प्रयागराज महाकुम्भ की शुरुआत से पहले सज रही संगम नगरी, एयरपोर्ट से संगम नगरी तक 16 KM लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर तैयार…

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है. संगम नगरी को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 16 किलोमीटर लंबा और 550 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा VVIP कॉरिडोर लगभग तैयार हो चुका है. लोगों का कहना है कि यह कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बना रहा है, बल्कि शहर की सुंदरता से भी ध्यान खींच रहा है. बता दें कि संगम की रेती पर कुंभ मेला की शुरुआत से पहले सज रही नगरी में प्रयागराज एयरपोर्ट (Prayagraj Airport) से संगम तक 16 किलोमीटर लंबा वीवीआईपी कॉरिडोर (VVIP Corridor) बनाया गया है. इस वीवीआईपी कॉरिडोर को बनाने में 550 करोड़ रुपये की लागत आई है. वीवीआईपी कॉरिडोर में पड़ने वाले चौराहों पर नटराज, नंदी, ऋषि-मुनियों की कलाकृतियां लगाई गई हैं. वहीं प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं, जो चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक हैं. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां बताई गई हैं, यहां 84 स्तंभ उन्हीं के प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. सड़कों के किनारे पौधे लगाए गए हैं, जिनमें फूलों के भी पौधे शामिल हैं. यहां आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि एक समय इस सड़क से गुजरने से डर लगता था, क्योंकि यहां सन्नाट पसरा रहता था, लेकिन एयरपोर्ट से जुड़ने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही, साथ ही आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से सड़क का कायाकल्प हो गया. 84 विशेष स्तंभ भी लगाए गए हैं  प्रयागराज एयरपोर्ट से आधा किलोमीटर आगे 84 विशेष स्तंभ लगाए गए हैं. ये चौरासी स्तंभ सृष्टि के सार का प्रतीक है. सनातन परंपरा में 84 लाख योनियां होती हैं, 84 स्तंभ 84 लाख योनियों का प्रतीक हैं. लाल पत्थर से तैयार किए जा रहे इन खंभों पर भगवान शिव के सहस्त्र नाम भी अंकित किए गए हैं. यही नहीं सड़कों के किनारे पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं, जिसमें फूलों के भी पौधे भी शामिल हैं. जिसकी वजह से सड़क की खूबसूरती बढ़ गई है. कभी इस सड़क पर सन्नाटा पसरा रहता था   आपको बता दें, एक समय था इस सड़क से लोग गुजरने से डरते थे, क्योंकि इन सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था. लेकिन एयरपोर्ट पर जाने के बाद इस सड़क का महत्व तो बढ़ा ही साथ ही सड़क पर आवागमन भी तेज हो गया. वहीं दूसरी ओर सुंदरीकरण से इस सड़क का कायाकल्प भी हो गया. हर कोई इस सड़क से गुजरने वाला अब इस काम की जमकर तारीफ कर रहा है.   recent visitors 70

केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी, कर्मचारियों-पेंशनरों को नए साल में मिलेगा बड़ा गिफ्ट

नईदिल्ली केंद्र सरकार नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा दे सकती है। सरकार जनवरी में महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3-4 प्रतिशत तक की DA बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। डीए में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू मानी जाएगी। हालांकि, अगर पिछले सालों का रिकॉर्ड देखें तो सरकार जनवरी के डीए बढ़ाने का ऐलान मार्च में करती है। सरकार डीए बढ़ाने का ऐलान कभी भी करें लेकिन इसे लागू 1 जनवरी से ही माना जाता है। सरकार साल में 2 बार डीए बढ़ाती है 1 जनवरी और 1 जुलाई। अभी 53 फीसदी है महंगाई भत्ता और महंगाई राहत पिछले साल भी DA में बढ़ोतरी अक्टूबर के पहले सप्ताह में की गई थी। लेकिन इसे लागू 1 जुलाई से माना गया था। सरकार ने अक्टूबर में डीए में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब डीए बढ़कर 53 फीसदी हो गया था। इससे पहले मार्च 2024 में डीए 4 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। तब महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ने से बेसिक पे का 50 प्रतिशत हो गया था। अब डीए बेसिक सैलरी का 53 फीसदी है। साथ ही पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) भी 53 फीसदी है। DA और DR हर साल दो बार बढ़ाए जाते हैं। DA केंद्रीय कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि DR पेंशनर्स को दिया जाता है। क्या 57 फीसदी होगा महंगाई भत्ता? अगर सरकार 4 फीसदी डीए बढ़ाती है तो डीए बढ़ाकर 57 फीसदी होगा। अगर सरकार नए साल में डीए 3 फीसदी बढ़ाती है तो ये बढ़कर 56 फीसदी होगा। COVID-19 के दौरान रुके हुए DA बकाए का क्या होगा? हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार COVID-19 महामारी के दौरान रोके गए 18 महीने के DA और DR के बकाए को जारी करने की संभावना नहीं देख रही है। मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के 18 महीने के DA और DR बकाए को जारी करने पर विचारनहीं कर रही है जिसे COVID-19 के दौरान रोका गया था। कोविड महामारी के कारण आर्थिक परेशानी के चलते जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की तीन किश्तों को रोका गया था। recent visitors 65

वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल, 180 किलोमीटर की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ी

नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन ने लोगों का सफर पहले से आरामदायक बना दिया है. अब वंदे भारत स्लीपर को चलाने की तैयारियां आखिरी चरण में है. इसके लिए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन किया जा रहा है. रेल यात्री लंबे समय से वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन चल रहा है. कोच में वजन लोड किया जा रहा ट्रायल राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रेलवे पटरियों पर वंदे भारत स्लीपर को फर्राटा भरते हुए देखा जा सकता है. मध्यप्रदेश के खजुराहो, यूपी के महोबा रेल खंड और राजस्थान के कोटा रेल खंड पर वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल रन हो रहा है. ट्रायल रन के दौरान स्लीपर वंदे भारत के खाली कोचों में वजन लोड कर किया जा रहा है. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) द्वारा किया जा रहा है. किस जगह पर ट्रायल हुआ पूरा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन पिछले सप्ताह शुरू हुआ था और इसे दो चरणों में दो स्थानों पर चलाया जाएगा. इनमें से आरडीएसओ ने सोमवार 30 दिसंबर, 2024 को उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के झांसी डिवीजन में ट्रायल रन पूरा कर लिया.  वंदे भारत स्लीपर का विभिन्न मोडों – लोडेड (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) और खाली (फुलाया/डिफ्लेट किया हुआ) में 180 किमी प्रति घंटे (परीक्षण गति) तक दोलन परीक्षण वंदे स्लीपर जेएचएस डिवीजन में कार्य पूरा हो चुका है. जल्द वंदे भारत स्लीपर में कर सकेंगे सफर अब ट्रायल रन का दूसरा चरण पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा डिवीजन में हुआ है. कोटा डिवीजन में किए जाने वाले वंदे स्लीपर ट्रायल के दूसरे चरण में शामिल हैं. विभिन्न मोड में 180 किमी प्रति घंटे (टेस्ट स्पीड) तक ऑसिलेशन ट्रायल, विभिन्न ब्रेकिंग मोड में ब्रेक परफॉर्मेंस ट्रायल और विभिन्न ऑपरेटिंग + ब्रेकिंग मोड में कपलर फोर्स ट्रायल किया गया है. ट्रायल रन पूरा होने के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात देश वासियों को मिलेगी. 26 जनवरी से पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है. वंदे भारत की 180KM स्पीड, रेलमंत्री वैष्णव ने वीडियो किया ट्वीट देश की पहली AC स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हो गया है। कोटा रेल मंडल में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ ट्रेन का ट्रायल किया गया। लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) ट्रेन का ट्रायल कर रही है। मूवमेंट इंस्पेक्टर सुशील जेठवानी और लोको निरीक्षक आरएन मीना ने RDSO लखनऊ टीम के साथ को-ऑर्डिनेट किया। नागदा, सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रायल किया गया। ट्रायल का वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट किया। वीडियो में देख सकते हैं कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ रही है और वीडियो में ट्रेन के एक कोच में रखा पानी का गिलास भी नजर आएगा, जिसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वंदे भारत ट्रेन की इतनी ज्यादा स्पीड होने पर भी गिलास डगमगाया नहीं। इससे पानी छलका तक नहीं। ट्रेन का ट्रायल अलग-अलग इलाकों में जनवरी के पूरे महीने तक चलता रहेगा। ट्रायल पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। एक रूट पर अलग-अलग स्पीड से लिया गया ट्रायल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान को इस साल वंदे भारत AC स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो मारवाड़ से रवाना होकर दिल्ली-मुंबई रूट पर दौड़ेगी। इसका किराया चेयर कार और एग्जीक्यूटिव कैटेगरी जितना ही होगा। वहीं ट्रेन के फीचर्स ऐसे होंगे कि यात्रियों को जरा-सी परेशानी न होगी। ट्रेन के नए AC स्लीपर मॉडल के लिए जोधपुर में सेंट्रलाइज मेंटेनेंस डिपो बनेगा, जिसे बनाने पर करीब 166 करोड़ खर्च होंगे। सिर्फ यही ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे देश में जो भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेंगी, उनका मेंटेनेंस यहीं होगा। सीनियर DCM सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत को कोटा के नागदा रेल खंड में रोहल खुर्द और चौमहला के बीच दौड़ाया गया और इसमें यात्रियों के बराबर वजन रखकर ही ट्रायल किया गया था। 31 दिसंबर को पहले 130, फिर 140 और फिर 150 की स्पीड से ट्रायल हुआ। 1 जनवरी 2025 को 160 और रोहल खुर्द विक्रमगढ़ के बीच 177 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल किया गया। इसके बाद रोहल खुर्द से कोटा के बीच 40 किलोमीटर की दूरी ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तय की।   recent visitors 87

भड़काऊ पोस्ट पर कमेन्ट करने या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी सख्त कार्रवाई होगी : हरिनारायणाचारी मिश्र

भोपाल सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए और इसे आपसी वैमनस्यता का माध्यम बनाते देख मध्य प्रदेश पुलिस एक्शन मोड में है, पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र ने सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी ने भी सोशल मीडिया पर सामाजिक ताने बाने को तोड़ने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट की तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत सख्त एक्शन होगा, इतना ही नहीं उस भड़काओ पोस्ट पर कमेन्ट करने वाले या फिर उसे लाइक अथवा फ़ॉरवर्ड कने वाले पर भी कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर भोपाल ने एक आदेश जारी के इस आशय के निर्देश दिए हैं और अपने अधीनस्थ स्टाफ को इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है, उन्होंने आदेश में कहा, मीडिया एवं अन्य जनसामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया है कि भोपाल शहर में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) आदि के माध्यम से असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक तानेबाने को तोडने व दो समुदायों के मध्य संघर्ष / वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने हेतु तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रों व वीडियो एवं ऑडियो मैसेज का प्रसारण किया जा सकता है। सामाजिक ताना बाना बनाये रखने पुलिस हुई सख्त इस प्रकार के प्रसारण से कई बार लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने एवं एक समुदाय के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदेशों का प्रसारण किया जाता है। इससे भोपाल शहर के सामुदायिक सद्भाव एवं शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो सकती है। इसके अतिरिक्त धार्मिक भावनाओं को उभारने एवं साम्प्रदायिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास भी किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रसारण से कई बार विरूपित चित्र या आपत्तिजनक दृश्य सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर डालने से भी आमजन की भावनाएं आहत होकर कई बार लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थितियां निर्मित हुई है। भड़काऊ पोस्ट की, लाइक किया, कमेंट किया, फ़ॉरवर्ड किया तो हॉग एक्शन उन्होंने आगे लिखा, यह उल्लेखनीय है कि आपत्तिजनक पोस्ट से उतनी वैमनस्यता का संचार नहीं होता है जितना कि उस पर आये कमेंट्स के कारण होता है इंटरनेट पर एक प्रकार वैमनस्यता की अभिव्यक्ति ऐसे पोस्ट के माध्यम से होती है जिस पर हर कोई बिना विचार किये एवं बिना किसी दायित्व के द्वेषपूर्ण एवं अश्लील शब्दों का प्रयोग कर धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत होगी कार्रवाई इस प्रकार के Internet Social Media Wars अभी भी सक्रिय हैं जिनसे लोक व्यवस्था एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती है। उक्त संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए सोशल मीडिया पर इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध तथा महानगर भोपाल में जन सुरक्षा तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये जा रहे हैं। आदेश के तहत ये सब रहेगा प्रतिबंधित     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे-फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।     कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं करेगा।     सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।     कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोडकर भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।     कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो। किसी को आपत्ति है तो पुलिस कमिश्नर कोर्ट में जा सकता है आदेश के अंत में लिखा है कि भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है। चूंकि यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे सम्बंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश से व्यथित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में पुलिस कमिश्नर के संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा। दो महीने तक लागू रहेगा आदेश यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस ना लिया गया तो आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है। recent visitors 86

महाकुंभ में RSS की महा पाठशाला: 10 जनवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले इस ज्ञान महाकुंभ में कई विषयों पर मंथन किया जाएगा

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 साल बाद लग रहे महाकुंभ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला भी लगेगी। शिक्षा पर केंद्रित इस ज्ञान महाकुंभ में भारत का एक नाम, सनातन शिक्षा, हिंदुत्व, इतिहास से हुए खिलवाड़ समेत कई विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित विश्व संवाद केंद्र में आयोजित संघ के शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल कोठारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह महामंथन एक माह तक चलेगा। उन्होंने बताया कि 10 जनवरी से 10 फरवरी तक चलने वाले इस ज्ञान महाकुंभ में कई विषयों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्र और सरकार को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण उसकी शिक्षा पर निर्भर होता है। राष्ट्र निर्माण के लिए सनातन के सबसे बड़े आस्था के स्थल पर ज्ञान महाकुंभ का आयोजन होगा। भारतीय शिक्षा की पुनर्स्थापना का प्रयास किया जाएगा। विश्व गुरु भारत के लिए भारतीय शिक्षा की बेहद जरूरत हैं। बड़ा विषय यह भी है कि भारत को भारत के ही नाम से पुकारा जाए। सनातन की बात हो और आक्रांताओं का पढ़ाया गया, इतिहास का सच लोगों तक न सिर्फ लाया जाए बल्कि इसमें सुधार भी किया जाए। डॉ अतुल ने आगे कहा कि विश्व की शिक्षा का या मार्गदर्शन का केंद्र ही सनातन धर्म रहा है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मेला क्षेत्र के सेक्टर 8 में ज्ञान महाकुंभ का आयोजन कराया जा रहा है। देश भर से हजारों शिक्षक, शिक्षा विद, विचारक, समाज सेवी, छात्र छात्राएं मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय समेत कई राष्ट्रीय नेता मौजूद रहेंगे। recent visitors 78

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा- शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा उठाकर ही देश को तरक्की के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा उठाकर ही देश को तरक्की के पथ पर आगे बढ़ाया जा सकता है। खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है, खेलों में सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के आत्मविश्वास और कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में पश्चिम क्षेत्र इंटर यूनिवर्सिटी (महिला) शतरंज टूर्नामेंट (2024-2025) का सैम यूनिवर्सिटी परिसर भोपाल में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। टूर्नामेंट में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 60 विश्वविद्यालयों की 255 महिला खिलाड़ी सहभागिता करेंगी। सैम समूह के अध्यक्ष डॉ. हरप्रीत सिंह सलूजा, कुलपति डॉ. एन.के. तिवारी सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। डॉ. तिवारी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।   recent visitors 59

सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने करोंद स्थित निर्माणाधीन सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का किया निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को करोंद स्थित निर्माणाधीन सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्य में तेजी लाई जाए और निर्माण में पायी गई कमियों को शीघ्र दूर किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सहन नहीं की जायेगी और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री को जवाब नहीं दे सके अधिकारी मंत्री श्री सारंग ने स्कूल के डिज़ाइन और क्लॉस-रूम के स्पेस को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की संख्या के अनुसार पर्याप्त स्थान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूल के मुख्य भवन में बने कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। कॉरिडोर की चौड़ाई बच्चों की संख्या के लिहाज से कम होने पर उन्होंने निर्देश दिये कि कॉरिडोर के पास बनी असेंबली एरिया को बंद करने के बजाय खुला रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त स्थान मिल सके। फायर सेफ्टी और सुरक्षा पर जोर मंत्री श्री सारंग ने स्कूल निर्माण में फायर सेफ्टी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और तय मानकानुसार फायर सेफ्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे शीघ्र पूरा किया जाए। 30 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण कार्य सरदार पटेल सीएम राइज स्कूल का निर्माण लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिससे विद्यार्थियों को एक समृद्ध और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यालय परिसर में 34 क्लॉस-रूम, लाइब्रेरी, कॉन्फ्रेस रूम, किचन स्टोर सहित डायनिंग हॉल, 5 लेब, स्टॉफ रूम सहित विभिन्न सुविधाएँ विद्यार्थिंयों के लिये उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार अहिरवार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीडीए श्री प्रदीप जैन, अधीक्षण यंत्री बीडीए श्री यतीश जैन, नगर निगम आयुक्त श्रीमती टीना यादव और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 155