राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- अपने ज्ञान से दूसरों को बड़ा करने में ही शिक्षित व्यक्ति का गौरव है

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि अपने ज्ञान से दूसरों को बड़ा करने में ही शिक्षित व्यक्ति का गौरव है। उसकी शिक्षा का गौरव है। उन्होंने कहा कि आज से 38 वर्ष पूर्व कम्प्यूटर ज्ञान के प्रसार के लिए ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक की रचना कर, लेखक ने अपनी शिक्षा को गौरवान्वित किया है। संपूर्ण समाज को लाभान्वित करने का उनका प्रयास अभिनंदनीय है। राज्यपाल श्री पटेल आईसेक्ट पब्लिकेशन की पुस्तक ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ के 40 वें संस्करण के लोकार्पण कार्यक्रम को स्थानीय कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के पूर्व निदेशक श्री शिव कुमार अवस्थी भी मंचासीन थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पुस्तक लेखन समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। नई सोच और दृष्टि के द्वारा समाज का मार्गदर्शन करने वाले लेखकों का सम्मान समाज का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि ज्ञान के लिए केवल पाठ्य पुस्तकों पर निर्भर नहीं रहे, पुस्तकों में उपलब्ध हमारे देश, समाज और संस्कृति के ज्ञान का भी अध्ययन करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हुआ है, जिसकी आजादी के समय से ही देश अपेक्षा कर रहा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बंधन मुक्त शिक्षा का अभूतपूर्व अवसर दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी आगामी 13-14 जनवरी को देश के 3 हजार युवाओं के साथ संवाद करेंगे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम को देखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि वैचारिक चिंतन में सहभागिता से नए विषयों और कार्यों के संबंध में जानकारी मिलती है। भविष्य के पथ का प्रदर्शन होता है। ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक के लेखक श्री संतोष चौबे की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल का रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह और आईसेक्ट पब्लिकेशन के विज्ञान लेखन की पुस्तकों और भारतीय वैज्ञानिकों के मोनोग्राफ का सेट भेंट किया। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री भरत शरण सिंह ने भारतीय ज्ञान परम्परा में कम्प्यूटर के सिद्धांतों की उपलब्धता और कम्प्यूटर निर्माण में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को प्रकाशित किया। कम्प्यूटर एक परिचय पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तक ने भारतीय भाषाओं में डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने पुस्तक की रचना के लिए लेखक को बधाई दी। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने पुस्तक की रचना की पृष्ठ भूमि और विकास का विवरण देते हुए बताया कि देश में तकनीक का विकास भारतीय भाषाओं के माध्यम से ही सम्भव है। संस्था द्वारा 6 विश्वविद्यालय संचालित किए जा रहे है। संस्थान उत्तरपूर्व में 7वें विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के नवाचार और समाज के साथ जुड़ाव के द्वारा हर क्षेत्र में विकास की अपार सम्भावनाएं है। इसका उदाहरण देते हुए बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से किताब का लेखन किया जा सकता है, किन्तु किस विषय और भाषा पर पुस्तक लिखी जानी है, यह वास्तविक बुद्धिमत्ता से ही सम्भव है। स्वागत उद्बोधन स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के चान्सलर श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तक ने देश में कम्प्यूटर के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में बदलाव और सोच को नई दिशा देने का कार्य किया है। पुस्तक के प्रकाशन के बाद संस्थान निर्माण के दुनियां में जो उदाहरण मिलते है, उसमें ‘कम्प्यूटर एक परिचय’ पुस्तक का भी स्थान है। पुस्तक की सफलता ने आईसेक्ट पब्लिकेशन को जन्म दिया। आभार प्रदर्शन रबीन्द्र नाथ टैगोर विश्वविद्याल के कुलसचिव श्री विजय सिंह ने किया। संचालन विश्वविद्यालय की प्रो. चान्सलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी ने किया।   recent visitors 68

मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी, शिक्षकों के विभिन्न पदों पर वैकेंसी ,आवेदन प्रक्रिया 28 जनवरी 2025 से शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है । कर्मचारी चयन मंडल ने शिक्षकों के विभिन्न पदों पर वैकेंसी निकाली है। आवेदन की प्रक्रिया 28 जनवरी 2025 से शुरू होगी।अप्लाई करने के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://esb.mp.gov.in पर जाकर 11 फरवरी 2025 आवेदन कर सकते हैं।लास्ट डेट बीतने के बाद कोई एप्लीकेशन फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस भर्ती के माध्यम से शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और एमपी शासन, जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन ,नृत्य) के पदों पर भर्ती की जाएगी।अनुमान है कि इस भर्ती के माध्यम से 10 हजार पदों को भरा जाएगा। आवेदन शुल्क: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है।SC/ST/OBC/EWS और दिव्यांगजन श्रेणी के उम्मीदवारों, जो मध्य प्रदेश के निवासी हैं आवेदन शुल्क 250 रुपये है।आवेदन प्रक्रिया के दौरान ईएसबी द्वारा किसी भी प्रमाण पत्र की जांच की जाएगी। यह जांच नियुक्ति प्रक्रिया के समय संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी। ऑनलाइन परीक्षा में उमीदवारों की पात्रता पूरी तरह से प्रावधिक मानी जाएगी। मार्च में होगी परीक्षा     परीक्षा 20 मार्च 2025 से दो चरणों में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद परीक्षा की तिथियों और परीक्षा केंद्रों से संबंधित जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।     पहली पाली सुबह 9 बजे 11 बजे तक।अभ्यर्थियों को सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच रिपोर्ट करना होगा।     दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। रिपोर्टिंग समय दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक है।     भोपाल , बालाघाट, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी और उज्जैन में आयोजित की जाएगी। महत्वपूर्ण तारीख     ऑनलाइन आवेदन की तारीख: 28 जनवरी 2025 ।     आवेदन की लास्ट डेट :11 फरवरी 2025 तक ।     आवेदन फॉर्म में करेक्शन की प्रक्रिया 28 जनवरी से 16 फरवरी 2025 तक ।     परीक्षा: 20 मार्च 2025 recent visitors 61

किसानों को मिलेगा लहसुन की बिक्री का लाभ, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 8 साल का विवाद खत्म

इंदौर  मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा। किसान की मर्जी है कि वो चाहे तो अपनी उपजाई लहसुन को सरकारी सिस्टम से बेचे या व्यापारियों के पास ले जाकर बेचे। बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है। इसके साथ ही मप्र में आठ साल से लहसुन की बिक्री पर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। इसी के साथ सरकारी सिस्टम से लहसुन की नीलामी करवाने के बंधन से किसानों को मुक्ति मिल गई है। एमपी हाईकोर्ट का निर्णय बरकरार रखा सुप्रीम कोर्ट ने  निर्णय देते हुए मप्र हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच के उस निर्णय को बरकरार रखा है कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है। ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा। किसान अपनी सुविधा व दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं। लहसुन की नीलामी में सालभर से किसानों की नहीं सरकारी मर्जी चल रही थी। बीते वर्ष फरवरी से इंदौर मंडी में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों को रोक दिया गया था। नियम लागू कर दिया था कि अनाज-मसालों की तरह लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी करेंगे। इसके बाद मंडी में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ। किसानों ने मांग की कि उनकी उपज को कहां बेचना है यह उनकी मर्जी पर छोड़ना चाहिए। आठ वर्षों से विवाद, उलझे थे किसान प्रदेश में लहसुन पर विवाद करीब आठ वर्षों से चल रहा था। किसानों के संगठन के आवेदन पर मप्र मंडी बोर्ड ने 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था। इससे किसानों को यह छूट मिल गई थी कि वे चाहे तो लहसुन को सरकारी बोली प्रक्रिया में बेचें या चाहे तो सब्जियों के साथ आढ़तियों या व्यापारियों के द्वारा नीलाम करवा दें। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद कर दिया और कृषि उपज मंडी समिति अधिनियम(1972) का हवाला देकर लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया। 2016 में मंडी व्यापारियों की एसोसिएशन हाई कोर्ट पहुंची। मर्जी से नीलामी की छूट दी कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी। इसी बीच एक व्यापारी मुकेश सोमानी ने पुनर्विचार याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने फिर से फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में रख दिया। इस आधार पर सरकार ने फरवरी 2024 में आदेश जारी कर इंदौर मंडी में हो रही लहसुन की नीलामी से आढ़तियों को बाहर कर दिया। सरकारी कर्मचारियों से नीलामी शुरू कर दी। किसानों ने इसका विरोध किया। कहा कि उनकी जानकारी और पक्ष जाने बगैर निर्णय हुआ। हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था लहसुन सब्जी है बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की ओर से हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की। इस पर जुलाई 2024 में हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच ने निर्णय दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बिक्री कर सकता है। इस निर्णय पर मंडी प्रशासन खामोश रहा। व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन हासिल कर लिया। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंच के आदेश को बरकरार रखा।   recent visitors 61

सरकार नए नियमों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कसेगी लगाम, लगेगा 250 करोड़ रुपए जुर्माना

नईदिल्ली नई दिल्ली। केंद्र सरकार सोशल मीडिया और इंटरनेट से जुड़े मामलों को लेकर नए नियम बनाने जा रही है। इसके लिए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 लाया जाएगा। नए बदलाव के अनुसार 18 साल के कम उम्र के बच्चों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए माता-पिता की सहमति लेनी होगी। केंद्र ने  डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के मसौदा नियमों को प्रकाशित किया। MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) ने बताया है कि आम लोग मसौदा पर अपनी राय दे सकते हैं। बता सकते हैं कि क्या बदलाव किए जाने चाहिए। MyGov.in पर जाकर आम लोगों को अपनी राय दर्ज कराने का मौका दिया गया है। 18 फरवरी 2025 के बाद इन सुझावों पर सरकार गौर करेगी। इंटरनेट पर व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग रोकेंगे नए नियम सोशल मीडिया पर दी जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग बढ़ा है। बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार सख्त कानून बना रही है। नए नियमों के तहत बच्चों और विकलांग लोगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए सख्त उपाय किए गए हैं। व्यक्तिगत डेटा संभाल रही संस्थाओं को नाबालिगों से संबंधित किसी भी व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता या अभिभावक की सहमति लेनी होगी। सहमति सत्यापित करने के लिए सरकार द्वारा जारी आईडी या डिजिटल पहचान टोकन का इस्तेमाल करना होगा। शैक्षिक संस्थानों और बाल कल्याण संगठनों को नियमों के कुछ प्रावधानों से छूट दी जा सकती है। नए नियमों में इंटरनेट यूजर के अधिकारों को बढ़ाया जाएगा। यूजर अपने डेटा को हटाने की मांग कर सकेंगे। कंपनियों से पारदर्शिता की मांग कर सकेंगे कि उनका डेटा क्यों जुटाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर लग सकता है 250 करोड़ रुपए जुर्माना अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है तो उसपर 250 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। उपभोक्ताओं को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे डेटा जुटाए जाने को चुनौती दे सकें और जवाब मांग सकें कि उसके डेटा का इस्तेमाल किस लिए किया गया है। नए नियम में "ई-कॉमर्स संस्थाएं", "ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थ" और "सोशल मीडिया मध्यस्थ" जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल मध्यस्थों को परिभाषित किया गया है। प्रत्येक के लिए खास दिशानिर्देश दिए गए हैं। मसौदे के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे मध्यस्थ हैं जो मुख्य रूप से उपयोगकर्ताओं के बीच ऑनलाइन बातचीत सक्षम करते हैं। इसमें सूचना शेयर करना, भेजना और संशोधित करना शामिल है। नए नियमों का पालन हो यह तय करने के लिए सरकार एक डेटा संरक्षण बोर्ड स्थापित करने की योजना बना रही है। यह डिजिटल नियामक निकाय के रूप में काम करेगा।   recent visitors 80

यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव

भोपाल यूनियन कार्बाइड का कचरा जलने से कई तरह की गंभीर बीमारियों की आशंका है।  विशेषज्ञ डॉक्टरों से रासायनिक कचरे(Union Carbide Waste) के जलने से उत्पन्न स्थिति के बारे में जाना। विशेषज्ञों ने कहा, अगर रासायनिक पदार्थ जलता है तो धुआं निकलता है। वैसे अलग-अलग तरह के धुएं होते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। धुएं बनते हैं कैंसर की वजह कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिगपाल धारकर के मुताबिक, ‘कुछ धुएं कैंसर का कारण बन सकते हैं। इन्हें कार्सिनोजेनिक धुआं कहा जाता है, जिनमें ऐसे पदार्थ होते हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। तंबाकू के धुएं से फेफड़ों, गले और अन्य प्रकार के कैंसर तो डीजल के धुएं से फेफड़े और मूत्राशय के कैंसर का खतरा होता है। रासायनिक धुएं में वाष्पशील कार्बनिक यौगिक होते हैं, जो कैंसरकारी हो सकते हैं। कई मामलों में तो सालों बाद भी कैंसर का खतरा रहता है। लोगों को सुझाव दिया जाता हैै कि अगर वे कार्सिनोजेनिक धुएं के संपर्क में आते हैं तो किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।’ कचरे की राख जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव डॉ. पीयूष जोशी(एमडी )के मुताबिक, ‘रासायनिक कचरे की राख को जमीन में डंप करने से दुष्प्रभाव की आशंका रहती है। राख को जमीन में डंप करने से भूमिगत जल के दूषित होने की पूरी आशंका रहती है। पीथमपुर से यशवंत सागर जुड़ा है, बेटमा इलाका भी लगा है, जहां तक प्रभाव हो सकता है। इस तरह का दूषित जल पीने से कैंसर का खतरा रहता है। साथ ही गर्भवती महिला संपर्क में आती है तो गर्भस्थ बच्चा प्रभावित हो सकता है और पैदा होने पर उसमें विकृति की आशंका रहती है। त्वचा रोग का भी खतरा रहता है।’ एक्सपर्ट व्यू डॉ. योगेंद्र व्यास, शिशु रोग विशेषज्ञ व फिटनेस कोच के मुताबिक, ‘पीथमपुर पहुंचा यूनियन कार्बाइड का कचरा(Union Carbide waste) 40 साल पुराना है। इसमें कोई केमिकल बचा नहीं है। विशेषज्ञ एनालिसिस भी कर रहे हैं। भोपाल से पीथमपुर इसलिए आया है, क्योंकि यहां मौजूद रामकी कंपनी इंटरनेशनल होने के साथ वेस्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी रखती है। कई लोग बोल रहे हैं कि कचरे से नुकसान होगा व पर्यावरण प्रदूषित होगा। इसके बारे में कहूंगा कि भोपाल में यूनियन कार्बाइड की 70 एकड़ जमीन है। इसमें से 30 एकड़ पर कई सालों से अतिक्रमण है। वहां लोग रह रहे हैं। उन्हें असर हुआ या नहीं, इसकी स्टडी पहले कर ली जाए। रामकी कंपनी नौ माह में पूरे मापदंड के साथ इसका निष्पादन करेगी। सभी उत्सर्जित गैसों की निगरानी होगी। फिल्टर भी लगा है। इसलिए चिंतित नहीं होना चाहिए।’   recent visitors 102

मुख्यमंत्री यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जमा रासायनिक कचरे को जलाने के लिए पीथमपुर ले जाने पर जनता की ओर से काफी विरोध हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार की देर रात को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई और साथ ही ऐलान किया कि सरकार जनता का अहित किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर सरकार के रुख की ताजा अपडेट दी। उन्होंने लिखा, "हमारी सरकार ने पीथमपुर घटना के बारे में संज्ञान लिया है। हमारी सरकार जनकल्याणकारी, जनहितैषी तथा जन भावनाओं का आदर करती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यूनियन कार्बाइड के कचरे का परिवहन पीथमपुर में किया गया है। "जनभावनाओं का आदर करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष समस्त परिस्थितियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट के साथी कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों के साथ अति आवश्यक बैठक ली।" उन्होंने आगे कहा, "मैं जनता से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह या भ्रम की खबरों पर विश्वास नहीं करे। मैं और मेरी सरकार आपके साथ है।" उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिक्षेत्र में बीते 40 साल से रासायनिक कचरा जमा था, जिसे न्यायालय के निर्देश पर पीथमपुर ले जाया गया है। इस कचरे को रामकी इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। सरकार की ओर से की गई इस कोशिश का इंदौर सहित पीथमपुर और अन्य स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। पीथमपुर में तो दो युवकों ने आत्मदाह करने तक की कोशिश की। इंदौर तथा आसपास के इलाकों में बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया है। सभी को न्यायालय के आदेश के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह का नुकसान न होने का भी दावा किया गया है। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार की रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यूनियन कार्बाइड के कचरे के परिवहन एवं पीथमपुर के निकट डंप एवं निष्पादन किए जाने के संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधिवेत्ताओं से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर पहुंचाने का परिपालन किया गया है। हमने न्यायालय की याचिकाओं और आदेशों के तारतम्य में सुरक्षा मापदंडों का परिपालन करते हुए केवल परिवहन किया है। न्यायालय को 6 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित थी। सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया तो राज्य सरकार यह प्रयास करेगी कि न्यायालय के समक्ष यह विषय प्रस्तुत हो। इसके बाद न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।   recent visitors 75

विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान, केजरीवाल के सामने होंगे प्रवेश वर्मा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की पहली लिस्ट जारी हो गई है. बीजेपी ने इस लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. केजरीवाल के खिलाफ प्रवेश वर्मा को टिकट दिया गया है. वहीं, सीएम आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी को चुनावी मैदान में उतारा गया है. आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले कैलाश गहलोत को भी पार्टी ने बिजवासन सीट से टिकट दिया है. बिजवासन से कैलाश गहलोत को टिकट बीजेपी ने आदर्श नगर सीट से राजकुमार भाटिया, बादली से दीपक चौधरी, रिठाला से कुलवंत राणा, नांगलोई जाट से मनोज शौकीन, मंगोलपुरी सीट से राजकुमार चौहान, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, मॉडल टाउन से अशोक गोयल, करोल बाग से दुष्यंत कुमार गौतम, पटेल नगर से राजकुमार आनंद, राजौरी गार्डन से सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, जनकपुरी से आशीष सूद, बिजवासन सीट से कैलाश गहलोत को टिकट दिया है. कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी पर भरोसा इसके साथ ही नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम सीट से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर में नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रवींद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश वर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से अरविंदर सिंह लवली, सीमापुरी से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंद्र महाजन और घोंडा से अजय महावर को चुनावी मैदान में उतारा गया है. इसके अलावा जनकपुरी विधानसभा सीट से आशीष सूद, बिजवासन से कैलाश गहलोत, नई दिल्ली से प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, जंगपुरा से सरदार तरविंदर सिंह मारवाह, मालवीय नगर से सतीश उपाध्याय, आरके पुरम से अनिल शर्मा, महरौली से गजेंद्र यादव, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, अंबेडकर नगर (एससी) से खुशीराम चुनार, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी, बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा, पटपड़गंज से रविंद्र सिंह नेगी, विश्वास नगर से ओम प्रकाश शर्मा, कृष्णा नगर से अनिल गोयल, गांधीनगर से सरदार अरविंद सिंह लवली, सीमापुरी (एससी) से कुमारी रिंकू, रोहतास नगर से जितेंदर महाजन और गोहाना से अजय महावर को उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट पहले ही जारी कर दी है। recent visitors 79