मंत्री परमार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय गौलाना में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का हुआ अनावरण

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लागू होने के बाद से ही, प्रदेश में शिक्षा में आमूलचूल और व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। मध्यप्रदेश नए संकल्प के साथ, भारत केंद्रित शिक्षा और भारतीय दर्शन से समृद्ध शिक्षा की ओर सतत् आगे बढ़ रहा है। शिक्षा में व्यापक परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में, राज्य सरकार ने सीएम राइज योजना के अंतर्गत विद्यालय स्थापित किए हैं। निर्धनता, अब शिक्षा अर्जित करने में बाधा नहीं बन सकेगी। निर्धन अभिभावक का दर्द समझकर ही सीएम राइज योजना अंतर्गत विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सभी वर्ग के विद्यार्थी समान रूप से गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा अर्जित कर सकेंगे। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कही। मंत्री परमार मंगलवार को शाजापुर जिले की शुजालपुर विधानसभा के गौलाना स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय में "भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम" में संबोधित कर रहे थे। मंत्री परमार ने गौलाना स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सीएम राइज विद्यालय में भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रथम सीएम राइज विद्यालय के रूप में स्थापित होने के समय ही, हमने इस विद्यालय का नामकरण बाबा साहेब के नाम पर कर दिया था। परमार ने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन देश और समाज के लिए एवं सभी के लिए समान अधिकारों के लिए समर्पित रहा। इसके लिए उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना था। परमार ने कहा कि बाबा साहेब सभी के लिए श्रद्धा का केंद्र हैं, सभी वर्ग के लोग उनका सम्मान करते हैं और उनके जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेते हैं। मंत्री परमार ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर, उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात् करें और उनकी तरह ही राष्ट्र निर्माण के लिए देशभक्त एवं ईमानदार नागरिक बनने की ओर आगे बढ़ें। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। परमार ने कहा कि विद्यालय परिसर में महापुरुषों के लिए कथनों पर आपस में संवाद कर, उन्हें अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें। परमार ने कहा कि गौलाना में शीघ्र ही महाविद्यालय का भी लोकार्पण होगा, इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर सुलभ रूप से गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक उच्च शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। परमार ने विद्यार्थियों से कहा कि मातृभूमि, जन्मभूमि, मां गंगा जैसी नदियां एवं गौमाता, इन चार माताओं के प्रति जीवन भर कृतज्ञता ज्ञापित करने का भाव जागृत करें। परमार ने कहा कि निरंतर अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से आगे बढ़ें और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के भाव को आत्मसात् करें। परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता से स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनेगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विद्यालय का भ्रमण कर शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा भी की और विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई के बारे में संवाद भी किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, जिला शिक्षा अधिकारी विवेक दुबे, अंतर सिंह जादौन, मांगीलाल, महेंद्र गोवा, योगेंद्र सिंह बंटी बना, राजेश कुमार पाटीदार एवं विद्यालय के प्राचार्य गोपाल कृष्ण शर्मा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।   recent visitors 50

राजधानी भोपाल में भीख मांगने और देने पर बैन, उल्लंघन करने वालों पर होगी क़ानूनी कार्रवाई

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भीख मांगना और भीख देना अपराध की श्रेणी में आ गया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके लिए आदेश जारी किया है, जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगने और देने दोनों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी. भीख मांगने पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया? डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राजधानी भोपाल में ट्रैफिक सिग्नलों, चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले लोग यातायात में बाधा डालते हैं और शासन के आदेशों की अवहेलना करते हैं. इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि भीख मांगने में अन्य राज्यों और शहरों के लोग भी संलग्न रहते हैं, जिनमें से कई का आपराधिक इतिहास होता है. इनमें से कई व्यक्ति नशे और अन्य अवैध गतिविधियों में भी लिप्त पाए गए हैं. इसके अलावा, भीख मांगने की आड़ में कई आपराधिक गिरोह भी सक्रिय हैं, जो इसका फायदा उठाते हैं. ट्रैफिक सिग्नलों पर दुर्घटनाओं का खतरा भीख मांगने का एक और बड़ा खतरा सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ा है. अक्सर देखा गया है कि भिक्षुक ट्रैफिक सिग्नलों पर गाड़ियों के बीच आकर भीख मांगते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. भोपाल प्रशासन ने इसे एक सामाजिक बुराई मानते हुए इसे समाप्त करने का निर्णय लिया है. भीख देने वाले पर भी होगी कार्रवाई भोपाल कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सिर्फ भीख मांगना ही नहीं, बल्कि भिक्षुकों को भिक्षा देना या उनसे कोई सामान खरीदना भी अपराध माना जाएगा. अगर कोई व्यक्ति किसी भिक्षुक को भोजन, पैसे या अन्य चीजें देता है या उनसे कोई सामान खरीदता है, तो इसे भी इस आदेश का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. भिक्षुओं के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था प्रशासन ने भीख मांगने पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही, भिक्षुकों को पुनर्वासित करने के लिए विशेष प्रबंध भी किए हैं. आदेश के अनुसार, कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आश्रय स्थल को भिक्षुक गृह के रूप में आरक्षित किया गया है. प्रशासन का कहना है कि इससे बेघर और बेसहारा भिक्षुकों को रहने के लिए उचित स्थान मिलेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई डीएम कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह भी कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसे सार्वजनिक प्रचार, समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. भीख न देने पर बदतमीजी दरअसल, एक नागरिक ने भीख न देने पर भिखारी द्वारा की गई बदतमीजी की शिकायत की थी। पुलिस ने भिखारी को पकड़ा और पूछताछ की। जमानती धारा होने के कारण उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए भीख मांगने और देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी नए आदेश के अनुसार भोपाल की सीमा में कोई भीख नहीं मांग सकता। कोई भी किसी को भीख नहीं दे सकता। यहां तक कि भिखारियों से कोई सामान खरीदना भी मना है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करेगा। इससे नियम तोड़ने वालों पर नज़र रखी जा सकेगी। इस नियम के तहत निकाला आदेश यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया है। इस धारा के तहत प्रशासन को लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने का अधिकार है। भिक्षावृत्ति करने वालों के लिए पुनर्वास भिखारियों के पुनर्वास के लिए भी व्यवस्था की गई है। कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भिक्षुक गृह बनाया गया है। यहां भिखारियों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था होगी। उन्हें यहां आश्रय दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भिखारियों को भीख मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। यह कदम शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। इससे नागरिकों को भीख मांगने वालों से होने वाली परेशानी से भी निजात मिलेगी।   recent visitors 57

हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है, गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, राहुल पर कसा तंज: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को 'बोरिंग' बताने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग अपने मनोरंजन के लिए गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कराते हैं, उन्हें संसद में गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी। उन्होंने कहा कि हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है। गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, मीडिल क्लास के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते हैं, इसके लिए जज्बा चाहिए। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ लोगों में यह है ही नहीं। इसके बाद पीएम मोदी ने शीशमहल का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का फोकस आलीशान घरों में जकूजी और शॉवर पर है। कुछ नेताओं का फोकस अपने घर के स्टाइलिश बाथरूम पर है। हमारा फोकस तो 'हर घर नल से जल' पहुंचाने पर है। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए यह बहुत बड़ा सौभाग्य है कि देश की जनता ने मुझे 14वीं बार इस जगह पर राष्ट्रपति के संबोधन का आभार व्यक्त करने का अवसर दिया है। इसलिए मैं जनता-जनार्दन का भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं और सदन में इस चर्चा में जिन-जिन लोगों ने हिस्सा लिया और चर्चा को समृद्ध किया, उन सबका भी मैं आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का उद्बोधन भविष्य के 25 वर्ष और 'विकसित भारत' के लिए एक नया विश्वास जगाने वाला है। एक प्रकार से आदरणीय राष्ट्रपति का यह उद्बोधन विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला है, नया विश्वास पैदा करने वाला है और जन-सामान्य को प्रेरित करने वाला है। recent visitors 150

सीआरपीएफ के 3 जवान IED ब्लास्ट की चपेट में आने से घायल, एयरलिफ्ट कर लाया गया रायपुर

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन से अब नक्लसियों की कमर टूटने लगी है. मुठभेड़ में मिल रही विफलताओं से माओवादियों में बौखलाहट है. इसलिए जवानों को नुकसान पहुंचाने नक्सली लगातार आईईडी प्लांट कर रहे हैं. आज पुरंगेल के जंगल में IED ब्लास्ट की चपेट में आने से सीआरपीएफ के 3 जवान घायल हो गए. इसकी पुष्टि बस्तर रेंज आईजी पी सुंदरराज ने की है. घायल जवानों को इलाज के लिए रायपुर लाया गया है.   जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम के साथ हीसीआरपीएफ 231 बटालियन के जवान सोमवार सुबह  सर्चिंग पर निकले थे.  किरंदुल थाना क्षेत्रान्तर्गत पुरंगेल गांव के जंगलों में नक्सलियों ने आज आईईडी ब्लास्ट किया. जिसकी चपेट में आने से एक जवान बुरी तरह से घायल हो गया. साथ ही दो और जवानों को मामूली चोट आई हैं. घायल जवान प्रमोद कुमार का पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया है. क्षेत्र में सघन गश्त सर्चिंग जारी है. घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया है. घायल जवान का अस्पताल में इलाज जारी एयरलिफ्ट कर IED ब्लास्ट में घायल दो जवानों को रायपुर लाया गया है. यहां एक निजी अस्पताल में जवान का इलाज जारी है.  अस्पताल के प्रबंधन निदेशक डॉ. सुनील खेमका ने कहा कि जवानों को यहां लाया गया है, एक और जवान को जल्द ही यहां भर्ती किया जाएगा. घायल जवान प्रमोद कुमार के पैर में चोटें आई हैं, हम उनका ऑपरेशन करेंगे. दूसरे जवान विजय कुमार को मामूली चोटें आई हैं.” recent visitors 34

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर की सही समय में जाँच पर पूर्ण निदान सहजता से संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में आज आर्थिक संसाधनों की कमी नहीं है। चिकित्सकीय संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है। अधोसंरचना विकास के साथ अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में संसाधनों के साथ चिकित्सकीय मैनपॉवर का मानवीय रवैया, भावनात्मक सहयोग उपचार को आसान करता है। मरीजों और परिजनों में संतोष का भाव जागृत करता है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों कार्मिकों में मानवीय संवेदनाओं की समझ और उसका प्रकटीकरण अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्व कैंसर दिवस पर एम्स भोपाल में आयोजित 2 दिवसीय पेलियेटिव केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कैंसर का निदान सहज और सुलभ बनाने के लिये केंद्रीय बजट में हर ज़िले में कैंसर केयर सेंटर बनाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है। साथ ही कैंसर दवाओं को किफायती दरों में उपलब्ध कराने के प्रावधान किये गये हैं। आयुष्मान भारत योजना से हर नागरिक आज उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं सहजता से प्राप्त कर पा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन में स्वस्थ भारत महत्वपूर्ण आयाम है। इसके लिये केन्द्र और राज्य सरकार पूर्ण समर्पण से प्रयास कर रही हैं। इसे साकार करने हेल्थ मैन-पॉवर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सक का दायित्व केवल उपचार करने तक सीमित नहीं है। उपचार के साथ और उपचार के बाद मरीज़ को जो मानसिक और भावनात्मक सहयोग चिकित्सक या अस्पताल स्टॉफ से मिल सकता है, वो उसकी रिकवरी को और तेज़ करने में सहायक होता है। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर से प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाने का आह्वान किया। असंचारी रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए "टेस्ट और ट्रीट" अवधारणा पर किया जा रहा है कार्य उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों में संभागीय मुख्यालयों में लाइनैक मशीन, पेट स्कैन, ब्रेकी थेरेपी एयर कैथ लैब जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि हृदय रोग, कैंसर जैसे असंचारी रोगों का समुचित निदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन रोगों के बेहतर प्रबंधन के लिए “टेस्ट और ट्रीट” अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों से आह्वान किया कि पूरे समर्पण से मिशन मोड में सेवा भाव से कार्य करें। संसाधनों के साथ समर्पित प्रयास से मध्यप्रदेश शीघ्र ही स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विगत दिवस जबलपुर, भोपाल और इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंग रिट्रीवल एवं प्रत्यारोपण कर बहुमूल्य जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा ऐसे समर्पित प्रयासों से चिकित्सकीय कार्मिको का मान बढ़ता है और समाज में अपने प्रतिष्ठित स्थान के साथ वे न्याय करते हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रशिक्षण प्रदान करने वाले मास्टर ट्रेनर और रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया। अध्यक्ष एम्स प्रो. डॉ. सुनील मलिक ने पेलियेटिव केयर के विभिन्न आयामों और महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने असंचारी रोगों के बढ़ते दबाव और प्रबंधन के लिए किये जा रहे प्रयासों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रोफेसर्स और विषय विशेषज्ञों ने पेलियेटिव केयर की जिम्मेदारियों और दायित्वों की चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। क्या है पेलियेटिव केयर.. पेलियेटिव केयर गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा देखभाल है। पेलियेटिव केयर का उद्देश्य मरीज़ में दर्द या अन्य कोई शारीरिक, मानसिक या सामाजिक समस्याओं की पहचान और सही मूल्यांकन कर उसकी पीड़ा को कम करने में मदद करना है। इसके लिए ऐसे मरीज़ों के परिजनों को भी परामर्श और तकनीकी कौशल को बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद घर पर उसकी बेहतर देखभाल हो सके। साथ ही साथ अस्पताल में बार-बार भर्ती होने की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके। पेलियेटिव केयर कार्यक्रम में कैंसर विभाग, रेडियोथैरेपी, एनेस्थिशिया, मेडिसिन एवं सायकेट्री विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही फंटलाईन डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ को भी इसकी समझ ज़रूरी है, क्योंकि इन्हीं लोगों के पास सबसे पहले कोई मरीज़ अपनी तकलीफ को लेकर पहुंचता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में 5 करोड़ 68 लाख लोगों को पेलिएटिव केयर की आवश्यकता है। इनमें से लगभग 2 करोड़ 57 लाख लोग जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं। वैश्विक स्तर पर 14 प्रतिशत लोगों को ही पेलिएटिव केयर उपलब्ध है।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 हजार 900 विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे नि:शुल्क स्कूटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वर्ग अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़े। राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस क्रम में कल 5 फरवरी को सभी पात्र निर्धारित विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की जाएगी। युवा वर्ग अपनी प्रावीण्यता का लाभ ले और अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनें, इस उद्देश्य से यह उपक्रम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा न केवल उद्यमी बनें अपितु सब प्रकार से सक्षम भी बनें और अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 फरवरी बुधवार को प्रात: 11 बजे भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शासकीय स्कूलों के प्रतिभाशाली 7,900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्कूटी प्रदान करेंगे। प्रदेश में संचालित शासकीय हायर सेकण्डरी विद्यालयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थी को नि:शुल्क ई-स्कूटी प्रदान करने की योजना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्कूटी प्रदान की जाती है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 में शासकीय विद्यालय के किसी भी संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले करीब 7 हजार 900 विद्यार्थियों को नि:शुल्क ई-स्कूटी वितरित की जायेगी।   recent visitors 53

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

चैतन्य है मां नर्मदा की धारा, इसके दर्शन से होते हैं सभी धन्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के कुल 48 लाख हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में से 40 लाख हैक्टेयर माँ नर्मदा है सिंचित प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई राज्य जल्द ही प्राप्त करेगा एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य सिंचाई के लिये जल से सोना ऊगलेंगे सूखे खेत वर्ष 2028 तक 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे मुख्यमंत्री ने की नई आईटीआई स्वीकृत और 316 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन गोंद गाँव में खुलेगी सर्व सुविधा युक्त गौशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छीपानेर, हरदा में वेदगर्भा घाट का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां नर्मदा की धारा चैतन्य है, इसके दर्शन मात्र से ही सभी धन्य होते हैं। माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है। प्रदेश का सिंचाई रकबा 48 लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें से 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मां नर्मदा के जल से सिंचाई होती है। पारस पत्थर जैसे लोहे को सोना कर देता है, वैसे ही जल के पहुंचते ही सूखे खेत भी सोना ऊगलने लगते हैं। राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई के रकबे का तेजी से विस्तार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के लिए एक लाख 75 हजार करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई है, इससे प्रदेश में केन-बेतवा और पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं आरंभ होंगी। इन परियोजनाओं से एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले के छीपानेर में नर्मदा तट पर वेदगर्भा घाट के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले में एक नई आईटीआई संस्था स्वीकृत करने और गोंदागांव में सरकारी खर्चे पर सर्वसुविधा युक्त गौशाला स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने 316 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। कार्यक्रम में डारा इंजीनियरिंग प्रायवेट लिमिटेड के मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पप्पू राम विश्नोई ने इस अवसर पर वैदिक विद्या पीठम् चिचोट के विकास के लिये 1 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी, प्रदेश के सहकारिता तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, नर्मदापुरम् सांसद दर्शन सिंह चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, नगर पालिका अध्यक्ष भारती राजू कमेडिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गहलोत पूर्व विधायक संजय शाह, प्रेम कुमार, स्वामी नित्य चैतन्य दास जी महाराज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी विपदा में फंसे व्यक्तियों को तत्काल समुचित इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस दुर्घटना के एक माह बाद ही राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के घायल व्यक्तियों के लिए नि:शुल्क एयर एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में जहां हवाई पट्टी है, वहां विमान से और अन्य स्थानों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई। गरीबों को भी समय पर इलाज मिले इसके लिए नि:शुल्क हवाई जहाज/हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अंतर्गत ही प्रदेश में गरीब, महिला, किसान और युवा कल्याण मिशन प्रारंभ किए जा रहे हैं। युवा कल्याण मिशन से हम वर्ष-2028 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौपालन से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य जारी है। प्रख्यात विचारक सुरेश सोनी ने इस अवसर पर कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिये जीवनदायिनी है, इसे प्रदूषित न करें। नर्मदा नदी प्रदूषण मुक्त बनी रहें, यह हम सभी का दायित्व है। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाये जाने चाहिए क्योंकि वृक्ष ही नर्मदा नदी को पोषित करते हैं। सोनी ने कहा कि हमारे देश में नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है। 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का हुआ लोकार्पण/भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 316.20 करोड़ रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम चिचोट कुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का अवलोकन कर लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, पीआईयू के 6, स्वास्थ्य विभाग के 3, नगरीय प्रशासन विभाग के 3 तथा विद्युत वितरण कम्पनी के 4 कार्य सहित 21 कार्यों का भूमि-पूजन हुआ। इसी तरह जिन 97 कार्यों का लोकार्पण किया गया, उनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के 3, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4, लोक निर्माण विभाग के 29, पीआईयू के 6, सेतु विकास निगम का 1, लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के 52 तथा विद्युत वितरण कम्पनी व नर्मदा घाटी विकास विभाग के 1-1 कार्य शामिल है।   recent visitors 32