स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, नोएडा पुलिस, बम स्कवॉड और सभी बड़े अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर छानबीन कर रहे

नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी ई मेल के जरिये मिली है। धमकी भरी मेल की जानकारी जैसे ही स्कूल प्रबंधक को मिली उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कमिश्नरेट पुलिस को दी। सूचना मिलने के तुरंत बाद ही पुलिस टीम, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गई। टीम ने स्कूल को खाली करवा कर छानबीन शुरु कर दी। इसमें नोएडा के कई नामी स्कूल शामिल है। नोएडा में नामी चार स्कूलों को आज सुबह एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी बुधवार की सुबह ईमेल के माध्यम से दी गई हैं। धमकी भरी आयी ईमेल मिलने के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। स्कूलों में डर का माहौल उत्पन्न हो गया। आनन फानन में स्कूल प्रबंधकों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। धमकी भरे ईमेल की सूचना मिलते ही कमिश्नरेट पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद टीम ने तत्काल स्कूल के एक-एक कोने में छानबीन शुरु कर दी। जिन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल आया है, उनमें स्टेप बाय स्टेप स्कूल , द हेरिटेज स्कूल , ज्ञानश्री स्कूल  और मयूर स्कूल का नाम शामिल है। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरु कर दी है। दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ता के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर छानबीन कर रहे है। स्कूलों को खाली करवा कर दिया गया है। कई स्कूलों के बच्चों को सुरक्षित जगह पर इकठ्ठा किया गया है। अभी तक की मिली जानकारी के मुताबिक, किसी स्कूल में कोई आपत्तिजनक सामान नही मिला है। बम स्क्वायड के साथ कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्कूलों में पहुंच कर छानबीन कर रहे है। गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्टेप बाय स्टेप स्कूल, द हेरिटेज स्कूल, ज्ञानश्री स्कूल और मयूर स्कूल में स्पेम ईमेल द्वारा बॉम्ब थ्रेट प्राप्त होने पर तत्काल अलग अलग पुलिस, बॉम्ब स्क्वाड, फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड, बीडीडीएस टीम से सभी जगह चेकिंग करा ली गई है। सब जगह नार्मल है। कई स्कूल में क्लासेज आरंभ हो गई हैं। साइबर टीम द्वारा ईमेल की विवेचना की जा रही है। recent visitors 43

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी , मां गंगा का लिया आशीर्वाद

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रधानमंत्री के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। गंगा स्नान और पूजा के बाद प्रधानमंत्री सेक्टर 6 में बनाए गए स्टेट पवेलियन का अवलोकन करेंगे और वहां से नेत्र कुंभ कार्यक्रम के लिए जाएंगे। नेत्र कुंभ प्रधानमंत्री के दौरे का मुख्य कार्यक्रम है। पीएम मोदी तकरीबन ढाई घंटे तक संगमनगरी में रहेंगे और इस दौराने वे विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन की वजह से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका खास ख्याल रखा गया है। संगम नगरी पहुंचते ही पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया। सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम ने उनका जोरदार स्वागत किया। 54 दिन में PM का महाकुंभ का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 13 दिसंबर को यहां आए थे। प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर मेला क्षेत्रा की सुरक्षा पहले से और ज्यादा टाइट की गई है। संगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10:05 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से वे सीधे अरैल घाट के लिए रवाना हुए और सुबह 10:45 बजे वहां पहुंच गए है। नाव के जरिए पीएम मोदी संगम नोज पहुंचे और सुबह 11 बजे उन्होंने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के बाद प्रधानमंत्री सेक्टर 6 में बनाए गए स्टेट पवेलियन का अवलोकन करने के लिए रवाना हो गया है। यहां से वे नेत्र कुंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाएंगे। 45 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद महाकुंभ में इस बार 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है। हर 12 साल बाद लगने वाले इस कुंभ में 144 साल बाद खास संयोग बन रहा है, क्योंकि अब तक 12 कुंभ पूरे हो चुके हैं। इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है और इसमें आने वाला श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी भी कुंभ से ज्यादा है। ऐसे में कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है और इस बार AI बेस्ड कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है। महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। सात समंदर पार के लोग कुंभ की दिव्यता और भव्यता को देखने के लिए आ रहे है। भारत की प्राचीन परंपरा और यहां की सनातन संस्कृति विदेशी लोगों के मन को भा रही है। जिसके परिणामस्वरूप महाकुंभ में अब तक 35 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा ली है। बसंती पंचमी के मौके पर डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में शाही स्नान किया और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में कल्पवास कर रहे है। महाकुंभ क्यों मनाया जाता है पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिन घमासान युद्ध हुआ। अमृत को पाने की लड़ाई के बीच कलश से अमृत की कुछ बूंदें धरती के चार स्थानों पर गिरी थीं। ये जगह हैं प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक। इन्हीं चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है। जब गुरु वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं तब कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, तब कुंभ मेला नासिक में आयोजित होता है। गुरु के सिंह राशि और सूर्य के मेष राशि में होने पर कुंभ मेला उज्जैन में आयोजित होता है। सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। recent visitors 60

मुख्यमंत्री ने 104.72 करोड़ के कार्यो का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण, नर्मदापुरम में खुलेगा इंजीनियरिंग कॉलेज

नर्मदापुरम को भोपाल एवं इंदौर की तरह विकसित शहर बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. में दूध की दुकानें खुलेंगी, शराब की बंद होगी मुख्यमंत्री ने 104.72 करोड़ के कार्यो का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण नर्मदापुरम में खुलेगा इंजीनियरिंग कॉलेज दीपदान और प्रकाश सज्जा से रोशन हुआ नर्मदापुरम का नर्मदा तट नर्मदा जयंती पर माँ नर्मदा की आस्था और श्रद्धा में लीन हुआ नर्मदांचल मुख्यमंत्री नर्मदापुरम में नर्मदा प्रकटोत्सव एवं नर्मदापुरम गौरव दिवस में हुए शामिल भोपाल माँ नर्मदा की पावन भूमि पर आने के लिए देवता भी तरसते हैं। समूचा अंचल इंद्र की सभा की तरह लग रहा है। ऐसा आनंद देवलोक में ही संभव है। माँ नर्मदा का आशीर्वाद प्रदेश के साथ है। म.प्र. नदियों का मायका है। यहां से माँ नर्मदा एवं अन्य पवित्र नदियां निकलती हैं। मनुष्य एवं देवता भी यहां समय बिताने को अपना सौभाग्य समझते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में नर्मदा प्रकटोत्सव और नर्मदापुरम गौरव दिवस समारोह में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नर्मदापुरम जिले के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी। नर्मदापुरम को इंदौर-भोपाल की तरह ही शहर बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दूध की दुकानें खोली जाएगी एवं शराब की दुकानें बंद होगी। नर्मदापुरम जिले में इंजीनियरिंग कालेज खोला जाएगा। उन्होंने सेठानी घाट में बनाए जल मंच से माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कन्या पूजन कर नर्मदा प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया। आचार्य सोमेश परसाई, गोपाल प्रसाद खडडर एवं पं विनोद दुबे नें विधि विधान से पूजा संपन्न कराई। मुख्यमंत्री ने 104.72 करोड़ रुपये के 30 विकास कार्यो का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 29.96 करोड़ के 24 कार्यों का भूमि-पूजन एवं 74.76 करोड़ के 6 कार्यो का लोकार्पण शामिल है। नर्मदा प्रकटोत्सव पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट में आटे से बने 1 लाख 25 हजार दीपक से दीपदान किया गया। नर्मदा तट आकर्षक रोशनी से भव्य आभा बिखेर रहा था। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा नदी ही एक ऐसी नदी है, जिनकी परिक्रमा कर लोग धन्य होते है। नर्मदा के जल से मालवा-निमाड़ एवं समूचे नर्मदांचल क्षेत्र के 48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि नर्मदा मैया की कृपा से समृद्धि के नये द्वार खुले हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने सभी नदियों को जोड़ने का सपना देखा था। 20 साल बाद उस सपने को साकार किया जा रहा है। केन-बेतवा नदी को जोडने से बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 01 लाख करोड़ की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम जिले में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बारे में बताया कि इससे नर्मदापुरम संभाग में 31 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम के लोग पलायन न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह औद्योगीकरण आने वाली पीढ़ी के लिए है। हमने सभी संभाग में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना से बहनों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि बुधवार 5 फरवरी को वे मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कर रहे हैं तथा आने वाले समय में विद्यार्थियों को लैपटॉप भी दिये जाऐंगे। सनातन संस्कृति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत की संस्कृति धर्म से जुड़ी हुई है। मध्यप्रदेश सरकार भगवान राम एवं भगवान श्रीकृष्ण की स्थली को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेगी। नरसिंहपुर होशंगाबाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने सभी उपस्थित लोगों से कहा कि हम माँ नर्मदा की सेवा करने का कार्य करें। मुख्यमंत्री ने पूर्व में ही हमें नर्मदा लोक की सौगात दी है। राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को अनेक सौगातें दी है। नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि नर्मदा लोक के प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने दूसरे चरण के लिए 30 करोड की राशि देने एवं इंजिनियरिंग कॉलेज की सौगात देने की माँग की। इसके पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेन्द्र यादव ने कहा कि नर्मदा प्रकटोत्सव कार्यक्रम समूचे विश्व में मनाया जाने वाला कार्यक्रम है। इस अवसर पर सिवनी-मालवा विधायक प्रेमशंकर वर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी, श्रीमती प्रीती पवन शुक्ला सहित जन-प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री जल मार्ग से जल मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदा प्रकटोत्सव की संध्या पर सर्किट हाउस घाट से जलपरी में बैठ कर मुख्य कार्यक्रम स्थल सेठानी घाट में बनाये गये जल मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैसे ही जल मंच पर पहुंचे वैसे ही उपस्थित लोगो की भीड ने हर-हर नर्मदे, नर्मदे हर के जयकारे के साथ आकाश गुंजायमान कर दिया। विधि विधान से हुई पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा तट पर बनाये गये आकर्षक जल मंच पर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य माँ नर्मदा की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ नर्मदा का जल अभिषेक कर माँ नर्मदा की महाआरती की। नर्मदा तट पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छाई छटा नर्मदा प्रकटोत्सव एवं नर्मदापुरम के गौरव दिवस के अवसर पर मंगलवार को लोकप्रिय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। जिसके अंतर्गत सेठानी घाट पर मीशा शर्मा एवं उनके साथी गणों द्वारा निमाड़ी लोक गायन की सुमधुर प्रस्तुति दी गई। देर रात्री उज्जेन की कशिश शीतलानी एवं उनके सा थीगणों द्वारा कथा नर्मदा की नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुती दी गई। जिसका दर्शको नें खूब आनंद उठाया। इसके पश्चात भोपाल से आये विकास सिरमोलिया एवं उनके साथियों की भक्ति गायन की भाव-विभोर करने वाली प्रस्तुती हुई। प्रमुख स्थानों और चौराहों का सौंदर्यीकरण, घरों में जले दीप नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर शहर में पिछले अनेक दिनों से स्वच्छता अभियान चलाया गया था। सभी घाटों पर एवं अनेक चौराहों व स्थानों पर विशेष सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया है। घाट एवं जगह जगह पर लाइटिंग की गई थी। शहरवासियों ने अपने घरों में दीपक जलाकर नर्मदा प्रकटोत्सव का उल्लास मनाया।   recent visitors 38

मंत्रि-परिषद ने दी “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025” लागू करने की स्वीकृति

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन की मंत्रि-परिषद ने दी स्वीकृति 5 वर्ष की अवधि में 10 लाख आवासों का किया जायेगा निर्माण मंत्रि-परिषद ने दी "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" लागू करने की स्वीकृति प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 4,400 रोजगार होंगे सृजित "मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति 2025" को दी स्वीकृति हुकुमचंद मिल की देनदारियों के निपटान एवं नवीन परियोजना क्रियान्वयन को मंजूरी शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत इंटर्नशिप छात्रों की स्टायपेण्ड राशि में वृद्धि का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई। योजना अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जायेगा। इसमें 50 हजार करोड़ रूपये व्यय होंगे। बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.एच.पी.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों तथा निजी बिल्डर/डेवलपर के द्वारा आवासों का निर्माण कर प्रदान किया जायेगा। इस घटक अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा क्रियान्वित व्हाइट लिस्टेड/ओपन मार्केट परियोजनाओं में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने के लिए रिडीमेबल हाऊसिंग वाउचर (आरएचवी) प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गयी है। एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा। इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा योजना अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बी.एल.सी. घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा ए.एच.पी. घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई। 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही परिवारों के लिए हर मौसम अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ साथ समुचित अधोसंरचना जैसे सड़क, जल प्रदाय, मल-जल निकासी, पार्क तथा सामाजिक अधोसंरचना जैसे आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि विकसित किये जायेंगे। शासन सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास प्रदान किया जाना सुनिश्चित करेगा। शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई। एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके। सेमी कंडक्टर नीति से 14,400 रोजगार होंगे सृजित मंत्रि-परिषद द्वारा "मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति 2025" लागू किये जाने की स्वीकृति दी गयी। उत्कृष्टता केंद्रों के लिए सकारात्मक भूमिका में सहयोगी, 'स्किल इंडिया जैसी पहल और वैश्विक तकनीकी उन्नत कंपनियों के साथ साझेदारी भारतीय कार्य बल को चिप डिजाइन, निर्माण, और सिस्टम एकीकरण में उन्नत कौशल तथा इस क्षेत्र में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित कर आर्थिक विकास को बढ़ावा देने राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र के रूप में विकसित किये जाने की आवश्यताओं के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025" जारी करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट में हुए निर्णय अनुसार प्रदेश में निवेश के प्रति निर्मित अनुकूल वातारण को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश में एक स्थायी इको-सिस्टम का विकास होगा। उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से कौशल विकसित होगा। प्रदेश में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएँ भी बढ़ेगी। इस नीति से राज्य को उच्च तकनीक से जुड़े कुशल कार्यबल का विकास करने का अवसर मिलेगा। राज्य को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रसर करने के लिए सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र सार्थक होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने का अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति में सुदृढ़ होगी। उद्योगों और स्टार्टअप्स को सहयोग मिलेगा नवाचार को बढ़ावा देकर सेमी कंडक्टर डिज़ाइन, आर एंड डी और विनिर्माण क्षेत्रों को सहायता मिलेगी। निर्यात वृद्धि से राजस्व में राज्य की वैश्विक बाजार में पकड़ मजबूत होगी। देश में 'मेक इन इंडिया और 'डिजिटल इंडिया' की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमी कंडक्टर डिजाइन में निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है। भारत की युवा और तकनीकी रूप से कुशल जनसंख्या अनुसंधान और विनिर्माण के लिए एक विशाल प्रतिभा पूल प्रदान करती है। इसके अलावा, अमेरिका, जापान, और ताइवान जैसे देशो के साथ भारत के सहयोग ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, विशेष रूप से एआई, आईओटी और रोबोटिक्स में, सेमीकंडक्टर … Read more

खुद की बिजली से दमकेंगे एमपी के 10 बड़े शहर, 12 मेगावाट तक की क्षमता के लगेंगे पावर प्लांट

भोपाल नगरीय विकास विभाग ने घरेलू कचरे के निस्तारण के मामले में बड़े जुर्माने से बचने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। इसके तहत कहीं कचरे से सीएनजी बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं तो कहीं कंपोस्टिंग के प्लांट लग रहे हैं। इसी सिलसिले में अब मध्यप्रदेश के 10 शहरों में कचरे से बिजली बनाने के प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन्हें केन्द्र से अनुमति मिल गई है। यह वर्ष 2026 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार ने प्रदेश में नगरीय निकायों को वर्ष 2027 तक कचरा प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। यहां पहले से बनाई जा रही रीवा, जबलपुर में कचरे से बिजली बनाने की यूनिट संचालित हैं। प्रतिदिन 950 टन कचरे का प्र-संस्करण कर 18 मेगावॉट बिजली पैदा की जा रही है। लीगेसी वेस्ट खत्म करने में मिलेगी मदद एनजीटी ने 2022 में सॉलिड वेस्ट प्रबंधन में लापरवाही के लिए 3 हजार करोड़ का जुर्माना लगाया था। तत्कालीन सीएस ने छह माह में प्रबंधन करने का शपथ-पत्र दिया था। इसके बाद जुर्माना स्थगित किया गया, लेकिन अब भी निकायों की डंपिंग साइट पर 25 लाख टन से ज्यादा लीगेसी वेस्ट जमा है। बिजली प्लांट बनने से वेस्ट भी खत्म करने में मदद मिलेगी। जुर्माने से बचा जा सकेगा। हाल ही में गीले कचरे की कंपोस्टिंग के लिए कटनी, सागर में स्वचालित यूनिट लगाई गई हैं। इन 10 नई इकाइयों को अनुमति 10 नगरीय निकायों के लिए क्लस्टर आधार पर 1018.85 टन प्रतिदिन क्षमता की इकाइयों के लिए मंजूरी मिली है। इन निकायों में सांची, हरदा, नया हरसूद, शाहगंज, आलीराजपुर, देपालपुर, उन्हेल, बाबई, धारकोटि और इंदौर शामिल हैं। इनमें आसपास के स्थानों को भी जोड़ा गया है। जहां कचरा कम निकलता है वहां समीपस्थ अन्य शहरों को जोड़ा गया है। इंदौर-उज्जैन को मिलाकर 607 टन कचरे से बिजली बनाने की यूनिट्स का काम प्रस्तावित है। इसके शुरू होने से 12.15 मेगावाट बिजली बन सकेगी। recent visitors 31

चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के लिए किया AI का इस्तेमाल तो मिलेगी सख्त सजा, पहली बार ब्रिटेन ने बनाया कानून

लंदन आर्टिफिशल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल जैसे-जैसे बढ़ रहा है, इसके गलत इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जो AI से चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के खिलाफ कानून लेकर आया है। इस कानून में बाल यौन शोषण कंटेंट को बनाने के लिए AI प्रोडक्ट को रखना, बनाना या उनकी किसी भी तरह से डिस्ट्रीब्यूशन को अवैध श्रेणी में रखा गया है। ऐसे करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसे एआई के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कानून माना जा रहा है। रॉयटर की खबर के मुताबिक AI को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। इसके गलत इस्तेमाल को लेकर भी लोगों में चिंता है। ब्रिटेन सरकार में होम सेक्रेटरी यवेट कूपर ने बताया कि AI द्वारा जनरेट चाइल्ड पोर्नोग्राफी इमेज जैसे खतरों को रोकने के लिए चार नए कानून को पेश किया जाएगा। इसमें सख्त सजा का प्रावधान किया जाएगा। ऐसी सामग्री के साथ पकड़े जाने पर 5 साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है। AI पीडोफाइल मैनुअल रखना भी गैर-कानूनी कैटेगरी में पाया है और इसमें अपराधियों को तीन साल तक सजा होगी। कूपर ने चाइल्ड एब्यूज को कूपर ने बाल शोषण के बढ़ते ऑनलाइन पहलू पर भी प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि एक जांच में पाया गया कि पूरे ब्रिटेन में लगभग 500,000 बच्चे हर साल किसी न किसी तरह के दुर्व्यवहार का शिकार होते हैं, जिसमें इंटरनेट से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ रही है। सरकार उन लोगों पर भी निशाना साध रही है जो बाल यौन शोषण सामग्री को वितरित करने या साझा करने की सुविधा देने वाली वेबसाइट चलाते हैं। ऐसी वेबसाइट चलाते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल तक की जेल हो सकती है। UK होम मिनिस्ट्री ने दी जानकारी ब्रिटेन की होम मिनिस्ट्री ने इसको लेकर कहा कि ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है, जो चाइल्ड एब्यूज कंटेंट बनाने AI प्रोडक्ट को रखना, बनाना या उनको डिस्ट्रीब्यूट करने को अवैध बनाता है. सिखाना भी होगा गैर कानूनी AI पीडोफाइल मैनुअल रखना भी गैर-कानूनी कैटेगरी में पाया है और इसमें अपराधियों को तीन साल तक सजा होगी. AI पीडोफाइल मैनुअल के तहत लोगों को यौन शोषण के लिए AI का उपयोग करना सिखाया जाता हैं. वेबसाइट भी होंगी शामिल नए कानून के तहत चाइल्ड एब्यूज कंटेंट के तहत वे वेबसाइट भी आएंगी, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा कंटेंट शेयर करती हैं. नए कानून में वे वेबसाइट भी शामिल होंगी, जो यौन शोषण के लिए बच्चों को कैसे तैयार किया जाए उसके लिए सलाह देने का काम करती हैं. क्राइम एजेंसी ने बताया मीडिया रिपोर्ट्स में नेशनल क्राइम एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए और उससे संबंधित हर महीने 800 गिरफ्तारियां होती हैं. इसमें कहा कि 8.40 लोग देशभर में बच्चों के लिए खतरा हैं, जो वयस्क आबादी का 1.6 परसेंट है. ऑनलाइन और ऑफलाइन खतरा पैदा करते हैं. recent visitors 42

हर घर में पाइप लाइन से पहुंचेगी रसोई गैस, केंद्र सरकार की बढ़ी तैयारी

नईदिल्ली केंद्र सरकार उज्जवला योजना के तहत हर घर में एलपीजी पहुंचाने के बाद देश में गैस पाइपलाइन के दायरे में विस्तार कर रही हैं। पाइप लाइन के माध्यम से घर-घर गैस आपूर्ति के लिए सरकार कदम उठा रही है। पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 733 जिलों में फैले देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 100 प्रतिशत को कवर करने वाले 307 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) को अधिकृत किया है। यह जानकारी केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार ने देश में सीजीडी क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इनमें अन्य बातों के अलावा ये उपाय शामिल हैं-     सीजीडी क्षेत्र को घरेलू प्राकृतिक गैस का आवंटन     पीएनजी प्रयोजन के लिए उपलब्ध मोड (कैस्केड मोड सहित) के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए अधिसूचना।     सीजीडी परियोजनाओं को सार्वजनिक उपयोगिता का दर्जा प्रदान करना ।     रक्षा आवासीय क्षेत्र/यूनिट लाइनों में पीएनजी के उपयोग के लिए दिशानिर्देश।     सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अपने-अपने आवासीय परिसरों में पीएनजी की व्यवस्था करने के लिए दिशानिर्देश।     सीपीडब्ल्यूडी और एनबीसीसी सभी सरकारी आवासीय परिसरों में पीएनजी की व्यवस्था करेंगे। सरकार इस विषय में संबंधित राज्यों में सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए राज्य सरकारों के साथ नियमित रूप से बातचीत और बैठकें आयोजित करती है तथा इस संबंध में चुनौतियों का समाधान करती है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विकास के तहत प्रदान किए जाते हैं। पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ये कनेक्शन दिए जाते हैं। आपको बता दें, पीएनजीआरबी ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 733 जिलों में फैले देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 100 प्रतिशत को कवर करने वाले 307 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) को अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त पीएनजीआरबी ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए पूरे झारखंड राज्य को कवर करने वाले 11 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) (बिहार और झारखंड में फैले 3 जीए सहित) को अधिकृत किया है। हर घर में आएगी रसोई गैस के लिए पाइप लाइन उन्होंने कहा कि गैस पाइप लाइन का विस्तार हो जाने के बाद देश के 82 प्रतिशत से अधिक भूमि क्षेत्र और 98 प्रतिशत आबादी को पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस सप्लाई कर दी जाएगी। गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए बोल का प्रोसेस 12 मई से शुरू होगा। 98 फीसदी आबादी को मिलेगी पाइप के जरिये रसोई गैस हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि बोली प्रक्रिया के बाद बेसिक इंफ्रास्ट्रक्टर का खाका बनाने पर काम किया जाएगा। इसमें एक तय समय लगेगा। मंत्री ने बताया कि 11वीं बोली के बाद 82 फीसदी लैंड एरिया और 98 फीसदी आबादी को रसोई गैस पाइप लाइन के जरिये मिलेगी। इन एरियो को नहीं मिल पाएगी गैस पाइप लाइन वहीं, पहाड़ी इलाकों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के पूर्वी इलाके और जम्मू कश्मीर के कुछ दुर्गम एरिया में गैस पाइप लाइन नहीं आ पाएगी। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की तुलना में पाइप के माध्यम से मिलने वाली रसोई गैस सस्ती और ज्यादा बेहतर होगी। बनेंगे 1000 एलएनजी स्टेशन कोविड महामारी के दौरान उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिये गए। आज गैस सिलेंडरों की संख्या 30 करोड़ से अधिक है जबकि साल 2014 में 14 करोड़ थी। मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी की पूरा आबादी को इसमें कवर किया जाए और काम तेजी से किया जाएगा। इसी योजना के तहत 1000 एलएनजी स्टेशन लगाए जाएंगे। recent visitors 56