MP में ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों प्रति वर्ष चार लाख घर बनाए जाएंगे, शुरुआत 2025-26 से हो जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी तीन वर्षों में 12 लाख आवास बनाए जाएंगे। केंद्र सरकार इसकी सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। प्रति वर्ष चार लाख आवास बनेंगे। इसकी शुरुआत वित्तीय वर्ष 2025-26 से हो जाएगी। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 54 हजार 832 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा है। इससे निर्माण कार्य में गति आएगी। वहीं, जल जीवन मिशन को वर्ष 2028 तक संचालित किए जाने की घोषणा ने भी मध्य प्रदेश को राहत दी है। 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद मिशन के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 77,952 करोड़ रुपये की 22 हजार 408 परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हैं। मिशन के संचालन से प्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल है। लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य गरीब कल्याण मिशन में आवास को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। केंद्र सरकार के बजट से उम्मीद है कि राज्य को लक्ष्य के अनुरूप राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही नारी सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसकी पूर्ति के लिए भी आर्थिक सहायता मिलेगी। राज्य बजट से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई जल जीवन मिशन में वर्ष 2023-24 में 10,773 करोड़ रुपये व्यय किए गए थे। 2024-25 में 17 हजार करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। अभी 2,622 करोड़ रुपये की किस्त मिली है। 1,422 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त मांगी गई है। राज्य बजट से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। लक्ष्य प्राप्ति में सहायता मिलेगी मिशन की अवधि बढ़ाने से मिशन के अपेक्षित लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता मिलेगी। उधर, स्कूली बच्चों में साइंस, टेक्नोलाजी, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति रुचि जगाने के लिए अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला और माध्यमिक स्कूलों में ब्राडबैंड सुविधा के प्रविधान का लाभ भी मध्य प्रदेश को होगा। युवा, नारी और किसानों पर केंद्रीत बजट उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा ने कहा कि बजट गरीब कल्याण, युवा कल्याण, नारी शक्ति और किसानों की समृद्धि पर केंद्रित है। विशेष पूंजीगत सहायता योजना का विशेष लाभ होगा, क्योंकि पूंजीगत व्यय के मामले में मध्य प्रदेश का अच्छा प्रदर्शन रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, किसान क्रेडिट कार्ड में ऋण की सीमा बढ़ाने, सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए ऋण गारंटी कवर दस करोड़ रुपये करने से प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विस्तार होगा। recent visitors 60

देश के पहले सफेद टाइगरों का ब्रीडिंग सेंटर को CZA की मंजूरी, रीवा में खुलेगा बाघ प्रजनन केंद्र

रीवा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गोविंदगढ़ में सफेद बाघ प्रजनन केंद्र के प्रस्ताव को सीजेडए ने मुकुंदपुर, सतना में महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव सफेद बाघ सफारी और चिड़ियाघर के लिए संशोधित मास्टर (लेआउट) योजना के हिस्से के रूप में मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 9 और 17 दिसंबर, 2024 को अपनी 114वीं बैठक के दौरान विशेषज्ञ समूह द्वारा की गई सिफारिशों और 19 दिसंबर, 2024 को अपनी 112वीं बैठक में तकनीकी समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद दी गई है। डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल का कहना एमपी के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्र सरकार के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि सफेद बाघ प्रजनन केंद्र की स्थापना से सफेद बाघों की आबादी बढ़ाने और क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने में मदद मिलेगी। शुक्ला ने कहा कि सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए समर्पित है। मील का पत्थर साबित होगा निर्णय उन्होंने गोविंदगढ़ में व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की मंजूरी को इन प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जो वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी होने के राज्य के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। मध्य प्रदेश ने अपने अनुकरणीय वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए 'टाइगर स्टेट', 'लेपर्ड स्टेट' और 'चीता स्टेट' का खिताब अर्जित किया है। वन्यजीव कार्यकर्ता ने जताई चिंता हालांकि, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को एक पत्र भेजकर व्हाइट टाइगर ब्रीडिंग सेंटर को लेकर चिंता जताई है। दुबे का मानना है कि यह वन्यजीव संरक्षण सिद्धांतों के विपरीत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा सफेद बाघों की सुरक्षा और उनकी संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश बाघों की संख्या के मामले में देश में सबसे आगे है और यह पहल राज्य की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी.  बता दें कि 3 अप्रैल 2016 को रीवा के मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू की स्थापना की गई थी. महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव के नाम से व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर में बनी है. दो सफेद बाघिनों विंध्या और राधा की मौत के बाद फिलहाल इस सफारी में 5 और व्हाइट टाइगर हैं.  recent visitors 62

दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी :सीएम डॉ मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन का भूमिपूजन किया, उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने ठान लिया है कि अब वो केजरीवाल की सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे मुख्यमंत्री ने आज बसंत पंचमी के अवसर पर भोपाल में “दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान” के नवीन भवन के भूमिपूजन एवं कार्यारम्भ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने  पौधरोपण कर राष्ट्रीय शोधार्थी समागम पोस्टर का विमोचन कर शुभकामनाएं दीं। दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, सत्य है कि शोध से ज्ञान केवल संरक्षित नहीं होता है, अपितु मानव कल्याण के दीप को भी दीर्घ काल के लिए प्रदीप्त कर देता है। भारतीय विचार, संस्कार एवं श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी के विचारों पर शोध एवं उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर प्रकाश देता है, उसी प्रकार हमारे प्रचारक परंपराओं में  दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी उज्ज्वल नक्षत्र के समान हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार को उखाड़ फेंकेगी मीडिया से बात करते हुए सीएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा, मैंने भी प्रचार किया है सच में दिल्ली के लोगों ने ठान लिया है कि अब केजरीवाल सरकार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को बर्बाद किया है यमुना जी को गंदा किया है, हर कोई दुखी है, अब तो इनके गठबंधन की साथी कांग्रेस भी इनपर हमलावर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा केजरीवाल के वादों को सुनकर जनता ने भरोसा किया था लेकिन ये झूठ की मशीन निकले। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी मुख्यमंत्री ने फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के सवाल पर कहा, हमने 7 रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव  आयोजित की जिसका असर मुझे विदेशी दौरों में दिखाई दिया है, पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से भारत आर्थिक प्रगति कर रहा है उसे देखते हुए बाहर के निवेशकों में बहुत उत्साह है मुझे लगता है ग्लोबल इन्वेस्टर समिट रिकॉर्ड बनाएगी। बोले हमें भरोसा पूरा महाकुंभ निर्विघ्न संपन्न होगा डॉ मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से जुड़े सवाल पर कहा कि बसंत पंचमी पर आज लाखों श्रद्धालुओं ने आनंद के साथ स्नान किया है, सभी अखाड़ों ने निर्विघ्न स्नान किया है, श्रद्धालुओं को भी कोई परेशानी नहीं है। लेकिन पिछले स्नान पर जो घटना हुई उससे मन दुखी है हमें उम्मीद है कि 24 फरवरी महा शिवरात्रि तक आयोजित ये महाकुंभ अच्छे से संपन्न होगा। recent visitors 59

भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ महाकुंभ पहुंचकर गंगा स्नान किया

महाकुम्भनगर  बसंत पंचमी पर महाकुम्भ में भारत के हर राज्य और हर जाति लोगों ने एक साथ संगम में अमृत स्नान किया। इसके साथ दुनिया भर के कई देशों के श्रद्धालु भी पहुंचे और जय श्री राम, हर हर गंगे, बम बम भोले के उद्घोष के साथ भारतीय जनमानस के साथ घुल मिल गए। अमृत स्नान पर महाकुम्भ नगर में एकता का महाकुम्भ नजर आया। यहां भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत विदेशी नागरिकों ने परिवार के साथ पहुंचकर गंगा स्नान किया। जय श्री राम, हर हर गंगे का नारा लगाकर लोग उत्साह से लबरेज नजर आए। आस्था का संगम महाकुम्भ के इस ऐतिहासिक मौके पर संगम का तट भारतीय और विदेशी श्रद्धालुओं से पूरी तरह से भर गया। आस्था का ऐसा संगम हुआ कि संगम की रेत तक नजर नहीं आ रही थी। हर जगह सिर्फ मुंड ही मुंड नजर आ रहे थे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश समेत हर राज्य, हर जाति के लोग और अन्य देशों से आए विदेशी नागरिकों ने संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। अमेरिकी, इजरायली, फ्रांसीसी समेत कई अन्य देशों के नागरिक गंगा स्नान करते हुए भारत की सनातन संस्कृति से अभिभूत हुए। वे भी बम बम भोले के नारे लगाते हुए उत्साह से झूमते नजर आए। महाकुम्भ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की ब्रांडिग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्य और भव्य महाकुम्भ का अलौकिक आयोजन किया गया है। भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक शक्ति महाकुम्भ के इस बार के अद्भुत आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी ज्यादा बढ़ा दी है। महाकुम्भ में दुनिया भर के कई देशों के नागरिकों ने भाग लिया और भारत की संस्कृति को अनुभव किया। विदेशी श्रद्धालु भारत की सनातन संस्कृति से गहरे प्रभावित हुए और परिवार के साथ गंगा में स्नान किया। संगम के तट पर जय श्री राम और हर हर गंगे के उद्घोष से माहौल बना और श्रद्धालु श्रद्धा से गंगा में डुबकी लगाते रहे। हर वर्ग, संप्रदाय के लिए समानता का भाव प्रयागराज का महाकुम्भ विश्व का सबसे बड़ा मानवीय और आध्यात्मिक सम्मेलन है। यूनेस्को ने महाकुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत घोषित किया है। सीएम योगी का मानना है कि महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रतीक है। यहां सब एक समान हैं। करोड़ों लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालु, समस्त साधु, संन्यासियों का आशीर्वाद ले रहे हैं, मंदिरों में दर्शन कर अन्नक्षेत्र में एक ही पंगत में बैठ कर भण्डारों में खाना खा रहे हैं। महाकुम्भ भारत की सांस्कृतिक विविधता में समायी हुई एकता और समता के मूल्यों का सबसे बड़ा प्रदर्शन स्थल है, जिसे दुनिया भर से आये पर्यटक देखकर आश्चर्यचकित हैं। कैसे अलग-अलग भाषायी, रहन-सहन, रीति-रिवाज को मानने वाले एकता के सूत्र में बंधे संगम में स्नान करने चले आते हैं। साधु-संन्यासियों के अखाड़े हों या तीर्थराज के मंदिर और घाट, बिना रोक टोक श्रद्धालु दर्शन,पूजन करने जा रहे हैं। संगम क्षेत्र में चल रहे अनेक अन्न भण्डार सभी भक्तों, श्रद्धालुओं के लिए दिनरात खुले हैं जहां सभी लोग एक साथ पंगत में बैठ कर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। महाकुम्भ मेले में भारत कि विविधता इस तरह समरस हो जाती है कि उनमें किसी तरह का भेद कर पाना संभव नहीं है। अनवरत जारी है सनातन संस्कृति की परंपरा महाकुम्भ में सनातन परंपरा को मनाने वाले शैव, शाक्त, वैष्णव, उदासीन, नाथ, कबीरपंथी, रैदासी से लेकर भारशिव, अघोरी, कपालिक सभी पंथ और संप्रदायों के साधु,संत एक साथ मिलकर अपने-अपने रीति-रिवाजों से पूजन-अर्चन और गंगा स्नान कर रहे हैं। संगम तट पर लाखों की संख्या में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु देश के कोने-कोने से आए हैं। अलग-अलग जाति, वर्ग, भाषा को बोलने वाले साथ मिलकर महाकुम्भ की परंपराओं का पालन कर रहे हैं। महाकुम्भ में अमीर, गरीब, व्यापारी, अधिकारी सभी तरह के भेदभाव भुलाकर एक साथ एक भाव में संगम में डुबकी लगा रहे हैं। महाकुम्भ और मां गंगा, नर, नारी, किन्नर, शहरी, ग्रामीण, गुजराती, राजस्थानी, कश्मीरी, मलयाली किसी में भेद नहीं करती। अनादि काल से सनातन संस्कृति की समता,एकता कि ये परंपरा प्रयागराज में संगम तट पर महाकुम्भ में अनवरत चलती आ रही है। recent visitors 61

कैंसर देखभाल में क्रांति लाने के लिए विशेष बजट प्रावधान : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान समुचित उपचार के लिये अहम है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत विज़न से प्रेरणा लेते हुए निरंतर प्रयासरत है। हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ और किफायती रूप से मिल सकें। इसी दिशा में राज्य और केंद्र सरकार ने कैंसर उपचार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में कैंसर देखभाल के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैंसर की दवाओं को सुलभ और सस्ती दर में उपलब्ध कराने के प्रावधान हैं। इसके अलावा, हर ज़िले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया गया है, जिससे कैंसर डायग्नोसिस और उपचार की सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिल सकेगी। राज्य सरकार भी इन केंद्रों को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दे रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों में सर्वाइकल कैंसर की वीआईए जांच निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस जांच को प्रत्येक पांच वर्ष में कम से कम एक बार करवाना आवश्यक है। जिला अस्पतालों में बायोप्सी सैंपलिंग और मेडिसिन कीमोथेरेपी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित करते हुए कैंसर के इलाज को मेडिकल कॉलेजों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी संस्थाओं में सुलभ बनाया गया है। पहले जहां कैंसर का उपचार केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध था, अब राज्य के विभिन्न जिलों में, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर कैंसर सहित असंचारी रोगों की पहचान के लिए सीबैक फॉर्म भरवाए गए हैं। जिसके आधार पर एनसीडी पोर्टल के माध्यम से मरीजों का उपचार एवं फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाईपरटेंशन और कैंसर जैसे असंचारी रोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए इनकी समय पर पहचान और समुचित उपचार आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत कैंसर के उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक भी इस योजना के तहत महंगे इलाज का लाभ बिना किसी वित्तीय बोझ के उठा सकते हैं। जिला अस्पतालों में एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी उन्नत डायग्नोसिस सुविधाएं पात्र हितग्राहियों के लिए निःशुल्क तथा अन्य नागरिकों के लिए रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "सभी के लिए स्वास्थ्य" विज़न को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बजट प्रावधान महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं और किसी भी प्रकार के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। राज्य सरकार हर नागरिक के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संकल्पित है।   recent visitors 57

जेसी मिल के श्रमिकों की देनदारियों को लेकर सीएम यादव ने की बैठक 6 फरवरी

ग्वालियर मुख्यमंत्री ने जेसी मिल मजदूरों की देनदारी चुकाने के लिए दीपावली तक का समय दिया है। देनदारी चुकाने के लिए सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है, लेकिन बैंकों की देनदारी करोड़ों में निकली हैं। भारतीय स्टेट बैंक का बकाया 2 हजार 930.61 करोड़ रुपए का है। मिल की संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखी है। बैंक की देनदारियों को निर्धारित करने के लिए संपत्तियाें का फिर से सर्वे किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके अलावा 6 फरवरी को भोपाल में देनदारी के प्रस्ताव पर बैठक भी है। इस बैठक में देनदारी के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। हाईकोर्ट में मार्च में जेसी मिल की याचिका पर सुनवाई होगी। इस सुनवाई में देनदारी के प्रस्ताव के संबंध में अवगत कराया जाएगा।  दरअसल मध्य प्रदेश सरकार की पहल पर इंदौर के हुकुमचंद मिल के मजदूरों को देनदारी वापस मिल चुकी है। इस तर्ज पर जेसी मिल के मजदूरों को भी देनदारी देने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव भोपाल जा चुका है, लेकिन संपत्ति बेचने का अधिकार शासन के पास नहीं है। इस कारण फंड एकत्रित नहीं हो पा रहा है। मिल के ऊपर 131 करोड़ की देनदारी बताई थी, जिसमें 8000 हजार मजदूर और 8 बैंकों का बकाया बताया था। इतना पैसा मिल की संपत्ति को नीलाम करके मिल सकता था, लेकिन एसबीआई का 2 हजार 930.61 करोड़ निकला है। यह बड़ी रकम है, जिसे चुकाना संभव नहीं है। लश्कर एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव का कहना है कि संपत्ति का फिर से आंकलन किया जा रहा है। मोहन यादव ने कहा कि राज्य में बीते 25-30 साल पुराने मामले में जमीनों का निराकरण कर रहे हैं, बंद हो चुकी इंडस्ट्रीज और उनकी जमीनों के मामलों को सुलझा रहे हैं. जेसी मिल के मामले में दो बार की बैठक हो चुकी है, दो बार की और होनी है. उन्होंने कहा कि बंद पड़ी मिलों के मामले निपटाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इंदौर, उज्जैन के बाद ग्वालियर की जेसी मिल का निराकरण करना है. जल्दी से जल्दी जेसी मिल के मजदूरों को उनका पैसा मिल सकेगा. औद्योगिक विकास के प्रयास जारी- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के प्रयास जारी हैं. इसके लिए फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में होने जा रही है, इससे पहले राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव आयोजित करने का सिलसिला जारी है. प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना हुआ है. ऐसे प्रयासों से और ताकत मिलेगी. जीतू पटवारी के बयान पर क्या बोले मोहन यादव? वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के कथित कैंसर वाले बयान पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा दूसरे बड़े-बड़े कांग्रेस नेता कैंसर बता रहे हैं, लेकिन कैंसर किसको है, यह समझ में नहीं आ रहा है. कांग्रेस को अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए. एक महत्वपूर्ण बात है कि कांग्रेस में अपनी बात कहने का एक नया रिवाज शुरू हो गया है. जमीन से जुटाया जाना है फंड, हाउसिंग बोर्ड को देने का था प्रस्ताव -जेसी मिल के पास खुद के स्वत्व की 150 बीघा जमीन है। इसमें 100 बीघा जमीन खाली है और 50 बीघा जमीन पर अतिक्रमण है। जेसी मिल की जमीन पर मजदूरों का भी कब्जा है। -जेसी मिल के पास सरकार की भी जमीन थी। यह जमीन शासन को वापस मिल गई है। शासन ने इस जमीन पर मिल मजदूरों को 500 पट्टे दे दिए हैं। -जेसी मिल की जमीन पर भी क्वार्टर बने हैं। इन क्वार्टरों में अभी मजदूर निवास कर रहे हैं। -जमीन के संबंध में फैसला लेने का अधिकार लिक्विडेटर के पास है। -हाईकोर्ट में 1997 से कंपनी पिटीशन लंबित हैं। मिल प्रबंधन व मजूदरों के खिलाफ पिटीशन लंबित है। recent visitors 51

राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश

राजस्थान राजस्थान विधानसभा में धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर एक नया और सख्त बिल पेश किया गया है। इस बिल का उद्देश्य जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकना है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इसे बजट सत्र में पेश किया, और जल्द ही इस बिल पर बहस के बाद इसे पारित किया जाएगा। लव जिहाद पर क्या है प्रावधान? बिल के तहत लव जिहाद को एक गंभीर अपराध माना गया है। अगर किसी व्यक्ति ने शादी के जरिए धर्म बदलवाने की योजना बनाई है, तो उसे लव जिहाद के तहत माना जाएगा। अगर यह साबित हो जाता है कि शादी का मुख्य उद्देश्य धर्म परिवर्तन है, तो फैमिली कोर्ट उस शादी को अमान्य कर सकता है। इस बिल में लव जिहाद की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे पहले 60 दिन पहले संबंधित कलेक्टर को इसकी सूचना देनी होगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि किसी व्यक्ति को बल, छल या लालच देकर धर्म परिवर्तन तो नहीं कराया जा रहा। अगर ऐसा पाया जाता है, तो दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। अवैध धर्म परिवर्तन में मदद करने वालों को भी मिलेगी सजा इस बिल के तहत, अगर कोई व्यक्ति या संस्था अवैध रूप से धर्म परिवर्तन करने में मदद करती है, तो उसे भी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह सख्त कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि धर्म परिवर्तन पूरी तरह से व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा से हो। कानून बनने का रास्ता यह विधेयक अब विधानसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार करेगा। इसके बाद यह एक कानूनी रूप से लागू होगा। धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ यह बिल राज्य में एक नया कदम साबित हो सकता है। recent visitors 58