निमाड़ के विकास में आएगी बहार, एनएचएआई ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

 खंडवा महाराष्ट्र और गुजरात को जोड़ने के लिए एनएच 347 प्रस्तावित किया गया है। जिसके निर्माण की शुरुआत मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से हो चुकी है। एनएचआई के द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसके चलते अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत खंडवा से खरगोन के लिए फोरलेन प्रस्तावित है। इसके बाद वहां से गुजरात सीधा जुड़ जाएगा। एनएचएआई ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन एनएचएआई (NHAI) की परियोजना क्रियान्वयन ईकाई, खंडवा से जारी पत्र के अनुसार, भूमि अधिग्रहण से संबंधित धारा 3-ए की अधिसूचना को भारत सरकार के राजपत्र में 23 जनवरी 2025 को प्रकाशित कर दिया है। इसी के तहत प्रभावित क्षेत्रों की जमीन को अधिग्रहण के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इससे प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को 21 दिन के अंदर आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है। निमाड़ के विकास में आएगी बहार नेशनल हाईवे 347 के चौड़ीकरण से यातायात आर्थिक और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्य के पूरे होने पर खंडवा, भीकनगांव से लेकर खरगोन के ग्रामीण इलाकों तक बेहतर रोड कनेक्टिविटी हो जाएगी। जिससे परिवहन की सुविधाओं के साथ-साथ औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रक्रिया के पूरा होते ही नेशनल हाईवे का निर्माण शुरु हो जाएगा। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोई बाधा न आए। साथ ही किसानों का ध्यान रखते हुए उचित मुआवजे की व्यवस्था की जाए। recent visitors 57

वक्फ (संशोधन) विधेयक की समीक्षा के लिए JPC की रिपोर्ट आज लोकसभा में पेश की जाएगी

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति (JPC) की रिपोर्ट आज लोकसभा में पेश की जाएगी। वहीं पैनल में मौजूद कई विपक्षी सांसदों का कहना है कि उनके असहमति नोट को बिना उनकी जानकारी के ही हटा दिया गया। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल और सदस्य संजय जायसवाल सोमवार को लोकसभा में रिपोर्ट पेश करेंगे। समिति ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट सौंप दी थी। समिति ने बुधवार को बहुमत से रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था, जिसमें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सदस्यों द्वारा सुझाए गए संशोधन शामिल किए गए थे। जिसके बाद विपक्ष ने इस प्रक्रिया को वक्फ बोर्डों को नष्ट करने का प्रयास करार दिया। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने मसौदा कानून पर रिपोर्ट को 15-11 बहुमत से अपनाया। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति जताई। भाजपा सदस्यों ने जोर देकर कहा कि पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की व्यवस्था करता है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इसे मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर हमला और वक्फ बोर्डों के कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि उन्होंने असहमति पत्र दिया था जिसे हटा दिया गया। ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, बिना मेरी जनकारी के ही डिसेंट नोट को हटा दिया गया। वक्फ विधेयक पर बनी जॉइंट कमेटी का पहले ही तमाशा बना दिया गया। वहीं अब विपक्षी सांसदों को भी दरकिनार कर दिया गया। हमें चुप कराने के लिए यह सब क्यों किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट पर उनके विस्तृत असहमति नोट को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने उनकी जानकारी के बिना हटा दिया। समिति के सदस्य ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर 231 पृष्ठों का असहमति नोट दिया था। ओवैसी ने ‘एक्स’ पर लिखा, था‘मैंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ संयुक्त समिति को एक विस्तृत असहमति नोट सौंपा था। यह चौंकाने वाली बात है कि मेरे नोट के कुछ हिस्सों को मेरी जानकारी के बिना संपादित किया गया। हटाए गये खंड विवादास्पद नहीं थे; उनमें केवल तथ्य बताए गए थे।’ उन्होंने कहा, ‘‘(समिति के) अध्यक्ष जगदंबिका पाल जैसी रिपोर्ट चाहते थे, वैसी रिपोर्ट तैयार करवा ली , लेकिन विपक्ष की आवाज को क्यों दबाया गया? चूंकि उन्होंने मेरी रिपोर्ट को बदलने के लिए एक नियम का दुरुपयोग किया है, इसलिए मैं जल्द ही अपना पूरा असहमति नोट जनता को पढ़ने के लिए जारी करूंगा।’ recent visitors 66

भगवान मुरुगन के मंदिर निर्माण पर मोदी ने खुशी जाहिर की, दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी विरासत का नया स्वर्णिम अध्याय

नई दिल्ली इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भगवान मुरुगन के मंदिर निर्माण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को खुशी जाहिर की है। मंदिर के महा कुंभाभिषेकम के अवसर पर उन्होंने दोनों देशों के संबंध मजबूत होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की सदियों पुरानी विरासत में आज नया अध्याय जुड़ रहा है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर इंडोनेशिया के लोगों और भगवान मुरुगन को मानने वालों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, "मेरा सौभाग्य है कि जकार्ता के मुरुगन मंदिर में महा कुंभाभिषेकम जैसे कार्यक्रम का हिस्सा बन रहा हूं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मौजूदगी ने कार्यक्रम को मेरे लिए और विशेष बना दिया है। भले ही मैं शारीरिक रूप से जकार्ता से सैकड़ों किलोमीटर दूर हूं। लेकिन मेरा मन इस आयोजन के उतने ही करीब है, जितना भारत और इंडोनेशिया के आपसी रिश्ते। अभी कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो 140 करोड़ भारतवासियों का प्यार लेकर लौटे हैं।" पीएम मोदी ने सभी को जकार्ता मंदिर के महा कुंभाभिषेकम की बधाई देते हुए कहा, "भारत और इंडोनेशिया के लोगों के लिए आपसी रिश्ते सिर्फ जियोपॉलीटिकल नहीं हैं। दोनों देश हजारों वर्ष पुराने संस्कृति और इतिहास से जुड़े हैं। हमारा संबंध विरासत, विज्ञान और विश्वास का है। हमारा संबंध साझी आस्था और अध्यात्म का है। हमारा संबंध भगवान मुरुगन और भगवान राम का भी है। भारत से इंडोनेशिया जाने वाला व्यक्ति जब प्रम्बानन मंदिर में हाथ जोड़ता है, तो उसे काशी और केदार जैसी आध्यात्मिक अनुभूति होती है। भारत में इंडोनेशिया के रामलीला का मंचन भी होता रहता है।" उन्होंने कहा, "आज जब भारत के लोग हवाई यात्रा के लिए गरुड़ इंडोनेशिया में बैठते हैं, तो उन्हें उसमें भी हमारी साझी संस्कृति के दर्शन होते हैं। हमारे रिश्ते कई मजबूत तारों से जुड़े हुए हैं। जब राष्ट्रपति प्रबोवो भारत आए थे, तो हमने दोनों देशों के साझी विरासत से जुड़ी कई बातें की थीं। आज जकार्ता में भगवान मुरुगन के इस नए मंदिर के जरिए हमारी सदियों पुरानी विरासत में नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ रहा है। यह मंदिर न सिर्फ आस्था का बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों का भी केंद्र बनेगा।" recent visitors 69

मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। सोनकच्छ में आज समरसता का अद्भुत दृश्य दिखाई दे रहा है, इसके बारे में जितना कहा जाए कम है। सभी के सहयोग से ही इतना बड़ा कार्य सफल होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना से आज प्रदेश में कई विवाह/निकाह सम्पन्न हो रहे है। मेरा सौभाग्य है कि मैं यहाँ आया हूँ, यहां आकर में गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी वर्गों के लिये योजनाएं बनाई है, योजनाओं का लाभ सभी को समान रूप से मिल रहा है। आयुष्मान योजना से सभी को 05 लाख रूपये तक का नि:शुल्क उपचार मिल रहा है। उज्ज्वला योजना से सभी को गैस कनेक्शन दिये गये है। सबके घर नल से जल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सभी नव विवाहितों को बधाई दी। उप मुख्यमंत्री मंत्री श्री देवड़ा ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजनांतर्गत कृषि उपज मण्डी प्रांगण सोनकच्छ में सर्वधर्म सामूहिक आयोजित विवाह/निकाह सम्मेलन नवदम्पतियों को जीवन में नए पड़ाव के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में 290 हिंदू जोड़ों का विवाह एवं 42 मुस्लिम जोड़ों का निकाह करवाया गया। इसमें 03 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े नि:शक्त विवाह योजना से संबंधित है। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह प्रोत्साहन योजना एवं निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 2-2 लाख रूपये का लाभ दिया जायेगा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने 49-49 हजार रुपए का चेक वर-वधू को दिया। recent visitors 60

राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान की

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रविवार को महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय छतरपुर के चौथे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। राज्यपाल श्री पटेल ने समारोह में विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान की। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रकाशनों का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने समारोह के सारस्वत अतिथि एवं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को एमसीबीयू डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि से विभूषित किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। इसीलिए विद्यार्थी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने में अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। सपने साहस और धैर्य से साकार होते हैं। जरूरत है तो बस असफलता से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़ने की। उन्होंने गुरूजनों से कहा कि जीवन में सफलता के लिए कठोर अनुशासन, भरपूर आत्म-विश्वास और संवेदनशील व्यक्तित्व होना जरूरी है। आपकी प्रतिभा, ज्ञान और कौशल से किए गए कार्यों की सार्थकता समाज की अंतिम कड़ी के वंचित व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने में ही है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए आपको सफलता के पथ तक पहुँचाने वाले माता-पिता, गुरुजनों की साधना, त्याग और समर्पण को कभी नहीं भूलें। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी की और मौलिक प्रतिभा को बढ़ाते हुए, ज्ञान और संस्कार से दीक्षित कर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए सक्षम बनाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप सब विकसित भारत के अमृत प्रसंग की सौभाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजनरी नेतृत्व मिला है। उनकी दूरदर्शिता का प्रतिफल, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति है, जो युवाओं को जीवन में सफलता की अनंत ऊँचाइयों को छूने और भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने का अवसर प्रदान करती है। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भारत के ज्ञान कोष पर गर्व करें। शोध के माध्यम से इस ज्ञान को विश्व भर में प्रसारित कर दुनिया के कल्याण का उद्देश्य लेकर आगे बढ़े। कार्यक्रम में सारस्वत अतिथि एडमिरल श्री त्रिपाठी ने दीक्षांत उद्बोधन देते हुए उपस्थित विद्यार्थियों को 3 मूल मंत्र दिए। पहला कभी सीखना बंद न करें। निरंतर लर्निंग प्रोसेस को जारी रखें। दूसरा सक्सेस के लिए शॉर्ट कट्स न अपनाए एवं तीसरा पराजय को गरिमापूर्ण तरीके से स्वीकार करें, पराजय से सीखें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. शुभा तिवारी ने स्वागत भाषण दिया और विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। समारोह में विशेष अतिथि वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार सहित विभिन्न संकायों के प्रमुख, विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।   recent visitors 66

पचरी पंचायत के नामांकन भरने गए प्रत्याशी, दौरान हुआ अपहरण, एफआईआर दर्ज

रायपुर तिल्दा के जनपद कार्यालय से एक प्रत्याशी का फिल्मी स्टाइल में अपहरण कर लिया गया। यह घटना पचरी पंचायत के नामांकन के दौरान हुई, जहां प्रत्याशी योगेश दास गुरु गोसाई नामांकन भरने आए थे। अचानक, कुछ लोगों ने उन्हें जनपद कार्यालय से अगवा कर लिया और फरार हो गए। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह घटना लंबे समय से चली आ रही पंचायत राजनीति से जुड़ी हुई है। लंबे समय से नहीं हुआ नामांकन पचरी पंचायत में कई सालों से कोई नामांकन नहीं हुआ था, लेकिन इस बार योगेश दास ने नामांकन दाखिल करने का फैसला लिया था। अपहरण के बाद, आरोप है कि जनपद उपाध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे ने इस घटना में किसी प्रकार से संलिप्तता दिखाई है, जो राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा नेता पहुंचे घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा के आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने तिल्दा पहुंचकर थाने में धरना दिया और एफआईआर दर्ज करने के लिए दबाव डाला। हालांकि, शुरुआती तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं करने की कोशिश की, लेकिन जब दबाव बढ़ा, तो अपहृत योगेश दास को रायपुर में छोड़कर अपहरणकर्ता फरार हो गए। फिलहाल, तिल्दा थाना पुलिस ने अपहरण समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 55

पीएम मोदी ने कहा- अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद रविवार को कांग्रेस पर टैक्स को लेकर हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी सरकारों ने लोगों की कमाई पर भारी टैक्स लगाया, जबकि मोदी सरकार ने टैक्स का बोझ कम किया और मध्यम वर्ग को अधिक राहत प्रदान की। दिल्ली चुनाव के लिए आरके पुरम में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''अगर नेहरू जी के जमाने में आप 12 लाख रुपये कमाते तो 12 लाख रुपये की आय पर आपकी एक चौथाई सैलरी सरकार वापस ले लेती। अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर आपके 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते। 10-12 साल पहले तक, कांग्रेस की सरकार में अगर आप 12 लाख रुपये कमाते तो आपको 2 लाख 60 हजार रुपया टैक्स देना होता। भाजपा सरकार के कल के बजट के बाद, साल में 12 लाख कमाने वाले को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।'' पीएम मोदी ने कहा कि देश के विकास में हमारे मिडिल क्लास का बहुत बड़ा योगदान है। यह बीजेपी ही है, जो मिडिल क्लास को सम्मान देती है, ईमानदार टैक्सपेयर्स को पुरस्कार देती है। बजट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैंने विकसित भारत के निर्माण के लिए चार स्तंभों को मजबूत करने की गारंटी देश को दी थी। ये स्तंभ हैं- गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति। कल जो बजट आया है, वो मोदी की ऐसी ही गारंटियों को पूरा करने की गारंटी है। केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को घोषणा की कि सालाना 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को आयकर नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग की मदद के लिए उठाया गया कदम है। 75,000 रुपये की मानक कटौती के साथ, कर-मुक्त आय सीमा प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये होगी। उन्होंने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नई व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं लगेगा।'' वहीं, बजट के बाद पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टैक्स में कटौती के विचार के पूरी तरह से समर्थन में थे, लेकिन नौकरशाहों को समझाने में समय लगा। निर्मला सीतारमण ने कहा, ''…पीएम बहुत स्पष्ट थे कि वह कुछ करना चाहते हैं। मंत्रालय को सहजता से काम करना है और फिर प्रस्ताव पर आगे बढ़ना है। इसलिए, जितना अधिक काम करने की आवश्यकता थी, बोर्ड को यह समझाने की आवश्यकता थी कि संग्रह में दक्षता और ईमानदार करदाताओं की आवाज… यह सब मंत्रालय का काम था, पीएम का नहीं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह उनकी सरकार ने भी हमेशा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की आवाज सुनी है। recent visitors 60