प्रदेश के 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क प्रदान की गई ई-स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का सबसे महान देश बनने के मार्ग पर अग्रसर है। ऐसे में मेरिट में आए विद्यार्थी अपनी योग्यता, क्षमता और निपुणता से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर समाज हित और देश की उन्नति में हरसंभव योगदान दें। लक्ष्य प्रगति में ही उनकी श्रेष्ठता सही अर्थों में सिद्ध होगी और भारत को प्रगति पथ पर अग्रसर करने में सार्थक योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान राम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य, पन्ना-धाय के उद्धरण देते हुए कहा कि अद्भुत क्षमता और सामर्थ्य के साथ नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने के उदाहरणों ने ही इन महान विभूतियों के जीवन को आदिकाल से वर्तमान तक अनुकरणीय बनाया है। अंग्रेजी साम्राज्य का जब सूर्य अस्त नहीं होता था तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर विश्व में अपनी सामर्थ्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ स्कूटी चलाकर किया उनका उत्साहवर्धन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप सर्वआदित्य राठौर, प्रशांत राजपूत, सिद्धार्थ साहू, रफत खान, आर्यन राजपूत, आकाश कुशवाह, सुबबली मीणा, पलक सिंह, ऊषा मीणा और सलोनी दांगी को ई-स्कूटी की चाबी भेंट की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना हुआ साकार – मंत्री डॉ. शाह जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल से कई परिवारों का अपने बच्चों को स्कूटर से कॉलेज भेजने का सपना साकार होगा। यह पहल विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए प्रेरित भी करेगी और आगे की शिक्षा को सुविधाजनक भी बनाएगी। शासकीय शालाओं में आधुनिक संसाधनों के साथ संचालित हैं अकादमिक गतिविधियां – मंत्री सिंह स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्ता शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय शालाओं में श्रेष्ठतम अधोसंरचना के साथ ही विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासेज, स्मार्ट क्लासेज, वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम, मोटिवेशन क्लासेज और कॅरियर गाइडेंस की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले इन कार्यों के साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री सिंह ने विद्यार्थी से अपने लक्ष्य की प्राप्ति की ओर दृढ़ निश्चय के साथ अग्रसर होने और समर्पित भाव से इस ओर प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना में मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान की गईं। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री के हाथों ई-स्कूटी की चाबी पाकर खुश हुए विद्यार्थी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री नि:शुल्क स्कूटी योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी की चाबी प्रदान की। स्कूटी पाते ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की योजना के बारे में बात भी की। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की गई है। कुशाभाऊ सेंटर में भोपाल (कोटरा) के विद्यार्थी हर्षनंद मेहर, (12वीं बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक) ने बताया कि राज्य सरकार की इन योजनाओं से विद्यार्थियों को नये अवसर मिलते हैं। हर्षनंद वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं। भोपाल के बरखेड़ा सीएम राइज स्कूल से 12वीं की परीक्षा में सानिया जहाँ को भी सर्वोच्च अंक प्राप्त होने पर स्कूटी मिली है। सानिया ने बताया कि वे आगे चलकर शिक्षक बनना चाहती हैं। शिक्षक प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम राइज स्कूल खुलने से बच्चों को पढ़ने के बेहतर अवसर मिले हैं। शिवाजी नगर सुभाष उत्कृष्ट स्कूल की छात्रा बबली मीना को भी अपने स्कूल में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर स्कूटी मिली है। वे बताती हैं कि नि:शुल्क स्कूटी योजना से उनका मनोबल बढ़ा है। अब उन्हें कॉलेज जाने में और सुविधा होगी। उनकी माँ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। नि:शुल्क स्कूटी मिलने की खबर से उनकी माँ भी बहुत प्रसन्न हुई। आदित्य गौर ने अपने विद्यालय में बोर्ड की … Read more

सोना कितना सोना है: फिर ऑल टाइम हाई पर Gold, आगे और कितनी आएगी तेजी

नई दिल्ली  दुनियाभर में अनिश्चितता का माहौल है। इस वजह से लोग सुरक्षित निवेश की तरफ भाग रहे हैं। इसका असर सोने की कीमतों पर भी दिख रहा है। बुधवार को MCX पर अप्रैल का सोना वायदा ₹84,399 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे यह 510 रुपये यानी 0.61 फीसदी तेजी के साथ ₹84,307 प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था। पिछले सत्र में यह 83,797 रुपये पर बंद हुआ था और आज 84,060 रुपये पर खुला। चांदी के मार्च वायदा की बात करें तो इसमें भी तेजी आई है। चांदी 306 रुपये की तेजी के साथ ₹96,015 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण लोग सोने-चांदी जैसी सुरक्षित चीजों में निवेश कर रहे हैं। इस हफ्ते सोने की कीमतों में अब तक ₹1,800 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। चांदी की कीमतें भी इसी अवधि में ₹1,400 प्रति किलोग्राम बढ़ी हैं। मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी तेजी के साथ बंद हुए। ट्रंप के व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका ने कनाडा और मैक्सिको पर एक महीने के लिए टैरिफ लगाने की योजना को एक महीने के लिए टाल दिया है। इससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है। कहां तक जाएगी कीमत पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया और चीन सरकार ने तुरंत अमेरिकी टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई की। मंगलवार को जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़े भी निराशाजनक थे। इससे सोने-चांदी की कीमतों में भी तेजी को सपोर्ट किया। उम्मीद है कि डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी व्यापार युद्ध के बीच इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जैन ने कहा कि MCX पर सोने का समर्थन स्तर ₹83,440-83,100 है और प्रतिरोध स्तर ₹84,050-84,400 है। चांदी का समर्थन स्तर ₹95,000-94,400 है और प्रतिरोध स्तर ₹96,300-97,000 है। जैन ने ₹94,400 के स्टॉप लॉस के साथ ₹95,100 के आसपास चांदी खरीदने का सुझाव दिया है जिसका टारगेट प्राइस ₹96,600 है। सर्राफा बाजार इससे पहले आभूषण विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की मजबूत मांग के बीच मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी जारी रही। यह 500 रुपये बढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चस्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 85,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस साल सोना, एक जनवरी के 79,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 6,410 रुपये या 8.07 प्रतिशत बढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। हालांकि, चांदी की कीमतों में पांच दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया और यह 500 रुपये के नुकसान से 95,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। साल 2025 में गोल्ड कंजम्प्शन 700 टन से 800 टन रहने का अनुमान इस बीच वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि साल 2025 में गोल्ड कंजम्प्शन 700 टन से 800 टन रहने का अनुमान है। साल 2024 में ग्लोबल गोल्ड डिमांड सालाना आधार पर 1% बढ़कर 4,974.5 टन रह सकता है। साल 2024 में औसत गोल्ड कीमत सालाना आधार पर 23% बढ़ी है। क्या है गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सचिन जैन का कहना है कि देश में सोने का इंपोर्ट उम्मीद के मुताबिक रहा है। ड्यूटी घटने के बाद ग्रे मार्केट तकरीबन खत्म हुआ है। दुनिया में 4974 टन सोने की मांग रही है। दुनिया में सोने की मांग 9 फीसदी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सोने के गहनों की मांग 12-13 फीसदी गिरी है। सोने के गहनों की मांग चीन से सबसे ज्यादा गिरी है। कई देशों के सेंट्रल बैंकों ने भी सोने की खरीदारी की है। आरबीआई की सोने की खरीदारी पिछले साल से 4 फीसदी ज्यादा रही है। टेक्नोलॉजी में सोने का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। सचिन जैन ने आगे कहा कि देश में ड्यूटी घटने का सोने को फायदा मिला। कीमतों में तेजी से सोने की खरीदारी रुक जाती है। देश से सोने देश में सोने की निवेश की मांग भी 29 फीसदी बढ़ी है। सोने के बार, सिक्कों और ईटीएफ में भी मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि गोल्ड में लंबी अवधि का नजरिया रख ही निवेश करने की सलाह होगी। recent visitors 48

डिप्टी सीएम ने कहा, मुझे पता लगा कि किसान वल्लभ भवन आ रहे हैं तो सरकार खुद उनके पास आ गई

भोपाल बिजली के बढ़े रेट और फसल के कम दाम जैसे कई मुद्दों पर भोपाल पहुंचे प्रदेशभर के किसानों ने धरना खत्म कर दिया है। किसान मंत्रालय का घेराव करने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा धरनास्थल पर पहुंच गए। डिप्टी सीएम ने कहा, मुझे पता लगा कि किसान वल्लभ भवन आ रहे हैं तो सरकार खुद उनके पास आ गई। डिप्टी सीएम ने किसानों की सारी मांगों को पूरा करने की बात कही। इसके बाद किसानों ने शिकायती आवेदनों से भरा झोला डिप्टी सीएम को सौंप दिया। देवड़ा बोले- सरकार ने हमेशा किसानों के हित में निर्णय किए डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, 'प्रदेश सरकार ने समय-समय पर किसानों के हित में निर्णय लिए हैं। जो भी शिकायती ज्ञापन मिले हैं, उनका जल्द समाधान किया जाएगा। किसान हमारे हैं, हम आपसे अलग नहीं हैं। हम आपके साथ खड़े हैं।' इसके बाद किसानों ने शिकायती आवेदनों से भरा झोला डिप्टी सीएम को सौंप दिया। 'सरकार अच्छे रेट के नाम पर झुनझुना पकड़ा देती है' भारतीय किसान संघ के बैनर तले जुटे किसान लिंक रोड नंबर-1 स्थित ऑफिस के सामने धरना दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार फसलों के अच्छे रेट के नाम पर हर बार झुनझुना पकड़ा देती है। संघ के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा, प्रदेश में किसान राजस्व विभाग के फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, नक्शा सुधार जैसे कार्यों में की जा रही लूट से परेशान हो गया है। पटवारी से एक चिड़िया भी बनवाना हो तो रिश्वत देनी पड़ती है हरदा से आए किसान ने कहा, मेरे पास सात एकड़ जमीन है। सागौन लगाया था, उसे काटने की अनुमति नहीं मिल रही है। सूर्या कलेक्शन में पांच साल से रुपए जमा कर रह हैं। इसकी रसीदें भी हैं, लेकिन अब पैसा नहीं मिल रहा है। फसलों के रेट अच्छे नहीं मिलते। सभी काम रिश्वत देने के बाद होते हैं। पटवारी से एक चिड़िया बनवाना हो तो रिश्वत देना पड़ता है। इसमें तो सब बड़े-बड़े लोग भी शामिल हैं। किसान का कहना है कि जब तक वोट नहीं डलते तब तक सब बात सुनते हैं। अब वोट देकर राजा बना दिया, तो उन्होंने हमें अपने हाल पर छोड़ दिया। ऐसे ही काम हो रहे होते तो बच्चों को वहां छोड़कर यहां थोड़े ही आते। हमें इसमें मजा थोड़े ही आता है। बड़ी संख्या में तैनात रही पुलिस ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की तैयारी और डामरीकरण के चलते किसानों को मुख्य सड़क पर धरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते संघ कार्यालय के ठीक सामने सर्विस रोड पर धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेताओं का दोपहर 3 बजे के बाद किसान वल्लभ भवन का घेराव करने का प्लान था। उधर, पुलिस ने बेरिकेडिंग कर रखी थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। recent visitors 57

रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम पहला मुकाबला कल खेलेगी, टिकट काउंटर पर हुआ जमकर हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस

नई दिल्ली भारत और इंग्लैंड के बीच कल से तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। जिसके लिए दोनों टीमें जमकर तैयारी कर रही हैं। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 4-1 से टी20 सीरीज अपने नाम की थी और अब रोहित की टीम की बारी है। रोहित की अगुवाई में भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला गुरुवार को खेलेगी। वहीं दूसरे मैच के लिए ऑफलाइन टिकट की ब्रिकी शुरू हो गई। कटक में होने वाले इस मुकाबले को देखने के लिए फैंस के बीच काफी क्रेज है और इसी वजह से बुधवार को टिकट काउंटर पर काफी भीड़ जुट गई थी और भगदड़ जैसे हालात हो गए थे लेकिन पुलिस ने सही समय पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। फैंस को काउंटर से हटाने के लिए पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें भी की। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा वनडे कटक में खेला जाएगा, जिसके ऑफलाइन टिकट के लिए बुधवार को टिकट काउंटर पर जमकर बवाल हुआ। बाराबती स्टेडियम के बाहर सुबह से ही फैंस की लंबी लाइन मौजूद थी। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें फैंस टिकट काउंटर के ऊपर चढ़ गए हैं और पुलिस उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। दूसरे वनडे के लिए मैच के लिए टिकटों की ऑफलाइन बिक्री आज सुबह 9 बजे शुरू हुई। बुधवार और गुरुवार को टिकट खरीद सकेंगे। हालांकि पहले दिन ही भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। वहीं अधिकारियों ने बताया कि रविवार को भारत-इंग्लैंड क्रिकेट मैच से पहले ओडिशा के कटक में बाराबती स्टेडियम और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी जाएगी। भारत बनाम इंग्लैंड वनडे टीम इस प्रकार है:- रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जयसवाल, ऋषभ पंत, रवींद्र जड़ेजा, हर्षित राणा (पहले दो वनडे), जसप्रीत बुमराह (तीसरा वनडे) और वरुण चक्रवर्ती। recent visitors 73

US से 104 भारतीय डिपोर्ट, अमृतसर पहुंचा विमान, गृह मंत्रालय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच होगी मीटिंग

अमृतसर डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 प्रवासी भारतीयों को लेकर यूएस मिलिट्री एयरक्राफ्ट भारत पहुंच गया है. इस विमान ने पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड किया. विमान के जरिए 79 पुरुष और 25 महिलाएं भारत पहुंचे. जिनमें 13 बच्चे भी शामिल हैं. ख़बरों के मुताबिक पंजाब पुलिस और अमृतसर जिला प्रशासन की टीमें हवाई अड्डे पर मौजूद थे. इसके अलावा एयरपोर्ट के अंदर अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी भी थे. जानकारी के मुताबिक, डिपोर्ट किए गए लोगों को वतन वापसी पर गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. जानकारों के मुताबिक जिन लोगों को निर्वासित किया गया है उनमें से ज्यादातर को मैक्सिकन-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. ये सभी भारत में अपराधी नहीं हैं. क्योंकि उन्होंने भारत छोड़ने के लिए कानूनी तरीके का इस्तेमाल किया होगा. लेकिन डंकी रूट के जरिए अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश की और पकड़े गए. सूत्रों का कहना है कि पासपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके उनकी पहचान की जा सकती है. असल में उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती. पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब के 30 निर्वासित लोगों में से अधिकांश गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन सहित माझा बेल्ट से हैं. जबकि अन्य जालंधर, नवांशहर, पटियाला, मोहाली और संगरूर से हैं. अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 पंजाब और पड़ोसी राज्यों के इन अवैध अप्रवासियों को लेकर भारत पहुंच रहा है.  पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने डिपोर्ट होकर भारत लौटने वालों के लिए एयरपोर्ट पर काउंटर बनाए हैं. इस बीच पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार को अमेरिकी सरकार के फैसले पर निराशा व्यक्त की थी. किस राज्य से कितने लोग? इस प्लेन में पंजाब से 30, हरियाणा से 33, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश के 3 और चंडीगढ़ के 2 लोग हैं. बता दें कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर US एयरफोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट ने टेक्सास के पास अमेरिकी सैन्यअड्डे से उड़ान भरी. इस प्लेन में 104 अवैध भारतीय प्रवासी हैं. बता दें कि ट्रंप सरकार अवैध प्रवासियों को ले जाने के लिए सैन्य विमान का इस्तेमाल करती रही है. इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास में भी अमेरिकी मिलिट्री प्लेन से अवैध प्रवासियों को भेजा गया था. मालूम हो कि 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस भारत बुलाने के लिए भारत सही कदम उठाएगा. अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 18000 अवैध प्रवासी भारतीय हैं, जिन्हे भारत डिपोर्ट किया जाना है. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी. बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास के अवैध प्रवासियों को भी उनके मुल्क भेज दिया था. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने टेक्सास के अल पासो और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हिरासत में रखे गए 5000 से अधिक अवैध अप्रवासियों को भी उनके देशों में भेजना शुरू कर दिया है. प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 7.25 लाख अवैध भारतीय अप्रवासी रहते हैं. यह आंकड़ा अवैध प्रवासियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या का है. पहले स्थान पर मेक्सिको और दूसरे पर अल सल्वाडोर है. पिछले महीने भारत सरकार ने कहा था कि अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस लेने के मामले में भारत हमेशा तैयार रहा है. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि भारत यह जांच कर रहा है कि अमेरिका में कितने भारतीय अवैध रूप से रह रहे हैं और इन्हें वापस भेजा जा सकता है या नहीं. अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम शुरू किया है. इस प्रोग्राम के तहत ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को उनके मुल्क भेजने की कवायद शुरू कर दी है. पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भारत और अमेरिका ने ऐसे लगभग 18000 भारतीयों की शिनाख्त की है, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं. पिछले हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और अवैध प्रवासियों से जुड़ी समस्या का समाधान करने की इच्छा जताई थी. पवन खेड़ा ने यूपीए शासन की घटना को किया याद सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उन्होंने एक बयान साझा करते हुए यूपीए शासन की एक घटना को याद किया। उन्होंने कहा कि  जब 2013 में भारतीय राजनयिक देवयानी कोबरागड़े को अमेरिका में "हथकड़ी लगाई गई और कपड़े उतारकर तलाशी ली गई तब भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई थी।  विदेश सचिव सुजाता सिंह ने अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल के साथ कड़ा विरोध दर्ज कराया था।" उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और राहुल गांधी और सुशील कुमार शिंदू जैसे कांग्रेस नेताओं ने उस समय भारत दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था और भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास को दी गई कई सुविधाएं वापस ले ली थीं। डाैंकी लगाकर गए थे युवक जितने भी लोगों को अब अमेरिका की ओर से वापिस भेजा जा रहा है। वह सभी एजेंटों के जरिये डौंकी लगवाकर जाते हैं। इस तरह एजेंट प्रति व्यक्ति 35 से 40 लाख रुपये लेते हैं। इन सभी लोगों को मैक्सिको, पनामा आदि के जंगलों के जरिये अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करवाया जाता है। यहां तक बहुत सारे ऐसे भी लोग होते हैं जो अमेरिका तक पहुंच ही नहीं पाते और जंगलों में भूख-प्यास के मारे दम तोड़ देते हैं। recent visitors 53

ट्रंप का कहना है कि हम गाजा पट्टी को अपने अधिकार क्षेत्र में लेंगे, गाजा खाली कराना और पुनर्निर्माण काम कराना है फोकस

वाशिंगटन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने व्हाइट हाउस पहुंचे. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई. इसी साल 20 जनवरी को कार्यालय में लौटने के बाद ट्रंप की यह किसी विदेशी नेता के साथ पहली बैठक थी. बैठक के बाद दोनों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम चाहते हैं कि अमेरिका गाजा पट्टी का स्वामित्व ले और इसका विकास करे. उन्होंने कहा कि अमेरिका देश युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा और इसका विकास करेगा. साथ ही इसका मालिकाना हक रखेगा. वहीं ट्रंप के साथ बोलते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि रिपब्लिकन नेता का विचार ऐसा है जो इतिहास बदल सकता है और ट्रंप गाजा के लिए एक अलग भविष्य की कल्पना करते हैं. गाजा के लोगों को नौकरियां और घर देंगे: ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम गाजा पर अपना अधिकार जताएंगे और साइट पर मौजूद सभी खतरनाक बमों और अन्य हथियारों को नष्ट करने की जिम्मेदारी लेंगे. हम नष्ट हो चुकी इमारतों को गिरा देंगे और एक ऐसा आर्थिक विकास करेंगे जो क्षेत्र के लोगों को असीमित संख्या में नौकरियां और आवास प्रदान करेगा." क्षेत्र में किसी भी सुरक्षा शून्यता को भरने के लिए सैनिकों को तैनात करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हम वही करेंगे जो आवश्यक है. यदि यह आवश्यक है, तो हम ऐसा करेंगे". ट्रंप ने कहा कि वह अपनी विकास योजना के बाद गाजा में दुनिया भर के लोगों के रहने की कल्पना करते हैं. उन्होंने कहा कि वह मध्य पूर्व की अपनी भावी यात्रा के दौरान गाजा, इज़राइल और सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कोई समय निर्दिष्ट नहीं किया. 'गाजा पूरी तरह विध्वंस स्थल' जब उनसे उनके प्रस्ताव पर फिलिस्तीनी और अरब नेताओं की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "गाजा की बात कभी कामयाब नहीं हुई. यह पूरी तरह विध्वंस स्थल है. अगर हम सही ज़मीन का टुकड़े को ढूंढ़ सकें और उस क्षेत्र में बहुत सारा पैसा लगाकर कुछ बहुत अच्छी जगहें बना सकें, तो यह पक्का है. मुझे लगता है कि यह गाजा वापस जाने से कहीं बेहतर होगा. यहां के लोग गाजा छोड़ना पसंद करेंगे. मुझे लगता है कि वे रोमांचित होंगे. मुझे नहीं पता कि वे (फिलिस्तीनी) कैसे रहना चाहेंगे." राष्ट्रपति से जब इस क्षेत्र पर अमेरिका के लंबे समय तक नियंत्रण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैं दीर्घकालिक स्वामित्व की स्थिति देखता हूं." ट्रंप ने सुझाव दिया कि अमेरिका द्वारा ऐसा करने से क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा और उन्होंने कहा, "यह कोई हल्के में लिया गया निर्णय नहीं है. मैंने जिन लोगों से बात की है, वे सभी इस विचार से खुश हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास उस भूमि का एक टुकड़ा हो." गाजा को लेकर ट्रंप का 5 प्वॉइन्ट प्लान? इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर गाजा पट्टी को खाली करवाने की बात दोहराई. गाजा खाली कराना और पुनर्निर्माण काम कराना है फोकस उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी खाली करनी होगी. उन्हें मिस्र, जॉर्डन और अन्य देशों में स्थाई तौर पर बस जाना चाहिए. अब गाजा रहने लायक नहीं रहा. मैंने सुना है कि गाजा उनके लिए बदकिस्मत है. वे वहां नरक की तरह रहते हैं. वे नरक में रह रहे हैं. गाजा के भविष्य में फिलिस्तीनी नहीं हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कई महीनों से गाजा की स्टडी की है. बहुत करीब से स्टडी की है. गाजा में फिलिस्तीनियों के पास कोई विकल्प नहीं है. उनके पास क्या है? वहां बस मलबा है. फिलिस्तीनियों को गाजा के बजाए किसी खूबसूरत जगह शिफ्ट हो जाना चाहिए. हम गाजा पर नियंत्रण हासिल कर वहां मौजूद सभी खतरनाक बिना फटे बमों और अन्य हथियारों को नष्ट करने से लेकर साइट को समतल करने और नष्ट इमारतों का मलबा हटाने की जिम्मेदारी निभाएंगे. गाजा Riviera of Middle East में होगा तब्दील ट्रंप ने कहा कि गाजा को खाली करवाने के बाद यहां पर जोर-शोर से पुनर्निर्माण का कार्य करवाया जाएगा. हम गाजा को Riviera of Middle East में तब्दील कराएंगे. ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पूरी गंभीरता से लिया गया है. मैंने जिनसे भी इस ब्लूप्रिंट के बारे में बात की,उन्हें यह पसंद आया है. गाजा पर अमेरिकी कब्जे के बाद इस क्षेत्रा के पुनर्निर्माण और फिर यहां रोजगार के हजारों मौके उपलब्ध कराकर इसका विकास किया जाएगा. गाजा दुनियाभर के लोगों का घर बन सकता है. ट्रंप ने कहा कि हम गाजा को मिडिल ईस्ट का रिवेरा बनाने पर फोकस करेंगे. रिवेरा दरअसल इटली का एक शब्द है, जिसका मतलब है कोस्टलाइन यानी समुद्री तट. फ्रेंच रिवेरा और इटैलियन रिवेरा दुनियाभर में अपने पर्यटन के लिए मशहूर है. इसी तर्ज पर ट्रंप गाजा को पर्यटन हब के तौर पर विकसित करना चाहते हैं. हमास का खात्मा ट्रंप ने कहा कि इजरायल पर हमास के हमले ने कई निर्दोष लोगों की जिंदगियां छिनी है. आज फिलिस्तीनियों ने जो कीमत चुकाई है, उसका जिम्मेदार हमसा ही है. ऐसे में गाजा को आतंक से मुक्त करना होगा. इसके लिए जरूरी है कि गाजा को खाली कराया जाए. ईरान भी है ट्रंप की हिटलिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति के गाजा को लेकर 5 प्वॉइन्ट ब्लूप्रिंट में ईरान भी है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने उन्हें मारने की कोशिश की तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने सलाहकारों को निर्देश दिया है कि अगर ईरान उनके ऊपर हमला करता है तो उसे तबाह कर दिया जाए. ट्रंप ने ईरान की कमर तोड़ने के लिए एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत भी किए हैं जिसमें अमेरिकी सरकार को ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए कहा गया है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल पहले कभी इतना ताकतवर नहीं रहा जबकि ईरान कभी इतना कमजोर नहीं रहा. मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से हमारे इलाके में शांति लाने और हमारे भविष्य को बचाने पर चर्चा की. … Read more

स्टूडेंट्स की बल्ले बल्ले… CM मोहन यादव ने आज 12वीं टॉपर्स को दी स्कूटी; पिछले वर्ष 7778 को मिली थी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 7900 मेधावी विद्यार्थियों को आज सीएम डॉ. मोहन यादव ने स्कूटर की सौगात दी। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकुर कन्वेंशन सेंटर में सीएम विद्यार्थियों को पेट्रोल और इलेक्ट्रिक स्कूटर दिए गए। ये सभी वे मेधावी विद्यार्थी हैं, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में टॉप किया था। सभी विद्यार्थियों को सरकार ने विकल्प भी दिया है। जो यह स्कूटर लेना नहीं चाहते हैं या जिनके पास पहले से स्कूटर हैं, उन्हें सरकार 95 हजार रुपये की राशि देगी। वहीं अगर कोई इलेक्ट्रिक स्कूटर लेना चाहता है, तो उसे 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 2023 में शुरू हुई थी योजना बता दें कि एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 2023 में 12वीं टॉपर छात्र-छात्राओं को स्कूटी देने की योजना शुरू की गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग की योजना के तहत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं परीक्षा में सरकारी विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी दी जाती है। सरकार की तरफ से ई-स्कूटी और पेट्रोल स्कूटी के लिए दो किस्तों में पैसे दिए जाते हैं। छात्रों पर निर्भर करता है कि वे ई-स्कूटी लेंगे या पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी। 2022-23 में 7778 छात्रों को दी थी स्कूटी स्कूटी देने से पहले छात्र-छात्राओं की पसंद पूछी जाती है। इस बार भी छात्रों की पसंद पूछी गई है। इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए सहमति देने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में 1 लाख 20 हजार रुपए जमा किए जाएंगे। पेट्रोल स्कूटी चुनने वाले छात्रों को 90 हजार रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। योजना का बजट 80 करोड़ रुपए से ज्यादा है। 2022-23 में 7778 छात्रों को स्कूटी दी गई थी। 2760 छात्रों को ई-स्कूटी और 5018 छात्रों को पेट्रोल वाली स्कूटी दी गई थी। मध्यप्रदेश सरकार ने कुल 40.40 करोड़ रुपए खर्च किए थे। 90 हजार छात्रों को लैपटॉप देगी सरकार मध्य प्रदेश सरकार ने 2009-10 में मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। योजना का लाभ MP बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 75% या उससे अधिक नंबर हासिल करने वाले विद्यार्थियों को मिलता है। पात्र छात्रों को सरकार लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपए की राशि देती है। योजना का बजट 225 करोड़ है। 2022-23 में 78,641 विद्यार्थियों को योजना का फायदा मिला था। 2023-24 के टॉपर 90,000 को 15 फरवरी से पहले सरकार लैपटॉप देगी। recent visitors 28