इंदौर में 1 जनवरी से भीख देने वालों पर होगी FIR, नए साल तक Indore होगा भिखारी मुक्त शहर

इंदौर  मध्य प्रदेश का शहर इंदौर, जो सफाई के लिए पूरे देश में विख्यात है। अब भिखारी मुक्त शहर की पहल करने जा रहा है। प्रशासन ने इसके लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जिसके तहत भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। यह नया नियम 1 जनवरी से लागू होगा। इंदौर में जल्द ही भिखारियों को पैसे देना दंडनीय अपराध होगा। 1 जनवरी 2025 से पुलिस भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी। इस नियम के पीछे शहर में भीख मांगने की प्रथा को खत्म करने का मकसद है। फिलहाल, इस बदलाव के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। भिक्षुक मुक्त शहर बनाने का चलेगा अभियान नए साल से इंदौर में भीख मांगने और भीख देने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्वच्छ शहर इंदौर को भिक्षुक मुक्त शहर बनाने के लिए जारी अभियान में एक जनवरी से तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। इसमें भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित कर भीख देने वालों पर कार्रवाई शुरू होगी। कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षा देने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के आदेश पूर्व में जारी किए जा चुके है। 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू किया गया तीन चरणो में शुरू हुए अभियान का दूसरा चरण रेस्क्यू किया जा रहा है। इसमें अब तक तीन सौ से अधिक बुजुर्गो और व्यस्कों का रेस्क्यू कर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजा जा चुका है। वहीं 34 बाल भिक्षुकों को रेस्क्यू भी किया गया है। कलेक्टर ने अब तीसरे चरण का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के दस शहरों को भिखारी मुक्त बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।इसमें इंदौर को भी शामिल किया गया है। इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए सात विभागों को शामिल कर दल नियुक्त किए गए है। इनके द्वारा शहर में सतत कार्रवाई की जा रही है। इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इसे लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें। इसी के साथ उन्होंने पिछले आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शहर में भिक्षा देने को भी प्रतिबंधित किया था।अब इस महीने के अंत तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और माह के अंत में आदेश फिर जारी किया जाएगा। इसके बाद भिक्षा देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर नए साल में एक जनवरी से कोई व्यक्ति किसी भिखारी को भीख देते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ़  एफआईआर की जाएगी। प्रशासन चला रहा है जागरूकता अभियान बता दें कि काफी समय से शहर में ये अभियान चलाया जा रहा है और पिछले दिनों इसी सिलसिले में कुछ भिखारियों को पकड़ा भी गया था। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ ऐसे केस भी आए हैं जहां भीख में मिलने वाले पैसों का उपयोग ड्रग्स के लिए किया जाता था। वहीं कुछ ऐसे परिवार सामने आए जहां बड़े बुजुर्गों से कोर्स करके भिक्षावृत्ति कराई जाती है। आसपास के कुछ गाँव और राजस्थान से गैंग भीख मांगने के धंधे को ऑपरेट करती है। कलेक्टर ने बताया कि वहां से बस भरकर लोग आते हैं और यहां भिक्षावृत्ति करते हैं। इस तरह ये सामाजिक बुराई अब एक धंधे में भी बदलती जा रही है और प्रशासन ने इसे समाप्त करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत अब भीख मांगने वालों पर तो प्रशासन की नजरें रहेंगी ही, लेकिन अगर कोई भीख देते हुए पाया गया तो उसपर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 129

22 फरवरी को PM MITRA पार्क की आधारशिला रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

भोपाल फरवरी में भोपाल में होने वाली मोहन यादव सरकार की पहली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट की तैयारी जारी है, दूसरी ओर पीएम मित्रा पार्क को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। उद्योग विभाग ने पीएम के हाथों भूमिपूजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के इस संयुक्त प्रोजेक्ट के विकास को लेकर मास्टर प्लानर की भूमिका एमपीआईडीसी (मप्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को मिलना तय है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के पास इसका प्रस्ताव पहुंच गया है। इसी के साथ विभाग ने इस प्रोजेक्ट के इंटरनल डेवलपमेंट के लिए भी तैयारी कर ली है। यहां 400 करोड़ से ज्यादा की लागत में इंटरनल डेवलपमेंट होगा। सूत्रों की मानें तो दिसंबर अंत या जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन करेंगे। भूमिपूजन के दिन ही 50 से 60 प्रतिशत इंडस्ट्री को जमीन का आवंटन भी कर दिया जाएगा, ताकि वे भी समय से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकें। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर का कहना है कि पीएम मित्रा पार्क का बाहरी डेवलपमेंट जारी है। केंद्र की हरी झंडी मिलते ही इंटरनल डेवलपमेंट भी शुरू हो जाएगा। यहां जितनी भी बाधाएं थीं, वे पहले ही खत्म कर ली गई हैं। दरअसल, पीएम मित्रा पार्क में बाहरी विकास राज्य सरकार के जिम्मे है। इसमें एप्रोच रोड से लेकर पानी और बिजली की उपलब्धता राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है। प्रोजेक्ट में कच्चे माल की प्रोसेसिंग से कपड़ा बनने तक की इंडस्ट्रियां होंगी।     1563 एकड़ का यह प्रोजेक्ट भैंसोला में विकसित हो रहा     500 करोड़ रुपए की फंडिंग दो चरणों में केंद्र सरकार करेगा     100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली इकाइयों को टर्न ओवर का तीन प्रतिशत 3 वर्षों तक दिया जाएगा इंदौर के बाद दूसरा आईटी पार्क उज्जैन में बनेगा, 21 को सीएम करेंगे भूमिपूजन इंदौर में तीन तैयार हो चुके और दो निर्माणाधीन आईटी पार्क के बाद अब उज्जैन में नया आईटी पार्क बनने जा रहा है। यहां बिल्डिंग में एक लाख वर्ग फीट का स्पेस मिलेगा। 46 करोड़ की लागत से यह काम होगा। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका भूमिपूजन करेंगे। दरअसल, उज्जैन में हुई रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में इसकी डिमांड सामने आई थी। 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित : देश के 7 सात राज्यों में बनने वाले पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट के तहत इंदौर संभाग के धार जिले के भैंसोला में बन रहा है। अभी यहां बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे हैं। एमपीआईडीसी को यहां की 881.25 हेक्टेयर क्षेत्र की प्लानिंग करना होगी। इसका डेवलपमेंट भी करवाना होगा। यहां 15 हजार करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। अब तक 9 हजार 462 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर बात हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट से 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।   recent visitors 37

मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीड़ितों या सही दावेदारों को 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी हैं और आर्थिक अपराधियों के खिलाफ लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भगोड़े विजय माल्या की 14,131.6 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी मामले में 1,052.58 करोड़ रुपये की संपत्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और निजी बैंकों को वापस कर दी गई है। वित्त मंत्री के जवाब के अनुसार, मेहुल चोकसी मामले में 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं और उन्हें नीलाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) मामले में, धोखाधड़ी के शिकार वास्तविक निवेशकों को 17.47 करोड़ रुपये की संपत्तियां वापस कर दी गईं। उन्होंने कहा, 'पीएमएलए के मामले में, ईडी ने प्रमुख मामलों में कम से कम 22,280 करोड़ रुपये की संपत्तियां सफलतापूर्वक वापस हासिल की हैं… हमने किसी को नहीं छोड़ा है, भले ही वे देश छोड़कर भाग गए हों, हम उनके पीछे पड़े हैं। ईडी ने यह पैसा इकट्ठा किया है और बैंकों को वापस दे दिया है।' सीतारमण ने कहा, 'इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि हमने आर्थिक अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा है। हम उनके पीछे पड़े हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो पैसा बैंकों में वापस जाना है, वह वापस आ जाए।' विदेशों में जमा काले धन के संबंध में कुछ सांसदों के सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 का काला धन अधिनियम वास्तव में बहुत से करदाताओं पर निवारक प्रभाव डाल रहा है और वे अपनी विदेशी संपत्ति का खुलासा करने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी संपत्ति का खुलासा करने वाले करदाताओं की संख्या 2021-22 में 60,467 से बढ़कर 2024-25 में दो लाख हो गई है। recent visitors 62

कैंसर मरीजों के लिए गुड न्यूज: रूस ने दुनिया को दिया बड़ा तोहफा, कैंसर वैक्सीन बनाने का किया दावा, कहा – फ्री में बांटेंगे

मॉस्को रूस ने अभी तक कैंसर के वैक्सीन का नाम तय नहीं किया है। अगर दावा सच है तो पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी राहत है। कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है। यह एक गंभीर बीमारी है, जो पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है। इस बीच एक बहुत बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। रूस ने दावा किया है कि उसने कैंसर के मरीजों के लिए वैक्सीन बना ली है। यह वैक्सीन साल 2025 की शुरुआत में बाजार में आ जाएगी। इसके साथ ही रूस ने ऐलान किया है कि यह वैक्सीन सभी लोगों को फ्री में दी जाएगी। अगर रूस का यह दावा सच है, तो पूरी दुनिया के लिए यह वैक्सीन किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के जनरल डायरेक्टर एंड्री काप्रिन (Andrey Kaprin) ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि देश ने कैंसर के खिलाफ अपना स्वयं का mRNA वैक्सीन बना लिया है। यह वैक्सीन लोगों को फ्री में दी जाएगी। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई कि यह वैक्सीन कैंसर के किस इलाज में काम आएगी और यह कितना प्रभावी रहेगी। साल 2025 के शुरुआत में होगी लॉन्च रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐलान किया है उसने कैंसर के खिलाफ एक वैक्सीन बनाई है। इसे साल 2025 की शुरुआत से रूस के कैंसर रोगियों को फ्री में लगाया जाएगा। वहीं, गामांटा नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के डायरेक्टर एलेग्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है कि कैंसर वैक्सीन के प्री-क्लिनिकल ट्रायल में पता चला है कि यह कैंसर के विकास और उसके फैलाव को रोकती है। इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूसी वैज्ञानिक कैंसर के लिए वैक्सीन बना रहे हैं। जल्द ही यह वैक्सीन कैंसर मरीजों को मुहैया कराई जाएगी। कहा जा रहा है कि अन्य देश भी कुछ इसी तरह की वैक्सीन बनाने में जुट गए हैं। किस कैंसर का इलाज करेगी वैक्सीन? इस वैक्सीन का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से कैंसर रोगियों के इलाज के लिए किया जाएगा। रूसी सरकारी वैज्ञानिकों ने इसे लेकर ऐसी टिप्पणी की है कि, प्रत्येक शॉट व्यक्तिगत रोगी के लिए रजिस्टर्ड है, जो पश्चिम में विकसित किए जा रहे कैंसर टीकों के समान है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह वैक्सीन किस कैंसर के इलाज के लिए बनाई गई है, यह कितनी प्रभावी है या रूस इसे कैसे लागू करने की योजना बना रहा है। वैक्सीन का नाम सामने नहीं आया है। 2022 में बढ़े थे कैंसर के मामले दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह, रूस में भी कैंसर की दर बढ़ रही है, 2022 में 635,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। माना जाता है कि कोलन, स्तन और फेफड़ों का कैंसर देश में इस बीमारी का सबसे आम रूप है।उसी तरह पारंपरिक टीके बीमारी को रोकने के लिए वायरस का इस्तेमाल करते हैं, ये कैंसर कोशिकाओं की सतह से हानिरहित प्रोटीन का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें एंटीजन के रूप में जाना जाता है। जब इन एंटीजन को शरीर में पेश किया जाता है, तो इसे उनके खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करना चाहिए। अन्य देश भी अपने स्वयं के व्यक्तिगत कैंसर टीके विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं। AI से तेजी से बनेगी पर्सनलाइज्ड वैक्सीन रूस के वैक्सीन विशेषज्ञ गिन्ट्सबर्ग (Gintsburg) ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन बनाने में एक घंटे से कम समय लगेगा। मौजूदा समय में यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसकी वजह ये है कि यह वैक्सीन कैसी हो, इसके लिए मैट्रिक्स मैथेड का इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि मैट्रिक्स गणित के कैलकुलेशन करने का एक तरीका है। लेकिन AI और न्यूरल नेटवर्क कंप्यूटिंग की मदद से इसे महज 30 मिनट से 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। recent visitors 84

केंद्रीय मंत्री ने बताया ने बताया-इस साल 2.68 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके, जिनमें से 73 प्रतिशत महिलाओं के नाम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत इस साल 13 दिसंबर तक 2.68 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें से 72.66 लाख घर पूरी तरह महिलाओं के नाम पर हैं और 1.22 करोड़ घर पत्नी और पति के नाम पर हैं। लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पीएमएवाई-जी के तहत महिलाओं के स्वामित्व वाले घरों की कुल संख्या 1.95 करोड़ हो गई है, जो कि पूरे हो चुके घरों का 73 प्रतिशत है। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने निचले सदन में एक लिखित जवाब में कहा कि पीएमएवाई-जी दिशा-निर्देश महिलाओं के नाम पर या उनके पति के साथ मिलकर घर को मंजूरी देने का प्रावधान करते हैं। महिलाओं के सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने के लिए, एक परामर्श जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पीएमएवाई-जी के तहत सभी घरों में स्वामित्व के लिए स्वीकृत की गई डिटेल्स (अकेले या संयुक्त स्वामित्व में) में परिवार की महिला सदस्यों के नाम शामिल होने चाहिए। इसी के साथ महिला सदस्य को स्वीकृति पत्रों में सेकंडरी ओनर के रूप में जोड़ा जा सकता है, जहां प्रारंभिक स्वीकृति पहले से ही पुरुष सदस्य के नाम पर दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, ग्रामीण विकास मंत्रालय 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लागू की है। इस योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करना है, जिसका लक्ष्य मार्च 2029 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 4.95 करोड़ पक्के घरों का निर्माण करना है। केंद्रीय मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 3.33 करोड़ घरों का आवंटन किया गया है, जिनमें से 3.22 करोड़ घरों को मंजूरी दी गई है और 2.68 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, पीएमएवाई-जी की महिला लाभार्थी आजीविका और रोजगार के अवसरों के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि डीएवाई-एनआरएलएम योजना स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सहायता करती है। इन एसएचजी के सदस्य अपने व्यवसायों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए ऐसे ऋणों का उपयोग करते हैं। इस मिशन की शुरुआत से लेकर अब तक महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी को कुल 9.74 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, डीएवाई-एनआरएलएम ने देश भर में 10.05 करोड़ ग्रामीण परिवारों को 90.87 लाख एसएचजी में संगठित किया है।   recent visitors 74

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया, बुज़ुर्गों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान किया है। इस योजना में 60 साल से ज्यादा उम्र के बुज़ुर्गों का इलाज फ्री में होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है।  केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के बुज़ुर्गों के लिए एक स्पेशन स्कीम का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में 60 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों का इलाज मुफ्त होगा। ये केजरीवाल की गारंटी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे 100 बीमारियों आकर घेर लेती हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चिंता इलाज की होती है। मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूं, जो काफी अच्छे परिवार से आते हैं, लेकिन फिर भी उनके बच्चे उनका ख्याल नहीं रखते। उन्होंने कहा कि रामायण में एक प्रसंग है जब लक्ष्मण मूर्च्छित हो गए थे और हनुमान ने उनके लिए संजीवनी बूटी लाकर उन्हें जीवनदान दिया। आज, मैं दिल्ली सरकार के लिए बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना का ऐलान कर रहा हूं। इस योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का इलाज पूरी तरह से निशुल्क होगा। चुनाव के बाद हम इस योजना को पारित करेंगे और इसमें किसी भी तरह की आय सीमा नहीं होगी। आपको एक कार्ड दिया जाएगा, जिसे संभालकर रखना होगा। जैसे ही आम आदमी पार्टी चुनाव जीतकर सरकार बनाएगी, यह योजना पारित कर लागू की जाएगी। जानते हैं क्या है संजीवनी स्कीम- संजीवनी स्कीम 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए लाई गई है। इस योजना के तहत बुजुर्गों का इलाज निशुल्क होगा। वे सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा सकते हैं। इस स्कीम के तहत आप पार्टी के कार्यकर्ता अगले दो से तीन दिनों में घर-घर जाकर बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन करेंगे। इस स्कीम इलाज करवाने वाले बुज़ुर्गों का पूरा खर्चा दिल्ली सरकार करेगी। महिलाओं के लिए भी लाई गई थी स्कीम- जानकारी के लिए बता दें कि बीते सप्ताह केजरीवाल ने महिलाओं के लिए महिला सम्मान योजना भी पेश की थी। इस स्कीम में दिल्ली की 18 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये जबकि चुनाव जीतने के बाद 2100 रुपये मिलना शुरू हो जाएंगे। recent visitors 79

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है। नदियों का संगम भूमि को पावन बनाने के साथ ही सभ्यताओं को नवजीवन भी देता रहा है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना के लिए एमओए और आधारशिला रखे जाने के अवसर को उन्होंने ऐतिहासिक और अदभूत बताया। डॉ. यादव ने दोनों प्रदेशों की 20 साल की प्रतीक्षा समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्हें आधुनिक युग के भगीरथ की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी समारोह में संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को "लाड़ला" कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान को सिंचाई का पानी भी मिलेगा और पेयजल भी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पीकेसी परियोजना दोनों राज्यों की नदियों को सदानीरा बनाए रखेगी, इससे इन नदियों से संबद्ध भूमि शस्य-श्यामला बनेगी। पीकेसी परियोजना से मध्यप्रदेश को 3,000 और राजस्थान को 4,103 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में केन्द्र सरकार और दोनों राज्य सरकारों के अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए 17 दिसंबर 2024 को एमओए के साथ योजना के प्रथम चरण की आधारशिला रखी गई। परियोजना का क्रियान्वयन आगमी 8 वर्षों में किये जाने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश के इन जिलों को मिलेगा लाभ पीकेसी परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों में 22 परियोजनाओं से 3217 गांवों को लाभ मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत 17 बांध एवं 4 बैराज समेत 21 जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मालवा और चंबल क्षेत्र की 6.13 लाख हेक्टेयर भूमि हरीभरी हो जाएगी। साथ ही 40 लाख से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का होगा नवीनीकरण पीकेसी परियोजना में लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण भी किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश भिंड, मुरैना एवं श्योपुर के 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जायेगा। 25 दिसम्बर को मिलेगी केन-बेतवा परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसम्बर 2024 को मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी खजुराहों (छतरपुर) में योजना के प्रथम चरण का शिलान्यास करेंगे। इससे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड अंचल के लोगों को सिंचाई और पेयजल प्राप्त होगा।   recent visitors 71