देवास में दर्दनाक हादसा, मकान में भीषण आग लगी, पति-पत्नी और दो बच्चे जिंदा जले

देवास मध्य प्रदेश के देवास में शनिवार तड़के एक घर में भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत गई। घटना देवास शहर के नयापुरा क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि नीचे डेयरी में गैस सिलेंडर के ब्लास्ट होने के कारण आग लगी। जिसकी वजह से दूसरी मंजिल पर सो रहे पति-पत्नी और दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। मृतकों की हुई पहचान हादसे में दिनेश कारपेंटर (35), उनकी पत्नी गायत्री कारपेंटर (30), बेटी इशिका (10) और बेटे चिराग (7) की मौत हो गई। दिनेश घर के ग्राउंड फ्लोर पर आर्यन मिल्क कॉर्नर (डेयरी) चलाते थे। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम जांच करेगी। काफी दूर तक पड़े मेिले शटर के हिस्से आसपास रहने वाले लोगों के मुताबिक, नयापुरा में एक डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर की दुकान नीचे थी और उनका परिवार ऊपर रहता था। उनके घर से सुबह करीब 4 बजकर 30 मिनट पर तेज धमाके की आवाज आई थी। जिससे गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की वजह से आग लगने की आशंका है। धमाका इतना तेज था कि दुकान के शटर के हिस्से काफी दूर तक पड़े हुए मिले हैं। डेयरी के अंदर से चार से पांच गैस सिलेंडर मिले हैं इनमें से एक फटा हुआ है। फोरेंसिक टीम के साथ मिलकर आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही फर्स्ट फ्लोर पर कुछ इंफ्लेमेबल मटेरियल स्टोर करके रखे होने की भी जांच की जा रही है। सिंगल रास्ता होने से रेस्क्यू में आई समस्या नगर निगम दमकल विभाग के अभिनव चंदेल ने बताया कि सुबह 4:48 बजे नयापुरा क्षेत्र में स्थित आर्यन मिल्क कॉर्नर में एलपीजी सिलेंडर फटने की सूचना मिली। हमारी तीन फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन में एक पुरुष, एक महिला और दो बच्चों के शव बाहर निकाले गए। सिंगल रास्ता होने के कारण रेस्क्यू और आग बुझाने में काफी समस्याएं आईं। रास्ते पर मलबा पड़ा होने के कारण आग बुझाने और रेस्क्यू कार्य में बाधाएं आईं। ब्लास्ट हुआ एलपीजी सिलेंडर मिल्क कॉर्नर में ही पाया गया, जहां अन्य एलपीजी सिलेंडर भी रखे हुए थे। पहली मंजिल पर डेरी उत्पाद भी रखे हुए थे। 7 साल से चला रहे थे दूध डेयरी दिनेश कारपेंटर का जन्म देवास जिले के बजेपुर गांव, विजयागंज मंडी रोड में हुआ था। वह पिछले डेढ़ साल से अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ नयापुरा में किराए पर रह रहे थे। वे करीब 7 साल से दूध डेयरी चला रहे थे। उनकी बेटी इशिका चौथी कक्षा और बेटा चिराग पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। हादसे में चार लोगों की मौत एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि यह डेयरी संचालक दिनेश कारपेंटर का घर हैं, नीचे वे दुकान चलाते थे और ऊपर की मंजिल पर परिवार के साथ रहते थे. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है. घर को सील कर दिया गया है. संभावना है ज्वलनशील सामग्री से आग ज्यादा फैली इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए हम सभी प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर जांच कर रहे हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों. एसपी ने आगे कहा कि प्राथमिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि पहले तल पर कुछ ज्वलनशील सामग्री रखी गई होगी, जिससे आग ज्यादा फैल गई. दूसरी मंजिल पर मौजूद लोगों को समय पर बचाया नहीं जा सका. अभी पूरी घटना की जांच की जा रही है. recent visitors 81

इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रदेश में विकास की लिखेगी नयी इबारत:मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर को हर क्षेत्र में बनाया जायेगा नम्बर-वन इंदौर में होगी आईटी समिट, नेहरू स्टेडियम का होगा पुनर्निर्माण नगर निगम का बनेगा नया भव्य भवन मुख्यमंत्री ने इंदौर को दी 1249 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, माँ देवी अहिल्या की नगरी है, जो विकास का पर्याय रहीं है। उनके कार्यकाल में देव स्थानों का पूरे देश में अद्भुत विकास हुआ है। इंदौर वर्तमान में देश का सबसे स्वच्छ शहर है। यह आईटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट सिटी के कार्यों आदि में देश में भी अव्वल है। अब इंदौर को हर क्षेत्र में अव्वल बनाने के कार्य तेजी से होंगे। इंदौर का संर्वागीण विकास कर इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों के समकक्ष खड़ा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर के नेहरू स्टेडियम का पुनर्निर्माण किया जायेगा। यहाँ आईटी के विकास की अपार संभावनाएं है, इसको देखते हुए इंदौर में जल्द ही आईटी समिट आयोजित की जायेगी। इंदौर नगर निगम का नया भव्य भवन भी बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में जनकल्याण पर्व के तहत आयोजित लोकार्पण एवं भूमि-पूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के लिये 1249 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नदी जोड़ो परियोजना प्रदेश में विकास की नयी इबारत लिखेंगी। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां 2 नदी जोड़ो परियोजनाओं पर एक साथ कार्य हो रहा है। यह परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप ले रही हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नदियों को आपस में जोड़कर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में हो रहे विकास की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर को अब हर क्षेत्र में नम्बर-वन बनाया जायेगा। इंदौर को देश के प्रमुख महानगरों की तरह विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वे हमेशा से सम्मानीय है। उनका सम्मान हमेशा कायम रहेगा। बाबा साहेब की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये पंच तीर्थ विकसित किये गये है। उनके जीवन से जुड़े 5 प्रमुख स्थलों को तीर्थ-स्थल का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनकल्याण पर्व और मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में की जा रही गतिविधियों की जानकारी देते हुए नागरिकों से उनका लाभ लेने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जनकल्याण अभियान के माध्यम से शासन की 76 योजनाओं और सेवाओं का लाभ आमजन तक घर-घर जाकर पहुंचाया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे इंदौर जिले के प्रभारी भी है। उनके नेतृत्व में इंदौर शहर हर क्षेत्र में नंबर वन होगा। सफाई में नंबर वन है, जल-संरक्षण में हम नंबर वन है। अब पर्यावरण में भी इंदौर को नंबर वन बनाने के प्रयास शुरू किये गये है। इंदौर में 51 लाख पौधे लगाये गये है। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया है कि आगामी 5 साल तक हर साल 51 लाख पौधें लगाये जायेंगे। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि शहर के तापमान को 5 डिग्री तक कम करें। उन्होंने कहा कि इंदौर को ट्रैफिक समस्या से भी निजात दिलाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। इंदौर के ट्रैफिक में सुधार कर नंबर वन बनायेंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इंदौर जो भी करता है अद्भुत करता है। इंदौर में यह पहली बार हो रहा जब एक ही दिन में एक साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 1249 करोड़ रूपये के विकास की सौगात दी गई है। इंदौर, विकास का मॉडल बन गया है। यहां विकास एवं प्रगति की नयी बुनियाद रखी जा रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अब सिचाई और पेयजल की सुविधा में आशातित वृद्धि होगी। इन परियेाजनाओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मूर्तरूप देकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेई के संकल्पों को पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वागत भाषण देते हुए इंदौर शहर के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेन्द्र हार्डिया, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया, गौरव रणदिवे, चिंटू वर्मा, नगर निगम के सभापति मुन्नालाल यादव सहित महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण व बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। इंदौर को मिली 1249 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को 1249 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इंदौर शहर में 511.12 करोड़ रूपये लागत के एसटीपी निर्माण एवं सीवर लाइन डालने के कार्य का भूमि-पूजन किया। साथ ही इंदौर शहर में 442 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली मास्टर प्लान की 22 नवीन सड़कों, 43 करोड़ रूपये लागत से बनने वाली एमआर-10 से एमआर-12 लिंक रोड़ विकास कार्य, लगभग 8 करोड़ रूपये लागत से बनने वाले कस्तूरबा गार्डन के पीछे स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, प्रतीक सेतु के नीचे 1.20 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले शहीद स्मारक, वार्ड क्रमांक-34 में 1.15 करोड़ रूपये लागत के चौराहे के सौंदर्यीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने 21 करोड़ रूपये लागत के नवीन जल वितरण पाइप लाइन, 5.50 करोड़ रूपये लागत के स्मार्ट सिटी एबीडी एरिये में नवीन सीवर लाइन और 100 टन क्षमता के ग्रीन वेस्ट प्लांट सहित शहर के विकास से जुड़े अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर के डॉक्युमेंट डिजिटाइजेशन का लोकार्पण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं में चयनित हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये।   recent visitors 182

लिट चौक के रूबरू कार्यक्रम में युवाओं ने जाने मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व के पहलू

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम इंदौर के गाँधी हाल में आयोजित लिट चौक कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने कला, साहित्य, विकास, फिल्म आदि के बारे में एंकर जयदीप कर्णिक द्वारा पूछे गये सवालों का सिलसिलेवार उत्तर दिया। इस दौरान उपस्थित युवा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हाजिर जवाबी और विषयों में विशेषज्ञता के कायल हुए। मुख्यमंत्री ने अपनी शिक्षा, राजनीति और मालवा से भोपाल तक के सफर पर पूछे गये सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन को समझने के लिये विक्रमादित्य और राजा भोज के बारे में युवाओं को जानकारी होना चाहिये। हमारी विरासत और इनके काल के दौरान हुए विकास और धार्मिक स्थल किस तरह साइंस से जुड़े थे। यह आज की युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उज्जैन के काल भैरव मंदिर जहां शराब का प्रसाद चढ़ता है और उसकी गंध नहीं आती। निकट के गुगरेश्वर महादेव शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद जल का बाहर न आना, ग्रीनविच स्टैंण्डर्ड टाइम के काफी समय पहले से उज्जैन में की जाने वाली काल गणना इसका उदाहरण है। सरकार ने तय किया है कि इस तरह के स्थानों पर महाकाल लोक जैसे 13 लोक बनाये जाएंगे। कॉलेज के छात्र संघ चुनाव करवाने संबंधी प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं है, पर आपको समझना होगा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पहले छात्र संघ चुनाव ही युवाओं के लिये लोकतंत्र को समझने का जरिया हुआ करता था। संविधान के 74वें संशोधन के पश्चात जब से नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव हो रहे हैं तब से देखने में आ रहा है कि 22-25 साल का युवा सरपंच, पार्षद आदि का चुनाव लड़ विकास में अपना योगदान दे रहा है। आज लोकतंत्र को समझने के लिये युवाओं के पास अधिक मौके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार की नीति स्वरोजगार, उद्योग स्थापना के लिये सहयोगी हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से यह धारणा भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद नौकरी मिलना मुश्किल है। शिक्षा वही जो भविष्य को संवारे, इसलिये नई शिक्षा नीति में कौशल ज्ञान को संवारने के सभी प्रबंध किये गये हैं, क्योंकि स्वाभिमान के साथ जीवन जीना सबका हक है। उन्होंने कहा कि इंदौर रोल मॉडल है। मैं संपूर्ण प्रदेश को इंदौर की तरह बनाना चाहता हूं और इंदौर को मुंबई-दिल्ली से भी आगे ले जाना चाहता हूं। उन्होंने स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क होने की बात कह युवाओं से आग्रह किया कि जीवन काल में सबको समय दें, परिवार, व्यापार के साथ शरीर को स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है। नदी जोड़ने की योजना पर उन्होंने कहा कि इससे सभी नदियों को प्रवहयान बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ करेंगे।   recent visitors 67

राज्य शिक्षा केंद्र ने इसकी समय-सारिणी घोषित की, 6 मार्च से शुरू होंगी छोटी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं

भोपाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तीसरी, चौथी, छठी और सातवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा छह मार्च से आयोजित की जाएंगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसकी समय-सारिणी घोषित कर दिया है। तीसरी व चौथी कक्षा की परीक्षाएं छह से 11 मार्च तक और छठी व सातवीं की परीक्षाएं छह से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इस समय सारिणी के अनुसार परीक्षाओं की समय अवधि ढाई घंटे की रहेगी। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4.30 बजे तक चलेगी। छह से 12 मार्च के बीच स्थानीय अवकाश होने पर भी ये परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।   पहली व दूसरी कक्षा की नहीं होगी परीक्षा सभी सरकारी स्कूलों में पहली व दूसरी कक्षा में परीक्षा नहीं ली जाएगी। इनका आकलन अभ्यास पुस्तिका के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही गतिविधि आधारित व मौखिक मूल्यांकन होगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी व गणित विषय में सीखने की क्षमता के स्तर का परीक्षण होगा। तीन भाषाएं जरूरी, सावधानी रखने को कहा प्राचार्यों से कहा गया है कि परीक्षा का आवेदन पत्र भरते समय भाषा चयन को लेकर विद्यार्थियों से चर्चा कर लें। तीसरी व चौथी कक्षा में अतिरिक्त भाषा वैकल्पिक है। प्रथम भाषा के रूप में हिंदी, उर्दू या मराठी का चयन करने पर द्वितीय भाषा अंग्रेजी लेनी होगी। वहीं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। वहीं छठी व सातवीं कक्षा में अगर कोई विद्यार्थी प्रथम भाषा के रूप में उर्दू या मराठी का चयन करता है तो उसे द्वितीय भाषा के तौर पर अंग्रेजी और तृतीय भाषा के रूप में हिंदी का चयन करना अनिवार्य होगा। वहीं प्रथम भाषा के रूप में अंग्रेजी का चयन करने पर द्वितीय भाषा हिंदी और तृतीय भाषा के रूप में संस्कृत, उर्दू या मराठी भाषा का चयन करना अनिवार्य होगा। recent visitors 23

ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन कार्य के दौरान भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित

भोपाल उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के ग्वालियर-झाँसी खंड में तीसरी लाइन के कार्य के संदर्भ में संदलपुर-आंतरी स्टेशनों के बीच अप लाइन पर कट और कनेक्शन कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री गाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है| 1.    गाड़ी संख्या 12644 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 2.    गाड़ी संख्या 12780 हजरत निज़ामुद्दीन-वास्को डी गामा एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 3.    गाड़ी संख्या 12626 नई दिल्ली – त्रिवेंद्रम केरला एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 4.    गाड़ी संख्या 12708 हजरत निज़ामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 5.    गाड़ी संख्या 12628 नई दिल्ली – बेंगलुरू कर्नाटक एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 21.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 6.    गाडी संख्या 12808 निज़ामुद्दीन-विशाखापटनम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया मथुरा-बयाना-सोगरिया-रुठियाई-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। 7.    संख्या 12618 हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-रुठियाई-मक्सी-भोपाल होते हुए गंतव्य को जाएगी। 8.    गाड़ी संख्या 12191 हज़रत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस दिनांक 20.12.2024 से 22.12.2024 तक अपने प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान कर अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया ग्वालियर-गुना-बीना होते हुए गंतव्य को जाएगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।   recent visitors 91

देश की 2032 तक रिन्यूएबल एनर्जी भंडारण की क्षमता 60 गीगावाट तक हो जाएगी: रिपोर्ट

नई दिल्ली सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस फ्लो को लेकर 2022 की तुलना में 2023 में 63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 30,255 करोड़ रुपये (3.66 बिलियन डॉलर) के स्तर को छू गई है। प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि ‘2024 में कोयला बनाम नवीकरणीय ऊर्जा निवेश’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट फाइनेंस लेंडिंग में वृद्धि हुई है, लेकिन लगातार तीसरे वर्ष नए कोयला बिजली प्रोजेक्ट को कोई फाइनेंस लेंडिंग नहीं दी गई। हालांकि, कोयला बिजली और खनन कंपनियों की कॉर्पोरेट फाइनेंस लेंडिंग कुल 3 बिलियन डॉलर थी। रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का रहा दबदबा 2023 में रिन्यूएबल एनर्जी सौदों में सोलर पावर प्रोजेक्ट का दबदबा रहा, जो कुल सौदों का 49 प्रतिशत था, इसके बाद हाइब्रिड प्रोजेक्ट का 46 प्रतिशत और विंड एनर्जी का हिस्सा 6 प्रतिशत था। सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी के कार्यकारी निदेशक जो अथियाली ने कहा, “हमने सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंस में लगातार वृद्धि देखी है। यह दर्शाता है कि रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट में निवेशकों का विश्वास है।” 2023 में भारत में कोयला-लिंक्ड कंपनी के फाइनेंस का 96 प्रतिशत से अधिक अंडरराइटिंग के जरिए कमर्शियल बैंक से था, जबकि बचे 4 प्रतिशत का योगदान लोन से था। अमेरिका स्थित बैंकों ने कोयला-लिंक्ड कंपनियों को कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई, जो कुल का 65 प्रतिशत योगदान देता है। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2023 में 188 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन कैपेसिटी हासिल कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राइमरी फाइनेंसिंग ने प्रोजेक्ट सौदों का 77 प्रतिशत हिस्सा लिया जबकि रिफाइनेंसिंग ने बचे 23 प्रतिशत का योगदान दिया। कमर्शियल बैंकों ने रिन्यूएबल एनर्जी लोन का 68 प्रतिशत प्रदान किया, जो कुल 20,625 करोड़ रुपये (2,497 मिलियन डॉलर) था। राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि गुजरात को फाइनेंस कैपेसिटी का 25 प्रतिशत प्राप्त हुआ, जो 9,857 करोड़ रुपये (1,193 मिलियन डॉलर) है, उसके बाद कर्नाटक को 4,593 करोड़ रुपये (556 मिलियन डॉलर) मिले।केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि भारत ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान लगभग 15 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी जोड़ी है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जोड़े गए 7.54 गीगावाट से लगभग दोगुना है। पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि यहां सीआईआई अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन और प्रदर्शनी (आईईसीई) को संबोधित करते हुए, अक्षय ऊर्जा मंत्री ने आगे कहा कि गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की कुल स्थापित क्षमता 214 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि अकेले नवंबर 2024 में 2.3 गीगावाट की नई कैपेसिटी जोड़ी गई, जो नवंबर 2023 में जोड़ी गई 566 मेगावाट की तुलना में चार गुना वृद्धि को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री जोशी ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 2032 से 5 प्रतिशत की बढ़ातरी देश का ऊर्जा भंडारण परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है. भंडारण समाधानों को शामिल करने वाली अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं का अनुपात काफी बढ़ रहा है, जो वित्त वर्ष 20 में 5 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 23 प्रतिशत हो गया है. वित्त वर्ष 32 तक, बिजली उत्पादन में परिवर्तनीय अक्षय ऊर्जा (VRE) की हिस्सेदारी तीन गुना होने की उम्मीद है, जिससे ग्रिड की स्थिरता के बारे में चिंता बढ़ रही है. VRE की वृद्धि ग्रिड को अस्थिर कर सकती है जब तक कि बिजली प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन न हो. खास कर ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (ESS) के एकीकरण के साथ, जो इस प्रबंधन में महत्वपूर्ण हैं. असल चुनौती VRE के उत्पादन और बिजली की अधिकतम मांग के बीच चली आ रही मिसमैच की वजह से है. यह मिसमैच अक्सर ग्रिड अस्थिरता, पीक प्रोड्क्शन घंटों के दौरान सरप्लस एनर्जी और गैर-सौर अवधि के दौरान फॉसिल फ्युल पर निरंतर निर्भरता की ओर ले जाता है. ESS उच्च उत्पादन समय के दौरान एक्सट्रा रिन्यूएबल एनर्जी को जमा करके और मांग के चरम पर इसे जारी करके समाधान प्रदान करता है, जिससे ग्रिड स्थिर होता है और दिन के दौरान आपूर्ति और मांग में अंतर (Diurnal Duck Curve) जैसी समस्याओं को कम करता है. BESS क्षमता 375 गुना बढ़ जाएगी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSP) के ऊर्जा भंडारण बाजार पर हावी होने की उम्मीद है, विशेष रूप से BESS अपने स्थानिक लचीलेपन, त्वरित प्रतिक्रिया समय और टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण प्रमुख टेक्नोलॉजी के रूप में उभर रहा है, जो लागत को और कम कर रहा है. वित्त वर्ष 32 तक, BESS क्षमता 375 गुना बढ़कर 42 GW हो जाने की उम्मीद है, जबकि PSP क्षमता चार गुना बढ़कर 19 GW हो जाएगी. BESS में 3.5 लाख करोड़ निवेश का अवसर वर्तमान में, BESS की लगभग 80 प्रतिशत लागत बैटरी सेल और संबंधित घटकों पर आती है, जिनमें से अधिकांश चीन से आते हैं. इससे भारत को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और अपने बैटरी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी. प्रमुख खिलाड़ी पहले से ही बैटरी निर्माण और घटक उत्पादन में भारी निवेश कर रहे हैं, लगभग 120 GWh सेल क्षमता की घोषणा की गई है, हालांकि अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए अधिक निवेश की आवश्यकता होगी. BESS पारिस्थितिकी तंत्र के लिए वित्त पोषण क्षमता महत्वपूर्ण है, जिसमें वित्त वर्ष 32 तक 3.5 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित अवसर है, जो परियोजना-स्तरीय निवेश और अपस्ट्रीम विनिर्माण वृद्धि के संयोजन से प्रेरित है. PSP अपनी लंबी गर्भावधि अवधि के कारण धीमी वृद्धि का सामना कर रहे हैं, फिर भी वित्त वर्ष 32 तक 1.2 ट्रिलियन रुपये के निवेश का योगदान करने की उम्मीद है.   recent visitors 69

भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो दिग्गज नेता आपस में भिड़े, सरकारी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य

भोपाल  भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो दिग्गज नेता आपस में भिड़ गए है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने मांग की कि सरकारी मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य हो। वहीं कांग्रेस एमएलए आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया है। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। शर्मा ने मसूद को राष्ट्रगान गाने की चुनौती भी दी। वहीं बीजेपी की एक और विधायक उषा ठाकुर ने सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का समर्थन किया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दो वरिष्ठ विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिल रही है। हुजूर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के हिंदूवादी विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी अनुदान प्राप्त मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य किया जाए। शर्मा ने आगे कहा कि अगर सरकार मदरसों को जमीन और आर्थिक सहायता देती है, तो वहां राष्ट्रगान अनिवार्य क्यों नहीं हो सकता? इसमें क्या गलत है? सभी सरकारी अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लिए नियम समान होना चाहिए। आरिफ मसूद ने दी प्रतिक्रिया इस पर भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शर्मा की आलोचना करते हुए कहा कि बीजेपी एमएलए को विधानसभा में कोई भी अप्रासंगिक बयान देने से पहले मदरसों का दौरा करना चाहिए। मसूद ने कहा कि अगर बीजेपी विधायक कभी मदरसों में गए होते, तो उन्हें पता होता कि मदरसों में दाखिला लेने वाला हर बच्चा बिना किसी रुकावट के राष्ट्रगान गाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा विधायक खुद राष्ट्रगान नहीं गा सकते। सार्वजनिक स्थान पर आकर राष्ट्रगान गाने की चुनौती जाहिर है कि कांग्रेस नेता आरिफ मसूद का यह बयान रामेश्वर शर्मा को पसंद नहीं आया और उन्होंने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया। रामेश्वर शर्मा ने मसूद को सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रगान गाने की चुनौती दी। गुरुवार को शर्मा ने कहा कि मैं उन्हे चुनौती देता हूं कि अगर आता है राष्ट्रगान तो गाए। वे राष्ट्रगान गा के दिखाए मेरे सामने तो मैं उनके लिए ताली बजाऊंगा। recent visitors 67