हाईस्पीड कनेक्टिविटी: नमो भारत से मेरठ से दिल्ली मिनटों में, सफर बना सुपरफास्ट

मेरठ नमो भारत (RRTS) ट्रेन ने मेरठ को दिल्ली से इस कदर जोड़ दिया है कि अब देश की राजधानी के प्रमुख स्थल जैसे कनाट प्लेस, लालकिला, एम्स और आईजीआई एयरपोर्ट मेरठवासियों की सीधी पहुंच में आ गए हैं। नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच बढ़ते समन्वय ने न केवल समय की बचत की है, बल्कि यात्रियों को 'एक ही ऐप' से दोनों ट्रेनों की टिकट बुक करने की सुविधा भी दे दी है। अब यात्रियों को दिल्ली मेट्रो के लिए अलग से लाइन में लगने या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। एम्स और शिक्षण संस्थानों के लिए वरदान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए नमो भारत एक लाइफलाइन साबित हो रही है। यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर के साथ एम्स (AIIMS) ले जाना हो, तो ट्रेन में इसके लिए विशेष प्रबंध हैं। शताब्दीनगर स्टेशन से सराय काले खां और फिर मेट्रो के जरिए मात्र 77 मिनट में एम्स पहुंचा जा सकता है, जिस पर कुल 212 रुपये का खर्च आता है। इसी तरह, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) जाने वाले छात्र अब मात्र 78 मिनट में और 183 रुपये खर्च कर अपने कॉलेज पहुंच सकते हैं। वहीं, जेएनयू (JNU) जाने के लिए न्यू अशोक नगर रूट से 96 मिनट का समय और 214 रुपये का खर्च आता है।   एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों की सीधी कनेक्टिविटी हवाई यात्रा करने वालों के लिए भी यह सफर अब तनावमुक्त हो गया है। शताब्दीनगर से आनंद विहार और वहां से मेट्रो की विभिन्न लाइनों का उपयोग कर यात्री केवल 96 मिनट में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) पहुंच सकते हैं। इस पूरी यात्रा का कुल खर्च लगभग 247 रुपये बैठता है। वहीं, कश्मीरी गेट आईएसबीटी (ISBT) जाने के लिए गाजियाबाद स्टेशन से मेट्रो बदलना सबसे सस्ता और तेज विकल्प है, जहां यात्री 65 मिनट में महज 153 रुपये में पहुंच सकते हैं। पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों तक आसान पहुंच दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस और चांदनी चौक जैसे बाजारों तक पहुंचना अब बेहद सरल है। शताब्दीनगर से आनंद विहार होते हुए मात्र 59 मिनट में कनाट प्लेस और 70 मिनट में चांदनी चौक पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, इंडिया गेट, सुप्रीम कोर्ट और नए संसद भवन (सेवा तीर्थ स्टेशन) जाने के लिए भी नमो भारत और ब्लू लाइन मेट्रो का तालमेल यात्रियों का समय बचा रहा है। प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी पॉइंट है, जहां मेरठ से आनंद विहार होकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्मार्ट कनेक्टिविटी और पार्किंग की सुविधा नमो भारत का शताब्दीनगर स्टेशन शहर के कई हिस्सों को जोड़ता है और यहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होने के कारण यात्री इसे अपना मुख्य आधार बना रहे हैं। नमो भारत का मोबाइल ऐप न केवल टिकट बुकिंग में मदद करता है, बल्कि यात्रियों को यह भी गाइड करता है कि उन्हें किस स्टेशन पर ट्रेन बदलनी है, जिससे पहली बार दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर काफी आसान हो गया है। recent visitors 22

सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान

परंपरा से प्रगति तक: मूंज शिल्प ने बदली रजनी बाला की दुनिया ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान      कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और नई संभावनाओं का दौर जारी है। महिलाएं अपने संकल्प और परिश्रम से आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लाक के गांव हरखपुर की रहने वाली रजनी बाला इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने मूंज उत्पादों में सिकहुला, भउका, दौरी, डोलची और कप जैसी कलाकृतियों को बढ़ावा देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा रजनी बाला ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं कि मूंज शिल्प का हुनर उन्हें अपनी मां से विरासत में मिला। उनकी मां भी मूंज के उत्पाद तैयार करती थीं, जिससे बचपन से ही रजनी को इस कार्य का पारिवारिक वातावरण और व्यावहारिक अनुभव मिलता रहा। उसी सीख और लगन के दम पर आज रजनी विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में कैब चलाते हैं और रजनी के काम में पूरा सहयोग देते हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटा लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सुल्तानपुर के एक विद्यालय में अध्ययनरत है।  सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान मूंज के प्रत्येक उत्पाद की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन लाभ की दृष्टि से यह व्यवसाय काफी मजबूत है। रजनी बाला बताती हैं कि औसतन हर उत्पाद पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुद्ध लाभ हो जाता है। यदि किसी उत्पाद को तैयार करने में ₹100 की लागत आती है, तो उसका बाजार मूल्य लगभग ₹150 होता है। उनके व्यवसाय को अब अन्य राज्यों से भी पहचान मिल रही है। अब तक का उनका सबसे बड़ा और लाभदायक ऑर्डर राजस्थान से मिला, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 100 महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया। इस तरह रजनी बाला न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आजीविका से जोड़कर सामूहिक आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।  कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान रजनी बाला ने बताया कि उनके मूंज उत्पादों के निर्माण और विपणन में जिला उद्योग कार्यालय का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से जिला उपायुक्त सुश्री नेहा सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला। इसी सहयोग के चलते उन्होंने नोएडा, सुल्तानपुर के साथ-साथ लखनऊ और आसपास के अन्य जिलों में भी स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफलतापूर्वक बिक्री की है। सरकारी समर्थन और अपने परिश्रम के बल पर रजनी बाला आज स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनी हैं। सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं प्रदेशभर में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। राज्य स्तर पर अब तक लाखों महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इन योजनाओं के प्रभाव से सुल्तानपुर सहित कई जिलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जो युवा कभी बेरोजगारी से जूझ रहे थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं और युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में भागीदारी निभाएं। विभिन्न विभाग अपने स्तर पर आवेदकों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल और सुलभ बनी रहे। साथ ही, समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सफल युवाओं और महिलाओं की प्रेरक कहानियां न केवल अन्य लोगों के लिए उत्साह का स्रोत बन रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी फैला रही हैं। recent visitors 27

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन की बाढ़: मोहन सरकार के दो साल में 600 से अधिक प्रदर्शन, सागर में सबसे ज्यादा

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार इस साल यानी 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तौर पर मना रही है। सरकार का फोकस खेती की लागत घटाकर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर है। दूसरी तरफ, प्रदेश में हर महीने औसतन 25 किसान आंदोलन हो रहे हैं। विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने पूछा कि 1 जनवरी 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक भोपाल सहित मध्य प्रदेश में कितने आंदोलन हुए? इन आंदोलनों में पुलिस से झड़प में कितने किसानों की मौतें हुईं? कितने किसान घायल हुए? इन आंदोलनों के दौरान कितने किसानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए? इनमें से कितने मामलों में खात्मा लगाया गया?इसके जवाब में गृह विभाग की ओर से बताया गया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक प्रदेशभर में करीब 609 किसान आंदोलन हुए हैं। खरगोन जिले में किसानों के 61 आंदोलन मोहन सरकार के कार्यकाल में सागर जिले में सबसे ज्यादा किसानों के 76 आंदोलन और प्रदर्शन हुए हैं। दूसरे नंबर पर खरगोन जिले में 61 आंदोलन हुए। ग्वालियर जिले में 44, नरसिंहपुर, खंडवा और रीवा में 38-38 आंदोलन हुए। जबलपुर से सटे कटनी जिले में दो साल में 35 किसान आंदोलन हुए हैं। आंदोलन करने में RSS का सहयोगी संगठन सबसे आगे प्रदेश में दो साल में सबसे ज्यादा किसान आंदोलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ ने किए। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा सहित तमाम किसान संगठनों ने आंदोलन धरना, प्रदर्शन किए। इन्हीं दो साल में मध्य प्रदेश कांग्रेस और किसान कांग्रेस ने करीब 37 आंदोलन किए हैं। 3 महीने में दो बार किसानों के सामने झुकी सरकार हाल ही में मोहन सरकार किसानों के सामने दो बार झुक चुकी है। पहली बार उज्जैन सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण मामले में सरकार ने लैंड पूलिंग एक्ट वापस लिया था। इसके बाद उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर रोड की ऊंचाई कम करने का फैसला लेना पड़ा। दोनों ही मामले में किसानों के विरोध और दबाव के बाद सरकार को कदम वापस लेने पड़े। इन जिलों में इन वजहों से हुए आंदोलन भाजपा से जुड़े किसान संगठनों द्वारा सीहोर, हरदा, विदिशा, देवास और राजगढ़ जिलों में गेहूं-धान की खरीदी में देरी, समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, भुगतान लंबित रहने, बारदाना और तौल व्यवस्था की समस्याओं को लेकर आंदोलन किए गए। कई जगह किसानों ने 2700 से 3100 रुपए समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग उठाई। नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसल नुकसान के बाद बीमा राशि और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। मंदसौर, नीमच और रतलाम जिलों में प्याज, लहसुन और सोयाबीन के दाम गिरने के साथ मंडी व्यवस्था की समस्याओं को लेकर आंदोलन किए गए। वहीं, छतरपुर, टीकमगढ़ और बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में सिंचाई, नहरों में पानी और बिजली आपूर्ति की समस्याओं को लेकर किसान सड़कों पर उतरे। जबकि शाजापुर और आगर-मालवा जिलों में खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और तौल में गड़बड़ी के विरोध में आंदोलन हुए। कांग्रेस के इन मुद्दों पर किसान आंदोलन कांग्रेस और उसके संगठनों द्वारा मंदसौर, शाजापुर और उज्जैन जिलों में किसानों का कर्ज माफ करने और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए। सीहोर, विदिशा और रायसेन जिलों में सोयाबीन-गेहूं के दाम और खरीदी की समस्याओं को लेकर आंदोलन हुए। छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में आदिवासी किसानों की जमीन, मुआवजा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन हुए। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंचाई के पानी, बिजली बिल और खाद-बीज संकट को लेकर किसान आंदोलनों का आयोजन किया गया। वहीं, भोपाल और सीहोर जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से नुकसान के बाद राहत और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। recent visitors 24

शारजाह से इंदौर की फ्लाइट आज भी कैंसिल, दुबई में एमपी के 100 से ज्यादा लोग फंसे, ड्रोन हमलों के चलते स्थिति तनावपूर्ण

 इंदौर  ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुबई में हालात चिंताजनक हैं। इसके चलते दुबई एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। अन्य विमानों के साथ ही शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी रद हो गई है। इससे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें कई कारोबारी और नौकरीपेशा लोग हैं। इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भी फंसे हैं। उन्होंने दुबई से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करके भारत सरकार से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि दुबई में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए। शुक्ला के अनुसार, हालात तनावपूर्ण हैं और लगातार अलार्म बज रहे हैं। दुबई में फंसे व्यापारी प्रवीण कक्कड ने बताया कि इंदौर के सभी लोग हालांकि सकुशल हैं। जिस होटल में ठहरे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर ड्रोन हमला होने के बाद सभी लोग निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। खरगोन और बुरहानपुर जिले के भी कई लोगों के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिली है, जो वहां नौकरी के सिलसिले में गए हुए थे। उनके परिजन चिंतित हैं। दो पूर्व विधायकों सहित इंदौर के एक बड़े कारोबारी और उनके साथी दुबई की जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास की ही पार्क जुमेरा होटल में मिसाइल गिरी और धमाका हुआ। घटना के बाद इंदौर के सभी लोगों ने उस इलाके को छोड़कर दूसरी होटल में शरण ली। कारोबारी पिंटू छाबड़ा ने बताया कि उनके परिजन और सभी साथी सुरक्षित हैं। इंदौर से गया एक अन्य परिवार अबूधाबी में फंसा है। हालांकि वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फ्लाइटों के बंद होने के कारण वापसी मुश्किल हो रही है। इधर, इंदौरियों के दुबई सहित यूएई के विभिन्न शहरों में फंसने की खबर के बाद मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ताजा हालातों की जानकारी लेते हुए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे इंदौर के लोगों की वापसी के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों सहित कारोबारी पिंटू छाबड़ा से चर्चा कर कहा कि वे ओमान से लौटने का प्रयास करें, फिलहाल भारत-ओमान के बीच हवाई संपर्क जारी है। मंत्री ने यूएई में फंसे लोगों को भारतीय दूतावास से संपर्क रखने और उनकी हिदायतें मानने की भी सलाह दी। वीडियो भेजकर दी जानकारी उन्होंने वीडियो में पीछे के हालात दिखाते हुए बताया कि यहां पर सब सामान्य है. मैं सभी से कहना चाहूंगा कि पैनिक न हों क्योंकि मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं, लेकिन उन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें. यहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. कुछ कोशिशें जरूर हुई थीं, लेकिन उन्हें डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया गया है. आम जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. मेरे पीछे मेट्रो स्टेशन और भी दिखाई दे रहा है. मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है. लोगों से परेशान ना होने की अपील इसके साथ प्रशांत ने कहा कि मेरा सभी से निवेदन है कि फेक न्यूज न फैलाएं और घबराएं नहीं, यहां स्थिति सामान्य है. दुबई सुरक्षित है और उम्मीद है कि जो बातें हैं, वे भी जल्द ठीक हो जाएंगी हमें भगवान पर भरोसा रखना चाहिए. अगर आपके कोई रिश्तेदार या दोस्त यहां हैं, तो उनके लिए बिल्कुल चिंता न करें. अगर आपको पहले से न बताया जाए, तो शायद आपको पता भी न चले कि यहां कुछ हुआ है. मैं यह वीडियो अपने घर से बना रहा हूं ताकि आपको बड़ा व्यू दिखा सकूं. आप पीछे पूरा ओपन स्काई देख सकते हैं. यह जुमेरा एरिया है, और सामने दिखाई दे रही है. ट्रैफिक दोनों तरफ सामान्य रूप से चल रहा है. आज संडे भी है, इसलिए लोग काम पर कम जा रहे हैं, फिर भी सब कुछ सामान्य है. इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि बेवजह चिंता न करें यहां सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है. होटल बुकिंग के बढ़े रेट जबलपुर निवासी शैलेश जैन ने बताया कि हम चार दोस्त 21 फरवरी को अबू धाबी घूमने आए थे. हमारी वापसी 28 फरवरी को निर्धारित थी. 28 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे हमें अचानक जानकारी मिली कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है. उस समय तक हम सुबह 9 बजे होटल से चेक-आउट कर चुके थे. जब हम दोबारा होटल पहुंचे और रुकने की व्यवस्था करनी चाही, तो पता चला कि होटलों के किराए लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल हम यहां अनिश्चित समय के लिए फंसे हुए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि एयरपोर्ट कब खुलेगा और उड़ानें कब शुरू होंगी. इस वजह से हम सभी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं. वापसी की तैयारी के कारण हमारे पास सीमित धनराशि ही बची थी, जो अब लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. हम भारत सरकार से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि इस परिस्थिति में फंसे भारतीय पर्यटकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. विदेश में अचानक ऐसी स्थिति बन जाने पर कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार से अनुरोध है कि हमारी समस्या पर ध्यान देकर हमें सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश लौटने में सहायता प्रदान करें. सरकार से मदद की अपील फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि अनिश्चित माहौल, उड़ानों की अस्थिरता और बढ़ते खर्च के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं. परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की भी चिंता सता रही है. पर्यटकों ने दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की है और विशेष राहत उड़ानों की उम्मीद जता रहे हैं. गौरतलब है कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी रहते हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. फिलहाल फंसे हुए पर्यटक त्वरित राहत और सुरक्षित स्वदेश वापसी की आस लगाए हुए हैं, जबकि परिजन भारत में चिंता के बीच सकारात्मक … Read more

देवजी से समर्पण से बिखरा संगठन, माओवाद से मुक्ति की उलटी गिनती शुरू

जगदलपुर. देश को माओवादी हिंसकों से मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया में उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत 31 मार्च को इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समर्पित प्रयास इसमें महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा दायित्व निर्वहन के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे। राजनीतिक इच्छाशक्ति को सुरक्षा बलों ने जिस दृढ़ता और जिजीविषा के साथ संपूर्णता की दिशा में साकार किया है, उसकी सराहना शब्दों में सीमित नहीं की जा सकती। ‘नईदुनिया’ पूरी ईमानदारी के साथ देश और प्रदेश के हित में हिंसकों के विरुद्ध वैचारिक रूप से खड़ा रहा है। यह कड़वी सच्चाई है कि 1980 के दशक के अंत में आंध्र प्रदेश के रास्ते दक्षिण बस्तर में घुसे वामपंथी हिंसकों के संगठनों ने 2004 से कम्युनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) नाम से प्रदेश के आदिवासियों को लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ सशस्त्र युद्ध में झोंक दिया। माओवादियों के विरुद्ध 2005 में सलवा जुडूम आंदोलन ने जोर पकड़ा, परंतु राजनीतिक कारणों से हिंसकों का प्रभाव बढ़ता ही गया। 2007 में बीजापुर में 50 सीआरपीएफ जवान तो 2010 में दंतेवाड़ा के तालमेटला में 76 बलिदान हुए। 25 मई 2013 में झीरम कांड में कांग्रेस ने शीर्ष प्रादेशिक नेतृत्व खो दिया। वैचारिक संघर्ष जारी भविष्य में इस बात की अवश्य समीक्षा होगी कि केंद्र और प्रदेश की सरकार में तालमेल से 2024 के बाद किस तरह 500 से अधिक माओवादी हिंसक मारे गए। अब अगले 31 दिनों की उलटी गिनती में हिंसकों के संपूर्ण अंत में ‘नईदुनिया’ देशवासियों का सहगामी होगा। ध्यान रहे, वैचारिक संघर्ष अभी बाकी है। माओवादी विचारकों और समर्थकों (अर्बन नक्सलियों) में लोकतांत्रिक विचारधारा के प्रस्फुटन ही जनहित में होगा। देवजी के समर्पण से बिखरे माओवादी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के समूल सफाए के लक्ष्य की दिशा में भाकपा (माओवादी) हिंसक दल प्रमुख थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी का समर्पण एक महत्वपूर्ण मोड़ है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह बीते दस महीनों में माओवादी संगठन को लगा तीसरा सबसे बड़ा झटका है। मई 2025 में माओवादी महासचिव बसव राजू की हत्या और अक्टूबर 2025 में केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो (सीआरबी) प्रमुख भूपति के समर्पण के बाद देवजी का आत्मसमर्पण संगठन की हिंसक-रणनीतिक रीढ़ को तोड़ने वाला सिद्ध हुआ है। देवजी के साथ अन्य प्रमुख हिंसकों के समर्पण से छत्तीसगढ़-तेलंगाना-ओडिशा में माओवादी संगठन का नेतृत्व और निर्णयकारी संरचना लगभग ध्वस्त हो चुकी है। बस्तर में भी इसका असर दिखा, जहां कांकेर में दो माओवादियों ने एके-47 के साथ समर्पण किया। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है। लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं – पुनर्वास के बाद यदि पूर्व माओवादी लोकतंत्र की मुख्यधारा में स्वेच्छा से जुड़ते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने और जनता के लिए काम करने का अधिकार है-बशर्ते वे हिंसा और बंदूक का रास्ता न अपनाएं। – विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री recent visitors 32

भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- 'आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।' पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।    प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें। दूसरी बार मिली धमकी जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। recent visitors 23

सीएम डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट ने किए भिलट देव के दर्शन, कृषि कैबिनेट की बैठक जल्द

बड़वानी  कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ी शैली में सजाया निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी। recent visitors 19