दिल्ली में चुनाव के बाद हर किसी की नजर परिणाम पर, इस Direct Link से देखें सबसे तेज नतीजे

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फ़रवरी, 2025 को मतदान हुआ था, और परिणाम आज यानी 8 फ़रवरी को घोषित किए जाएंगे। जानें कब, कहां और कैसे देखें दिल्ली विधानसभा के चुनावों का नतीजा।  दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी 2025, बुधवार को संपन्न हुए, जिसमें 70 सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग (ECI) ने बताया कि इस बार 60.42% मतदान दर्ज किया गया, जो यह संकेत देता है कि जनता में चुनाव को लेकर रुचि बनी हुई थी। अब, सभी की निगाहें आज  8 फरवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि दिल्ली की कमान आम आदमी पार्टी (AAP) के हाथ में बनी रहेगी या भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में वापसी करेगी। दिल्ली चुनाव नतीजों के लाइव अपडेट देखने के लिए     चुनाव आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट: eci.gov.in     ECI का रिजल्ट पोर्टल: results.eci.gov.in     दिल्ली चुनाव 2025 के Live Updates, Mint की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 8 फरवरी, आज शनिवार को सुबह 7:00 बजे से वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। शुरुआती रुझान सुबह 7:30 बजे से आने लगेंगे, लेकिन सीटवार विजेता पूरे दिन घोषित किए जाएंगे। मतगणना समाप्त होने की संभावना शाम 6:00 बजे तक है। चुनावी मुकाबला: किस सीट से कौन उम्मीदवार? दिल्ली चुनाव 2025 में कुल 699 उम्मीदवारों ने 70 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ा, जो बुधवार को एक ही चरण में हुआ। इस चुनाव में तीन प्रमुख दल आमने-सामने थे- आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस। दिल्ली में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 36 सीटें जीतनी होंगी। दिल्ली के चुनावी मैदान में कई दिग्गज उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नई दिल्ली सीट पर AAP के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मुकाबला BJP के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। कालकाजी सीट पर मौजूदा मुख्यमंत्री AAP की आतिशी को कांग्रेस की अल्का लांबा और BJP के रमेश बिधूड़ी से कड़ी टक्कर मिल रही है। जंगपुरा सीट पर AAP के मनीष सिसोदिया का मुकाबला BJP के तरविंदर सिंह मारवाह और कांग्रेस के फरहाद सूरी से है। शकूर बस्ती सीट से AAP के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन के सामने BJP के कर्नैल सिंह चुनौती पेश कर रहे हैं। क्या AAP की जीत की हैट्रिक होगी या BJP सत्ता में वापसी करेगी? इन चुनावी नतीजों से यह तय होगा कि AAP तीसरी बार लगातार दिल्ली की सत्ता पर काबिज होगी या BJP 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी। 2015 और 2020 में हुए चुनावों में AAP को जबरदस्त जीत मिली थी, लेकिन इस बार BJP आक्रामक प्रचार के साथ मैदान में थी। अगर AAP जीतती है, तो आतिशी दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी। वहीं, BJP जीत दर्ज करती है तो यह 27 साल के लंबे इंतजार का अंत होगा। ता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 699 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा हैं, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच टक्कर है. इस चुनाव में कुल 699 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में नई दिल्ली शामिल है, जहां अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ा है. अन्य प्रमुख मुकाबलों में कालकाजी में दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी का मुकाबला कांग्रेस की अलका लांबा और भाजपा के रमेश बिधूड़ी से है. क्या कह रहे हैं एग्जिट पोल? 5 फरवरी को दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद कई एग्जिट पोल्स सामने आए, जिनमें राजधानी में बड़े बदलाव के संकेत दिखे. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में आम आदमी पार्टी को पिछड़ता दिखाया गया है. दिल्ली में बीजेपी और AAP के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन बीजेपी को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता का फैसला किसके पक्ष में जाता है। recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाटीदार समाज के नशा मुक्ति की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले के तराना में मां उमिया माता का भव्य मंदिर आने वाले समय में न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि मां उमिया की कृपा से यह देवस्थान संपूर्ण प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं तन से मौके पर न सही, पर मन से आप लोगों के साथ हूँ। जल्द ही मंदिर का दर्शन करूगाँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागिता की। पाटीदार समाज की नशामुक्ति और कृषि में विशेष पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाटीदार समाज के नशा मुक्ति की दिशा में किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह समाज न केवल कृषि और पशुपालन में अग्रणी है, बल्कि अपनी मेहनत और अनुशासन से समाज के लिए प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अब गुजरात की तर्ज पर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अधिकाधिक गौ-शालाओं का निर्माण कर गौवंश का संवर्धन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे तीन फायदे होंगे- किसानों को गौपालन के लिए कम कीमत पर दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाएगी, गौपालन से दूध उत्पादन होगा। दूध उत्पादन से आय होगी और गौपालन से प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमने यह निर्णय लिया है कि म.प्र. का दुग्ध संघ अब न केवल भैंस, बल्कि गाय के दूध की भी खरीदी करेगा, जिससे किसानों की आय में तेजी से वृद्धि होगी। यह पहल राज्य के डेयरी उद्योग के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगी। गुजरात से पहुंचे विशेष अतिथि, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल गुजरात से श्रद्धालु और अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुजरात ने हमेशा देश का मान बढ़ाया है। गुजरात ने देश को ऐसे सपूत दिए हैं जिन्होंने देश की दिशा और दशा बदली है। गुजरात के गौरव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। मंदिर में बनी भव्य रंगोली ने मोहा मन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में बनाई गई विशाल रंगोली और सुसज्जित मंडप की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कलात्मक प्रस्तुति में पाटीदार समाज की रचनात्मकता और उनकी परंपराओं की जीवंत झलक दिखाती है। इससे गुजरात के शिल्प और वास्तुकला की समृद्धता का भी आभास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां उमिया माता का यह मंदिर पाटीदार समाज के दृढ़ संकल्प और उनकी संस्कृति का प्रतीक बनेगा। पाटीदार समाज के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के मौलाना गांव का नाम 'विक्रम नगर' करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया और समाज हित में कुछ निर्माण कार्यों के प्रस्ताव दिये। श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, भक्ति में सराबोर माहौल मां उमिया के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार तथा भक्तिमय वातावरण में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुश्री कविता पाटीदार, तराना विधायक श्री अरुण भीमावद, पाटीदार समाज के श्री बाबूभाई जमनादास पटेल, उमिया माता मंदिर ट्रस्ट के संचालक श्री अशोक कटारिया, श्री घनश्यामजी, श्री जयरामजी, श्री बालकृष्ण पाटीदार, सुश्री हेतल बेन, सुश्री जागृति बेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। recent visitors 44

मुख्यमंत्री ने परियोजना के संबंध में दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज योजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रीचार्ज परियोजना है। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना का अवरोध अब दूर हो गया है तथा हम शीघ्र ही महाराष्ट्र सरकार के साथ चर्चा कर करार करने की ओर बढ़ रहे हैं। जल्द ही केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को भोपाल आमंत्रित कर करार की कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज एवं कन्हान उप कछार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए हम तेजी से प्रयास कर रहे हैं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के जरिए हम महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना को राष्ट्रीय जल परियोजना घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन और कन्हान उप कछार में मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित कन्हान (जामघाट) बहुउद्देशीय परियोजना में मध्यप्रदेश के जल हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए महाराष्ट्र राज्य से सतत संवाद कर दोनों परियोजनाओं के‍क्रियान्वयन में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हेक्टेयर भूमि उपयोग में लाई जाएगी। परियोजना के अंतर्गत कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने विकास की यात्रा में सभी सेक्टर्स में लगातार काम कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनकी भावना के अनुसार हम मध्यप्रदेश की नदियों का आसपास के राज्यों से सुखद और दोनों राज्यों के हितों के बंटवारे के क्रम को लगातार बनाए हुए हैं। हमारे राज्य के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, पीने के पानी के साथ-साथ औद्योगीकरण के लिए भी पर्याप्त पानी दिया जा सके और राज्यों के बीच में भी हमारा सुखद और सौहार्द्र बना रहे, इस निमित्त से हम वर्षों से लंबित जल बंटवारे के मसलों को हल करते हुए इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में आज हम महाराष्ट्र के साथ नदी जल बंटवारे के मसले के निराकरण के लिए प्राथमिक चरण की चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री की भी यही भावना है। वे भी चाहते हैं कि मध्यप्रदेश के साथ ताप्ती और कन्हान नदी की जो नदी जल परियोजनाएं वर्षों से लंबित थीं, उनके निराकरण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के मार्गदर्शन और उनके परामर्श से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के पूरा होने पर मध्यप्रदेश के 1 लाख 23 हजार 82 हेक्टेयर भू-क्षेत्र और महाराष्ट्र के 2 लाख 34 हजार 706 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से म.प्र. के बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की बुरहानपुर, नेपानगर, खकनार एवं खालवा की कुल चार तहसीलें लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी प्रकार कन्हान उपकछार में जल उपयोगिता के लिए मध्यप्रदेश द्वारा प्रस्तावित छिंदवाड़ा कॉम्पलेक्स बहुउद्देशीय परियोजना के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर शहर को भी पानी मिलेगा और हमारे छिंदवाड़ा जिले के कृषि क्षेत्र में भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-काली सिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही बल्कि नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में संवाद करेंगे और इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट और विधायक श्रीमती चिटनीस ने निमाड़ क्षेत्र की जीवन रेखा बदलने वाली ताप्ती बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। recent visitors 36

मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को 'भारत का दिल' कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी। माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। recent visitors 61

अपनी सीट हार सकते हैं मनीष सिसोदिया और केजरीवाल, दिल्ली चुनाव का रिजल्ट कल

नई दिल्ली  दिल्ली चुनाव के नतीजे शनिवार को सामने आ जाएंगे। उससे पहले ज्यादातर एग्जिट पोल के अनुमानों में भाजपा सरकार बनती दिख रही है।  तीन और एग्जिट पोल जारी हुए। इनमें भी भाजपा को प्रचंड जीत के संकेत मिलते दिख रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) पिछड़ती दिख रही है। इसी बीच एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि नई दिल्ली विधानसभा सीट में भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी है। यहां आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का मुकाबला भाजपा के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के संदीप दीक्षित से है। आप को 20 सीटें मिलने का अनुमान पोलस्टर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 50 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है, जबकि आप को 42 प्रतिशत वोट शेयर के साथ केवल 20 सीटें मिल सकती हैं। गुप्ता ने सीएनएन-न्यूज18 के मैनेजिंग एडिटर जक्का जैकब से कहा कि उनकी एजेंसी सीट-दर-सीट अनुमान नहीं लगाती, लेकिन यह बताती है कि किसी विशेष विधानसभा में कौन सी पार्टी सबसे लोकप्रिय है। हार सकते हैं केजरीवाल यदि अनुमान के मुताबिक नई दिल्ली विधानसभा सीट पर भाजपा सबसे लोकप्रिय पार्टी हुई, तो इससे केजरीवाल की टेंशन बढ़ सकती है। वे अपनी सीट हार सकते हैं। उन्हें लगातार तीन बार यहां से जीत मिल चुकी है। यहां 2013 की स्थिति दोबारा देखने को मिल सकती है जब आप नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। सिसोदिया को भी मिल सकती है हार गुप्ता ने भविष्यवाणी की कि आम आदमी पार्टी (आप) कालकाजी, बाबरपुर और ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्रों में सबसे लोकप्रिय पार्टी है, जबकि जंगपुरा में भाजपा ज्यादा पॉपुलर है। उन्होंने कहा, 'आप और भाजपा दोनों ही कालकाजी में लोकप्रिय हैं, जहां से मुख्यमंत्री आतिशी लड़ रही हैं, लेकिन आप को थोड़ी बढ़त हासिल है। जंगपुरा में, भाजपा को आप पर थोड़ी बढ़त हासिल है, यहां मनीष सिसोदिया चुनाव लड़ रहे हैं। सौरभ भारद्वाज की सीट ग्रेटर कैलाश में, आप को भाजपा पर थोड़ी बढ़त हासिल है, लेकिन यह पार्टी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। वहीं गोपाल रीय की सीट बाबरपुर आप के लिए सुरक्षित सीट है।' सर्वे के अनुसार यह हो सकता है कि केजरीवाल और सिसोदिया जैसे बड़े आप नेता चुनाव हार सकते हैं। अगर AAP जीती और बड़े चेहरे हारे तो CM कौन? दिल्ली में अगर ऐसा हुआ और आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर लेती है, तो सवाल उठता है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. यदि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया या आतिशी चुनाव हार जाते हैं, तो आम आदमी पार्टी के सीएम चेहरे के रूप में कौन उभर कर सामने आएगा? दिल्ली की सियासत में ये तीनों हि बड़े चेहरे हैं और इन सीटों पर इस बार कड़ी टक्कर भी है. कुछ संभावित नाम जो दिल्ली के अगला मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उनमें पार्टी के पुराने और प्रभावशाली नेता शामिल हो सकते हैं, जैसे गोपाल राय, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, और राखी बिडलान. हालांकि, इस सवाल पर कोई स्पष्टता नहीं है कि क्या अरविंद केजरीवाल खुद फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी. हारने के बाद क्या कोई सीएम बन सकता है? एक और संभावना यह है कि अगर केजरीवाल खुद सीएम बनते हैं और चुनाव में हारते हैं, तो उन्हें छह महीने के भीतर सदन में जीतने के लिए किसी सीट पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है. इस स्थिति में, किसी जीते हुए विधायक को इस्तीफा देना पड़ेगा ताकि केजरीवाल उस सीट से चुनाव लड़ सकें. लेकिन, अगर केजरीवाल चुनाव हारते हैं, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं रहेगा. recent visitors 75

सुभाष नगर में पुलिस के दखल के बाद मोतीनगर बस्ती में दुकानदारों ने समान हटाना शुरू

भोपाल राजधानी भोपाल के सुभाष नगर मार्केट में करीब 110 दुकानों को हटाने की नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई 8 फरवरी को होगी. गुरुवार को पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लोगों को स्वेच्छा से दुकान हटाने को कहा. इसके बाद दुकानदार आज सुबह से सामान हटाते नजर आए. 4 दिन से पुलिस फोर्स न होने के चलते दुकानों पर बुलडोजर नहीं चल पा रहा था. जिला प्रशासन, नगर निगम और रेलवे ने इससे पहले 4 फरवरी तक बस्ती को खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से बस्ती में रहने वालों को बेघर होने का डर सता रहा है. हालांकि, रहवासियों की मांग और परीक्षाओं को देखते हुए बस्ती हटाने पर 2 महीने तक रोक लग गई है, लेकिन दुकानों को हटाने पर रोक नहीं लगी है और इसलिए दुकानों को शनिवार को तोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.   दरअसल, भोपाल में सुभाष नगर आरओबी की ​थर्ड लेग के निर्माण के लिए सुभाष नगर मार्केट और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए मोती नगर बस्ती को हटाने की कार्रवाई होनी है. डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने पुलिस अफसरों के साथ  मुआयना भी किया। वहीं, एडीएम प्रकाश नायक और एमपी नगर एसडीएम एलके खरे ने निरीक्षण किया था। अफसरों की समझाइश के बाद कई दुकानदारों ने सामान हटाना भी शुरू कर दिया, लेकिन कई अभी भी अड़े हैं। ऐसे में शुक्रवार को प्रशासन इन्हें नगर निगम के अमले की मदद से हटाने की कार्रवाई करेगा। 4 फरवरी को ही होनी थी कार्रवाई बता दें कि 4 फरवरी तक बस्ती खाली करने का समय था, लेकिन पुलिस फोर्स नहीं मिलने की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। दो दिन तक कार्रवाई अटकी रही। बस्ती में कुल 384 मकान मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। दुल्हन को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच चुके कांग्रेसी मोतीनगर बस्ती को हटाने का विरोध भी किया जा रहा है। तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था, जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादियां भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।   recent visitors 28

IMD ने जारी किया बारिश-शीतलहर का अलर्ट, दिन और रात के तापमान में गिरावट आई

भोपाल  पिछले दो दिनों से चल रही ठंडी हवाओं के कारण भोपाल वासियों ने फिर से दिन में गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। जबकि दो पहले गर्मी की वजह से अधिकतर लोगों ने स्वेटर या जैकेट दिन में पहनना बंद कर दिया था। हवा का रुख उत्तरी होने के साथ तेज गति से हवा के चलने के कारण गुरुवार को न्यूनतम तापमान में 3.2 डिग्री की गिरावट आ गई। फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान बढ़ा हुआ था। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और बर्फबारी के बाद उत्तरी सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है।  मध्यप्रदेश में पहाड़ी क्षेत्र और उत्तर भारतीय राज्यों में ठंड बढ़ने का असर भी दिखने लगा है। वहां से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मौसम में ठंडक घुल गई है। गुरुवार को प्रदेश में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले कुछ दिनों से यह तापमान 10 डिग्री के पार पहुंच गया था। वहीं अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है। पिछले कुछ दिनों तक जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं गुरुवार को तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। 9 शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंचा प्रदेश में सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो एवं राजगढ़ में दर्ज किया गया। वहीं हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 10.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राज्य के नौ शहरों में न्यूननतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज हुआ। प्रमुख शहरों का तापमान एमपी के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान खजुराहो में 7, सागर में 8.7, नौगांव में 9, सागर में 8.7, धार में 9.02, गुना में 9.5, ग्वालियर में आठ, रायसेन में 9.5, राजगढ़ में 7, रतलाम में 9, भोपाल में 10.8, इंदौर में 13.4, उज्जैन में 11.2, जबलपुर में 13.4 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। देखें तो भोपाल में 25.8, ग्वालियर में 25.4, इंदौर में 23.5, उज्जैन में 25, जबलपुर में 23.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के किसी भी जिले में कोहरे की कोई स्थिति निर्मित नहीं हुई। रविवार से तापमान में हो सकती है वृद्धि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों तक प्रदेश के मौसम का मिजाज इसी तरह बने रह सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि रविवार से प्रदेश के तापमान में फिर वृद्धि हो सकती है। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका भी संबद्ध है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम चल रही हैं।  बुधवार को अधिकतम तापमान(MP Weather Update) में साढ़े पांच डिग्री की गिरावट हुई और गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.8 और न्यूनतम 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बुधवार के मुकाबले 3.2 तो अधिकतम आधा डिग्री कम रहा। शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की संभावना है। दस साल में फरवरी में न्यूनतम तापमान ● 9 फरवरी 2024 : 9 ● 2 फरवरी 2023 : 6.5 ● 5 फरवरी 2022 : 7.6 ● 1 फरवरी 2021 : 7.4 ● 9 फरवरी 2020 : 8.1 ● 9 फरवरी 2019 : 5.8 ● 15 फरवरी 2018 : 10.6 ● 1 फरवरी 2017 : 10.8 ● 4 फरवरी 2016 : 8.7 ● 1 फरवरी 2015 : 10.5 18 से 20 किमी की रतार से चली हवा गुरुवार को धूप में भी सर्द हवाएं चलीं। इससे मौसम में ठंडक रही। हवा की अधिकतम रतार 18 से 20 किमी के आसपास रही। अभी गिरावट, फिर बढ़ोतरी: मौसम विभाग के अनुसार हवा का रुख उत्तरी होने के कारण सर्दी बढ़ गयी है। 8 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा तब फिर से बदलाव आएगा और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, 10 फरवरी के बाद हल्के बादल की भी स्थिति बन सकती है। recent visitors 68