उप मुख्यमंत्री शुक्ल मुरैना में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ समारोह में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि धर्म और आध्यात्म देश की ताक़त है। त्याग और समर्पण हमारे समाज के आधारभूत स्तंभ है। भारत की इस ताक़त के आगे सभी देश नतमस्तक हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मुरैना के सीहोनिया में श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ समारोह में सम्मिलित हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंदिर में दर्शन कर प्रांगण का भ्रमण किया एवं जैन मुनिश्रीयों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि चौबीसों तीर्थंकरों भगवान आदिनाथ स्वामी से लेकर महावीर स्वामी तक की परंपराओं एवं संस्कृति को आगे ले जाने का कार्य श्री वसुनंदी जी महाराज ने किया है। उनके दर्शन पा कर मैं कृतार्थ एवं गौरवान्वित हूँ। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश का आर्थिक विकास काफ़ी तेज़ी से हो रहा है। विकास के इस दौर में संस्कार और भी प्रासंगिक हैं। भारतीय संस्कृति की ताक़त से युवाओं को आलोकित कर विकास को वरदान बनाना है। सतत विकास सुनिश्चित करने में आध्यात्म और नैतिकता की अहम भूमिका है। वसुनंदी जी महाराज के कहे अनुसार गौमाता की रक्षा एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिले यह सोच बहुत जमीनी स्तर की है, हमारी सरकार गौवंश के संरक्षण एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये तत्पर है। ये सभी लक्ष्य निःस्वार्थ भाव से प्राप्त करना तभी संभव है जब हम आध्यात्म के रास्ते चलकर अहिंसा के मार्ग पर चलेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जैन दर्शन नीचे देखकर चलना सिखाता है एवं इंसान को झुके रहने की सीख देता है। इस दर्शन में एक चींटी का जीवन भी अमूल्य है। महापुरूषों का समर्पण त्याग की पराकाष्ठा का एक अंश भी यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो हमारा मानव जीवन सफल हो जाएगा। निःस्वार्थ भाव से हम प्रकृति की सेवा कर सकेंगे व जीवन को सफल बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृत भाषा के विकास के लिये महत्वपूर्ण कदम सरकार द्वारा उठाये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सिहोनिया मंदिर स्थान ऐसा तीर्थ स्थान है जिसे वहीं बनाया गया है जहाँ पर पवित्र मूर्तियाँ प्राप्त हुई है। ऐसे स्थानों में भगवान का वास होता है। इन स्थानों के विकास से समाज भी विकसित होता है। उन्होंने कहा कि इस बड़े समारोह में 187 से ज्यादा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा के संपन्न होने एवं प्रतिमायों की स्थापना होने से समाज का कल्याण होगा। मैं ख़ुद को बहुत सौभाग्यशाली समझता हूँ, जो मुझे यहाँ आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।   recent visitors 77

मंत्री सारंग ने किया महाकुंभ से गंगा जल लेकर आये टैंकर का पूजन

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को प्रयागराज महाकुंभ से गंगा जल लेकर आये टैंकर का रहवासियों के साथ स्वागत किया। उन्होंने विधि-विधान के साथ पवित्र गंगा जल से भरे टैंकर की आरती कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा के रहवासियों के लिए ‘हर हर गंगे-हर घर गंगे’ पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रयागराज महाकुंभ का पवित्र गंगा जल हर घर तक निःशुल्क पहुंचाया जाएगा। इस गंगा जल को विशेष रूप से प्रयागराज से लाया गया है और इसे बोतलों में पैक कर वितरित किया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि महाकुंभ के पावन अवसर पर प्रयागराज से गंगाजल मंगवाया गया है। महाकुंभ प्रयागराज का यह पवित्र गंगा जल विशेष रूप से नरेला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जल को बोतलों में पैक कर निःशुल्क वितरित किया जाएगा। इससे प्रत्येक नागरिक अपने घर पर ही स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें एवं धार्मिक कार्यों में भी इसका उपयोग कर सकें। रहवासियों में उत्साह एवं आभार इस पहल पर स्थानीय रहवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने मंत्री सारंग के इस प्रयास के लिये आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय रहवासियों ने हर्षोल्लास के साथ पुष्पवर्षा की और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। महाकुंभ गंगा जल का महत्व गंगा जल हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसे पवित्र और मोक्षदायी माना जाता है। महाकुंभ का गंगा जल प्राप्त करना भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।   recent visitors 53

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सहयोग कर प्रदेश को फाईलेरिया मुक्त बनायें

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्वालियर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय फाईलेरिया उन्मूलन अभियान (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं अन्य विभागों के मैदानी कर्मचारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रदेश में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक 9 जिलों के 23 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के द्वारा फाईलेरिया रोधी दवा का सेवन निःशुल्क कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आमजन से अपील की है कि वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के निर्देशानुसार डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाओं का सेवन अवश्य करें और अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय का दवा सेवन करें सुनिश्चित उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और पूर्ण मनोयोग एवं समर्पण से अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही यह सफल हो सकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे समर्पण के साथ कार्य करें और शत प्रतिशत लक्षित जनसमुदाय द्वारा दवा सेवन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि फाईलेरिया उन्मूलन के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं, ताकि वर्ष-2030 तक प्रदेश को फायलेरिया से मुक्त बनायें। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 9 जिलों – मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, दतिया, कटनी, टीकमगढ़, निवाड़ी एवं शहडोल के 23 विकासखंडों में दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान का संचालन किया जाएगा। एमडीए अभियान के अंतर्गत 23 चिन्हित ब्लॉकों की 58,08,577 की आबादी में से 52,85,805 लाभार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान 10 फरवरी एवं 14 फरवरी को बूथ-डे गतिविधि आयोजित की जाएगी, जहां लक्षित जनसमुदाय को दवा सेवन कराया जाएगा। 15 फरवरी से 21 फरवरी तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा वितरित करेंगे और समक्ष में दवा सेवन कराएंगे। जो व्यक्ति इन तिथियों में दवा सेवन नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 फरवरी से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड का संचालन होगा। अभियान के तहत 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी बच्चों एवं वयस्कों को डीईसी 100 मिग्रा. (उम्र अनुसार 1 से 3 टैबलेट) एवं एल्बेंडाजोल 400 मिग्रा. (1 टैबलेट) की दवा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा समक्ष में सेवन कराई जाएगी। मउगंज, पन्ना, छतरपुर, उमरिया, कटनी और टीकमगढ़ जिलों में लक्षित जनसमुदाय को ऊंचाई के अनुसार आइवरमेक्टिन दवा भी दी जाएगी। 90 सेमी से अधिक ऊंचाई वाले व्यक्तियों को 1 से 4 टैबलेट दी जाएंगी। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों एवं धात्री माताओं (जिनका हाल ही में प्रसव हुआ है) को दवा का सेवन नहीं कराया जाएगा। अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहायता से लोगों को फायलेरिया रोग के लक्षण एवं रोकथाम की जानकारी दी जाएगी।   recent visitors 52

मुख्यमंत्री साय बोले – परीक्षा पे चर्चा युवाओं और अभिभावकों को संबल देने वाली पहल

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल देश की प्रगति की चिंता ही नहीं करते, बल्कि वे युवाओं से विशेष जुड़ाव रखते हैं। उनका यह प्रयास है कि भावी पीढ़ी सही निर्णय ले, जीवन की परीक्षाओं को आत्मविश्वास के साथ दे और देशहित में अपनी ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग करे। प्रधानमंत्री की यह सोच "परीक्षा पे चर्चा" के माध्यम से मूर्त रूप लेती है, जो देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों को संबल प्रदान करने वाली पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम शामिल होकर छात्र-छात्राओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता "परीक्षा पे चर्चा" को सुना। इसके उपरांत विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी भयमुक्त और तनावरहित वातावरण में करने के लिए छात्र छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पिछले आठ वर्षों से लगातार परीक्षा के समय देश के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें मूल्यवान टिप्स दे रहे हैं। सालभर की मेहनत के बावजूद परीक्षा के समय तनाव और दबाव का अनुभव होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रधानमंत्री की यह पहल इस समस्या को दूर करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है। प्रधानमंत्री न केवल छात्रों से संवाद करते हैं, बल्कि अपने अनुभवों के माध्यम से सफलता का मंत्र भी देते हैं। यह संवाद न केवल बच्चों बल्कि उनके अभिभावकों को भी बहुत कुछ सिखाता है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि परीक्षा के समय उनका मनोबल बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा बच्चों को छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने, संतुलित आहार लेने, भरपूर नींद लेने और मानसिक शांति बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस वर्ष उन्होंने "सूर्य स्नान" के महत्व पर भी चर्चा की, जिससे विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें नई प्रेरणा भी देते हैं। मुख्यमंत्री ने साझा किए छात्र जीवन से जुड़े अनुभव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने छात्र जीवन से जुड़े प्रेरक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि गांव में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई और वे पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे। लेकिन बचपन में ही पिता के निधन ने जीवन में कई चुनौतियाँ प्रस्तुत कीं, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उन्होंने आगे बताया कि उनकी हैंडराइटिंग बहुत अच्छी थी और शिक्षक उसे अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तनाव तो स्वाभाविक है, लेकिन जब हमें अपनी तैयारी पर भरोसा होता है, तो हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान रायपुर के मयाराम सुरजन शासकीय स्कूल की छात्रा युक्तामुखी साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का अनुभव मुख्यमंत्री श्री साय के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिला, जो उनके लिए अविस्मरणीय क्षण था। युक्तामुखी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके प्रश्न का उत्तर देते हुए सकारात्मक रहने और छोटी-छोटी खुशियों में आनंद खोजने का मंत्र दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश से 20 लाख से अधिक छात्र छात्राओं ने प्रधानमंत्री से सवाल पूछने के लिए आवेदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "परीक्षा पे चर्चा" केवल परीक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि यह युवाओं के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली एक सशक्त पहल है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों को, बल्कि अभिभावकों को भी उनके मार्गदर्शन और सहयोग की दिशा में नई दृष्टि प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव कुमार झा, संचालक शिक्षा श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। recent visitors 63

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।   recent visitors 65

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को दी बधाई, 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य पदक किए अर्जित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलों में भी मध्यप्रदेश इससे अछूता नहीं है। उत्तराखंड में चल रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने 51 पदक जीत कर देशभर में चौथा स्थान हासिल किया है। यह मध्यप्रदेश के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब राष्ट्रीय खेलों में सिर्फ 5 दिन शेष हैं। हाल ही में नीलू यादव ने अपने बलबूते पर स्वर्ण पदक जीता है। इसे मिलाकर अब हमारे पास 21 गोल्ड हो गए। राष्ट्रीय खेलों का समापन 14 फरवरी को हल्द्वानी में होगा। गत 28 जनवरी से अब तक कई प्रतियोगिताओं के निर्णय हो चुके हैं और अभी कई खेल प्रतियोगिताएं जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रीय खेल खत्म होते-होते अभी और भी पदक मध्यप्रदेश की झोली में आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने वाली नीतियों और खिलाड़ियों के बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय खेलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अब तक 21 स्वर्ण, 13 रजत और 18 कांस्य समेत कुल 51 पदक हासिल कर लिए हैं। अकेले वुशु गेम में ही प्रदेश को 9 पदक मिले हैं, जिनमें 6 स्वर्ण और दो रजत पदक शामिल हैं। हॉकी में प्रदेश की बहन-बेटियों ने पश्चिम बंगाल जैसी सशक्त टीम को हराकर इतिहास रच दिया। भोपाल की अकादमी में प्रशिक्षित दीक्षा ने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की 9 करोड़ जनता की ओर से सभी पदक विजेताओं को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।   recent visitors 60

प्रयागराज महाकुंभ के श्रद्धालुओं की व्यवस्था में जनप्रतिनिधि करें सहयोग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि दिव्य एवं भव्य महाकुंभ की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। प्रयागराज महाकुंभ में बड़ी संख्या में प्रदेश एवं देश के अन्य भागों से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सभी श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ जैसे दिव्य एवं भव्य आयोजन में सभी श्रद्धालुओं का सहयोग और अनुशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चाक घाट (रीवा) से लेकर जबलपुर, कटनी एवं सिवनी जिलों में यातायात बाधित होने की स्थिति में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, ठहरने एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों से प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेष रूप से विंध्य एवं महाकौशल क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों से होकर प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे श्रद्धालुओं की यथासंभव मदद करें। उन्होंने भोजन, ठहरने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। recent visitors 45