दिल्ली में NDA की बैठक से बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए की राजनीतिक रणनीति के संकेत भी साफ

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रविवार को दिल्ली में एकजुटता का प्रदर्शन किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हुए. बैठक से तीन अहम राजनीतिक और रणनीतिक संदेश सामने आए. राष्ट्र की सुरक्षा पर निर्णायक कार्रवाई की सराहना, सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना के समर्थन में प्रस्ताव और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर व्यापक मंथन हुआ. इसके साथ ही बैठक से बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए की राजनीतिक रणनीति के संकेत भी साफ तौर पर उभरकर सामने आए हैं. बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और जातिगत जनगणना पर बधाई प्रस्ताव लाया गया. शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अभिनंदन प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की और कहा, ऑपरेशन सिंदूर ने आम भारतीयों में आत्मविश्वास और गर्व की नई भावना पैदा की है.   एकनाथ शिंदे ने कहा, हमने यह साबित कर दिया है कि 'जो हमसे टकराएगा, वह मिट्टी में मिल जाएगा.' यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि सच्चाई है. 'Operation Sindoor' ने सामान्य हिंदुस्तानियों को नया आत्मविश्वास और आत्मसम्मान प्रदान किया है. केंद्र सरकार की पॉलिसी, सेना के शौर्य, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साहस को हम सैल्यूट करते हैं. 'देश की जनता को पीएम मोदी पर गर्व है' शिंदे का कहना था कि मोदी जी ने तीन दिन पहले ही कहा था, 'मोदी की नसों में लहू नहीं, बल्कि गरम सिंदूर बह रहा है'. मोदी जी, देश की 140 करोड़ जनता को आप पर गर्व है. देशवासियों का सौभाग्य है कि हमें आप जैसे साहसी, पराक्रमी और निस्सीम देशभक्त प्रधानमंत्री मिले. हम इस महत्वपूर्ण समय में अद्वितीय और पराक्रमी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. विशेष रूप से ऐसी गंभीर सुरक्षा चुनौतियों पर काबू पाने में उन्होंने हमेशा हमारे रक्षा बलों को लगातार समर्थन दिया है. इतिहास ऑपरेशन सिंदूर को उन लोगों को करारा जवाब देने के रूप में याद रखेगा, जिन्होंने भारत की शांतिपूर्ण विकास यात्रा को विवादित करने की गलती की. यह भारत की संप्रभुता और भारतीयों की सुरक्षा को हर चीज से ऊपर रखने की एनडीए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करता है. 'राष्ट्र हित के मामलों में सभी एकजुट हैं' एकनाथ शिंदे ने आगे कहा, भारत किसी भी आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा और यह भारत की शर्तों पर किया जाएगा. भारत कभी भी परमाणु ब्लैकमेल स्वीकार नहीं करेगा. भारत आतंकवादियों और उन्हें प्रायोजित करने वाली सरकारों के बीच अंतर नहीं करेगा. आने वाले दिनों में विभिन्न दलों के नेता विभिन्न देशों का दौरा करेंगे और शांति एवं आतंकवाद की बुराई को समाप्त करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के बारे में बातचीत करेंगे. यह प्रधानमंत्री मोदी जी का एक स्टेट्समैन जैसा दृष्टिकोण है और दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि राष्ट्रीय हित के मामलों में हम सभी एकजुट हैं. शिंदे ने कहा, एनडीए एक सुरक्षित, समृद्ध और एकजुट भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में नए दृढ़-निश्चय के साथ काम करना जारी रखने का संकल्प लेता है. अंत में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की परिषद के आयोजन के लिए मैं प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद देता हूं. बैठक में 18 डिप्टी सीएम भी रहे मौजूद इससे पहले एनडीए की बैठक में शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी का बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्वागत किया. एकनाथ शिंदे, पवन कल्याण समेत अन्य नेताओं ने वेलकम किया. बैठक में UP के सीएम योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो शामिल थे. 18 डिप्टी सीएम भी उपस्थित रहे. दो प्रस्तावों पर मुहर एनडीए की अहम बैठक का मकसद सुशासन और विकास की नई योजनाओं के साथ-साथ सियासी भी है. बिहार चुनाव भी एक मुद्दा है. बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की. बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए. दो प्रस्ताव भी पास किए गए. बैठक के क्या मायने? पहला प्रस्ताव भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर बधाई देने के लिए पारित किया गया. दूसरे प्रस्ताव में आगामी जनगणना के दौरान जातिगत आंकड़ों के संकलन के सरकार के फैसले की सराहना की गई. यह कदम खासतौर पर बिहार जैसे राज्य में सामाजिक संतुलन और प्रतिनिधित्व की मांगों से जोड़कर देखा जा रहा है. बिहार में जाति आधारित राजनीति पर एनडीए विपक्ष को घेरने का मौका नहीं देना चाहता है. जानकारों का मानना है कि यह प्रस्ताव सामाजिक न्याय को लेकर एनडीए के दृष्टिकोण को मजबूती देता है, बल्कि विपक्ष की इस मुद्दे पर मोनोपॉली को चुनौती देता है. बैठक में शामिल रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दे पर अभिनंदन प्रस्ताव आगामी चुनाव को लेकर एनडीए की तैयारियों की ओर इशारा करता है. 2024 में एनडीए-3 के गठन के बाद से ये पहली बड़ी बैठक है.   recent visitors 56

24 घंटे में कोरोना से 2 की मौत, एक्टिव मरीजों की संख्या पहुंची 363, 27 नए केस मिले

नई दिल्ली सिंगापुर-थाइलैंड में तहलका मचाने के बाद कोरोना के नया वैरिएंट एक बार फिर से लोगों को डराने लगा है। देश के कई इलाकों में कोविड-19 (COVID-19) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं कोरोना अब जानलेवा साबित होने लगा है। देश में कोरोना के नए वैरिएंट से बीते 24 घंटे में 2 मरीजों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक- बेंगलुरु में कोरोना पीड़ित 84 साल के बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है। इससे पहले ठाणे में 21 साल के युवक की मौत हुई है। देशभर में कोरोना के मामलों में लगातार बढोतरी के बाद केंद्र सरकार ने ए़डवाइजरी जारी की है। वहीं इसे लेकर कई राज्य की सरकारों ने अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर सभी अस्पतालों को सतर्क रहने और कोविड से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ये पहली बार है जब दिल्ली में लगभग तीन वर्षों के बाद COVID-19 मामले सामने आए हैं। 24 मई (शनिवार) को 27 नए कोरोना केस सामने आए। महाराष्ट्र के ठाणे में 8, राजस्थान-कर्नाटक में 5, उत्तराखंड-हरियाणा में 3-3, मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 और यूपी के नोएडा में एक मामला सामने आया है। कुल एक्टिव केसों की संख्या 363 पहुंच गई है। शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने समीक्षा बैठक की। इस बैठक में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR), स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के अधिकारी शामिल हुए।स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड के नए मामले केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों से सामने आए हैं। हालांकि, ज्यादातर केस हल्के (माइल्ड) हैं और मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं। नये वेरिएंट को WHO ने चिंताजनक नहीं माना भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के मुताबिक भारत में कोविड-19 के वेरिएंट NB.1.8.1 का एक और LF.7 प्रकार के चार मामले मिले हैं। चीन और एशिया के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है। WHO ने इन्हें चिंताजनक नहीं माना है, लेकिन निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। दिल्ली में भी अलर्ट राजधानी दिल्ली में कोरोना के 23 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अडवाइरी जारी की है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि कोरोना से किसी तरह की घबराने की बात नहीं है। सरकार स्थिति पर पूरा ध्यान दे रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। कर्नाटक सरकार ने जारी की एडवाइजरी कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा है कि कोविड के नए मामलों को लेकर डर वाली कोई बात नहीं है। इस साल कर्नाटक में कोरोना के कुल 35 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं बीते 15 दिनों में केस तेजी से पाए गए हैं। शनिवार को बेंगलुरु में कोरोना से संक्रमित एक 84 साल के शख्स की मौत हो गई थी। वहीं बेंगलुरु में एक 9 महीने का बच्चा भी कोरोना संक्रमित पाया गया है। जानकारी के मुताबिक बच्चे की हालत स्थिर है। उत्तराखंड में सामने आए दो केस उत्तराखंड में कोरोना के दो मामले सामने आए हैं। मरीजों को ऋषिकेश एम्स में भर्ती करवाया गया है। हालांकि प्रदेश सरकार का कहना है कि कोरोना के मामले बेहद हल्के हैं और किसी तरह के डर की कोई बात नहीं है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि ये मरीज राज्य के बाहर से ही संक्रिमित होकर आए थे। JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। recent visitors 56

मोहन भागवत ने कहा- भारत के पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक स्पष्ट और गंभीर आकलन पेश करते हुए कहा कि भारत के पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब संघ अपनी शताब्दी वर्ष की तैयारी कर रहा है और हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सफलतापूर्वक ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया है।  विशेष साक्षात्कार में भागवत ने कहा, “हम विश्व व्यापार पर प्रभुत्व जमाने के लिए ताकतवर नहीं बनना चाहते, बल्कि इसलिए कि हर कोई शांतिपूर्ण, स्वस्थ और सशक्त जीवन जी सके। हमारी सीमाओं पर बुराई की ताकतें सक्रिय हैं, इसलिए हमें शक्ति अर्जित करनी ही होगी।” भागवत ने इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा केवल सरकार या सेना का कार्य नहीं है, बल्कि समाज से शुरू होती है। उन्होंने हिंदू समाज को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की सलाह दी, “आपको खुद अपनी रक्षा करनी होगी। दूसरों का इंतजार मत कीजिए। जब हिंदू मजबूती से खड़े होते हैं, तब दुनिया उन्हें गंभीरता से लेती है।” मोहन भागवत ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सीमाओं या बैरकों तक सीमित न मानते हुए इसे मानसिक, सांस्कृतिक और पूर्व-सक्रिय बताया। उन्होंने कहा कि जातीय समरसता, पारिवारिक मूल्यों और पारिस्थितिकी के प्रति ज़िम्मेदारी भी सुरक्षा के घटक हैं। उन्होंने कहा कि एक टूटा हुआ समाज अपनी रक्षा कैसे करेगा? युद्ध न हो, इसकी तैयारी करो मोहन भागवत ने कहा, “ऐसी शक्ति हमें प्राप्त हो कि हम वैश्विक स्तर पर अजेय बन जाएं। सच्ची ताकत आंतरिक होती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें दूसरों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। कोई भी ताकत चाहे कई देशों की संयुक्त शक्ति हो, हमें पराजित न कर सके। हम युद्ध की कामना नहीं करते, लेकिन युद्ध न हो इसकी तैयारी करते हैं।” हिंदू अल्पसंख्यकों की चिंता मोहन भागवत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की बात करते हुए कहा कि अब वे भागने की बजाय लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “इस बार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ जो आक्रोश सामने आया वह अभूतपूर्व है। अब स्थानीय हिंदू भी कह रहे हैं कि हम भागेंगे नहीं, अधिकारों के लिए लड़ेंगे। संघ का यही उद्देश्य है। जहां कहीं भी हिंदू हैं, हम उनके लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों के अंतर्गत हर संभव प्रयास करेंगे।”   recent visitors 64

पीड़ित बुजुर्ग का अश्लील वीडियो बनाकर उससे 50 लाख रुपयों की भी डिमांड की, 61 साल के बुजुर्ग के साथ हनी ट्रैप

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। 61 साल के बुजुर्ग के साथ हनी ट्रैप का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी दंग रह गई। आरोप है कि पीड़ित बुजुर्ग का अश्लील वीडियो बनाकर उससे 50 लाख रुपयों की भी डिमांड की गई। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर के कनाड़िया में एक 61 साल के बुजुर्ग को एक महिला ने अपने हुस्न के जाल में फसाया। बुजुर्ग के साथ आरोपी महिला ने अश्लील फोटोज व वीडियो भी बना डाले। अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर आरोपी महिला ने बुजुर्ग से 50 लाख रुपयों की मांग तक कर डाली। आरोपी महिला के टॉर्चर से परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मकवाना कॉम्प्लेक्स में एक सुपर मार्केट के लिए उन्होंने दुकान को किराये पर दिया था। बिल्डिंग मालिक होने के कारण बुजुर्ग दंपति दुकान में आया-जाया करते थे। बताया कि दुकान में वैशाली मनावत पत्नी संतोष मनावत निवासी पहाड़ी टेकरी सेल्स गर्ल का काम करती थी। स्टोर में आने जाने के दौरान पीड़ित का बुजुर्ग से बातचीत शुरू हुई। 28/11/2023 को लगभग 10 बजे आरोपी वैशाली ने पीड़ित को फोन कर मिलने की बात कही। वैशाली ने पीड़ित को कहा कि यदि मैंने आप को नहीं बताया तो मैं बर्बाद हो जाउंगी । आरोपी वैशली ने चालाकी से उसे कहा की ट्रैफिक में कैसे बात करेंगे तो बुजुर्ग ने उसे अपनी कार में बैठा लिया। वैशाली ने कार को पहले उज्जैन रोड की और ले जाने को कहा। आरोप है कि वैशाली ने बुजुर्ग को बात खत्म होने तक उज्जैन दर्शन के लिए चलने की जिद की। रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लेने के बाद आरोपी वैशली ने बुजुर्ग को खाना लाने के लिए कमरे से बाहर भेज दिया। इस बीच, वैशली ने मोबाईल वीडियो रिकॉर्डिंग मोड पर ऑन कर छुपा दिया। खाना खाने के बाद बुजुर्ग बेहोश हो गए, जिसके बाद आरोपित वैशाली ने बुजुर्ग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। फोन पर दी धमकी-बदनाम कर दूंगी आरोप है कि वैशाली ने फोन पर बुजुर्ग को कहा कि तुमने मेरे साथ जो किया है वह सारी बातें उसके घरवालों को बता देगी। घरवालों को बताकर बदनाम करने के साथ ही जेल भेजने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने इस उम्र में इस तरह कार्य नहीं करने में वो शरारिक असमर्थता बताई लेकिन वैशाली ने उसे 50 लाख की डिमांड कर दी । आरोपी वैशाली ने बुजुर्ग को स्टोर बुलाकर एक वीडियो दिखाया। आरोपी वैशाली ने 19 लाख रुपये देकर फोटो-वीडियो वायरल नहीं करने की बात तय हुई। 5 लाख फिर मांगे और दोबारा 11 लाख की थी डिमांड दिनांक 17.01.2024 को वैशाली एवं पीड़ित के 19 लाख रूपये देने के रूप में एग्रीमेंट 500 रूपये के स्टाम्प पर हुआ । जिसके बाद कुछ राशि नगद और कुछ राशि चेक के माध्यम से वैशाली को दिए । वीडियो-फोटो देने की बात पर पीड़ित ने बोला की वह मोबाईल फोन उसके भाई के पास है और वह वीडियो-फोटो डिलीट कर देगी। आरोप है कि वैशली ने 5 लाख और मांगे, जो बुजुर्ग ने दे दिए। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि वैशाली ने 11 लाख की दोबारा डिमांड रखी जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस को अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने पूरे मामले की जांच करने के बार आरोपी वैशाली को गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 41

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में बोला – सेना ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 122वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, "आज पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है, आक्रोश से भरा हुआ है, संकल्पबद्ध है। आज हर भारतीय का यही संकल्प है कि हमें आतंकवाद को खत्म करना है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना ने जो पराक्रम दिखाया उसने हर हिंदुस्तान का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया…" "जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया" पीएम मोदी ने आगे कहा, "ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, यह हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है…" उन्होंने कहा, "हमारे जवानों ने आतंक के अड्डों को तबाह किया, यह उनका अदम्य साहस था और उसमें शामिल थी, भारत में बने हथियारों, उपकरणों और टेक्नोलॉजी की ताकत। उसमें 'आत्मनिर्भर भारत' का संकल्प भी था। हमारे इंजीनियर, हमारे टेक्निशियन हर किसी का पसीना इस विजय में शामिल है।" उन्होंने कहा कि जिस सटीकता के साथ, जिस सटीकता के साथ, हमारी सेनाओं ने सीमा पार के आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया, वो अद्भुत है। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने दुनिया-भर में आतंक के खिलाफ़ लड़ाई को नया विश्वास और उत्साह दिया है। पीएम मोदी ने कहा, "'ऑपरेशन सिंदूर' सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं है, ये हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर है और इस तस्वीर ने पूरे देश को देश-भक्ति के भावों से भर दिया है, तिरंगे में रंग दिया है। आपने देखा होगा, देश के कई शहरों में, गावों में, छोटे-छोटे कस्बों में, तिरंगा यात्राएं निकाली गई। हजारों लोग हाथों में तिरंगा लेकर देश की सेना, उसके प्रति वंदन-अभिनंदन करने निकल पड़े। कितने ही शहरों में सिविल डिफेंस वॉलेंटियर बनने के लिए बड़ी संख्या में युवा एकजुट हो गए, और हमने देखा, चंडीगढ़ के वीडियो तो काफी वायरल हुए थे।" उन्होंने आगे कहा, "सोशल मीडिया पर कविताएं लिखी जा रही थीं, संकल्प गीत गाये जा रहे थे । छोटे-छोटे बच्चे पेटिंग्स बना रहे थे जिनमें बड़े सन्देश छुपे थे। मैं अभी तीन दिन पहले बीकानेर गया था । वहाँ बच्चों ने मुझे ऐसी ही एक पेटिंग्स भेंट की थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने देश के लोगों को इतना प्रभावित किया है कि कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। बिहार के कटिहार में, यूपी के कुशीनगर में, और भी कई शहरों में, उस दौरान जन्म लेने वाले बच्चों का नाम 'सिंदूर' रखा गया है।" नक्सलवाद पर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "बस से कहीं आना-जाना कितनी सामान्य बात है। लेकिन मैं आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताना चाहता हूं, जहां पहली बार एक बस पहुंची। इस दिन का वहां के लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे। और जब गांव में पहली बार बस पहुंची तो लोगों ने ढोल-नगाड़े बजाकर उसका स्वागत किया। बस को देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। गांव में पक्की सड़क थी, लोगों को जरूरत थी, लेकिन पहले कभी यहां बस नहीं चल पाई थी।" पीएम ने कहा, "क्यों, क्योंकि ये गांव माओवादी हिंसा से प्रभावित था। यह जगह है महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में, और इस गांव का नाम है, काटेझरी। काटेझरी में आए इस परिवर्तन को आसपास के पूरे क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अब यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। माओवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई से अब ऐसे क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी है। गांव के लोगों का कहना है कि बस के आने से उन लोगों का जीवन बहुत आसान हो जाएगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मन की बात' में हम छत्तीसगढ़ में हुए बस्तर ओलंपिक्स और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में साइंस लैब पर चर्चा कर चुके हैं। यहां के बच्चों में साइंस का जुनून है। वो स्पोर्ट्स में भी कमाल कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से पता चलता है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग कितने साहसी होते हैं। इन लोगों ने तमाम चुनौतियों के बीच अपने जीवन को बेहतर बनाने की राह चुनी है। मुझे यह जानकार भी बहुत खुशी हुई कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में दंतेवाड़ा जिले के नतीजे बहुत शानदार रहे हैं। करीब 95 परसेंट रिजल्ट के साथ ये जिला 10वीं के नतीजों में टॉप पर रहा। वहीं 12वीं की परीक्षा में इस जिले ने छत्तीसगढ़ में छठा स्थान हासिल किया । सोचिए। जिस दंतेवाड़ा में कभी माओवाद चरम पर था, वहां आज शिक्षा का परचम लहरा रहा है। ऐसे बदलाव हम सभी को गर्व से भर देते हैं। शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर पीएम मोदी ने शेरों की बढ़ती आबादी का जिक्र करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियो, अब मैं लॉयन्स, शेरों से जुड़ी एक बड़ी अच्छी खबर आपको बताना चाहता हूं। पिछले केवल पाँच वर्षों में गुजरात के गिर में शेरों की आबादी 674 से बढ़कर 891 हो गई है। 674 से 891! शेरों की गणना के बाद सामने आई शेरों की ये संख्या बहुत उत्साहित करने वाली है।" उन्होंने कहा, "आप में से बहुत से लोग यह जानना चाह रहे होंगे कि आखिर ये जानवरों की जनगणना होती कैसे है? ये अभ्यास बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शेरों की गणना 11 जिलों में, 35 हजार वर्ग किलोमीटर के दायरे में की गई थी। गणना के लिए टीमों ने हर समय यानी चौबीसों घंटे इन क्षेत्रों की निगरानी की। इस पूरे अभियान में वेरिफिकेशन और क्रॉस वेरिफिकेशन दोनों किए गए। इससे पूरी बारीकी से शेरों की गिनती का काम पूरा हो सका।" उन्होंने कहा, "एशियाई शेरों की आबादी में बढ़ोतरी ये दिखाती है कि जब समाज में ऑनरशिप का भाव मजबूत होता है, तो कैसे शानदार नतीजे आते हैं। कुछ दशक पहले गिर में हालात बहुत चुनौतीपूर्ण थे। लेकिन वहां के लोगों ने मिलकर बदलाव लाने का बीड़ा उठाया। वहां लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ ही ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस को भी अपनाया गया। इसी दौरान गुजरात ऐसा पहला राज्य बना, जहां बड़े पैमाने पर वन विभाग के पद पर … Read more

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए की बैठक , विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे सीएम और डिप्टी सीएम

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए के सीएम और डिप्टी सीएम की बैठक नई दिल्ली स्थित अशोक होटल में शुरू हो गई है। बैठक में NDA के तहत शासित 20 राज्यों के करीब 20 मुख्यमंत्री और 18 उपमुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। यह बैठक पूरे दिन चलने की संभावना है। बैठक में सभी राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर और जातिगत जनगणना पर चर्चा होगी। साथ ही  इस बैठक का उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा तैयार करना और सुशासन  के मॉडल पर साझा रणनीति बनाना है। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं। बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के लिए सशस्त्र बलों और पीएम मोदी को बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में जाति जनगणना को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। अगले महीने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा हो रहा है। इन राज्यों के सीएम हुए शामिल बैठक में तमाम दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं.बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी अपने उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी बैठक में शामिल हुए हैं। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नीतीश कुमार की बातों और मांगों पर विशेष ध्यान रहेगा। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नई सरकार बनने के बाद पहली आधिकारिक बातचीत है। इसमें बिहार की पुरानी और नई योजनाओं के लिए केंद्र से समर्थन की बात प्रमुख रूप से उठेगी। इस बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा     ऑपरेशन सिंदूर: एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कर सकते हैं और देश के सेना की इस बड़ी उपलब्धि को लोगों को बताने के लिए रोड मैप बनाया जा सकता है।     जातिगत जनगणना:हाल ही में मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना करवाने का फैसला लिया था। देश के कई राज्यों की तरफ से इसकी मांग होती रही थी. इस मुद्दे पर भी चर्चा की संभावना है।     विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा बनेगी:एनडीए के तमाम दल पीएम मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को लेकर सहमत हैं और इसे लेकर लंबी चर्चा हो आज के बैठक में होने की संभावना है। शनिवार को नीति आयोग की बैठक ली इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें पीएम ने कहा- हमें टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा, तो भारत विकसित होगा। इस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और CEO शामिल हुए। नीति आयोग के स्टेटमेंट के मुताबिक, इस साल बैठक की थीम ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ है। बैठक में भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश के सामने मौजूद विकास से जुड़ी चुनौतियों के बारे में बताया। इसके अलावा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्य किस तरह आधारशिला बन सकते हैं, यह भी बताया गया। बैठक में उद्यमिता, कौशल और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। recent visitors 50

केंद्र सरकार वाहन चालकों के लिए लाई FASTag PASS, 3 हजार रुपए में करें साल भर सफर

नई दिल्ली टोल नाके पर हाई फाई टोल टैक्स को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होते आपने देखा होगा। मामला तब और खराब हो जाता है जब फास्ट टैग रिचार्ज ख़त्म हो जाए। लेकिन इन समस्याओं का अंत करने केंद्र सरकार अब एक योजना लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार जल्द ही FASTag से जुड़ी एक नई पॉलिसी शुरू करने जा रही है, जिसके तहत वहां चालकों को मात्र 3000 रुपए में सालभर का वार्षिक पास मिलेगा। इस पास से वाहन चालक एक साल तक किसी भी टोल प्लाजा पर भुगतान किए बिना हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर सकेंगे। इस योजना से अक्सर यात्रा करने वाले चालकों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ रोजमर्रा टोल नाकों से सफर करनेवाले ट्रक और बड़े वाहनों को मिलेगा। हालांकि, यह योजना “Distance Based Pricing” प्रणाली पर आधारित होगी, यानी पास विशेष दूरी या क्षेत्र तक ही मान्य होग। किस वजह से लाई गई यह योजना ? FASTag Pass को लाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और कैश ट्रांजैक्शन को खत्म करना है। अगर ज्यादा वाहन चालक यह वार्षिक पास लेते हैं, तो भविष्य में टोल नाकों को पूरी तरह हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। आसानी से मिल जाएगा FASTag Pass गौरतलब है कि, इस वार्षिक पास को लेने के लिए वाहन मालिकों को किसी भी नए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। यह पास सीधे आपके मौजूदा FASTag अकाउंट से रिचार्ज किया जा सकेगा। गौरतलब है कि, पहले सरकार ने 15 वर्षों के लिए 30,000 रुपए वाला पास लॉन्च किया था, लेकिन लोगो ने इसमें कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं ली तो वह योजना अब बंद कर दी गई है। recent visitors 42