मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं। प्रतिभा का प्रदर्शन खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कठिनाइयों में भी सर्वोत्तम प्रदर्शन करने की कला सीखी जा सकती हैं। उन्होंने वर्तमान में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तो हमारे खिलाड़ी निशाना भी सीधे पदक पर ही लगाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टीटी नगर स्टेडियम में 'खेल प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समारोह' को संबोधित कर रहे थे। समारोह में 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 25.389 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गयी। खिलाड़ियों को किट भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। नयी शिक्षा नीति में खेलों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। स्पोटर्स् टीचर की पदोन्नतियों के रास्ते खोले गये हैं। उच्च शिक्षा में स्पोटर्स् टीचर सहायक प्राध्यापक एवं उसके बाद की भी पदोन्नतियां पा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है, जिससे कि वे उनके प्रशिक्षण में सहायक सिद्ध हो सकें। इससे खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकेंगे। उन्होंने अपेक्षा की कि अपनी प्रतिभा के दम पर और बेहतर प्रदर्शन के लिये संकल्पित होकर खिलाड़ी निरन्तर प्रयत्नशील रहेंगे। अभाव और प्रभाव में भी हॉकी के सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कभी भी कमी नहीं रही है। जब खिलाड़ियों के पास संसाधनों की कमी होती थी, तब भी मेजर ध्यानचंद जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों ने नंगे पैर खेलकर भी देश को स्वर्ण पदक दिलाये हैं। आज जब हमारा देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रभावशाली देश बनकर उभर रहा है। तब हमारे खिलाड़ियों की प्रतिभा और निखरकर सामने आ रही है और हम विभिन्न खेलों में नये कीर्तिमान रचते हुए पदक प्राप्त कर रहे हैं। इसमें हमारा देशी खेल कुश्ती भी शामिल है, जिसमें हमने लगातार 4 स्वर्ण पदक प्राप्त किये हैं। खिलाड़ियों के साथ ली सेल्फी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे खिलाड़ियों के साथ स्वयं सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ व्हील चेयर क्रिकेटर श्री शैलेन्द्र यादव ने भी सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों के साथ अन्य फोटोग्राफ भी क्लिक करवाए। साथ ही खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ने भी समूह छायाचित्र क्लिक करवाए। स्वर्ण पदक विजेताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इनमें वेटलिफ्टिंग में हिमांशु कुशवाह, मलखंब में युवराज राव धाडगे, हैण्डबाल में ध्रुव दुबे, सॉफ्टबाल में तिलक लोट, जूडो में उज्जवल कुमार प्रसाद, तैराकी में अन्वी खण्डूरी, हैण्डबाल में श्रुति पाल, ताईक्वांडो में राही पाठक जूडो में श्रेया यादव और पेंचक सिलाट में ख्याति पाण्डेय को सम्मानित किया गया। ओलंपिक पदक विजेताओं द्वारा हस्ताक्षरित हॉकी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेल मंत्री श्री सारंग ने स्मृति चिन्ह के रूप में हॉकी भेंट की। उल्लेखनीय है कि पेरिस ओलंपिक-2024 की पदक विजेता हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने हॉकी पर अपने हस्ताक्षर अंकित किये हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में होगा खेल परिसर खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वे खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को समझते हैं। उनके नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये निरन्तर समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक शासकीय खेल परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। जल्द ही इस योजना को मूर्तरूप प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष श्री सनवर पटेल, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, अन्य वरिष्ठ खेल अधिकारी, खेल प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।   recent visitors 79

नगरीय क्षेत्र में बिना अनुमति दीवार लेखन पर पांच हजार रुपये जुर्माना, ऊर्जा, नगरीय विकास, सहकारिता और श्रम विभागों में जुर्माने में वृद्धि की गई

भोपाल बिना अनुमति नगरीय क्षेत्र में भूस्वामी की अनुमति के बिना दीवार लेखन या पर्चा चस्पा किया तो अब पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगेगा। ऐसे मामले न्यायालय नहीं जाएंगे। अधिकारियों को अर्थदंड लगाने का अधिकार रहेगा। इसका प्रविधान सरकार ने जन विश्वास विधेयक में किया है, जिसे मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। जन विश्वास विधेयक भारत सरकार ने कामकाज में अनावश्यक लंबी प्रक्रिया को समाप्त करने के लिए वर्ष 2023 में जन विश्वास विधेयक प्रस्तुत किया था। इसी तरह प्रदेश सरकार ने भी विधेयक तैयार किया है। इसमें विभागों के विभिन्न अधिनियमों के उन प्रविधानों को शामिल किया है, जिनमें जुर्माने का प्रविधान था। इसके लिए संबंधित विभाग को प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करने होते थे, जबकि इनका निराकरण समझौते के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। पांच हजार रुपये अर्थदंड ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वयं के उपयोग के लिए कैप्टिव पावर प्लांट लगाने वाले व्यक्तियों को उत्पादन और खपत का लेखा-जोखा रखना होता है और इसका लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं करने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान था। इसे अब पांच हजार रुपये अर्थदंड कर दिया है ताकि किसी को यह अवसर न रहे कि वे मर्जी से दो, तीन या फिर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगे सके। कई विभागों में संसोधन इसी तरह नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने यह प्रविधान प्रस्तावित किया है कि पानी की नाली या सड़क को अपने उपयोग के लिए क्षतिग्रस्त किया या फिर निजी भूमि पर मार्ग के लिए चूने की लाइन डालकर प्लाटिंग की जाती है तो अर्थदंड पांच सौ के स्थान पर पांच हजार रुपये लगेगा। इसी तरह के प्रविधान सहकारिता, श्रम सहित अन्य विभागों के अधिनियम में संशोधन करके किए गए हैं। recent visitors 49

उज्जैन में CM यादव 21 दिसंबर को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे, प्रथम चरण में 46 करोड़ रुपए की लागत से पार्क निर्मित होगा

उज्जैन उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 दिसंबर को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। प्रथम चरण में 46 करोड़ रुपए की लागत से आईटी पार्क निर्मित होगा। आईटी पार्क के बनने से कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस उज्जैन में खुल सकेंगे। उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजेश राठौर, जिला पंचायत सीओ जयती सिंह, एडीएम अनुकूल जैन, निगम कमिश्नर आशीष पाठक ने इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बनने वाले आईटी पार्क की जमीन को देखने के लिए पहुंचे। सीएम मोहन यादव यहीं पर शनिवार को आईटी पार्क का भूमि पूजन करेंगे। इसके लिए साइट को क्लियर करवाने का काम शुरू हो चुका है। दो फेज में आईटी पार्क का निर्माण होगा – राजेश राठौर ने बताया कि उज्जैन शहर के लिए आईटी पार्क की सौगात बहुत ही महत्वपूर्ण है। आईटी पार्क बनने से छात्रों को बेहतरीन उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी और उज्जैन शहर के लिए औद्योगिक विकास को भी निरंतर वृद्धि होगी। उज्जैन में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप आईटी पार्क का निर्माण किया जाएगा। आईटी पार्क शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में बूम आएगा। आवंटित भूमि में दो फेज में पार्क का निर्माण होगा। प्रथम चरण में लगभग 5400 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा। जिससे लगभग 1.2 लाख वर्ग फुट आवंटन योग्य आईटी स्पेस का निर्माण किया जाएगा। लगभग 30 आईटी इंडस्ट्री अपना प्लग एंड प्ले आधारित मॉडल पर कार्य प्रारंभ कर सकेगी। उज्जैन में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए दो साल की डेडलाइन आते की गई है। ऐसा होगा उज्जैन का आईटी पार्क एमपीआईडीसी के राजेश राठौर ने बताया कि हम इस आईटी पार्क में टेक कंपनियों और स्टार्टअप को सभी तरह की एडवांस सुविधाएं देंगे। यह उज्जैन का अपने आप में पहला पार्क होगा। सरकार का इस बात पर जोर है कि स्थानीय युवाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाए। आईटी पार्क से उज्‍जैन में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी पार्क 2.161 हेक्टर जमीन पर बनेगा। इसमें 11239 स्केयर मीटर में बिल्डिंग बनेगी, बिल्डिंग की ऊंचाई 31.7 मीटर होगी। जिसमें हर फ्लोर पर टॉयलेट के साथ कैफेटेरिया ड्रिंकिंग वाटर, लिफ्ट के साथ ऑफिस के लिए हाईटेक सुविधा भी मिल सकेगी। इस बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर 59 कार पार्क हो सकेगी। recent visitors 50

बंदूक की नोक पर किया युवक का अपहरण, मांगी 10 लाख की फिरौती, 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

रायसेन  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बरेली में 13 साल के बच्चे का अपहरण का मामला सामने आया है। यहां सतलापुर थाना क्षेत्र के मारुती नगर में ट्यूशन से पढ़कर घर लौट रहे 13 साल के एक छात्र का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन कर परिजनों से 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की। इस दौरान बच्चे के पिता से कहा कि अगर जल्द से जल्द पैसों का इंतजाम नहीं हुआ था, सुबह तक बेटे की लाश मिलेगी। पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों को दबोचा है। जानकारी के मुताबिक 13 साल का कक्षा 7वीं का छात्र नवनीत धाकड़ बरेली के मारुति नगर में मंगलवार की शाम 6:00 बजे के लगभग ट्यूशन पढ़कर घर आ रहा था। इस दौरान कार से आए आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने छात्र को बुलाया फिर जबरदस्ती बंदूक की नोक पर वाहन में बैठाकर फरार हो गए। इसके बाद छात्र के पिता को फोन कर एक घंटे के अदंर 10 लाख रुपए की मांग कर दी। इधर फोन आने के बाद घबराए पिता ने तत्काल  इसकी सूचना सतलापुर थाना पुलिस को दी। जिसके बाद थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी प्लानिंग के तहत पैसों का इंतजाम कर आरोपियों के बताए पते के अनुसार बच्चें के परिजनों को मौके पर भेजा। जैसे ही आरोपी वहां आए पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। घटना का मुख्य आरोपी शिवम साहू और शुभम साहू सहित दो अन्य आरोपी को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बच्चे को भी सही सलामत बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 37

आयकर विभाग के अफसरों ने टीम के साथ भोपाल के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में छापेमारी की

भोपाल आयकर विभाग ने बुधवार सुबह भोपाल में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश शर्मा और उनके आधा दर्जन सहयोगियों के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की हैं।खनन और कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े राजेश शर्मा पूर्व मुख्य सचिव के करीबी माने जाते हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री से भी उनकी नजदीकी बताई जा रही है। आयकर विभाग के अफसरों ने टीम के साथ भोपाल के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में छापेमारी की है। नीलबड़, रातीबड़, सूरज नगर, मेंडोरा के अलावा भोपाल के कस्तूरबा नगर स्थित राजेश शर्मा के आवास पर सीआरपीएफ टीम के साथ आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। राजेश शर्मा के अलावा उनके सहयोगी दीपक भावसार, विनोद अग्रवाल और अन्य ठिकानों पर भी कार्यवाही जारी है राजेश शर्मा त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक होने के साथ भोपाल में क्रेशर संचालकों के संगठन का नेतृत्व भी करते रहे हैं। उनके द्वारा राजधानी और आसपास के इलाकों में खदानों के ठेके और क्रेशर संचालन का काम भी किया जाता रहा है। इसके साथ ही वे कंस्ट्रक्शन कारोबार से भी जुड़े हैं। सीएम राइज स्कूल का ठेका भी मिला था त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक राजेश शर्मा की सत्ता पक्ष के कई नेताओं से खासी दोस्ती है। इसके चलते ही शर्मा को सीएम राइज स्कूलों के कंस्ट्रक्शन का भी कार्य से मिला है। रायसेन का सीएम राइज स्कूल शर्मा द्वारा ही बनाया जा रहा है। शर्मा बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामपाल सिंह के करीबी बताए जाते हैं। इसके अलावा स्टोन क्रेशर के कारोबार से भी शर्मा और उनके सहयोगियों ने मोटी कमाई की है। मौके पर दो दर्जन से ज्यादा CRPF जवान मौजूद जानकारी के मुताबिक मौके पर 25-30 CRPF जवान मौजूद हैं। इसके साथ ही एक रियल एस्टेट कारोबारी के यहां भी आईटी के छापे की खबर है। दोनों जगहों पर इनकम टैक्स की छापेमार कार्रवाई जारी है। इनके यहां भी IT का छापा इसके अलावा दीपक भावसार, विनोद अग्रवाल, रूपम शिवानी के यहां भी आईटी के छापे की खबर है। ये सभी जमीन की खरीद ब्रिकी का काम करते हैं।   recent visitors 39

MP में चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी, 9 दिन शीतलहर की चपेट में रहा प्रदेश; ग्वालियर-चंबल में आज कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली सर्दी के तेवर कम होने का नाम ही नहीं ले रहे। प्रदेश के सभी जिलों में ठंड का तेज असर दिखाई दिया। लोग रजाई में दुबकने के लिए मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार को भी राजधानी भोपाल सहित 7 जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियसस से नीचे रहा। राज्य के 10 शहरों में शीतलहर चली। प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसलिए बदला मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत के राज्यों से ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर आ रही हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान काफी कम हैं। वहीं से लगातार आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में ठंड के तेवर तीखे बने हुए हैं। वहीं, राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात के बनने से हवाओं का रुख बदला है। इसके प्रभाव से कड़ाके की ठंड से राहत मिलने का अनुमान नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से लोगों को अगले 4 से 5 दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने बुधवार से दिन और रात के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। हालांकि, कुछ जिलों में कोहरे का असर रह सकता है। बुधवार सुबह ग्वालियर-चंबल में कोहरा .मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया, शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। चार से पांच दिन तक टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। आज इन जिलों में कोहरा ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड में कोहरा रहेगा। शिवपुरी के कुछ हिस्से में भी हल्का कोहरा रह सकता है। यहां 5 डिग्री के नीचे पहुंचा पारा भोपाल, पचमढ़ी, राजगढ़, खजुराहो, मंडला, नौगांव, उमरिया में सोमवार—मंगलवार की रात का तापमान पांच डिग्री से कम पर रहा। वहीं, भोपाल, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, नौगांव, पचमढ़ी में शीतलहर चली। शहडोल और सिवनी में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। कहां कितना पारा प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिल स्टेशन पचमढ़ी में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मैदानी जिलों की बात करें तो मंडला में तीन, उमरिया में तीन, नौगांव में 3.8, भोपाल में 4, राजगढ़ में 4.4, खजुराहो में 4.4, जबलपुर में पांच, उज्जैन में 8, इंदौर में 10.6 और ग्वालियर में 5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। हालांकि प्रदेश के अधिकतम तापमान में अधिकांश जिलों में हल्की वृद्धि देखने को मिली। इंदौर में तो अधिकतम तापमान बढ़कर 30.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई जिलों में शीत लहर पाला और कोहरा छाए रहने को लेकर चेतावनी जारी की है। विदिशा, सीहोर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, शहडोल, उमरिया, जबलपुर, सिवनी, मंडला, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में शीत लहर चल सकती है। वहीं रायसेन नर्मदा पुरम जिलों में पाला पड़ सकता है और शीत लहर भी चल सकती है। ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना जिले में हल्के से लेकर मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। ठंड हो सकती है कम राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात के कारण प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में हवाओं का रुख दक्षिण-पश्चिमी होने लगा है। इस वजह से रात के तापमान में अब धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगेगी। बुधवार से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने के आसार हैं। भोपाल में 4 डिग्री, ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री पारा सोमवार-मंगलवार की रात में कई शहरों में रात के टेम्प्रेचर में गिरावट दर्ज की गई। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस वजह से यह शिमला, नैनीताल, जम्मू शहर, कटरा, धर्मशाला, पालमपुर, देहरादून से भी ठंडा रहा। भोपाल में 4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। ग्वालियर-जबलपुर में 5 डिग्री, जबकि इंदौर में 10.6 डिग्री और उज्जैन में 8 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी के अलावा मंडला, उमरिया, नौगांव, राजगढ़, खजुराहो में भी कड़ाके की ठंड रही। मंडला-उमरिया में 3 डिग्री, नौगांव में 3.8 डिग्री, राजगढ़ में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़, रायसेन, रीवा, छिंदवाड़ा, मलाजखंड और सतना में तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा। हालांकि, मंगलवार को दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड, जनवरी से भी ठंडा रहा दिसंबर इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। पिछले 9 दिन से शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। recent visitors 31

Ladli Behna Yojana फिर जल्द ही शुरू होने वाला है नया रजिस्ट्रेशन, विधानसभा में से मिला अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश की चर्चित लाडली बहना योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में बताया कि इस योजना में 20 अगस्त 2023 के बाद नया रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किया गया है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने इसकी जानकारी दी.बता दें कि सूबे की सियासत के चर्चा के केंद्र में रही इस योजना से सरकार पर बोझ भी पड़ रहा है. कुछ दिनों पहले सीएम मोहन यादव ने इसे स्वीकार किया था. मंत्री ने सदन में बताया कि ये योजना जारी है और पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ भी दिया जा रहा है. उनसे ये सवाल कांग्रेस के विधायक प्रताप ग्रेवाल ने पूछा था जिसका उन्होंने लिखित जवाब दिया. मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से करीब छह महीने शुरू की गई थी. इसके तहत राज्य सरकार पात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये उनके खाते में भेजती है. राज्य में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या करीब 1.29 है.कांग्रेस विधायक ग्रेवाल ने सदन में योजना से संबंधित कई सवाल पूछे. इसमें इसके जारी रहने और नए रजिस्ट्रेशन से जुड़े सवाल शामिल थे. मंत्री भूरिया ने अपने लिखित जवाब में कहा कि पहले फेज में 20 अगस्त 2023 तक रजिस्ट्रेशन किए गए. नया रजिस्ट्रेशन अभी शुरू नहीं किया गया है. मंत्री ने यह भी कहा कि योजना के तहत नये आवेदन प्राप्त करने के लिये अलग से निर्देश जारी किये गये हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्री-रजिस्ट्रेशन 4 मार्च 2023 और 20 जुलाई 2023 को किया गया. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से योजना को लागू किया गया. मंत्री ने बताया कि ये योजना जारी है और जो इसकी लाभार्थी हैं उन्हें इसका लाभ मिल रहा है.गौरतलब है कि मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना की घोषणा की थी. शुरुआत में इसके तहत 1000 रुपये प्रति महीने दिए जाते थे. अक्टूबर 2023 में इसकी राशि को बढ़ाकर 1250 किया गया था. क्या है लाडली बहना योजना? लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की गरीब और पिछड़ी जातियों की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1250 की राशि दी जाती है, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करती है। भाजपा सरकार ने इस योजना को अपने चुनावी वादों में प्रमुखता से रखा था, और इसका वादा किया गया था कि इस राशि को ₹3000 तक बढ़ाया जाएगा। सरकार की स्थिति और विपक्ष का आरोप मध्य प्रदेश में इस योजना को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद खुले तौर पर सामने आ रहे हैं। कांग्रेस ने इस सवाल को बार-बार उठाया है कि भाजपा सरकार ने चुनावी समय में लाडली बहन योजना में राशि बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए इस वादे का इस्तेमाल किया, और अब सत्ता में आने के बाद सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। वहीं, सरकार का तर्क है कि योजना की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू किया जा रहा है और वर्तमान समय में बजट के बारे में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। क्या हो सकता है आगे? वर्तमान में, लाडली बहना योजना में किसी भी प्रकार की राशि वृद्धि या नई महिलाओं के पंजीकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने का कोई संकेत नहीं मिला है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया, तो वे इसे विधानसभा में फिर से उठाएंगे और जनता के बीच इस मामले को प्रमुख रूप से प्रसारित करेंगे। यह भी देखा जाएगा कि आने वाले बजट सत्र में क्या सरकार इस योजना के लिए कोई नया प्रस्ताव पेश करती है या नहीं। अगर ₹3000 की राशि के वादे को लागू नहीं किया गया, तो यह विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। इस बीच, लाडली बहन योजना के लाभार्थी महिलाएं सरकार के फैसले का इंतजार कर रही हैं कि क्या वाकई उनकी सहायता राशि बढ़ेगी या फिर 1250 रुपए पर ही टिके रहेंगे। recent visitors 62