BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक तक फिसला, NSE Nifty भी 200 अंक से ज्यादा टूटा

मुंबई देश का आम बजट (Union Budget 2025) पेश होने के बाद आज शेयर बाजार बड़ी गिरावट लेकर खुला. बजट में किए गए तमाम बड़े ऐलानों का असर दिखने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नजर नहीं आया, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर ओपन हुए. एक ओर BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक तक फिसल गया, तो NSE Nifty भी 200 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. आम बजट में मोदी सरकार द्वारा 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री करने समेत अन्य बड़े ऐलानों का असर भी बाजार पर नहीं दिखा. जबकि दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर (Trump Tariff War) का असर ग्लोबल मार्केट की तरह ही भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. मिनटों में 700 अंक फिसल गया सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (BSE Sensex) ने बजट वाले दिन के अपने बंद 77,505.96 की तुलना में गिरकर 77,063.94 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान ये इंडेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसलकर 76,774.05 के स्तर पर आ गया. सेंसेक्स की तरह निफ्टी ने भी खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट देखी. NSE Nifty अपने पिछले बंद 23,482.15 की तुलना में टूटकर 23,319 के लेवल पर खुला था और देखते ही देखते ये भी 220 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 23,239.15 पर आ गया. बजट वाले दिन ऐसी रही थी चाल शनिवार को बजट वाले दिन शेयर बाजार खुला था, लेकिन दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी ने सुस्ती में कारोबार किया था और अंत में फ्लैट लेवल पर क्लोज हुए. बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,637 अंक पर खुला और कारोबार के अंत में 5.39 अंक की मामूली तेजी लेकर 77,506 पर बंद हुआ था. वहीं दूसरी ओर निफ्टी (NSE Nifty) 26.25 अंक फिसलकर 23,482.15 पर बंद हुआ था. लेकिन एक्सपर्ट्स उम्मीद जता रहे थे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बजट में किए गए बड़े ऐलानों और तमाम सेक्टर्स के लिए किए गए आवंटन का असर दिख सकता है. ट्रंप के टैरिफ वॉर से ग्लोबल बाजारों में हड़कंप एक ओर जहां शेयर बाजार में Budget 2025 में हुए ऐलानों के असर से तेजी का अनुमान जाहिर किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट बाजार का मूड बिगाड़ते नजर आ रहे हैं. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  (Donald Trump) ने कनाडा (Canada), मैक्सिको (Maxico) और चीन (China) पर टैरिफ लगाने का फैसला किया है. US Tariff War के बाद दुनियाभर के बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है. अमेरिकी मार्केट के प्रमुख इंडेक्स डाओ फ्यूचर्स में 550 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, तो वहीं Dow Jones 337 अंक, S&P 500 भी 30.64 अंक गिरकर बंद हुआ, तो Nasdaq भी 54 अकं टूटकर बंद हुआ. दिख रही है. टैरिफ वॉर पर एक नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेने के बाद से ही टैरिफ की पॉलिसी पर आगे बढ़ रहे हैं. कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाए जाने के बाद अब ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन (EU) पर टैरिफ लगाने की बात कही है. इस बीच कनाडा ने अमेरिकी टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए 155 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है. बता दें इससे पहले साल 2018 में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन से इंपोर्ट होने वाले एल्यूमिनियम स्टील पर टैरिफ लगा दिया था. इसके बाद EU ने भी व्हिस्की और मोटरसाइकिल सहित अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाया था. 1678 शेयर लाल निशान पर खुले कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार की खराब शुरुआत रही और अमेरिका समेत तमाम एशियाई बाजारों और Gift Nifty में जारी गिरावट को देखते हुए पहले से ये अनुमान लगाए जा रहे थे. इस बीच बता दें कि Share Market में कारोबार ओपन होने के दौरान 1678 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जो गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए, तो वहीं 875 शेयरों ने ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. इसके अलावा 186 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर सोमवार को सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो खबर लिखे जाने तक लार्जकैप में शामिल L&T Share (4.24%), NTPC Share (3.73%), PowerGrid Share (3.60%), Tata Steel Share (3.46%), Tata Motors Share (2.51%) और Reliance Share (1.70%), Adani Ports Share (1.42%) गिरकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा SBI, IndusInd Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Zomato समेत अन्य बड़े शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं. मिडकैप कैटेगरी में Hindustan Petrolium Share (6.34%), RVNL Share (6.28%), GICRE Share (5.80%), SAIl (5.22%), NMDC (5.13%), BHEL (4.43%) और Maxgaon Dock (4.28%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट BDL (8.29%) और JWL Share (7.06%) की आई. recent visitors 78

महाकुंभ में अब तक 35 करोड़ श्रद्धालु स्‍नान कर चुके, हेलिकॉप्‍टर से पुष्‍पवर्षा, योगी 3 बजे से लखनऊ वार रूम में मॉनिटरिंग कर रहे

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में सोमवार को बसंत पंचमी का अमृत स्‍नान देर रात से जारी है। मौनी अमावस्‍या पर भगदड़ से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ खुद लखनऊ स्थित अपने आवास में बने वॉर रूम से सुबह तीन बजे से निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ डीजीपी प्रशांत कुमार और अन्‍य अधिकारी भी मौजूद हैं। इस बीच, महाकुंभ में नागा साधुओं और आम श्रद्धालुओं के ऊपर हेलिकॉप्‍टर से फूल वर्षा की गई है।     नागा साधुओं ने त्रिशूल और डमरू बजा किया प्रदर्शन     बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभायात्रा में कुछ नागा साधु घोड़े पर सवार थे तो कुछ पैदल चलते हुए अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए थे। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुंभ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया। स्व-अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन वे अपने अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए आगे बढ़े। नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव है। महाकुंभ में देखने को मिल रही विविध संस्कृतियों की झलक प्रयागराज में श्रद्धालुओं / स्नानार्थियों के जोश और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है. पूरे देश और दुनिया से पवित्र त्रिवेणी में श्रद्धा और आस्था के साथ डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु प्रतिदिन करोड़ों की संख्या में प्रयागराज पहुंच रहे हैं. बसंत पंचमी के अंतिम अमृत स्नान पर भी सुबह से ही करोड़ों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम स्नान को पहुंचे. रविवार 2 फरवरी को करीब 1.20 करोड़ ने स्नान किया था, जिसके बाद कुल स्नानार्थियों की संख्या 35 करोड़ के करीब पहुंच गई थी, जिसने सोमवार सुबह यह आंकड़ा पार कर लिया. स्नानार्थियों में 10 लाख कल्पवासियों के साथ-साथ देश विदेश से आए श्रद्धालु एवं साधु-संत शामिल रहे. स्नान पर्व पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था. जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था. एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई. ये प्रमुख लोग अब तक लगा चुके हैं पावन डुबकी गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ (मंत्रिमंडल समेत) संगम में डुबकी लगा चुके हैं. इसके अलावा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी, राज्य सभा सांसद सुधा मूर्ति, असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, हेमा मालिनी, बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री, अनुपम खेर, मिलिंद सोमण, एक्ट्रेस से किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनीं ममता कुलकर्णी, कवि कुमार विश्वास, क्रिकेटर सुरेश रैना, खली और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा भी संगम में स्नान कर चुके हैं. महाकुंभ की आलोचना करने वालों को संतों ने दिया माकूल जवाब बसंत पंचमी के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के साथ ही संत और महात्माओं ने महाकुंभ की आलोचना करने वालों को माकूल जवाब भी दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं की तारीफ करते हुए विपक्षी दलों को आईना भी दिखाया। पंच निर्मोही अनी अखाड़ा के जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास सत्तुआ बाबा महाराज ने कहा, "जो लोग साधु और महाकुम्भ के बारे में बातें कर रहे हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि (सपा प्रमुख) अखिलेश यादव जी, आपने कभी सनातन का पालन नहीं किया और न ही सनातन का सम्मान किया। तो अब इसका फायदा मत उठाइए। हमने देखा है जब आपकी पार्टी सत्ता में थी, आपने सनातनियों पर गोलियां चलाई थीं। अपने फायदे के लिए अफवाहें मत फैलाइए। हम सनातनी हैं और हम आपके जैसे लोगों को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। काला चश्‍मा पहने नागा साधु बने आकर्षण का केंद्र महाकुंभ में सोमवार को बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित तीसरे अमृत स्नान में नागा साधु आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने अपने विशिष्ट स्वरूप और अनुष्ठानों से श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। अमृत स्नान के लिए अधिकांश अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था। कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए, इन साधुओं ने हथियार चलाने के कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया। कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार दिखे, जबकि अन्य गले में माला और त्रिशूल लटकाए नंगे पांव चलते दिखे। जब मीडियाकर्मी और श्रद्धालु उनकी तस्वीर ले रहे थे तो साधुओं ने उत्साहपूर्वक उन्हें अपनी परंपराओं को करीब से देखने के लिए आमंत्रित किया। कुछ ने तो काले चश्मे भी पहने हुए थे, जिससे दर्शक काफी खुश हुए। पुष्‍पवर्षा से अभिभूत नजर आए साधु और आम श्रद्धालु अमृत स्नान के दौरान पुष्पवर्षा से नागा संन्यासी, साधु संत और श्रद्धालु भी अभिभूत नजर आए। हर हर महादेव, जय श्री राम, गंगा मैया की जय जैसे जयकारों से पूरा त्रिवेणी क्षेत्र गुंजायमान हो गया। मालूम हो कि प्रयागराज उद्यान विभाग की ओर से अमृत स्नान के लिए पहले ही पर्याप्त फूलों की व्यवस्था की गई है। उद्यान विभाग की ओर 20 क्विंटल से अधिक मात्रा में गुलाब के फूलों का स्टॉक जमा किया गया था। वहीं 5 क्विंटल फूल रिजर्व में भी रखे गए हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर विदेशी श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करते हुए भारतीय संस्कृति के जीवंत रंगों में रंगे दिखाई दिए। वे न सिर्फ भारतीय मित्रों के साथ आध्यात्मिक गहराइयों में डूबे नजर आए, बल्कि अन्य तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करते भी दिखे। विदेशी श्रद्धालुओं ने इस विशेष अवसर पर भारतीय परंपराओं को अपनाते हुए दिव्य स्नान में भाग लिया और अपनी यात्रा को एक अद्वितीय और अविस्मरणीय अनुभव बताया। सभी घाटों और अखाड़ों पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा महाकुंभ 2025 … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के पूर्व, दस वर्ष पहले भारत विश्व में अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 11वें नंबर पर था। अब भारत विश्व में 5वीं बड़ी आर्थिक शक्ति है और इससे आगे बढ़ाने का भारत का प्रयास है। राष्ट्र के इन प्रयासों में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जापान के साथ आर्थिक संबंधों को सशक्त बनाने पर ध्यान दिया। इन प्रयासों का लाभ हमारे देश को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल जापान यात्रा से स्वदेश आगमन पर भोपाल विमान तल में आयोजित कार्यक्रम' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाल ही में संपन्न अपनी जापान यात्रा के संदर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री के पूर्व वर्षों के प्रयासों से मध्यप्रदेश को काफी महत्व मिला। जापान यात्रा के दौरान भी हमें काफी महत्व मिला। अनेक महत्वपूर्ण और बड़ी जापानी कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे भोपाल की 24 और 25 फरवरी को हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आमंत्रण देने जापान गए थे, लेकिन उन्हें निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं, जो मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदलने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बौद्ध धर्म और सम्राट अशोक के कारण जापान भारत के नजदीक अनुभव करता है। जापान के नागरिक कर्म में विश्वास रखते हुए आर्थिक प्रगति के हिमायती हैं। जापान के ऐसे आदर्श को हम मध्यप्रदेश में भी अपनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि जापान का भारत से गहरा संबंध है। जापान और हमारी संस्कृति दोनों में आपस में सह-संबंध है। जापान के नागरिक कार्य निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करते हैं। जापान के लोग विन्रमता के साथ झुककर नमस्कार करते हैं। वहां रिटायरमेंट की कोई सीमा नहीं होती। जब तक शरीर चले तब तक काम चलता रहेगा। मध्यप्रदेश के विकास के लिए जापान से हमारे रिश्ते अच्छे होना चाहिए। स्वाभाविक रूप से जापान के सहायोग से मध्यप्रदेश में विकास की बहुत संभावनाएं हैं, जिससे मध्यप्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बन सकता है। मध्यप्रदेश में 55 जिले हैं और हमें सभी में विकास करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान यात्रा के संबंध में विस्तार पूर्ण विवरण दिया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.यादव की जापान यात्रा को सफल बताते हुए वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी प्रांतों में स्थान बनाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट होने वाली है, जिसमें भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री जी पधार रहे हैं। आमंत्रण पर जापान के लोग बड़ी संख्या समिट में पधारेंगे। भोपाल स्टेट हेंगर आगमन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत किया गया। मंत्री, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पहारों से स्वागत किया।   recent visitors 38

नर्मदा जयंती: ओंकारेश्वर में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना के चलते आज से लोडिंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित

खंडवा नर्मदा जयंती पर आज रात से खंडवा-इंदौर हाईवे पर लोडिंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेंगी। इन वाहनों को देशगांव से खरगोन की ओर डायवर्ट किया जाएगा। चार फरवरी को मोरटक्का और खेड़ी घाट पर भीड़ ब़ढने पर नर्मदा पुल को वन-वे कर बड़वाह की ओर से आने वाले वाहनों को एक्वाडक्ट से निकाला जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना नर्मदा जयंती पर ओंकारेश्वर में भी भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन ने जगह-जगह होने वाले आयोजनों व भंडारों के लिए अनुमति अनिवार्य करने के साथ ही तीर्थनगरी में वाहनों को जरूरत के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन को एक लाख से अधिक श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए आने की संभावना है। लोड़िंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित मां नर्मदा का जन्मोत्सव का मंगलवार को ओंकारेश्वर और मोरटक्का में उल्लास रहेगा। दिनभर विभिन्न धार्मिक आयोजन होगे। इस दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्रशासन द्वारा हाईवे पर भारी वाहनों के अलावा समस्त लोड़िंग वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की है। इंदौर से रूट डायवर्ट इंदौर में तेजाजीनगर चौराहा व खंडवा रोड पर देशगांव से भारी वाहनों को मुंबई-आगर हाईवे पर धामनोद की ओर भेजा जाएगा। वैसे इंदौर मार्ग पर 20 टन से अधिक वजनी वाहनों की मोरटक्का पुल से आवाजाही पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। मोरटक्का पुल पर वन-वे इसी तरह श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा मोरटक्का पुल पर भीड़ को देखते हुए छोटे वाहनों को भी वन वे किया जाएगा। कलेक्टर खंडवा और खरगोन द्वारा इसके आदेश जारी किए हैं। डीएसपी ट्रैफिक आनंद सोनी ने बताया कि नर्मदा जयंती पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। वाहनों का नगर में प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित ओंकारेश्वर में चार फरवरी को किसी भी वाहन को ओंकारेश्वर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुबह से वाहनों को कुबेर भंडारी मंदिर परिसर की पार्किग तक भेजने के बाद क्रमश: टंचिंग ग्राउंड, ताम्रकार पार्किंग और हेलीपेड पार्किंग पर रोका जाएगा। प्रशासन ने कुंभ मेले में हुए हादसे के मद्देनजर ओंकारेश्वर में नर्मदा जयंती पर भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। इसमें नगर में विभिन्न स्थानों पर होने वाले आयोजनों से ट्रैफिक जाम होने और श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानी को देखते हुए आयोजकों को पूर्व सूचना देकर अनुमति लेने और भंडारों की सामग्री आदि की जानकारी देने के लिए कहा है। नर्मदा जयंती पर होगें यह आयोजन दोपहर 12 बजे नर्मदा के घाटों पर 151 लीटर दुग्धाभिषेक और आरती कर नर्मदा जन्मोत्सव मनेगा। खेड़ीघाट व ओंकारेश्वर में हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा होगी। मां नर्मदा को 251 मीटर की चुनरी चढ़ाई जाएगी। जगह-जगह हलुआ प्रसादी वितरण व भंडारे होगें। शाम को नगर में शोभायात्रा निकलेगी, आतिशबाजी भी होगी। रात में मां नर्मदा में विभिन्न संस्था व संगठनों द्वारा सवा लाख दीपदान किया जाएगा।   recent visitors 36

पांच फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जायेंगे त्रिपुरा, नियुक्ति पत्र करेंगे वितरित

अगरतला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी को त्रिपुरा सरकार में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (ग्रेड-डी) पदों के लिए चयनित लोगों को नौकरी के प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 2021 में त्रिपुरा के संयुक्त भर्ती बोर्ड (जेआरबीटी) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से 2400 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया था। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और उनके कैबिनेट सहयोगी भी यहां स्वामी विवेकानंद मैदान में 5 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सामान्य डिग्री कॉलेजों को मजबूत करने के लिए डिग्री कॉलेजों के लिए प्रिंसिपलों के 13 पदों को अधिसूचित किया गया है। सीएम साहा ने एक अलग पोस्ट में घोषणा की कि राज्य के सरकारी सामान्य डिग्री कॉलेजों के लिए 201 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी और आवश्यक अधिसूचना पहले ही प्रकाशित हो चुकी है। इस बीच, साहा ने केंद्रीय बजट 2025 की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट समावेशी बजट है जो 'सबका साथ, सबका विकास' के विजन को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि यह एक अनूठा बजट है और यह युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों के लिए है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले कभी ऐसा बजट नहीं देखा। इस बजट में कई पहलुओं को शामिल किया गया है। कपास उत्पादन और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं को नवीन विचारों के साथ आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप एक बेहतरीन पहल है। हम सभी को सरकारी नौकरी नहीं दे सकते, यही वजह है कि यह बजट स्टार्टअप पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है, जबकि संशोधित उड़ान योजना की घोषणा की गई, 50 पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रावधान किए गए और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई। साहा ने कहा कि 30 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट दी गई और अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा, जिससे मध्यम वर्ग के लोगों को भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह एक व्यापक और समावेशी बजट है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देना चाहता हूं। इससे सबका साथ, सबका विकास की भावना पूरी होगी।   recent visitors 64

रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी खबर, श्री माता वैष्णो देवी जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में मिलेगा केवल शाकाहारी भोजन

नई दिल्ली रेलवे यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। अगर आप शाकाहारी हैं तो अब आपको ट्रेन से यात्रा के दौरान परेशान नहीं होना पड़ेगा। नई दिल्ली से कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को लेकर अहम फैसला लिया गया है। इस रेलगाड़ी में आपको केवल शाकाहारी भोजन ही मिलेगा। कई लोगों को इस बात की चिंता रहती थी कि रेलवे कैंटीन में तो वेज और नॉन-वेज दोनों तरह का भोजन बनता है। ऐसे में उन्हें डर सताता था कि शुद्ध शाकाहारी खाना मिलेगा या नहीं। मगर, अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। नई दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ने शत प्रतिशत शाकाहारी भोजन का बेंचमार्क तैयार किया है। जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा को पवित्र गंतव्य माना जाता है। ऐसे में नई दिल्ली को कटरा से जोड़ने वाली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन में यात्रियों को शाकाहारी भोजन परोसने का फैसला हुआ। रेलवे का प्रयास है कि यात्रा के दौरान पूरी तरह के शाकाहारी वातावरण बनाए रखा जाए। इसके लिए यात्रियों को रेलगाड़ी में मांसाहारी भोजन या नाश्ता ले जाने की इजाजत नहीं है। इसलिए जो लोग मांसाहार खाना पसंद करते हैं, उन्हें पहले से सजग हो जाने की जरूरत है। इसका पालन होने से दूसरे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। शाकाहार के प्रति किया गया जागरूक यह खबर ऐसे समय सामने आई, जब प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। बाबा जयगुरुदेव के संगत प्रेमियों ने बीते दिनों शाकाहारी फेरी निकली। राज्य सरकार के बयान के मुताबिक, प्रयागराज मेला परिसर सामाजिक संदेशों के प्रचार और प्रसार का भी बड़ा माध्यम साबित हो रहा है। बाबा जयगुरुदेव के संगत प्रेमियों ने महाकुंभ नगर क्षेत्र में शाकाहारी फेरी निकली। इस फेरी में संगत प्रेमियों ने 'बाबा जी का कहना है, शाकाहारी रहना है' के नारे लगाए। इस दौरान संगत प्रमियों ने श्रद्धालुओं को शाकाहार के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनसे शाकाहारी बनने का समर्थन मांगा। मेले में आए हुए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में हाथ उठाकर शाकाहारी संदेशों का समर्थन किया। recent visitors 58

नक्सलियों से है बुरी तरह प्रभावित चुंचुना गांव के लोगों के लिए आजादी के बाद पहली बार मिला पीने का साफ पानी

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के नक्सल प्रभावित कुसमी विकासखंड के चुंचुना गांव को आजादी के बाद पहली बार जल जीवन मिशन योजना के तहत साफ पीने का पानी मिला है। चुंचुना गांव बलरामपुर जिले में छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित है और यहां लगभग 100 घर हैं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के नक्सली प्रभावित चुंचुना गांव के लोगों के लिए आज का दिन बड़ी खुशी लेकर आया है। कुसमी विकासखंड के तहत आने वाले चुंचुना गांव के लोगों को आजादी के बाद पहली बार साफ पीने का पानी नसीब हुआ है। आजादी के 77 साल बाद इस गांव के लोग अब साफ और स्वच्छ पानी पी सकेंगे। मोदी सरकार के जल जीवन मिशन के तहत यह मुमकिन हो पाया है। कहां स्थित है ये गांव? रविवार को बलरामपुर के नक्सल प्रभावित कुसमी विकासखंड के चुंचुना गांव के लोगों का उस वक्त खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें आजादी के बाद पहली बार साफ पीने का पानी मिला। चुंचुना गांव बलरामपुर जिले में छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित है और यहां लगभग 100 घर हैं। गांव के लोगों का हैंडपंप से पानी निकालने का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिलाएं इस खास अवसर पर काफी खुश नजर आ रही हैं। क्या है जल जीवन मिशन? जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक ग्रामीण भारत के सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शनों के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत स्रोत स्थिरता उपायों को अनिवार्य तत्वों के रूप में लागू किया जाएगा, जैसे कि ग्रे वाटर मैनेजमेंट के माध्यम से रिचार्ज और पुन: उपयोग, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन। recent visitors 52