मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व में देश की विशिष्ट पहचान बनाने में आईएएस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक मुख्यमंत्री ने म.प्र. आईएएस एसोसिएशन के सिविल सर्विस मीट -2024 का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश की विश्व में विशिष्ट छवि बनाने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज भारत की अलग पहचान बनी है और देश को आदर-सम्मान के साथ देखा जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा का स्वरूप अन्य सेवाओं से भिन्न है। कठोर परिश्रम के साथ-साथ ईश्वर प्रदत्त भाग्य से ही मनुष्य को भारतीय प्रशासनिक सेवा से जन सेवा का अवसर प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मीट-2024 का प्रशासन अकादमी में शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवास्त्रम् भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। दक्षता से लिए गए निर्णयों से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर प्रदत्त यश का सदुपयोग जनहित में करना ही श्रेष्ठतम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार बेहतर अवसरों के साथ अपनी दक्षता और सूझ-बूझ से लिए गए निर्णय और उनके बेहतर क्रियान्वयन से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं। निर्णयों के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की दक्षता प्रशंसनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यवस्था संचालन में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलग-अलग दायित्व हैं। उनके निर्वहन की अपनी-अपनी विशेषज्ञता भी है। इन सभी संस्थाओं ने लोकतंत्र को बनाए रखने में अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेना या एक विचार देना सरल है, लेकिन बड़े फलक पर उसका क्रियान्वयन चुनौती पूर्ण होता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की निर्णयों के क्रियान्वयन में दक्षता प्रशंसनीय है। सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जनकल्याण में दें योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिविल सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्यप्रदेश के निर्माण में सहायक होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के लंबे अनुभवों को साझा करने के लिए किसी संस्था की संरचना करने पर विचार होना चाहिए। इससे अलग-अलग क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान तथा सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जन कल्याण में अपना योगदान देने के लिए मंच उपलब्ध हो सकेगा। वैश्विक परिदृश्य में हो रही घटनाओं की दृष्टि से भारत का वर्तमान समय बहुत अनुकूल और सकारात्मक है। पड़ौसी देशों में हो रहे घटनाक्रम से इसका आंकलन किया जा सकता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की व्यवस्थाएं विश्व में आदर्श प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। सर्विस मीट, टीम भावना विकसित करने और नवाचारों को जानने व सीखने में सहायक एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिवार के मुखिया के रूप में सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता है। तीन दिवसीय सर्विस मीट से एसोसिएशन के सदस्यों में टीम भावना विकसित करने, नवाचारों को जानने और सीखने तथा बेहतर परिणाम देने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त होता है। जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत रहे उपस्थित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जे.एन. कंसोटिया, एसोसिएशन के पदाधिकारी अनुपम राजन, विवेक अग्रवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 83

एमवाय अस्पताल में केवल सात दिन की दवाइयां मिलती थीं, अब एक साथ एक माह की दवाई मिलने लगी

 इंदौर  मरीजों को अब अपनी दवाई लेने के लिए बार-बार शासकीय अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे, क्योंकि अब उन्हें एक साथ एक माह की दवाई मिलने लगी है। इससे सिर्फ शहर के ही नहीं एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले संभागभर के मरीजों को लाभ मिलने लगा है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि पहली बार प्रदेश की किसी शासकीय अस्पताल में इस तरह की पहल की जा रही है। अभी तक एमवाय अस्पताल में मरीजों को सिर्फ सात दिन की दवाईयां मिलती थी, जिसके कारण धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, खरगोन, खंडवा आदि से आने वाले मरीजों को समस्या होती थी। इसमें आने-जाने के खर्च के साथ ही समय भी खराब होता था। कई बीमारियां ऐसी होती है जिनकी दवाईयां लंबे समय तक चलती है। जैसे डायबीटिज, हाइपरटेंशन आदि। यह सुविधा उन्हीं मरीजों को दी जा रही है, जिन्हें बार-बार विशेषज्ञों के परामर्श की आवश्यकता नहीं होती है। फ्री मिलती हैं दवाईयां बता दें कि शासकीय अस्पतालों में सरकार की ओर से आने वाली विभिन्न बीमारियों की सभी दवाईयां मरीजों को निश्शुल्क दी जाती है। हालाकि अभी भी कई गंभीर बीमारियों की दवाईयां ऐसी है जो मरीज को बाहर से ही खरीदना पड़ती है। एमवाय अस्पताल सहित अन्य अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है, उनकी मदद के लिए कई संस्थाएं भी कार्य कर रही है। बार-बार आने जाने का खर्च बच जाता है     डायबीटिज, हाइपरटेंशन के मरीज जिन्हें एक ही दवाई लंबे समय तक लेनी है, उन्हें अब अस्पताल में एक माह की दवाईयां दी जा रही है। इससे उनका आने-जाने का खर्च भी बच जाता है। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है।   recent visitors 63

राष्ट्रीय बाल रंग का प्रति वर्ष भोपाल में होना देशभर में मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करता- अमिताभ पांडे

भोपाल राष्ट्रीय बाल रंग का प्रति वर्ष भोपाल में होना देशभर में मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करता है। यह एक ऐसा मौका होता है, जब देश के विभिन्न प्रांतों के बच्चे अपने राज्यों की संस्कृति को समेटे प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल में करते हैं। यह विचार शुक्रवार को निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडे ने बाल रंग के शुभारंभ समारोह में व्यक्त किये। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आये एक हजार से अधिक और विभिन्न प्रांतों के बच्चे मौजूद थे। निदेशक प्रो. पांडे ने कहा कि प्रति वर्ष बाल रंग में बच्चों के आने से मानव संग्रहालय में रौनक आ जाती है। तीन दिवसीय समारोह में बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। प्रतियोगिता में बच्चों में टीम भावना भविष्य में उनको जिम्मेदार नागरिक बनाने में काफी मददगार साबित होती है। उन्होंने कहा कि देश की एकता विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों के सौहार्द मिलन से मजबूत होती है। प्रो. पांडे ने बच्चों को विभिन्न राज्यों में अधिक से अधिक मित्र बनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। संचालक लोक शिक्षण डी.के. कुशवाह ने बताया कि बाल रंग बच्चों में नयी ऊर्जा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि बाल रंग में लगने वाली प्रदशर्नी की थीम वर्ष 2047 में विकसित भारत रखी गयी है। स्वागत संबोधन में शिक्षा विभाग के अधिकारी अरविन्द कुमार चौरगड़े ने बताया कि पहले दिन प्रदेश के विभिन्न संभागों के बच्चे लोक संस्कृति पर आधारित नृत्यों और विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। बाल रंग में 21 और 22 दिसम्बर को 17 राज्यों सहित 5 केन्द्र शासित प्रदेश के करीब 10 हजार बच्चे सहभागिता करेंगे। विविध गतिविधियां बाल रंग में स्कॉउट कैम्प, विजन-2024 पर केन्द्रित सजीव प्रदशर्नी, विभिन्न राज्यों के व्यंजनों के स्टॉल लगाये गये हैं। बाल रंग की सबसे खास बात यह है कि यहां प्रदेश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति की दर्शाने के लिये राज्यों की स्टॉल लगाये गये हैं। इन स्टॉलों में उन राज्यों के पुरातत्व स्थल, लोक संस्कृति, त्यौहार, मंदिर, पारंपरिक वेश-भूषा देखने को मिलेगी। केरल राज्य के पंडाल में भोपाल के जवाहर चौक स्थित कस्तूरबा स्कूल की बालिकाओं ने मॉडल के जरिये वहां की संस्कृति को दिखाने का प्रयास किया है। यहाँ पर केरल का प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर का मॉडल प्रदर्शित किया गया है। प्राचार्य श्रीमती उषा भदौरिया और श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि केरल राज्य में ओणम का त्यौहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और विशेष वेश-भूषा के साथ बनाया जाता है। बाल रंग में तात्कालिक भाषण, लोक गीत, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत, सामुहिक लोक नृत्य, दिव्यांगों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, वेद पाठ, नृत्य नाटिका, योग जैसी अनेक प्रतियोगिताएं होंगी। बाल रंग में 21 और 22 दिसम्बर को प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन होंगे।   recent visitors 54

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू का हुआ छठवाँ दीक्षांत समारोह

महू राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए समरस, समावेशी राष्ट्र के संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने अपनी अद्भुत दूरदृष्टि से हमें संविधान के रूप में जाति, लिंग, भाषा, धर्म, धन और शक्ति बल आदि के भेदभावों से मुक्त समावेशी, समरस समाज की धरोहर सौंपी है। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को महू में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के 6वें दीक्षांत समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व कुलाधिपति डॉ. प्रकाश सी बरततूनिया, विधायक सुउषा ठाकुर उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारा संविधान प्रेरणादायक जीवंत दस्तावेज और स्वतंत्र भारत का आधुनिक धर्म ग्रंथ है, जिसका समर्पित भाव से पालन, हर भारतीय का परम कर्तव्य है। विद्यार्थियों का दायित्व है कि संविधान का अपने आचरण, व्यवहार में समर्थन और संरक्षण करें। समाज के तुलनात्मक रूप से वंचित, पिछड़े वर्गों, समुदायों के भाई बहनों के विकास की जवाबदारी, जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब के सपनों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा शिक्षण संस्थानों को ऐसे नागरिकों को तैयार करने का अवसर दिया है। यह जरूरी है कि विश्वविद्यालय और शिक्षक, हमारी संस्कृति के अनुरूप देश और समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सामाजिक समृद्धि और समानता के प्रति समर्पित युवा ध्वज वाहक तैयार करें। राज्यपाल ने शिक्षकों से अनुरोध किया कि शिक्षण प्रणाली को वह विद्यार्थियों की उद्यमिता को बढ़ावा देने, नवाचार की प्रेरणा देने, चिंतन, नेतृत्व के गुणों के साथ सामाजिक सरोकारों में सहभागिता के संस्कार प्रदान करने वाली बनाएं। युवा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, देश जब आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा, देश का नेतृत्व युवा कर रहे होंगे, उस समय विकसित भारत का स्वरूप कैसा हो उसके लिए युवाओं को आज से ही कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने को गौरव की बात बताते हुए अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने जो सीखा, वो समाज को समर्पित किया। देश का संविधान इस बात का प्रमाण है जिसमें भारत की विविधता भरी संस्कृति, जनजाति नागरिक आदि को एक साथ जोड़ा गया है। बाबा साहेब ने चित्रों के संयोजन से संविधान को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रहने के दौरान इस विश्वविद्यालय में कई संकाय शुरू किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जरूरत के मुताबिक और नए संकाय खोले जाएँगे। जनवरी माह में राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलगुरूओं की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने का मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और स्पष्ट दिशा देने के साथ ही विश्वविद्यालय की आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास किए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों को उपाधि देने के सिलसिले को आरम्भ करने में राज्यपाल की पहल का अभिनंदन भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा दीक्षा के ज़रिए अपना भविष्य उज्जवल बनाने की शुभकामनाएं भी दीं। समारोह को सारस्वत अतिथि बरतूनिया ने भी संबोधित किया दीक्षांत समारोह में संस्थान के 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। अम्डेकर विश्वविद्यालय के द्वारा विगत 5 वर्षों में 100 से अधिक शोधार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वहीं बीते सत्र में विश्वविद्यालय से 851 विद्यार्थियों ने डिग्री हासिल की है। इसमें से पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर डिग्री प्रदान की गई। आरंभ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती, भगवान बुद्ध और बाबासाहेब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु रामलाल अत्राम ने दिया। आभार कुलसचिव ने माना।   recent visitors 85

अब विधानसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष वेतन-भत्ता सहित अन्य परिलब्धियों पर लगने वाले आयकर को स्वयं भरेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बाद अब विधानसभा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष वेतन-भत्ता सहित अन्य परिलब्धियों पर लगने वाले आयकर को स्वयं भरेंगे। अभी तक इसका भुगतान सरकार करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पहले मंत्रियों और बाद में विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने अपना आयकर स्वयं भरने की घोषणा की थी। इसे नियम में लाने के लिए विधानसभा में संसदीय कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया गया। संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहले विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और फिर नेता प्रतिपक्ष वेतन भत्ता संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया। इस पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि नियम बनाकर इसे बंधनकारी नहीं बनाया जाना चाहिए। यह अध्यक्ष के विवेक पर छोड़ा जाएगा कि आयकर वह स्वयं भरना चाहते हैं या सरकार भरे। सबकी परिस्थिति एक जैसी नहीं होती है। भौगोलिक दृष्टि से विधायक जितनी दूर से आते हैं और आप जितना वेतन भत्ता देते हैं, उतना तो डीजल में चला जाता है। मुख्य सचिव का वेतन अध्यक्ष से भी ज्यादा कुछ विधायकों का व्यवसाय है, वह थोड़ा भार संभाल लेते हैं पर सब ऐसे नहीं हैं। दिल्ली सहित अन्य प्रांतों में विधायकों का वेतन अधिक है, इस पर विचार करें। इसके साथ ही यह भी देखें किन्हें कितना वेतन-भत्ता मिल रहा है। मुख्य सचिव को वेतन हमारे अध्यक्ष से भी अधिक है। सर्वसम्मति से विधेयक को पारित किया गया सरकार को अध्यक्ष की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि हमने और नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं ही घोषित किया है कि अपना आयकर स्वयं भरेंगे, इसलिए नियम प्रक्रिया के अंतर्गत विधेयक प्रस्तुत किया गया है। बाद में इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। सदन में उठे उठाएं गए ये मुद्दे बीजेपी विधायक ने उठाया अवैध कॉलोनी का मुद्दा बीजेपी विधायक विष्णु खत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि पर कॉलोनियां काटी जा रही हैं। इससे कृषि का रकबा लगातार कम हो रहा है। इसके साथ ही यहां रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अवैध कॉलोनी विकसित न हो इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जहां से सूचना मिलती है वहां कार्रवाई की जाती है। सरकार और कठोर कानून बनाएगी, ताकि सजा और जुर्माना ज्यादा हो। नेता प्रतिपक्ष ने उठाए ये सवाल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस विधायकों को विकास की राशि देने में भेदभाव कर रही है। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक अपना वेतन वापस करेंगे। इधर, नल जल योजना को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन और आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आज नल जल योजना के माध्यम से घर-घर पानी पहुंच रहा है। कांग्रेस के समय बहुत दिक्कत होती थी। कांग्रेस ने सिर्फ भ्रष्टाचार ही किया है। आज बंटी-बबली की जोड़ी घूम रही है। शर्मा ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को बंटी-बबली बताया। इधर, कैग रिपोर्ट को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, ग्रामीण विकास , स्कूल शिक्षा हर जगह भ्रष्टाचार हो रहा है। कैग की रिपोर्ट हर साल आती है। उसमें खुलासे होते हैं। इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। 1. मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2024 में कौन-कौन से महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं? मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2024 में अनुपूरक बजट, खाद संकट, अवैध कॉलोनियों के निर्माण, नल जल योजना, और भ्रष्टाचार के आरोप जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। 2. अनुपूरक बजट कब पेश किया गया और कितना था? मध्य प्रदेश में अनुपूरक बजट 17 दिसंबर 2024 को पेश किया गया, जिसका कुल आकार 22,224 करोड़ रुपये था। 3. शीतकालीन सत्र में किस विधेयक को पास किया गया? सत्र के चौथे दिन, विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन भत्ते से संबंधित संशोधन विधेयक पास किया गया, जिसके तहत वे अपनी आयकर की रकम खुद जमा करेंगे। 4. अवैध कॉलोनियों के मुद्दे पर क्या चर्चा हुई? बीजेपी विधायक विष्णु खत्री ने कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियों के निर्माण का मुद्दा उठाया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और कानून को और सख्त किया जाएगा। 5. “MP Assembly Winter Session 2024” में कांग्रेस ने किन मुद्दों पर सरकार को घेरा? कांग्रेस ने नल जल योजना, विकास निधि में भेदभाव और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा। विधायक महेश परमार ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।   recent visitors 144

मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदली, अगले 4 दिन रात का टेम्प्रेचर 3 डिग्री तक बढ़ने की संभावना, आज इन जिलों में कोहरे का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट बदली है। हवा का रुख बदलने से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई है। पारा बढ़ने से कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, एमपी में अगले 3-4 दिन तक रात का टेम्प्रेचर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। इसके बाद फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा। शुक्रवार (20 दिसंबर) को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना सहित 8 शहरों में कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। इन शहरों में रात का पारा सबसे कम हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ज्यादा सर्दी पड़ रही है। पचमढ़ी में रात का टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3.7 डिग्री, मंडला में 4.5 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री तापमान रहा। भोपाल और ग्वालियर में 6.4 डिग्री पारा दर्ज किया गया। जबलपुर 5.2, उज्जैन 9.8 डिग्री और इंदौर में 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। उमरिया में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 5.6 डिग्री और टीकमगढ़ में 6.7 डिग्री पारा रिकॉर्ड हुआ। रीवा, रायसेन, मलाजखंड और छिंदवाड़ा में 8 डिग्री के नीचे रात का पारा दर्ज किया गया। जानें क्यों बढ़ रहा एमपी का पारा मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, एमपी में अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हवा का रुख बदला है। इसलिए प्रदेश में शीतलहर नहीं चल रही है। अगले 2-3 दिन तक रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसके गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। आज इन शहरों में कोहरे का असर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आज (शुक्रवार) को कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। अभी पचमढ़ी ही सबसे ठंडा, पारा 3.3 डिग्री प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी अभी सबसे ठंडा है। यहां बुधवार-गुरुवार की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3.7 डिग्री, मंडला में 4.5 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री, उमरिया में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.4 डिग्री, राजगढ़ में 5.6 डिग्री और टीकमगढ़ में 6.7 डिग्री रहा। रीवा, रायसेन, मलाजखंड, छिंदवाड़ा में 8 डिग्री के नीचे रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे ठंडा है। यहां तापमान 5.2 डिग्री रहा। भोपाल-ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.8 डिग्री और इंदौर में 11.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आज इन जिलों में कोहरे का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश की कुछ जिलों में कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरे का असर रहेगा। दिन में धूप भी खिली रह सकती है। हालांकि किसी भी जिले में शीतलहर या अन्य तरह की ठंड को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन का पारा भी बढ़ा एमपी में पिछले एक सप्ताह तेज सर्दी पड़ी। कड़ाके की ठंड से लोगों की कंपकंपी छूट गई। अब तीन-चार दिन सर्दी से राहत मिलेगी। हवा कर रुख बदलने से इंदौर, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी जैसे शहरों में तो पारा 10-11 डिग्री तक पहुंच गया है। अधिकांश शहरों में दिन का तापमान में बढ़ा है। दमोह, सिवनी, खजुराहो, मंडला, नवगांव, रीवा, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, मलाजखंड, बैतूल, गुना, इंदौर, रतलाम, रायसेन सहित कई जिलों में दिन के तापमान में भी 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई है। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, पिछले सप्ताह पूरे प्रदेश में शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडिशन रही, जो दो-तीन दिन से खत्म हो गई है। इस कारण अगले 2-3 दिन तक रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसके गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन से शीतलहर चली। बुधवार से शीतलहर का दौर थमा। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस कारण अबकी बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है। पिछले 10 साल से यही ट्रेंड रहा है। नवंबर में भी सर्दी तोड़ चुकी रिकॉर्ड बता दें कि नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। recent visitors 84

पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान मची भगदड़, कई महिलाएं और बुजुर्ग दबे

मेरठ मेरठ में शुक्रवार को पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान भगदड़ मच गई। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग दब गए। कहा गया है कि कथा के दौरान भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मची। हादसे में कई घायल हो गए। बता दें कि आज कथा का छठा दिन है। कल कथा का अंतिम दिन होगा। ऐसे में आज लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ जमा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार कथा में पहुंचने वालों की भीड़ बेकाबू हो रही थी। ऐसे में वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की। लोगों ने पहले तो धक्का-मुक्की शुरू की इसके बाद वहां भगदड़ मच गई। पिछले 6 दिनों से चल रही कथा में रोज एक लाख से अधिक लोग पंडित प्रदीप मिश्रा को सुनने के लिए पहुंच रहे हैं। पुलिस बल पहले से ही पंडाल और उसके आस-पास तैनात है। भगदड़ की जानकारी होते ही अन्य थानों की पुलिस और प्रशासन अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि हादसे में कई महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घायल हो गए हैं। भगदड़ में आधा दर्जन महिलाएं गंभीर रूप से चोटिल हो गई हैं। सभी को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को काबू किया। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। साथ ही मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंच गई है। एंट्री गेट पर अव्यवस्था की वजह से धक्का-मुक्की हुई। मेरठ के एसएसपी ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से ऐसे हालात बने और कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। स्थिति पूरी तरह से संभाल ली गई है। घटनास्थल पर कई पुलिस अधिकारी, मेडिकल की टीम और एम्बुलेंस मौजूद हैं । recent visitors 57