के साथ साथ यहां पर्यावरण संरक्षण और सहअस्तित्व की अवधारणा पर कार्य किया जाता है। वन्यजीव बिना डर के गांव में विचरण करते हुए नजर आते है। श्योपुर में चीते आसपास के गांव में तो बाघ भोपाल में शहरी इलाकों में विचरण करते हुए दिखते है। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन ऐसा सिर्फ मध्यप्रदेश में संभव है। मध्यप्रदेश चीता, बाघ, घड़ियाल, तेंदुआ के साथ वल्चर स्टेट भी है। टाइगर रिजर्व की संख्या में भी वृद्धि हो रही हैं।   केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आने वाले समय में भारत के विकास में योगदान देने वाले तीन क्षेत्रों टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और टूरिज्म को बताया है। वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़कर 10% से अधिक होगा। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ष बजट में इनकम टैक्स में छूट दिए जाने से मध्यम वर्ग में खर्च करने की सीमा बढ़ी है। इसका सीधा लाभ पर्यटन श्रेत्र को मिलेगा। जिसे देश और प्रदेश में बढ़ती हुई घरेलू पर्यटकों की संख्या के रूप में देखा जा सकता हैं। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश में टूरिज्म के श्रेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं है। अगर राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होता तो आज टूरिज्म श्रेत्र में व्यवसाय कर रहा होता। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सभी निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं के द्वार पर खड़ा है। यहां जो भी अवसर मिले वहां निवेश करें। मेरा विश्वास है कि आपका निवेश आपको निराश नहीं करेगा। संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पर्यटन के श्रेत्र में निवेशकों के लिए आकर्षक नीतियां बनाई है। हम निवेशकों को सभी सुविधाएं, लाभ और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अब मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का सबसे उपयुक्त स्थान बन गया है। अभी हाल में ही कई ब्लॉकबस्टर फिल्म मध्यप्रदेश में शूट हुई है। राज्य मंत्री लोधी ने सभी निवेशकों, उद्योगपतियों और पर्यटकों को मध्यप्रदेश में पर्यटन और निवेश के लिए आमंत्रित किया। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने मध्यप्रदेश में शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले एक फिल्म में मध्यप्रदेश में गाइड की भूमिका निभाई थी। उस वक्त मैने एमपी की खूबसूरती देखी। तब से एमपी से प्यार हो गया। एमपी से जुड़ाव पहले से था और ब्रांड एम्बेसडर बाद में बना। घरेलू पर्यटकों को बताना होगा कि पर्यटन के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं है, सब कुछ एमपी में ही है। मैं खुद अगले महीने पूरे परिवार के साथ मध्यप्रदेश घूमने आऊंगा। मध्यप्रदेश से हृदय से जुड़ा हुआ हूं। एमपी सुंदर, विलक्षण और अद्भुत है   प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने प्रदेश में पर्यटन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं, पर्यटन परियोजनाओं और निवेश के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया। पर्यटन नीति 2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 के तहत निवेशकों को मिलने वाले आकर्षक लाभ, अनुमति के लिए पारदर्शी और सिंगल विंडो सिस्टम, उपलब्ध लैंड पार्सल, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट, रोड रेल और एयर कनेक्टिविटी आदि के साथ आगामी पीपीपी प्रोजेक्ट्स आदि को विस्तार से समझाया। अध्यक्ष, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मअजीत बजाज, , कार्यकारी उपाध्यक्ष इंडियन होटल्स कंपनी लि. रोहित खोसला, इतिहासकार पद्मके.के. मोहोम्मद,  हेड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स एंड कॉर्पोरेट एफेयर्स मेक माई ट्रिप समीर बजाज, निदेशक जेहनुमा होटल्स अलि राशिद, अभिनेता विजय विक्रम सिंह भी विशेष रूप से मौजूद थे। अपर प्रबंध संचालक सुबिदिशा मुखर्जी ने आभार व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत और राज्यमंत्री लोधी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में मिले 4468 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव राज्य में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कुल 4468 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश राज्य में क्रूज पर्यटन, फिल्म निर्माण, होटल-रिजॉर्ट निर्माण, वाटर पार्क, गोल्फ कोर्स, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाएं के साथ ही पर्यटन सुविधाओं में विस्तार के लिये प्रस्तावित है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) द्वारा विभिन्न नेशनल पार्क, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में होटल्स की स्थापना के लिए 1960 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, अयोध्या क्रूज लाइन्स द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से क्रूज पर्यटन परियोजना, नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स लिमिटेड (KMEW) द्वारा 70 करोड़ रुपये में क्रूज पर्यटन परियोजना, ट्रेजर ग्रुप इंदौर द्वारा … Read more

मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ, साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन में ‘विक्रमोत्सव 2025’ की भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ किया। ये उत्सव 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक चलेगा जिसमें कई तरह के साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आज कलश यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विक्रमोत्सव महादेव के महोत्सव से जुड़ा एक विशेष आयोजन है जो इस बार सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत के गौरव, नवजागरण और भारतीय विद्या पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान कई साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। साथ ही ज्योतिष, विचार गोष्ठियां, इतिहास और विज्ञान से जुड़े आयोजन भी होंगे। साथ ही विक्रम व्यापार मेला भी लगेगा जिसमें लोक और जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने किया ‘विक्रमोत्सव कलश यात्रा’ का शुभारंभ सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज महाशिवरात्रि पर उज्जैन में 26 फरवरी से 30 मार्च 2025 तक आयोजित होने वाले ‘विक्रमोत्सव 2025’ में कलश यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ‘यह विक्रमोत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति एवं लोक कलाओं की जीवंतता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।’ विक्रमोत्सव के तहत उज्जैन सहित प्रदेश की अन्य जगहों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि-वैज्ञानिक परंपरा और देवी अहिल्याबाई से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई जाएं। इसी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी जानकारियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न आयोजन होंगे। साहित्यिक, सांस्कृतिक और विज्ञान आधारित आयोजन होंगे इस दौरान कई साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।विक्रमोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा जिसमें भीली और गोंडी जैसी जनजातीय बोलियों के कवियों को भी आमंत्रित किया जाए।, शोधपरक पुस्तकों ग्रंथों का विमोचन होगा और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी किया जाएगा। साथ ही सम्राट विक्रमादित्य पर लिखे गए गीत, कविताओं और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, जाणता राजा नाटक की तरह ही सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक भव्य नाटक तैयार किया जाए और इसे प्रदेश के कई शहरों के साथ देशभर के प्रमुख नगरों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ, मुख्यमंत्री ने विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो के आयोजन के निर्देश दिए हैं। विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस प्रकार विक्रमोत्सव संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर विरासत से विकास की दिशा में एक अनूठा आयोजन होगा। recent visitors 54

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 37

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का खजुराहो आगमन पर हार्दिक स्वागत, वंदन

छतरपुर  बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। खजुराहो एयरपोर्ट पर सीएम मोहन यादव ने किया राष्ट्रपति का स्वागत     खजुराहो की पवित्र भूमि पर आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का आत्मीय स्वागत किया। बालाजी मंदिर से उठेगी बारात बागेश्वर धाम के प्रमुख सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि विवाह की तैयारियां पंडाल के पास ही की गई हैं। सड़क के एक तरफ जयमाला होगी। दूसरी तरफ मंडप बनाए गए हैं। उसके पीछे बेटियों के रहने की भी व्यवस्था की गई है। 251 घोड़े तैयार किए गए हैं, जिन पर बारात निकाली जाएगी। बालाजी मंदिर के पास से ही बारात उठकर पंडाल में आएगी। यहां अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं। मुख्य स्टेज पर वरमाला होगी। विदाई शाम करीब 5 बजे होगी। उपहार के लिए सभी की गाड़ियां बुलवा ली गई हैं। विवाह महोत्सव में लोगों का शुरू बागेश्वर धाम के सामूहिक विवाह महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के इंतजार में पंडाल भरने लगे हैं। बागेश्वर धाम के लिए हुई महामहिम रवाना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ मोहन यादव और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति खजुराहो से बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गई हैं। यहां वे 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल होंगे। राजस्थान से मंगवाए 20 लाख रसगुल्ले बागेश्वर धाम में भंडारे की जिम्मेदारी सागर के कैटरर्स को दी गई है। इसके संचालक राजा ठाकुर बताते हैं कि करीब 400 लोगों का स्टाफ खाना बनाने में जुटा। इतने ही लोग धाम के शिष्य मंडल की टीम भी मदद में लगी है। 20 फरवरी से खाना बनाने का काम शुरू कर दिया था। प्रसाद शुद्ध घी में बनाया गया है। राजस्थान से 20 लाख पीस छेना के रसगुल्ले भी मंगवाए हैं। खाना बनाने का काम मशीनों की मदद से किया जा रहा है। 12 से 15 एकड़ में भंडारे की व्यवस्था है।    20 लाख लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था आयोजन के लिए 20 लाख लोगों के भंडारे की व्यवस्था है। मेन्यू में बूंदी, रायता, जलेबी, मालपुआ, पुलाव समेत 13 व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए 400 लोग पिछले छह दिन से खाना बनाने में जुटे हैं। इतने ही लोग शिष्यमंडल की मदद कर रहे हैं। नवविवाहित जोड़े को गिफ्ट में ढाई लाख रुपए कीमत के घरेलू उपयोग का सामान दिया जाएगा। इनमें डबल बेड, सोफा, आटा चक्की, अलमारी, ड्रेसिंग समेत घरेलू उपयोग के 56 आइटम शामिल हैं। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेश अमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा 22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं। recent visitors 114

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं : बाबा बागेश्वर

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 37