‘सनातन’ संगम के आखिरी 2 दिन…श्रद्धालु ने पार किया अब 63 करोड़ का आंकड़ा

प्रयागराज महाकुंभ में 63 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। इतनी भीड़ आने के बाद भी शहर की हवा गुणवत्ता के अनुरूप रही। मेला प्रशासन का दावा है कि इस दौरान प्रयागराज की हवा चंडीगढ़ से अच्छी रही। इतनी संख्या में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ और हजारों वाहनों की आवाजाही के बावजूद वायु गुणवत्ता खराब नहीं हुई है। लगातार 42 दिन से शहर वायु की गुणवत्ता को लेकर ग्रीन जोन में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण कंसल्टेंट शहीक शिराज के अनुसार महाकुंभ ग्रीन जोन में है। उन्होंने बताया कि 100 के भीतर एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा माना जाता है। सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 106 रहा। अन्य दिनों में यह 100 से काफी नीचे रहा। इस तरह से सिर्फ मौनी अमावस्या के दिन ही वायु की गुणवत्ता कुछ खराब थी। उन्होंने बताया, 13 जनवरी पौष पूर्णिमा को महाकुंभ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 67 था। 14 जनवरी मकर संक्रांति को 67, 29 जनवरी मौनी अमावस्या को 106, 03 फरवरी बसंत पंचमी को 65 और 12 फरवरी माघी पूर्णिमा को 52 रहा है। महाकुंभ के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर सोमवार को संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भक्ति की लहरें फिर उफनाने लगी हैं। चाहे लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ से आस्था का जन सैलाब संगम में मिलने के लिए उमड़ता रहा। मेला प्रशासन ने रात आठ बजे तक 1.30 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया। सोमवार की देर शाम तक रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों से संगम जाने वाले रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं। निजी वाहनों का रेला उमड़ने से आउटर की पार्किंग में वाहनों को खड़ा करने की जगह तक नहीं बची। मेला प्रशासन ने मंगलवार की शाम तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भीड़ के मद्देनजर मेला प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त इंतजाम किए हैं। पार्किंग के अलावा खाली स्थानों और पटरियों पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। देर शाम तक मेला प्रशासन की ओर से तैयारियां परखी जाती रहीं। करीब 12 किमी क्षेत्रफल में फैले संगम के 42 घाटों पर स्नानार्थी ही नजर आ रहे हैं। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मेले में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंटों, संगम व पांटून पुलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस, पैरामिलिट्री के अलावा होमगाड्स, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। शहर में 10वें दिन जाम से राहत पर वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहनों की कतार महाकुंभ के दौरान लगने वाले रोजाना भीषण जाम से शहरवासियों को सोमवार को थोड़ी राहत मिली। आखरी बार ऐसी स्थिति माघी पूर्णिमा स्नान के अगले दिन थी। यानी 10वें दिन श्रद्धालुओं के साथ-साथ शहरी को जाम से छुटकारा मिला है। जबकि, बाहरी नंबर की गाड़ियों को भी प्रवेश दिया गया। वहीं, वाराणसी, मिर्जापुर मार्ग पर वाहन रुक-रुककर चलते रहे। मेले में भीड़ कम होने पर कई जगह बैरिकेडिंग भी हटा दी गई हैं। इससे सुबह नौ बजे से ही शहर की सड़काें पर रोजाना के मुकाबले गाड़ियों का कम लोड दिखा। बालसन, सिविल लाइंस, सोहबतियाबाग, तेलियरगंज, फाफामऊ, लेप्रोसी, जानसेनगंज, सीएमपी, अलोपी बाग समेत अन्य जगहों पर जाम की स्थिति सामान्य रही। आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों की खुली नो-इंट्री शहर में आने वाले आवश्यक उपयोग के वस्तुओं के वाहनों के लिए 11 बजे से नो-इंट्री हटाई गई है। यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सिर्फ उन्हीं वाहनों को छूट दी गई है, जिसमें आवश्यक उपयोग के वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पहले जैसे ही व्यवस्था बनी रहेगी। वाहनों का लोड कम होने पर शहर में प्रवेश दिया जाएगा।     प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर सुबह-शाम जाम लगा रहा। शाम करीब चार बजे से जैन मंदिर से अंदावा तक वाहनों की कतार लगी रही।     चित्रकूट-प्रयागराज मार्ग पर भी पहले के मुकाबले जाम से राहत मिली है। सिर्फ बसों को शंकरगढ़ पार्किंग में रोका गया।     प्रतापगढ़-प्रयागराज मार्ग पर जाम से श्रद्धालुओं को मलाक हरहर के रास्ते स्टील ब्रिज की ओर से जाने दिया गया।     मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर दोपहर दो बजे से गाड़ियों की कतार लग गई। यह कतार भीरपुर से ऊंचडीह बस अड्डे तक था।     प्रयागराज-लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर जाम से राहत थी। मलाका स्टील ब्रिज और फाफामऊ की ओर से गाड़ियां गुजरीं     कानुपर मार्ग पर वाहन सुलेमसराय नेहरू पार्क तक आए। यहां कुछ गाड़ियां रोकी गईं।   recent visitors 65

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से कैदियों ने किया स्नान

रायपुर जेल में कैद बंदी कभी सपने में नहीं सोच सकता कि उसे प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान करने का अवसर मिलेगा, लेकिन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जेलों में कैद बंदियों के लिए यह हकीकत साबित हो रहा है. इन कैदियों को उनकी इच्छानुसार प्रयागराज महाकुंभ से लाए गए गंगाजल से सामूहिक स्नान कराया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रयागराज महाकुंभ से कैदियों के लिए गंगाजल लाए हैं. इस गंगाजल से न केवल रायपुर सेंट्रल जेल के बल्कि राज्य के अन्य 4 सेंट्रल जेल, 20 जिला जेल और 8 सब-जेल के कैदी भी स्नान कर रहे हैं. इस स्नान के माध्यम से कैदियों ने मानसिक और आत्मिक शांति की प्राप्ति की आशा जताई. इस आयोजन को लेकर महानिदेशक (जेल) हिमांशु गुप्ता ने विशेष व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि आज प्रातःकाल छत्तीसगढ़ की सभी 33 जेलों में इच्छुक बंदियों को महाकुंभ संगम स्थल के पवित्र जल से स्नान किया है. इस कार्यक्रम में बंदियों एवं जेल स्टाफ ने हर्षोउल्लास से भाग लिया गया है. यह कैदियों के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. recent visitors 29

जीआईएस : एमपी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेंगे बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल  में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सत्र जारी है। बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भी मध्य प्रदेश में निवेश करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मुझे एमपी से प्यार मैं, यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा। मध्य प्रदेश के भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में टूरिज्म सेक्टर पर केंद्रित सत्र आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाग लिया। इस समिट के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों और निवेशकों की उपस्थिति में मध्य प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। पंकज त्रिपाठी ने कहा कि 2007 में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें दिखाया था कि एक महिला एमपी घूमने आती है। मैं गाइड बनकर उसे भीमबेटका, सांची, भोजपुर, ग्वालियर घुमाता हूं। उस वक्त मैंने एमपी की खूबसूरती देखी। मुझे तभी से प्यार हो गया था। मैं सौभाग्यशाली हूं कि पैदा हुआ बिहार में, कर्मभूमि मुंबई है और एमपी से जुड़ाव है। मैं राजनीति से नहीं जुड़ा तो यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा। recent visitors 40

सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा

नई दिल्ली  1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दो सिख नागरिकों की हत्या से जुड़े मामले में भी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सिख दंगा मामले में सज्जन कुमार अब भी तिहाड़ जेल में हैं। दिल्ली की राउज ऐवन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इससे पहले 25 फरवरी तक अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि सज्जन कुमार को 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार इलाके में पिता-पुत्र की हत्या से संबंधित मामले में दोषी ठहराया गया था। पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दंगा, गैरकानूनी सभा और हत्या आदि से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। इस मामले में सीबीआई और शिकायतकर्ता ने सज्जन कुमार को फांसी की सजा देने की मांग की थी. मामला 1 नवंबर, 1984 की है, जिसमें पश्चिमी दिल्ली के राज नगर में सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुण दीप सिंह की हत्या कर दी गई थी. शाम को करीब चार-साढ़े चार बजे दंगाइयों की भीड़ ने पीड़ितों के राज नगर इलाके स्थित घर पर लोहे के सरियों और लाठियों से हमला कर दिया था. शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इस भीड़ का नेतृत्व सज्जन कुमार कर रहे थे जो उस समय बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद थे. शिकायत के मुताबिक, सज्जन कुमार ने भीड़ को हमला करने के लिए उकसाया था, जिसके बाद भीड़ ने सरदार जसवंत सिंह और सरदार तरुण दीप सिंह को जिंदा जला दिया था. भीड़ ने पीड़ितों के घर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी को भी अंजाम दिया था. शिकायतकर्ता की ओर से तत्कालीन रंगनाथ मिश्रा की अध्यक्षता वाली जांच आयोग के समक्ष दिए गए हलफनामे के आधार पर उत्तरी जिले के सरस्वती विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. कब क्या हुआ? 1 नवंबर 1984: सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह की हत्या की गई थी. पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन में सज्जन कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. 16 दिसंबर 2021: पुलिस जांच को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सज्जन के खिलाफ आरोप तय किए थे. इस दौरान पीड़ित के वकील ने दलील दी थी, "वकील ने कहा था, भीड़ खतरनाक हथियार लेकर सरस्वती विहार में घुसी. उन्होंने लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी. वे सिखों की प्रॉपर्टीज पर हमला कर रहे थे. वे इंदिरा गांधी की हत्या का बदला ले रहे थे. भीड़ ने जसवंत के घर हमला किया, उसकी और बेटे की हत्या कर दी. लूटपाट के बाद घर में आग लगा दी." 12 फरवरी 2025: स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने फैसला सुनाया- इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि सज्जन कुमार न केवल भीड़ में शामिल थे, बल्कि भीड़ की अगुआई भी कर रहे थे. पहले तीन बार टल चुका है फैसला: 31 जनवरी 2025 को हुई सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार पर फैसला टाल दिया था. इससे पहले 8 जनवरी और 16 दिसंबर 2024 को भी फैसला टाला गया था. दोनों बार विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की कोर्ट में तिहाड़ में बंद सज्जन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुआ था. दिसंबर 2021 को सज्जन कुमार ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए ट्रायल का सामना करने की बात कही थी. ट्रायल में सज्जन कुमार को दोषी माना गया था. इसके बाद उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. recent visitors 58

पाकिस्तान में खेल रही दुनिया भर की टीमें आतंकी अटैक के अलर्ट से खौफ में होंगी

नई दिल्ली/लाहौर  आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के आगाज से पहले ही पाकिस्तान विवादों में रहा है। भारतीय टीम के नहीं जाने से तिलमिलाए पाकिस्तान ने खूब ड्रामा किया। कभी टूर्नामेंट से बाहर होने की धमकी दी तो कभी मेजबानी छोड़ने की, लेकिन आखिरी में होता वही है जो में भारत चाहता है। हाइब्रिड मॉडल के लिए वह मजबूर हुआ तो ओपनिंग सेरिमनी में भारत का झंडा नहीं लगाकर शर्मिंदा करने की कोशिश की। आईसीसी ने जब डांटा तो वापस पाकिस्तान झंडा लगाने को मजबूर हुआ। अब टूर्नामेंट पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी हुआ तो पाकिस्तान उल्टे भारत पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने भारतीय मीडिया द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी में खिलाड़ियों और विदेशी दर्शकों के लिए कथित आतंकी खतरे की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्वक और कुशलता से चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में कथित तौर पर आतंकी समूहों द्वारा विदेशी मेहमानों के अपहरण की साजिश का दावा किया गया था। तरार ने इन खबरों को भारत द्वारा पाकिस्तान में खेल को बर्बाद करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है कि ICC टूर्नामेंट पाकिस्तान में हो रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षित रूप से टूर्नामेंट का आयोजन कर रहा है और यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी जीत है। दरअसल, सोमवार को पाकिस्तान के इंटेलिजेंस ब्यूरो ने सुरक्षा बलों को ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भाग लेने वाले विदेशी मेहमानों के अपहरण की साजिश के बारे में चेतावनी दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, इस्लामिक स्टेट और बलूचिस्तान स्थित अन्य समूहों सहित कई आतंकी संगठनों के खिलाफ अलर्ट जारी किया गया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि खुफिया चेतावनी के जवाब में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने खिलाड़ियों और उनके साथ आने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेंजर्स और स्थानीय पुलिस सहित उच्च-स्तरीय सुरक्षा दल तैनात किए हैं। अन्य रिपोर्ट में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत पर विशेष रूप से चीनी और अरब नागरिकों को कथित फिरौती के प्रयासों के लिए निशाना बनाने का आरोप लगाया गया था। जियो न्यूज पर एक इंटरव्यू के दौरान इस मामले पर सवाल किए जाने पर सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा- मैं रिकॉर्ड पर कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान शांतिपूर्वक और बहुत ही कुशलता से ICC चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। हमारे मैदान भरे हुए हैं हमारे पास दुनिया भर से प्रशंसक हैं, भीड़ खुश है, हमारी सड़कें उन लोगों से भरी हैं जो क्रिकेट की जीत का जश्न मना रहे हैं लेकिन भारतीय मीडिया, जो एक चापलूस मीडिया है, राजनीति करने की कोशिश कर रहा है और पाकिस्तान के खिलाफ झूठा प्रचार फैला रहा है जो अस्वीकार्य और पूरी तरह से असत्य है। पाकिस्तान सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है और हम ICC मैचों को बहुत ही शांतिपूर्वक और बहुत ही कुशलता से आयोजित करने में सक्षम रहे हैं। तरार ने आरोप लगाया कि ये रिपोर्ट्स भारत द्वारा पाकिस्तान में खेल को तोड़फोड़ करने का एक और प्रयास है। उन्होंने कहा- वे इससे बाज नहीं आते। वे यह नहीं पचा पा रहे हैं कि पाकिस्तान में एक बड़ा खेल और ICC टूर्नामेंट आयोजित किया गया है और वे इससे बेहद चिंतित हैं। पहले भी उन्होंने इसके बारे में बहुत सारा प्रचार फैलाने की कोशिश की और विभिन्न बहाने बनाकर ICC टूर्नामेंट को बर्बाद करने की कोशिश की, इसलिए हमें लगता है कि वे इससे बहुत दुखी हैं। तरार ने कहा कि वह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के लिए लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि स्टेडियम खचाखच भरा होने के साथ, उस दिन के माहौल और भावना का वर्णन करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा- सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं वहां इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के भी बहुत सारे प्रशंसक थे और मैं वहां बहुत से ब्रिटिश लोगों से मिला। यह पाकिस्तान के लिए एक जीत थी कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इतना बड़ा मैच पाकिस्तानी खेल मैदान में हुआ। कम भीड़ के उनके झूठे प्रचार की खुद ही मौत हो गई। अब जो ये झूठे खतरे की चेतावनियां चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से निराधार, झूठे और मनगढ़ंत प्रचार हैं। BCCI खेल को राजनीति से मिलाए बिना नहीं रह सकता। वे अतिवादी, कट्टरपंथी और कट्टर हैं जो अपने जहरीले प्रचार से खेल के मैदानों में भी खेल को राजनीति से मिलाने का प्रयास करते हैं। तरार ने न्यूजीलैंड के एक क्रिकेटर रचिन रविंद्र का फोन चोरी होने की खबरों का एक और उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के प्रयास में इस तरह के प्रचार का सहारा नहीं लिया जा सकता। तरार ने कहा कि पाकिस्तान इस तरह के प्रचार को खारिज करता है और दोहराया कि देश टूर्नामेंट के आयोजन के बारे में बहुत अच्छा काम कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। recent visitors 69

भोपाल और इंदौर बनेंगे महानगर, मेट्रो का विस्तार होगा: CM मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सेशन शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। उन्होंने भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को मुंबई और बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। पहले उद्योगों को जोड़ेंगे। फिर 25 साल बाद सब जोड़ देंगे। मंगलवार को सीएम मोहन यादव GIS के दूसरे दिन के सेशन में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर की तारीफ की। वहीं उन्होंने कहा कि अधिकारी बोल रहे थे भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नहीं हो सकती है। मैंने कहा कि भोपाल में ही करना है। इंदौर में तो हो ही सकती है लेकिन भोपाल में भी GIS करना है। सीएम मोहन ने कहा कि इंदौर को मुंबई बनाना है, बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। पहले उद्योगों से जोड़ेंगे, फिर 25 साल में सब जोड़ देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मानव संग्रहालय में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन यह बात कहीं. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में उन्होंने समिट के दूसरे दिन के सेशन की शुरुआत की. कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद थे. इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छोटे छोटे शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की कल्पना पर शुरुआती दौर में ताज्जुब किया गया था, लेकिन इससे मिलने वाले परिणामों से उद्योगपति, निवेशक, अधिकारी सभी आश्चर्यचकित हैं. क्या बोले सीएम मोहन यादव? • प्रदेश में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत उज्जैन से हुई, जिसके बाद पूरा साल हर महीने (चुनाव की अवधि छोड़कर) किसी एक संभाग में इसका आयोजन किया गया. • इस दौरान उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम जैसे छोटे स्थानों पर भी यह आयोजन किए गए. • शुरुआत में छोटे शहरों की कॉन्क्लेव को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया गया था. लेकिन बाद में इसके बेहतर परिणाम नजर आए. इससे निवेशकों और उद्योगपतियों का कॉन्फिडेंस बढ़ा है. • इंदौर की बजाए भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट की बात पर आश्चर्य किया गया. लेकिन हमें अब इंदौर को मुंबई और दिल्ली जैसा विकसित करना है और प्रदेश के बाकी शहरों को इंदौर की तरह विकास देना है. • इंदौर को धार(पीथमपुर), देवास, उज्जैन(मक्सी, नागदा, शाजापुर) जैसे औद्योगिक शहरों के साथ जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनायेंगे. • करीब 8000 किलोमीटर के इस दायरे में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. • कानूनी पेचीदगियों से हटकर यह क्षेत्र इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. • भोपाल के औद्योगिक विकास के लिए इसके साथ विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम जिलों को जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनाया जाएगा. • इन सभी क्षेत्रों में बिजली, पानी, रेलवे, सीवेज और स्वच्छता की व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी. • अगले 25 सालों में इस औद्योगिक कल्पना को आकार दे दिया जाएगा. • ग्लोबल इंवेस्टर समिट के बाद शहरी और नगरीय विकास की धारणा के साथ अलग अलग एक एक विषय के आधार पर कॉन्क्लेव की जाएंगी. सीएम ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू की जा रही है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के तहत इंदौर, देवास, धार, पीथमपुर, उज्जैन सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा। जहां सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और सीहोर के साथ नर्मदापुरम के कुछ क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे यह एक सुसंगठित और विकसित शहरी क्षेत्र बन सके। ‘अनलॉकिंग लैंड वैल्यू एंड सिटीज’ विषय पर आयोजित GIS सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। इस सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन पॉलिसी और ईवी (EV) पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र की शुरुआत नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो के आसपास अर्बन ग्रोथ सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इंदौर में 30% और भोपाल में 31% एफएआर (FAR) बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दिनभर होंगी अलग-अलग बैठकें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 25 फरवरी (मंगलवार) को भी दिनभर कई बैठकें होंगी। सुबह 9:30 बजे प्रवासी मध्य प्रदेश समिट होगी। सुबह 10:30 बजे समिट हाल वन में टूरिज्म समिट, समित हाल 2 में सुबह 11:30 बजे माइनिंग समिट, दोपहर 2 बजे से एमएसएमई और स्टार्टअप समिट, दोपहर 2:00 बजे से अर्बन डेवलपमेंट समिट होगी। कनाडा, पोलैंड और मल्टीनेशनल इन्वेस्टर्स के साथ दिनभर राउंड टेबल बैठकें होंगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 11:15 बजे से 12:30 बजे तक निवेशकों के साथ 121 मीटिंग करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से सीएम मोहन इन्वेस्टर्स के साथ सेकंड राउंड की मीटिंग करेंगे। GIS का समापन आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन होगा। जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेंगे। अमित शाह एमपी पवेलियन और एक्सपीरियंस जोन देखेंगे। शाम 4:30 बजे समापन सत्र के लिए मुख्य हॉल जाएंगे। जहां मुख्य सचिव अनुराग जैन समारोह में फॉरवर्ड मध्य प्रदेश का प्रेजेंटेशन देंगे। प्रमुख उद्योगपतियों के संबोधन के बाद शाम 5 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव का समापन भाषण होगा। इसके बाद शाम 6 बजे मीडिया ब्रीफिंग होगी। recent visitors 52

विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश, केजरीवाल कार्यकाल के दौरान जो लूट-खसूट की गई उसके कच्चे खुलेंगे चिट्ठे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में पिछली सरकार के दौरान हुए कामकाज को लेकर कई सीएजी (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) रिपोर्ट को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाएगा। पिछले 3 साल के 14 सीएजी रिपोर्ट लंबित हैं, जिन्हें भाजपा सरकार पटल पर रखने जा रही है। रिपोर्ट्स के सामने आने से पहले ही भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल पर आक्रामक है। रेखा गुप्ता सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि केजरीवाल को सारी लूट-करप्शन सामने आ जाने का डर था जिसकी वजह से वह इन रिपोर्ट्स को 3 साल तक दबाए बैठे रहे। सिरसा ने विधानसभा जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'आज दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए घोटालों को, जो कैग रिपोर्ट से सामने आई थी, जिसको तीन साल से दबा रखा था, एक-एक करके विधानसभा में पेश किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान जो दिल्ली में लूट-खसूट की गई उसके कच्चे चिट्ठे खुलेंगे।' सिरसा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल इसलिए इन्हें दबाकर बैठे थे क्योंकि जो करप्शन करके उन्होंने दिल्ली को लूटा था वह कैग ने हाईलाइट करके निकाल लिया था। केजरीवाल जानते थे कि ये रिपोर्ट अगर सामने आ जाएगी, तो उनकी सारी लूट, खसूट के चिट्ठे सामने आ जाएंगे। लेकिन बचा नहीं पाए, सरकार बदल गई। केजरीवाल की पहली सरकार है जिसने कैग रिपोर्ट को भी टेबल नहीं किया और इसके लिए भी विपक्ष को हाई कोर्ट जाना पड़ा। सोचिए कितने कट्टर बेईमान हैं केजरीवाल कि कैग रिपोर्ट भी टेबल नहीं होने देते, तीन साल तक। जनता के सामने आएंगे काले कारनामे: सचदेवा दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पेश होने से पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि इससे अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान हुए काले कारनामे सामने आएंगे। उन्होंने कहा, 'सीएजी रिपोर्ट 'आप' के काले कारनामे का चिट्ठा है और हमने चुनाव में वादा किया था जिस-जिस ने भ्रष्टाचार किया है उसे जवाब देना पड़ेगा। तो आज हम उम्मीद करते हैं कि उपराज्यपाल के भाषण के बाद सीएजी रिपोर्ट पेश किया जाएगा तो जितने भी इनके काले कारनामे हैं वो दिल्ली की जनता के सामने आएगी।' recent visitors 62