सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों और सामाजिक संस्थाओं को जोड़ें जाए: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पेसा कानून में प्रस्तुत समस्त दावों का निराकरण समय-सीमा निर्धारित कर प्राथमिकता पर किया जाए, आगामी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजातीय कार्य विभाग में पेसा सेल गठित करने पर सहमति प्रदान की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में समस्त पात्र भाई-बहनों का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश तेंदूपत्ते का बड़ा उत्पादक है, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग अन्य राज्यों में होता है। तेंदूपत्ता संग्राहकों और इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों को प्रदेश में ही प्रोत्साहित करने एवं जनजातीय भाई-बहनों को इसके लाभ दिलवाने के लिए रणनीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने पर दिए गए दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने के लिए राज्य शासन द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन अनुसार ग्रामवासियों को रिकार्ड ऑफ राइट्स शीघ्र प्रदानकिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर वन, राजस्व और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी समन्वय से कार्य करें। प्रदेश में विद्यमान 925 वन ग्रामों में से 827 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित कर अब तक 790 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार और वन क्षेत्रों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय निवासियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं को जोड़ते हुए गतिविधियों का विस्तार किया जाए। बैठक में मध्यप्रदेश वन अधिकार अनिधियम के प्रावधानों और उसके क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में विधि विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद दांडेकर, विषय विशेषज्ञ डॉ. शरद लेले, श्री मिलिंद थत्ते, पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम, श्री राम दांगोरे, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 65

मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर, 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती, जारी किया कैलेंडर

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में आयोजित होने वाली परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है। यह भर्ती प्रक्रिया मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है। इसमें 15 भर्ती परीक्षा और पांच प्रवेश परीक्षा की तिथियों का जिक्र है। कैलेंडर में मध्य प्रदेश के विभिन्न विभागों में 15,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा शेड्यूल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं। कर्मचारी चयन मंडल ने पहली बार भर्ती के लिए विभिन्न पदों की संख्या को सार्वजनिक किया है, जिससे अभ्यर्थियों को आने वाली भर्ती प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इस बार कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पांच अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षाएं विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए आयोजित की जाएंगी और इनसे जुड़ी तारीखों को पहले ही कैलेंडर में शामिल किया गया है। परीक्षा की जानकारी के साथ-साथ कर्मचारी चयन मंडल ने रिजल्ट जारी होने की तीथि भी स्पष्ट कर दी है। कैलेंडर के मुताबिक, 15 फरवरी से नर्स संयुक्त भर्ती परीक्षा की शुरुआत होगी, जिसमें 2267 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके परिणाम अप्रैल में घोषित होने की संभावना जताई गई है। पीएसटी प्रवेश परीक्षा मई 2025 में और पीएनएसटी जून 2025 में होगी।   recent visitors 70

महाकाल मंदिर में बड़ा एक्शन, प्रशासक बने एडीएम अनुकूल जैन, गणेश धाकड़ को हटाने का बाद दी जिम्मेदारी

उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने पुष्टि की है कि महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ को उनके पद से हटा दिया गया है. हालांकि, उनके स्थान पर नया प्रशासक कौन होगा, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है. वही महाकालेश्वर मंदिर की आय से हेरफेर के मामले में आरोपी बनाए गए दो कर्मचारियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. 2 बार मंदिर समिति के प्रशासक रहे हैं धाकड़ महाकाल मंदिर का अगला समिति प्रशासक कौन होगा इसे लेकर संशय है. ये फैसला भोपाल से लिया जाएगा या स्थानीय स्तर पर, इसे लेकर भी चर्चा जारी है। इस पर कलेक्टर नीरज सिंह का कहना है कि जल्द ही मामले में स्पष्टता आएगी. गौरतलब है कि गणेश धाकड़ को 14 अगस्त 2024 को महाकाल मंदिर समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया था. यह उनका दूसरा कार्यकाल था। इससे पहले वे 2021 से 2022 तक करीब एक वर्ष तक इसी पद पर रह चुके थे. धाकड़ ने कहा, मुझे कोई जानकारी नहीं वहीं महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक पद से हटाए जाने के सवाल पर गणेश धाकड़ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें अब तक स्थानांतरण से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. वहीं इस घटनाक्रम को लेकर मंदिर से जुड़े अधिकारी और स्थानीय लोगों में चर्चा का बाजार गर्म है. पूर्व मे भी मिला था प्रभार बताया जाता है कि एडीएम अनुकूल जैन एडीएम का पद संभालने के साथ ही जिला प्रोटोकॉल की व्यवस्थाओं के संबंध में महाकालेश्वर मंदिर से जुड़े रहते हैं। पूर्व में भी 13 अगस्त को उन्हें एक दिन के लिए महाकालेश्वर मंदिर का प्रशासक बनाया गया था, जिसके बाद गणेश धाकड़ को मंदिर का प्रशासक बना दिया गया था।   अवैध वसूली करने वाले रिमांड पर महाकालेश्वर मंदिर में अवैध वसूली करने वाले राजकुमार, अभिषेक भार्गव, रितेश शर्मा, राजेंद्र सिसोदिया को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया है. महाकाल थाना पुलिस के मुताबिक अभी तक इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दो लोग निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी है. recent visitors 52

इंदौर में कपड़ा व्यापारी अब यूपीआई से भुगतान नहीं ले रहे, 25 व्यापारियों के बैंक अकाउंट कर दिए गए हैं फ्रीज

इंदौर इंदौर में रेडिमेड कपड़ों के कारोबारियों के एक संगठन ने साइबर ठगी के मामलों में बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने पर विरोध जताते हुए ग्राहकों से UPI के माध्यम से भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। संगठन के एक पदाधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। उधर पुलिस ने कारोबारियों के इस निर्णय को सरासर गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। शहर के राजबाड़ा क्षेत्र में कपड़ों की कुछ दुकानों में लगाए गए बोर्ड में कहा गया है, ‘साइबर फ्रॉड की आशंकाओं के चलते ऑनलाइन-यूपीआई का पेमेंट नहीं ले पाएंगे।’ ध्यान खींचने के लिए पोस्टर लगाए इस बारे में इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि ये पोस्टर साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं से कारोबारियों को होने वाले नुकसान की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए लगाए गए हैं। 'हो रहा नुकसान, नाम भी खराब हो रहा' जैन ने कहा कि अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के धन से दुकानदारों को UPI भुगतान किए जाने पर बेकसूर दुकानदारों के बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं, नतीजतन व्यापार चौपट हो रहा है और बाजार में कारोबारियों की साख बिगड़ रही है। 'चेक बाउंस होने पर खाते फ्रीज होने का पता चलता है' उन्होंने बताया, 'मुझे कई कारोबारियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि साइबर ठगी के मामलों के कारण उनका बैंक खाता फ्रीज किए जाने का पता उन्हें तब चला, जब उनके द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया चेक बाउंस हो गया।' जैन ने कहा कि इन हालात में उनके संगठन ने तय किया है कि UPI के बजाय नकदी और क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान लेने को तब तक प्राथमिकता दी जाएगी, जब तक सरकार कारोबारियों की इस समस्या का समाधान नहीं करती। उदाहरण देकर समझाया, उपाय भी बताया उन्होंने कहा, 'मान लीजिए कि किसी अपराधी ने साइबर ठगी से मिले पैसों से खरीदी करते हुए 1,000 रुपए UPI के जरिये किसी दुकानदार के बैंक खाते में पहुंचाए हैं, तो ठगी की जांच पूरी होने तक इस खाते में केवल 1,000 रुपए की रकम को फ्रीज किया जाना चाहिए, लेकिन हो यह रहा है कि पूरे खाते को फ्रीज कर दिया जा रहा है।' पुलिस बोली- शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे साइबर ठगी के कई मामलों की जांच कर रही अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा, किसी भी दुकानदार द्वारा नकद लेन-देन को बढ़ावा देकर यूपीआई से भुगतान नहीं लेने की घोषणा करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक इस सिलसिले में पुलिस को शिकायत करेगा, तो उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने व्यापारियों को बताया उपाय वहीं दुकानदारों के खाते फ्रीज करने की शिकायत के बारे में दंडोतिया ने कहा, ‘साइबर ठगी के धन से भुगतान का पता चलने पर कई बार उस बैंक खाते को फ्रीज करा दिया जाता है जिसमें यह रकम जाती है। लेकिन खाताधारक उचित दस्तावेज दिखाता है, तो खाते के जरिए लेन-देन बहाल कर दिया जाता है।’ recent visitors 144

दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी

नई दिल्ली दिल्ली में दिसंबर के महीने में हुई बारिश ने 101 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सफदरजंग में सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में 41.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.  यह दिल्ली के इतिहास में दिसंबर महीने में एक ही दिन में अब तक की दूसरी सबसे अधिक बारिश है. इससे पहले  3 दिसंबर 1923 को ऑल टाइम रिकॉर्ड 75.7 मिमी है. तो आज की दर्ज की गई बारिश 101 साल बाद एक रिकॉर्ड है. इससे पहले शुक्रवार तक पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी. इससे कल अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री की गिरावट आई और तापमान गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस लिहाज से ये पिछले 5 सालों में सबसे ठंडा दिन रहा. दिल्ली में कल से रुक रुक कर बारिश हो रही है. हालांकि अच्छी खबर ये है कि बारिश की वजह से हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और अब GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. केंद्रीय प्रदूषण सूचकांक बोर्ड के मुताबिक, आज दिल्ली का एक्यूआई घटकर ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गया, जो पिछले कई दिनों से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था. सीपीसीबी डाटा के मुताबिक, आज सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 164 मापा गया. जो कल तक 300 के पार बना हुआ था. NCR में प्रदूषण का हाल     ग्रेटर नोएडा- 87     गाजियाबाद- 87     नोएडा- 116     गुरुग्राम- 108     फरीदाबाद-108 दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 15 साल का रिकॉर्ड राष्ट्रीय राजधानी में 15 सालों में दिसंबर में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान यानी अधिकतम तापमान तेजी से गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस हो गया. दिल्ली में कल, 27 दिसंबर की रात 2.30 बजे से बारिश हो रही थी, दिन के तापमान में 9.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जो दिसंबर में पिछले पांच सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान था. आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में पिछले पांच सालों में दिसंबर का सबसे कम तापमान था. 15.9 डिग्री सेल्सियस (2023) 15.6 डिग्री सेल्सियस (2022) 17.8 डिग्री सेल्सियस (2021) 15.2 डिग्री सेल्सियस (2020) 14.3 डिग्री सेल्सियस (2019) कल से शुरू होगा ठंड और कोहरे का कहर मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भी आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा सुबह से लेकर दोपहर तक एक या दो बार हल्की बारिश होने की संभावना है, इसके बाद बाकी दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे. मुख्य सतही हवा सुबह के समय 4 किमी प्रति घंटे से कम गति के साथ दक्षिण-पूर्व दिशा से चलने की उम्मीद है. मौसम कार्यालय ने कहा कि ज्यादातर इलाकों में धुंध या हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है और सुबह के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मध्यम कोहरा रहेगा. बारिश का दौर खत्म होने के बाद 29 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी और कोहरे का कहर शुरू होगा. कैसे मापी जाती है एयर क्वालिटी? अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’ माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. इसी के आधार पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप श्रेणी की पाबंदियां लगाई जाती हैं. दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के सुधार को देखते हुए  ग्रैप के स्टेज-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं. फिलहाल ग्रैप के स्टेज 1 और 2 की पाबंदियां लागू हैं. ग्रैप के स्टेज-3 के तहत हटीं ये पाबंदियां ग्रैप-III के प्रावधानों के तहत आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बीएस-IV सर्टिफिकेशन से नीचे के इंजन वाले माल वाहन नहीं चल सकते हैं. और राष्ट्रीय राजधानी के बाहर पंजीकृत माल वाहन अगली सूचना तक शहर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं, यदि उनका इंजन बीएस-IV सर्टिफिकेशन वाला नहीं है. दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सरकारी कार्यालयों में काम के घंटे अलग-अलग होते हैं. recent visitors 71

सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट, मौसम एकाएक बिगड़ा -कई जगहों पर गिरे ओले

भोपाल  मध्य प्रदेश में आज का मौसम (शनिवार, 28 दिसंबर) कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने 28 दिसंबर को सागर, छिंदवाड़ा, कटनी सहित 13 जिलों ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन जबलपुर समेत 25 जिलों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई है। रविवार (29 दिसंबर ) को पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर कम होगा। सिस्टम के गुजरने के बाद टेम्प्रेचर लुढ़केगा और ठंड बढ़ेगी। कोहरा भी छाएगा। जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। इन जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट मौसम विभाग ने शनिवार (28 दिसंबर) को सागर, टीकमगढ़, बैतूल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, नर्मदापुरम और पांढुर्णा में बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवा भी चल सकती है। इन जिलों में हल्की बारिश और बादल विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, सीहोर विदिशा, रायसेन, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, रतलाम, देवास, शाजापुर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। इन जिलों में बादल और तेज हवा चलने का अलर्ट है। इन जिलों में बरसा पानी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन में शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रतलाम, मंदसौर, बैतूल, आलीराजपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। मंदसौर में बारिश से कृषि उपज मंडी में रखा लहसुन पानी के साथ बहने लगा। उज्जैन में तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान एक पड़े गिर पड़ा। देवास में बारिश से सड़कें तरबतर हो गई। जानें किस जिले में कितना रहा रात का पारा मंडला में रात का पारा 11.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। नरसिंहपुर में 12.0, नौगांव 12.1, शहडोल के कल्याणपुर में 12.2, सिंगरौली के देवरा में 12.6, पचमढ़ी 13.4, बालाघाट 14.2, उमरिया 14.4, रीवा 14.6, खंडवा 15.0 और खरगोन में 15.0 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 16.4, इंदौर 17.5, ग्वालियर 13.1, उज्जैन 18.5 और जबलपुर में पारा 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश के कई जिलों में मावठा गिरा है। शुक्रवार को सुबह से ही अधिकांश जगहों पर बादल छाए थे लेकिन दोपहर होते होते ये बरस भी पड़े। एमपी के खरगोन के महेश्वर, बैतूल में मुलताई, अलीराजपुर, मंदसौर और रतलाम जिलों में कई जगहों पर बारिश हुई। रतलाम के मलवासा और आसपास ओले गिरे हैं। इधर मंदसौर में भी ओले गिरे। यहां के गरोठ में मध्यम आकार के ओले गिरे हैं। मंदसौर जिला मुख्यालय पर करीब 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक आई तेज बरसात से यहां की कृषि मंडी में रखी उपज गीली हो गई। प्रदेश की राजधानी भोपाल सुबह घने कोहरे के आगोश में रही, बाद में यहां बादल छा गए। ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में भी बादल छाए हैं। बता दें कि मौसम विभाग पहले ही प्रदेश में ओले, बारिश का अलर्ट जारी कर चुका है। 27 और 28 दिसंबर को प्रदेश के अधिकांश जिलों बारिश का अलर्ट है। 28 दिसंबर यानि शनिवार को प्रदेश के 8 जिलों नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक वेस्टर्न पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम सक्रिय होने से मौसम के तेवर बदले हैं। इससे 2 दिनों तक ओला बारिश का अनुमान है। recent visitors 82

मप्र में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सोयाबीन बेचा, अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा

भोपाल मप्र में पहली बार एमएसपी पर हो रही सोयाबीन की सरकारी खरीदी में किसानों ने वैसा उत्साह नहीं दिखाया , जैसा सरकार को अनुमान था। केंद्र सरकार ने मप्र के लिए एमएसपी पर सोयाबीन खरीदी के लिए 13 लाख मीट्रिक टन का कोटा तय किया था। 25 अक्टूबर से प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की जा रही है, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। एमपी में सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी एमपी में एमएसपी पर सोयाबीन की खरीदी 31 दिसंबर तक चलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम हाउस स्थित समत्व कार्यालय में प्रदेश में सोयाबीन खरीदी की समीक्षा की, जिसमें सामने आया कि 25 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक की स्थिति में 2 लाख 4 हजार किसानों ने एमएसपी पर सरकार को सोयाबीन बेचा है। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। इन किसानों से सरकार ने अब तक कुल 5.89 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन ही खरीदा गया है। कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि 31 दिसम्बर तक प्रदेश में खरीदी 6 लाख मीट्रिक टन से ऊपर नहीं पहुंचेगी। किसान लगातार पर सोयाबीन खरीदने की मांग कर रहे थे, इसके बाद सरकार ने घोषणा की थी कि लक्ष्य से ज्यादा सोयाबीन आता है तो सरकार अपने संसाधनों से खरीदी करेगी। सबसे ज्यादा भोपाल और उज्जैन संभाग में खरीदी समीक्षा बैठक में कृषि सचिव ने बताया कि प्रदेश में सोयाबीन की सर्वाधिक खरीदी भोपाल संभाग में हुई है। यहां कुल 1 लाख 80 हजार 198 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा जा चुका है। इसके बाद उज्जैन संभाग में 1 लाख 49 हजार 974.54 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा गया है। सागर संभाग में 93 हजार 495 मीट्रिक टन, नर्मदापुरम संभाग में 93 हजार 287 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदी हुई है। अब तक किसानों को 1957.1 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है। सोयाबीन की समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल है। तिलहन- दलहन की फसलों पर भी प्रोत्साहन देने के निर्देश सीएम डॉ. यादव ने बैठक में कहा कि मप्र में सोयाबीन उत्पादन में पिछले सालों में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए राज्य सरकार आगे भी सोयाबीन की एमएसपी पर खरीदी जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को सोयाबीन के अलावा दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन देने पर काम करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई योजना बनाई जाए। उद्यानिकी फसलों में किसानों को ज्यादा आय होती है, किसानों को इसकी जानकारी दी जाए। केंद्रों पर रखा धान भीगा तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें बेमौसम बारिश की आशंका को देखते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को धान खरीदी की समीक्षा करते हुए खरीदी केंद्र पर खुले में रखे सभी धान का जल्द से जल्द परिवहन कराकर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों और गोदामों में रखवाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के धान खरीदी केंद्रों पर करीब 19.5 लाखा मीट्रिक टन धान रखा हुआ है, जिसका बड़ा हिस्सा खुले में हैं। सीएम ने चेतावनी दी है कि यदि लापरवाही के कारण प्रदेश में कभी भी धान भीगता है तो संबंधित अधिकारी सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहे।   recent visitors 30