ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता होगा, आज जीएसटी काउंसिल की बैठक

नई दिल्ली  स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता हो सकता है। दरअसल, सरकारी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप पर जीएसटी की दर कम कर सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी दर बढ़ाई जा सकती है। इससे ये महंगी हो जाएंगी। जीएसटी की इन दरों के बारे में कल यानी शनिवार को निर्णय लिया जाएगा। शनिवार 21 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक होगी। जीएसटी परिषद इस बैठक के दौरान लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स दरों को कम करने पर चर्चा कर सकती है। साथ ही यह कलाई में पहने जाने वाली लक्जरी घड़ियों, जूते और कपड़ों पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों पर 35% का एक अलग से जीएसटी स्लैब पेश किया जा सकता है। कितनी सस्ता होगा खाना ऑर्डर करना? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जीएसटी काउंसिल की यह बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की मौजूदगी में होगी। इसमें स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी दर को मौजूदा 18% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) से घटाकर 5% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना) करने का प्रस्ताव है। 148 चीजों के टैक्स पर बदलाव संभव इस बैठक में करीब 148 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हो सकता है। साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श होगा। फिटमेंट कमेटी (जिसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारी शामिल हैं) ने इस्तेमाल किए गए ईवी के साथ-साथ छोटे पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर मौजूदा 12 फीसदी से 18 फीसदी तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस बढ़ोतरी से इस्तेमाल की गई और पुरानी छोटी कारें और ईवी पुराने बड़े वाहनों के बराबर हो जाएंगे। सस्ता हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम परिषद के एजेंडे में प्रमुख रूप से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी दर तय करना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में परिषद की ओर से गठित एक मंत्री समूह ने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति व्यक्त की थी। साथ ही सीनियर सिटीजन को हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव है। recent visitors 69

देश के उत्तरी राज्‍यों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही, तापमान में गिरावट जारी, पारा 0º, बर्फ जमी

नई दिल्‍ली देश के उत्तरी राज्‍यों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। तापमान में गिरावट जारी है। हरियाणा और हिमाचल के कुछ शहरों में तापमान शून्य डिग्री  सेल्सियस तो जम्मू-कश्‍मीर और उत्तराखंड में पारा माइनस 4 डिग्री  सेल्सियस तक पहुंच गया है। राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम विभाग की मानें तो मैदानी इलाकों में हरियाणा का हिसार सबसे ठंडा रहा। राजस्थान के पांच शहरों में तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया है। शनिवार-रविवार में तापमान और गिरेगा। भीषण शीतलहर भी चलेगी। कुछ राज्‍यों में बारिश भी होगी। यहां कई जिलों में पारा 0 डिग्री पहुंच गया है। मौसम विभाग ने कहा- मैदानी इलाकों में हरियाणा का हिसार सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 0.8 डिग्री तक दर्ज किया गया। वहीं, हिमाचल के भुंतर में तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंच गया। ओस की बुंदे जमकर बन रही बर्फ मध्य भारत के राज्यों, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सर्दी कम नहीं हो रही है। राजस्थान के करौली में तापमान 1.3 डिग्री पहुंच गया। सीकर, झुनझुन समेत कई जगहों पर पत्तों में जमी बर्फ देखने को मिल रही है। बीते 24 घंटे में राजस्थान के 5 शहरों में रात का पारा 4 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ। माउंट आबू में 2.0°, फतेहपुर 2.2°, संगरिया 3.3°, चूरू 3.5° और करौली में 3.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। एमपी और दिल्ली में भी कड़ाके की ठंड मध्य प्रदेश के 12 शहरों का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से नीचे रहा। सबसे कम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में भी तापमान 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यहां आज तापमान में और गिरावट हो सकती है।   recent visitors 82

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश में म्यूचुअल फंड में सवा लाख करोड़ रुपये का निवेश है, जो यहां हुए विकास को दर्शाता है

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न सेक्टरों के साथ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री भी तेजी से आगे बढी है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश 10 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 68 लाख करोड़ रूपये से अधिक हो गया है। प्रदेश में म्यूचुअल फंड में सवा लाख करोड़ रुपये का निवेश है, जो यहां हुए विकास को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के 2 दिवसीय निवेश मंत्रणा कार्यक्रम में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा प्रदेश सरकार का बजट सवा तीन लाख करोड़ रुपये है जिसे बढ़ाकर 7 लाख करोड रुपये ले जाने के बड़े लक्ष्य के साथ प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। हम अनावश्यक खर्चों को कम करके आय में वृद्धि करने पर जोर देते हुए कार्य कर रहे है।   देश और प्रदेश हर क्षेत्र में बड़े लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ रहा है। बदलते दौर में व्यवस्थाएं क्रांतिकारी रूप से परिवर्तित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा बिजली उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को सौर ऊर्जा पंप के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में विशेष प्रयास किये जा रहे है। इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश सरकार की बिजली पर खर्च होने वाली बडी राशि की बचत होगी। उन्होंने कहा प्रदेश में 2003 में 5 मेडिकल कालेज थे। वर्तमान में 30 मेडिकल कॉलेज है, जिसमें 5 हजार सीटे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा आने वाले समय में प्रदेश में 52 मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा नदी जोड़ो अभियान में प्रदेश में 2 नदी जोड़ो अभियान पर विशेष रूप से कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं से प्रदेश में वर्तमान सिंचाई का रकबा 45 लाख हेक्टेयर से बढ़कर एक करोड़ हेक्टेयर हो जाएगा। इससे प्रदेश में सिंचाई के साथ-साथ उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र बढ़ने से विकास के साथ-साथ रोजगार बढ़ेंगे। उन्होंने कहा म्यूचुअल फंड निवेश मंत्रणा कार्यक्रम में होने वाले मंथन के माध्यम से भविष्य के अच्छे सोपान निकल कर आएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री गोलू शुक्ला, श्री गौरव रणदिवे, म्युचुअल फंड एसोसिएशन के सेंट्रल इंडिया अध्यक्ष राजेश कूलवाल, श्री अभिलाष जैन, श्री अमित माहेश्वरी, श्री प्रमोद सराफ सहित देश भर के बड़ी संख्या में म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर उपस्थित थे।   recent visitors 59

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र में राजस्थान के हिस्से में भी पटाखों पर पूर्ण बैन होना चाहिए

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की तरह ही यूपी और हरियाणा को पटाखे पर पूर्ण बैन लगाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस ओका की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि पटाखे पर बैन तभी प्रभावी हो सकेगा, जब एनसीआर राज्यों में भी इसी तरह का बैन लागू किया जाए। कोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से बताया गया कि पटाखे पर पूरे साल के लिए बैन किया है। कोर्ट ने कहा कि एनसीआर इलाके में आने वाले राजस्थान के हिस्से में भी इसी तरह का बैन होना चाहिए। हम फिलहाल उत्तर प्रदेश और हरियाणा को निर्देश देते हैं कि दिल्ली द्वारा 19 दिसंबर, 2024 को लगाए गए प्रतिबंध की तरह वे भी प्रतिबंध लागू करें। कोर्ट में एमसी मेहता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान उक्त आदेश पारित किया। जस्टिस ओका की अगुवाई वाली बेंच दिल्ली और एनसीआर में एयर पल्यूशन से निपटने के उपाय को लेकर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पटाखों पर साल भर के लिए बैन, जीआरएपी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अमल को लेकर विचार हुआ। दिल्ली सरकार का क्या पक्ष? दिल्ली सरकार की ओर से सीनियर वकील शादान फरासत ने अदालत को बताया कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, स्टोरेज और बिक्री के साथ वितरण और उपयोग पर व्यापक बैन लगाया गया है। लेकिन ये उपाय तभी प्रभावी हो सकेंगे, जब एनसीआर राज्य भी ऐसे बैन लगाएं। क्योंकि इन राज्यों से पटाखे दिल्ली में लाए जा सकते हैं। अदालत को बताया गया कि राजस्थान के एनसीआर इलाकों में पटाखों पर पूर्ण बैन लगाया गया है। साथ ही, हरियाणा में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। अदालत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 5 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए, दिल्ली सरकार ने एनसीटी दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, ऑनलाइन मार्केटिंग प्लैटफॉर्म के माध्यम से डिलिवरी और फोड़ने पर तत्काल प्रभाव से पूरे वर्ष के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। अदालत ने कहा कि एक बार के लिए हम सुझाव देते हैं कि दिल्ली मॉडल का पालन किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2025 को होगी, जिसमें पटाखों के प्रतिबंध पर अतिरिक्त निर्देशों पर विचार किया जाएगा। क्या है मामला सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लागू करने में कमी पर चिंता व्यक्त की थी। 12 दिसंबर को कोर्ट ने दिल्ली सरकार और एनसीआर राज्यों को पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण, और उपयोग पर पूरे वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाने का निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने जोर देकर कहा था कि यह प्रतिबंध वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है। पहले कोर्ट ने यह भी कहा था कि कोई भी धर्म प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देता और नागरिकों के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का आह्वान किया था। recent visitors 62

छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख: 55 हजार 580 करोड़ रूपए

 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाएगी सरकार : अधोसंरचना विकास के लिए रहेगा समर्पित वर्ष 2024-25 के लिए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित छत्तीसगढ़ के बजट का आकार बढ़कर हुआ 1 लाख:  55 हजार 580 करोड़ रूपए राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ रहा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का द्वितीय अनुपूरक बजट विधानसभा में पारित हुआ। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में पारित किया गया। आज पारित हुए अनुपूरक बजट को मिलाकर चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 55 हजार 580 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए और द्वितीय अनुपूरक बजट का 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए शामिल है।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। शपथ ग्रहण के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय को अमल में लाते हुए 8 लाख हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है। चौधरी ने कहा कि वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में 5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी होती थी। हमारी सरकार ने खरीफ वर्ष 2023 में रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को 13 हजार 320 करोड़ रूपए भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि का भुगतान सरकार जल्द करेगी।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के जवाब में कहा कि हम लोग सरकार बनने के तीसरे महीने से ही महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे हैं। यह योजना राज्य की महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगी। इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को ग्रामीण विकास बैंक द्वारा महतारी सशक्तीकरण योजना के माध्यम से 9 प्रतिशत ब्याज पर 25 हजार रूपए का लोन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वनांचलों में तेन्दूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 4000 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए किया गया है। राज्य के साढ़े 12 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा का लाभ मिल रहा है। उनके लिए चरण पादुका योजना दोबारा शुरू कर रहे हैं।     मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य शासन तेज आर्थिक और सुधारवादी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ स्थापना के 25वें वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप मनाया जाएगा। इसके तहत अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सड़क, पुल, अस्पतालों और रेल लाईनों में पूंजीगत व्यय के लिए पर्याप्त राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़कों का काम आगे बढ़ रहा है। इनमें 4 राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन करने के साथ ही रायपुर के सरोना चौक, तेलीबांधा चौक और धनेली में फ्लाई ओवर के निर्माण शामिल है। चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के अधोसंरचना की मजबूती के लिए भी हम पर्याप्त राशि दे रहे हैं। गीदम, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और मनेन्द्रगढ़ में 4 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1280 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। रायपुर मेडिकल कॉलेज के लिए 232 करोड़, सिम्स बिलासपुर के लिए 700 करोड़ और अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 109 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।     अनुपूरक बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधानित 806 करोड़ रूपए में से 508 करोड़ रूपए पूंजीगत व्यय के लिए और 298 करोड़ रूपए राजस्व व्यय के लिए है। इसमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 250 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 200 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।     वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि द्वितीय अनुपूरक बजट मेें घरेलू विमान सेवा (उड़ान योजना) के लिए 25 करोड़ रूपए, हस्तशिल्प उत्पादों को राजधानी रायपुर में एक जगह उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे यूनिटी मॉल के 19 करोड़ 50 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। बजट में चित्रोत्पला फिल्म सिटी, बस्तर ओलंपिक, नियद नेल्लानार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के लिए भी प्रमुखता से प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के युवाओं को जॉब-सीकर्स (JOB-SEEKER) से जॉब-क्रिएटर्स (JOB-CREATERS)  बनाने और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के लिए नई औद्योगिक नीति में जोर दिया गया है। recent visitors 49

Para Athletics World Championships 2025 की पहली बार भारत में, मेजबानी करेगा नई दिल्ली

नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप 2025 का आयोजन 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा, जो अगले मार्च में पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स की मेजबानी भी करेगा। अगले साल पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप नई दिल्ली में होगी, भारत पहली बार इस आयोजन की मेजबानी करेगा, विश्व पैरा एथलेटिक्स (डब्ल्यूपीए) ने गुरुवार (19 दिसंबर) को इसकी घोषणा की। प्रतियोगिता जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप, दुनिया की सबसे बड़ी एकल पैरा खेल प्रतियोगिता, 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025 तक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। नई दिल्ली 2025 चैंपियनशिप का 12वां संस्करण होगा और दोहा 2015, दुबई 2019 और कोबे 2024 के बाद चौथी बार एशिया में इसकी मेजबानी की जाएगी। इसके अलावा, डब्ल्यूपीए ने घोषणा की कि नई दिल्ली अगले साल पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स की मेजबानी भी करेगा। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 11 से 13 मार्च तक होने वाला यह आयोजन प्रशंसकों को विश्व चैंपियनशिप से पहले पैरा एथलेटिक्स के रोमांच का अनुभव करने का एक प्रारंभिक अवसर देगा। 2025 पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप भारत में होने वाली अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी विश्व पैरा एथलेटिक्स के प्रमुख पॉल फिट्ज़गेराल्ड ने विश्व पैरा एथलेटिक्स प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से कहा, “हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि लॉस एंजिल्स 2028 की ओर नए पैरालंपिक चक्र की पहली प्रमुख चैंपियनशिप नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। 2025 पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप भारत में होने वाली अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय पैरा खेल प्रतियोगिता होगी, जो हमारे खेल, हमारे प्रशंसक आधार को बढ़ाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में विकलांग व्यक्तियों के बारे में समाज की धारणा को प्रभावित करने का एक बड़ा अवसर पेश करेगी।” भारत पैरा एथलेटिक्स के विकास का सबसे अच्छा उदाहरण उन्होंने कहा, “भारत पिछले दशक में पैरा एथलेटिक्स के विकास का सबसे अच्छा उदाहरण है। दोहा 2015 विश्व चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीतने से लेकर कोबे में इस साल के विश्व चैंपियनशिप में छह स्वर्ण सहित 17 पदक हासिल करने तक, प्रगति स्पष्ट है। यह सफलता भारत की राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के काम और देश में खेलों, विशेष रूप से पैरा एथलेटिक्स में किए जा रहे निवेश को दर्शाती है। हमने देखा है कि प्रमुख आयोजनों का क्या प्रभाव हो सकता है और वे पैरा खेलों को और अधिक दृश्यमान और सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए क्या विरासत छोड़ सकते हैं। हमारा मानना ​​है कि यह नई दिल्ली में हो सकता है, और हम अगले साल भारत में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।” पैरालंपिक का आयोजन भारत के वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण भारतीय राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (एनपीसी इंडिया) ने एक बयान में कहा, “एनपीसी इंडिया को भारत में पहली बार पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी करने का सौभाग्य मिला है। यह ऐतिहासिक आयोजन भारत के वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए हमारी बोली को मजबूत करता है। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप न केवल वैश्विक खेल मानचित्र पर भारत की स्थिति को ऊंचा करेगी बल्कि देश के भीतर पैरालंपिक आंदोलन को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 60 मिलियन से अधिक विकलांग व्यक्तियों की आबादी के साथ, यह आयोजन समावेशिता को बढ़ावा देने, एथलीटों को सशक्त बनाने और विकलांग एथलीटों के लिए अवसरों का विस्तार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।” खेल का आयोजन भारत के विकास का प्रमाण बयान में कहा गया, “हम पैरा खेलों के क्षेत्र में भारत की अद्वितीय प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर के एथलीटों, कोचों और अधिकारियों का स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। यह आयोजन भारत के विकास का प्रमाण होगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जोर दिए गए “नए भारत” के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।” मई में जापान के कोबे में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के पिछले संस्करण में सौ से अधिक देशों के 1,000 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया था। चीन 33 स्वर्ण सहित 87 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत पहली बार शीर्ष छह में रहा। recent visitors 136

दमोह में निजी चिकित्सक ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन में उप मुख्यमंत्री शुक्ल दे रहे जागरूकता संदेश

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल कहा है कि टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। नि:क्षय शिविर अभियान सामुदायिक भागीदारी से अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और समाजसेवकों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और हर टीबी मरीज तक जरूरी सहायता पहुंचाने में सहयोग करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के टीबी मरीजों की पहचान करने और उन्हें समय पर इलाज दिलाने में सहयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसी शिकायत हो, तो उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, इसके लिए समय पर पहचान और उपचार महत्वपूर्ण है। सभी के समेकित प्रयास से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य हम शीघ्र प्राप्त करेंगे। उन्होंने अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, संस्थाओं, नि:क्षय मित्रों की सराहना की है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2025 तक टीबी (क्षय रोग) को समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चला रहा है। इस अभियान में समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए, एनजीओ, समाजसेवी संगठनों, और आम जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की जा रही है। 100 दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में प्रदेश के 23 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोग की पहचान, रोकथाम और उपचार को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान में टीबी की घटनाओं में 80% कमी लाने, मृत्यु दर में 90% गिरावट और मरीजों के चिकित्सा व्यय को शून्य करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये नि:क्षय मित्रों, स्वयं सेवकों और सामाजिक संगठनों को शामिल कर सघन प्रयास किये जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के खिलाफ जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने के लिए विभिन्न रचनात्मक पहलें की हैं। सिवनी जिले में ‘न्यू पहल’ फाउंडेशन ने 400 मस्जिदों में उर्दू भाषा में जागरूकता सामग्री प्रदाय की है, जिससे समुदाय के हर वर्ग तक टीबी की जानकारी पहुंचे। मंदसौर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर कमलेश भाटी ने एक शादी समारोह में टीबी जागरूकता का संदेश देकर समाज के बीच जागरूकता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी तरह, जबलपुर रेलवे स्टेशन पर लाखों यात्रियों को टीबी की जानकारी देने के लिए पोस्टर और फ्लेक्स लगाए गए हैं। विशेष शिविर लगाकर की जा रही हैं जाँच दमोह जिले में निजी चिकित्सकों ने अपने मरीजों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए ओपीडी प्रिस्क्रिप्शन में टीबी जागरूकता के संदेश देने की पहल की है। सीधी जिले में स्थानीय "बघेली" भाषा में दीवार लेखन के माध्यम से सैकड़ों प्रेरक नारों को लिखा गया है, जो समुदाय के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने में मदद कर रहे हैं। दतिया में आईसीएमआर टीम ने जेल के कैदियों की हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक से स्क्रीनिंग की, जबकि मंडला जिले के कार्य स्थलों पर शिविर लगाकर 417 मजदूरों की जांच की गई। नीमच जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने टीबी मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराकर उनके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की कोशिश की है।   recent visitors 54