मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की, केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी: मंत्री मनोहर लाल

भोपाल केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेंड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मध्य प्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई हैं, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इंदौर मेट्रो लाइन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाइन का विस्तार इस तरह से किया जाए कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर देते हुए बढ़ती शहरी आबादी का आकलन सही रूप में किए जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिए पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में जारी की गई इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायत दी गई हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जाएगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिया को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जाएगी। recent visitors 67

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 75

Rudraksh Mahotsav : श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दी एक और सौगात, 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का विशेष स्टॉपेज

  सीहोर सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में आज से सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हो रहा है। इस आयोजन में देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भोपाल-उज्जैन मेला एक्सप्रेस ट्रेन के अलावा एक और सौगात दी है। सीहोर रेलवे स्टेशन पर 11 जोड़ी एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए 25 फरवरी से 3 मार्च तक 2-2 मिनट के अस्थाई स्टॉपेज दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा होगी। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और चहल-पहल रुद्राक्ष महोत्सव के चलते सीहोर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। शहर के हर कोने में श्रद्धालुओं का सैलाब देखा जा रहा है। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है, और लोग बड़ी संख्या में कुबेरेश्वर धाम की ओर जाते नजर आ रहे हैं। भीड़ को व्यवस्थित करने और सुगम दर्शन की व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और विठलेश सेवा समिति ने पिछले एक माह से विशेष तैयारियां की हैं। इन बेहतरीन व्यवस्थाओं से श्रद्धालु भी संतुष्ट नजर आ रहे हैं। रेलवे की विशेष सौगात और सुरक्षा प्रबंध श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने सीहोर रेलवे स्टेशन पर 11 जोड़ी एक्सप्रेस, मेल और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए 2-2 मिनट के अस्थाई ठहराव की व्यवस्था की है। यह व्यवस्था 25 फरवरी से 3 मार्च तक लागू रहेगी। इसके साथ ही, पहले से चल रही भोपाल-उज्जैन मेला एक्सप्रेस ट्रेन भी 23 फरवरी से 4 मार्च तक संचालित की जा रही है। अतिरिक्त सुरक्षा बल और बेहतर सुविधाएं महाशिवरात्रि मेला और रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए रतलाम मंडल ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। ये बल श्रद्धालुओं को भीड़-भाड़ में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। सीहोर रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सहायता प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक यात्रा रेलवे की इस पहल से विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में सहूलियत होगी। सीहोर स्टेशन पर अस्थाई स्टॉपेज से श्रद्धालु आसानी से कुबेरेश्वर धाम तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, मेला एक्सप्रेस ट्रेन भी श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। सीहोर रेलवे स्टेशन पर इन 11 ट्रेनों का किया स्टॉपेज     12923/12924 डॉ. अम्बेडकर नगर नागपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस     19301/19302 डॉ. अम्बेडकर नगर यशवंतपुर एक्सप्रेस     22911/22912 इंदौर हावड़ा क्षिप्रा एक्सप्रेस     20414/20413 इंदौर वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस     20416/20415 इंदौर वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस     14115/14116 डॉ. अम्बेडकर नगर प्रयागराज एक्सप्रेस     19313/19314 इंदौर पटना एक्सप्रेस     19321/19322 इंदौर पटना एक्सप्रेस     19305/19306 डॉ. अम्बेडकर नगर कामाख्या एक्सप्रेस     22645/22646 इंदौर तिरूवनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस     22191/22192 इंदौर जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस   recent visitors 89

44 घंटे तक बाबा महाकाल को रिझा सकेंगे श्रद्धालु

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के लिए मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके साथ ही आम दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्तों को लगातार 44 घंटे भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। भगवान महाकाल की चार प्रहर की पूजा इस दौरान गर्भ गृह में लगातार भगवान महाकाल की महापूजा का अनुक्रम चलता रहेगा। ज्योतिर्लिंग की पूजन परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल की चार प्रहर की पूजा होगी। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सामान्य, वीआइपी तथा वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। कब-कब आरती पूजा होगी     मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी।     बुधवार सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक दद्योदक (बालभोग) आरती होगी।     सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी।     दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान महाकाल की शासकीय पूजा होगी।     शाम 4 बजे से होलकर व सिंधिया राजवंश की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी।     शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन व सेहरा शृंगार होगा।     रात 11 बजे से गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी, जो सारी रात चलेगी।     गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेहरा दर्शन होंगे।     दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में भस्म आरती होगी।     दोपहर 2 बजे बालभोग व भोग आरती होगी।     रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होंगे। यह रहेगी दर्शन व्यवस्था सामान्य दर्शनार्थी : आम भक्तों को कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, गोंड बस्ती, चारधाम मंदिर, शक्तिपथ, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल के रास्ते गणेश व कार्तिकेय मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे। वीआइपी : वीआइपी तथा प्रोटोकाल के तहत आने वाले भक्तों को बेगमबाग मार्ग पर बने नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। वृद्ध व दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश की व्यवस्था भी इसी द्वार से रहेगी। दर्शन के बाद इसी मार्ग से बाहर निकलेंगे। बंद रहेगी शीघ्र दर्शन सुविधा महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने महाशिवरात्रि पर 250 रुपये की शीघ्र दर्शन व्यवस्था को स्थगित करने का निर्णय लिया है। भक्तों को केवल कर्कराज पार्किंग मार्ग से एक समान व्यवस्था से दर्शन कराए जाएंगे। यहां रहेगी पार्किंग इंदौर : इंदौर रोड की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग रुद्राक्ष होटल के पास शनि मंदिर परिसर, प्रशांतिधाम, शासकीय इंजीनियरिंग कालेज, हरिफाटक ब्रिज के नीचे, हाट बाजार परिसर, मन्नत गार्डन में रहेगी। देवास, मक्सी, आगर : इन तीनों मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए इंजीनियरिंग कालेज तथा प्रशांतिधाम परिसर में रहेगी। बड़नगर व नागदा : इन शहरो से आने वाले वाहनों की पार्किंग मुल्लापुरा धान उपार्जन केंद्र परिसर, कार्तिक मेला ग्राउंड, बड़नगर रोड आदिनाथ जैन बोर्डिंग, उदासिन व निर्मोही अखाड़ा परिसर बड़नगर रोड पर रहेगी। निश्शुल्क बस सुविधा मिलेगी महाकाल मंदिर समिति द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से दूरस्थ पार्किंग स्थलों से भक्तों को मंदिर तक लाने ले जाने के लिए निश्शुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। पार्किंग स्थलों पर बसों की उपलब्धता व अन्य जानकारी के लिए काउंटर भी स्थापित किए जाएंगे। यहां से लगेंगे लड्डू प्रसाद काउंटर नृसिंह घाट तिराहा पर एक साथ लड्डू प्रसाद काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जो दर्शन के लिए निर्धारित समय तक लगातार खुले रहेंगे। यह सुविधा नि:शुल्क मिलेगी     भील समाज धर्मशाला व झालरिया मठ पर जूता स्टैंड रहेगा।     महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए फलाहारी की व्यवस्था रहेगी।     तीन किलो मीटर लंबे मार्ग पर हर 200 मीटर के बाद पेयजल का इंतजाम रहेगा।     कर्कराज, चारधाम, हरसिद्धि, त्रिवेणी संग्रहालय के स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार होगा।   recent visitors 35

भोपाल गैस कांड के निपटारे पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, 27 फरवरी को होनी है अगली सुनवाई

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 1984 की भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के खतरनाक कचरे के निपटारे को लेकर अधिकारियों से यह बताने को कहा है कि इस प्रक्रिया में कौन-कौन से एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यह मामला मध्य प्रदेश के धार जिले के पीथमपुर क्षेत्र में कचरे के निपटारे से जुड़ा है, जहां 377 टन जहरीले कचरे को स्थानांतरित किया गया था। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों से सवाल सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह बेंच ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि क्या निपटारे से जुड़े सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं? अदालत ने कहा कि हम इस प्रक्रिया को तभी रोकेंगे, जब हमें इस पर गंभीर आपत्ति लगे। अदालत ने अधिकारियों को स्पष्ट करने को कहा कि क्या निवासियों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया है? लगातार दो महीने सरकार को फटकार दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद यूनियन कार्बाइड का कचरा न हटाने पर फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह की समय-सीमा देते हुए सरकार को कचरे को हटाने का आदेश दिया था, अन्यथा अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी थी। 1 जनवरी 2024 की रात, 12 सीलबंद कंटेनर ट्रकों में यह कचरा पीथमपुर ले जाया गया। याचिकाकर्ता ने जताई आपत्ति याचिकाकर्ता की अर्जी में कहा गया है कि चार से पांच गांव पीथमपुर में कचरा निपटारे स्थल के 1 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। गंभीर नदी इस निपटारे स्थल के पास से बहती है और यशवंत सागर बांध में मिलती है, जो इंदौर की 40% आबादी को पीने का पानी उपलब्ध कराता है। आरोप है कि अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को खतरे से अवगत नहीं कराया और कोई स्वास्थ्य परामर्श जारी नहीं किया। हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने तर्क दिया कि पीथमपुर में कचरे का निपटान किए जाने से गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे उत्पन्न होंगे। जनता को न तो कोई परामर्श दिया गया, न ही सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। क्या है चुनौतियां पीथमपुर संयंत्र के पास आबादी बसी हुई है। तरापुरा गांव (105 मकान) सिर्फ 250 मीटर की दूरी पर है, लेकिन लोगों को विस्थापित करने की कोई योजना नहीं बनाई गई। भीर नदी के पास संयंत्र स्थित है, जिससे जल प्रदूषण होने का खतरा है। याचिका में मांग की गई है कि पीथमपुर में कचरे का निपटान न किया जाए। छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित तरीके से कचरे को नष्ट किया जाए। प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में जानकारी दी जाए और उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं। पीथमपुर में 1250 से अधिक उद्योग हैं और यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यह इंदौर से सिर्फ 30 किमी दूर है, जिससे इंदौर के नागरिकों पर भी खतरा मंडरा रहा है। तीन ट्रायल में होगा निपटारा 18 फरवरी के आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि 30 मीट्रिक टन कचरे का परीक्षण निपटारा (ट्रायल रन) किया जाएगा। पहला ट्रायल 27 फरवरी को 10 टन कचरे का होगा, जिसकी प्रक्रिया 3-4 दिन चलेगी। यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता, तो दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा ट्रायल 10 मार्च 2025 को होगा। परीक्षण के नतीजों के आधार पर बाकी कचरे का निपटारा किया जाएगा और एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित है यह देखेगा सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई में यह देखेगा कि क्या खतरनाक कचरे के निपटारे में सुरक्षा सुनिश्चित हुई है? अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गंभीर खतरा प्रतीत हुआ, तो कचरे के निपटारे पर रोक लगाई जा सकती है। वहीं, सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कचरे का निपटारा पूरी सुरक्षा और वैज्ञानिक मानकों के तहत किया जाए। भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े 337 मीट्रिक टन जहरीले कचरे के निपटान को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आगे का रास्ता तय होगा। recent visitors 55

असम की अर्थव्यवस्था 6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची, यह डबल इंजन सरकार के प्रभाव को दर्शाता है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुवाहाटी में एडवांटेज असम 2.0 निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर शिखर सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भाजपा शासन में असम की अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि यह "डबल इंजन" सरकार के प्रभाव को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर की भूमि एक नए भविष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने एडवांटेज असम पहल को असम की क्षमता और प्रगति से दुनिया को जोड़ने का एक भव्य अभियान बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पूर्वी भारत ने भारत की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब, जब भारत विकास की ओर बढ़ रहा है, तो पूर्वोत्तर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर रहा है और विभिन्न वैश्विक क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने पूर्वी एशिया के साथ बढ़ती कनेक्टिविटी और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के उभरने का उल्लेख किया, जो कई अवसरों को खोलता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, कई विशेषज्ञ भारत के तेज़ विकास को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने इस आत्मविश्वास का श्रेय भारत की युवा और तेज़ी से कौशल प्राप्त करने वाली आबादी, इसके नए मध्यम वर्ग की बढ़ती आकांक्षाओं और देश के 140 करोड़ लोगों से राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता के लिए समर्थन को दिया। उन्होंने सरकार के सुधारों और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने की प्रशंसा की। रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला उन्होंने असम के बढ़ते योगदान पर जोर देते हुए कहा कि 2018 में एडवांटेज असम का पहला संस्करण लॉन्च किया गया था, जब राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपए थी। अब यह बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जो भाजपा शासन के तहत छह साल में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का प्रदर्शन करती है, जो डबल इंजन सरकार की सफलता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने असम के रेल बजट में हुई वृद्धि पर भी प्रकाश डाला, जो 2009 से 2014 के बीच औसतन 2,100 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान सरकार के तहत 10,000 करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, उद्योग और नवाचार में महत्वपूर्ण निवेश कर रही है, जो भारत की प्रगति की नींव के रूप में काम करते हैं। मिशन मोड पर काम कर रहा भारत प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत "मेक इन इंडिया" पहल के तहत अपने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है, जिससे कम लागत वाले विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि असम ने 2030 तक 143 बिलियन अमरीकी डॉलर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, और उन्होंने राज्य के लोगों की क्षमता और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने की राज्य की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने यह कहते हुए समापन किया कि असम दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के बीच एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार ने उत्तर-पूर्व औद्योगिकीकरण परिवर्तन योजना, 'उन्नति' शुरू की है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय उद्योग को राज्य की क्षमता का एक उदाहरण बताया। 200 साल पूरे करने के बाद, असम चाय राज्य को अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।   recent visitors 62

मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी:केन्द्रीय मंत्री खट्टर

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मंगलवार को नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेण्ड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री खट्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई है, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इन्दौर मेट्रो लाईन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाईन का विस्तार इस तरह से किया जाये कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रो पॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर दिया। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ने बढ़ती शहरी आबादी का आंकलन सही रूप में किये जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिये पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिये निवेश को किया जायेगा प्रोत्साहित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने सत्र में कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाये जाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी की गयी इन्टीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायतें दी गयी हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा हुकुमचंद मिल इंदौर की भूमि के रि-डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जायेगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिये को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जायेगी। आज के सत्र में एमपी इंटीग्रेटेड पॉलिसी, पुनर्घनत्वीकण और मध्यप्रदेश हाउसिंग रि-डेवपमेंट पॉलिसी पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि बिल्डर्स और डेवलपर्स के साथ अब प्रत्येक 3 माह में प्रशासनिक अधिकारी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के सिंगल विण्डो सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जायेगा। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एवं भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से रही। महापौरों से चर्चा केन्द्रीय मंत्री खट्टर और नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आदर्श नगर निगम बनाने के लिये स्थानीय निकायों को आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।   recent visitors 83