मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनपद पंचायत उज्जैन की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई के पद ग्रहण में वर्चुअली हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिहंस्थ: 2028 का व्यवस्थित और सफल आयोजन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सिंहस्थ की व्यवस्थाओं का विस्तार उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक होगा, अत: इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सिंहस्थ के आयोजन में श्रद्धालुओं के आवागमन की दृष्टि से उज्जैन जनपद विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, इंडस्ट्रियल बेल्ट भी इसी क्षेत्र में विद्यमान है। यह सब बिंदु, क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पंचायत प्रतिनिधि, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। जनपद क्षेत्र में सुव्यवस्थित विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उज्जैन जनपद पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती भंवरबाई दुले सिंह जी चौधरी के उज्जैन जनपद में हुए पद ग्रहण समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचकोशी यात्रा की व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपए, क्षेत्र के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए तथा उज्जैन जनपद में जिन पंचायतों के भवन नहीं हैं, वहां पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा ग्राम पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण के लिए किए गए कार्य की सराहना की, उन्होंने कहा कि इससे अधिकारी कर्मचारियों के ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि विश्राम में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृद्ध जनों को आयुष्मान कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जनपद पंचायत उज्जैन द्वारा मैरिज गार्डन, गौशाला को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, पारधी समुदाय की महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र संचालित करने और शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग तथा सोलर लाइट लगाने जैसे नवाचार के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सराहना की। जनपद पंचायत उज्जैन में हुए कार्यक्रम में जिलाधिकारी तथा पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 52

12 फरवरी से राजिम कुंभ कल्प 2025 का होगा शुभारंभ, 20 सालों बाद बदला मेला स्थल

राजिम छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ त्रिवेणी संगम राजिम में 12 फरवरी से माघ पूर्णिमा के अवसर पर राजिम कुंभ कल्प 2025 का शुभारंभ होने जा रहा है। 20 वर्षों बाद पहली बार इस महाकुंभ के स्थान और स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है। मेला अब संगम स्थल में नहीं, बल्कि वहां से 750 मीटर दूर लक्ष्मण झूला और चौबे बांधा के बीच लगेगा, जहां 54 एकड़ भूमि पर भव्य मंच तैयार किया गया है। पंचकोशी धाम थीम पर विशेष आयोजन इस वर्ष मेले की थीम “पंचकोशी धाम” पर आधारित होगी, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और संस्कृति का भव्य अनुभव प्रदान करेगी। इस आयोजन के तहत धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। भक्तों और संतों का महासंगम राजिम कुंभ कल्प मेले में देशभर से साधु-संतों, कथा वाचकों और श्रद्धालुओं का आगमन होगा। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, लोककला और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन इस बार के कुंभ कल्प मेले को विशेष बनाएगा। मेला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, रुकने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है। राजिम में उमड़ेगा आस्था का सैलाब राजिम कुंभ कल्प को इस वर्ष नए भव्य स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राजिम कुंभ कल्प के इस महापर्व में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। 12 फरवरी से शुरू होने वाला यह मेला आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम साबित होगा। recent visitors 52

प्रदेश के लोगों को भारत सरकार के ‘112 इंडिया’ एप से भी मिलेंगी डायल-100 सहित अन्य आपातकालीन सेवाएं

भोपाल प्रदेश के लोगों को अब पुलिस व अन्य विभागों से जुड़ी वे सभी आपातकालीन सुविधाएं मिल सकेंगी, जो ‘112 इंडिया’ एप में उपलब्ध हैं। उदाहरण के रूप में एप के माध्यम से कोई व्यक्ति पैनिक बटन को क्लिक करता है, तो इसकी सूचना उस क्षेत्र के 112 कंट्रोल रूम में मिल जाएगी। पुलिस मुख्यालय इस एप को डायल-100 के साथ एकीकृत करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। अभी हेल्पलाइन नंबर 112 पर कोई काल करता है, तो प्रदेश में डायल-100 के कंट्रोल रूम से कॉल जुड़ जाती है, पर इस एप के माध्यम से सुविधा नहीं मिल पा रही थी। एप में आमजन की सुरक्षा से जुड़े 12 तरह के फीचर हैं। चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं, एंबुलेंस, फयर ब्रिगेड जैसी सुविधाएं इस एप से प्राप्त की जा सकती हैं। इसमें आपातकालीन सेवा प्राप्त करने के लिए फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा भी है। आपातकाली हेल्पलाइन नंबरों को 112 से जोड़ा बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर 112 से जोड़ दिया है। एप से भी सभी सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं। रेडियो दूरसंचार मुख्यालय ने एप को डायल-100 सेवा से एकीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। एजेंसी चयन होने में लगभग दो माह लगेंगे। इसके बाद एक माह दोनों सेवाओं को एकीकृत करने में लगेंगे। बता दें कि कॉल करने की तुलना में एप में ज्यादा सुविधाएं हैं। सबसे बड़ा लाभ यह कि सहायता मांगने वाले की लोकेशन भी एप के माध्यम से नियंत्रण कक्ष तक पहुंच जाती है। इसी तरह ट्रेन में यात्रा करते समय कोई समस्या आती है, तो उसके लिए भी एप के माध्यम से सहायता ली जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि सहायता के लिए 100 या 112 नंबर डायल करने सबसे पहले सूचना डायल-100 के नियंत्रण कक्ष में आती है। इसके बाद उस कॉल को संबंधित काल सेंटर से जोड़ा जाता है, जैसे रेलवे में सुरक्षा संबंधी सहायता मांगने पर उसे आरपीएफ व जीआरपी के कंट्रोल रूम से तत्काल जोड़ दिया जाता है।   recent visitors 65

शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई, इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते

भोपाल शहर में डेढ़ हजार से अधिक स्थानों पर बढ़ीं हुई दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इन पर प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जा सकते हैं। दरअसल पंजीयन और राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा एआई की मदद से सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे के आधार पर ही कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। पंजीयन विभाग के सूत्रों के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2024-25 में दो हजार से अधिक स्थानों पर सर्वाधिक रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें से शहरी क्षेत्र में एक हजार 500 और ग्रामीण क्षेत्र करीब 500 स्थान शामिल हैं। बता दें कि पिछले साल दूसरी बार प्रापर्टी के दाम बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था लेकिन बिल्डर और जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए विरोध के चलते इस पर रोक लग गई थी लेकिन अब नये सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। recent visitors 70

जबलपुर में एक निजी कॉलेज ने 12 छात्रों को फीस नहीं देने पर किया फेल

जबलपुर मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक निजी कॉलेज का कारनामा सामने आया है। मात्र फीस नहीं देने पर 12 छात्रों को फेल कर दिया है। इसमें एमबीए के फोर्थ सेमेस्टर के 12 छात्र शामिल है। मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने कॉलेज के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल मामला विजय नगर स्थित श्री आत्माराम इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का है। सैफ मंसूरी, छात्र नेता, एनएसयूआई का कहना है कि एक विषय में सिर्फ एक नंबर देकर दुश्मनी निकाली गई है। स्कॉलर के एवरेज में पढ़ाई करने का आश्वासन देकर एडमिशन कराया था। छात्रों के सवाल करने पर उनके साथ भी बदतमीजी करने का आरोप है।एनएसयूआई ने कॉलेज में प्रदर्शन कर छात्रों को पास करने की मांग की है। एनएसयूआई ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। मामले में चंद्रप्रकाश चतुर्वेदी, प्रिंसिपल ,श्री आत्माराम इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज ने भी अपनी बातें रखी है। recent visitors 55

राष्ट्रीय ग्रामीण मनोरंजन मिशन सोसाइटी ने बिहार में एक महत्वपूर्ण भर्ती अभियान शुरू किया, 8000 पदों पर निकली भर्ती

पटना बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए सुनहरी मौका है। दरअसल, राष्ट्रीय ग्रामीण मनोरंजन मिशन सोसाइटी ने बिहार में एक महत्वपूर्ण भर्ती अभियान शुरू किया है, जिसके तहत कुल 7,989 पदों पर भर्ती की जाएगी। 12वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर तक की योग्यता वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट nrrmsvacancy.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की आखिरी तिथि 20 फरवरी 2025 है। इस भर्ती अभियान के तहत जिला परियोजना अधिकारी, लेखा अधिकारी, तकनीकी सहायक, ब्लॉक डेटा प्रबंधक, संचार अधिकारी, ब्लॉक फील्ड अधिकारी, एमटीएस, कंप्यूटर सहायक, समन्वयक और सुविधाकर्ता जैसे पदों पर भर्ती होगी। अधिकांश पदों के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा कंप्यूटर दक्षता परीक्षण साक्षात्कार दस्तावेज़ सत्यापन चिकित्सा परीक्षण केवल लिखित परीक्षा के लिए रिक्तियों की संख्या से पांच गुना उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया- ऑनलाइन आवेदन करने के लिए: nrrmsvacancy.in पर जाएं और 'ऑनलाइन आवेदन करें' लिंक पर क्लिक करें। शैक्षणिक और अनुभव संबंधी जानकारी के साथ-साथ व्यक्तिगत विवरण भरें। फ़ॉर्म जमा करने से पहले फ़ोटो और हस्ताक्षर जैसे आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। अंत में, अपने रिकॉर्ड के लिए प्रिंट आउट लें। recent visitors 60

भारत में इतिहास का सबसे लंबा जाम, 20 Km पैदल चलने का बूता है तो आइए महाकुंभ, 300 किमी रूट पर भारी Traffic

प्रयागराज महाकुंभ मेला अब अपने अंतिम चरण में है, और लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने वाहनों से पहुंच रहे हैं, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। महाकुंभ नगर से लेकर शहर के प्रमुख इलाकों तक लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लग चुकी हैं, और श्रद्धालुओं को 20 किलोमीटर तक पैदल चलने की स्थिति बन गई है। धूमनगंज, चौफटका, रेलवे स्टेशन सिटी साइड, दारागंज और बक्शी बांध जैसे प्रमुख इलाकों में जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। यहाँ तक कि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को भी अदालतों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इसके बावजूद, संगम की रेती पर चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। लाखों श्रद्धालु प्रतापगढ़ से होकर प्रयागराज पहुंच रहे हैं, और उनके यात्रा मार्गों पर भी भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भदोही हाइवे पर कुछ राहत मिली है, वहीं वाराणसी-प्रयागराज NH 19 पर सुबह के समय जाम की स्थिति सामान्य है, लेकिन दोपहर बाद यहां वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।   6 घंटे का रास्ता 24 घंटे में हो रहा पूरा मध्य प्रदेश के जबलपुर से लेकर प्रयागराज तक के 350 किमी के रूट पर भारी जाम की स्थिति बन गई है। नेशनल हाईवे-30 पर लाखों वाहन फंसे हुए हैं, और श्रद्धालु रेंगते हुए महाकुंभ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जबलपुर से प्रयागराज का रास्ता पहले 5 से 6 घंटे में तय हो जाता था, लेकिन अब यह समय बढ़कर 24 घंटे से ज्यादा हो चुका है। जाम की सबसे खराब स्थिति रीवा के आसपास देखी जा रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें और ट्रैफिक की भारी भीड़ बनी हुई है। प्रशासन द्वारा रास्ते को साफ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जाम की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलने की भी स्थिति आ रही है। महाकुंभ के इस अंतिम चरण में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है, लेकिन यातायात की समस्या निश्चित रूप से उनके यात्रा अनुभव को प्रभावित कर रही है। काशी और अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ महाकुंभ के कारण काशी में भी भीड़ का दृश्य देखने को मिल रहा है। काशी आने वाली हर सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, और यहां तक कि एक मिनट में 40 नाव घाट से निकल रही हैं। 3 से 9 फरवरी तक, 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी पहुंचे। अयोध्या में भी महाकुंभ के बाद रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। प्रयागराज में 43 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई महाकुंभ के 29वें दिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर उमड़ी। 9 फरवरी तक, कुल 43 करोड़ 57 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, जिसमें 10 लाख कल्पवासी और 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो रहा है। प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में प्रवेश करने से पहले 10 से 15 किलोमीटर पहले कूलिंग ऑफ एरिया बनाए हैं, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन की कड़ी मेहनत के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह थमा नहीं है, और वे अपने आस्थावान उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं।   recent visitors 69