केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी यादव उज्जैन प्रवास पर पहुंची, उन्होंने श्री महाकालेश्वर के दर्शन किये

उज्जैन केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंची। जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की पूजा अर्चना की। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकाल मंदिर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा महाकालेश्वर के दर पर कई वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन के लिए आते है और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी यादव उज्जैन प्रवास पर पहुंची। जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किये। पुरोहित पीयूष चतुर्वेदी व विपुल चतुर्वेदी ने पूजन सम्पन्न करवाया। उन्होंने नंदीहाल में बैठकर ध्यान भी लगाया। आपको बता दें कि महाकाल मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर में पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं का मनोहर वर्णन मिलता है। भगवान महाकालेश्वर के दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। यहां प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का अलग-अलग रूप में श्रृंगार किया जाता है। साथ ही महादेव की भस्म आरती भी होती है। recent visitors 55

स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया, खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वास्थ्य और फिटनेस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर गर्व जताया। उन्होंने कई सरकारी योजनाओं और खेल-कूद को बढ़ावा देने वाले अभियानों का उल्लेख किया। अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, “इस सर्दी के मौसम में पूरे देश में खेल और फिटनेस से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। मुझे खुशी है कि लोग अपनी दिनचर्या में फिटनेस को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की चर्चा करते हुए कश्मीर में स्कीइंग और गुजरात में पतंगबाजी जैसे उदाहरण दिए। साथ ही, ‘संडे ऑन साइकिल’ और ‘साइकिलिंग ट्यूजडे’ जैसे अभियानों की तारीफ की, जो साइकिलिंग को फिटनेस का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में एक नई क्रांति बताया। यह इलाका पहले माओवाद से प्रभावित था, लेकिन अब खेलों के माध्यम से एक नई ऊर्जा पा रहा है। उन्होंने कहा, “बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि यह सपना साकार हुआ। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर ‘जंगली भैंसा’ और ‘पहाड़ी मैना’ बस्तर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं। इस महाकुंभ का मंत्र है ‘करसे ता बस्तर, बरसे ता बस्तर,’ यानी बस्तर खेलेगा, बस्तर जीतेगा।” पीएम मोदी ने बताया कि इस आयोजन में सात जिलों से 1.65 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया। उन्होंने इसे युवाओं के संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी बताया। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसे खेल शामिल थे, जिनमें युवाओं ने अपना हुनर दिखाया। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के प्रेरणादायक प्रतिभागियों की कहानियां भी साझा की। जैसे – तीरंदाजी में सिल्वर मेडल विजेता करी कश्यप, जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल विजेता पायल कवासी, और सुकमा के व्हीलचेयर रेसर पूनम सन्ना, जिन्होंने नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर मेडल जीते। इसके अलावा कोडागांव की तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ के रूप में चुना गया। पीएम मोदी ने कहा, “बस्तर ओलंपिक सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है। यह विकास और खेलों का संगम है, जहां हमारे युवा अपना टैलेंट निखार रहे हैं और नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से अपील करता हूं कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ का संदेश दें और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की दो प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही हैं। उन्होंने कहा, “ये दोनों उपलब्धियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिली हैं। पहली है मलेरिया के खिलाफ हमारी लड़ाई, जो इंसानियत के लिए 4000 साल से एक बड़ी चुनौती रही है। आजादी के समय मलेरिया हमारे लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक था। यह उन बीमारियों में तीसरे स्थान पर था जो एक महीने से पांच साल तक के बच्चों की जान लेती थी। लेकिन आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि भारत ने इस चुनौती को सामूहिक रूप से और मजबूती से हराया है।” विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “2015 से 2023 के बीच भारत में मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% की कमी आई है। यह बड़ी उपलब्धि सबके योगदान का नतीजा है। देश के हर कोने से लोगों ने इसमें भाग लिया।” उन्होंने बताया कि कैसे असम के जोरहाट में चाय बागान के मजदूरों ने तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मलेरिया से लड़ाई लड़ी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क नाटक और रेडियो संदेशों के माध्यम से मच्छरों के पनपने से बचने की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कैंसर के इलाज में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने मेडिकल जर्नल द लांसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, “भारत में कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। आयुष्मान भारत योजना की मदद से 90% कैंसर मरीज समय पर इलाज शुरू कर पा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पहले गरीब मरीज आर्थिक कठिनाइयों के कारण कैंसर की जांच और इलाज कराने से बचते थे। लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना उनके लिए सहारा बन गई है, जिसने कैंसर के इलाज में वित्तीय बाधाओं को कम किया है और लोगों को समय पर इलाज के लिए प्रोत्साहित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कैंसर से लड़ने का केवल एक मंत्र है – जागरूकता, कार्रवाई, और विश्वास। जागरूकता का मतलब है कैंसर और उसके लक्षणों को समझना। कार्रवाई का मतलब है समय पर जांच और इलाज, और विश्वास का मतलब है यह भरोसा कि मरीजों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध है।”   recent visitors 141

5 तस्कर चढ़े उड़नदस्ता टीम के हत्थे, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में तेंदुए-भालू के खाल और हाथी दांत की तस्करी

बलरामपुर. बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तेंदुआ और भालू के खाल और मांस की अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों को उड़ानदस्ता टीम ने गिरफ्तार किया है. इसके अलावा वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के अनुसार, बलरामपुर वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से वन्य प्राणियों के खाल और हाथी दांत की तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. इसके बाद सरगुजा उड़नदस्ता टीम ने क्षेत्र में दबिश दी और वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे थे. वहीं रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भी उड़नदस्ता टीम ने तेंदुआ और भालू के चमड़े और मांस की अवैध बिक्री में लिप्त दो आरोपियों को पल्सर और स्कूटी वाहनों के साथ पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार (रहवासी बभनी, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) और रामबचन (रहवासी पुरानीडीह, रामानुजगंज) के रूप में हुई है. उड़नदस्ता टीम ने आरोपी तस्कर अनिल कुमार से पल्सर वाहन क्रमांक UP 64 AD 0806 और रामबचन से स्कूटी क्रमांक CG 30 E 1027 को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. recent visitors 69

साल के आखिरी ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- महाकुंभ में AI करेगा कमाल, डिजिटल व्यवस्था का होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जिस नक्सली क्षेत्र में डर का माहौल रहता था वहां अब ''बस्तर ओलंपिक'' जैसे खेल कुंभ का आयोजन हो रहा है जो खेल प्रतिभाओं को सामने लाकर देश मे बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 117वीं कड़ी में रविवार को कहा कि देश में ऐसे अनोखे खेल कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं जो हमारे देश में बदलाव और युवा साथियों के जोश एवं जज्बे के प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री ने प्रयागराज कुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर 'महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा' का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा 'हमारे बस्तर में एक अनूठा ओलंपिक शुरू हुआ है। जी हाँ, पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में एक नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। आपको भी ये जानकार अच्छा लगेगा कि यह उस क्षेत्र में हो रहा है जो कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है – ''वन भैंसा'' और ''पहाड़ी मैना''। इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूल मंत्र है–''करसाय ता बस्तर बरसाए ता बस्तर'' यानि ''खेलेगा बस्तर–जीतेगा बस्तर''। पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं– हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है। एथलेटिक, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वालीबाल –हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है।'' PM मोदी ने प्रतिभाओं की कहानी सुनाई और कहा 'कारी कश्यप जी की कहानी मुझे बहुत प्रेरित करती है। एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है। वे कहती हैं–बस्तर ओलंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नहीं है। भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं–अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना जी की कहानी तो नए भारत की प्रेरक कथा है। एक समय नक्सली प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को ''बस्तर यूथ आईकॉन'' चुना गया है। उनका मानना है–बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।' उन्होंने कहा ''बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं है। यह एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है। जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने क्षेत्र में ऐसे खेल आयोजनों को प्रोत्साहित करें। खेलेगा भारत–जीतेगा भारत के साथ अपने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं की कहानियां साझा करें। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। याद रखिए, खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि ये खिलाड़ी की स्प्रिट से समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है। तो खूब खेलिए-खूब खिलिए।'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ न केवल विशाल और भव्य होगा बल्कि अनेकता में एकता का संदेश देते हुए पूरे कुंभ क्षेत्र में पहली बार डिजिटल व्यवस्था का प्रदर्शन होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह प्रयागराज में महाकुंभ हो रहा है जो देश की विविधता और भव्यता को प्रदर्शित कर 'महाकुंभ का संदेश एक हो पूरा देश और गंगा की अविरल धारा न बंटे समाज हमारा' का पूरा देश को संदेश देगा। उन्होंने कहा 'अगले महीने 13 तारीख से प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। इस समय वहां संगम तट पर जबरदस्त तैयारियाँ चल रही हैं। मुझे याद है अभी कुछ दिन पहले जब मैं प्रयागराज गया था तो हेलिकॉप्टर से पूरा कुंभ क्षेत्र देखकर दिल प्रसन्न हो गया था। इतना विशाल, इतना सुंदर, इतनी भव्यता। महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है, कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएँ, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं भेदभाव नहीं दिखता, कोई बड़ा नहीं होता, कोई छोटा नहीं होता। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा कुंभ एकता का महाकुंभ भी होता है। इस बार का महाकुंभ भी एकता के महाकुंभ के मंत्र को सशक्त करेगा। मैं आप सबसे कहूँगा जब हम कुंभ में शामिल हों तो एकता के इस संकल्प को अपने साथ लेकर वापस आयें। हम समाज में विभाजन और विद्वेष के भाव को नष्ट करने का संकल्प भी लें। कम शब्दों में कहूँ-महाकुंभ का संदेश, एक हो पूरा देश। और अगर दूसरे तरीके से कहना है तो मैं कहूँगा…गंगा की अविरल धारा, न बँटे समाज हमारा।''   recent visitors 86

कवासी लखमा को हर महीने मिलते थे 50 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-ED की ECIR में किया दावा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुआ शराब घोटाला काफी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों पर है. इस मामले में शनिवार को भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई अन्य के खिलाफ ईडी ने दबिश देकर कार्रवाई की. सूत्रों से खबर है कि ईडी ने अपनी ECIR में दावा किया है कि घोटाले में बतौर कमीशन हर महीने 50 लाख रुपए पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी मिलते थे. हालांकि, कवासी लखमा ने हर महीने कमीशन मिलने की बात से इनकार किया है. इस घोटाले में अन्य नेताओं और अफसरों का भी नाम सामने आया है. आपको बता दें कि ईडी ने अब तक इस मामले में करीब 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं कवासी लखमा ने अब खुद अपने आप को अनपढ़ बता दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व के लिहाज से सबसे अहम आबकारी विभाग से जुड़े तमाम काम क्या कवासी लखमा खुद या उनकी आड़ में कोई और करते थे ? recent visitors 77

दो लोगों की मौके पर मौत और दो गंभीर, छत्तीसगढ़-दुर्ग में तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकराने से लगी आग

दुर्ग। दुर्ग के नंदिनी थाना क्षेत्र के ग्राम मेडेसरा पॉवर ग्रिड के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। इस घटना में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई वहीं दो लोग हालत गंभीर बताई जा रही है। पेड़ से टकराने के बाद कार में आग लग गई और आग से कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि कार दुर्ग से धमधा की ओर जा रहा था इसी दौरान मेडेसरा के पास सड़क किनारे पेड़ से टकराई। जिसके मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पीछे बैठे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  कार में चार लोग दुर्ग से धमधा की तरफ जा रहे थे। मेडेसरा के पास बने पावर ग्रिड के पास कार पहुंची कि अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। कार काफी तेज रफ्तार में थी और जैसे ही पेड़ से टकराई उसमें आग लग गई। कार टकराने से कार चालक अमित ताम्रकार (30 साल) निवासी वार्ड 12 तमेरपारा दुर्ग और आदित्य कसेर (33 साल) निवासी वार्ड 13 धमधा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार के पीछे बैठे उनके साथी अनीश ताम्रकार और सुधांशु ताम्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर कार के अंदर से चारों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस सभी लोगों को दुर्ग अस्पताल लेकर आई। जहां डॉक्टरों ने अमित और आदित्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं,  उसके साथी अनीश और सुधांशु को गंभीर हालत के चलते भिलाई निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार में आग इतनी भीषण लगी थी कि उससे कार तो पूरी तरह से जल ही गई साथ ही पूरा का पूरा पेड़ भी जलकर खाक हो गया। पुलिस ने इस मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 70

प्रयागराज नगरी के साथ-साथ ट्रेन की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर किया जा रहा तैयार

लखनऊ जनवरी में होने वाले महाकुंभ को लेकर रेलवे की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इससे बोगियों का लुक बदल गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि महाकुंभ को लेकर युद्घस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। शनिवार को डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने प्रयाग स्टेशन का दौरा किया। वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया तथा तय समय से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर लखनऊ या अन्य रूटों से प्रयागराज की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को नया लुक दिया जा रहा है। बोगियों को महाकुंभ की थीम की विनाइल कोटिंग की गई है, जो यात्रियों को महाकुंभ की ओर आकृष्ट करेगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को लेकर प्रयाग के स्टेशनों पर काफी काम किया जा रहा है। 3200 रेलकमी, अधिकारी संभालेंगे मोर्चा सीनियर डीसीएम ने बताया कि 700 कॉमर्शियल डिपार्टमेंट के अधिकारी, कर्मचारी महाकुम्भ के दौरान ड्यूटी देंगे। वहीं अन्य विभागों के अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ, ऑपरेटिंग, मैकेनिकल सहित कुल 32 सौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। कुल 1680 एचडी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया जाएगा। 5400 यात्रियों के लिए बनेंगे तीन होल्डिंग एरिया सीनियर डीसीएम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए तीन होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जो कलर कोडेड होंगे। होल्डिंग एरिया में 5400 यात्रियों के रुकने के इंतजाम होंगे। होल्डिंग एरिया यात्रियों की आवाजाही के अनुसार बनेंगे। पांच गुने तक रेलयात्रियों की होगी आवाजाही सीनियर डीसीएम ने बताया कि स्टेशनों पर पांच गुने तक रेलयात्रियों के आने की संभावनाएं हैं। बता दें कि वर्ष 2019 में हुए कुम्भ मेले में प्रयागराज, प्रयागराज संगम व फाफामऊ स्टेशनों पर कुल 2,62,000 यात्रियों की आवाजाही हुई थी, यह संख्या टिकटों की बिक्री से निकाली गई है। जबकि इस बार पांच गुना वृद्घि की संभावनाएं जताई जा रही हैं। recent visitors 62