MP-UP के बीच व्यापार को बढ़ावा देने होगा चंबल नदी पर हैंगिंग ब्रिज का निर्माण

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड को उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने वाले चंबल नदी पर मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक की तर्ज पर तार समर्थित पुल बनाने का काम जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हो जाएगा। यह पुल 24 महीने में बनकर तैयार होगा। पुल बनने से मप्र-उप्र के बीच आवागमन सुलभ होने से इससे जुड़ने वाले जिलों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि पुराना पुल बार-बार क्षतिग्रस्त होने से यहां आवागमन को बंद कर दिया जाता है। मप्र की तरफ से स्वीकृत अटल प्रोग्रेस-वे इस पुल के जरिए सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा। 1975 में बना था यहां पर पुल इससे भिंड-इटावा के मध्य राजमार्गीय संपर्क होने से आवागमन बढ़ेगा। बरही-उदी के बीच चंबल नदी पर बना पुल वर्ष 1975 में बना था। 50 साल पुराना पुल 15 साल में 22 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। तीन साल पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुल और यमुना नदी पुल से चंबल नदी तक फोरलेन सड़क और नया पुल बनाने के लिए 296 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। पुल बनाने का काम दिल्ली की एएससी इंफ्राटेक लिमिटेड कंपनी कर रही है। कंपनी ने तेज की पुल बनाने की तैयारी टेंडर प्रक्रिया होने के बाद 2022 में कंपनी ने पुल निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण शुरू किया तो घड़ियाल अभयारण्य ने रोक लगा दी। 31 जुलाई को वन विभाग और चंबल अभयारण्य से अनुमति मिलने के बाद कंपनी ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अधिशासी अभियंता मुकेश ठाकुर के अनुसार तार समर्थित पुल मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी-लिंक की तर्ज पर बनाया जाना है। पुल पर फोरलेन आने-जाने के लिए होगी। इसकी चौड़ाई 14 मीटर है, जबकि लंबाई 594 मीटर अधिक होगी। पुल की ऊंचाई पुरानी पुल से 122 मीटर अधिक यानी 130 मीटर से अधिक होगी। इस पुल का मुख्य स्पैन केबल से बनाया जाएगा। इसमें कंक्रीट, स्टील, प्रीकास्ट सेगमेंट का उपयोग होता है। यमुना नदी से पुल तक बनेगी फोरलेन सड़क चंबल पुल और यमुना नदी के पुल से चंबल पुल तक सड़क की लंबाई 8.1 किमी है। इस सड़क को फोरलेन किया जाएगा। बीच में डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाएंगी। चंबल पुल और फोरलेन सड़क बनाने के लिए 296 करोड़ मंजूर हुए हैं। पुल 130 करोड़ और हाइवे 166 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। recent visitors 57

मंत्री संपतिया उइके ने दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया

मंडला प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार दिव्यांगजनों के लिए सेवाभाव से काम कर रही है। सरकार ने दिव्यांगजनों के विकास और उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांग के स्थान पर दिव्यांगजन नाम देकर उन्हें गौरवान्वित किया है। दिव्यांगजनों की सेवा करना ही सच्ची मानवता की सेवा करना है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके सोमवार को निषादराज भवन में आयोजित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के आगमन पर उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जनपद पंचायत मंडला अध्यक्ष श्री सोनू भलावी, भाजपा नगर अध्यक्ष श्री शिवा रानू राजपूत, सांसद प्रतिनिधि श्री जयदत्त झा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रेयांश कूमट, डिप्टी कलेक्टर श्री आशुतोष ठाकुर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री गजानंद नाफड़े, श्री प्रफुल्ल मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन दिया जाता है। जिससे दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार से आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। दिव्यांगजनों को स्कूल और कॉलेजों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। शिविर लगाकर उन्हें निःशुल्क ट्राईसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाते हैं। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और सचिवों के माध्यम से दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। जिससे समस्त दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित और कृत्रिम उपकरणों का वितरण किया जा सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सुरक्षा की दिशा में लगातार काम कर रही है। शासकीय सेवाओं में दिव्यांगजनों के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों को भी शासकीय सेवाओं में जाने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिव्यांगजनों के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिससे दिव्यांगजनों को भी अपने पसंद के वर-वधु का चयन करने का अवसर मिल सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए ई-साईकिल रिक्शा चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें। recent visitors 70

मुख्यमंत्री साय ने सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज से सौजन्य मुलाकात कर उनका शाल-श्रीफल भेंटकर किया आशीर्वाद प्राप्त

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में परमपूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शाल-श्रीफल भेंटकर सद्गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु जी से सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। सद्गुरु ऋतेश्वर जी के मार्गदर्शन में यह परंपरा और सुदृढ़ होगी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सद्गुरु जी के सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयासों में हरसंभव सहयोग की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साधु-संतों, मनीषियों की कृपा और मार्गदर्शन से हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है। recent visitors 84

दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा गया है। इनमें एक राय नहीं बनने से जिलाध्यक्षों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को दिल्ली बुलाकर समन्वय का प्रयास किया। जिन जिलाध्यक्षों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनको लेकर दिल्ली में नए सिरे से विचार विमर्श किया गया। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना सहित करीब 15 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर दिग्गज नेताओं की आपस में सहमत नहीं है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। बेटे के विवाह का आमंत्रण देने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री शिवराज इस बीच, बीते 24 घंटों में केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई है। शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से भी उनके घर पहुंचकर भेंट की। शिवराज सोमवार को अपने पुत्र के विवाह का आमंत्रण देने भोपाल आए थे। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और सारंग के पिता व भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इन नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक चर्चा भी हुई है। इन नेताओं की मुलाकात को भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में फंसा पेंच सागर में पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक शैलेंद्र जैन अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लाबिंग कर रहे हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का दबाव है। भोपाल में मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जयभान सिंह पवैया अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। विदिशा और जबलपुर में भी यही स्थिति है। ऐसे अन्य जिलों भी जहां राजनीतिक दबाव अधिक है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुने गए दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी। जेपीसी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे विष्णुदत्त शर्मा एक देश-एक चुनाव के क्रियान्वयन की दिशा में गठित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश से केवल विष्णुदत्त को इस समिति में जगह मिली है। इस समिति का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में ठोस सिफारिशें देना है। यह समिति 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्यों से मिलकर बनी है। recent visitors 80

सात विदेशी कारों के साथ 14 किलो सोना मिला, सागर में पूर्व विधायक के यहां 150 करोड़ की टैक्स चोरी का संदेह

सागर/भोपाल सागर में बीड़ी व कंस्ट्रक्शन कारोबारी राजेश केसरवानी, पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता हरवंश सिंह राठौर व राकेश छाबड़ा के यहां आयकर विभाग की छापेमारी में लगभग 150 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का संदेह है। उधर छापे में 14 किलो सोना मिलने की बात भी सामने आ रही है। विभाग तीनों जगह से लिए गए दस्तावेजों की जांच कर रहा है। इसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी। बता दें, तीनों जगह आयकर की टीम ने रविवार सुबह छापा मारा था। दो दिन तक टीम तलाशी में लगी रही। सात विदेशी कारें भी मिलीं आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया के राजेश केसरवानी के यहां लगभग 140 करोड़ रुपये टैक्स चोरी के दस्तावेज मिले हैं। इसके अतिरिक्त सात विदेशी कारें मिली हैं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों का उपयोग केसरवानी परिवार कर रहा था, पर किसी और के नाम से। संपत्ति का असली मालिक कौन छापे में बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग कर रहा है। इसके बाद जिनके नाम संपत्ति मिलेगी, उनसे पूछताछ कर पता किया जाएगा कि संपत्ति का असली मालिक कौन है? बता दें, हरवंश सिंह राठौर सागर जिले की बंडा विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वह सागर से भाजपा जिला अध्यक्ष की दौड़ में भी हैं। रविवार को पड़ा था छापा गौरतलब है कि बंडा के पूर्व विधायक हरवंश सिंह राठौर, पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी, एक प्रापर्टी डीलर राकेश छावड़ा के घर पर रविवार की सुबह अचानक से आयकर विभाग की टीमों ने दबिश दी थी। सौ से अधिक अधिकारियों की टीम ने तीनों स्थानों पर एक साथ छापा मारा था। सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई मंगलवार को सुबह 11.30 बजे दो स्थानों पर सर्वे पूरा हुआ। वहीं शाम तक पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के यहां भी सर्वे की कार्रवाई पूरी हुई। गौरतलब है कि सदर क्षेत्र में पूर्व विधायक राठौर का बंगला है। वहीं पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी व एक अन्य कारोबारी राकेश छावड़ा का निवास परकोटा पर वन वे पर है। तीन से से खड़ी थी आयकर विभाग की गाड़‍ियां पूर्व पार्षद के घर के सामने ही तीन दिन से आयकर विभाग के अधिकारियों की आधा दर्जन से गाड़ियां खड़ी थीं। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही थी। केशरवानी के निवास के बाहर सुरक्षाबल तैनात था। वहीं घर के बार आधी सड़क तक वाहन रखे होने से बार-बार जाम की स्थिति बन रही थी। केशरवानी बीड़ी कारोबार के साथ साहूकारी का भी धंधा भी करते हैं। recent visitors 87

Bijapur Attack: 4 साल पहले की प्लानिंग, बिछाया था 70 किलो IED, ले ली जवानो की जान

जगदलपुर बीजापुर जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर कुटरू-बेदरे मार्ग पर अंबेली गांव के पास चार वर्ष पहले बिछाए गए 70 किलो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के डेटोनेटर को ट्रिगर कर नक्सलियों ने सोमवार की दोपहर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) जवानों के स्कॉर्पियो एसयूवी वाहन को उड़ाया था। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहां विस्फोट हुआ वहां सीमेंट की एक फीट मोटाई की सड़क फट गई और वहां दस फीट गहरा और 25 फीट व्यास का गड्ढा बन गया। विस्फोट के बाद जवानों के शरीर के अंग व स्कार्पियो एसयूवी वाहन के कलपुर्जे 500 मीटर के दायरे में बिखर गए। क्या होता है ट्रिगर आईईडी, कैसे बिछाया था कुटरु से बेदरे तक की सड़क लगभग दस वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था। कुछ वर्ष बाद पुल और सड़क का हिस्सा बारिश में बह गया। 2020 में मरम्मत की गई तो नक्सलियों ने सड़क के मध्य जोड़ वाले हिस्से में ट्रिगर आईईडी बिछा दिया। नक्सिलयों ने फॉक्स होल तकनीक से सुरंग खोदकर 70 किलो से अधिक वजनी ट्रिगर आईईडी बिछाया, ताकि जवानों को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके। सालों बाद अब उनके मंसूबे कामयाब भी रहे। ट्रिगर आईईडी वह होता है, जिसमें आईईडी को किसी बैटरी, रिमोट कंट्रोल, इंफ्रारेड, मैग्नेटिक या ट्रिप वायर की सहायता से ट्रिगर किया जा सके। अब मौका देखकर इस आईईडी काे ट्रिप वायर तकनीक से ट्रिगर कर विस्फोट कर दिया। पेड़ के नीचे दबाया स्वीच, 300 मीटर दूर से विस्फोट नक्सलियों ने सड़क के नीचे बिछे आईईडी को ट्रिगर करने पास ही एक पेड़ की जड़ के पास डेटोनेटर को जोड़ता हुआ स्वीच जमीन के नीचे दबाकर ऊपर से मिट्टी और पत्थर डाल दिया था, ताकि बम निरोधक दस्ता इसका पता ना लगा सके। निशानी के लिए पेड़ की छाल को छील दिया गया था, ताकि वक्त आने पर इसमें विस्फोट किया जा सके। सोमवार को जब सुरक्षा बल के जवान बेदरे से निकले, तो नक्सलियों ने विस्फोट की तैयारी कर ली। पेड़ के नीचे दबे स्वीच को तार से जोड़कर वहां से लगभग 300 मीटर दूर जंगल तक एक पेड़ के नीचे तक ले जाया गया। वहीं से निशाना साधकर जवानों के कारकेड के 11 वें नबंर की गाड़ी को विस्फोट से उड़ाया गया। इस विस्फोट से 200 मीटर पीछे चल रही वाहन का कांच भी टूट गया। 1990 के दशक में पहला विस्फोट नक्सलियों के आईईडी के प्रयोग की योजना बनाने का पहला साक्ष्य 1986 के दशक में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के वारंगल जिले के नचिनापल्ली गांव में गोलीबारी के दौरान पुलिस को मिले एक नोटबुक में था। इसमें बताया गया था कि नक्सली बारूदी सुरंग बिछाने और आइईडी का प्रयोग की तकनीक सीख रहे हैं। इसके बाद 1990 के दशक में अविभाजित बस्तर जिले के कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों ने पहली बारूदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस के वाहन को निशाना बनाया था। इसके दो वर्ष बाद 1992 में उत्तर बस्तर के बड़े डोंगर में चुनाव वाहन को उड़ाने के बाद से नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट को अपना प्रमुख हथियार बना लिया, क्योंकि इससे बिना किसी खतरे के अधिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से पिछले 24 वर्ष में अब तक 1197 बारुदी सुरंग विस्फोट की ऐसी घटनाओं में 1313 सुरक्षा बल के जवान व आम नागरिक मारे जा चुके हैं। recent visitors 64

सेना और एनडीआरएफ ने निकाला एक शव, असम की कोयला खदान धसने से आठ श्रमिक दबे

दिशपुर/नई दिल्ली। असम के पास दीमा हसाओ जिले में सोमवार को कोयला खदान में पानी भरने के बाद नौ श्रमिक फंस गए थे। बुधवार सुबह सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान के दौरान खदान से एक शव बरामद किया। खदान में अभी भी आठ श्रमिक फंसे हुए हैं। इसके बाद सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो के तीन किलो क्षेत्र में कोयला खदान में सोमवार को 300 फीट गहरे खदान में अचानक पानी भर गया था। इस खदान में नौ श्रमिक फंस गए थे। इसके बाद भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी तरीके से बचाव अभियान की शुरुआत की। मंगलवार शाम को बचाव अभियान को रोक दिया गया था। बुधवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया। इसके बाद बचाव टीमों ने खदान से एक शव बरामद किया। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि 21 पैरा गोताखोरों ने खदान से एक शव बरामद किया है। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट एन तिवारी ने बताया कि श्रमिकों को निकालने के लिए 24 घंटे काम चल रहा है। जल्द ही हम श्रमिकों तक पहुंच जाएंगे। अभी सेना की टीम यहां काम कर रही है। जल्द ही नौसैनिक भी यहां पहुंच जाएंगे। वहीं खदान में काम करने वाले एक श्रमिक ने बताया कि मेरा भाई खदान में फंसा है। खदान में अचानक लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पानी भर रहा है। 30-35 लोग बाहर आ गए और 15-16 लोग फंस गए। एक युवक गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज मामले में असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) के साथ धारा 3(5)/105 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह एक अवैध खदान लगती है। मामले के संबंध में पुनीश नुनिसा नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मैंने माननीय केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डर से भी बात की। उनसे उमरंगसू में बचाव अभियान के लिए सहायता मांगी है। उन्होंने तुरंत कोल इंडिया मुख्यालय को निर्देश जारी किए हैं। इस मिशन में असम सरकार को पूर्ण सहयोग देने के लिए मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। वाटरिंग पंप मंगाया जा रहा खदान में भरे पानी को निकालने के लिए डी वाटरिंग पंप मंगाया गया है। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि बचाव अभियान जोरों पर है। सेना और एनडीआरएफ के गोताखोर खदान में उतर चुके हैं। नौसेना के जवान मौके पर हैं और उनके बाद गोता लगाने की अंतिम तैयारियां कर रहे हैं। इस बीच एसडीआरएफ के डी-वाटरिंग पंप उमरंगशु से घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ओएनजीसी के डी-वाटरिंग पंप को कुंभीग्राम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर पर लोड किया गया है।     21 Para divers have just recovered a lifeless body from the bottom of the well. Our thoughts and prayers are with the grieving family.     — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 8, 2025 recent visitors 80