मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 75

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक, कार्यों की प्रगति की प्रत्येक 15 दिन में हो समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में उज्जैन और इंदौर संभाग गतिविधियों के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन संभागों में 2 ज्योतिर्लिंग होने से श्रद्धालुओं का आवागमन तथा धार्मिक गतिविधियां तुलनात्मक रूप से अधिक होंगी। इंदौर-उज्जैन संभाग में जारी विभिन्न विभागों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, यह मॉनिटरिंग प्रत्येक 15 दिन में सुनिश्चित करें। सक्षम स्तर के अधिकारी बैठक कर, कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। ऐसे विषय जिन में उच्च स्तर से समन्वय या मार्गदर्शन आवश्यक है, वे विषय राज्य शासन के संज्ञान में लाए जाएं। निर्माण एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर विलंब के कारणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। उज्जैन तथा इंदौर जिलों में नवीन बस अड्डों के विकास के लिए दिए गए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना से संबंधित जिन कार्यों के निर्माण में अधिक समय लगना है, उन सब की मंत्रि-मंडलीय समिति से स्वीकृति प्राप्त करने और निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने का कार्य मार्च-2025 तक कर लिया जाए। जल प्रदाय, सीवरेज के कार्य तत्काल आरंभ किए जाएं। इसके साथ ही उज्जैन तथा इंदौर जिलों में बस अड्डों की क्षमता वृद्धि या नवीन बस अड्डों के विकास की कार्य योजना भी मार्च-2025 तक तैयार की जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए समस्त विभागों के अधोसंरचनात्मक कार्यों की कार्य-योजना को सितंबर-2025 तक अंतिम रूप दिया जाए। प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का भी होगा अध्ययन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को श्रेष्ठतम स्वरूप देने के लिए प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रयागराज कुंभ पूर्ण होने के बाद वहां क्रॉउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों व स्टार्ट-अप का उज्जैन में सम्मेलन आयोजित कर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेस का क्रियान्वयन सिंहस्थ-2028 में करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। रेलवे से समन्वय के लिए विशेष सेल गठित किया जाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता के लिए रेलवे से समन्वय के उद्देश्य से विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों तक श्रद्धालुओं के आसानी से आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उज्जैन, इंदौर और देवास में होने वाले निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को देखते हुए, आवश्यकतानुसार विभागों में प्रशासकीय संरचनाओं का विस्तार तत्काल किया जाए। सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव – मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव है। सिंहस्थ-2028 में पधार रहे श्रद्धालुओं के आवागमन और उनकी सुविधाजनक आवास व्यवस्था के लिए इंदौर, उज्जैन और देवास क्षेत्र में समन्वित रूप से व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए जारी है कार्य बैठक में जानकारी दी गई कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा प्रथम बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति, पुरातत्व और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लगभग 5 हजार 955 करोड़ रूपए लागत के 19 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। बैठक में क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए संचालित योजना सहित क्षिप्रा व कान्ह नदी पर प्रस्तावित बैराजों के निर्माण, कान्ह नदी डायवर्शन और घाट निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही महाकाल लोक कॉरीडोर में पाषाण प्रतिमाओं के निर्माण, इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन में चौड़ीकरण कार्य सहित उज्जैन के महत्वपूर्ण मार्गों, उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना आदि का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के कार्यों को मिली स्वीकृति मंत्रि-मंडलीय समिति ने गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एक हजार 451 करोड़ रूपए लागत के 56 कार्य को स्वीकृति प्रदान की। इनमें गृह विभाग के अंतर्गत निर्मित होने वाले कंपोजिट कंट्रोल रूम उज्जैन, नवीन थाना भवन, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर खण्डवा सहित उज्जैन, खण्डवा, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, खरगोन में बनने वाले पुलिस आवास, थाना, ट्रांजिट हॉस्टल व कैम्प, बैरक आदि शामिल हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण 5 सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।   recent visitors 84

आज आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमरावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विशाखापत्तनम में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा कुछ अन्य का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का राज्य का पहला दौरा होगा। आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य लोगों के साथ मोदी विशाखापत्तनम में रेलवे जोन की नींव रखेंगे। इसी तरह, वह अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल के पुदिमदका में राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के एकीकृत हरित हाइड्रोजन केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी तीन चरणों में 65,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से कृष्णापत्तनम औद्योगिक केंद्र का आरंभ करेंगे, जो पहले चरण में 2,500 एकड़ भूमि पर बनने वाली 1,518 करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह, मोदी डिजिटल माध्यम से नक्कापल्ली में 1,877 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘‘बल्क ड्रग पार्क’ की भी आधारशिला रखेंगे। देश को दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना की जाएगी। करीब 11,542 करोड़ रुपये के निवेश से 2,002 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ‘बल्क ड्रग पार्क’ से 54,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिलान्यास और उद्घाटन समारोह के अलावा मोदी संपत विनायक मंदिर से आंध्र विश्वविद्यालय में बैठक स्थल तक रोड शो भी करेंगे। राज्य सरकार मोदी की यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हाल में तैयारियों की समीक्षा के लिए विशाखापत्तनम का दौरा किया था।   recent visitors 90

महाकुंभ से पहले चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए

प्रयागराज 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है. जहां देश-विदेश से लगभग 40 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है. महाकुंभ से पहले कोरोना की तरह ही एक चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, जो तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है. भारत में भी HMPV के 6 केस मिले हैं. ऐसे में वायरस के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है. बता दें कि HMPV के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के दौरान स्वास्थ्य विभाग के दस्‍ते को लगातार भ्रमण करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का हाल लिया जा सके और यदि जरूरत हो तो उन्‍हें उपचार भी प्रदान किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा, “ठंड के मौसम में आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पुख्‍ता इंतजाम किए जाएं. साथ ही, मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सभी तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य तंत्र को ठंड के मौसम में अलर्ट रहने के लिए कहा. उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जांच और दवाओं की उपलब्‍धता पर कोई कसर न छोड़ी जाए, ताकि आम आदमी को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. recent visitors 73

‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी, बड़ी सौगात

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। 'जल जीवन मिशन' के तहत 'हर घर नल योजना' में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी। 'हर घर तक नल' पहुंचाने में पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिए जाने की योजना थी, लेकिन योगी सरकार ने तय किया है कि इस राशि का बोझ आमजन पर न पड़े। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि यूपी में 'जल जीवन मिशन' के तहत 40,951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71,714.68 और राज्यांश 71,714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। योगी सरकार की तरफ से 2024-25 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 2,32,95,697 परिवारों को मिलेगा। 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें निर्माण लागत के सापेक्ष सामुदायिक अंशदान की व्यवस्था थी। सामुदायिक अंशदान के तहत एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी व अन्य गांवों में 10 प्रतिशत भाग आमजन से लिया जाना तय था। लेकिन, सरकार ने आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने को लोक कल्याणकारी दायित्व के रूप में मानते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। वर्तमान में हरियाणा, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक अंशदान वहन किया जा रहा है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राज्य सरकार द्वारा विचाराधीन है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर जल के लिए सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। ग्रामीणों को सिर्फ रखरखाव के लिए 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) अपनी ग्राम पंचायत को देने होंगे। नमामि गंगे व जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों पर बोझ न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में सामुदायिक अंशदान का वहन सरकार द्वारा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने को संकल्पित है। हर घर नल में बुंदेलखंड की प्रगति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत महोबा – 1,39,621 – 99.71 झांसी – 2,49,100 – 99.15 ललितपुर – 2,05,865 – 99.46 चित्रकूट – 1,63,698 – 99.83 बांदा – 2,67,198 – 99.34 जालौन – 2,03,309 – 95.87 हमीरपुर – 1,85,261 – 99.32 विंध्य क्षेत्र में प्रगति की स्थिति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत मिर्जापुर – 3,49,292 – 98.34 सोनभद्र – 2,53,938 – 80.83   recent visitors 155

युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण और कौशल उन्नयन हैं मिशन के उद्देश्य, 12 जनवरी से आरंभ होगा युवा शक्ति मिशन : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले दिए गए अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति से भी अवगत कराया। मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपने विचार भी रखे। देश की युवा आबादी का जिक्र करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज दुनिया में भारत सबसे युवा देश है क्योंकि यहां की 27 प्रतिशत आबादी युवा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी ऊर्जा का सदुपयोग करने के लिए मध्य प्रदेश एक मिशन की तरह ले रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा है कि वह अपने विभाग में युवाओं को किस तरह से जोड़ सकते है, रोजगार दे सकें इसके लिए काम करें। राज्य में वर्तमान में अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार ने अन्य वर्गो के गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को भी इसी तरह की सुविधा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों की आय को दोगुना करने को लेकर मछली उत्पादन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में काम किया जाएगा। किसानों के साथ मिलकर दूध की पैकिंग से लेकर दूध की चिलिंग तक की प्रक्रिया के लिए काम किया जाएगा। कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश के ब्रांड सांची को वैश्विक स्तर पर ले जाएंगे। राज्य में 16वां वित्त आयोग आने वाला है। इसको लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। साथ ही राज्य को केंद्र से ज्यादा से ज्यादा राशि मिले, इसके लिए सभी विभागों को तैयारी करने को कहा गया।   recent visitors 91

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है, शीतलहर चल रही है, सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े। महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।   recent visitors 77