भारत के प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संयुक्त वक्तव्य, हुए 9 अहम् समझौते

नई दिल्ली/वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुंबई में 26 नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण किये जाने, भारतीय वायु सेना के लिए एफ 35 युद्धक विमान की खरीद का मार्ग प्रशस्त करने तथा भारत को तेल एवं गैस की आपूर्ति के एक समझौते की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चार घंटे तक चली बैठकों के बाद ये घोषणाएं की तथा संकेत दिया कि वह भारत द्वारा खालिस्तानी आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की दिशा में कदम उठाने वाले हैं। उन्होंने बंगलादेश के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को समुचित कदम उठाने की भी सलाह दी। व्यापार समझौतों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि वह किसी को हराना नहीं बल्कि अमेरिका के हितों की रक्षा करने के हक में हैं। मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचने पर ट्रंप ने बहुत गर्मजोशी स्वागत करते हुए गले मिले। ट्रंप ने कहा, “हमने आप याद आए, हमने आपको बहुत याद किया। प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करके मुझे बहुत खुशी हुई। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” दोनों नेताओं के बीच ओवल आफिस में एकांत में मुलाकात हुई और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बात हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री को एक पुस्तक “हमारी यात्रा एक साथ” उपहार में दी। उन्हें हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम से संबंधित कई तस्वीरें तथा कई अन्य तस्वीरें दिखाईं। ट्रम्प ने पुस्तक पर हस्ताक्षर के साथ लिखा, “श्रीमान प्रधानमंत्री आप महान हैं।” बाद में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का स्वागत करके रोमांचित हूं। हम यहां और भारत में भी काफी समय बिताते हैं। हमने 5 साल पहले आपके खूबसूरत देश की यात्रा की थी… यह एक अविश्वसनीय समय था। अमेरिका और भारत के बीच एक विशेष संबंध है – दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र का। ” उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी का यहां आना बहुत सम्मान की बात है। वह लंबे समय से मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारा एक अद्भुत संबंध रहा है और हमने अपने 4 साल की अवधि के दौरान रिश्ते को बनाए रखा… हमने अभी फिर से शुरुआत की है। मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए कुछ बहुत बड़ी चीजें हैं। वे हमारे बहुत सारे तेल और गैस खरीदने जा रहे हैं। हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक तेल और गैस है। उन्हें इसकी आवश्यकता है, और हमारे पास है। हम व्यापार के बारे में बात करने जा रहे हैं। हम कई चीजों के बारे में बात करने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि किसी और चीज से ज्यादा, हमारे और हमारे देशों के बीच में महान एकता है, हमारी बहुत अच्छी दोस्ती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम देशों के रूप में एकजुट रहें। हम दोस्त हैं और हम इस तरह से रहेंगे। ट्रंप ने कहा,“… लोगों का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह राष्ट्रपति पद की शुरुआत के लिए सबसे अच्छे तीन हफ्तों में से एक थे। ऐसा कभी नहीं हुआ। जब आप देखते हैं कि हम तीन सप्ताह में क्या करने में सक्षम हैं, तो लोग वास्तव में आश्चर्यचकित हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसका उल्लेख किया। मुझे लगता है कि अन्य देश इसे देख रहे हैं, लेकिन मैं यहां आने के लिए सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। ये (मोदी) एक अद्भुत व्यक्ति है। हम भारत और अमेरिका के लिए कुछ अद्भुत व्यापार सौदे करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ आज, प्रधानमंत्री और मैं संबंधों को और मजबूत करने के लिए ढांचे की घोषणा कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 2008 के भयानक मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक (तहव्वुर राणा) और दुनिया के बहुत बुरे लोगों में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है, जिसका भारत में न्याय का सामना करना है। वह आतंकवादी हमले से संबंध में न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।” ट्रंप ने कहा, “इस साल से हम भारत को सैन्य बिक्री में अरबों डॉलर की वृद्धि करेंगे। हम अंततः भारत को एफ 35, युद्धक विमान प्रदान करने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।” ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री और मैं ऊर्जा पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी पहुंचे जो अमेरिका को भारत को तेल और प्राकृतिक गैस का अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनना सुनिश्चित करेगा। उम्मीद है कि अमेरिका नंबर 1 आपूर्तिकर्ता होगा। अमेरिकी परमाणु उद्योग के लिए अभूतपूर्व विकास की दिशा में, भारत अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का स्वागत करने के लिए कानूनों में भी सुधार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में हमारी परमाणु प्रौद्योगिकी की उच्चतम स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करेगा। आईएमईसी (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे) का उल्लेख करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा,“हम इतिहास के सभी में सबसे महान व्यापार मार्गों में से एक बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। यह भारत से इजरायल से इटली और आगे अमेरिका तक चलेगा, हमारे भागीदारों को सड़कों, रेलवे और समुद्र के नीचे के के केबलों के माध्यम से जोड़ेगा। यह एक बड़ा विकास है।” मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, सबसे पहले मैं अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प को गर्मजोशी से स्वागत और महान आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने नेतृत्व के माध्यम से भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को संजोया है और इसे जीवंत बनाया है। उनके पहले कार्यकाल के दौरान, हमने एक साथ काम किया, वही उत्साह, ऊर्जा और समर्पण, मैंने आज भी अनुभव किया। आज की चर्चा में हमने उनके पहले कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों और गहरे आपसी विश्वास के बारे में बात की और नए लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प भी था। भारत और अमेरिका मिलकर एक बेहतर दुनिया को आकार दे सकते हैं। मोदी ने कहा, “मैं आपको व्हाइट हाउस में वापस देखकर खुश हूं मैं आपको भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से बधाई देता हूं… भारत के लोगों ने मुझे तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया… इस कार्यकाल में, मुझे अगले 4 … Read more

थोक महंगाई जनवरी में घटी, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से मिली राहत

नई दिल्ली जनवरी में थोक मुद्रास्फीति घटीजनवरी 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति घटकर 2.31 प्रतिशत पर आ गई. यह दिसंबर 2024 में 2.37 प्रतिशत थी, जबकि जनवरी 2024 में मात्र 0.33 प्रतिशत दर्ज की गई थी. मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने इस कमी में योगदान दिया. खाद्य मुद्रास्फीति में राहत जनवरी में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 5.88 प्रतिशत पर आ गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 8.47 प्रतिशत थी. खासकर सब्जियों की मुद्रास्फीति में तेज गिरावट दर्ज की गई, जो दिसंबर 2024 में 28.65 प्रतिशत थी और जनवरी में घटकर 8.35 प्रतिशत रह गई. यह दर्शाता है कि सब्जियों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आम जनता को राहत मिली है. आलू और प्याज की कीमतों में वृद्धि जारी हालांकि, आलू और प्याज की कीमतों में अब भी तेजी बनी हुई है. आलू की मुद्रास्फीति 74.28 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी रही, जो यह दर्शाता है कि इस आवश्यक वस्तु की कीमतें अभी भी महंगाई का दबाव झेल रही हैं. वहीं, प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ा. ईंधन एवं बिजली क्षेत्र में गिरावट ईंधन और बिजली श्रेणी में भी राहत देखने को मिली. इस क्षेत्र में मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 2.78 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर में यह 3.79 प्रतिशत थी. इससे ऊर्जा लागत में थोड़ी नरमी आने की संभावना है, जो उद्योगों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर हो सकती है. विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हालांकि खाद्य वस्तुओं और ईंधन की मुद्रास्फीति में कमी आई, लेकिन विनिर्मित वस्तुओं की मुद्रास्फीति में मामूली वृद्धि देखी गई. दिसंबर 2024 में यह 2.14 प्रतिशत थी, जो जनवरी 2025 में बढ़कर 2.51 प्रतिशत हो गई. इससे पता चलता है कि उत्पादन लागत में कुछ बढ़ोतरी हुई है, जो संभावित रूप से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है. खुदरा मुद्रास्फीति भी हुई कम खुदरा मुद्रास्फीति के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई. यह पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आ रही है. आलू की मुद्रास्फीति 74.28 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही, तथा प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई। ईंधन और बिजली श्रेणी में जनवरी में 2.78 प्रतिशत की अपस्फीति देखी गई, जबकि दिसंबर में 3.79 प्रतिशत की अपस्फीति थी। विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 2.14 प्रतिशत की तुलना में 2.51 प्रतिशत रही। बुधवार को जारी खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पता चला कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी के कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत रह गई जो पांच महीने का निम्नतम स्तर है। recent visitors 56

कोर्ट ने हजारों अतिथि शिक्षकों को आवेदन के समय अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता से राहत दी

जबलपुर  मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने माध्यमिक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने अतिथि शिक्षकों को बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए आवेदन करने की अनुमति दी है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है. खास बात ये है कि सिवनी निवासी सुनीता कटरे, कृष्णकांत शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता धीरज तिवारी और ईशान सोनी ने न्यायालय में तर्क भी दिया था. जानें क्या था मामला? बता दें, वर्ष 2018 और 2023 की उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन (काउंसलिंग) के समय 200 दिवस और तीन सत्रों का अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र मांगा जाता था. लेकिन इस बार माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के लिए, ईएसबी (कर्मचारी चयन मंडल) के पोर्टल पर आवेदन के समय ही अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड करने की अनिवार्यता कर दी गई थी. याचिका में क्या तर्क दिया गया? 1. रूल बुक की धारा 12(6) के अनुसार, उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता और पात्रता से जुड़े दस्तावेज दस्तावेज़ सत्यापन और काउंसलिंग के समय अपलोड करने की अनुमति है. 2. मध्य प्रदेश स्कूल एजुकेशन सर्विसेज (टीचिंग कैडर) सर्विस कंडीशन एंड रिक्रूटमेंट रूल्स, 2018 में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के समय ही अपलोड किया जाना चाहिए. 3. 2023 की भर्ती प्रक्रिया में, आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 01 जून 2023 थी, लेकिन अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र 31 मार्च 2024 तक अपलोड करने की छूट दी गई थी. उच्च माध्यमिक/माध्यमिक/प्रार्थमिक शिक्षक की काउंसलिंग निर्देशिका एक समान होनी चाहिए पूर्व की भर्ती में भी ऐसा ही था लेकिन इस बार अनुभव प्रमाण पत्र आवेदन के समय ही मांगा गया, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है. 4. ईएसबी पोर्टल पर लागू किया गया नया नियम मनमाना और भेदभावपूर्ण है, जिससे योग्य उम्मीदवार आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं. 5. भर्ती अधिसूचना में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है कि अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र केवल आवेदन के समय ही अपलोड किया जाना चाहिए, बल्कि दस्तावेज़ सत्यापन के समय इसे जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिए. न्यायालय का फैसला माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अधीन कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अतिथि शिक्षकों को बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए केवल "YES" विकल्प चुनकर आवेदन करने की अनुमति होगी। इस फैसले का लाभ किन्हें मिलेगा? वे सभी अतिथि शिक्षक जो 200 दिवस और तीन सत्रों की न्यूनतम अनुभव शर्त को पूरा कर रहे हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र दस्तावेज़ सत्यापन के समय ही उपलब्ध होगा. वे अभ्यर्थी जो इस नई अनिवार्यता के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे, अब वे बिना प्रमाण पत्र अपलोड किए आवेदन कर सकेंगे. भर्ती प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत होगी और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा. अब क्या होगा आगे? ईएसबी पोर्टल में बदलाव: अब पोर्टल पर अभ्यर्थी बिना अनुभव प्रमाण पत्र अपलोड किए "YES" विकल्प चुनकर आवेदन कर सकेंगे. भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी: न्यायालय ने भर्ती को याचिका के अधीन किया है, जिसका मतलब है कि भर्ती प्रक्रिया न्यायालय के फैसले के अनुसार आगे बढ़ेगी. अंतिम निर्णय दस्तावेज़ सत्यापन के समय अतिथि शिक्षकों को दस्तावेज़ सत्यापन के समय ही अपना अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जैसा कि पूर्व की भर्तियों में होता आया है. यह फैसला सिवनी निवासी सुनीता कटरे, कृष्णकांत शर्मा और अन्य याचिकाकर्ताओं सहित हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. recent visitors 65

नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा, लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा

भोपाल भोपाल वासियों को जमीन से लेकर राजस्व के मामले को निपटाने के लिए अब दूर नहीं जाना होगा। जिला पुनर्गठन के प्रशासनिक प्रस्ताव पर शासन जल्द ही अंतिम मुहर लगाएगा। जिला प्रशासन द्वारा भेजे प्रस्ताव में शासन की ओर से मांगी गई आपत्तियों पर एसडीएम और तहसीलदार को 15 दिन में जवाब देना है। नीति के तहत भोपाल में पांच नई तहसीलों का गठन होगा। मौजूदा तीन तहसीलों के साथ पांच नई तहसीलों(Five New Tehsil) के साथ फिर कुल संख्या आठ हो जाएगी। इससे लोगों को अपने आवास क्षेत्र में ही तहसील कार्यालय में कार्य करवाना आसान हो जाएगा। जिले में 3 से बढ़कर होंगी 8 तहसीलें राजधानी में वर्तमान में तीन तहसीलें और पांच नजूल-वृत्त क्षेत्र में काम किया जा रहा है। हुजूर, कोलार और बैरसिया को तहसील का दर्जा मिला है। करीब पांच साल पहले कोलार तहसील का गठन किया गया था। वहीं, तीन तहसीलों के अलावा पांच नजूल-वृत्त क्षेत्र यानी संत हिरदाराम नगर, शहर, गोविंदपुरा, टीटी नगर और एमपी नगर में भी काम किया जा रहा है। गठन के बाद जिले में कुल 8 तहसीलें हो जाएंगी। 10 बदलाव प्रस्तावित ● मौजूदा उपनगर ही नई तहसील बनेंगे। बैरागढ़, कोलार, भेल गोविंदपुरा, पुराना शहर व नया शहर, नर्मदापुरम रोड की नई तहसील होंगी। ● नई तहसीलें दूरी व क्षेत्रफल के अनुसार अलग से नजूल क्षेत्र तय करेंगे। ● शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का नक्शा अलग किया जाएगा। ● जिला-तहसील क्षेत्रों को नगर निगम के वार्ड से भी जोड़ा जाएगा। ● तहसील व नजूल में तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। ● शहरी क्षेत्र की तहसीलों में आबादी चार लाख के भीतर तय की जाएगी। गांव को जोड़-घटाकर नई तहसीलों का होगा गठन  गोविंदपुरा नजूल क्षेत्र में 19 राजस्व ग्राम है, इनमें सात नए जोड़कर 26 राजस्व गांवों की नयी तहसील बनेगी।  हुजूर तहसील में 198 राजस्व गांवों है। यहां से 160 राजस्व गांवों को हटाया गया था, 38 राजस्व गांवों की तहसील बनाई जाएगी। संत हिरदाराम नगर सर्कल में 17 राजस्व गांव है। इसमें हुजूर के 18 गांवों को जोड़कर 36 गांवों की तहसील बनाई जाएगी। टीटी नगर सर्कल में संत हिरदाराम नगर के 12 राजस्व गांव और हुजूर के 21 राजस्व गांवों को जोड़कर 38 गांवों की तहसील बनेगी। एमपी नगर सबसे छोटा सर्कल हैं। इसमें 8 गांवों के साथ हुजूर के 16 और कोलार के 2 राजस्व गांवों को जोड़कर 26 गांवों की तहसील बनेंगी। कोलार तहसील में 55 से अधिक राजस्व गांव हैं। इसके 22 गांवों को घटाकर 33 गांवों की तहसील बनाई जाएगी। इसलिए जरूरी पुनर्गठन अभी जिले में कोलार, हुजूर व बैरसिया तहसील हैं। आठ नजूल क्षेत्र हैं। इनके एसडीएम है। कोलार, बैरसिया को छोडकऱ बाकी में तहसील(Five New Tehsil) कार्यालय अन्य क्षेत्रों में हैं। एमपी नगर नजूल कोलार तहसील में है तो बैरागढ़, हुजूर, ओल्ड सिटी नजूल पुराने शहर में कलेक्ट्रेट में है। गोविंदपुरा भी पुराने शहर के कलेक्टे्रट में है। हुजूर तहसील में शहर व ग्रामीण का 70 फीसदी क्षेत्र है जिससे काम कठिन होता है। जिले के पुनर्गठन की प्रक्रिया की जा रही है। लोगों की सुविधा की दृष्टि से बेहतर योजना तय की जा रही है। इससे सबको लाभ होगा। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर recent visitors 53

नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 4 लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार द्वारा लखनऊ को न केवल एयरो सिटी बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हो रहा है और राज्य के हर नागरिक को बेहतर बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सीएम योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है। लखनऊ के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने बताया कि स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है महाकुम्भ- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ में लोगों की सैंकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन स्थल रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस बार पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, वहीं रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुम्भ पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुम्भ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महाकुम्भ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। नए भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है- सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं और राज्य को भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विश्व स्तरीय सुविधाओं का अनुभव कर रही है और प्रदेश में निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण – बसंतकुंज योजना के निकट नागरियाकला में 400 केएल एवं जी-20 रोड जनेश्वर मिश्र पार्क के निकट 20 केएल स्ट्रॉम ड्रेनेज हेतु फ्लड पम्पिंग स्टेशन – बसंतकुंज योजना के सेक्टर-आई में 6 डीप नलकूप सीजी सिटी में हार्मनी पार्क (म्यूजिकल एवं स्पोर्ट्स पार्क) – अहिमामऊ में कल्याण मंडप शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं – कबीरनगर-देवपुर पारा आवासीय योजना में 1,032 ईडब्ल्यूएस आवास एवं सड़क – गोमती पर कुकरैल नदी से बैकुंठ धाम तक 4 लेन ब्रिज – सीजी सिटी योजना के … Read more

ग्वालियर के मुरैना मार्ग नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार होगा: मुख्यमंत्री मोहन यादव

 ग्वालियर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पवित्र सिख धर्म के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह के नाम पर दाता बंदी छोड़ द्वार मुरैना के रास्ते पर रखने की हम घोषणा कर रहे हैं। ग्वालियर शहर ग्वालियर चंबल संभाग में सिख समुदाय का बड़ा प्राचीन गौरवशाली इतिहास रहा है। बड़ी संख्या में सिख परिवार इस क्षेत्र में निवास भी करते हैं। सिखों के छठवें गुरु परम पूज्य हरगोविंद सिंह महाराज साहब को ग्वालियर के किले में मुगल बादशाह जहांगीर ने कई वर्षों तक बंदी बनाए रखा था। गुरु गोविंद सिंह के साथ 52 अन्य हिंदू राजा भी उनकी कैद में थे। डॉ यादव ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि आज गर्व के साथ हम ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम सिख धर्म के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद सिंह जी के सम्मान में ‘दाता बंदी छोड़ द्वार’ रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शहर और चंबल संभाग सिख समुदाय के अद्वितीय इतिहास और समृद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं। गुरु हरगोबिंद सिंह जी का साहस और बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। जब मुग़ल बादशाह ने गुरु हरगोविंद सिंह को रिहा करने का निर्णय लिया तो उन्होंने अपनी अकेली रिहाई से मना कर दिया था और 52 हिंदू राजाओं के साथ निकल के आने की इच्छा व्यक्त की थी। मुगल बादशाह ने मजबूर होकर 52 हिंदू राजाओं को भी हमारे छठवें सिख गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज साहब के साथ में रिहा किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर ग्वालियर के पुरानी छावनी क्षेत्र में बनने वाले नगर द्वार का नाम दाता बंदी छोड़ द्वार रखने की घोषणा करता हूं। सिख लोग पहले दीवाली नहीं मनाते थे, लेकिन ग्वालियर में एक ऐसा घटनाक़म घटा कि उसके बाद से उन्होंने दो दिन दिवाली मनाना शुरू कर दिया. इन दिनों उनके धार्मिक स्थल भी रोशनी से जगमगाते है. इसकी कहानी भी बड़ी रोमांचक और अविस्मरणीय है. क्या है कहानी? ग्वालियर के विश्व प्रसिद्ध दुर्ग के ही एक बड़े हिस्से व ऊंचाई पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा मौजूद है, जिसका नाम 'दाता बंदी छोड़' है. यह गुरुद्वारा सिख संगत में बड़े तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. दुनिया भर से सिख सपरिवार हर साल यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं. मान्यता है और इतिहास में उल्लेख भी कि मुगल काल के दौरान लोगों में सिख धर्म के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुगल शासक जहांगीर ने सिखों के छठे गुरु हरगोविंद साहिब को बंदी बना लिया था. गुरु हरगोविंद साहिब ने मुस्लिम शासकों की धार्मिक शर्तें मानने से इनकार कर दिया था. जहांगीर ने गुरु महाराज को बंदी बनाकर ग्वालियर के किले में कैद कर दिया था. मुगल उस समय इस किले को अपने राजनीतिक बंदियों की कैद के लिए उपयोग करते थे. इस किले में साहिब के आने से पहले से ही 52 हिंदू राजा कैद थे. गुरु हरगोविंद जी जब जेल में पहुंचे तो सभी राजाओं ने उनका स्वागत किया. जहांगीर ने गुरु हरगोविंद को 2 साल 3 महीने तक जेल से बाहर नहीं आने दिया. इस घटना के बाद रिहा हुए सिख गुरू उसी दौरान अचानक एक घटना घटी. जहांगीर की तबीयत खराब होने लगी. हकीम से लेकर वैद्य तक सब उपचार में जुटे थे, लेकिन उनकी तबियत बिगड़ती ही जा रही थी. तभी एक शाही पीर ने जहांगीर को बताया कि ग्वालियर किले पर नजरबंद गुरु हरगोविंद साहिब को मुक्त कर दो, तभी आप ठीक हो सकते हैं. जान जाने से भयभीत जहांगीर ने उनकी बात मान ली. इसके बाद गुरू हरगोविंद साहिब को रिहा करने के लिए जहांगीर तैयार हुआ. आखिरकार इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब की शर्त को स्वीकार करते हुए जहांगीर ने भी एक शर्त रखी. जहांगीर ने कहा कि कैद में गुरु जी के साथ सिर्फ वही राजा बाहर जा सकेंगे, जो गुरुजी का कोई कपड़ा पकड़े होंगे. इसके बाद गुरु हरगोविंद साहिब ने जहांगीर की शर्त को स्वीकार कर लिया. चालाकी पर भारी पड़ा चमत्कार जहांगीर की चालाकी को देखते हुए गुरु हरगोविंद साहिब ने एक 52 कलियों का चोंगा (कुर्ता) सिलवाया. इस तरह एक एक कली को पकड़ते हुए सभी 52 हिंदू राजा जहांगीर की कैद से आजाद हो गए. 52 हिंदू राजाओं को ग्वालियर के इसी किले से एक साथ छोड़ा गया था. इसलिए यहां बने इस स्थान का नाम दाताबन्दी छोड़ रखा गया था लेकिन कालांतर में यहां बने गुरुद्वारे का नाम 'दाता बंदी छोड़' के नाम से ही प्रसिद्ध हो गया. चूंकि यह रिहाई दीपावली के मौके पर हुई थी, इसलिए सिखों ने उनकी अगवानी के लिए घर घर दिए जलाए और तभी से सिख समाज भी अमावस्या और उसके एक दिन बाद तक घरों में दीपक जलाकर दीवाली मनाने लगा. ग्वालियर स्थित दाताबन्दी छोड़ गुरुद्वारे में भी दीपोत्सव होता है. यहां लाखों की तादात में सिख धर्म के अनुयाई अरदास करने आते हैं. यह पूरे विश्व में सिख समाज का छठवां सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है.     recent visitors 38

दिल्ली में केजरीवाल पर पहला बड़ा एक्शन! 51 लाख लोगों को जारी होंगे आयुष्मान भारत कार्ड, मोहल्ला क्लिनिक बनेंगे ‘आरोग्य मंदिर’

नई दिल्ली दिल्ली में सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जिसके बाद कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। भाजपा ने इसे लेकर प्लान भी बनाने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सरकार बनने के बाद दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों के स्टेटस की समीक्षा करने वाला है, जिसमें उन्हें संभावित रूप से 'आरोग्य मंदिर' में बदलने की योजना है। यह कदम क्लीनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उठाया गया है, जिसके चलते मंत्रालय ने नए स्वास्थ्य मंत्री से रिपोर्ट मांगी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 'केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय योजनाओं पर चर्चा करेगा और दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों को आरोग्य मंदिर के रूप में बेस्ट पॉसिबल मेकओवर के रूप से बदलने की कोशिश करेगा। साथ ही, मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर नए स्वास्थ्य मंत्री से रिपोर्ट भी मांगेगा।' एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, मंत्रालय दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) को लागू करने पर भी जोर देगा। 51 लाख लोगों को मिलेंगे आयुष्मान कार्ड मंत्रालय आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (AB-PMJAY) के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेगा. सूत्रों के अनुसार, 51 लाख लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए जाने की संभावना है. यदि मोहल्ला क्लिनिकों को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदला जाता है, तो उन्हें योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. एक सूत्र ने बताया, "सरकार मोहल्ला क्लिनिकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बहुत चिंतित है. दिल्ली के नए स्वास्थ्य मंत्री से मोहल्ला क्लिनिकों की स्थिति पर और यह जानने के लिए रिपोर्ट मांगी जाएगी कि क्या इन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बदला जा सकता है." जनवरी में, उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली सरकार द्वारा संचालित मोहल्ला क्लिनिकों में निजी प्रयोगशालाओं को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी डायग्नोस्टिक टेस्ट के आरोपों पर सीबीआई जांच का आदेश दिया था. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के तहत, सामान्य गैर-संक्रामक बीमारियों (NCDs) जैसे कि सर्वाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग सेवा का एक अनिवार्य हिस्सा है. AAP के नेतृत्व वाली रही दिल्ली सरकार और टीएमसी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल ने अभी तक AB-PMJAY योजना को लागू नहीं किया. AAP सरकार ने लागू नहीं की थी योजना AAP के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और पश्चिम बंगाल ने अभी तक AB-PMJAY योजना को लागू नहीं किया है. AB-PMJAY सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो भारत की आबादी के आर्थिक रूप से कमज़ोर 40 प्रतिशत हिस्से में से 12.37 करोड़ परिवारों के लगभग 55 करोड़ लाभार्थियों को माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है. हाल ही में, इस योजना का विस्तार करके 4.5 करोड़ परिवारों के 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को शामिल किया गया है, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो. सूत्रों ने बताया, 'एक और बड़ा कदम दिल्ली में एबी-पीएमजेएवाई योजना को लागू करना है, जिसके तहत 51 लाख लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए जाने की संभावना है।' आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के गरीब और कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करती है। इस योजना में 70 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। दिल्ली चुनाव के लिए भाजपा ने अपने घोषणापत्र में आयुष्मान योजना को लागू करने का वादा किया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली शानदार जीत के बाद अब पार्टी से इस वादे को पूरा करने की उम्मीद है। इस योजना से दिल्ली के करीब 51 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें आयुष्मान कार्ड जारी किए जाएंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले दिल्ली के सभी सात भाजपा सांसदों द्वारा दायर एक जनहित याचिका के बाद आप सरकार द्वारा आयुष्मान योजना को लागू न करने पर सवाल उठाए थे। भाजपा को जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया है। पार्टी ने 48 सीटें जीतीं, जिसमें 27 साल बाद दिल्ली में उसकी सत्ता में वापसी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आप के कई नेता अपनी सीटें हार गए, जबकि आतिशी अपनी सीट बचाने में सफल रहीं। 8 फरवरी को घोषित दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। ​​पार्टी ने दिल्ली विधानसभा का नेतृत्व करने के लिए अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की फिलहाल घोषणा नहीं की है। दिल्ली में पिछली भाजपा सरकार 1993 से 1998 तक थी। recent visitors 37