मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये घोषणा की, छत्तीसगढ़ में अगले वित्तीय वर्ष में 3 लाख 3 हजार मकान और बनाएंगे

दुर्ग छत्तीसगढ़ में 3 लाख 3 हजार से अधिक पीएम आवास का निर्माण कराए जाएंगे। नागपुर में 'मोर आवास मोर अधिकार' कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये घोषणा की। सिंह ने स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मौके पर सौंप दिया। आवास प्लस योजना में जिसके भी नाम छूट गए हैं, उनका सर्वे शुरू किया जा रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में 3 लाख 3 हजार मकान और बनाएंगे। कोई भी गरीब मकान से वंचित नहीं रहेगा। 21 मार्च से पहले तक सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।   लखपति दीदी और 5 एकड़ की जमीन वालों को भी लाभ शिवराज ने कहा कि दोपहिया वाहन चालकों को भी प्रधानमंत्री आवास देंगे। जिन किसानों के पास ढाई एकड़ सिंचित, पांच एकड़ असंचित जमीन है, उनको भी मकान दिया जाएगा। लखपति दीदी योजना में जिन दीदीयों की मानसिक आमदनी 25 हजार महीने तक होगी उन्हें भी आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। सर्वे में नाम छूटने पर करें ये काम जिनका नाम सर्वे में छूट जाता है उसके लिए एक एप लांच किया गया है। जिसमें हितग्राही अपना आधार नंबर डालेगा, फोटो खींचेगा। पीएम आवास का जो भी फार्मेट होगा, उसमें ओके होने के बाद सर्वे किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पीएम आवास योजना को रोक रखा था। मोदी की गारंटी को डबल इंजन की सरकार पूरा कर रही है। recent visitors 132

छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 49वां वार्षिक अधिवेशन

रायपुर छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज का 49वां वार्षिक अधिवेशन 12 जनवरी को भिलाई में आयोजित किया जा रहा है. पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल व संरक्षक दाऊ डॉक्टर रघुनाथ प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के निर्माण में छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने बताया कि रायपुर के पूर्व में स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में 1927 एकड़ भूमि, तेलीबांधा तालाब, तेलीबांधा बस्ती, समाज के दानवीर दाऊ कल्याण सिंह के दान से निर्मित डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पूर्व में टीवी अस्पताल जिसमें वर्तमान में एम्स निर्मित है, यह छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के दान से निर्मित हुआ है. इसके अलावा सैकड़ों मठ मंदिर धर्मशालाएं छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज ने दान की है जिसकी कई जमीनों का वर्तमान में अवैध लोगों द्वारा क्रय विक्रय किया जा रहा है. इन सबको रोकने के लिए दान संरक्षण समिति अधिवेशन में बनाई जाएगी जो सभी कानूनी पहलुओं को समझते हुए समाज के संपूर्ण दान का व्यवस्थापन करेगी. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के 49वां वार्षिक अधिवेशन में उपस्थित 4000 दाऊ अग्रवालों के बीच दाऊ कल्याण सिंह जी की दानशीलता की परंपरा को आगे बढाते हुए 60 वर्ष से अधिक वर्ष के मध्यम वर्ग की सभी समाज के परिवार के लोगों के लिए 100 कमरों का वानप्रस्थ आश्रम निर्माण का संकल्प लिया जाएगा. छत्तीसगढ़ी दाऊ अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दाऊ अनुराग अग्रवाल व संरक्षक दाऊ डॉक्टर रघुनाथ प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज इस बात के लिए अपने समाज के लोगों को प्रेरित करेगा कि समाज के संपन्न हुआ जो भव्यता से विवाह कार्य करते हैं. अपने खर्च के कुछ अंश से अपने परिवारिक विवाह के दिन कम से कम पांच गरीब जरूरतमंद कन्याओं का ब्याह करवाए. इसके लिए 49वां वार्षिक अधिवेशन में सर्व सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीके अग्रवाल रायपुर व विशेष अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप नारायण अग्रवाल जगदलपुर व डॉक्टर जुगल किशोर अग्रवाल कोरबा को बनाया गया है. दाऊ अग्रवाल समाज के 49वां वार्षिक अधिवेशन में शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवा, समाज सेवा, उद्योग खेल राजनीति आविष्कार महिला उत्थान इत्यादि क्षेत्रों में 15 अग्र अलंकरण प्रदान किए जाएंगे. अग्रवाल समाज के पदाधिकारी ने अधिवेशन के बारे में आगे बताते हुए कहा अधिवेशन के आकर्षण में 101 लड्डू गोपाल की महापूजन वी 56 भोग सहित महाआरती कभी आयोजन किया गया है. इस प्रेस वार्ता में भिलाई यूनिट अध्यक्ष रमेन्द्र अग्रवाल और केशव अग्रवाल भी उपस्थित थे. recent visitors 94

राजस्थान में अब 15 जनवरी तक हो सकेंगे सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर, तबादले की अवधि बढ़ी

जयपुर राज्य में सरकारी कर्मचारियों के तबादले अब 15 जनवरी तक हो सकेंगे। सरकार ने तबादलों से हटी रोक को पांच दिन और बढ़ा दिया है। सरकार ने एक जनवरी को तबादलों से रोक हटाई थी। शिक्षा विभाग में अभी तबादलों पर बैन जारी है। सभी विभागों में तबादलों की प्रक्रिया चल रही है। कर्मचारी अपना तबादला करवाने के लिए विधायकों, मंत्रियों और सचिवालय तक के चक्कर लगा रहे हैं। इससे पहले 2024 में 10 से 20 फरवरी तक के लिए रोक हटी थी। 20 फरवरी से रोक लगी हुई थी। राजस्थान में बीजेपी सरकार बनने के बाद दूसरी बार तबादलों से बैन हटाया गया है। बीजेपी के विधायक और नेता लंबे समय से तबादलों से बैन हटाने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के साथ विधायकों की फीडबैक बैठकों में भी तबादलों से जल्दी बन हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। recent visitors 123

महाकुंभ-2025: राजस्थान परिवहन निगम ने प्रयागराज के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया, कल से चलेगी ये बस

जयपुर महाकुंभ-2025 के लिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने प्रयागराज के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। सेवा 12 जनवरी से शुरू होगी। जयपुर से बस भरतपुर, आगरा और कानपुर होकर प्रयागराज तक जाएगी। इस रूट की कुल दूरी 750 किलोमीटर होगी। बस अलग-अलग समय पर जयपुर से प्रयागराज और प्रयागराज से जयपुर से चलेगी। बता दें कि उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ का आयोजन होगा। इस आयोजन में करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा, बस से जुड़ी जानकारी और शिकायतों के लिए 9549456746, 0141-2373044 और टोल फ्री नंबर 1800-2000-103 पर संपर्क किया जा सकता है। यह विशेष बस सेवा महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम यात्रियों की सुविधा के लिए दो श्रेणियों की बसें चलाएगा। इसमें ब्लू लाइन एक्सप्रेस का किराया 965 रुपए प्रति यात्री जबकि नॉन एसी स्लीपर बस का किराया 1085 रुपए प्रति यात्री होगा। ब्लू लाइन एक्सप्रेस बस सुबह 5 बजे जयपुर से प्रस्थान कर रात 8 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वापसी में यह बस सुबह 9 बजे प्रयागराज से रवाना होगी और रात में करीब 12 बजे जयपुर पहुंचेगी। नॉन एसी स्लीपर बस सेवा एक्सप्रेसवे के माध्यम से संचालित बस शाम 3:30 बजे जयपुर से निकलकर अगले दिन सुबह 6:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी, जबकि प्रयागराज से शाम 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे तक जयपुर पहुंचेगी।   recent visitors 256

फरवरी माह में आरएसएस के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत करेंगे बंगाल दौरा, 10 दिनों की रहेगी यात्रा

कोलकाता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत अगले महीने 10 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। यह यात्रा नौ फरवरी से शुरू होकर 16 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान वे संघ के अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के साथ राज्य के विभिन्न हिस्सों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। भागवत के साथ आरएसएस के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले सहित आठ वरिष्ठ पदाधिकारी भी होंगे। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर आरएसएस के शीर्ष नेता एक साथ बंगाल का दौरा करेंगे, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संघ की राज्य में बढ़ती सक्रियता स्पष्ट होती है। मुख्य रूप से उनके दौरे को तीन हिस्से में बांटा गया है – दक्षिणी बंगाल (9-11 फरवरी): यात्रा के पहले तीन दिनों में दक्षिण बंगाल के जिलों में संघ की गतिविधियों पर फोकस रहेगा। बर्दवान सत्र (11-16 फरवरी): इसके बाद भागवत और अन्य पदाधिकारी पूर्व बर्दवान जिले में मध्य बंगाल के जिलों में संगठन के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसमें जनजातीय बहुल इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा। सार्वजनिक रैली (16 फरवरी): दौरे का समापन बर्दवान में एक सार्वजनिक रैली के साथ होगा। हालांकि, आरएसएस ने इस दौरे को एक नियमित संगठनात्मक यात्रा बताया है, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञ इसे काफी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा और इसका पश्चिम बंगाल पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह दौरा और भी प्रासंगिक है।   recent visitors 118

मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय आईएफएस मीट और वानिकी सम्मेलन का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के पन्ना जैसे क्षेत्र जहां वन्य जीवों की स्थिति शून्य हो गई थी, वहां भी वन अधिकारियों के प्रयासों के परिणामस्वरूप वन्य जीवों की गतिविधियां पुन: आरंभ हुईं, यह अपनी सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है और वे बधाई के पात्र हैं। वर्तमान में प्रदेश के पास हीरा है, चीता है और अब तो गजराज भी मध्यप्रदेश का रूख कर रहे हैं। प्रदेश का वन क्षेत्र समृद्ध है। वर्ष 2003 से 2021 के मध्य वन क्षेत्र में 1063 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है, जिसके आस-पास आसानी से टाइगर देखे जा सकते हैं। यह हमारे प्रदेश के लिए सुखद और पर्यावरण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय सभागार में दो दिवसीय आई.एफ.एस (भारतीय वन सेवा) मीट और वानिकी सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव तथा अन्य आई.एफ.एस. अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रूद्राक्ष का पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रकार के मीट परस्पर संवाद, मित्रता के भाव, अनुभव साझा करने और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए आवश्यक हैं। मध्यप्रदेश में प्रचुर वन संपदा विद्यमान है तथा पुरातत्व, भू-गर्भ शास्त्र, पर्यावरण, वनस्पति शास्त्र सहित कई विधाओं में अध्ययन व शोध की अपार संभावना विद्यमान हैं। वन विभाग को इन क्षेत्रों में अध्ययन को प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करने के लिए पहल करना होगी। इसी प्रकार पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए भी गतिविधियों का विस्तार किया जाए। उन्होंने रातापानी के संदर्भ में ग्रामों के विस्थापन की चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए वन अमले की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा वनों के विकास और नवाचारी गतिविधियों के संचालन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध मध्यप्रदेश के वन और वन्य जीव हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन इनके संरक्षण और सवंर्धन के लिये कटिबद्ध है। प्रदेश में जनभागीदारी को केन्द्र में रखकर अनेक गतिविधियां और कार्यक्रम चलाएं जा रहे है। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि राज्य शासन द्वारा वनों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिये की गई ईमानदार एवं प्रभावी पहल का परिणाम है कि प्रदेश के वन आवरण में स्थायित्व आने के साथ ही वन्य प्राणियों के प्रबंधन की दिशा में किये गये प्रयासों को सराहा गया है। मंत्री श्री अहिरवार ने इस अवसर पर भारतीय वन सेवा अधिकारियों को बधाई दी। दो दिवसीय आई.एफ.एस. मीट में वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, संयुक्त वन प्रबंधन, वनवासियों के कल्याण आदि विषय पर चार सत्र होंगे। इसके साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 87

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सभी जिलों में सायबर तहसील को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अधिकारी वह है, जो जनहित में कार्य करें। इस उद्देश्य से शासकीय सेवा में प्रवेश करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी, स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। मध्यप्रदेश का मंत्रि-मंडल भी परस्पर सहयोग से जनता के सेवक के रूप में कार्य कर रहा है। पद पर आने के बाद हमारे मन में अहंकार नहीं होगा, इस संकल्प के साथ, समाज हित और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित होकर अपने दायित्व निर्वहन में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में कृषि, पशुपालन और राजस्व विभागों के लिए चयनित 362 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि माता-पिता सहित परिवार के सदस्यों की आशा, अपेक्षा और उनके सहयोग के परिणामस्वरूप ही यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव चयनित अधिकारियों सहित उनके परिजन को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बाद प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर होने का प्रयास जारी रखें। अधिकारी अपनी क्षमता, योग्यता को पहचानते हुए अपने उत्तरदायित्व का श्रेष्ठतम तरीके से निर्वहन कर स्वयं भी गौरवान्वित हो और शासन को भी गौरवान्वित करें। 256 कृषि विस्तार अधिकारी, 70 सहायक पशु चिकित्सकों और 36 नायब तहसीलदारों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री लखन पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विभाग के 256 कृषि विस्तार अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के 70 सहायक पशु चिकित्सकों और राजस्व विभाग के 36 नव चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने प्रदेश के सभी जिलों में सायबर तहसील स्थापना की पहल की। यह तकनीक के उपयोग से नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। देश में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य दुग्ध उत्पादन की क्षमता को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इससे देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रदेश में गौ-माता की बेहतर देखभाल के लिए गौ-शालाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल सहित सभी बड़े शहरों में 10-10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं संचालित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आय बढ़ाने में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका दुग्ध उत्पादन की है। किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे किसानों को सीधे तत्काल लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि दस गाय से अधिक गौ-पालन करने वालों को अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गाँवों में सड़क, घर-घर नल से जल जैसी सुविधाएं मिलने से गौपालन भी सुविधाजनक हुआ है। कृषि और पशु चिकित्सा की शिक्षा सुविधा का विस्तार किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नव चयनित अधिकारी से यही अपेक्षा है कि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता को निरंतर बेहतर करें। विकास की नई संभावनाओं के लिए प्रतिबद्धता के साथ अधिकारी सेवा में प्रवेश करें। प्रदेश में कृषि के रकबे को अगले 5 साल में 48 लाख हैक्टेयर से एक करोड़ हैक्टेयर तक ले जाने का संकल्प है। इस उद्देश्य से हमें सभी प्रबंध बेहतर करने होंगे। राजस्व अधिकारियों की नियुक्तियां, कृषि और पशुपालन विभाग के अमले में विस्तार इसमें सहायक होगा। राज्य सरकार द्वारा कृषि और पशु चिकित्सा की शिक्षा सुविधा का भी विस्तार किया जाएगा, इसमें नई शिक्षा नीति भी सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विस्तार अधिकारी श्री प्रियंवदा द्विवेदी, श्री कमलेश वाटी, श्री राजेश मीणा, सुश्री बबली बागरी, सुश्री अर्चना गौर, सहायक पशु चिकित्सक डॉ. पूजा सोलंकी, डॉ. नीतेश सूर्यवंशी, डॉ. राहुल यादव और नायब तहसीलदार सुश्री भारती सोलंकी, श्री रवि पटेल, श्री कपिल गुर्जर आदि को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री वर्मा, किसान एवं कृषि विकास मंत्री श्री कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री लखन पटेल ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।   recent visitors 88