सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव ने यूनियन कार्बाइड कचरा निस्तारण मामले में एनजीटी भोपाल में याचिका की दायर

 जबलपुर  नागरिक उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे और सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव ने यूनियन कार्बाइड कचरा निस्तारण मामले में एनजीटी भोपाल में याचिका दायर की है। यह याचिका शनिवार को दायर की गई, जिस पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट में पूर्व से दायर जनहित याचिका पर संज्ञान आधार पर सोमवार को सुनवाई निर्धारित है। इसके साथ इंदौर बेंच में दायर याचिका को संलग्न करके विचार किया जाएगा। इधर सरकार कचरा जलाने हाईकोर्ट से मांगेगी समय मध्य प्रदेश सरकार हाई कोर्ट में शपथ पत्र देकर यूनियन कार्बाइड के कचरे के निस्तारण के लिए समय मांगेगी। इसके लिए जन जागरण को आधार बनाया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि हम पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही कर रहे हैं। हर स्तर पर संवाद किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार के कोई भ्रम की स्थिति ना रहे। यूनियन कार्बाइड का भी 10 टन कचरा पूर्व में वहां जलाया जा चुका है और उसके जो निष्कर्ष निकलकर सामने आए थे वह सभी मानकों के अनुरूप थे तभी सुप्रीम कोर्ट ने आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अभी कचरा जलाने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इधर उपभोक्ता मंच के नाजपांडे ने अपनी एनजीटी की याचिका में सवाल उठाया है कि यूनियन कार्बाइड कचरे के निस्तारण में नुकसान नहीं होगा, यह सरकार स्पष्ट करे। यह भी बताए कि कया कार्यवाही नियमानुसार हुई है? सरकार इस सिलसिले में शपथपत्र प्रस्तुत करे। वैज्ञानिक रिपोर्ट भी सार्वजनिक करे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल इस संबंध में निर्देश जारी करें। शपथपत्र के साथ घोषणा करें युनियन कार्बाइड के जहरीले कुचरे के निस्तारण मे भूमि, जल तथा वायु में कोई विपरीत परिणाम नहीं होगा तथा वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 का पालन हुआ, यह शपथपत्र के साथ मुख्य सचिव, मप्र शासन घोषणा करें। आयुक्त, नगर निगम, भोपाल, धार तथा पीथमपुर भी शपथपत्र प्रस्तुत करें कि उस क्षेत्र के लोगों को नुकसान नहीं होगा। नागरिकों के जीवन के अधिकार का संरक्षण होना चाहिए प्रदेश सरकार कचरे के निस्तारण पर वैज्ञानिक रिपोर्ट अखबारों में प्रकाशित कर उसे सार्वजनिक करें। अधिवक्ता प्रभात यादव ने याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया कि नागरिकों के जीवन के अधिकारों का संरक्षण होना चाहिए, इसकी गारंटी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में प्रदान की गई है। कचरे के जलने पर लगा ब्रेक, जानिए पूरे मामले की A to Z… भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने फिलहाल इस पर ब्रेक लगा दिया है। सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार रात इमरजेंसी बैठक में कहा कि, हाईकोर्ट के सामने सभी परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को रखेंगे। कोर्ट का आदेश आने तक यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाया जाएगा। आइये जानते हैं यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से लेकर इसे रोकने तक की A to Z कहानी…। दरअसल, साल 2004 में उच्च न्यायालय जबलपुर (Jabalpur High Court ) में आलोक प्रताप सिंह ने जनहित याचिका दायर की। इस याचिका में उच्च न्यायालय से मांग की गयी कि यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड भोपाल परिसर (UCIL) में संग्रहित रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों का विनिष्टीकरण किया जाये एवं उस पर होने वाले व्यय कि प्रतिपूर्ति यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन (यूसीसी)/ डॉउ केमिकल से किया जाये। यूनियन कार्बाइड कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल परिसर (UCIL) में बिखरे रासायनिक पदार्थों को जून-2005 में एकत्रित कर एक सुरक्षित शेड में मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण बोर्ड की सुपरविजन में रखा गया। जबलपुर हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2008 को आदेश पारित कर निर्देश दिये गये कि विनिष्टीकरण की कार्यवाही राज्य शासन द्वारा समय सीमा 6 सप्ताह मे सुनिश्चित की जाये यदि कोई किसी प्रकार व्यवधान पैदा करता है तो अवमानना संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। गैस राहत विभाग एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल भोपाल द्वारा सीपीसीबी की गाइडलाइन का पालन करते हुए जून-2008 में लाइम स्लज 39.6 एमटी. को सीपीसीबी की गाइडलाइन अनुसार सफलतापूर्वक लैंडफिल टीएसडीएफ, पीथमपुर जिला-धार में किया गया। समय-समय पर कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मार्च 2013 को निर्देश दिये कि, 10 मेट्रिक टन हिन्दुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड प्लांट केरल राज्य में कोचिन से परिवहन कर टीएसडीएफ की पीथमपुर में ट्रायल रन की जाए-केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2013 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल 2014 को निर्देश दिये गये 10 मेट्रिक टन यूनियन कार्बाइड टीएसडीएफ की पीथमपुर में ट्रायल रन की जाए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 2015 में सफलतापूर्वक ट्रायल किया गया। जबलपुर उच्च न्यायालय 3 दिसंबर 2024 के आदेश में राज्य शासन एवं राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को केमिकल वेस्ट यूनियन कार्बाइड स्थल से पूर्व निर्धारित स्थल पर 4 सप्ताह के भीतर सुरक्षित परिवहन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने की गई कार्यवाही केन्द्रीय प्रदूषण निवारण मण्डल नई दिल्ली द्वारा शेष बचे 337 मेट्रिक टन रासायनिक यूसीआईएल वेस्ट के विनिष्टीकरण के लिए RFP 4 दिसंबर 2017 को तैयार कर सचिव, भारत सरकार, रसायन एवं पेट्रोरसायन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक 5 दिसंबर 2017 को राज्य शासन को उपलब्ध कराया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण निवारण मण्डल से प्राप्त RFP का परीक्षण कर निविदा जारी करने के लिए निविदा प्रपत्र तैयार किया। इसके बाद यह काम करने के लिए संचालक गैस राहत एवं पुनर्वास की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया। 23 सितम्बर 2021 को निविदा प्रकाशित की गयी जिसमें दो निविदाकारों मेसर्स पीथमपुर इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट प्राईवेट लिमिटेड, पीथमपुर जिला-धार म.प्र. एवं मेसर्स सेन्चुरी ईको सोल्यूशन प्राईवेट लिमिटेड, बैंगलुरु, कर्नाटक द्वारा निविदा प्रस्तुत की गयी। इस कार्य के लिए पीथमपुर कम्पनी की निविदा उपयुक्त पाई गई। विभाग द्वारा कार्रवाई से पता चला कि, भोपाल में लगभग 358 टन यूनियन कार्बाइड का कचरा निकला है। इसमें 60% से ज्यादा केवल स्थानीय मिट्टी है एवं लगभग 40% सेवन नेपथॉल, रिएक्टररेसीड्यूस और समी प्रोसेस पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। सेवन नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। इसका जहरीलापन 25 साल में लगभग पूर्तः समाप्त हो जाता है। स्पष्ट है कि घटना को 40 साल बीत चुके हैं, इसलिए बचे हुए कचरे में कोई हानिकारक तत्व नहीं है। विभाग … Read more

क्या शपथ से पहले ट्रंप को होगी जेल? पोर्न स्टार मामले में सुनाई जाएगी सजा; 10 जनवरी को कोर्ट में पेशी

न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क के जज जुआन मर्चेन ने शुक्रवार (3 जनवरी) को घोषणा की कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 10 जनवरी 2025 को सजा सुनाई जाएगी, जो उनके शपथ ग्रहण से 10 दिन पहले होगी. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक ये सजा हश मनी के उस मामले से जुड़ी है, जिसमें उन्होंने पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे. इस पर मर्चेन ने संकेत दिया कि वे ट्रंप को जेल की सजा देने के पक्ष में नहीं हैं और बिना शर्त रिहाई की ओर झुकाव दिखाया है. इसका मतलब है कि ट्रंप किसी शर्त के अधीन नहीं होंगे, लेकिन वे दोषी के रूप में व्हाइट हाउस में प्रवेश करेंगे. 78 वर्षीय ट्रंप को 34 मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिनमें 2016 के चुनाव से पहले पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के लिए पैसे का भुगतान करने के लिए व्यवसाय रिकॉर्ड में हेराफेरी शामिल है. ट्रंप को चार साल तक की जेल की सजा हो सकती है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा. ट्रंप ने इस मामले में अपील करने की योजना बनाई है, जिससे सजा में देरी हो सकती है. ट्रंप के वकीलों ने इसे सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और अन्य न्यायिक निर्णयों के आधार पर खारिज करने की मांग की थी, जिसमें कहा गया था कि पूर्व राष्ट्रपतियों को पद पर रहते हुए कई आधिकारिक कृत्यों के लिए अभियोजन से छूट प्राप्त है. शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप को मिल जाएगी छूट हालांकि, न्यायाधीश ने इस तर्क को खारिज कर दिया लेकिन कहा कि शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप को अभियोजन से छूट मिल जाएगी. ट्रंप के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने इस सजा के फैसले की आलोचना की और इसे सुप्रीम कोर्ट के प्रतिरक्षा निर्णय का उल्लंघन बताया. चेउंग ने कहा कि यह मामला कभी लाया ही नहीं जाना चाहिए था और इसे तुरंत खारिज किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप तब तक लड़ते रहेंगे जब तक ये सभी मामले खत्म नहीं हो जाते. दो संघीय मामलों का सामना कर रहे ट्रंप ट्रंप अभी भी विशेष वकील जैक स्मिथ द्वारा लाए गए दो संघीय मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उन मामलों को न्याय विभाग की नीति के तहत खारिज कर दिया गया, जो एक बैठे राष्ट्रपति पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देती है. ट्रंप पर 2020 के चुनाव परिणामों को पलटने की साजिश और गोपनीय दस्तावेज हटाने के आरोप भी लगे हैं, लेकिन राष्ट्रपति के रूप में उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन मामलों को बंद कर दिया जाएगा. राष्ट्रपति के आपराधिक अभियोजन के संबंध में कानून अमेरिकी संविधान में राष्ट्रपति के आपराधिक अभियोजन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से यह नहीं माना है कि राष्ट्रपति को अभियोजन से छूट है. यह अवधारणा न्याय विभाग की व्याख्या पर आधारित है, खासकर उसके कानूनी परामर्शदाता कार्यालय (OLC) की तरफ से दी गई सलाह के तहत. OLC का मानना है कि आपराधिक अभियोग, अभियोजन और सजा राष्ट्रपति पद को अक्षम कर सकते हैं, जिससे राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हो सकते हैं. OLC यह भी मानता है कि किसी कार्यरत राष्ट्रपति को इस तरह से अक्षम करना असंवैधानिक होगा. इसके लिए संविधान में महाभियोग या 25वां संशोधन जैसे प्रावधान मौजूद हैं. महाभियोग के माध्यम से राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है, जबकि 25वें संशोधन के तहत किसी अक्षम राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है. recent visitors 68

किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के कल्याण को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान को गति देने और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सुव्यवस्था स्थापित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला किस तरह अग्रणी हो, इसके लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में विभिन्न योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य 22 जनवरी तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में कलेक्टर की भूमिका विकास कार्यों और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है। समाज के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कलेक्टर की पहचान कार्य और जनकल्याण के कार्यक्रमों के श्रेष्ठ क्रियान्वयन के आधार पर ही बनेगी। कुछ क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियों का आवश्यक प्रचार भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किया जाए। इससे अन्य जिलों में अधिकारियों और अन्य सभी को भी ऐसे कार्यों को करने की प्रेरणा मिलेगी। कलेक्टर, देखें रैन बसेरों की व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्दी में रैन बसेरों में रहने वाले व्यक्तियों की अच्छी देखभाल सुनिश्चित करें। समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें। इसके साथ ही कलेक्टर, थानों का आकस्मिक निरीक्षण भी करें। जिले की घटनाओं पर कलेक्टर की बारीक नजर होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों से संवाद और सम्पर्क में कमी नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा के महत्वपूर्ण सेक्टर्स में जिलों में ऐसे आयोजन हों, जो जिले के महत्व को बढ़ाते हों। टी.बी. रोग नियंत्रण में गतिविधियां बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निक्षय अभियान में देश के 347 जिले चिन्हित कर विशेष प्रयास कर क्षय रोग के नियंत्रण का अभियान प्रारंभ किया। यह अभियान आगामी 24 मार्च तक चलेगा। निक्षय अभियान में मध्यप्रदेश में 23 जिले चिन्हित किए गए हैं। प्रदेश में इस अभियान को गति प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 5 जिले मंदसौर, नरसिंहपुर, मंडला, बैतूल और खंडवा इस अभियान के क्रियान्वयन में शीर्ष पर हैं। इसी तरह टी.बी. रोगियों को फूड-बॉस्केट के वितरण में जबलपुर, नरसिंहपुर, मंदसौर, अनूपपुर और मंडला सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टी.बी. नियंत्रण के कार्य में कलेक्टर विभिन्न नवाचार भी कर सकते हैं। स्वास्थ्य संचालक ने जानकारी दी कि मंदसौर में एक्सरे मशीन की खरीदी, सीहोर में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक-एक टी.बी. रोगी की देखभाल का प्रण लेने और उज्जैन एवं नीमच में टी.बी. रोगियों के पंजीयन और उपचार के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेडक्रास सोसायटी, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों का टी.बी. उन्मूलन अभियान के लिए सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुष्मान योजना में निर्धन वर्ग के नागरिकों की सहायता के लिए जिलों में समन्वय पूर्वक सहायता के कार्य किए जाएं। मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के उपचार के संबंध में कलेक्टर को निर्देशित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 83

Pithampur में अभी नहीं जलेगा Union Carbide का कचरा, CM Mohan Yadav का बड़ा फैसला

पीथमपुर पीथमपुर में शुक्रवार को यूनियन कार्बाइड के 337 टन जहरीले कचरे के निस्तारण को लेकर भारी हंगामा हुआ। सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह करने की कोशिश की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस बल पर पथराव हुआ और माहौल बेकाबू हो गया। हालात बिगड़ने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देर रात आपात बैठक बुलाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि अदालत का आदेश आने तक कचरा नहीं जलाया जाएगा। सीएम ने हाईकोर्ट से और समय मांगने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।   हाईकोर्ट से और समय मांगा जाएगा   सरकार ने हाईकोर्ट से कचरे के निस्तारण के लिए 7 जनवरी तक का समय मांगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को अदालत के सामने रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अदालत के आदेश का पालन करना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बैठक में तय हुआ कि सरकार जनता को इस मुद्दे पर जागरूक करने के लिए कोशिश करेगी। इसके साथ ही, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर किसी भी खतरे को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जाएंगे।   जहरीले कचरे को लेकर लोगों में नाराजगी धार जिले के पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में यूनियन कार्बाइड से जुड़े जहरीले कचरे को जलाने के फैसले से स्थानीय लोग नाराज हो गए हैं। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम लगाकर अपना विरोध जताया। सड़कों पर स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दो प्रदर्शनकारियों ने खुद को आग लगाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कचरा उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक है। पथराव और प्रदर्शन के कारण प्रशासन को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत बैठक बुलाकर स्थिति को काबू में करने के निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री ने बुलाई इमरजेंसी बैठक स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार देर रात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि अदालत से कचरे के निस्तारण के लिए और समय मांगा जाएगा। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनता को किसी प्रकार का नुकसान न हो। सीएम ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता देगी।   जनता की सुरक्षा सबसे ऊपर है मुख्यमंत्री मोहन यादव नेकहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनियन कार्बाइड का कचरा अदालत के निर्देश के मुताबिक पीथमपुर लाया गया था। हालांकि, अगर इससे जनता के बीच कोई डर है या फिर किसी तरह का खतरा पैदा हो रहा है, तो इसे अदालत के सामने रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।   पार्टी के नेताओं को समझाने की योजना   बैठक में यह भी तय किया गया कि पहले पार्टी के भीतर फैले भ्रम को दूर किया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वह नेताओं से बातचीत करें। खासकर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और धार विधायक नीना वर्मा को इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। बैठक में कैलाश विजयवर्गीय और नीना वर्मा ने कहा कि उन्हें पर्यावरण रिपोर्टों और परीक्षणों की जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित पक्षों को पूरी जानकारी दी जाए।   पुलिस ने दर्ज किए पांच केस   प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के चलते पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज की हैं। धार के एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन मामलों में कुछ आरोपी नामजद हैं, जबकि कुछ अज्ञात हैं। प्रदर्शन के बाद से स्थिति नियंत्रण में है। शनिवार को शहर का जनजीवन सामान्य रहा और फैक्ट्रियों ने काम शुरू कर दिया। हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी पूरी है।   कोर्ट के आदेश का पालन जरूरी   सीएम मोहन यादव ने कहा  कि यूनियन कार्बाइड का कचरा कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते  ही पीथमपुर लाया गया था। कचरे को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया है। हालांकि, जनता की सुरक्षा सबसे पहले है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में अदालत से और समय मांगा जाएगा ताकि जनता के बीच किसी तरह का भय न रहे। सीएम ने भरोसा जताया कि सरकार अदालत के आदेश और जनता की भलाई के बीच संतुलन बनाए रखेगी।   कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने और अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि सरकार ने पर्यावरणीय रिपोर्टों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अध्ययन किया है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। सीएम ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है।  recent visitors 50

5 जनवरी को राहगीरी के आनंदोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शहर उज्जैन में राहगीरी का आयोजन किया जा रहा है. इस राहगीरी में 5 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, इसलिए लेकर तैयारी शुरू हो रही है. राहगीरी का आयोजन कोरोना काल के पहले उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ही शुरू किया था. यह आयोजन नगर निगम और जिला प्रशासन के सहयोग से होता है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करने के उद्देश्य से राहगीरी को शुरू किया गया था.  राहगीरी के माध्यम से स्थानीय खेल को भी काफी बढ़ावा मिलता है.  यह आयोजन उज्जैन का अपना अलग ही आयोजन है. इसे नगर निगम, जिला प्रशासन, आनंद विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है. अभी नहीं आया है CM यादव का अधिकृत कार्यक्रम 5 जनवरी और 19 जनवरी को उज्जैन में कोठी मार्ग पर इसका आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां की जा रही है. इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की शामिल होंगे. अभी उनका अधिकृत कार्यक्रम नहीं आया है, लेकिन उन्होंने उज्जैन आगमन की स्वीकृति दी है. राहगीरी का आयोजन 1 किलोमीटर लंबे मार्ग पर होता है इस रविवार को ही आयोजित किया जाता है, ताकि सभी लोगों को शामिल होने का अवसर मिल सके. अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन राहगीरी कार्यक्रम में संगीत खेलकूद व्यायाम नृत्य सहित विद्यार्थियों से लेकर बड़ों तक अपनी कला का प्रदर्शन किया जाता है. म्यूजिकल ग्रुप के संयोजक वैभव यादव के मुताबिक आयोजन में लोग बढ़ चढकर हिस्सा लेते हैं. यह आयोजन पिछले कई सालों से उज्जैन में लगातार हो रहा है. इसका एक उद्देश्य कलाकारों को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराना है. recent visitors 78

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्री रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी, 2025 को मनाई जाएगी

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी तिथि के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तदनुसार 11 जनवरी को है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ का नाम दिया है। इस अवसर पर 11 जनवरी से 13 जनवरी तक राम मंदिर में चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। अयोध्या के संत भी होंगे आमंत्रित समारोह में अयोध्या के संतो को आमंत्रित किया जा रहा है। जिसके लिए बैठक की गई और आमंत्रित करने वाले संतो की सूची फाइनल की गई। “प्रतिष्ठा द्वादशी “ के आयोजन पर अंगद टीला पर होने वाले समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके लिए आमंत्रण पत्र भी बटना शुरू हो गया हैं। यहां आने के लिए आम श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा , रोक टोक नहीं होगी और प्रतिदिन भोजन प्रसाद भी सभी के लिए उपलब्ध रहेगा। ट्रस्ट महामंत्री चंपत राय ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का प्रथम वर्ष भारतीय काल गणना के अनुसार मनाया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी । वर्ष 2025 के जनवरी मास में पौष शुक्ल द्वादशी 11 जनवरी को है। इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी “ कहा जाएगा, इस अवसर पर चार स्थानों पर तीन दिवसीय आयोजन होंगे। मंदिर परिसर के यज्ञ मण्डप में होंगे आयोजन उन्होंने बताया कि शुक्ल यजुर्वेद मध्यन्दनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रो से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी, 11 वैदिक मन्त्रोंच्चार करेंगे| होम का यह कार्य प्रातः काल 8 से 11:00 बजे तक और अपराह्न 2 से सायं 5:00 बजे तक होगा। श्रीराम मंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा, 6 लाख मंत्र जप किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, आदित्य हृदय स्तोत्र, अथर्वशीर्ष आदि के पारायण भी होंगे। द्वितीय स्थान मन्दिर के भूतल पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि दक्षिणी दिशा के प्रार्थना मंडप में नित्य अपराह्न 3 से 5 बजे तक भगवान को राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी। मंदिर की कोली में नित्य सायं काल 6 से 9:00 बजे तक रामलला के सम्मुख बधाई गान प्रस्तुत होंगे। तृतीय स्थान यात्री सुविधा केंद्र पर होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर तीन दिवसीय संगीतमय मानस पाठ होगा। चतुर्थ स्थान अंगद टीला के मैदान में होंगे कार्यक्रम श्री चंपत राय ने बताया कि अंगद टीला के मैदान पर नित्य अपराह्न 2 से 3:30 बजे तक राम कथा और अपराह्न 3:30 से 5:00 बजे तक मानस पर प्रवचन होंगे। नित्य सायंकाल 5:30 से 7:30 बजे तक अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसी स्थान पर 11 जनवरी को प्रातः काल से भगवान के भोजन प्रसाद का वितरण प्रारंभ होगा|उन्होंने बताया कि अंगद टीला के समस्त कार्यक्रमों में सम्पूर्ण समाज सादर आमंत्रित है। यहां सुरक्षा सम्बन्धी कोई बाधा / रोक टोक नहीं होगी। इन स्थलों पर 11 से 13 जनवरी तक रोज होंगे कार्यक्रम 1- यज्ञ मंडप (मंदिर परिसर) – शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों से अग्निहोत्र (सुबह 8-11 बजे और दोपहर 2-5 बजे) – छह लाख श्रीराम मंत्र जाप, रामरक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, आदि का पाठ 2- मंदिर भूतल पर कार्यक्रम – राग सेवा (3 से 5 बजे) – बधाई गान (6 से 9 बजे) 3-यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर – संगीतमय मानस पाठ 4- अंगद टीला – रामकथा (2 से 3:30 बजे) – मानस प्रवचन (3:30 से 5 बजे) – सांस्कृतिक कार्यक्रम (5:30 से 7:30 बजे) – भगवान का प्रसाद वितरण (प्रातः काल से) recent visitors 145

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे चंबल अभयारण्य का भ्रमण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव पर्यटन की दिशा में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज शनिवार 4 जनवरी से वन्य-जीव पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल अभयारण्य का भ्रमण कर चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर पर्यटन सुविधाओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रकृति ने मध्यप्रदेश को कई वरदान दिए हैं। सघन वन, वृक्षों की विविधता के साथ ही वन्य-प्राणियों की भी विविधता मध्यप्रदेश में देखने को मिलती है। वनों और वन्य-प्राणियों से मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बनी है। मध्यप्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला प्रदेश है। चीता पुनर्स्थापन करने वाला मध्यप्रदेश एक मात्र प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में ही नहीं पूरे विश्व में सर्वाधिक घड़ियाल चंबल नदी में पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग तीन हजार घड़ियाल हैं, तो इनमें से 85 प्रतिशत चंबल नदी में हैं। करीब चार दशक पहले घड़ियालों की गणना का कार्य शुरू हुआ, जिससे घड़ियालों के इतनी बड़ी संख्या में चंबल में होने की जानकारियां सामने आईं। जनवरी और फरवरी महीने में अनुकूल तापमान का अनुभव कर घड़ियाल पानी से बाहर निकलते हैं और उस वक्त घड़ियालों और मगरमच्छों की गिनती आसानी से हो जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। पर्यटकों में यह चंबल बोट सफारी के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में इसे वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन को संरक्षित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभयारण्य लगभग साढ़े पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पहाड़ियों और रेतीले समुद्र तटों से यह धरती भरी हुई है। यह वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसका मुख्यालय मुरैना में है। घड़ियालों और गंगा डॉल्फिनों का निवास स्थान, पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है। घड़ियाल, लाल मुकुट वाले कछुए और डॉल्फ़िन यहाँ पाए जाते हैं। अन्य जानवर जो (दुर्लभ) श्रेणी में हैं, उनमें मगरमच्छ, चिकने-लेपित ऊदबिलाव, धारीदार लकड़बग्घा और भारतीय भेड़िये हैं, जो संरक्षण सूची की अनुसूची-1 में शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल नदी में कछुआ परिवार की 26 दुर्लभ प्रजातियों में से 08 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इनमें भारतीय संकीर्ण सिर एवं नरम खोल वाला कछुआ, तीन धारीदार छत वाला कछुआ और मुकुटधारी नदी वाला कछुआ शामिल हैं, जो यहां की पहचान है। शीतकाल है घड़ियाल देखने का उपयुक्त समय चंबल में घड़ियाल अभयारण्य देखने के लिए यात्रा का सर्वोत्तम समय अक्टूबर से जून तक रहता है। शीतकाल में घड़ियाल देखने और यह क्षेत्र घूमने का सबसे अच्छा समय माना गया है। राष्ट्रीय चंबल वन्य-जीव अभयारण्य में प्रकृति को देखने की बहुत सी गतिविधियाँ होती हैं। घड़ियाल, डॉल्फ़िन, अन्य सरीसृप, जल निकायों और सुंदर परिदृश्य की फोटोग्राफी नाव की सवारी से की जा सकती है। यहाँ की घाटियों और नदियों के किनारे पगडंडियों पर चलना प्रकृति को करीब से देखने का मौका देता है। चंबल नदी लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी है। पर्यटक चंबल घड़ियाल सफारी अभयारण्य का आनंद उक्त क्षेत्र के निकटवर्ती नगरों में रहवास सुविधा का उपयोग ले सकते हैं।   recent visitors 66