निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही, 15 नई नीतियां आएंगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में आगामी 24 और 25 फरवरी को राजधानी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है. इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट पॉलिसी में बदलाव कर रही है. बीते 11 फरवरी को आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने 5 नीतियों में बदलाव किया है. अब 18 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में 15 और नीतियां आएंगी. सरकार को भरोसा है, कि इन नीतियों में बदलाव से मध्यप्रदेश में निवेश को गति मिलेगी और इसका फायदा प्रदेश की जीडीपी को भी मिलेगा. 2030 में 6 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है जीडीपी अधिकारियों ने बताया कि निवेश की नीतियों में बदलाव करने से मध्य प्रदेश में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. सरकार और जनता को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा मिलेगा. मध्य प्रदेश की वर्तमान जीडीपी 2.9 लाख करोड़ रूपये है. अब सरकार जीआईएस और निवेश नीति में बदलाव कर अगले 5 सालों में इसे 100 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाया जा सकता है. साल 2030 तक मध्य प्रदेश की जीडीपी लगभग 6 लाख करोड़ रूपये को पार कर सकती है. 5 साल में 20 लाख नए रोजगार जीआईएस से पहले निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करने, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने समेत अन्य मुद्दों पर विचार चल रहा है. अधिकारियों का दावा है कि आने वाले 5 साल में 20 लाख नए रोजगार का सृजन होगा. इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किए गए हैं. निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जाएगी. अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जाएगी. साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाइज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी. इसी प्रकार नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी. गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50 प्रतिशत या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जाएगी. 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाइज्ड पैकज के लिए पात्र होंगे. रोजगार सृजन के लिए भी सरकार देगी प्रोत्साहन परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक नियोक्ता को दिया जाएगा. प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा. इसी प्रकार टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जाएगा. विकास शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जाएगी. recent visitors 47

राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ''विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.'' recent visitors 39

महाकुम्भ में अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू, 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ 10 किमी में सफाई करेंगे

प्रयागराज  माघी पूर्णिमा स्नान के साथ अब विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी यहां पहुंच चुकी है। मेला प्रशासन भी इसके लिए कमर कसकर तैयार है। विश्व की अमूर्त धरोहर महाकुंभ में अभी तक 48 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम पहले ही बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब पहले से घोषित चार विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। शुक्रवार से इसकी शुरुआत होगी। पहले दिन 14 फरवरी को संगम क्षेत्र में 15 हजार सफाई कर्मचारी एक साथ गंगा तट पर 10 किमी लंबाई में सफाई करेंगे। कुंभ-2019 में 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपने ही इस रिकॉर्ड को तोड़कर मील का नया पत्थर गढ़ा जाना है। इसके अगले दिन 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान को रफ्तार देंगे। रिकॉर्ड की शृंखला में ही 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1000 ई-रिक्शा चलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 48 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं. यह अपने आप में सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. महाकुंभ 2025 को विश्व की अमूर्त धरोहर घोषित किया गया है. अब यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है. अब तक किसी भी धर्म में 31 दिनों में 48 करोड़ श्रद्धालु कहीं नहीं जुटे हैं. यह अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. इसी के साथ अगले 4 दिनों में 4 और भी विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहे हैं. रिकॉर्ड एक, 15 हजार कर्मी चलाएंगे सफाई अभियान : 14 फरवरी को 15000 कर्मचारी गंगा घाट पर 10 किलोमीटर तक सफाई अभियान चलाएंगे. गंगा घाटों पर कर्मियों की तैनाती की गई है. कुंभ 2019 में भी 10 हजार सफाई कर्मचारियों ने एक साथ झाड़ू लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था. अब इस रिकॉर्ड को तोड़कर प्रयागराज मेला विकास प्राधिकरण नया इतिहास रचेगा. रिकॉर्ड दो, नदी की जलधारा में सफाई करेंगे 300 कर्मी : 15 फरवरी को 300 कर्मचारी नदी में उतरकर सफाई अभियान चलाएंगे. यह भी नया कीर्तिमान होगा. नदी की जलधारा में एक साथ सफाई कर्मी सफाई अभियान के लिए उतरेंगे. रिकॉर्ड तीन, त्रिवेणी मार्ग पर चलेंगे 1001 ई-रिक्शा : 16 फरवरी को त्रिवेणी मार्ग पर 1001 ई-रिक्शा चलाकर भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा. रिकॉर्ड चार, 10 हजार लोग देंगे अपने हाथों की छाप : मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि 17 फरवरी को 10000 लोगों के हाथ के छाप ( हैंड प्रिंट) लेने का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा. चारों रिकॉर्ड बनाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. अगले 4 दिनों में यह सभी रिकॉर्ड बनेंगे. लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनेंगे. साल 2019 में लगे अर्ध कुंभ में भी कई विश्व रिकॉर्ड बने थे. एक स्थान पर सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को एकत्र करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था. इसके अलावा सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और सार्वजनिक स्थान पर सबसे बड़ी चित्रकला प्रतियोगिता को भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला था. 2019 में भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की 3 सदस्यीय टीम ने संगम नगरी का दौरा किया था. 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच 4 दिन तक आयोजित की गई चित्रकला प्रतियोगिता में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे. कुंभ के दौरान 7000 से अधिक विद्यार्थियों ने अपने एक हाथ की छाप लगाई थी. इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड सियोल में 4675 लोगों ने बनाया था.   recent visitors 57

फरवरी के अंत तक इंदौर में शुरू होगी मेट्रो रेल, 5 स्टेशन बनकर हुए कम्प्लीट

इंदौर  इंदौर मेट्रो के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा बुधवार को पूरा किया गया। इस दौरान, टीम ने पहले दो दिनों में पांच स्टेशन का निरीक्षण किया और फिर बुधवार को दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण कार्य समाप्त होने के बाद, सीएमआरएस जनक कुमार गर्ग का अंतिम दौरा होना बाकी है, जो निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर इंदौर आएंगे। सुझावों के आधार पर सुधार की तैयारी सीएमआरएस द्वारा सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर के निरीक्षण के बाद कुछ सुधार के सुझाव दिए गए हैं। मेट्रो प्रबंधन इन सुझावों के आधार पर स्ट्रक्चर में आवश्यक बदलाव करने की योजना बना रहा है, ताकि दौरे से पहले सभी आवश्यकताएं पूरी हो सकें। कमर्शियल रन पर फोकस अब मेट्रो प्रबंधन का मुख्य ध्यान इस माह के अंत तक कमर्शियल रन शुरू करने और यात्रियों के सफर की शुरुआत पर है। इस दिशा में, मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने इंदौर में अधिकारियों के साथ बैठक की और कमर्शियल रन से जुड़ी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन और ट्रायल की स्थिति सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जहां पर साइनेज, कुर्सियां, टिकट काउंटर और अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं। वहीं, मेट्रो कोच का ट्रायल भी वायडक्ट और प्लेटफार्म पर लगातार चल रहा है, और कमर्शियल रन की तैयारी के लिए स्टाफ की नियुक्ति भी पूरी कर ली गई है। अब कमर्शियल रन पर पूरा जोर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी द्वारा मेट्रो कोच, डिपो व 5.9 किलोमीटर के सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर व उस पर बने पांच स्टेशन का निरीक्षण कार्य पूरा कर लिया है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन का अब पूरा जोर इस माह के अंत तक मेट्रो कमर्शियल रन शुरू कर उसमें यात्रियों का सफर शुरू करवाने पर है। बुधवार को मेट्रो के एमडी एस कृष्ण चैतन्य इंदौर आए और उन्होंने मेट्रो के अधिकारियों से चर्चा कर कमर्शियल रन संबंधित तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए। स्टेशन पर दिखने लगी चमक, मेट्रो कोच का चल रहा ट्रायल सुपर प्रायरिटी कॉरिडोर पर बने पांच मेट्रो स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुके है। स्टेशन पर साइनेज, यात्रियों के लिए कुर्सियां, टिकट काउंटर, अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शुरू हो चुकी है। वायडक्ट व प्लेटफार्म पर मेट्रो कोच को चलाकर निरंतर ट्रायल भी जारी है। प्लेटफार्म पर टिकट काउंटर, विद्युत कार्य व कमर्शियल रन संबंधित स्टाफ की नियुक्ति भी की जा चुकी है।   recent visitors 57

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन recent visitors 35

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।   recent visitors 100

मुख्यमंत्री ने किया विक्रमोत्सव कैलेंडर का विमोचन, विक्रमोत्सव में होंगे विविध कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व 26 फरवरी से विक्रमोत्सव-2025 का आरंभ होगा। सृष्टिकर्ता महादेव के महोत्सव से सृष्टि के आरंभ दिवस वर्ष प्रतिपदा 30 मार्च तक चलने वाला विक्रमोत्सव, सम्राट विक्रमादित्य के युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर केंद्रित रहेगा। इसके अंतर्गत साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही ज्योतिर्विज्ञान, विचार गोष्ठियाँ, इतिहास और विज्ञान समागम, विक्रम व्यापार मेला, लोक एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप के प्रवर्तन, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, वस्त्रोद्योग, हथकरघा उपकरणों की प्रदर्शनी के साथ क्षेत्रीय, पौराणिक फिल्मों के महोत्सव और श्रीकृष्ण पर केन्द्रित विशेष फिल्मों का प्रदर्शन और प्रस्तुतियाँ भी विक्रमोत्सव का हिस्सा रहेंगे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ ही शोधपरक पुस्तकों, ग्रन्थों का लोकार्पण और विक्रम पंचांग का प्रकाशन भी होगा। सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को समाहित किए विरासत से विकास का यह विक्रमोत्सव अपने आप में अनूठा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विक्रमोत्सव-2025 की आयोजन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव का आयोजन, सम्राट विक्रमादित्य के बहुआयामी व्यक्तित्व की गरिमा के अनुरूप हो। कार्यक्रम का प्रारंभ अत्यंत निकट है, अतः सभी विभाग, समन्वयपूर्वक निर्धारित समय से पहले ही सभी तैयारियां पूर्ण करना सुनिश्चित करें। आयोजन के सहभागी बनने वाले सभी विद्वतजन, कलाकारों और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों का स्वागत और व्यवस्था "अतिथि देवो भव:" के भाव से की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार का कष्ट न हो और पर्व की व्यवस्थाएं भी प्रभावित नहीं हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में उज्जैन के साथ अन्य स्थानों पर भी सम्राट विक्रमादित्य, भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगाई जाएं। भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पक्षों पर जन-जन में जानकारी के प्रसार के लिए गतिविधियों संचालित की जाए। उन्होंने प्रदेश की भीली, गोंडी जैसी जनजातीय बोलियां के कवियों को भी कवि सम्मेलन में शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित गीत, कविता और रचनाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में ड्रोन और रोबोटिक-शो जैसे आयोजन हों। उन्होंने महाकौशल, बुंदेलखंड, बघेलखंड क्षेत्र में भी विज्ञान सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान सम्मेलनों में इसरो सहित अन्य महत्वपूर्ण विज्ञान और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों को भी आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि संवत, प्रवर्तन की प्रक्रिया सामर्थ्य और सुशासन पर आधारित है, सम्राट विक्रमादित्य के विविध पक्षों पर जन-जन को जानकारी देने के लिए गतिविधियां संचालित की जाना चाहिए। उन्होंने जाणता राजा के समान विकसित महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य की प्रस्तुतियां प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ देश के प्रमुख नगरों में करने के भी निर्देश दिए। विक्रमोत्सव में होने वाले विविध कार्यक्रम "विक्रमोत्सव का भव्य शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व से होगा। प्रदेश भर में महाशिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। उज्जैन में होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में विंटेज कार, स्पोर्टस बाइक और जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस अवसर पर 84 महादेव की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्राचीन भारतीय काल गणना पर आधारित "वैदिक घड़ी ऐप" का लोकार्पण होगा। कार्यक्रम में सिंहस्थ-2028 की रूपरेखा का निर्धारण किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत ताल वादक आनंदम शिवमणि एवं लोक गायक हंसराज रघुवंशी की सांगीतिक प्रस्तुति होगी। विक्रम व्यापार मेला के अंतर्गत वस्त्रोद्योग, हथकरघा, उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित होगी। आदि शिल्प के तहत जनजातीय शिल्प, पारम्परिक व्यंजन एवं जनजातीय परंपरागत चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। विक्रमोत्सव में 27 फरवरी से आर्ष भारतीय ऋषि वैज्ञानिक परंपरा, विक्रमकालीन मुद्रा एवं मुद्रांक, श्रीकृष्ण की 64 कलाएँ (मालवा की चितरावन शैली में), श्रीकृष्ण होली पर्व, चौरासी महादेव, जनजातीय प्रतिरूप, सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, प्राचीन भारतीय वाद्य यंत्र, देवी 108 स्वरूप और देवी अहित्या पर निर्मित स्थापत्य पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। साथ ही शैव परंपरा एवं वास्तु-विज्ञान, भारत में संवत परंपरा-वैशिष्ट्य एवं प्रमाण पर शोध संगोष्ठी होगी। वायलिन वादक अनुप्रिया देवेताले अपनी प्रस्तुति देंगी। एक से 3 मार्च 2025 तक वैचारिक समागम के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य का न्याय विषय पर मंथन होगा। आठ मार्च को लोक रंजन में बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा।   recent visitors 119