देवास जिले से सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की

देवास लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,553 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि अब बहनों को धीरे-धीरे 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसानों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के तहत 81 लाख किसानों के खातों में ₹1,624 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों को ₹337 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 144 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 102 करोड़ रुपये की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 42 करोड़ रुपये की लागत से 16 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी ली। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्जवलन कर कन्या पूजन किया। कलश यात्रा का समापन कर पार्वती, कालीसिंध और चम्बल तीनों नदियों के जल से जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में उन्होंने संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लेकर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रियंका गांधी को नकली गांधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भगवान और सनातन के प्रति दुर्भावना है। गांधी परिवार अयोध्या दर्शन के लिए नहीं गया। प्रयागराज भी नहीं गया। उन्होंने कहा कि रंजीत सागर सिंचाई परियोजना में क्षेत्र के 52 गांव डूबने वाले थे, परंतु अब पार्वती-कालीसिंध- चम्बल लिंक परियोजना से 66 गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में धीरे धीरे 3 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल और देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर की घोषणा भी की। recent visitors 61

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित हो रहे बेतिया स्टेशन के 3डी मॉडल का किया अवलोकन

हाजीपुर बेतिया में समपार सं. 02 पर नवनिर्मित सड़क ऊपरी पुल (आर.ओ.बी.) का राष्ट्र को समर्पण हेतु आयोजित समारोह में अश्विनी वैष्णव, माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार द्वारा नारी शक्तिस्वरूप महिलाओं के माध्यम से आरओबी का राष्ट्र को समर्पित कराया गया । इस दौरान उपस्थित माननीय सांसदगण एवं जनसमूह द्वारा बेतिया के रास्ते गोरखपुर और पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की भारी मांग पर उन्होंने विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि जल्द ही पूरे भारत में कई वंदे भारत ट्रेनें चलायी जाएगीं । माननीय रेल मंत्री जी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किये जा रहे बेतिया स्टेशन के 3डी मॉडल का भी अवलोकन किया गया । इस अवसर पर बेतिया में आयोजित समारोह में माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री सतीश चंद्र दुबे, माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल, माननीय सांसद श्री सुनील कुमार, माननीय सांसद श्री गोपालजी ठाकुर एवं माननीय विधायकगण सहित कई अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह एवं समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री विनय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। समारोह के उपरांत बेतिया स्टेशन पर आयोजित प्रेस वार्ता में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया जाता था, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस साल के बजट में बिहार को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10 हजार 66 करोड़ रूपये का बजट दिया है । यानी पिछली सरकार की तुलना में करीब-करीब नौ गुना अधिक बजट आवंटित किया है। इसी रिकॉर्ड बजट का परिणाम है कि बिहार में नई रेल लाइनों के निर्माण, विद्युतीकरण, नई ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का विकास, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के कार्य रिकॉर्ड स्तर पर किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे के समग्र विकास हेतु 95 हजार 566 करोड़ रूपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है जिससे अगले 05 वर्षों में बिहार में रेलवे का नेटवर्क का कम्पलीट ट्रांसफॉर्मेशन होने वाला है । उन्होंने कहा कि बिहार में चल रहे प्रोजेक्ट के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी बिहार में 2009 से 2014 के मध्य जहां औसतन प्रतिवर्ष 64 किमी नई लाइन का निर्माण होता था वहीं 2014 से 2025 के मध्य प्रतिवर्ष औसतन 167 किमी नई लाइन का निर्माण हुआ है, जो लगभग 2.6 गुणा ज्यादा है । आपके बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार में 2014 से अब तक 1832 किमी नई रेल लाईन का निर्माण किया जा चुका है जो मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है । इसके साथ ही बिहार में 2014 से 3020 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया है । इसी का परिणाम है कि आज बिहार में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है । उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन के तहत चम्पारण के आसपास के प्रमुख स्टेशनों जैसे – बेतिया, बापूधाम मोतिहारी, नरकटियागंज, रक्सौल आदि सहित बिहार में कुल  98 स्टेशनों का पुर्नविकास किया जा रहा है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना के विकास हेतु नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड के दोहरीकरण कार्य की कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गयी है । वर्तमान में वाल्मीकिनगर-सगौली एवं सगौली-मुजफ्फरपुर रेलखंड का दोहरीकरण कार्य चल रहा है। इसके पूर्ण हो जाने से इस क्षेत्र में और कई ट्रेनों का परिचालन संभव हो पाएगा । इससे पहले आज सुबह माननीय रेल मंत्री जी द्वारा गोरखपुर से स्पेशल ट्रेन द्वारा गोरखपुर-वाल्मीकिनगर-बगहा-बेतिया रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया । इस दौरान माननीय रेल मंत्री महोदय का वाल्मीकिनगर, बगहा एवं नरकटियागंज रेलवे स्टेशनों पर उपस्थित जनसमूह द्वारा फूलमाला से स्वागत किया गया । विदित हो कि बेतिया शहर में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 103 करोड़ रुपए की लागत से बेतिया और कुमारबाग स्टेशन के मध्य बेतिया (छावनी) के निकट समपार सं. 02 पर सड़क ऊपरी पुल (आर.ओ.बी.) के निर्माण की मंजूरी दी गयी थी । इस परियोजना के तहत आरओबी के साथ ही रेलवे लाईन के एक तरफ बेतिया-लौरिया लेन तथा दूसरी तरफ मैनाटांड एवं नरकटियागंज लेन का निर्माण किया जाना था। पिछले वर्ष मार्च, 2024 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा इस आरओबी के बेतिया-लौरिया लेन का उद्घाटन किया गया था। इस आरओबी के मैनाटांड लेन तथा नरकटियागंज लेन भी पिछले वर्ष मई, 2024 में चालू कर दिए गए थे। इस परियोजना का शेष बचा भाग सड़क उपरि पुल का निर्माण कार्य पिछले माह जनवरी 2025 में पूरा कर लिया गया था जिसका माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया । इस आरओबी के चालू होने के बाद बेतिया शहरवासियों को एक ओर जहां ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी वहीं यातायात की आवाजाही आसान और तेज़ होगी। साथ ही, ट्रेनों की परिचालन की संरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। बेतिया में आरओबी का राष्ट्र को समर्पण के उपरांत माननीय रेल मंत्री महोदय स्पेशल ट्रेन द्वारा मुजफ्फरपुर पहुंचे जहां उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किये जा रहे मुजफ्फरपुर जं. के 3डी मॉडल का भी अवलोकन किया । उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर वासियों के लिए हर्ष की बात है कि 442 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर जं. का वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे के विकास के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं और इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए फंड की किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी के लिए 100 अमृत भारत ट्रेनें तथा कम दूरी के लिए 50 नमो भारत ट्रेनें बनाने की योजना है । उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा 95 हजार युवाओं की भर्ती हेतु प्रक्रिया चल रही है । पिछले वर्ष भारतीय रेलवे द्वारा पारदर्शी तरीके से 1.51 लाख से ज्यादा भर्तियां की गयी हैं ।      recent visitors 46

नरेंद्र मोदी “परीक्षा पे चर्चा 2025” के तहत बच्चों से किया सीधा संवाद, दिए टिप्स

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "परीक्षा पे चर्चा 2025" के तहत बच्चों से सीधा संवाद किया। यह इस पहल का आठवां संस्करण है, जिसमें प्रधानमंत्री छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास पर संवाद कर रहे हैं। कार्यक्रम में देशभर से 36 छात्र सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कर, उनसे मार्गदर्शन लिया। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ छात्रों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस वर्ष के विशेष संस्करण में सद्गुरु, मैरी कॉम, दीपिका पादुकोण, अवनि लेखरा, रुजुता दिवेकर, विक्रांत मैसी, भूमि पेडनेकर और टेक्निकल गुरुजी जैसी जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हो रही हैं। किताबी कीड़ा न बनने की सलाह इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रहने और पढ़ाई में रुचि बनाए रखने के सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को "किताबी कीड़ा" न बनने की सलाह देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी रुचि लें। प्रकृति की रक्षा करें पीएम ने छात्रों को अपनी रुचियों के अनुसार आगे बढ़ने और जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। छात्रों को प्रकृति की रक्षा करने, प्रकृति से प्रेम करने और और मां के नाम एक पौधा लगाने की बात कही। पौधों को लगाने और उसको सींचने के लिए पुरानी घड़ा तकनीकि के बारे में बताया। recent visitors 63

चंद्रयान-3 जिस शिव शक्ति प्वाइंट पर हुआ लैंड, वैज्ञानिकों का दावा – वहां की सतह करीब 3 अरब से ज्यादा साल पुरानी

नई दिल्ली भारत का चंद्रयान-3 स्पेसक्राफ्ट साल 2023 में चंद्रमा के शिव शक्ति प्वाइंट पर लैंड हुआ था। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद के दक्षिणी पोल की यह सतह करीब 3.7 बिलियन (3 अरब से ज्यादा) साल पुरानी है। स्टडी के दौरान हाई-रिजोल्यूशन वाले रिमोट सेंसिंग डेटासेट्स की मदद ली गई। इसमें वैज्ञानिकों की एक टीम लगी हुई थी जिसमें बेंगलुरु स्थित इसरो के इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स सिस्टम सेंटर, अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी और चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स शामिल थे। इन लोगों ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट यानी शिव शक्ति प्वाइंट का मैप तैयार किया। अध्ययन के मुताबिक, चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है। जियोपॉलिटिकल मैप में बताया गया कि हाई-रिलीफ रग्ड एरिया, स्मूथ प्लेन्स और लो-रिलीफ स्मूथ प्लेन्स शामिल हैं। स्टडी पेपर में टीम की ओर से यह जानकारी दी गई, जो कि साइंस डायरेक्ट जर्नल में प्रकाशित है। इसमें अनुमान लगाया गया कि लैंडिंग साइट 3.7 बिलियन वर्ष पुरानी है। जानना दिलचस्प है कि इसी कालखंड में पृथ्वी पर सबसे प्राचीन माइक्रोबियल जीवन विकसित हुआ था। शिव शक्ति प्वाइंट की उम्र का कैसे चला पता रिपोर्ट के मुताबिक, स्टडी के दौरान लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) के वाइड-एंगल कैमरा और टेरेन कैमरा का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए पहले क्रेटर और चट्टानों का अध्ययन किया गया। 25 क्रेटर्स (500-1,150 मीटर व्यास के) के एनालिसिस से पता चला कि लैंडिंग साइट की उम्र 3.7 अरब साल होगी। इसरो के वैज्ञानिक बताते हैं कि चंद्रमा की सतह माइक्रो-मेटियोराइट बमबारी और तापीय उतार-चढ़ाव के कारण बदलती रहती है। लाखों बरस बीत जाने के बाद ये चट्टानें टूटकर रेगोलिथ में बदल गई हैं। आखिर कितना खास रहा मिशन चंद्रयान-3 यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब भारत चंद्रयान-4 मिशन की तैयारी में है। साल 2027 में चंद्रयान-4 लॉन्च होगा, जिसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह से चट्टानों के नमूने एकत्र कर पृथ्वी पर लाना है। मालूम हो कि चंद्रयान-3 इसरो का तीसरा चंद्र अन्वेषण मिशन रहा। यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला मिशन था। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई, 2023 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल रहा। भारत के चंद्रयान-3 अभियान पर 600 करोड़ रुपये की लागत आई थी जबकि अन्य देशों ने चंद्रमा पर अपने अंतरिक्ष यान भेजने पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं। recent visitors 26

चार दिनों की फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर आज होंगे रवाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चार दिनों की फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर रवाना होंगे. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में AI Action Summit की सह-अध्यक्षता करेंगे. साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. उम्‍मीद है कि इससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी. साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की पहली यात्रा होगी, जिससे भारत की रणनीतिक साझेदारी, साथ ही फ्रांस और अमेरिका के साथ भी गति पकड़ेगी. प्रधानमंत्री 10 फरवरी से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे. आज शाम वह पेरिस पहुंचेंगे और एलिसी पैलेस में आयोजित एक रात्रिभोज में शामिल होंगे, जहां दुनिया भर के तकनीकी क्षेत्र के CEO और अन्य लोग उपस्थित रहेंगे. 11 फरवरी को प्रधानमंत्री एआई एक्शन समिट के तीसरे संस्करण की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसकी मेजबानी पहले ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया ने 2023 और 2024 में मेजबानी की थी. इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद भारत और फ्रांस के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. पिछले हफ्ते, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पीएम मोदी के पेरिस दौरे को लेकर उम्मीद है कि इस समिट में कई घोषणाएं होंगी. उन्होंने कहा कि हमारी रुचि ऐसी AI एप्लिकेशन में है जो सुरक्षित और भरोसेमंद हैं. पीएम मोदी इस दौरान इंडिया-फ्रांस के सीईओ फोरम को भी संबोधित करेंगे. PM मोदी का अमेरिका दौरा 12 फरवरी से होगा शुरू इसके बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर अमेरिका जाएंगे, जहां वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे और भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को गति देंगे. यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली अमेरिकी यात्रा होगी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में होगी और 12 फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगी. इस दौरान वह कई बिजनेस लीडर्स और भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे. PM मोदी और ट्रंप की ये आठवीं मुलाकात PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली मुलाकात 26 जून 2017 को वॉशिंगटन में हुई थी; उनकी दूसरी मुलाकात 30 नवंबर 2018 को अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में हुई; 28 जून 2019 को जापान के ओसाका में हुई; और 26 अगस्त 2019 को फ्रांस में हुई. दोनों नेताओं की पांचवीं मुलाकात 22 सितंबर 2019 को ह्यूस्टन, अमेरिका में हुई थी. छठी मुलाकात 24 सितंबर 2019 को न्यूयॉर्क में हुई थी, और सातवीं मुलाकात 24-25 फरवरी 2020 को अहमदाबाद में हुई थी. recent visitors 21

द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी, मां गंगा को चढ़ाया फूल, सूर्य को दिया अर्ध्य

प्रयागराज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह 11 बजे दिल्ली से विशेष विमान से प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंची। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से अरैल स्थित डीपीएस हेलीपैड पर उतरी। जिसके बाद राष्ट्रपति कार में सवार होकर अरैल घाट पहुंची और पूरे विधि विधान के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनके साथ मौजूद रही। संगम में स्नान के बाद राष्ट्रपति गंगा आरती कर रही है। इसके बाद वे डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का अवलोकन करेंगी। शाम चार बजे के करीब दिल्ली के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं, जो महाकुंभ में संगम स्नान करेंगी। इससे पहले 1954 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने महाकुंभ में पावन स्नान किया था। राष्ट्रपति के महाकुंभ दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है। वीवीआईपी घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए है। इन नेताओं ने संगम में लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में डुबकी लगा चुके है। 41 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्नान महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। सात समंदर पार के लोग कुंभ की दिव्यता और भव्यता को देखने के लिए आ रहे है। भारत की प्राचीन परंपरा और यहां की सनातन संस्कृति विदेशी लोगों के मन को भा रही है। आज सुबह 8 बजे तक 46 लाख लोगों ने संगम में स्नान कर लिया। महाकुंभ में अब तक 41 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा ली है। बसंती पंचमी के मौके पर डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में शाही स्नान किया और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में कल्पवास कर रहे है। recent visitors 30

मुख्यमंत्री ने कहा देश के औद्योगिक विकास और रोजगार विज़न से मध्यप्रदेश तेजी बढ़ रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यावद ने कहा है कि देश के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न पर काम करते हुए मध्यप्रदेश तेजी के साथ एक मजबूत स्टार्ट-अप हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश सरकार नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए युवा उद्यमियों की आकाँक्षाओं के अनुकूल स्टार्ट-अप कल्चर को विकसित करने की दिशा में प्रभावी रणनीति अपना रही है। हमारा प्रयास मध्यप्रदेश को "स्टार्ट-अप और नवाचार का केंद्र" बनाना है, जहां युवा उद्यमियों को अपने आईडियाज़ को सफल व्यवसायों में बदलने के लिए अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आगामी 24 एवं 25 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कई मायनों में खास होगी। समिट में कई देशों के उद्यमी एवं निवेशक शामिल होंगे। इससे हमारे युवा उद्यमियों को अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी और नवाचारों का ज्ञान मिलेगा और मध्यप्रदेश के स्टार्ट-अप्स को नई उड़ान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास में योगदान देंगे, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे। हम प्रदेश में स्टार्ट-अप्स के विकास के लिए वित्तीय सहायता, सशक्त नीतिगत ढांचा और आधुनिक बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान कर रहे हैं और इस दिशा में हमारी सरकार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ‘एमपी स्टार्ट-अप पॉलिसी एंड इम्प्लीमेंटेशन स्कीम लागू है, जिसके तहत स्टार्ट-अप्स को वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचा सहयोग और नीति समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है। नई स्टार्टअप नीति के अनुसार स्टार्ट-अप्स को कुल निवेश का 18 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता (अधिकतम 18 लाख रूपये तक) दी जाती है। यह सहायता स्टार्ट-अप के विकास के प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग प्रदान की जाती है, जिसमें अधिकतम 4 चरणों तक सहायता मिल सकती है। इस नीति के अनुसार स्टार्ट-अप्स को वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचा सहयोग और क्षमता निर्माण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा, स्टार्ट-अप्स को सरकारी निविदाओं में अनुभव और टर्न ओवर की शर्तों में छूट दी गई है और उन्हें अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट से भी मुक्त रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्टार्ट-अप्स को अनिवार्य लाइसेंस एवं परमिट शुल्क से छूट प्रदान कर रही है और दो वर्षों तक सरकारी खरीद में प्राथमिकता दे रही है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के पास भरपूर बिजली, पानी, और प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक आईडियल डेस्टिनेशन बनाते हैं। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक गलियारों से जुड़ा हुआ है, जिससे यहां से उत्पादों का सुगम और कम लागत में परिवहन संभव है। यह रणनीतिक बढ़त उन कंपनियों के लिए लाभदायक होगी, जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं। नवाचार और उद्योगों के लिए उपयुक्त केंद्र भारत के हृदय प्रदेश के रूप में पहचाने जाने वाले मध्यप्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक पार्क मौजूद हैं। प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक की जनसंख्या के साथ, यह प्रतिभाओं का एक विशाल केंद्र है, जहां 1,287 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, 1,373 सरकारी एवं निजी कॉलेजों और आईआईटी-आईआईएम जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थानों से हर साल हजारों स्नातक पास आउट होते हैं। प्रदेश सरकार स्कूल और कॉलेजों के छात्रों में नवाचार और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित कर रही है। युवाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध होने पर वे अपने स्टार्ट-अप्स को सफलतापूर्वक स्थापित कर सकेंगे। प्रदेश सरकार की स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज प्रदेश में 4,900 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स कार्यरत हैं। आईटी, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और सोलर जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित किए गए हैं, जो स्टार्ट-अप्स के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य 'स्टार्ट-अप इंडिया' के तहत पंजीकृत स्टार्ट-अप्स की संख्या को 100 प्रतिशत तक बढ़ाना और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स को 200 प्रतिशत तक बढ़ावा देना है। इसके लिए प्रदेश में 72 इनक्यूबेटर कार्यरत हैं और उत्पाद-आधारित स्टार्ट-अप्स को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार का यह ठोस प्रयास मध्यप्रदेश को भारत के सबसे प्रमुख स्टार्ट-अप हब में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता और विशेष प्रोत्साहन • महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को विशेष सहायता स्टार्टअप के पहले निवेश पर 18 प्रतिशत (18 लाख रूपये तक) की वित्तीय सहायता। • अन्य स्टार्ट-अप्स को पहले निवेश पर 15 प्रतिशत (₹15 लाख तक) की सहायता। • स्टार्ट-अप्स द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के लिए 5 लाख रूपये प्रति इवेंट (अधिकतम 20 लाख रूपये प्रति वर्ष) तक सहायता। • इनक्यूबेटर्स के विस्तार के लिए एक बार में 5 लाख रूपये का अनुदान। • स्टार्ट-अप्स के किराए के 50 प्रतिशत हिस्से (अधिकतम 5 हजार रूपये प्रति माह) की तीन वर्षों तक प्रतिपूर्ति। • पेटेंट कराने की लागत के लिए अधिकतम 5 लाख रूपये तक की सहायता। • घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय इवेंट्स में भाग लेने पर 75 प्रतिशत तक खर्च की प्रतिपूर्ति (50 हजार रूपये तक घरेलू इवेंट्स और 1.5 लाख रूपये तक अंतर्राष्ट्रीय इवेंट्स)। • स्टार्ट-अप्स के लिए लाइसेंस फीस में छूट और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट।   recent visitors 60