ग्लोबल ब्रिलि,न्स फोरम लंदन ने किया एनआरआई समिट का आयोजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय नागरिक विश्व के किसी भी देश में बसते हों, भारतीय संस्कृति से अवश्य जुड़े रहते हैं। हमारे राष्ट्र की यही पहचान है। विश्व के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय वहाँ के समाज में भी समरस हो जाते हैं। प्रत्येक समाज के साथ आत्मीयता स्थापित करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की विशेषता भारतीय नागरिकों की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की शाम कोर्टयार्ड मैरिट में ग्लोबल ब्रिलिएन्स फोरम लंदन द्वारा आयोजित एनआरआई समिट को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे अध्ययन केंद्र थे, जहां श्रेष्ठ जीवन पद्धति सिखाई जाती थी। विश्व के कई देशों से इन शिक्षा केंद्रों तक शिक्षा ग्रहण करने के लिए नागरिक पहुंचते थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभिन्न देशों के अप्रवासी भारतीयों से भेंट के दौरान भोपाल और मध्यप्रदेश के विशिष्ट स्थानों के संबंध में चर्चा की और उनसे पुन: मध्यप्रदेश आने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके सहित अन्य देशों से आए अप्रवासी भारतीयों द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिभागी के रूप में आने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज, आदित्य प्रताप सिंह (इंचार्ज ग्लोबल ब्रिलियन्स फोरम, यूके), जितेन्द्र वैद्य (यूएई), संजय नागरकर (प्रेसीडेंट इन्डिया कनेक्ट, हांगकांग) विनायक गिरगुने, जसपाल सिंह एवं दिवाकर शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा के अलावा सुनेहा बग्गा, राहुल कोठारी आदि उपस्थित थे।   recent visitors 53

जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री शाह जीआईएस भोपाल के समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री ने की मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की सराहना जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमने निवेश के लिए बनाया है नया इको-सिस्टम हमारी निवेश नीतियों को सबने सराहा, निवेशकों का बढ़ा है मध्यप्रदेश पर विश्वास आरआईसी के सफल प्रयासों का प्रतिफल मिला जीआईएस में भोपाल केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्यप्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। मध्यप्रदेश में निवेशकों में निवेश करने के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थायी और सशक्त सरकार, पारदर्शी प्रशासन, उपयोगी नीतियां, सहयोगी सामाजिक वातावरण, आर्थिक प्रगति के लिये ऐसे आधार हैं, ‍जो मध्यप्रदेश में मौजूद हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जनविश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग के माध्यम से पहल की है। निश्चित ही मध्यप्रदेश टॉप एचीवर बनेगा। केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार की शाम भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूत्र वाक्य 'विरासत भी और विकास भी' को मध्यप्रदेश चरितार्थ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष@2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प किया है। भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। इसमें मध्यप्रदेश अपना योगदान देते हुए महत्वपूर्ण सहयोगी राज्य सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश ने लोकल और ग्लोबल दोनों स्तर पर प्रगति के प्रयासों में सहभागी बनने का सराहनीय कार्य किया है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बहुत सफल रही है। इसकी सफलता के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम बधाई और अभिनंदन की पात्र हैं। मध्यप्रदेश में इस समिट में हुए एमओयू जल्द ही मूर्त रूप लेकर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में किया गया प्रयोग सम विकास के लिये आवश्यक केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. द्वारा किया गया रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का प्रयोग सफल रहा। सम विकास के लिये ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। अन्य राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में अलग तरह का निवेश संभव होता है। मध्यप्रदेश में फिजीकल पोटेंशियल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह के उद्बोधन के प्रमुख बिन्दु     मध्यप्रदेश में सशक्त अधोसंरचना मौजूद है। भूमि, जल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।     यहां कुशल मानव संसाधन की प्रचुरता है।     मध्यप्रदेश में मार्केट का एक्सेस और पारदर्शी प्रशासन है।     मध्यप्रदेश में स्थिर सरकार, केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, उद्योगों के लिये अनुकूल नीतियां हैं।     यहां सभी कुछ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।     मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।     मध्यप्रदेश में सर्वाधिक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।     मध्यप्रदेश देश की कॉटन केपिटल है। यहां देश के कपास उत्पादन का एक चौथाई ऑर्गेनिक फार्म में होता है।     मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।     यह अत्यंत सराहनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है।     मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की उपलब्धि प्राप्त करेगा।     आज सम्पन्न समिट में 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 60 देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। कई विभागीय सम्मेलन और सेक्टोरल सत्र भी समिट में सम्पन्न हुए हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्लोबल उपस्थिति का परिचायक है।     प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निवेश का तैयार हुआ सकरात्मक माहौल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के जीआईएस के समापन सत्र में आने के लिए उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीआईएस का शुभारंभ और आज गृह मंत्री शाह द्वारा समापन से मध्यप्रदेश ने देश के कुशल नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त किया है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है। मप्र में पर्याप्त जल, जंगल, जमीन, बिजली, लैंड बैंक और निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक वर्ष पहले क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) की शुरुआत की थी, ताकि संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम हमें मिले हैं। आरआईसी में किए गए प्रयासों का प्रतिफल हमें जीआईएस में मिला है। हमने मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं। हमारी नई निवेश नीतियों की सभी ने सराहना की है। हमारी सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है। टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो उद्योग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास का इस कारवां में हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस करीब 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये। प्रदेश सरकार अपने प्रयासों को धरातल पर उतरने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी प्रकार के संभावित क्षेत्रों में विकास के इस अभियान को जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष लागू किए गए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में हम सभी नए आपराधिक कानून सुधारों को पूरी तरह लागू कर मध्यप्रदेश को देश … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्निक महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया

उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का गर्भगृह में पूजन अर्चन कर बाबा का अभिषेक किया इसके बाद आरती करने के बाद महाकाल का आशीर्वाद लिया। दरअसल, हर विशेष काम में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने वाले सीएम मोहन यादव आज महाशिवरात्रि के पर्व अपनी धर्मपत्नी सीमा यादव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने पीले रंग का सोला पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया व बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प व भोग अर्पित किया। महाशिवरात्रि पर दर्शन करने पुहंचे सीएम महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान सीएम मोहन यादव ने बाबा का अभिषेक कर उनको वस्त्र धारण करवाए और आरती भी की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में पहुंचकर बाबा महाकाल का ध्यान भी लगाया। उन्होंने भगवान महादेव के संसार में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की मंगल कामना की। recent visitors 53

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी किसानों से अच्छी गुणवत्ता की फसल की खरीदी: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिये हैं कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 के गेहूँ उपार्जन की अवधि के दौरान उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए सभी पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने यह निर्देश मंत्रालय में रबी उपार्जन नीति की समीक्षा के दौरान दिये। श्री  राजपूत ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों के लिए छाया की सुविधा के लिए शेड लगवाएं जाएं तथा पीने के पानी, प्रतीक्षा कक्ष, दरियां, टेबल, कुर्सी तथा शौचालय आदि का पर्याप्त प्रबंध करें।  उन्होंने निर्देश दिये कि समिति स्तर पर पर्याप्त बिजली की सुविधा, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण तथा किसानों की जानकारी के लिए सूचना पटल पर उपार्जन संबंधी जानकारी प्रदर्शित करें। श्री राजपूत  ने निर्देश दिये कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता लाएं ताकि गेहूँ खरीदी केन्द्रों तक अधिकतम पंजीकृत किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को गेहूं उपार्जन के बाद जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करें।  खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि  इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी का कार्य 1 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा जो 18 अप्रैल तक चलेगा। वहीं शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई 2025 तक गेहूँ खरीदी का कार्य उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किया जाएगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि अभी तक 2 लाख 91 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि इस बार मध्यप्रदेश में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। बैठक में आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि गेहूँ उपार्जन में स्लाट बुकिंग के लिए लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीदी के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग किया जाएगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 35

इंग्लैंड और अफगानिस्तान दोनों टीमों के लिए आज का मुकाबला करो या मरो जैसा

लाहौर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद हार का सामना करने से आहत इंग्लैंड को चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी उम्मीदें बरकरार रखने के लिए बुधवार को यहां अफगानिस्तान की स्पिन चुनौती की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड और अफगानिस्तान को अपने पहले मैच में पराजय का सामना करना पड़ा था और इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच करो या मरो जैसा बन गया है। ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच जीते थे। इंग्लैंड का सीमित ओवरों की क्रिकेट में दबदबा अब बीते दिनों की बात हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगर उसके बल्लेबाज चले तो गेंदबाजों ने निराश किया जो 350 से अधिक के स्कोर का बचाव नहीं कर पाए। जहां तक पहले मैच में इंग्लैंड की बल्लेबाजी का सवाल है तो यह नहीं भूलना चाहिए कि ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहे हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पहले मैच में उसके अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाकर बड़ा स्कोर बनाया। इसलिए देखा जाए तो इंग्लैंड को अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के बल्लेबाजों को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारत के खिलाफ वनडे श्रृंखला में स्पिन गेंदबाजों को खेलने में काफी परेशानी हुई थी। अफगानिस्तान के पास राशिद खान, नूर अहमद और मोहम्मद नबी जैसे विश्वस्तरीय स्पिनर हैं जो किसी भी तरह की बल्लेबाजी लाइनअप को परेशानी में डालने में सक्षम हैं। यहां की पिच से धीमी गति के गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना है और ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इंग्लैंड को ऑलराउंडर ब्रायन कार्स के चोटिल होने के कारण बाहर होने से झटका लगा है। उसने अपने स्पिन गेंदबाजी विभाग को मजबूत करने के लिए उनकी जगह रेहान अहमद को टीम में शामिल किया है। रेहान अहमद को टीम में शामिल करने से आदिल रशीद को काफी मदद मिलेगी जिनके साथ अभी तक लियम लिविंगस्टोन दूसरे स्पिनर की भूमिका निभा रहे थे। बल्लेबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट और हैरी ब्रूक की खराब फॉर्म है। साल्ट ने वनडे में अपना एकमात्र शतक 2022 में लगाया था। इसके बाद वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। ब्रूक की कहानी भी लगभग ऐसे ही है। उन्होंने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इसके बाद वह बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे हैं। जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है तो उसकी अपनी परेशानियां हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में उसके गेंदबाजों ने निराश किया तो बल्लेबाज भी नहीं चल पाए जिससे उसकी टीम को 107 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। अफगानिस्तान की टीम में लगभग वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने पिछले साल उसे टी20 के सेमीफाइनल में पहुंचाया था। अफगानिस्तान को अगर सेमी फाइनल की अपनी उम्मीदों को बनाए रखना है तो उसके खिलाड़ियों को एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: अफगानिस्तान: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, इकराम अलीखिल, गुलबदीन नायब, अजमतुल्ला उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांग्याल खरोती, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, फरीद मलिक, नवीद जादरान। रिजर्व: दरविश रसूली, बिलाल सामी। इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक, रेहान अहमद, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, जेमी स्मिथ, लियाम लिविंगस्टोन, आदिल राशीद, जो रूट, साकिब महमूद, फिल साल्ट, मार्क वुड। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 47

शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा: नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल शहरों का ट्रांजिट ओरिएंटेड डेव्हलपमेंट किया जाएगा। शहरों में सुव्यवस्थित ट्राफिक के लिये अंडरब्रिज बनाने पर विचार किया जाएगा। नगरों के विकास के लिये बनाई गई पॉलिसी में आपके सुझावों पर जरूरी परिवर्तन किये जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह बात ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के अर्बन डेव्हलपमेंट सेशन में कही। केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि उज्जैन में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों के नियम-कानूनों की शहरी विकास के कानूनों से समानता होनी चाहिए। श्रम कानूनों में सुधार होगा, जिससे उद्योगपति और श्रमिक के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनेगी। अतिथियों ने एमपी ईवी तरंग पोर्टल को लांच किया। एमओयू में हुए शामिल शहरों में विमान सेवाओं के उद्देश्य से पाँच कम्पनियों के साथ एमओयू हुए। एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ अंतर्राष्ट्रीय रूट इंदौर से आबुधाबी और इंदौर से बैंकॉक और घरेलू रूट इंदौर से पटना, इंदौर से कोच्ची एवं इंदौर से वाराणसी के लिये विमान सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। फ्रेंकफिन कम्पनी के साथ मध्यप्रदेश में 5 एविएशन एकेडमी शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 6 से 7 हजार लोगों को रोजगार मिलना संभावित है। फ्लाई भारती के साथ उज्जैन में एयरपोर्ट डेव्हलपमेंट के लिये एमओयू हुआ। इसमें 750 करोड़ रूपये का निवेश होगा। "कंपनी प्रधान एयर" के साथ उज्जैन में और राज्य के भीतर हवाई सेवाएं शुरू करने के लिये एमओयू हुआ। इसमें 150 करोड़ रूपये का निवेश होगा। इन एविया एविएशन कंसलटेंट जीएमबीएच के साथ भोपाल में मेंटीनेंस रिपेयर एण्ड ऑपरेशन (एमआरओ) की स्थापना के लिये एमओयू हुआ। इसमें प्रथम चरण में 500 करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है। एक एमओयू एडिमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग इन्सट्रीट्यूट के साथ नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने किया है। इसमें विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि जनभागीदारी शहर के विकास का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर के नागरिकों की तरह स्वच्छता को संस्कार में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि इंदौर को क्लीन सिटी के साथ ही ग्रीन सिटी बनाया जाएगा। इंदौर में आगामी 5 साल में ढाई करोड़ पौधे लगाकर तापमान 4 डिग्री तक कम करने का लक्ष्य है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसी पॉलिसियाँ बनाई जा रही है कि शहर का विकास हो, प्रदेश का विकास हो और निवेशक का भी विकास हों। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि केन्द्र ने एक लाख करोड़ रूपये का ट्रस्ट फंड बनाया है। इस राशि का उपयोग मध्यप्रदेश में शहरों के सुनियोजित विकास के लिये अच्छी योजना बनाकर किया जायेगा। इसके लिये हमारा विभाग केन्द्र से पर्याप्त राशि लाने के लिये ठोस प्रयास करेगा। सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा मध्यप्रदेश केन्द्रीय नागरिक उड्यन मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश सिविल एविएशन हब के रूप में विकसित होगा। मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण संस्थान खोलने की अनुकूल परिस्थितियां है। मध्यप्रदेश में एयरो स्पोर्टस शुरू किये जा सकते है। प्रयागराज में लगे महाकुंभ की तरह भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों का महाकुंभ आयोजित कर अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने निवेश के लिये मध्यप्रदेश द्वारा बनाई गई नई नीतियों की सराहना की। देश के कोने-कोने को एयर ट्रैफिक से जोड़ेंगे। हर 100 किमी में एयर पोर्ट बनाने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट बनाने के लिये जहां जगह कम होगी, वहां हेलीपोड बनायें जाएंगे। सत्र में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय कुमार शुक्ला ने "डेव्हलपिंग सिंटीज ऑफ टुमॉरो" के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री सिबि चक्रवर्ती ने ग्रीन क्लीन लीवेबल सिटीज के संबंध में प्रेजेन्टेशन दिया। डायरेक्टर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स डॉ. डेबोलिना कुंडू ने बताया कि 2054 तक 50 प्रतिशत से अधिक आबादी शहरी हो जाएगी। इसलिये अभी से शहरों के समुचित विकास की ओर ध्यान देना जरूरी है। चीफ एक्सक्यूटिव ऑफिसर आईआईएचसीएल प्रोजेक्ट श्री पलाश श्रीवास्तव, सीनियर एक्सक्यूटिव डायरेक्टर डीएलएफ टाउनशिप श्री राजीव सिंह और वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरेक्टर इंडिया श्री अगस्ते टानो काउमी सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। recent visitors 57

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में "नेट जीरो" हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें। recent visitors 51