मप्र उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी तक के‍ लिए खोला पोर्टल, कॉलेज छात्राओं को 10 महीने तक 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहीं छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना में पंजीयन करने के लिए पोर्टल खोल दिया है। अब छात्राएं दोनों में से एक योजना में 500-500 रुपये प्रतिमाह लेने के लिए पंजीयन करा सकेंगी। पोर्टल फरवरी तक खुला रहेगा, इसमें पूर्व छात्राओं का नवीनीकरण किया जाएगा और वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वालीं छात्राओं के नवीन पंजीयन होंगे। 12वीं में 60 फीसदी अंक और बीपीएल बता दें, गांव की बेटी योजना के लिए ग्रामीण छात्रा को ग्रामीण निवासी होना अनिवार्य है। वहीं 12वीं में 60 फीसद अंक होने के साथ उसका गरीबी रेखा के नीचे होना जरूरी है। इसके बाद विभाग उसे साल के 10 महीने 500-500 रुपये देगा। वहीं प्रतिभा किरण योजना के लिए शहरी क्षेत्र की छात्राओं को 12वीं में 60 फीसद अंक लाना अनिवार्य है। उसे भी 10 महीने तक 500-500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दोनों ही योजनाओं की लाभार्थी छात्राएं प्रदेश के किसी भी निजी या सरकारी कॉलेज में प्रवेश ले सकती हैं। इसके बाद में विभाग के द्वारा उसको साल के 10 महीने पांच ₹500 की रकम दी जाती है और यहां प्रतिभा किरण योजना जो कि शहरी क्षेत्र की छात्राओं के लिए है । बताया जा रहा है कि यह स्कीम में 12वीं में 60 फिसदी तक के अंक आना जरूरी होते हैं जिसमें यह ₹500 की रकम हर महीने दी जाती है दोनों ही योजना का फायदा लाभार्थी छात्राओं को निजी तथा सरकारी कॉलेज में प्रवेश के बाद में मिलता है। recent visitors 151

प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की

नई दिल्ली अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की है। ईरानी अधिकारियों ने भारत से फिर से कच्चे तेल की खरीद शुरू करने और ईरानी नागरिकों को वीजा देने में राहत देने की मांग की है। ईरान का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच दोस्ती और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। मगर इसके पीछे क्या ईरान की कोई मंशा है? आइए जानते हैं। ईरान की इस गुहार के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी प्रतिबंध हैं, जिनकी वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है। 2019 में भारत ने अमेरिकी दबाव में ईरान से कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी थी। हालांकि, अब ईरान चाहता है कि भारत एक बार फिर तेल खरीदने के लिए रास्ता निकाले। ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि भारत और ईरान को मिलकर इस मुद्दे का हल ढूंढना होगा। चाबहार बंदरगाह पर भी ईरान की खास नजर है। यह बंदरगाह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है और भारत ने इसके विकास में काफी निवेश किया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि चाबहार के आसपास पेट्रो-रसायन उद्योगों में सहयोग के लिए भारत ने रुचि दिखाई है। यह बंदरगाह दोनों देशों के लिए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक अहम जरिया हो सकता है। ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि रूस और ईरान पर लगे प्रतिबंध अलग हैं, और भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। ऐसे में ईरान उम्मीद कर रहा है कि भारत उसके लिए भी ऐसा ही कोई रास्ता निकालेगा। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक राजनीति में बदलाव के चलते अमेरिका का रुख ईरान के प्रति नरम हो सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह मौका हो सकता है कि वह ईरान के साथ अपने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाए। भारत के लिए ईरान की अहमियत सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। चाबहार बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ने का सीधा रास्ता देता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह भारत के लिए किसी तरह की मुश्किल खड़ी नहीं करना चाहता, बल्कि आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। ऐसे में देखना है कि क्या भारत अपने चाबहार वाले दोस्त के साथ कच्चे तेल का सौदा करता है या नहीं। recent visitors 110

यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव

भोपाल यूनियन कार्बाइड का कचरा जलने से कई तरह की गंभीर बीमारियों की आशंका है।  विशेषज्ञ डॉक्टरों से रासायनिक कचरे(Union Carbide Waste) के जलने से उत्पन्न स्थिति के बारे में जाना। विशेषज्ञों ने कहा, अगर रासायनिक पदार्थ जलता है तो धुआं निकलता है। वैसे अलग-अलग तरह के धुएं होते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। धुएं बनते हैं कैंसर की वजह कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल धारकर के मुताबिक, ‘कुछ धुएं कैंसर का कारण बन सकते हैं। इन्हें कार्सिनोजेनिक धुआं कहा जाता है, जिनमें ऐसे पदार्थ होते हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। तंबाकू के धुएं से फेफड़ों, गले और अन्य प्रकार के कैंसर तो डीजल के धुएं से फेफड़े और मूत्राशय के कैंसर का खतरा होता है। रासायनिक धुएं में वाष्पशील कार्बनिक यौगिक होते हैं, जो कैंसरकारी हो सकते हैं। कई मामलों में तो सालों बाद भी कैंसर का खतरा रहता है। लोगों को सुझाव दिया जाता हैै कि अगर वे कार्सिनोजेनिक धुएं के संपर्क में आते हैं तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।’ कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव डॉ. पीयूष जोशी(एमडी )के मुताबिक, ‘रासायनिक कचरे की राख को जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। राख को जमीन में डंप करने से भूमिगत जल के दूषित होने की पूरी आशंका रहती है। पीथमपुर से यशवंत सागर जुड़ा है, बेटमा इलाका भी लगा है, जहां तक प्रभाव हो सकता है। इस तरह का दूषित जल पीने से कैंसर का खतरा रहता है। साथ ही गर्भवती महिला संपर्क में आती है तो गर्भस्थ बच्चा प्रभावित हो सकता है और पैदा होने पर उसमें विकृति की आशंका रहती है। त्वचा रोग का भी खतरा रहता है।’ एक्सपर्ट व्यू डॉ. योगेंद्र व्यास, शिशु रोग विशेषज्ञ व फिटनेस कोच के मुताबिक, ‘पीथमपुर पहुंचा यूनियन कार्बाइड का कचरा(Union Carbide waste) 40 साल पुराना है। इसमें कोई केमिकल बचा नहीं है। विशेषज्ञ एनालिसिस भी कर रहे हैं। भोपाल से पीथमपुर इसलिए आया है, क्योंकि यहां मौजूद रामकी कंपनी इंटरनेशनल होने के साथ वेस्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी रखती है। कई लोग बोल रहे हैं कि कचरे से नुकसान होगा व पर्यावरण प्रदूषित होगा। इसके बारे में कहूंगा कि भोपाल में यूनियन कार्बाइड की 70 एकड़ जमीन है। इसमें से 30 एकड़ पर कई सालों से अतिक्रमण है। वहां लोग रह रहे हैं। उन्हें असर हुआ या नहीं, इसकी स्टडी पहले कर ली जाए। रामकी कंपनी नौ माह में पूरे मापदंड के साथ इसका निष्पादन करेगी। सभी उत्सर्जित गैसों की निगरानी होगी। फिल्टर भी लगा है। इसलिए चिंतित नहीं होना चाहिए।’ recent visitors 120

MP में महंगी होगी बिजली, कंपनियों ने 7% से ज्यादा दर बढ़ाने का दिया प्रस्ताव

जबलपुर  मध्यप्रदेश की विद्युत (बिजली) कंपनियों ने अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 की कुल राजस्व आवश्यकता और उनकी आय में हो रहे भारी भरकम अंतर को पूरा करने के लिए एक बार फिर से जनता के ऊपर बोझ डालने का निर्णय लिया है। जी हां मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों ने आय और व्यव के भारी अंतर का उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। फिर से जनता पर बोझ डाला जाएगा मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों की वित्त वर्ष 2025-26 की कुल राजस्व आवश्यकता की बात की जाए तो 58744 करोड रुपए है, जबकि प्रदेश की विद्युत कंपनियों आय 54637 करोड़ रुपए है। ऐसे में 4 हजार करोड़ से ज्यादा के अंतर को पूरा करने या यू कहे कि खर्च और आए में संतुलन बनाने के लिए फिर से जनता पर बोझ डाला जाएगा। रिटायर्ड अभियंता और विद्युत मामलों की जानकार राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस तरह से बिजली कंपनियां सीधे तौर पर जनता पर बोझ डालने की तैयारी कर रही है। कंपनियों को होगी अतिरिक्त आय कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव में घरेलू, कृषि, चार्जिंग स्टेशन, रेलवे, कोयला खदान, औद्योगिक, शॉपिंग मॉल से लेकर मेट्रो, सार्वजनिक जलप्रदाय संयंत्र, सिंचाई व अन्य तमाम कार्यों के लिए ली जाने वाली बिजली की कीमत बढ़ जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं से ही दर वृद्धि के बाद 988 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय बिजली कम्पनियों को होगी, तो गैर घरेलू से 218 करोड़ रुपए और सार्वजनिक जल प्रदाय संयंत्रों और स्ट्रीट लाइट से 104 करोड़, निम्न दाब उद्योगों से 62, कृषि संबंधित गतिविधियों से डेढ़ हजार करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होना है। इसी तरह कोयला खदानें, शॉपिंग मॉल और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई दरें वसूलकर 4107 करोड़ रुपए अतिरिक्त हासिल किए जाएंगे।  घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को अभी 151-300 यूनिट के मौजूदा टेरिफ स्लैब का लाभ मिलता है। उसे अब संशोधित कर 150 यूनिट तक ही सीमित किया जाएगा। यानी इससे अधिक बिजली जलाने वाले छोटे उपभोक्ताओं को  भी बिजली की कीमत अधिक चुकानी पड़ेगी। झुग्गी-झोपड़ी में डीटीआर मीटर फिलहाल झुग्गी झोपड़ी समूह के लिए डीटीआर मीटर के माध्यम से जो टैरिफ अभी है उसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक कि घोषित और अघोषित अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण के साथ सभी उपभोक्ताओं का मीटरीकरण नहीं हो जाता। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए सुबह 9 से 5 बजे ऑफ पीक अवधि के दौरान खपत की गई ऊर्जा के लिए सामान्य दर पर 20 फीसदी की टीओडी छूट प्रस्तावित की गई है। इसी तरह रात 10 से सुबह 6 बजे के दौरान टैरिफ की सामान्य दरों पर ही भुगतान करना पड़ेगा। हरित ऊर्जा शुल्क भी वर्ष 2025-26 के लिए दो तरह से प्रस्तावित किया गया है। पहला कार्बन चिन्ह को कम करने और दूसरा ऊर्जा के नवीकरणीय स्त्रोतों से बिजली हासिल करने वाले उपभोक्ताओं की श्रेणी में लिया जाएगा। वहीं एचवी-3 टैरिफ के तहत उच्च दाब उपभोक्ताओं को वर्तमान में लागू सभी छूट आगामी वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी। इन याचिकाओं के खिलाफ 24 जनवरी तक आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी। टैरिफ में बढ़ोतरी न कर घाटे को रोका रहा राजेंद्र अग्रवाल का मानना है कि विघुत कंपनियो ने बीते वित्त वर्ष 2023-24 का घाटा 4344 करोड बताकर उसे अगले वर्ष यानि 2025-26 में वसूलने का प्रस्ताव किया है, जो कि पूणतः गलत है। उनका यह तक दावा है कि विद्युत कंपनियां जो 4000 करोड़ से ज्यादा का घाटा बता रही है वह घाटा हुआ ही नहीं। उनका मानना है कि विद्युत कंपनियों की आई और व्यय में कहीं भी कोई अंतर नहीं है लेकिन वह पिछले साल के बीते वर्ष के घाटे को पूरा करने के लिए इस तरह से चीज कर रही है। उनका कहना है कि विद्युत वितरण कंपनियों ने चुनाव के समय जनता को लुभाने के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी न करके उस घाटे को रोके रहा और अब जाकर 2 साल बाद जनता से उसे वसूल किया जा रहा है। बिजली की दरों में 7.52 फीसदी का इजाफा जानकारों का मानना है कि, आयोग को पहले वर्ष 2023-24 की सत्यापन याचिका का निराकरण करना चाहिए उसके बाद अगला कदम उठाना चाहिए। नए साल पर प्रदेश के करोडों बिजली उपभोक्ताओं को बिजली का झटका लगने वाला है। विद्युत कंपनियां प्रदेश में बिजली की दरों में 7.52 फीसदी का इजाफा करना चाहती है। जिसके लिए नियामक आयोग के समक्ष सभी विद्युत कंपनियों ने टैरिफ याचिका दायर कर दी है, जिसमें मध्य प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तकरीबन 7.52 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। औसतन प्रति यूनिट बड़ा झटका बिजली उपभोक्ताओं को देने की तैयारी है। स्लैब के हिसाब से इस तरह बढ़ोतरी का प्रस्ताव -50 यूनिट तक -वर्तमान दर 4.27/- प्रस्तावित दर 4.59/-(32 पैसे बढ़ोतरी ) 51- 150 यूनिट तक– वर्तमान दर 5.23/- प्रस्तावित दर 5.62/-(39 पैसे बढ़ोतरी ) 150-300 यूनिट तक– वर्तमान दर 6.61/- प्रस्तावित दर 7.11/-(50 पैसे बढ़ोतरी ) 300 यूनिट से ज़्यादा– वर्तमान दर 6.80/- प्रस्तावित दर 7.11/-(31 पैसे बढ़ोतरी ) सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय परिवार को बिजली का झटका देने की तैयारी है। recent visitors 97

अमित शाह ने कहा- केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला तब उन्होंने अपना शीश महल बनबाया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में कामकाजी महिला छात्रावास सुषमा भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मेरे घर पर कुछ बच्चे मिलने आए थे तो मैंने उनसे पूछा कि केजरीवाल जी ने क्या किया? तो एक बच्चे ने कहा कि उन्होंने एक 45 करोड़ रुपये का शीशमहल खुद के लिए बनाया। राजनीति में आए तब कहते थे हम सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे, सरकारी बंगला नहीं लेंगे। आज 50 हजार गज में दिल्लीवासियों के 45 करोड़ रुपये से अपने लिए शीश महल बनाया। केजरीवाल को दिल्ली की जनता को हिसाब देना पड़ेगा।" उन्होंने आगे कहा, "अरविंद केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं की। उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया और दवाओं के नाम पर घोटाला किया। इतना ही नहीं, सीसीटीवी के नाम पर घोटाला किया, बस खरीद में घोटाला किया और सबसे बड़ी घोटाला निजी सुविधाओं के लिए, अपना शीशमहल बनाने के लिए किया। दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल को जवाब देना पड़ेगा।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुषमा स्वराज को भी याद किया। उन्होंने कहा, "मुझसे बांसुरी स्वराज मिलने आई थी और उन्होंने मुझे बताया कि कामकाजी महिला छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसका नाम सुषमा भवन रखा जाएगा। तब मैंने खुद कहा था मुझे हॉस्टल का साइज नहीं पूछना है, मगर सुषमा जी के नाम से हॉस्टल बना है तो मैं यहां जरूर आऊंगा। यहां आने का निमंत्रण मैंने मांग कर लिया है, क्योंकि इस हॉस्टल का उद्घाटन करना मेरे लिए आनंद का विषय है।" उन्होंने आगे कहा, "इस भवन में करीब 80 बहनें काम करेंगी, उनके सुरक्षित रहने की सुविधा एक ऐसी नेता के नाम से जुड़ रहा है जो भारत की महिला शक्ति को जागरूक और संगठित करने की प्रेरणास्रोत रही हैं। सुषमा स्वराज हम सब भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा पार्टी की महान नेता के रूप में चिर स्मरणीय रहेंगी। उन्होंने भारत के संसदीय राजनीति के इतिहास में सुषमा स्वराज ने एनडीए-1 और एनडीए-2 दोनों सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री की जिम्मेदारी बखूबी संभाली।" केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं जानेगा, बल्कि उन्हें एक संघर्ष करने वाली विपक्ष की नेत्री के रूप में याद रखेगा। सुषमा ही थीं, जिन्होंने यूपीए-2 सरकार के 12 लाख करोड़ के घोटाले को संसद भवन में उजागर किया था। विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण होता है, इसका जब उदाहरण दिया जाएगा, तब सुषमा जी को जरूर याद किया जाएगा।" recent visitors 110

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्थिबाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की, दिव्यांगजन की सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन की सेवा और कल्याण आंतरिक सुख का विषय है। उनकी सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक है। दिव्यांगजन के साथ समरसता के व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए समाज में उनके प्रति विद्यमान दृष्टिदोष को दूर करना आवश्यक है। प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है, उसे चिन्हित कर निखारने और प्रोत्साहित करने से दिव्यांगजन की ऊर्जा का उपयोग समाज हित में किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप ही विकलांग जैसे कटु अनुभूति देने वाले शब्द को बदलकर दिव्यांग का सम्मानजनक संबोधन प्रदान किया गया। दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्ति वास्तव में चुनौतियों को स्वीकार करने वाले सच्चे वीर हैं। उनकी सामर्थ्य को स्वीकारना और सम्मान देना समाज का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल "सक्षम" की पहल पर भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सहयोग से संचालनालय सामाजिक न्याय विभाग के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ई-साइकिल वितरित की। विश्व ब्रेल दिवस पर किया लुइस ब्रेल का स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्व ब्रेल दिवस (4 जनवरी) के अवसर पर ब्रेल लिपि विकसित करने वाले लुइस ब्रेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित बालिका कुमारी तान्या शर्मा ने सक्षम गान की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी तान्या का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज-कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तक का विमोचन किया और समाजसेवियों का शॉल, श्रीफल तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर की कुमारी अनामिका सोलंकी, खंडवा की श्रीमती रजनी दशोरे, झाबुआ की सुश्री उषा गढ़वा सहित श्री ओम तिवारी, श्री सुखदेव आदि को प्रतीक स्वरूप ई-साइकिल वितरित की। प्रदेश के कुल 47 अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की। घर में व्हील चेयर और बाहर ट्राई साइकिल के रूप में उपयोग में आएगी ई-साइकिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टि बाधित दिव्यांगजन के लिए यह बड़ी सौगात है। साथ ही कई देशों की सेनाओं द्वारा ब्रेल लिपि का उपयोग रात्रि में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए भी किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वितरित की जा रही ई-साइकिल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन साइकिलों का उपयोग घर में व्हीलचेयर के रूप में करने के साथ ही घर के बाहर आने-जाने के लिए ट्राई साइकिल के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित होने के बाद भी व्यक्तियों ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। पौराणिक संदर्भ में अष्टावक्र, महान संगीतज्ञ स्व. रविंद्र जैन तथा धर्म आध्यात्म के क्षेत्र में स्वामी रामभद्राचार्य जी का उदाहरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करने को समर्पित है संस्था सक्षम कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि "सक्षम"- समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल, दिव्यांगजन के सशक्तिकरण को समर्पित संस्था है, जिसकी स्थापना 2008 में नागपुर में हुई। दिव्यांग युवाओं-महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों की रक्षा, खेल गतिविधियों में प्रोत्साहन, शोध तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार एवं परिचर्चा के माध्यम से दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करना सक्षम संस्था का उद्देश्य है।   recent visitors 93

मुख्यमंत्री ने लटेरी, विदिशा में किया 132 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ देश बनने की ओर अग्रसर है। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। युवा, गरीब, किसान और महिलाएं हमारी विशेष प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश तेज गति से देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लटेरी (विदिशा) में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विशाल जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के लिए 132 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इनमें 80 करोड़ 16 लाख रुपए के 54 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 51 करोड़ 96 लाख रुपए के 198 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित लाभ भी वितरित किए। कार्यक्रम में विदिशा जिले में 505 हेक्टेयर चरनोई की भूमि को अतिक्रमण मुक्त किए जाने पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक युग के भगीरथ हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से प्रदेश को दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं मिली है। इससे न केवल बुंदेलखंड अपितु मालवा और चंबल क्षेत्र में भी बड़े क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल सुविधा मिलेगी। इस क्षेत्र के भी 360 गांव को जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य है हर किसान के खेत में पानी पहुंचाना। हर खेत में पानी आने से किसान की जिंदगानी बदलेगी। कृषि उत्पादन में हम पंजाब, हरियाणा को भी पीछे छोड़ने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार आदि सभी क्षेत्रों में प्रदेश में तेज गति से विकास हो रहा है। हर गरीब को पक्का मकान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी संकल्पित हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त है। उद्योग और रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन, सागर, रीवा, जबलपुर और ग्वालियर में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। युवा वर्ग के लिए सरकार शीघ्र ही एक लाख सरकारी और निजी क्षेत्र में लगभग 3 लाख पदों पर भर्ती करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा की महत्ता को हमेशा याद रखें। बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, शिक्षा की सारी व्यवस्था सरकार कर रही है। प्रदेश के 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस स्कूल खोले जा रहे हैं। गरीबों को परिवहन की अच्छी सुविधा देने के लिए सरकार मध्यप्रदेश राज्य परिवहन को दोबारा प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन को भी सरकार बढ़ावा दे रही है। जो गाय पाले, वही गोपाल है तथा जहाँ गाय का कुल हो, वही गोकुल है। सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने वाली है तथा 10 से अधिक गाय पालने पर अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में गौ-शालाएं बनाई जा रही हैं। प्रदेश की धरती पर जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण पधारे थे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में संदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की, जानापाव में उन्हें सुदर्शन चक्र मिला। कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता वही है जब मित्र बगैर सामने आये मित्र की सहायता करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में रेलवे लाइन के लिए विशेष प्रयास करने को आश्वस्त किया। उन्होंने आनंदपुर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी की। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश में देश की दो नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रारंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के मसीहा बनकर कार्य कर रहे हैं। हमारा संकल्प पूरे प्रदेश को सिंचित करना है। सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने भी सभा को संबोधित किया। विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए कई मांगे रखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित था।   recent visitors 127