पश्चिम रेलवे ने लिया फैसला, अब रेलवे चलाएगा सुपरफास्‍ट तेजस स्‍पेशल ट्रेन

नई दिल्ली भारतीय रेलवे मुंबई सेंट्रल-राजकोट और मुंबई सेंट्रल-गांधीधाम के बीच सुपरफास्ट तेजस स्‍पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है. यात्रियों की सुविधा के लिए और खासतौर से गर्मी के मौसम में यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे ने ये फैसला लिया है. इसके अलावा, यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे ने स्‍पेशल किराए पर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए हैं. 1. ट्रेन सं. 09005/09006 मुंबई सेंट्रल – राजकोट तेजस सुपरफास्ट द्वि-साप्ताहिक विशेष [18 यात्राएं] ट्रेन नंबर 09005 मुंबई सेंट्रल-राजकोट स्पेशल हर बुधवार और शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से 23.20 बजे रवाना होगी और अगले दिन 11.45 बजे राजकोट पहुंचेगी. यह ट्रेन 30 मई से 27 जून, 2025 तक चलेगी. इसी तरह, ट्रेन नंबर 09006 राजकोट-मुंबई सेंट्रल स्पेशल हर गुरुवार और शनिवार को राजकोट से 18.30 बजे रवाना होगी और अगले दिन 07.30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 31 मई से 28 जून, 2025 तक चलेगी. 2. ट्रेन नं. 09017/09018 मुंबई सेंट्रल – गांधीधाम तेजस सुपरफास्ट साप्ताहिक स्पेशल [10 ट्रिप] ट्रेन संख्या 09017 मुंबई सेंट्रल-गांधीधाम स्पेशल हर सोमवार को मुंबई सेंट्रल से 23.20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 12.55 बजे गांधीधाम पहुंचेगी. यह ट्रेन 02 जून से 30 जून, 2025 तक चलेगी. इसी तरह, ट्रेन संख्या 09018 गांधीधाम-मुंबई सेंट्रल स्पेशल हर मंगलवार को गांधीधाम से 18.55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 07.30 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 03 जून, 2025 से 01 जुलाई, 2025 तक चलेगी. कुछ ट्रेनों का विस्तार भी किया गया है 1. ट्रेन संख्या 09067 उधना-जयनगर अनारक्षित स्पेशल को 29 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 2. ट्रेन संख्या 09068 जयनगर-उधना अनारक्षित स्पेशल को 30 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 3. ट्रेन संख्या 09069 उधना-समस्तीपुर स्पेशल को 28 जून, 2025 तक विस्तारित किया गया है 4. ट्रेन संख्या 09070 समस्तीपुर-उधना स्पेशल को 30 जून, 2025 तक बढ़ा दिया गया है. ट्रेन संख्या 09005, 09006, 09017 और 09018 के लिए बुकिंग 25.05.2025 से शुरू होगी और ट्रेन संख्या 09069 की विस्तारित यात्राओं के लिए बुकिंग 27.05.2025 को सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू होगी.   recent visitors 72

उज्जैन जिला पंचायत सीईओ द्वारा शुरू किया गया ‘तीन रंगों वाला हैंडपंप मॉडल’ अब पूरे प्रदेश में लागू होने जा रहा

उज्जैन जल संकट की समस्या से निजात पाने के लिए प्रदेश को उज्जैन से एक नई राह मिली है। यहां की जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह द्वारा शुरू किया गया ‘तीन रंगों वाला हैंडपंप मॉडल’ अब पूरे प्रदेश में लागू होने जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरी ने इसे राज्यव्यापी नीति के तौर पर अपनाने के निर्देश दिए हैं। यह मॉडल महज रंगों का खेल नहीं है, बल्कि वर्षों से उपेक्षित हैंडपंपों की हालत बताने और सुधार की ठोस कार्ययोजना की नींव है। बंद हैंडपंपों को चालू कर देना हो या सीमित जल वाले पंपों की गहराई बढ़ाकर उन्हें उपयोगी बनाना, यह सब अब रंग देखकर तय हो रहा है। नवाचार के सकारात्मक परिणामों से ग्रामीण बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि ये नवाचार पूरे राज्य के लिए एक मिसाल है।   जल संकट समाधान की ओर तीन रंगों का चमत्कार जयति सिंह ने मार्च-अप्रैल 2025 के बीच ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के सहयोग से जिले के शासकीय हैंडपंपों की जियो टैगिंग करवाई। इसके बाद इन सभी को तीन रंगों में श्रेणीबद्ध किया। हरा हैंडपंप, जिनमें सालभर जल उपलब्ध रहता है। पीला हैंडपंप जिनमें गर्मी के महीनों में जल स्तर घटता है और सुधार की जरूरत होती है। लाल हैंडपंप जो पूरी तरह बंद हो चुके हैं और जिन्हें रिचार्ज या अन्य तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। अब विभाग इन्हीं रंगों के आधार पर मरम्मत, गहराई बढ़ाने, जल रिचार्ज जैसी जरूरी कार्यवाही कर रहा है। यह मॉडल जलप्रबंधन को सिर्फ वैज्ञानिक ही नहीं, व्यावहारिक भी बना रहा है।   9440 हैंडपंपों पर सफलता, अब पूरे प्रदेश में विस्तार उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में 1101 गांव हैं, जिनमें 9440 हैंडपंप हैं। इनमें 8500 चालू और 940 बंद हालात में हैं। पहले इनमें से किसमें पानी है, किसमें नहीं, इसका कोई व्यवस्थित रिकार्ड नहीं होता था, लेकिन अब रंगीन कोडिंग के कारण न केवल ग्रामीणों को जानकारी मिल रही है, बल्कि प्रशासनिक मानिटरिंग भी आसान हो गई है। जियो टैगिंग और गूगल अर्थ आधारित निगरानी से प्रत्येक हैंडपंप का यूनिक कोड तैयार किया गया है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो गई है। जलस्तर, उपयोगिता और सुधार की ज़रूरत जैसी सूचनाएं अब एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के अनुसार 6500 हैंडपंप हरे श्रेणी के, दो हजार हैंडपंर पीले श्रेणी के और 940 हैंडपंप लाल श्रेणी के पाए गए हैं। जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने की ठोस कार्ययोजना पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शोक पिट, वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, परकोलेशन टैंक और कुआं रिचार्ज जैसे उपायों को भी अपनाया है। खासतौर पर पीले रंग वाले हैंडपंप, जो गर्मियों में सूखने लगते हैं, उनके पास जलस्रोत पुनर्भरण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह समस्या की पहचान से लेकर समाधान तक की एक पूर्ण श्रृंखला बनाता है- मूल्यांकन, वर्गीकरण, सुधार और मॉनिटरिंग। कंट्रोल रूम से 24 घंटे में निवारण ग्रामीण क्षेत्रों में जल से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिला और जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां नल-जल और हैंडपंप से जुड़ी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान किया जा रहा है। recent visitors 56

एक से नौ जून तक कैंसल रहेंगी 18 ट्रेनें, चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच एवं सात जून को कैंसल रहेगी

रायपुर एक जून से नौ जून तक तकरीबन 18 ट्रेनें रद रहेंगी। ट्रेन रद होने की वजह से हजारों यात्रियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ेगी। आए दिन रेल यात्रा में लोगों को राहत मिलने के बजाय ट्रेन रद होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले झलवारा स्टेशन में अधोसंरचना विकास के लिए नान-इंटरलाकिंग कार्य किया जाएगा। इसकी वजह से 18 ट्रेने रद रहेंगी और दो ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। इस कार्य के तहत कटनी ग्रेड सेपरेटर लाइन (कटनी-मुड़वारा से) और सिंगरौली दिशा की ओर टाइ-लाइन की कनेक्टिविटी को इरकोन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। कार्य की वजह से एक से नौ जून के बीच रेल परिचालन पर असर पड़ेगा।   ये ट्रेनें रहेंगी कैंसल 1. ट्रेन नंबर 18236 बिलासपुर- भोपाल एक्सप्रेस एक से सात जून तक रद्द रहेगी। 2. 18235 भोपाल – बिलासपुर एक्सप्रेस तीन से नौ जून तक रद्द रहेगी। 3. 11265 जबलपुर – अम्बिकापुर एक्सप्रेस दो से सात जून तक रद्द रहेगी। 4. 11266 अम्बिकापुर – जबलपुर एक्सप्रेस तीन से आठ जून तक रद्द रहेगी। 5. 11751 रीवा – चिरमिरी एक्सप्रेस : दो, चार एवं छः जून को रद रहेगी। 6. 11752 चिरमिरी – रीवा एक्सप्रेस तीन, पांच एवं सात जून को रद रहेगी। 7. 12535 लखनऊ – रायपुर एक्सप्रेस दो एवं पांच जून को रद रहेगी। 8. 12536 रायपुर – लखनऊ एक्सप्रेस तीन एवं छः जून को रद रहेगी। 9. 22867 दुर्ग – निजामुद्दीन एक्सप्रेस तीन एवं छ जून को रद रहेगी। 10. 22868 निजामुद्दीन – दुर्ग एक्सप्रेस चार एवं सात जून को रद रहेगी। 11. 18213 दुर्ग – अजमेर एक्सप्रेस एक जून को रद रहेगी। 12. 18214 अजमेर – दुर्ग एक्सप्रेस दो जून को रद रहेगी। 13. 18205 दुर्ग – नवतनवा एक्सप्रेस पांच जून को रद रहेगी। 14. 18206 नवतनवा – दुर्ग एक्सप्रेस सात जून को रद रहेगी। 15. 51755 चिरमिरी – अनुपपुर पैसेंजर तीन, पांच और सात जून को रद रहेगी। 16. 51756 अनुपपुर – चिरमिरी पैसेंजर तीन, पांच और सात जून को रद रहेगी। 17. ट्रेन नंबर 61601 कटनी – चिरमिरी पैसेंजर दो और सात जून को रद रहेगी। 18. ट्रेन नंबर 61602 चिरमिरी – कटनी पैसेंजर तीन और आठ जून तक रद रहेगी। ये ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी     ट्रेन नंबर 15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस दो से छ जून तक परिवर्तित मार्ग बरौनी–कटनी–जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट–गोंदिया होते हुए चलेगी।     ट्रेन नंबर 15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस दो से छ जून तक परिवर्तित मार्ग गोंदिया–बालाघाट–नैनपुर–जबलपुर–कटनी–बरौनी होते हुए चलेगी। recent visitors 63

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की भेंट, दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास सार्थक और सफल रहा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट एवं चर्चा की। इसके पहले शनिवार को नीति आयोग की गवर्निंग बॉडी की बैठक में प्रधानमंत्री श्री मोदी की मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भेंट हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दो दिवसीय नई दिल्ली प्रवास सार्थक और सफल रहा। नीति आयोग की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 10वीं बैठक में भाग लिया। यह बैठक ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @2047’ थीम पर केंद्रित थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में शामिल होकर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का मार्गदर्शन प्राप्त किया और इस बैठक को भारत के भविष्य निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सभी राज्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश विकास और लोक कल्याण के संकल्प पथ पर अग्रसर है और निरंतर नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण के विजन से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की प्रथम पंक्ति में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री जी को बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी और उनका आभार माना। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा भी प्रधानमंत्री जी को बधाई दी गई। आधुनिक तकनीक की मदद से आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारना एक बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश में संपन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर प्रजेंटेशन नीति आयोग की बैठक में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न विकास परक कार्यों और योजनाओं की उपलब्धि विस्तार से सबके सामने रखी गई। बैठक में सभी सहभागियों ने एक स्वर में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश देश की अर्थ व्यवस्था में 2 ट्रिलियन डालर का योगदान देगा। प्रधानमंत्री जी ने राज्यों से आव्हान किया है कि इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए सभी राज्य अपना-अपना योगदान दें। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान (अन्नदाता), महिला और युवाओं को लाभ दिया जाए। मेड इन इंडिया (स्वदेशी) को बढ़ावा देते हुए स्वास्थ्य से लेकर सभी क्षेत्रों में योजनाएं तैयार की जाएं। मन की बात का श्रवण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रवासियों से निरंतर संवाद के माध्यम 'मन की बात' के 122वीं कड़ी का रविवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान श्रवण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "मन की बात" कार्यक्रम का श्रवण करने के पश्चात कहा कि मन की बात कार्यक्रम जन संवाद का अनूठा माध्यम है। यह कार्यक्रम राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक चेतना जागृत करने का अनुपम प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मन की बात कार्यक्रम युवा शक्ति, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार से लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने वाला संवाद कार्यक्रम है, जो राष्ट्रवासियों को नई ऊर्जा और दिशा देता है। प्रधानमंत्री जी के ओजस्वी, प्रेरणादायक और दूरदर्शी विचार राष्ट्र सेवा, सामाजिक जागरूकता और जनहित में कार्य करने की सतत प्रेरणा देते रहते हैं। राष्ट्रीय नेताओं और मुख्यमंत्रियों से मुलाकातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नई दिल्ली प्रवास के दौरान अनेक राष्ट्रीय नेताओं, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मध्यप्रदेश के सांसदगण, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से मुलाकात और बातचीत हुई।   recent visitors 68

सिकल सेल को खत्म करने के लिए स्क्रीनिंग के बाद जेनेटिक काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए: राज्यपाल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सिकल सेल को खत्म करने के लिए स्क्रीनिंग के बाद जेनेटिक काउंसलिंग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार जिले में 12 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से लगभग 25 सौ लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सिकल सेल पॉजिटिव आपस में विवाह  नहीं करें, इसकी समझाइश दी जानी चाहिए। यह बात राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल रोग के उन्मूलन के लिये चलाए जा रहे अभियान के कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का आयोजन धार जिले में जागरूकता अभियान के तहत किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण भी अतिथियों और आमजन द्वारा किया गया।   राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उन्होंने जन औषधि केंद्रों पर आयुष विभाग के माध्यम से दवाइयों की उपलब्धता कराई गई है। उन्होंने पॉजिटिव पाए गए लोगों से नियमित दवाई लेने और  व्यायाम करने, सुपाच्य भोजन करने, ठंडे पानी से नहीं नहाने और अधिक मात्रा में पानी पीने की समझाइश दी। उन्होंने सभी स्टोर्स पर दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टर्स द्वारा जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल के क्षेत्र मे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी को सराहा। राज्यपाल ने सभी लोगों से उसका अवलोकन करने का आग्रह भी किया। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि राज्यपाल द्वारा शुरू किया अभियान मे आयुर्वेद एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भी सिकल सेल के उन्मूलन का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान को छात्र-छात्राओं के बीच भी चलाया जाएगा प्रदेश को 2047 तक इस बीमारी से पूर्णतः मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री श्री डीडी उइके ने राज्यपाल की सराहना करते हुए कहा कि वे इस बीमारी की वेदना को समझते हुए पूरे प्रदेश में इसके उन्मूलन के लिए कार्य कर रहे हैं, विशेषतः जनजातीय वर्ग के सर्वांगीण विकास की दिशा में। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास  राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप धार जिले में घर-घर जाकर सिकल सेल स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से समाज सेवा के रूप में इस कार्य में जुटने का आह्वान किया। राज्यपाल श्री पटेल को  कार्यक्रम मे उपस्थित पाँच बच्चों ने उनकी स्कूल एवं  हॉस्टल में हुई स्क्रीनिंग के अनुभव साझा किए। बच्चों ने बताया कि अस्पताल से मिलने वाली निशुल्क दवाइयों से उन्हें इस बीमारी में राहत मिली है। कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं क्षय नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।   recent visitors 60

राजस्थान के कई हिस्सों में तेज आंधी, गिरे पेड़-खंभे, भिवाड़ी में दीवार गिरने से दो की मौत

जयपुर राजस्थान के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में एक घर की दीवार गिरने से 21 साल की महिला सुमैया और उसकी एक साल की बेटी की मौत हो गई। हादसे में महिला का पति भी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बीकानेर, सीकर और झुंझुनूं में आंधी की वजह से कई बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए। इससे इन इलाकों में बिजली सप्लाई रुक गई। सीकर में आंधी के कारण एक बड़ा बिजली का टावर भी गिर गया। आंधी के कारण बड़े बड़े होर्डिंग्स भी बिजली की तारों पर गिर गए, जिससे कई जगह बिजली बंद हो गई। हालांकि कुछ इलाकों में बाद में बिजली की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी गई। बाड़मेर और जैसलमेर में तेज आंधी के कारण धूल बहुत ज्यादा उड़ गई, जिससे देखने में दिक्कत हुई। झुंझुनूं में तेज हवा और बारिश की वजह से कई जगह बिजली चली गई। गंगानगर और हनुमानगढ़ में भी खराब मौसम का असर दिखा। जोधपुर और जैसलमेर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। हनुमानगढ़ के नोहर में सबसे ज्यादा 53 मिमी बारिश हुई। झुंझुनूं के पिलानी में 49.8 मिमी, सीकर में 38 मिमी और तिजारा में 35 मिमी बारिश दर्ज हुई। शनिवार को बाड़मेर में सबसे ज्यादा तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.3 डिग्री ज्यादा था। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए चेतावनी दी है। जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर के लिए रेड अलर्ट है, जहां बहुत ज्यादा गर्मी पड़ेगी। जोधपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट और नागौर, पाली, जालोर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।   recent visitors 72

कैसे बस्तर बना संस्कृति, सहभागिता और विकास का मॉडल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर राजधानी दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन मॉडल, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित योजनाओं ने विशेष पहचान बनाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रस्तुत बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों का ध्यान आकर्षित किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रस्तुतीकरण की शुरुआत राज्य में सुशासन की संस्थागत पहल से की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। ‘अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से योजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिससे शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर ईमानदारी व संवेदनशीलता से लागू करना है। बैठक में केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं को छत्तीसगढ़ में ग्रामसभा, जनसंवाद और तकनीक के माध्यम से आमजन तक पहुँचाया गया है। बैठक का सबसे प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम पर विशेष प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलोगे इंडिया, जीतोगे इंडिया’ मंत्र को उद्धृत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने इसे धरातल पर साकार किया है। बस्तर ओलंपिक अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति बन चुका है — जिसने युवाओं के हाथों से बंदूकें छीनकर गेंद, भाला और तीर थमा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों से 1.65 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन चरणों — विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित यह प्रतियोगिता 11 पारंपरिक खेलों जैसे तीरंदाजी, खो-खो, कबड्डी, दौड़, रस्साकसी आदि पर केंद्रित थी। चार श्रेणियों — जूनियर, सीनियर, महिला और दिव्यांग — में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। मुख्यमंत्री साय ने दोरनापाल के पुनेन सन्ना का उदाहरण साझा किया, जो कभी नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र से थे, पर आज व्हीलचेयर दौड़ में पदक जीतकर पूरे समाज के लिए प्रेरणास्तंभ बन गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम उत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल आदिवासी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं को संरक्षित किया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय मंच भी प्रदान किया। इस आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंडों की 1,885 ग्राम पंचायतों के 1,743 सांस्कृतिक दलों और 47,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। लोकनृत्य, गीत-संगीत, हाट-बाजार, पकवान प्रतियोगिताएं जैसे विविध रंगों से सजा यह उत्सव बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक को जोड़ते हुए बस्तर की एकता, पहचान और विकास का प्रतीक बन गया। सरकार द्वारा 2.4 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस आयोजन ने उत्सव और खेल के माध्यम से सकारात्मक भविष्य की नई चेतना जगाई है। बैठक में जिन राज्यों को अपनी योजनाओं के प्रस्तुतीकरण का अवसर मिला, उनमें छत्तीसगढ़ का ‘बस्तर मॉडल’ बेहद प्रभावशाली रहा।जनभागीदारी, संस्कृति और विकास के इस अनोखे मेल ने सभी को प्रभावित किया। बैठक में सुझाव दिया गया कि जनभागीदारी व सांस्कृतिक जुड़ाव पर आधारित ऐसे मॉडल्स को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन पहलों को अनुकरणीय बताते हुए सुझाव दिया कि ऐसे नवाचार, जो समाज की जड़ों से जुड़ते हों और विकास की दिशा तय करते हों, उन्हें  विस्तार दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर मॉडल’ को जिस तरह सराहा गया, उसने यह स्पष्ट किया कि जनसहभागिता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास के समन्वय से किस तरह दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है। recent visitors 48