देश में पहली बार 21 राज्यों में भगवा, 92 करोड़ लोगों पर एनडीए का सीधा शासन… मैप में भारत की सियासी तस्वीर

नईदिल्ली लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल नहीं हुई। लेकिन इस जीत के बाद कांग्रेस के साथ विपक्ष ने माना की अब मोदी लहर खत्म हो रही है लेकिन तीसरे कार्याकल के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम देखकर इस बात को नकारा नहीं जा सकता की मोदी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा या गठबंधन की सरकार बनी है। 21 राज्यों में NDA की सरकार दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भाजपा ने 26 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करी है और अब सीएम के नाम का ऐलान करने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। अब अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं। अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। बिहार: बिहार में NDA सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं। राजस्थान: राजस्थान में भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। गुजरात: गुजरात में 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 288 सीटों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम है। गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा को 26 सीटे मिली और प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी। मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है। मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं। 3 साल में 21 राज्यों में चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में चुनाव होंगे। 2027 में गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव है। 2 2028 में नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी भारत में एनडीए का दबदबा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी की सरकार है. 2022 में गुजरात और 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए ने जीत हासिल की थी. इसी तरह उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए का कब्जा है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया की सरकार है. दक्षिण भारत की 5 में से 4 राज्यों में इंडिया की सरकार है. केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया तो आंध्र में एनडीए की सरकार है. 140 करोड़ आबादी, 92 पर NDA का शासन देश की आबादी अभी 140 करोड़ के आसपास है. दिल्ली में जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया है. 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश (24 करोड़), महाराष्ट्र (12 करोड़) और बिहार (12 करोड़) में एनडीए का ही शासन है. 10 करोड़ या उससे ज्यादा की आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया की सरकार नहीं है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 7 में से 4 राज्यों में एनडीए की सरकार है. वहीं तीन राज्यों में इंडिया की सरकार है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पश्चिम बंगाल (9 करोड़), तमिलनाडु (7 करोड़) और कर्नाटक (6 करोड़) में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (5 करोड़), गुजरात (6 करोड़), मध्य प्रदेश (8 करोड़) और राजस्थान (8 करोड़) में एनडीए की सरकार है. वहीं 1-5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की बात की जाए तो 10 राज्यों में से 6 में एनडीए और 4 में इंडिया की सरकार है. असम (3.5 करोड़), छत्तीसगढ़ (3 करोड़), दिल्ली (1.87 करोड़), हरियाणा (2.8 करोड़) जैसे राज्यों में एनडीए की सरकार है. मेघालय में 33 लाख के आसपास आबादी है. यहां किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है. पहली बार 21 राज्यों में एनडीए की सरकार साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर थी. उस वक्त पार्टी के पास 20 राज्यों की सरकार थी. इनमें पूर्वोंत्तर के सभी 7 राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकार शामिल थी. इसके बाद बीजेपी का परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा. 7 साल बाद अब बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाला रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भगवा लहर में AAP के दिग्गज धराशायी भगवा लहर में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री आतिशी को भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वह लगभग 3,500 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहीं। कांग्रेस को फायदा, मत फीसद बढ़ा कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उसका मत प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लगातार तीसरे चुनाव में भी उसका खाता नहीं खुल सका। AAP के वोटरों में BJP ने ऐसे लगाई सेंध वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें … Read more

सूर्य की किरणों से बिजली बनाने से पर्यावरण सुधार के साथ ही बिल में भी आई कमी, पश्चिम म.प्र. अव्वल

इंदौर सूरज की किरणों से बिजली तैयार कर पर्यावरण सुधार के साथ ही बिजली बिल में कमी करने को लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश में अच्छा काम हुआ है. इस 12 फरवरी की स्थिति में वेस्ट एमपी यानी मालवा- निमाड़ में 25 हजार 250 स्थानों पर रूफ टॉप सोलर नेट मीटर यानी सौर ऊर्जा से बिजली तैयार की जा रही है. वेस्ट एमपी में सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा से बिजली इंदौर शहर में 13 हजार 800 स्थानों पर तैयार हो रही है. PM सूर्य घर योजना लागू होने के बाद फरवरी 2024 से फरवरी 2025 के दूसरे सप्ताह तक पश्चिम मध्य प्रदेश में बारह हजार से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं ने सौर ऊर्जा उत्पादन किया है. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25 हजार 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है. इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं. पीएम सूर्य घर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्यप्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई है. बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ है. प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय और कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं. उच्चदाब और निम्न दाब के उपभोक्ताओं द्वारा अब कुल 25250 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इन स्थानों में घर, बहुमंजिला इमारत, औद्योगिक परिसर, शासकीय कार्यालय की छतें, नगर निगम के कचरा ट्रांसफर स्टेशन की छतें, दुकानों की छतें, शासकीय कार्यालयों के पास की खाली जमीन इत्यादि स्थान, परिसर शामिल हैं। पीएम सूर्यघर योजना लागू होने के बाद पश्चिम मध्य प्रदेश में रूफ टॉप सोलर की कुल उत्पादन क्षमता 220 मेगावॉट से ज्यादा हो गई हैं। बिजली बिल में बचत, मेरी छत-मेरी बिजली की भावना के साथ ही पर्यावरण सुधार के लिए समर्पण को लेकर वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक उत्साह बना हुआ हैं। प्रतिदिन रूफ टॉप सोलर के लिए आवेदन बिजली कार्यालय, कंपनी के पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। कहां कितने स्थानों पर सोलर संयंत्र इंदौर शहर सीमा      13800 उज्जैन जिला              2525 देवास जिला              1525 रतलाम जिला            1060 खरगोन जिला            1050 नीमच जिला               680 मंदसौर जिला             670 बड़वानी जिला            650   recent visitors 53

अब देश में तिथि मतांतर से दो दिन नहीं मनेंगे त्योहार, ‘एक देश-एक पंचांग’ पर मंथन, देश-विदेश के विद्वान होंगे शामिल

 उज्जैन  तिथि को लेकर मतांतर के कारण पर्व-त्योहार अलग-अलग दिन मनाए जाने की स्थितियां सामने आने के कारण 'एक देश-एक पंचांग' की बात फिर उभरी है। इस संदर्भ में अगुवाई करने के लिए धार्मिक नगरी उज्जैन में तैयारी हो रही है। काल गणना की नगरी उज्जैन में विक्रम उत्सव के अंतर्गत 29 मार्च से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, ज्योतिष व अंक गणित के जानकार, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वेदाचार्य और पंचांग निर्माता शामिल होंगे। ये सभी 'एक देश-एक पंचांग' पर विचार करेंगे। इसके उपरांत सूर्य व चंद्र की गति की गणना से अखंड पंचांग की रचना होगी। भारतीय सनातन धर्म परंपरा में तिथि, वार और तीज-त्योहार का विशेष महत्व है। पंचांग की गणना के आधार पर इसका निर्धारण होता है। इसी के आधार पर हिंदू धर्मावलंबी व्रत, उपवास रखने के साथ तीज-त्योहार मनाते हैं। पंचांग की गणना में मतांतर से सनातन धर्म के कई प्रमुख पर्व-त्योहार दो दिन मनाए जा रहे हैं। इस विषमता को समाप्त करने के लिए 'एक देश-एक पंचांग' की अवधारणा पर चर्चा की जा रही है। 29 और 30 मार्च को होगा ज्योतिष सम्मेलन विक्रम उत्सव के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें विद्वान पंचांग के पांच अंग वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण व मध्योदय के आधार पर विभिन्न पक्षों पर मंथन कर 'एक देश-एक पंचांग' की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करेंगे। विक्रम संवत बने राष्ट्रीय संवत विक्रम विश्वविद्यालय के पुराविद डॉ.रमण सोलंकी के अनुसार ज्योतिष सम्मेलन में विक्रम संवत को राष्ट्रीय संवत की मान्यता और देश का एकमात्र संवत विक्रम संवत हो इस पर शोधपरक व तथ्यात्मक चर्चा होगी। पाकिस्तान व नेपाल से भी आएंगे विद्वान ज्योतिष सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा पाकिस्तान व नेपाल से भी पंचांग निर्माता व ज्योतिष शास्त्र के जानकार शामिल होंगे। पाकिस्तान व नेपाल के साथ गुजरात, राजस्थान, हरियाणा तथा विदर्भ के अनेक विद्वानों ने आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। पहले भी हो चुका मंथन ज्योतिष सम्मेलनों में 'एक देश-एक पंचांग' पर पूर्व में भी मंथन हो चुका है। उज्जैन में वर्ष 2019, 2021, 2023 में भी ज्योतिष सम्मेलनों पर इस तरह की चर्चा हुई थी। हालांकि सभी विद्वान एकमत नहीं हो पाए थे। काशी में भी विद्वानों में इस बात पर मंथन हो चुका है। आशा है कि इस बार उज्जैन में इसे तय कर लिया जाएगा। शासन स्तर पर पहली बार इस तरह का वृहद ज्योतिष सम्मेलन होने जा रहा है। ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन     सनातन धर्म परंपरा के सभी तीज-त्योहार पूरे देश में एक साथ एक दिन मनाए जाएं। विक्रम संवत भारत का राष्ट्रीय संवत हो। इस मंशा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना के अनुसार विक्रम उत्सव के अंतर्गत उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विद्वान उक्त दोनों महत्वपूर्ण विषयों के निर्धारण को लेकर मंथन करेंगे। – डॉ. श्रीराम तिवारी, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार व महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक   recent visitors 50

अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है : हाई कोर्ट

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी की पत्नी गैर मर्द से प्यार करती है तो यह व्यभिचार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे तब तक व्यभिचार नहीं कहा जा सकता जब तक कि वह किसी और मर्द के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाती है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि व्यभिचार तभी होता है जब शारीरिक संबंध होते हैं। पति ने कोर्ट में दावा किया था कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करत है। ऐसे में वह मेंटिनेंस की हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (5) और सीआरपीसी की धारा 125 (4) में कहा गया है कि अगर पत्नी पर व्यभिचार के आरोप सही साबित होते हैं तब ही उसे गुजारे भत्ते से वंचित किया जा सकता है। कोर्ट ने फैसले में कहा, व्यभिचार साबित करने के लिए शारीरिक संबंधों को सबित करना जरूरी है। अगर पत्नी किसी से प्यार करती है और शारीरिक संबंध नहीं रखती है तो इसे व्यभिचार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि फैमिली कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि पति को हर महीने 4 हजार रुपये का गुजारा भत्ता देना होगा। पति वॉर्ड बॉय की तौर पर का करता था और महीने में 8 हजार उसकी इनकम है। पति ने हाई कोर्ट में याचिका फाइल की और दावा किया कि उसकी पत्नी किसी और से प्यार करती थी। कोरक्ट ने कहा कि सेक्शन 24 के तहत आदेश के बाद पत्नी को पहले से ही 4 हजार का गुजारा भत्ता मिल रहा था। कोर्ट ने यह भी कहा कि अस्पताल से दिया गया सैलरी सर्टिफिकेट वेरिफाइ नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा, सैलरी सर्टिफिकेट पर इसे जारी करने का स्थान और तारीख ही नहीं दी गई है। ऐसे में कोर्ट के लिए यह निर्णय करना मुश्किल है कि यह सर्टिफिकेट सही है या फर्जी है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि वह एक सक्षम व्यक्ति नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कम इनकम इस बात का आधार नहीं हो सकता कि वह मेंटिनेंस नहीं देगा। अगर पति को पता था कि वह उसकी रोजाना की जरूरत भी नहीं पूरी कर सकता तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। उसे पत्नी की जिम्मेदारी उठाने के लिए कमाना चाहिए था। पति ने यह भी दावा किया था कि उसकी पत्नी ब्यूटी पार्लर चलाती है। कोर्ट ने कहा कि पति को 4 हजार रुपये का मासिक गुजारा भत्ता देना ही होगा। recent visitors 59

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और प्रसव पूर्व जांच के माध्यम से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान हो। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध रूप से सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता जरूरी है। जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार लाया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये सेवा प्रदाय एवं भर्ती प्रक्रिया की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में अभूतपूर्व प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की वृद्धि के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती चल रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का लाभ तेजी से आमजन तक पहुंचे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। चिकित्सकीय श्रेणी में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 3,689 पदों पर भर्ती की जा रही है। नर्सिंग श्रेणी में 5,762 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। पैरामेडिकल एवं तकनीकी स्टाफ के तहत 454 लैब टेक्नीशियन, 114 रेडियोग्राफर, 21 फिजियोथेरेपिस्ट और 8 काउंसलर के पद कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भरे जा रहे हैं। इसके अलावा, 1,744 सीधी भर्ती के अविज्ञप्त पदों की पूर्ति के लिए भी मांग पत्र भेजा गया है। संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री दिनेश श्रीवास्तव, संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल श्री मनोज सरियाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 52

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई जन अभियान परिषद कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जन-अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संगठन, प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर संस्थाएं कृषकों को ऊर्जा में आत्म-निर्भर बनाने के लिए सोलर पंप लगवाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गौपालन को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दोनों गतिविधियों को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र कैंसर जैसे घातक रोगों से निरंतर प्रभावित हो रहे हैं। अत: रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बल पर ली जा रही उपज के खतरों से किसानों को अवगत करवाना आवश्यक है। परिषद, किसानों को प्राकृतिक और अक्षय कृषि के लिए प्रोत्साहित करें। जन अभियान परिषद इन क्षेत्रों में कार्य कर ऊर्जा, जल और पर्यावरण संरक्षण, बेहतर स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान दे सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में म.प्र. जन अभियान परिषद की कार्यकारिणी सभा की 15वीं बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संपन्न हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री मोहम्मद सुलेमान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाना जरूरी है। इसमें जन अभियान परिषद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर परिषद ग्राम स्तर तक वातावरण निर्माण में सक्रियता से योगदान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप श्रीअन्न की उपज लेने और तिलहन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में नवांकुर संस्थाओं के प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम तथा विकास गतिविधियों एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए संचालित गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। साथ ही परिषद के अन्य प्रशासनिक और प्रबंधकीय विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जन अभियान परिषद द्वारा महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सहयोग से मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के लिए समाज कार्य स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जन अभियान परिषद के संभागीय समीक्षा प्रतिवेदन 2024-25 तथा स्वैच्छिक संगठनों का संसार पुस्तिका का भी विमोचन किया। प्रदेश में सर्पदंश से हो रही मृत्यु की रोकथाम और बचाव की दृष्टि से सर्प पकड़ने और प्राथमिक उपचार के लिए होमगार्डस, युवाओं, इच्छुक व्यक्तियों के प्रशिक्षण के लिए सर्प अनुसंधान संगठन उज्जैन के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इससे प्रदेश के प्रत्येक थाने में एक प्रशिक्षित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।   recent visitors 72

मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत भेजेगा अमेरिका, मोदी के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने किया एलान

नई दिल्ली अमेरीका मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार तहव्वुर हुसैन राणा को भारत भेजने के लिए राजी हो गया है. व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद अमेरिका राष्ट्रपित डोनॉल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका प्रशासन ने साल 2008 के मुंबई हमले के गुनहगार तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण (Extradition) को भारत में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने के लिए मंजूरी दे दी है. पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा फिलहाल लॉस एंजिलिस के एक मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है. माना जाता है कि वह मुंबई के 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा है. अमेरिका की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने दुनिया के सबसे बुरे इंसानों में से एक और मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक को भारत में न्याय का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है. इसलिए, वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है.’’ जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की समीक्षा याचिका खारिज कर दी और उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी. भारत ने पिछले महीने कहा था कि वह राणा के शीघ्र प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ काम कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘‘अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 21 जनवरी को आरोपी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. हम अब मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी को शीघ्र भारत प्रत्यर्पित करने के लिए प्रक्रियागत मुद्दों पर अमेरिका के साथ काम कर रहे हैं.’’ PM मोदी ने ट्रम्प का दिया धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इस फैसले की सराहना की और राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया है. मोदी ने कहा कि मुंबई हमले का एक आरोपी भारत आ रहा है, जहां उस पर मुकदमा चलेगा. मैं राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया.” डेविड हेडली ने दी थी राणा के खिलाफ गवाही पाकिस्तानी मूल के कारोबारी तहव्वुर हुसैन राणा 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में दोषी पाया गया था. अब यहां भारतीय एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी और उस पर मुकदमा चलेगा. राणा को पहले से ही मुंबई हमले की जानकारी थी और वह पाकिस्तान के आतंकी संगठनों और उनके नेताओं के संपर्क में था. इस साजिश में उसके साथ शामिल लोगों में डेविड कोलमैन हेडली भी था. हेडली ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था और राणा के खिलाफ गवाही दी थी. आईएसआई से करीबी संबंध रखता था तहव्वुर राणा राणा पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (Inter-Services Intelligence) से करीबी संबंध रखने का भी आरोप है. मुंबई पुलिस की 400 से अधिक पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक तहव्वुर हुसैन राणा 11 नवंबर 2008 को भारत आया था और 21 नवंबर तक यहां रुका था. इस दौरान उसने दो दिन मुंबई के पवई इलाके के रेनेसांस होटल में बिताए थे. मुंबई हमले में मारे गए थे इतने लोग पाकिस्तान के 10 आतंकवादियों के एक समूह ने 26 नवंबर 2008 को अरब सागर के रास्ते मुंबई में घुसने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो आलीशान होटलों और एक यहूदी केंद्र पर समन्वित हमला किया. लगभग 60 घंटे तक जारी रहे इस हमले में 166 लोग मारे गए थे, इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और यहां तक ​​कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति भी बन गई थी. नवंबर 2012 में पाकिस्तान आतंकवादी समूह के एकमात्र जीवित आतंकी अजमल आमिर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था. भारत इस नृशंस हमले में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है, लेकिन हमले के आरोपियों के खिलाफ अब तक मुकदमे की कार्रवाई बहुत आगे नहीं बढ़ पाई है.   recent visitors 46